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कांग्रेस पर CM मोहन यादव का बड़ा हमला: ये रामभक्ति नहीं, हे-राम राजनीति करते हैं

श्योपुर  मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले की बड़ौदा तहसील में गुरूवार को सीएम मोहन यादव किसानों के मुआवजा वितरण कार्यक्रम में पहुंचे। यहां एक तरफ जहां सीएम मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के जरिए 6 जिलों के किसानों के खातों में 238 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि ट्रांसफर की, वहीं दूसरी तरफ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। सीएम मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने कभी किसानों को सम्मान निधि नहीं दी, बल्कि कांग्रेस हमेशा किसान विरोधी रही है। 'ये राम वाले नहीं हे-राम वाले हैं' सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि- “कांग्रेस वाले राम वाले नहीं, ये तो हे-राम वाले हैं। इन्होंने भगवान राम के जन्म पर सवाल उठाया। भगवान राम का मजाक बनाया। लेकिन नरेंद्र मोदी की सरकार में अयोध्या में भव्य राम का धाम जगमगा रहा है। जब अयोध्या में राम मंदिर जगमगा रहा है तो फिर मथुरा वाले क्यों पीछे रहें? वहां भी भव्य मंदिर होना चाहिए। अब कांग्रेसी कहते हैं कि हम भी राम वाले हैं, लेकिन मैं कहता हूं कि कांग्रेस वालों सुन लो, यदि दम है तो आओ, मथुरा बुला रही है…। लेकिन ये नहीं आएंगे, ये भगवान राम और भगवान गोपाल कृष्ण की जय नहीं बोल सकते हैं, क्योंकि जय बोलेंगे तो वोट खिसकते दिखते हैं।” 6 जिलों के किसानों के खातों में ट्रांसफर किए 238 करोड़ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले के बड़ौदा से श्योपुर सहित हरदा, विदिशा, खंडवा, धार और नर्मदापुरम की 23 तहसीलों के 2,148 गांवों के 3,05,410 किसानों को धान, सोयाबीन, मक्का, उड़द आदि फसलों के नुकसान का 238 करोड़ 78 लाख रुपए की राशि का मुआवजा सिंगल क्लिक के माध्यम से जारी किया। इसमें केवल श्योपुर जिले के ही 1,03,078 किसानों को 100 करोड़ 83 लाख रुपए की राशि जारी हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्योपुर जिले में 38 करोड़ के विभिन्न कामों का लोकार्पण और भूमि पूजन किया, साथ ही कुछ स्थानीय स्तर की घोषणाएं भी की। बड़ौदा के पुलिस थाना ग्राउंड पर हुए कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला भी मौजूद रहे।

LPG उपभोक्ताओं ध्यान दें: पंजाब सरकार ने नए नियम किए लागू, जानें क्या बदला

लुधियाना केंद्रीय पैट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा घरेलू गैस की कालाबाजारी और दुरुपयोग के खिलाफ नकेल कसने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है जिसमें उपभोक्ताओं को अब उनके द्वारा संबंधित गैस एजैंसी कार्यालय में रजिस्टर्ड करवाए गए मोबाइल नंबर पर प्राप्त होने वाले ओ.टी.पी (डी.ए.सी) कोड देने के बाद ही गैस सिलेंडर की सप्लाई मिल सकेगी। भारत की प्रमुख इंडेन गैस कंपनी द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन से कमर्शियल स्थान पर घरेलू गैस सिलैंडर का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों एवं गैस की पलटी, कालाबाजारी करने वाले गैस माफिया को बड़ा झटका लगने जा रहा है, वहीं घरों में एक साथ चलने वाले मल्टीपल गैस कनैक्शनों का पत्ता भी साफ हो सकेगा। अरुण इंडेन गैस सर्विस के प्रमुख अरुण अग्रवाल ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा शुरू की गई उक्त योजना का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार की इस पहलकदमी से न केवल घरेलू गैस की कालाबाजारी और पलटी का कारोबार बंद होगा बल्कि गैस की पलटी के दौरान होने वाले जानलेवा हादसो में होने वाली बेगुनाह लोगों की मौतों का सिलसिला भी थम सकेगा।

CM योगी का एक्शन मोड: डीएम-Commissioner को कड़े निर्देश, बड़े सर्च ऑपरेशन की तैयारी

बरेली  यूपी सरकार ने बरेली मंडल के सभी डीएम और बरेली के कमिश्नर को सख्त निर्देश जारी किए है। सरकार की तरफ से जारी निर्देश में कहा गया है कि बरेली, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर के अधिकारी क्षेत्र में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करें। इस संबंध में बरेली के मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने मंडल के जिलाधिकारियों को अस्थायी हिरासत केंद्र बनाने का निर्देश दिया है, जहां पहचाने गए गैर-कानूनी अप्रवासियों को तब तक रखा जाएगा जब तक उनका सत्यापान और जांच का काम पूरा नहीं हो जाता और प्रक्रिया के मुताबिक उन्हें उनके देश वापस नहीं भेज दिया जाता। चौधरी ने कहा कि कई बांग्लादेशी नागरिकों पर शक है कि वे असम या पश्चिम बंगाल के निवासी बनकर ईंट भट्टों, फैक्ट्रियों और दूसरी जगहों पर काम कर रहे हैं और उनके पास भारतीय दस्तावेज भी हैं। उन्होंने कहा कि उनकी भाषा और हाव-भाव से शक पैदा हुआ है। चौधरी ने कहा, पहचान में मदद के लिए, जरूरत पड़ने पर त्रिपुरा से भाषा विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा। स्थानीय बांग्ला बोलने वाले निवासी भी पहचान और सत्यापन प्रक्रिया में मदद करेंगे। बरेली जिले के अधिकारियों और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने कहा कि अगर किसी के पास नकली आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र या दूसरे नकली कागजात मिले, तो उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। बरेली पुलिस ने जून में दो महीने लंबे अभियान में झुग्गी-झोपड़ियों और खानाबदोश बस्तियों में रहने वाले कई संदिग्ध लोगों की पहचान की थी। पुलिस के अनुसार जिले में दस से ज़्यादा बांग्लादेशी नागरिकों के गैर-कानूनी तरीके से रहने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने बताया कि अगस्त में, प्रेमनगर इलाके से बांग्लादेशी मूल की तीन बहनों को नकली पहचान का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कहा कि एक और मामले में, नकली पहचान के साथ रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया था। बीते दिनों मुख्यमंत्री ने घुसपैठियों की तलाश करके उन्हें वापस भेजने का निर्देश दिया था। पहचान का सत्यापन होने तक उन्हें जिला स्तर पर अस्थायी हिरासत केंद्र में रखने के लिए कहा गया है। जिलाधिकारियों को को अस्थायी हिरासत केंद्र बनाने और तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं।  

अगर चच्चे के 30 बच्चे हो सकते हैं, तो हिंदुओं के 4 क्यों नहीं? बागेश्वर बाबा की जनसंख्या टिप्पणी पर विवाद

शिवपुरी  शिवपुरी में श्रीमद् भागवत कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य राजनीति नहीं, हिंदू और सनातन एकता है। उन्होंने कहा कि हम इस देश को गजवा-ए-हिंद नहीं बल्कि हमें भगवा हिंद बनाना है। उन्होंने हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए कहा “हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने चाहिए। चच्चे के 30 बच्चे हो सकते हैं तो हिंदुओं के 4 क्यों नहीं?” पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भारत में पाठयक्रम में गीता‑भागवत‑रामायण को जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत के पाठ्यक्रम में ऐसे ग्रंथ शामिल होने चाहिए जो युवाओं को सही दिशा दें। अगर गीता, भागवत और रामायण को जोड़ दिया जाए तो युवा सही दिशा पाएंगे। कई पुस्तकें ऐसी हैं जो केवल अपने मजहब के लोगों को इंसान मानती हैं और बाकी को काफिर कहती हैं। सनातन धर्म ऐसा नहीं है। यह वसुधैव कुटुंबकम् की बात करता है। इसलिए पाठ्यक्रम में ‘जोड़ने वाले’ जोड़ें, ‘तोड़ने वाले’ नहीं।   वही दिल्ली ब्लास्ट पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग इस देश का खाना खाते हैं और तिरंगे में चांद देखना चाहते हैं, जबकि हम चांद पर तिरंगा देखना चाहते हैं। उन्होंने आत्मघाती हमलों में मारे गए आतंकियों के परिवारों को लेकर कहा कि इस्लाम धर्म मानने वाले अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दें। अपने बच्चों को अब्दुल कलाम बनाएं, आतंकवादी नहीं। जो ऐसा नहीं करना चाहते, वे लाहौर जा सकते हैं। दिल्ली धमाके के आरोपी डॉक्टरों पर शास्त्री ने कहा कि यह आतंकी संगठनों की बौखलाहट है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश का खाना खाते हैं और तिरंगे में चांद ढूंढते हैं, जबकि हम चांद पर तिरंगा देखना चाहते हैं।  

BJP दफ्तर तक सड़क: 40 पेड़ उखाड़ने पर SC नाराज़, हरियाणा सरकार को फटकार

हरियाणा  करनाल में नए भाजपा कार्यालय तक पहुंचने वाली सड़क बनाने के लिए 40 पेड़ उखाड़े जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों को क्यों हटाया गया और इनका क्या किया गया। कोर्ट ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि आगे लापरवाही मिली तो राज्य और उसके संबंधित निकायों को कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा। अदालत ने पूरे मामले में सुधारात्मक कार्रवाई योजना भी मांगी है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति जे बी पार्डीवाला और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ 1971 युद्ध के वेटरन कर्नल (सेवानिवृत्त) दविंदर सिंह राजपूत की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में करनाल के सेक्टर-9, अर्बन एस्टेट की आवासीय कॉलोनी में राजनीतिक दल को जमीन आवंटित करने और बाद में उसके कार्यालय तक जाने के लिए हरित पट्टी में 40 पेड़ काटकर सड़क बनाने पर आपत्ति जताई है। पीठ ने हरियाणा सरकार का पक्ष रख रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी से साफ शब्दों में पूछा कि 40 पेड़ों को हटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी और इस पर उनका स्पष्टीकरण क्या है। पीठ ने यह भी सवाल उठाया कि राजनीतिक दल का कार्यालय किसी ऐसे स्थान पर क्यों नहीं बनाया गया, जहां पेड़ काटने की जरूरत ही न पड़े। एएसजी विक्रमजीत बनर्जी ने कोर्ट को बताया कि भूखंड के आवंटन और सड़क निर्माण के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां ली गई थीं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) और अन्य निकायों ने हरित मानकों का पालन किया है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि काटे गए पेड़ों की संख्या के अनुपात में पौधे लगाए जाएंगे। लेकिन पीठ इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। कोर्ट ने कहा कि पेड़ आसानी से वापस नहीं आ सकते। पीठ ने पूछा कि इन पेड़ों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा। अदालत ने बनर्जी और राज्य सरकार की ओर से पेश अन्य वकीलों को चेतावनी देते हुए कहा कि आगे कोई भी विकास कार्य बिना जानकारी के किया गया तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। जमीन 36 साल पहले खरीदी थी कर्नल (सेवानिवृत्त) दविंदर सिंह राजपूत, जो 79 वर्ष के हैं और 1971 के युद्ध में घायल हुए थे तथा वीर चक्र से सम्मानित हैं। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने 36 साल पहले सेक्टर-9 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (तत्कालीन हुडा) से एक हजार वर्ग गज का भूखंड खरीदा था। यह भूखंड हरित पट्टी की ओर था, जिसके लिए उन्होंने 10 प्रतिशत अधिमान्य स्थान शुल्क भी दिया था।  पर्यावरण को हो रहा नुक्सान- याचिकाकर्ता  याचिकाकर्ता का आरोप है कि उनकी जमीन के ठीक पास स्थित आवासीय कॉलोनी में 1 हजार 550 वर्ग गज के अनियमित आकार वाले एक खाली भूखंड को संस्थागत श्रेणी में बदलकर राजनीतिक दल को आवंटित कर दिया गया। यह भूखंड 9 मीटर चौड़ी सड़क पर स्थित था और 1989 से खाली था। उनका कहना है कि यह पूरा आवंटन हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट एक्ट, 1977 और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की नीतियों का उल्लंघन है। राजपूत की याचिका के अनुसार उनके घर के सामने 100 मीटर चौड़ी हरित पट्टी थी। इसी में 10 मीटर चौड़ा रास्ता बनाकर पेड़ हटाए गए। उन्होंने कहा कि  इससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को दिया ये आदेश  वहीं सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई से पहले पूरे मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण, पेड़ों की भरपाई की योजना और संस्थागत भूखंड आवंटन से जुड़े सभी रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।

उत्तर भारत में बढ़ेगी सर्दी, पंजाब के लिए मौसम विज्ञान का येलो अलर्ट

जालंधर  पहाड़ों के उपरी इलाकों में हो रही बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में सर्दी अपना रंग दिखाने लगी है। इसके चलते पंजाब का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं, महानगर जालंधर में न्यूनतम तापमान 7-8 डिग्री तक रिकार्ड किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के चंडीगढ़ केन्द्र द्वारा 27 नवम्बर के लिए पंजाब के कई जिलों में यैलो अलर्ट घोषित किया गया है, जिसमें जालंधर भी शामिल है। महानगर में दिन व रात के समय ठंड का असर अधिक देखने को मिल रहा है और सुबह-शाम चल रही ठंडी हवाओं के चलते दो-पहिया वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सुबह तड़कसार हलकी धुंध भी देखी जा सकती है। जालंधर में बुधवार को न्यूनतम तापमान 7-8 डिग्री जबकि अधिकतम तापमान 22 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 1 तिहाई का अंतर है। इन आकड़ों के मुताबिक दिन व रात के तापमान में 14 डिग्री तक का अंतर देखने को मिल रहा है, जोकि आमतौर पर दिसंबर अंत में देखने को मिलता है। न्यूनतम तापमान में 1-2 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई जिसके चलते ठंड में बढ़ौतरी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार सर्दी ने दिसंबर से पहले ही दस्तक दे दी है, इसी क्रम में अगले माह के पहले सप्ताह में एकाएक बदलाव देखने को मिलेंगे। वहीं, हिमाचल के उपरी इलाकों में बर्फबारी का सीधा प्रभाव पंजाब के मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है। पंजाब के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक पहुंच गया है, इस क्रम में फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री, अमृतसर में 7.5, लुधियाना में 6.4, बठिंडा में 6, होशियारपुर में 6.4 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया। अधिकतम तापमान में बठिंडा एयरपोर्ट का तापमान 27.7 डिग्री रिकार्ड हुआ जबकि लुधियाना में 23.2, अमृतसर में 22.4 डिग्री तापमान अधिकतम रहा। पहाड़ों में बर्फबारी बढ़ने से ठंड का असर बढ़ता हुआ देखने को मिल सकता है। वहीं, दोपहर के समय ठंड में बढ़ौतरी होगी और धूप कम होती नजर आएगी। मौजूदा समय में शहरों में धुंध का हलका असर देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में दिसंबर के पहले सप्ताह शहरों पर भी धुंध का प्रभाव बढ़ेगा और जनजीवन अस्त-व्यस्त होगा।   बाहरी इलाकों में धुंध का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा हरियाणा, दिल्ली व चंडीगढ़ में धुंध को लेकर अलर्ट जारी किया गया है व इसी क्रम में पंजाब के बार्डर एरिया व बाहरी इलाकों में धुंध संबंधी अलर्ट बताया गया है। महानगर के कई इलाकों में सुबह के समय हलकी धुंध देखने को मिल रही है। इसी क्रम में रेलवे स्टेशन पर धुंध का असर देखा जा सकता है। धुंध के चलते वाहन चालकों को सावधानी से वाहन चलाने की हिदायतें दी गई है। खासतौर पर खेतों के साथ लगते इलाकों में सुबह व रात को धुंध का असर देखने को मिलेगा।

लाइसेंस बनवाने पर बड़ा झटका! पंजाब में बढ़ी दिक्कतें, नई शर्तों से परेशानी

लुधियाना पंजाब सरकार की नई होम डिलीवरी लाइसैंस सेवा शुरुआत के कुछ ही दिनों में सवालों के घेरे में आ गई है। लोगों का कहना है कि सरकार ने सुविधा तो शुरू कर दी लेकिन व्यवस्थाएं कमजोर होने के कारण लाभ नहीं मिल पा रहा। लोगों ने बताया कि वे 1073 हैल्पलाइन नंबर पर बुकिंग करा लेते हैं और उन्हें मैसेज भी मिल जाता है कि निर्धारित तारीख पर कर्मचारी दस्तावेज लेने या लाइसैंस संबंधी प्रक्रिया के लिए घर आएगा लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी कोई नहीं पहुंचता। कई लोग 2-2- बार बुकिंग कराने के बावजूद हफ्तों से इंतजार कर रहे हैं।  5 नवम्बर को की थी बुकिंग, आज तक कोई नहीं आया  आरती नामक महिला ने बताया कि उन्होंने 5 नवम्बर को लर्निंग लाइसैंस के लिए होम सर्विस बुक कराई थी। मैसेज भी आ गया था कि कर्मचारी जल्द पहुंचेगा लेकिन अब तक कोई नहीं आया। उन्होंने कहा कि यह सुविधा शुरू तो कर दी गई है लेकिन इसका लाभ तभी मिलेगा जब सिस्टम ठीक से काम करे। इसी तरह मनप्रीत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे के लर्निंग लाइसैंस के लिए अप्वाइंटमैंट ली थी। उन्हें लगातार मैसेज आ रहे हैं कि उनकी बुकिंग कन्फर्म है और कर्मचारी जल्द पहुंचेगा लेकिन असल में कोई नहीं आता। इससे लोग और ज्यादा परेशान हो रहे हैं।  लोग बोले- सरकार समय सीमा तय करे  लोगों का कहना है कि सेवा के नाम पर उन्हें केवल इंतजार कराया जा रहा है। टोल-फ्री नंबर पर भी समाधान नहीं मिलता। कॉल करने पर ऑप्रेटर केवल यही बताते हैं कि जल्द कर्मचारी आ जाएगा या मामला आगे भेज दिया गया है। नागरिकों ने मांग की है कि सरकार यह स्पष्ट करे कि बुकिंग के बाद कर्मचारी कितने समय में पहुंचेगा। एक तय समय सीमा होने से लोगों को उम्मीद रहेगी और परेशानी कम होगी।  प्रशासन का दावा : बुकिंग ज्यादा, समय से सर्विस देना मुश्किल  वहीं, अधिकारियों का कहना है कि अभी सेवा प्रारंभ हुई है और बुकिंग उम्मीद से कहीं अधिक आ रही है। यही वजह है कि टीम हर बुकिंग तक समय पर नहीं पहुंच पा रही। विभाग का कहना है कि स्टाफ बढ़ाने और व्यवस्थाओं को सुचारू करने की प्रक्रिया जारी है, ताकि जल्द सभी शिकायतें दूर की जा सकें।

जशपुर जिले में शिल्पकारों के लिए स्थापित होगा ग्लेज़िंग यूनिट: मुख्यमंत्री साय

कुम्हारों को 100 इलेक्ट्रॉनिक चाक का वितरण कुम्हार समाज के मंगल भवन के विस्तार के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा  विष्णु महायज्ञ चक्र पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के ग्राम नारायणपुर में कुम्हार समाज द्वारा आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ एवं चक्र पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए और पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने इस अवसर पर ग्राम गोरिया में माटी कला बोर्ड के माध्यम से कुम्हारों के लिए ग्लेज़िंग यूनिट स्थापित करने तथा कुम्हार समाज के मंगल भवन के विस्तार के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सरगुजा संभाग के 100 कुम्हारों को इलेक्ट्रॉनिक चाक का भी वितरण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुम्हार समाज द्वारा आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ का यह पवित्र आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण है। चक्र पूजा केवल मिट्टी के चाक की आराधना नहीं, बल्कि सृष्टि के निर्माण, परिश्रम, रचनात्मकता और मानव जीवन की निरंतरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कुम्हार समाज छत्तीसगढ़ी संस्कृति का अभिन्न अंग है। आप सभी मिट्टी की कला में सिद्धहस्त हैं। आपकी रचनात्मक मेहनत हमारे तीज-त्योहारों और धार्मिक अनुष्ठानों को जीवंत और पूर्णता प्रदान करती है। हमारी सरकार आपकी इस अनमोल विरासत के संरक्षण, संवर्धन और सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक चाक (इलेक्ट्रिक पॉटर व्हील) का वितरण किया जा रहा है, जिससे मेहनत कम होगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और उत्पादों को बेहतर फिनिशिंग मिलेगी। इससे बाजार में ऊँचा मूल्य मिलेगा और वर्षभर स्थिर आमदनी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि कारीगरों के प्रशिक्षण के लिए नई डिजाइन, आधुनिक तकनीक और उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। हमारी सरकार कुम्हारों को वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रही है, जिससे आप नए उपकरण खरीदकर अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें। मार्केटिंग के लिए मेलों, प्रदर्शनियों और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स का उपयोग बढ़ाया जा रहा है, जिससे आपकी कला पूरे देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुँच सके। उन्होंने छत्तीसगढ़ की माटी कला को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की अपील की। कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधायक गोमती साय और  रायमुनी भगत, पद्मश्री जागेश्वर यादव, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूराम चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष जशपुर अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव,  कृष्ण कुमार राय, विजय आदित्य प्रताप सिंह जूदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक बंधु और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर में तीन दिवसीय DG-IG सम्मेलन कल से, गृह मंत्री अमित शाह करेंगे शिरकत

रायपुर छत्तीसगढ़ में डीजी- आईजी कॉन्फ्रेंस होने जा रहा है। यह कॉन्फ्रेंस 28 से 30 नवंबर तक चलेगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत देशभर से DG – IG शामिल होंगे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अब 27 नवंबर की रात्रि 11 बजे विशेष विमान से रायपुर पहुंचेंगे और कल सुबह डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। कार्केट समेत सभी अधिकारियों को अलर्ट किया गया है। बता दें कि अमित शाह 28 नवंबर को रायपुर आने वाले थे, लेकिन अब उनके दौरे में बदलाव किया गया है। 60वीं DGP-IG सम्मेलन में शामिल होने के लिए देशभर से DG – IG अधिकारियों के आने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। देशभर के 236 डीजी रायपुर पहुंच चुके हैं। DGP, COP, IG, ADG, IB सहित कई सुरक्षा प्रमुख भी रायपुर पहुंचे हैं। एयरपोर्ट में अधिकारियों के लिए राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की तैनाती की गई है। वहीं ट्रैफिक AIG संजय शर्मा एयरपोर्ट पर ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे हैं। अधिकारियों के रुकने के लिए 6 अलग-अलग स्पॉट्स बनाए गए हैं। नया रायपुर, न्यू सर्किट हाउस से सिविल लाइन सर्किट हाउस तक रुकने के स्पॉट बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर में पुलिस महानिदेशकों-महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन के 60वें संस्करण में भाग लेंगे। 29 से 30 नवंबर तक भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर में आयोजित सम्मेलन का उद्देश्य अब तक प्रमुख पुलिस चुनौतियों से निपटने में हुई प्रगति की समीक्षा करना और ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप ‘सुरक्षित भारत’ के निर्माण के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप की रूपरेखा तैयार करना है। ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद निरोध, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में फोरेंसिक विज्ञान एवं एआई के उपयोग जैसे प्रमुख सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। प्रधानमंत्री विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे। यह सम्मेलन देशभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा प्रशासकों को राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर खुले और सार्थक विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण संवादात्मक मंच प्रदान करता है। यह पुलिस बलों के सामने आने वाली परिचालन, अवसंरचनात्मक और कल्याण संबंधी चुनौतियों पर चर्चा के साथ-साथ अपराध से निपटने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आंतरिक सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए पेशेवर प्रथाओं के निर्माण और साझाकरण को भी सुगम बनाता है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस वार्षिक सम्मेलन में निरंतर गहरी रुचि दिखाई है और स्पष्ट चर्चाओं को प्रोत्साहित किया है। उन्‍होंने एक ऐसा माहौल तैयार किया है, जहां पुलिस व्यवस्था पर नए विचार उभर सकें। व्यावसायिक सत्र, विस्तृत बातचीत और विषयगत चर्चाएं प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण आंतरिक सुरक्षा और नीतिगत मामलों पर सीधे प्रधानमंत्री के साथ अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदान करती हैं। वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इस सम्मेलन के स्वरूप में निरंतर सुधार हुआ है, जिसमें देश भर के विभिन्न स्थानों पर इसका आयोजन भी शामिल है। यह सम्मेलन गुवाहाटी-असम, कच्छ के रण-गुजरात, हैदराबाद-तेलंगाना, टेकनपुर-ग्वालियर-मध्य प्रदेश, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (केवड़िया-गुजरात), पुणे-महाराष्ट्र, लखनऊ-उत्तर प्रदेश, नई दिल्ली, जयपुर-राजस्थान और भुवनेश्वर-ओडिशा में आयोजित किया जा चुका है। इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख भाग लेंगे। नए और अभिनव विचारों को सामने लाने के लिए, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के गृह विभाग के प्रमुख और डीआईजी व एसपी स्तर के कुछ चुनिंदा पुलिस अधिकारी भी इस वर्ष सम्मेलन में भाग लेंगे।

दिल्लीवालों सावधान! बढ़ते स्मॉग पर विशेषज्ञों ने जारी किया रेड अलर्ट

नई दिल्ली  एक हेल्दी बॉडी के लिए कई तरह विटामिन, पोषक तत्वों, प्रोटीन, फाइबर की जरुरत होती है। इसी के साथ विटामिन डी भी हमारे शरीर की हड्डियों के लिए बहुत जरुरी है। हड्डियों के अलावा इससे  हमारा इम्यून सिस्टम भी बेहतर बनाता है। इस विटामिन को प्राप्त करने का सबसे आसान और बेहतरीन तरीका धूप है, जिसके लिए आपको पैसे खर्च करने की जरुरत भी नहीं। दिल्ली- एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के बीच डॉक्टरों ने वहां के लोगों के लिए बड़ी चेतावनी जारी कर दी है। डॉक्टर्स का कहना है कि प्रदूषण के चलते लोग धूप नहीं सेंक सकते, लेकिन ऐसे में हड्डियों के लिए विटामिन डी लेना बहुत जरुरी है। इस कमी को नजरअंदाज़ न करें। आइए यहां जानते हैं कि क्या हैं विटामिन डी के लक्षण और इसे कैसे पूरा किया जा सकता है।   विटामिन डी की कमी के लक्षण      बार-बार बीमार पड़ना (इम्यूनिटी कमज़ोर होना)     थकान और कमज़ोरी महसूस होना     डिप्रेशन     हड्डियों और पीठ में दर्द     इन तरीकों से पूरी कर सकते हैं विटामिन डी की कमी अगर आपकी लाइफस्टाइल बिज़ी है या प्रदूषण के कारण धूप कम मिल रही है, तो इन 6 आसान बिना खर्च वाले तरीकों को अपना सकते हैं:     खिड़कियाँ खोलें: ऑफिस, घर और कार की खिड़कियाँ खुली रखें ताकि धूप अंदर आ सके। (सीधी धूप में सनस्क्रीन ज़रूर लगाएँ)।     धूप में पिएं मॉर्निंग कॉफी/चाय: सुबह की चाय या कॉफी को धूप में बैठकर एन्जॉय करने की आदत डालें। सुबह की धूप लेना सबसे अच्छा है।     मछली खाएं: ट्यूना, सैल्मन और मैकेरल जैसी फैट वाली मछलियाँ विटामिन डी के बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत हैं।     पूरा अंडा खाएं: अंडे की जर्दी में विटामिन डी प्राकृतिक रूप से पाया जाता है, इसलिए पूरा अंडा खाना फ़ायदेमंद है।     लंच टाइम पर वॉक: लंच के समय थोड़ा समय निकालकर धूप में टहलें। (धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन ज़रूर लगाएँ)।     कम समय की धूप पर्याप्त: एक अध्ययन के अनुसार स्वस्थ वयस्कों के लिए दोपहर में 15 मिनट से भी कम समय तक धूप में रहना भी विटामिन डी का पर्याप्त स्तर बनाए रखने के लिए काफी है।