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पुलिस वर्दी कर्तव्ये, समर्पण, साहस और सेवा का प्रतीहक – डीजीपी मकवाणा

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से मध्यप्रदेश कैडर के प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट पुलिस वर्दी कर्तव्ये, समर्पण, साहस और सेवा का प्रतीहक – डीजीपी  मकवाणा भोपाल पुलिस मुख्‍यालय भोपाल में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से मध्‍यप्रदेश कैडर के 9 प्रशिक्षु भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों ने सौजन्‍य भेंट की। पुलिस महानिदेशक  मकवाणा ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस वर्दी कर्तव्य, समर्पण, साहस और सेवा का प्रतीक है। प्रशिक्षण अवधि बेहद महत्वपूर्ण होती है, इसलिए इसे पूरे मन, लगन और अनुशासन के साथ पूरा करें। जिले में प्रशिक्षण के दौरान जितना अधिक सीखेंगे, आगे का नेतृत्व उतना ही प्रभावी होगा। उन्होंने एक अध्ययन का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य को वास्तविक खुशी पद या पैसे से नहीं, बल्कि दूसरों की सहायता करने से मिलती है। पुलिस सेवा इसी भावना का विस्तार है—भगवान ने हमें सेवा का माध्यम बनाया है। पुलिस का मूलमंत्र भी यही है- देशभक्ति और जनसेवा। पुलिस महानिदेशक ने प्रशिक्षु अधिकारियों को यह सलाह दी कि हमेशा जनता के साथ विनम्र, मधुर और सम्मानजनक व्यवहार रखें। किसी भी परिस्थिति में त्‍वरित कार्रवाई करना, ईमानदारी से काम करना और निष्पक्ष रहना—एक अच्छे अधिकारी की पहचान है। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों को हमेशा प्रोत्साहित करें। कानूनों, नियमों, अधिनियमों तथा वित्तीय प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन करें, क्योंकि एक सक्षम अधिकारी वही है जो अपने कार्यक्षेत्र का संपूर्ण ज्ञान रखता हो। जनता का विश्वास अर्जित करना पुलिस का सबसे बड़ा निवेश है—विश्वास होगा तो सहयोग मिलेगा, और सहयोग से व्यवस्था मजबूत होगी।  मकवाणा ने यह भी कहा कि हमेशा सही रास्ते पर चलें, सही काम करते रहें और सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनने की कोशिश करें। समाज में साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखना पुलिस की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, इसलिए हमेशा सतर्क, संवेदनशील और संतुलित बने रहें। डीजीपी ने साइबर सुरक्षा के महत्व को भी रेखांकित करते हुए कहा, "आज के युग में, जब सूचना का प्रवाह तेज़ है, पुलिस को नवीनतम तकनीकों और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर अपने कार्यों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। साइबर अपराधों का खतरा बढ़ रहा है। हमें न केवल अपराधों की रोकथाम में अग्रणी होना है, बल्कि हमें साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है।" उन्‍होंने मध्‍यप्रदेश पुलिस के जनजागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी की जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि राज्‍यव्‍यापी जनजागरूकता अभियान ने अपनी व्‍यापकता, प्रभावशीलता तथा वृहद स्‍तर पर जनसहभागिता के चलते वर्ल्‍ड रिकॉर्ड भी कायम किया है। उन्‍होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वर्तमान में जन अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं अत: व्‍यावसायिक उत्‍कृष्‍टता, पारदर्शिता एवं व्‍यवहार कुशलता से ही आप इन अपेक्षाओं पर खरे उतर सकते हैं। उन्होंने पुलिस बल के मनोबल, टीमवर्क, सहकर्मियों की समस्याओं को समझने और समाधान की दिशा में संवेदनशील नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया। एक अधिकारी की पहचान तभी बनती है जब वह अपनी टीम को समझे, सहयोग दे और सही दिशा दिखाए। मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका पर बात करते हुए डीजीपी ने कहा कि इन मंचों का जिम्मेदार उपयोग पुलिस की पारदर्शिता, जनसंपर्क और विश्वसनीयता को सुदृढ़ बनाता है। उन्‍होंने अपने सेवाकाल में बस्तर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर और मुरैना जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ड्यूटी के दौरान आए जमीनी हालातों के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धैर्य, सूझबूझ और परिपक्व नेतृत्व अनिवार्य है—और यही गुण एक अधिकारी को विशेष बनाते हैं। उल्‍लेखनीय है कि संघ लोकसेवा आयोग द्वारा वर्ष 2024 में चयनित इन अधिकारियों का प्रशिक्षण लाल बहादुर शास्त्री अकादमी, मसूरी में आधारभूत प्रशिक्षण से प्रारंभ हुआ था। इसके बाद, इन अधिकारियों ने सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में प्रथम चरण का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया। अब, यह अधिकारी मध्य प्रदेश में 29 सप्ताह का जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रारंभ करने जा रहे हैं। इस दौरान, प्रशिक्षु अधिकारी मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी में 4 सप्ताह के लिए संबद्ध होंगे। उन्हें राज्य की सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत के अंतर्गत इंदौर, उज्जैन और महेश्वर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्था, कानून एवं व्यवस्था, आसूचना संकलन, अपराध अनुसंधान विभाग, एसटीएफ, योजना, प्रबंध, कल्याण जैसे सभी महत्वपूर्ण अंगों से परिचय कराया जाएगा। डायल-112 एवं नवीनतम तकनीकों के प्रयोग से भी अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही सिंहस्थ की तैयारियों से संबंधित विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, ताकि अधिकारी आगामी चुनौतियों एवं व्यवस्थाओं से भली-भांति परिचित हो सकें। पीएसओ टू डीजीपी  विनीत कपूर ने पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा का संपूर्ण परिचय दिया। इस अवसर पर अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक  शाहिद अबसार, एसओ टू डीजीपी  मलय जैन एवं अन्‍य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।  

2020 से 2025 के बीच अयोध्या का ऐतिहासिक विकास, मॉडल शहर के रूप में पहचान

ध्वजारोहण समारोह से ‘अयोध्या ब्रांड’ को मिली वैश्विक पहचान 2020 से 2025 के बीच अयोध्या का ऐतिहासिक विकास, मॉडल शहर के रूप में पहचान अंतर्राष्ट्रीय सुविधाओं वाली अयोध्या में साल के अंत तक 50 करोड़ पर्यटकों के पहुंचने का अनुमान लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकासवादी नीतियों की वजह से “अयोध्या ब्रांड” की चर्चा विश्व में है। श्रीराम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद अयोध्या के वैभव और विकास से लोग आश्चर्यचकित हैं। पर्यटन, निवेश और आधारभूत संरचना के मामले में अयोध्या ने विश्व के अन्य चर्चित धार्मिक स्थलों को भी पीछे छोड़ दिया है।  विश्व में “अयोध्या ब्रांड’’ का डंका उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था और आध्यात्मिक स्थलों को आर्थिक केंद्र के रूप में भी विकसित करने का जो बीड़ा उठाया है, अयोध्या उसमें मील का पत्थर साबित हो रहा है। सनातनी आस्था के केंद्र अब वैश्वक ब्रांड के रूप में उभर रहे हैं। श्रीराम मंदिर बनने के बाद शहर में पर्यटकों की संख्या में 4 से 5 गुना तक वृद्धि हुई है। जनवरी-जून 2025 के बीच लगभग 23 करोड़ पर्यटक रामनगरी आ चुके हैं। अनुमान है कि इस साल के अंत तक करीब 50 करोड़ पर्यटक आएंगे।  विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित अयोध्या अमेरिका, यूरोप, रूस इत्यादि देशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक रामनगरी आ रहे हैं। शहर की साफ सुथरी सड़के, प्रत्येक चौराहे पर संस्कृति और आध्यात्मिका को समेटे हुए कलाकृतियां, चमकते हुआ राम पथ और धर्म पथ, दिव्य और भव्य कुंड, प्राचीन मंदिर, विश्वस्तरीय हॉस्पिटैलिटी सुविधा, अंतरराष्ट्रीय स्तर के होटल, आर्थिक विकास की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। अयोध्या के विकास की देन है कि जो होटल पहले सुनसान रहते थे वो अब 90 प्रतिशत फुल रहते हैं। छोटे से छोटा होटल भी प्रतिदिन 40 से 50 हजार तक की कमाई कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को उसका पुराना वैभव वापस दिलाया है।  अयोध्या का प्रदेश के जीएसडीपी में बड़ा योगदान अयोध्या के विकास का सफर 2020 से प्रारंभ होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश में अयोध्या के विकास से जुड़े सरकारी विभागों ने बड़ी गंभीरता से योजनाओं के क्रियान्वयन को अंजाम दिया। शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के लिए व्यापक योजना तैयार की गई। शहर में सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम, यातायात व्यवस्था, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, हवाई अड्डा जैसी मूलभूत सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाया गया। अयोध्या में पर्यटकों की आमद बढ़ने से यहां की आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ी। आज अयोध्या यूपी के जीएसडीपी में लगभग 1.5 फीसद योगदान कर रही है। अनुमान है कि आने वाले कुछ वर्षों में अयोध्या का सालाना कारोबार लगभग 4 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा।  अयोध्या से वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य होगा हासिल  अयोध्या का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अयोध्या में फ्लाइट की संख्या 30 तक पहुंच चुकी है। हवाई अड्डे की क्षमता 6 लाख यात्रियों की है। देश के कोने-कोने से पर्यटक यहां आ रहे हैं। इसकी वजह से आर्थिक गतिविधियों में जोरदार उछाल आया है। इसी तरह से रेलवे स्टेशन को भी विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया गया है। बस स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों को सुविधाएं मिल रही हैं। इस समय अयोध्या उत्तर प्रदेश का सबसे विकसित और सबसे ज्यादा पर्यटकों वाला धार्मिक केंद्र बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2029 तक उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने को लेकर दृढ़संकल्पित हैं। इस मिशन को प्राप्त करने में अयोध्या का बड़ा रोल रहने वाला है।

पुलिस दूरसंचार विभाग ने घोषित की PET/PST की तिथियां, सफल अभ्यर्थियों को करें तैयारी तेज

जयपुर पुलिस दूरसंचार में कॉन्स्टेबल (सामान्य/चालक) भर्ती के तहत विज्ञापित 1469 पदों के लिए 13 सितम्बर, 2025 को आयोजित लिखित परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया है। सभी सफल अभ्यर्थियों का विवरण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। दिसम्बर में शुरू होंगे शारीरिक परीक्षण उप महानिरीक्षक पुलिस भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड मनोज कुमार ने बताया कि लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण हुए सामान्य और चालक वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अब अगला चरण शारीरिक दक्षता एवं मानक परीक्षण (PET/PST) होगा।यह महत्वपूर्ण चरण 01 दिसम्बर से 07 दिसम्बर 2025 तक आयोजित किया जाएगा। शारीरिक परीक्षण का आयोजन राजस्थान पुलिस अकादमी जयपुर में किया जाएगा। अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी अभी से तेज कर देनी चाहिए। ई-प्रवेश पत्र जारी, एसएसओ आईडी से करें डाउनलोड पीईटी/पीएसटी में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के ई-प्रवेश पत्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट https://recruitment2.rajasthan.gov.in, https://www.police.rajasthan.gov.in पर अपलोड कर दिए गए हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी एसएसओ आईडी के माध्यम से तुरंत अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड करें। प्रवेश पत्र में पीईटी/पीएसटी के आयोजन के लिए अभ्यर्थी की निश्चित तिथि, समय और स्थान स्पष्ट रूप से अंकित है।  यदि किसी अभ्यर्थी को अपना ई-प्रवेश पत्र डाउनलोड करने में किसी प्रकार की समस्या आ रही है, तो उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे अभ्यर्थी सहायता के लिए पुलिस मुख्यालय, भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हो सकते हैं। वैकल्पिक रूप से वे दूरभाष नम्बर 0141-2821597 पर संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान करवा सकते हैं। 

राजस्थान में बढ़ी सर्दी की दस्तक; जयपुर में 28 नवंबर को बारिश का अलर्ट जारी

जयपुर राजस्थान में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के असर से मंगलवार को तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहा। सर्द हवाओं के चलते दिन का अधिकतम तापमान गिर गया और सभी शहरों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। शेखावाटी और बीकानेर संभाग में रात के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट देखी गई। मौसम विभाग के अनुसार, 27 नवंबर से प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे जयपुर, अजमेर, उदयपुर और जोधपुर संभाग में मौसम बदलने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं बादल छाने के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। सर्द हवाओं के कारण सुबह-शाम ठंडक बढ़ी है। सीकर में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि नागौर और चूरू में भी तापमान 7 डिग्री के करीब रहा। दिन में भी तापमान में 1 से 3 डिग्री की गिरावट देखी गई। सबसे ठंडा दिन सिरोही में रहा, जहां अधिकतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 27 और 28 नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ के चलते जोधपुर, उदयपुर, अजमेर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। राजस्थान के प्रमुख शहरों का तापमान शहर — अधिकतम — न्यूनतम (डिग्री सेल्सियस में) अजमेर — 25.8 — 12.3 भीलवाड़ा — 24.5 — 13.6 अलवर — 24.4 — 8.5 जयपुर — 26.4 — 13.2 पिलानी — 27.5 — 8.2 सीकर — 25 — 6.5 कोटा — 25.6 — 14 चित्तौड़गढ़ — 26.9 — 13.5 उदयपुर — 24.3 — 14.5 बाड़मेर — 29 — 15.8 जैसलमेर — 28.2 — 14.5 जोधपुर — 27.5 — 14.8 बीकानेर — 27.3 — 13.4 चूरू — 26.8 — 6.8 गंगानगर — 26.2 — 9.3 नागौर — 26.8 — 6.9 बारां — 25.9 — 11.8 हनुमानगढ़ — 24.6 — 10.5 जालौर — 28.3 — 13.6 सिरोही — 21.7 — 15.4 करौली — 24.4 — 8.4 दौसा — 27 — 7.8 प्रतापगढ़ — 25.4 — 16.7 झुंझुनूं — 25.9 — 8.7

स्कूलों की छुट्टी की घोषणा, दिसंबर में बच्चों को मिलेगा ब्रेक

पटना नवंबर का महीना खत्‍म होने जा रहा है। वहीं, दिसंबर का महीना शुरू होते ही ठंड बढ़ जाती है और बच्चों को स्कूल जाने में बहुत परेशानीहोती है। ज्यादातर स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियों 25 दिसंबर से शुरू हो जाती है। वहीं, अगर बिहार की बात करें तो अभी तक बिहार सरकार की तरफ से आधिकारिक रूप से 2025-26 सत्र के विंटर वेकेशन की घोषणा नहीं की गई है। इतने दिन तक बंद रहेंगे स्कूल बिहार में बीते सालों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि बच्चों को सात दिन की छुट्टियां दी जा सकती हैं, जिसमें क्रिसमस और गुरु गोबिंद सिंह जयंती शामिल हैं। इसी बीच शिक्षा विभाग ने सर्दी की छुट्टियों की संभावित तिथि जारी कर दी है। बिहार में 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक शीतकालीन अवकाश रहने की संभावना है। हालांकि, विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि ठंड ज्यादा होने पर छुट्टियां बढ़ाई जा सकती हैं, जिसके लिए अलग से नोटिस जारी होगा। जानें पिछले साल कितने दिन बंद रहे थे स्कूल हालांकि, अभी तक इन तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। पिछले आकंडों को देखें तो क्लास 1 से 8वीं तक के स्कूल 7 दिनों के लिए बंद रहेंगे। अगर पिछले साल की बात करें तो पिछले वर्ष सरकार ने सर्दियों की छुट्टियों की घोषणा 26 दिसंबर से 6 जनवरी तक की थी। इधर, जम्मू-कश्मीर सरकार ने कश्मीर घाटी और जम्मू के विंटर जोन स्कूलो में विंटर वेकेशन की घोषणा कर दी है। 

मंत्री मंगल पांडेय का ऐलान: पटना में बनेगा देश का सबसे बड़ा ऑर्थोपेडिक अस्पताल

पटना बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मंगलवार को बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बिहार में देश का सबसे बड़ा 400 बेड का हड्डी का अस्पताल बनाया जाएगा। पांडेय ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के मंत्री का चौथी बार कार्यभार संभाला। इस मौके पर उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बिहार में 400 बेड का हड्डी का अस्पताल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बिहार के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। इसके बन जाने से राज्यभर के हड्डी से जुड़े रोग से पीड़ति मरीजों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इच्छा के अनुसार लोकनायक जय प्रकाश नारायण हड्डी अस्पताल के पास 215 करोड़ की लागत से‘ऑर्थो हॉस्पिटल'बनाया जाएगा। तीन महीने में इसका निर्माण पूरा करा लिया जाएगा।       स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पतालों और दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों में रिक्तियों को भरने का काम तेजी से किया जा रहा है। पिछले कार्यकाल में बड़ी संख्या में नियुक्तियां की गई थीं। इस वर्ष दिसंबर तक सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी के 663 खाली पदों को भर लिया जाएगा। दंत चिकित्सक के 808 पदों पर नियुक्ति की कारर्वाई दिसंबर तक पूरी हो जाएंगी। इसी तरीके से स्टाफ नर्स के 11 हजार 389 पदों पर नियुक्ति के लिए बीटीएससी ने परीक्षा संपन्न करा लिया है। नर्सिंग स्कूलों, कॉलेजों में इंटर के 498 पदों के लिए बीटीएससी से परीक्षा संपन्न किया जा चुका है। पांडेय ने कहा कि फॉर्मासिस्ट के 2473, ड्रेसर के 3326, लैब टेक्नीशियन के दो हजार 969, एक्स-रे टेक्नीशियन के 1232, शल्यकक्ष सहायक 1683, ईसीजी टेक्नीशियन के 242, दंत विज्ञानी 702 यानी तकनीकी स्तर के कुल 12 हजार 627 पदों के लिए परीक्षा हो चुका है। 12 हजार 627 पैरा मेडिकल स्टाफ, 11 हजार 389 ग्रेड ए नर्स, दंत चिकित्सा पदाधिकारी, सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी आदि को मिलाकर करीब 26 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति की कार्रवाई अंतिम चरण में हैं।         स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के माध्यम से भी मानव बल की नियुक्ति की जाती है। अगले चार महीने में एनएचएम के माध्यम से 220 नेत्र सहायक, 1504 आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, पांच हजार से अधिक एएनएम की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विशेषज्ञ चिकित्सक के 36, सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी के 449 एवं 216 सीएचओ की नियुक्ति एक महीने में पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि एनएचएम की ओर से भी करीब सात हजार 600 विभिन्न पदों पर नियुक्ति की कारर्वाई एक से चार महीने के भीतर पूर्ण कर ली जाएगी। इस तरीके से कुल करीब 32 हजार 700 नई नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मंत्री ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में 925 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास किया गया था। जल्द ही 610 नए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर राज्य को दिए जाएंगे। आयुष्मान योजना के माध्यम से राज्य की जनता की सेवा की जा रही हैं। राज्य में 4 करोड़ से अधिक आयुष्मान काडर् बन चुका है। राज्य के अंदर मुख्यमंत्री चिकित्सा योजना के तहत हर साल 350 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं।  

3 लाख से अधिक किसानों के खातो में पहुंचेगी 238 करोड़ से अधिक राशि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 नवंबर को श्योपुर जिले के बड़ौदा में आयोजित कार्यक्रम में श्योपुर सहित 6 जिलो के किसानों को फसल क्षति की राहत राशि का वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 लाख 5 हजार 410 प्रभावित किसानों के बैंक खातों में 238 करोड़ 78 लाख रूपये की राशि अंतरित करेंगे। श्योपुर, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम, धार, खण्डवा जिलों की 23 तहसीलों के 2 हजार 148 ग्रामों के किसानों को अतिवृष्टि, बाढ और पीला मौजेक कीट व्याधि से हुई फसल क्षति की राहत राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसी दिन मुरैना जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में 162 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। बड़ौदा में इन कार्यों का होगा लोकार्पण एवं शिलान्यास मुख्यमंत्री डॉ. यादव बडौदा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विकास निर्माण कार्यो का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत 2 करोड 75 लाख रूपये की लागत से सेसईपुरा में निर्मित आदिवासी बालक आश्रम का लोकार्पण होगा। इसके साथ ही 14 करोड 80 लाख की लागत से श्योपुर में बनने वाले नर्सिग कॉलेज भवन, 14 करोड 95 लाख की लागत से श्योपुर में बनने वाले 50 बिस्तरीय एकीकृत आयुष चिकित्सालय, 96 लाख की लागत से श्योपुर में बनने वाले बागवानी और खाद प्रसंस्करण ज्ञान प्रसार केन्द्र, ग्राम लहरौनी में 2 करोड 61 लाख, ग्राम बलावनी में 2 करोड 53 लाख एवं डाबीपुरा में 2 करोड 49 लाख की लागत से बनने वाले नवीन 33/11 केव्ही विद्युत उपकेन्द्रों के निर्माण के लिए शिलान्यास किया जायेगा। साथ ही विभिन्न विभिन्न योजनाओ में हितग्राहियों को लाभान्वित किया जायेगा। मुरैना में इन कार्यों की देंगें सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुरैना में 70 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले आयुर्वेदिक महाविद्यालय भवन का भूमिपूजन करेंगे। इस महाविद्यालय के अंतर्गत 100 बिस्तरीय चिकित्सालय का निर्माण भी किया जाएगा। इस चिकित्सालय के माध्यम से आसपास के लगभग 20 ग्रामों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोठ एवं अम्बाह का लोकार्पण भी करेंगे। वर्तमान में सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोठ में 812 विद्यार्थी तथा सांदीपनि उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्बाह में 1799 विद्यार्थी नामांकित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 19 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से निर्मित संयुक्त तहसील एवं अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय मुरैना का लोकार्पण करेंगे। इसके माध्यम से अनुविभाग मुरैना के अंतर्गत आने वाले 182 ग्रामों की लगभग 7 लाख 52 हजार आबादी को सुविधा होगी। अम्बाह में 50 सीटर अनुसूचित जाति सीनियर कन्या छात्रावास का लोकार्पण भी करेंगे। यह छात्रावास 3 करोड़ 93 लाख 36 हजार रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है।

प्रशासन की चेतावनी: किराया/व्यवसाय नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

बरनाला  बरनाला जिला पुलिस ने मकान मालिकों और दुकानदारों को उनके यहां रहने वाले किराएदारों और काम करने वाले नौकरों का पुलिस वैरीफिकेशन (सत्यापन) तत्काल करवाने की सख्त हिदायत दी है। जिला पुलिस प्रमुख (एस.एस.पी.) मोहम्मद सरफराज आलम ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए कहा है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आपराधिक घटनाओं पर लगाम कसने की तैयारी एस.एस.पी. मोहम्मद सरफराज आलम ने बताया कि जिले में आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी तरीके से लगाम कसने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि कोई भी अपराधी/नौकर/किराएदार किसी गंभीर आपराधिक घटना को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाता है। बाद में, जब पुलिस द्वारा मकान मालिक से पूछताछ की जाती है, तो उनके पास न तो किराएदार/नौकर का कोई सही फोटो होता है, न ही मोबाइल नंबर और न ही कोई सटीक पता होता है। इस कारण से न केवल अपराधी को पकड़ने में दिक्कत आती है, बल्कि पुलिस के हाथ से अपराधी भी दूर हो जाता है। एस.एस.पी. आलम ने आगे बताया कि कई बार अपराधी तत्वों द्वारा अन्य राज्यों या शहरों में आपराधिक वारदात को अंजाम देने के बाद अपनी पहचान छिपाकर किराएदार बनकर बरनाला या आसपास के शहरों में पनाह ली जाती है, और फिर यहां भी चोरी, लूट, हत्या जैसी संगीन वारदातों को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे लोगों का रिकॉर्ड अगर पुलिस के पास पहले से मौजूद होगा, तो उन पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी और वे किसी भी आपराधिक वारदात को दोहरा नहीं पाएंगे। वैरीफिकेशन कैसे कराएं? तत्काल सूचना: घरेलू नौकर या किराएदार को रखने से पहले ही मकान मालिक नजदीकी पुलिस स्टेशन या पुलिस चौकी को सूचित करें। दस्तावेज: किराएदार का पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर और एक पहचान पत्र की प्रति अनिवार्य रूप से नोट करें। सत्यापन प्रक्रिया: यह सुनिश्चित करें कि किराएदार या नौकर को अपने घर या दुकान पर रखने से पहले पुलिस द्वारा उसका वेरिफिकेशन पूरा करवा लिया गया है।   उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कई मकान मालिक इस वैरीफिकेशन प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं लेते हैं। अगर भविष्य में कोई किराएदार या नौकर किसी भी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, और यह पाया जाता है कि मकान मालिक ने उसका वेरिफिकेशन नहीं करवाया था, तो मकान मालिक को भी उस अपराध में भागीदार मानकर उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

MP में तेजी से बढ़ रहा सेक्सटॉर्शन का संकट, लोगों को मिल रही अश्लील वीडियो की धमकियां

भोपाल  ऑनलाइन अपराध ‘सेक्सटॉर्शन’ (sextortion) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस कमिश्नरेट ने नागरिकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में अपराधी फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और अश्लील वीडियो कॉल का सहारा लेकर लोगों को धमकाकर पैसे ऐंठ रहे हैं। जानें क्या है ‘सेक्सटॉर्शन’ (sextortion) सेक्सटॉर्शन वह अपराध है, जिसमें बदमाश किसी की निजी या आपत्तिजनक फोटो-वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे या अन्य फायदे मांगते हैं। sextortion से कैसे बचें? अनजान लोगों से निजी फोटो या वीडियो साझा न करें। संदिग्ध वीडियो कॉल, लिंक या प्रोफाइल को तुरंत ब्लॉक करें। ब्लैकमेलर को पैसे न भेजें, इससे धमकियां बढ़ती हैं। सभी सबूत सुरक्षित रखें और तुरंत पुलिस में शिकायत करें। sextortion की शिकायत कहां करें? भोपालसाइबर क्राइम हेल्पलाइन: 9479990636 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन: 1930

निर्धारित समयावधि में 4 लाख 56 हजार से अधिक उपभोक्‍ताओं को मिले नये बिजली कनेक्शन

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के सभी श्रेणी के उपभोक्‍ताओं के लिये सरल और सुविधाजनक तरीके से त्‍वरित नवीन बिजली कनेक्‍शन प्रदान किए जा रहे हैं। इसके लिए उपभोक्‍ताओं को सरल संयोजन पोर्टल के माध्‍यम से आवेदन करते ही निर्धारित समयावधि में घर बैठे ही नवीन कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराये जा रहे हैं।   गौरतलब है कि कंपनी द्वारा विगत जुलाई 2023 से शुरू किये गये ऑनलाइन सरल संयोजन पोर्टल के माध्‍यम से अब तक भोपाल शहर में 65 हजार से अधिक नए कनेक्‍शन प्रदान किए जा चुके हैं, जबकि पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र में 4 लाख 56 हजार से अधिक नए कनेक्‍शन सरल संयोजन पोर्टल के माध्‍यम से सफलतापूर्वक प्रदान किये गए हैं। इनमें 10 किलोवॉट तक के अस्थायी कनेक्शन भी शामिल हैं।   मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने बताया है कि कंपनी के सरल संयोजन पोर्टल पर आवेदन करते ही निर्धारित समयावधि में तत्काल नया बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। नये कनेक्‍शन लेने के लिये उपभोक्‍ताओं को बिजली कंपनी के पोर्टल https://saralsanyojan.mpcz.in:8888/home अथवा UPAY ऐप पर जाकर जरूरी दस्‍तावेज अपलोड कर समस्‍त औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए निर्धारित शुल्‍क का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। आवेदक द्वारा विधिवत ऑनलाइन आवेदन और भुगतान प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत बिजली कंपनी द्वारा सर्वे एवं अन्‍य औपचारिकताएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर उपभोक्ता के परिसर में नया कनेक्शन उपलब्‍ध करा दिया जाएगा।