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2026 Holiday List: जानें किस-किस तारीख को रहेंगे स्कूल, काॅलेज और ऑफिस बंद

रांची वर्ष 2026 के लिए सरकारी छुट्टियों का कैलेंडर जारी हो गया है। इस बार कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि साल भर में 11 ऐसे मौके आने वाले हैं जब उन्हें तीन दिन का लगातार अवकाश मिलने वाला है। यानी 2026 सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘लंबे वीकेंड्स का साल’ कहा जा सकता है। हालांकि सूची में शामिल कई छुट्टियां शनिवार और रविवार को पड़ रही हैं, फिर भी कुल 26 राजपत्रित अवकाश कर्मचारियों को पूरे साल राहत देने वाले हैं। 2026 में मिलने वाली छुट्टियां 26 जनवरी (सोमवार) – गणतंत्र दिवस, 1 फ़रवरी (रविवार) – गुरु रविदास जयंती, 14 फ़रवरी (रविवार) – महाशिवरात्रि, 4 मार्च (बुधवार) – होली, 21 मार्च (शनिवार) – ईद-उल-फितर, 23 मार्च (सोमवार) – भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव शहीदी दिवस, 26 मार्च (वीरवार) – राम नवमी, 31 मार्च (वीरवार) – महावीर जयंती, 3 अप्रैल (शुक्रवार) – गुड फ्राइडे, 8 अप्रैल (बुधवार) – गुरु नाभा दास जी, 14 अप्रैल (वीरवार) – वैसाखी, 14 अप्रैल (वीरवार) – डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती, 19 अप्रैल (रविवार) – भगवान परशुराम जयंती, 1 मई (शुक्रवार) – मई दिवस, 27 मई (बुधवार) – ईद-उल-जुहा, 18 जून (वीरवार) – गुरु अर्जन देव जी शहीदी दिवस, 29 जून (सोमवार) – कबीर जयंती, 31 जुलाई (शुक्रवार) – शहीद उधम सिंह बलिदान दिवस, 15 अगस्त (शनिवार) – स्वतंत्रता दिवस, 4 सितंबर (शुक्रवार) – जन्माष्टमी, 2 अक्टूबर (शुक्रवार) – गांधी जयंती, 11 अक्टूबर (रविवार) – महाराजा अग्रसेन जयंती, 20 अक्टूबर (वीरवार) – दशहरा, 26 अक्टूबर (सोमवार) – भगवान वाल्मीकि जयंती, 8 नवंबर (रविवार) – दीपावली, 9 नवंबर (सोमवार) – विश्वकर्मा दिवस, 25 दिसम्बर (क्रिसमस ) कर्मचारियों को सबसे बड़ा फायदा कहां? जारी सूची के अनुसार कई छुट्टियां शुक्रवार या सोमवार को पड़ रही हैं, जिससे सरकारी कर्मचारियों को लगातार तीन दिन का अवकाश मिलेगा। इससे कर्मचारियों को यात्रा, परिवार के साथ समय और मानसिक आराम—तीनों का बेहतरीन अवसर मिलने वाला है।  

स्कूल में हैरान करने वाली घटना: शिक्षक ने छात्रों का गला दबाया, की मारपीट

बालाघाट सांदीपनि विद्यालय बालाघाट के एक शिक्षक पर कक्षा छठवीं के सात छात्रों के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। पालकों का आरोप है कि शिक्षक रामप्रसाद राहंगडाले ने कक्षा में शोर मचाने की बात पर बच्चों की न सिर्फ पिटाई की बल्कि बेंच पर लिटाकर उन्हें मारा और गला तक दबा दिया। मामले की जानकारी लगते ही बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे गुरुवार को सांदीपनि विद्यालय पहुंचीं और शिक्षक रामप्रसाद को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने इस घटना को अमानवीय बताया और प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह से शिकायत करने की बात कही। स्कूली बच्चों के साथ मारपीट की घटना बुधवार की बताई जा रही है। महज शोर मचाने की बात पर गुस्से में आए शिक्षक द्वारा मारपीट करने के बाद से सभी पीड़ित बच्चे दहशत में हैं। पालकों ने बताया कि गुरुवार सुबह जब स्कूल जाने के लिए उनके बच्चे ने मना किया, तब पूछने पर उसने शिक्षक द्वारा मारपीट करने की घटना की जानकारी दी गई। वह बुरी तरह डरा हुआ है। उसे बुखार भी है। पालकों ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने बच्चों के साथ मारपीट की और उनका गला भी दबाया। गुरुवार को सांदीपनि विद्यालय पहुंची विधायक के साथ बच्चों के पालक भी स्कूल पहुंचे। विधायक ने शिक्षक रामप्रसाद की क्लास ली और बच्चों से बारी-बारी से घटना के बारे में जानकारी ली। शिक्षक ने कक्षा छठवीं के पुनीत लिल्हारे, ओजवी मिश्रा, विहान नैनवानी, शौर्य दमाहे, हिमांश सोनवाने, अनवर पाटिल और जारेश बेग के साथ मारपीट की है।  

शहर में अनियंत्रित अवैध PG संचालित, प्रशासन के आदेश भी बेअसर

अमृतसर  शहर में अवैध रूप से पी.जी. चलाने के मामले थम नहीं रहे हैं। गुरु नगरी के पॉश एरिया ग्रीन एवेन्यू, जनता कालोनी, रणजीत एवेन्यू-ए, बी, सी, डी, रानी का बाग, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के सामने कबीर पार्क के इलाके के अलावा व इसके आस-पास सटे क्षत्रों में अवैध ढंग से काफी धड़ल्ले से पी.जी का धंधा चलाया जा रहा है। इन पी.जी में रहते लोग किन-किन क्षेत्रों संबंधित है और उनकी पहचान क्या है? ये एक बहुत बड़ी जांच का विषय है। पुलिस के पास उपलब्ध नहीं है पूरी जानकारी सूत्र बताते है कि इस संबंधी पूरी जानकारी क्षेत्रों से संबंधित पुलिस के पास भी उपलब्ध नहीं है। बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही पुलिस उच्च अधिकारी ने एक विज्ञप्ति जारी कर पी.जी व रहने वाले लोगों व किराए के मकानों में रह रहे लोगों को पूरी जानकारी देने की अपील की थी, वहीं सबंधित पुलिस चौकी या थाने के अधिकारी का भी फर्ज बनता है कि उसके अधीन आते इलाकों में किराएदार व पीजी में रहने वालों का पूरा विवरण अपने रिकार्ड में रखे। हाला कि पाया गया है कि अधिकांश पुलिस अधिकारी इन आदेशों को गंभीरता से नहीं लेते और उनके पास इलाकों में चल रहे वैध या अवैध पी.जी की पूरी जानकारी ही नहीं है। निरंतर बढ़ रही है अवैध पी.जी की संख्या पंजाब केसरी ने इस सबंध में पहले भी इस सारे मामले प्रति अवगत करवाया था, परंतु सबंधित प्रशासान के सिर से जूं तक नहीं सरकी और नतीजा वहीं एक ढाक के तीन पात वाला ही है। लिहाजा अब समय रहते इन क्षेत्रों में इन अवैध पी.जी की संख्या देखते ही देखते समय रहते काफी बढ़ गई है। अगर शहर में केवल कुछ ही इलाकों जैसे कि सिर्फ जनता कालोनी, ग्रीन एवेन्यू सी-बलाक, रणजीत एवेन्यू के सभी ब्लाकों के अलावा गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के सामने कबीर पार्क, खासला कालेज के सामने मोहिनी पार्क, खंडवाला, न्यू माडल टाऊन आदि के इलाकों की ही बात की जाए, तो उक्त इलाकों में ही ऐसे कई अवैध पी.जी खुल चुके है, जिसमें कई अज्ञात युवक-युवतियों के अलावा अधेड़ आयु तक के लोग रह रहे है।  सबसे खास व हैरानीजनक पहलू यह है कि इन पी.जी में रह रहे लोगों की पहचान क्या है? और वो किन गावों व कस्बों से आए है, इस प्रति पी.जी के अधिकांश मालिकों व संबंधित पुलिस प्रशासन को भी पूरी तरह से पता नहीं है। विशेष बात यह है कि ये युवक-युवतियां व लोग यहां पर क्या करते है, इस बारे में भी शायद पी.जी के मालिकों को पता नहीं? इन मालिकों को तो बस प्रतिमाह इनसे पैसे (किराया) चाहिए और उक्त क्षेत्र से संबंधित पुलिस भी इस प्रति पूरी तनदेही से कार्रवाई नहीं करती दिखती।   पी.जी व किराए पर रहते लोगों की वैरीफेशन होती है अनिवार्य कानूनन पी.जी में रहते किसी भी व्यक्ति की पुलिस वैरीफीकेशन अनिवार्य होती है। इसकी खास तौर से जिम्मेदारी पी.जी मालिक की भी बनती है, लेकिन ग्रीन एवेन्यू व जनता कालोनी में पुलिस अधिकारी व पी.जी मालिक इस कानून को खुद ही ठेगा दिखाते हुए इसकी धज्जियां उड़ा रहे है। इससे साफ है कि उक्त कानून को सख्ती से लागू करवाने को लेकर सरकारी मशीनरी खासी सुस्त पड़ी है। हैरानीजनक पहलू यह है किर इन्ही क्षत्रों में विगत कुछ समय से चोरी व लूट-पाट की वारदातों में खासी वृद्धि आंकी गई है। इसके बावजूद भी पुलिस इस प्रति चेती नहीं है। इसके बावजूद पुलिस भी इन पी.जी मालिकों पर कोई भी शिकंजा नहीं कसती, या फिर बात कुछ और है? ये ऐसा तब है जब राज्य में विगत दिनों पी.जी मे रह रहे अज्ञात लोगों द्वारा अपराध जगत में कई संगीन वारदातों को अंजाम दिया जाता रहा है, परंतु इसके बावजूद उक्त अंकित क्षेत्रों के पुलिस प्रशासन द्वारा इस प्रति उदासीनता रवैया अपनाना कई प्रकार के सवालों को जन्म दे रहा है। विशेष बात यह है कि जब इस प्रति सबंधित पुलिस या प्रशासन से पूछा जाता है, तो उनका एकमात्र एक ही रटा-रटाया यहीं दावा होता है कि वे ऐसे लोगों की जानकारियां एकत्र करवा रहे है और ये कार्रवाई जल्द ही पूरी कर ली जाएगी, परंतु इसकी पूरी जानकारी कब तक पुलिस रिकार्ड में सल्पित होगी? ये शायद बताने की जरूरत नहीं है। रणजीत एवेन्यू में ही चल रहे है कई अवैध पी.जी सूत्र बताते हैं कि ग्रीन एवेन्यू सी ब्लाक व इसके पास स्थित जनता कालोनी तथा रणजीत एवेन्यू के अलावा मोहिनी पार्क में ही कई ऐसे अवैध पी.जी चल रहे है, जिनका पूरा डेटा संबंधित पुलिस चौकी के पास भी उपलब्ध नहीं है। पता चला है कि पुलिस प्रशासन इस प्रति सख्ती से कार्रवाई नहीं कर रहा है, इससे साफ है कि अधिकारी खुद ही कानून को ठेगा दिखा रहे है। वहीं दूसरा पहलू यह है कि जब कोई बड़ी दुर्घटना घटती है तो ही पुलिस प्रशासन इस प्रति चेतता है। प्रश्न यहां यह है कि इस खुलासे के बावजूद पुलिस इस खुलासे पर कार्रवाई कब शुरू करेगी।  

इंदौर में ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के लिए 20 गांवों की जमीन अधिग्रहण का निर्णय

 इंदौर इंदौर और उज्जैन के बीच प्रस्तावित 48 किमी लंबे ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। इसमें इंदौर जिले की दो तहसीलों सांवेर और हातोद के 20 गांवों की जमीनें आ रही हैं। अधिग्रहित होने वाली जमीनों के लिए धारा-19 का प्रकाशन कर दिया गया है, जिसके साथ ही किसानों का भूमि विवरण, स्वामित्व और रकबे की जानकारी सार्वजनिक कर दी गई है। इंदौर में 175 हेक्टेयर से अधिक भूमि अधिग्रहित होगी। इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर परियोजना में इंदौर जिले के 20 और उज्जैन जिले के आठ गांवों की भूमि आ रही है। इसमें इंदौर जिले में 650 किसानों की करीब 175.393 हेक्टेयर जमीन परियोजना के लिए अधिग्रहित होगी। हातोद तहसील के 255 किसानों की करीब 75.401 हेक्टेयर, जबकि सांवेर तहसील के 395 किसानों की 99.992 हेक्टेयर निजी एवं सिंचित भूमि शामिल है। धारा-19 के प्रकाशन के साथ ही प्रभावित किसानों के नाम और उनकी जमीन का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक कर दिया गया है। सांवेर एसडीएम धनश्याम धनगर का कहना है कि ग्रीन फील्ड कॉरिडोर योजना के लिए धारा-19 का प्रकाशन कर दिया गया है। इसमें किसानों के नाम और योजना में आ रही भूमि की जानकारी सार्वजनिक की गई है। मिलेगा बेहतर विकल्प ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के निर्माण से इंदौर-उज्जैन के बीच यात्रा के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। इससे उज्जैन की यात्रा आसानी से और कम समय में पूरी हो सकेगी। एयरपोर्ट आकर उज्जैन जाने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।  

राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा उमरिया, जानें मैचों का पूरा शेड्यूल

उमरिया  उमरिया जिले को पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर फुटबॉल टूर्नामेंट आयोजित करने का मौका मिला है। 69वीं राष्ट्रीय शालेय 14 वर्ष फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन 1 से 6 दिसंबर तक किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश के 33 राज्यों से 693 खिलाड़ी, 40 ऑफिशियल्स और 60 स्थानीय अधिकारी हिस्सा लेंगे। आयोजन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें प्रतियोगिता को सफल और भव्य बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पूर्व विधायक अजय सिंह, राकेश शर्मा, धनुषधारी सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी और विद्यालय प्राचार्य मौजूद रहे। व्यापक प्रचार की रणनीति तैयार कलेक्टर जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता का व्यापक प्रचार-प्रसार होर्डिंग्स, फ्लैक्स और पेम्फलेट्स के माध्यम से किया जाए। विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में भी प्रतियोगिता का प्रमोशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि इसे राष्ट्रीय पहचान मिल सके। सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था चाक-चौबंध कलेक्टर ने बताया कि जिन चार मैदानों पर मैच होंगे वहां एंबुलेंस, स्ट्रेचर और चिकित्सकीय टीम की तैनाती रहेगी। पानी की शुद्धता की जांच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा की जाएगी, जबकि भोजन की गुणवत्ता की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा विभाग को सौंपी गई है। साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए। इन मैदानों में होंगे मुकाबले प्रतियोगिता का आयोजन स्टेडियम, कृष्ण ताल उमरिया, पीटीएस ग्राउंड और शासकीय उमावि बालक चंदिया मैदान में होगा। खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था खेल परिसर भरौला, होटल सरई, कृष्णा गार्डन, सूर्या होटल और कृष्णा पैलेस में की गई है। परिवहन के लिए 10 बसें और 8 जीप तैनात की गई हैं। प्रत्येक आवास स्थल के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम देंगे खास रंग आरसी स्कूल उमरिया और सेंट्रल एकेडमी के छात्र विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। 3 और 4 दिसंबर को कैंप फायर का आयोजन होगा, जिसमें बिजहरिया लोक नृत्य दल सहित अन्य कलाकार प्रदर्शन करेंगे। व्यापारियों से भी आयोजन में सहयोग का आग्रह किया गया है, ताकि यह अवसर जिले के लिए यादगार बन सके। पत्रकारवार्ता में साझा हुई रूपरेखा प्रतियोगिता की जानकारी साझा करने के लिए मंगलवार को कृष्णा गार्डन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पत्रकारवार्ता आयोजित की गई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह ने इस दौरान कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उमरिया जिला पहली बार राष्ट्रीय स्तर की मेजबानी करने जा रहा है, जिससे स्थानीय खेल जगत में उत्साह का माहौल है।

भव्य तैयारियों के बीच ग्वालियर व्यापार मेला 25 दिसंबर से शुरू, दुकानों के आवंटन में देरी

ग्वालियर  ग्वालियर में हर वर्ष के प्रति इस वर्ष भी श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण द्वारा 25 दिसंबर से व्यापार मिलेगा आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भी मेला 25 दिसंबर से लेकर 25 फरवरी तक चलेगा। संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने तैयारियों की समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमें अधिकारियों को आनन-फानन में काम पूरा करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक के दौरान संभागीय आयुक्त खत्री द्वारा दिए गए निर्देश से स्पष्ट है कि आवश्यक कार्य अभी भी अधूरे हैं। दुकान आवंटन की ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत अभी तक कुल 1921 दुकानों के लिए आवेदन किए जा चुके हैं। करीब 521 दुकानदार अब भी आवेदन करने से वंचित हैं। बैठक में संभाग आयुक्त खत्री ने उपायुक्त नगर निगम को मेला परिसर की साफ-सफाई शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम के कार्यपालन यंत्री को स्वच्छता परिसर के संधारण कार्य को अविलंब और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने का निर्देश मिला। नगर निगम के कार्यपालन यंत्री (पीएचई) को स्वच्छता परिसर में तत्काल बोरिंग का कार्य पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया। एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड की रहेगी पूरी व्यवस्था संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने मेला आयोजन से पूर्व मेले की साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था एवं पेयजल की व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही मेले में लगने वाले झूलों की सुरक्षा के संबंध में भी पुख्ता प्रबंध करने को कहा गया था। मेले के दौरान अस्थायी चिकित्सालय एवं एम्बुलेंस के साथ ही फायर ब्रिगेड की व्यवस्था करने को कहा गया था। संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने बैठक में कहा था कि मेला परिसर में अस्थायी अतिक्रमण को हटाने के लिये अभियान चलाकर कार्य किया जाए। इसके लिए एसडीएम, एडिशनल एसपी एवं अपर आयुक्त नगर निगम संयुक्त रूप से कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस साल भी मेला सैलानियों के लिए 2 महीने लगेगा कानून व्यवस्था के संबंध में भी पुलिस अधीक्षक से समन्वय स्थापित कर मेले के दौरान सुरक्षा और पार्किंग के पुख्ता प्रबंध किए जाए। बैठक में यह भी तय किया गया था कि फायरब्रिगेड की उपलब्धता के एवज में नगर निगम को और सुरक्षा व्यवस्था के एवज में पुलिस वेलफेयर में मेला प्राधिकरण दो लाख रूपए की धनराशि उपलब्ध कराई जाए। बैठक में यह भी तय किया गया कि विभागीय प्रदर्शनियों के लिये सीईओ जिला पंचायत की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर संबंधित विभागों को समय रहते प्रदर्शनी लगाने के निर्देश दिए जाए। जिला प्रशासन की ओर से मेला अवधि में मजिस्ट्रियल अधिकारियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए। भव्यता से आयोजित हों सांस्कृतिक कार्यक्रम ग्वालियर व्यापार मेले में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी समय रहते तय करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भव्यता से करने की बात भी कही गई। स्थानीय कलाकारों को भी मेले में अपनी प्रस्तुति प्रस्तुत करने हेतु मंच एवं सुविधाएं उपलब्ध कराए।

उज्जैन महाकाल मंदिर: 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक 10 लाख भक्त करेंगे दर्शन

उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग को ब्लाक कर दिया गया है। भीड़ भरे इन दिनों में आफलाइन अनुमति व्यवस्था भी स्थगित रहेगी। इस दौरान देशभर से आने वाले भक्त भगवान महाकाल की भस्म आरती के चलायमान दर्शन कर सकेंगे। महाकाल मंदिर में नए साल को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। अनुमान है कि 25 दिसंबर से पांच जनवरी तक करीब 10 लाख भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए दर्शन का नया प्लान तैयार किया जा रहा है। इसकी शुरुआत भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा को ब्लॉक करने के साथ हो गई है। सभी को अनुमति प्रदान करना संभव नहीं भस्म आरती दर्शन व्यवस्था प्रभारी व सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया नए साल में भस्म आरती दर्शन को लेकर काफी दबाव रहता है। हर भक्त की अभिलाषा रहती है कि वह भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन करे, लेकिन मंदिर में स्थान समिति होने के कारण सभी को अनुमति प्रदान करना संभव नहीं है। इसलिए 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक अत्यधिक भीड़ वाले दिनों के लिए भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। मंदिर के भस्म आरती बुकिंग काउंटर से सामान्य श्रद्धालुओं को दी जाने वाली अनुमति व्यवस्था भी स्थगित रहेगी। उक्त सभी दर्शनार्थी बिना किसी परेशानी के कार्तिकेय मंडपम से सुविधा पूर्वक निश्शुल्क चलायमान दर्शन कर सकेंगे। चारधाम मंदिर से रहेगी दर्शन व्यवस्था पिछले कुछ सालों से वर्षांत में देश विदेश से हजारों भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आते हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा भक्तों की सुविधा के विशेष इंतजाम किए जाते हैं। इस बार भी नए साल में विशेष दर्शन व्यवस्था लागू रहेगी। दर्शनार्थियों को कर्कराज पार्किंग से चारधाम मंदिर, शक्तिपथ के रास्ते श्रीमहाकाल महालोक होते हुए मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा, इसके बाद श्रद्धालु गणेश व कार्तिकेय मंडप से भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। बंद रह सकती है शीघ्र दर्शन टिकट सुविधा 31 दिसंबर व 1 जनवरी को 250 रुपये की शीघ्र दर्शन टिकट सुविधा भी बंद रह सकती है। बताया जाता है नए दर्शन प्लान में इस विकल्प को खुला रखा जाएगा। गत वर्ष 2025 में भी अत्यधिक भीड़ वाले इन दिनों में शीघ्र दर्शन की सुविधा को स्थगित किया गया था। सभी श्रेणी के भक्तों को एक साथ एक व्यवस्था से भगवान महाकाल के दर्शन कराए गए थे। यहां रहेगी पार्किंग सुविधा     कर्कराज मंदिर, भील समाज धर्मशाला, नृसिंह घाट क्षेत्र में वाहन पार्किंग रहेगी।     हरिफाटक चौराहा के पास इम्पीरियल होटल के पीछे तथा मन्नत गार्डन में पार्किंग रहेगी।  

भारत की पहली डिजिटल जनगणना 2027: मध्यप्रदेश में तैयारियों का दौर तेज

भोपाल  भारत सरकार द्वारा देश की पहली डिजिटल जनगणना 2027 को लेकर बैतूल जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी हैं। जनगणना संबंधी अधिसूचना भारत सरकार के राजपत्र में 16 जून को प्रकाशित होने के बाद बैतूल जिला सांख्यिकी विभाग ने शासन से मिले दिशा-निर्देशों के आधार पर प्रारंभिक कदम उठाना शुरु कर दिए हैं। बैतूल जिले में जनगणना शुरु होने से लगभग 18 महीने पहले प्रशासनिक इकाइयों जिले, तहसीलों, कस्बों और गांवों की सीमाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेजी से संचालित की जा रही है। सांख्यिकी कार्यालय ने इसके लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। दो चरणों में जनगणना पूरी इस बार होने वाली जनगणना (Census India 2027) पूरी तरह डिजिटल तकनीक आधारित होगी, जिसमें आंकड़ों के संग्रहण से लेकर प्रकाशन तक हर चरण में आधुनिक उपकरणों और सॉटवेयर का उपयोग होगा। विशेष बात यह है कि इस बार जातिगत डेटा भी संग्रहित किया जाएगा, जिसके लिए सभी जातियों से संबंधित सूचनाएं प्रगणकों द्वारा दर्ज की जाएंगी। जनगणना दो चरणों में होगी।     पहला चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का होगा, जो मध्यप्रदेश शासन से परामर्श लेकर अप्रेल से सितंबर 2026 के बीच 30 दिन में पूरा होगा।     दूसरा चरण जनसंया गणना का होगा, जिसे फरवरी 2027 में करवाया जाएगा। इस दौरान जनगणना की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027, रात 12 बजे निर्धारित की गई है, यानी उस पल मौजूद जनसंया ही रिकॉर्ड मानी जाएगी। निवासियों के लिए स्व-गणना पोर्टल तैयार जनगणना को अधिक सरल, पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए एक स्व-गणना वेब पोर्टल भी विकसित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से जिले के नागरिक अपने घरों और परिवार का डेटा स्वयं भर सकेंगे। इससे न केवल आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी, बल्कि प्रगणकों का कार्यभार भी काफी कम होगा। डिजिटल जनगणना 2027 के लिए बैतूल जिला प्रशासन की यह तैयारियां बताती हैं कि प्रदेश और जिले के लिए यह प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव लेकर आएगी। ऐप, जीपीएस और रियल टाइम मॉनिटरिंग का उपयोग जनगणना 2027 पारंपरिक जनगणना से इसलिए भिन्न है क्योंकि इसमें मोबाइल ऐप आधारित डिजिटल डेटा संग्रह प्रणाली अपनाई जाएगी। प्रगणक मोबाइल ऐप से घरों की सूची और गणना से जुड़े आंकड़े दर्ज करेंगे। हर गणना ब्लॉक की सीमा जीपीएस तकनीक से कैप्चर की जाएगी, जिससे सटीकता बढ़ेगी। समस्त जनगणना कार्य की रियल टाइम मॉनिटरिंग सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। नवंबर 2025 तक जिले में जनगणना प्रशिक्षण के लिए चार मास्टर ट्रेनर चिन्हित किए जा चुके हैं, जो आगे प्रगणकों को प्रशिक्षित करेंगे। सीमाओं की फ्रीजिंग से पहले सत्यापन जनगणना 2027 के लिए राज्य की प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं की फ्रीजिंग 31 दिसंबर 2025 से लागू हो जाएगी। इसके बाद 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक किसी भी जिलों, तहसीलों या ग्राम सीमाओं में परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा। इसी कारण बैतूल जिले में सीमाओं के सत्यापन का कार्य प्राथमिकता से करवाया जा रहा है। निर्देशालय द्वारा भेजे गए आदेशों के अनुसार अक्टूबर-नवंबर 2025 के बीच तक सभी राजस्व व वन ग्रामों की तहसीलवार सूची, नगरीय निकायों के मानचित्र और ग्राम सीमाओं के सत्यापन पूरा कर भेजना अनिवार्य होगा। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश जारी किए हैं।  जनगणना 2027: पहले चरण में घर-घर पहुंचेगी टीम नए साल में जनगणना वाले कई सवाल लेकर आपके घर पर दस्तक देंगे। वे घर के निर्माण से लेकर उसके उपयोग के बाबत तमाम जानकारी एकत्र करेंगे। मसलन सौर ऊर्जा से लेकर इंटरनेट के इस्तेमाल तक की जानकारी मांगी जाएगी। घर के फर्श, छत व दीवारें किस चीज से बनीं हैं। मकान का उपयोग आवास के रूप में होता या उसमें कार्यालय, गेस्ट हाउस या पूजा स्थल भी है। पीने का पानी नहर, नदी, कुएं हैंडपंप व नल से मिलता है या सीलबंद पैकेट या बोतल का पानी उपयोग में आता है। यह सब जानकारियां भी हासिल की जाएंगी। टेलीफोन या स्मार्टफोन तक की जानकारी भी साझा करनी है। इस कवायद का मकसद देश के लोगों के रहन सहन के स्तर को जानना है। इससे निकले आंकड़े विकसित भारत की मुहिम में नई नीतियां बनाने व मौजूदा नीतियों में कमियों को दूर करने में सहायक होंगे। भारत सरकार ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के लिए मकान सूचीकरण व मकान गणना अनुसूची सूची तैयार करने का अभियान तेज कर दिया है। इसके लिए प्रगणक घर घर दस्तक देंगे। इसके लिए 30 से ज्यादा सवालों की सूची तैयार कर ली गई है। इससे संबंधित अधिसूचना जल्द जारी होगी। मोटर कार से लेकर मोपेड तक जानकारी दर्ज होगी मकान मलिक से घर में कार, मोटर साइकिल, साइकिल व मोपेड के बारे में जानकारी ली जाएगी। यह पता किया जाएगा घर में खाना बनाने में लकड़ी, फसल अपशिष्ट , उपले कोयला, गोबर गैस, मिट्टी का तेल, एलपीजी, पीएनजी, बिजली व सौर ऊर्जा में किसका इस्तेमाल होता है। फर्श कच्चा है या पत्थर, टाइल, ईंट या सीमेंट का है। टीवी में डिश व डीटीएच की सुविधा, लैपटॉप, लैंडलाइन व मोबाइल फोन की जानकारी भी देनी है। गेहूं , ज्वार , चावल , बाजरा, मक्के के उपयोग के बाबत भी सवाल होंगे। ऑनलाइन गणना से जल्द आएंगे आंकड़े जनगणना 2027 का पहला चरण अगले साल अप्रैल से शुरू होगा। इसमें मकानों व उसमें रहने वालो के रहन सहन के स्तर का ब्यौरा एकत्र होगा। वर्तमान में लद्दाख व पश्चिम बंगाल को छोड़कर पूरे देश में पहले चरण के मकान सूचीकरण के काम का पूर्वाभ्यास चल रहा है। प्रगणकों को इसमें प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। यह प्रगणक ऑनलाइन व घर घर जाकर दोनों तरह से आंकड़ों को एकत्र करेंगे। पहली बार डिजिटल माध्यम का भी उपयोग होने से जनगणना के आंकड़े भी जल्द सामने आ सकेंगे। पहले की जनगणनाओं में मुख्य आंकड़े तो आ जाते थे लेकिन विस्तृत आंकड़े आने में कई साल लगते थे। दूसरे चरण के तहत 2027 में पूरे देश की जनगणना कराई जाएगी। इसमें जातिगत जनगणना भी शामिल है। आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना होनी है इसलिए इस काम को बहुत ही चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। जनगणना में पहली बार मोबाइल ऐप व पोर्टल का उपयोग होगा। उसके लिए सवाल अलग से … Read more

अनिल विज का दावा—पंजाब पर कर्ज़ का पहाड़, पिछली सरकारों पर लगाया भारी आरोप

चण्डीगढ हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी को रावण के अंहकार के बारे में याद दिलाते हुए कहा कि ‘‘यह ममता बैनर्जी नहीं बल्कि उनका अहंकार बोल रहा है और अहंकारी अपने आप ही खत्म हो जाता है। अहंकार तो रावण में भी था, मगर वह तहस नहस हो गया’’। विज आज मीडिया कर्मियों द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए ब्यान कि भाजपा सीमावर्ती इलाकों में एसआईआर के ज़रिए सीएए लागू करने की कोशिश कर रही है, और अगर बंगाल में मुझे निशाना बनाया गया, तो मैं देश हिला दूँगी, के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। एक अन्य प्रश्न कि इस समय पंजाब कर्ज़ वाला सबसे बड़ा राज्य बन गया है, पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल विज ने पंजाब की मौजूदा और पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘‘पंजाब को लूट कर खा गए यह लोग।  पंजाब एक वक्त देश का सबसे उन्नत प्रदेश माना जाता था लेकिन समय-समय पर यहां विभिन्न दलों का शासन रहा है उन्होंने पंजाब को खोखला कर दिया। आज पंजाब के ऊपर कर्ज बहुत ज्यादा है और पंजाब की हालत भी बहुत खराब है’’। हाल ही में राहुल गांधी ने कहा है कि संविधान पर हमला नहीं होने देंगे, के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में विज ने पलटवार करते हुए कहा कि ‘‘संविधान के ऊपर कोई भी हमला नहीं कर रहा और सभी काम संविधान के अनुसार हो रहे हैं तथा संविधान के अनुसार सभी नियमों का पालन किया जा रहा है। बल्कि संविधान पर हमला कांग्रेस ने किया है। कांग्रेस की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने संविधान को एक किनारे रखकर इमरजेंसी लगा दी थी तथा सबके मौलिक अधिकार छीन लिए थे’’। विज ने कहा कि ‘‘कांग्रेस नेता राहुल गांधी रोजाना संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करते हैं, वे कभी चुनाव आयोग पर हमला करते हैं तो कभी सीबीआई पर हमला करते हैं और संविधान पर प्रहार लगातार कांग्रेस पार्टी कर रही है’’। कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत के लिए गौरव का क्षण : अनिल विज चण्डीगढ़। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि भारत को एक बार फिर कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिली है, जो पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और खेल क्षेत्र में उसकी मजबूत पहचान को दर्शाती है। ऊर्जा मंत्री विज मीडिया प्रतिनिधियों के सवालों का जवाब दे रहे थे। कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि “बहुत स्वागत है। दूसरी बार मेजबानी प्राप्त होना देश के लिए गौरवपूर्ण क्षण है।” रोहतक में एक खिलाड़ी की मृत्यु पर चिंता जताते हुए विज ने कहा कि “यह अत्यंत दुखद घटना है। इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।” इस मामले पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि “कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए हर विषय को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति नहीं, जवाबदेही तय होनी चाहिए।”

मौसम में बड़ा बदलाव: बादलों की एंट्री के साथ हरियाणा में दिन-रात ठंड और तेज़

हरियाणा  हरियाणा में मौसम एकदम ठंडा हो गया है। आज से सूबे के कई इलाकों में हल्के बादल छाएंगे। कैथल में न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री पर पहुंच गया है जो सामान्य से करीब 5 डिग्री नीचे चला गया है। राज्य का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.1°C नीचे दर्ज किया गया है। इसके अलावा हिसार में तापमान 5.7 डिग्री पर पहुंच गया है। एक दिन पहले हिसार में पारा 6.6 डिग्री दर्ज किया गया था। सूबे 12 शहरों में तापमान 8 डिग्री या इससे नीचे दर्ज किया गया है। तापमान में गिरावट प्रदेश में अधिकतम तापमान की बात करें तो यमुनानगर में दिन का तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सबसे कम रहा। इसके अलावा अलावा अधिकांश जिलों का तापमान 24 डिग्री के आसपास चल रहा है। नारनौल में दिन के तापमान में 5.5 डिग्री तक की गिरावट देखने को मिली है। नारनौल में पारा 22.8 डिग्री दर्ज किया गया है। इसके अलावा हिसार में तापमान 25.5 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.9 डिग्री कम रहा।   वहीं मौसम विभाग के मुताबिक आमतौर पर मौसम 28 नवंबर तक खुश्क रहने की संभावना है। आज से 2 दिन 28 नवंबर को बीच-बीच में आंशिक बादलवाई रहने की संभावना है।