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19 लाख की लूट का पर्दाफाश: मास्क हटते ही सामने आए दोनों भाई, पुलिस ने ऐसे किया ट्रेस

जबलपुर कृषि उपज मंडी के अनाज व्यापारी के मुनीम से 19 लाख रुपये की लूट के आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित सगे भाई हैं, जिन्होंने लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद शहर की गई गलियों में भ्रमण किया, ताकि वे कहीं भी सीसीटीवी कैमरे में न आ सकें। लेकिन आरोपितों की तमाम कवायद के बाद भी पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों को खंगालते हुए आखिर में दोनों को दबोच ही लिया। आरोपित व्यापार में घाटे और कर्ज से परेशान थे। उधार लौटने का दबाव बढ़ने और व्यापार ठप होने पर जब कोई विकल्प नहीं सूझा तो लूट की वारदात की। यह जानकारी शुक्रवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में पत्रकारों से बातचीत में पुलिस अधिकारियों ने दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपित ग्रीन सिटी के गोल्डन टाउन कालोनी निवासी मोहित मनवानी उर्फ राहुल (26) और ऋषि मनवानी (18) है।   आरोपितों के कब्जे से लूट की राशि के 14 हजार 71 हजार 490 रुपये बरामद किए गए हैं। उनके कब्जे से लूट के लिए प्रयोग की गई बिना नंबर की मोपेड और हमले करने के लिए खरीदी गई चाइना राड भी जब्त की गई है। आरोपित कर्ज से उबरने के लिए लगातार मेहनत कर रहे थे। जब सफल नहीं हुए तो अपराध के रास्ते पर चल पड़े। उन्होंने दो बार लूट की अलग-अलग योजना बनाई। लेकिन घटना को अंजाम देने की हिम्मत नहीं जुटा सकें। कुछ समय पूर्व वे विजय नगर के एचडीएफसी बैंक गए। जहां, कृषि उपज मंडी के एलएलजी सेल्स के मुनीम विकास साहू को काफी रुपये नकद लेकर अकेले जाते देखा। उसकी रैकी की। फिर बुधवार की शाम को मुनीम जब रुपये लेकर लौट रहा था तो कृषि उपज मंडी के पास सुनसान जगह पर रोका। उस पर राड से हमला कर उसकी मोपेड में टंगा रुपयों से भरा बैग लूट लिया। कैमरे में दिखा बिना मास्क का चेहरा आरोपितों की तलाश में कंट्रोल रूम आरक्षक पूनम, पूर्णिमा ने कई सीसीटीवी कैमरे फुटेज निकाले। सायबर सेल के निरीक्षक कपूर सिंह मरावी ने घटना के समय सक्रिय मोबाइल नंबर खंगाले। इसके साथ ही विजय नगर थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह पवार, बृजेंद्र तिवारी, एसआइ संदीप पटेल ने लगातार छानबीन की। गुमराह करने फेरा लगाकर पहुंचे घर, चुकाया कर्ज लूट के बाद दोनों भाई मोपेड से फ्लाइओवर के रास्ते भागे। पुलिस को चकमा देने के लिए एक घंटा तक इधर-उधर घूमते रहे। फिर लंबा फेरा लगाकर अमखेरा होकर पीछे के रास्ते माढ़ोताल में अपने घर पहुंचे। लूट की राशि से अपने क्रेडिट कार्ड का बिल भरा। कुछ स्वजन और व्यापारियों की उधारी चुकाई। पूछताछ में पता चला है कि दोनों भाई पर 15 लाख रुपये से अधिक कर्ज था। आरोपित कुल तीन भाई और दो बहन हैं। एक बहन का विवाह पक्का हो गया था, उसके लिए भी रुपये की व्यवस्था का उन पर दबाव था।

उत्तर प्रदेश : टू व्हीलर बाजार छू रही है नई ऊंचाइयां

– शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही है क्रय शक्ति – प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों से अर्थिक गतिविधियों का हो रहा है विस्तार लखनऊ, प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों के परिणाम स्वरूप उत्तर प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों के तेजी से विस्तार ने राज्य के ऑटोमोबाइल सेक्टर, विशेष रूप से टू-व्हीलर बाजार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। प्रदेश के मध्यम वर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही क्रय शक्ति, स्थानीय उद्यमिता में वृद्धि और मजबूत बुनियादी ढांचा विकास ने टू-व्हीलर बाजार को व्यापक आधार दिया है। राज्य सरकार की निवेशक हितैषी नीतियों, रोजगार सृजन के अवसरों और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आय के परिणामस्वरूप खरीदारों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। उद्योग जगत की हालिया रिपोर्टों के अनुसार उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा टू-व्हीलर बाजार बनकर उभरा है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स  (SIAM) के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में उत्तर प्रदेश में लगभग 46 लाख नए टू-व्हीलरों का पंजीकरण हुआ, जो देश के कुल निजी टू-व्हीलर बाजार का लगभग 14 से 15 प्रतिशत हिस्सा है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आय के विस्तार ने इस वृद्धि में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ग्रामीण पर्यटन, छोटे उद्योगों के प्रसार, स्वयं सहायता समूहों के बढ़ते प्रभाव तथा सतत रोजगार कार्यक्रमों ने लोगों की आय बढ़ाई है। इसके परिणामस्वरूप गांवों में ऐसे परिवारों की संख्या बढ़ी है जो पहले केवल उपयोगिता आधारित वाहन खरीदते थे । जबकि आज वे बेहतर माइलेज और कम रखरखाव वाले टू-व्हीलरों को प्राथमिकता दे रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक ग्रामीण क्षेत्रों में टू-व्हीलर खरीद की वृद्धि दर 17 प्रतिशत वार्षिक तक दर्ज की गई है। राज्य की युवा आबादी भी इस वृद्धि का मुख्य आधार बनी है। रोजगार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार ने युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया है। शहरी और अर्धशहरी क्षेत्रों में कामकाजी युवाओं के लिए टू-व्हीलर एक सुविधाजनक और किफायती विकल्प के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अध्ययन बताते हैं कि प्रदेश में पहली बार वाहन खरीदने वालों में से लगभग 60 प्रतिशत युवा वर्ग है। बेहतर सड़क नेटवर्क और कनेक्टिविटी ने भी बाजार को बल दिया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य राजमार्ग के  साथ उत्तर प्रदेश में बढ़ती रोड कनेक्टिविटी मैं भी इसके बिक्री में अपना अहम योगदान दिया है।  इससे दूरस्थ गांवों और कस्बों में भी टू-व्हीलर उपयोगिता बढ़ी है। इसके साथ ही राज्य में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की मांग में भी वृद्धि हो रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में उत्तर प्रदेश में लगभग 1.5 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बेचे गए, जो देश में सर्वाधिक है। व्यापार अनुकूल नीतियां, स्थानीय विनिर्माण को प्रोत्साहन और निवेश आकर्षित करने वाली योजनाएं प्रदेश को एक मजबूत औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं। उत्तर प्रदेश में बढ़ती क्रय शक्ति और तेजी से विकसित हो रहे परिवहन तंत्र के चलते टू-व्हीलर बाजार आने वाले वर्षों में भी निरंतर विस्तार की दिशा में अग्रसर रहेगा।

रायगढ़ में बड़ी कार्रवाई: 30 प्रकरणों से 3,266 क्विंटल अवैध धान जब्त, कीमत एक करोड़ पार

सभी अंतरराज्यीय एवं आंतरिक चेक पोस्टों पर 24×7 रखी जा रही कड़ी निगरानी        रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर सभी अंतरराज्यीय सीमाओं पर पर बसे ज़िलों पर कड़ी निगरानी की जा रही है। साथ ही इस कार्य में संलिप्त पाए जाने वालों पर त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की जा रही हैं। इसी क्रम में समर्थन मूल्य पर पारदर्शी एवं निष्पक्ष धान खरीदी नीति के तहत प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान में  रायगढ़ में विगत 15 दिनों में 30 प्रकरणों के द्वारा कुल 3,266 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है, जिसकी कीमत 3100 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 1 करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान लगाया गया है।            कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले की सीमाओं पर स्थित सभी अंतरराज्यीय एवं आंतरिक चेक पोस्टों पर 24×7 कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है, वहीं अनुविभागीय स्तर पर विशेष निगरानी दल सक्रिय हैं। अवैध धान भंडारण एवं परिवहन में शामिल हर व्यक्ति पर कार्रवाई करते हुए मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर ने आम नागरिकों एवं किसानों से अपील की है कि अवैध धान परिवहन या भंडारण की कोई भी जानकारी तुरंत निकटतम पुलिस थाना, तहसील कार्यालय या चेक पोस्ट पर दें। कार्रवाई में सहयोग करना खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता को मजबूत करेगा। उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से सुचारु रुप से संचालित हो रहा धान खरीदी कार्य          जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 105 उपार्जन केन्द्र बनाए गए है। शासन के निर्देशानुसार सभी उपार्जन केन्द्रों में चेक लिस्ट के अनुरुप मूलभुत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। 105 उपार्जन केन्द्रों में से 15 केंद्रों को संवेदनशील और 4 केंद्रों को अति-संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। अवैध धान की आवाजाही रोकने के लिए 24 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, इनमें भुईंयापाली, बेलरिया, लारा, रेंगालपाली, एकताल, जमुना, तोलमा, हाड़ीपानी, लमडांड, हमीरपुर, मेनरोड हाटी, गोलाबुड़ा, फतेपुर, केशरचुंवा, टांगरघाट, बिजना, बरकछार, उर्दना बेरियर, बोईरदादर, बेरियर, पलगड़ा, भालूनारा, बाकारुमा बेरियर, ऐडू बेरियर एवं रीलो बेरियर सहित 24 अंतराज्यीय एवं आंतरिक चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। इन चेकपोस्टों पर 24 घंटे निगरानी के लिए तीन-तीन पालियों में चार टीमें तैनात की गई हैं। तुहर टोकन मोबाइल एप के जरिए ऑनलाईन टोकन एवं माइक्रो एटीएम की सुविधा उपलब्ध           धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने और किसानों को पारदर्शी सुविधा प्रदान करने के लिए “तुंहर टोकन” मोबाइल ऐप के जरिए उपलब्ध कराया जा रहा है और सोसायटी संचालक सुबह 9.30 बजे से टोकन जारी कर कर रहे है। टोकन सात दिनों तक वैध रहेंगे और आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है, जिससे बिना किसान की सहमति कोई टोकन जारी नहीं हो सकेगा। सेवा सहकारी समितियों में कृषकों को लिए नगद लेनदेन हेतु माइक्रो एटीएम की भी सुविधा उपलब्ध है। जिसके माध्यम से कृषक एटीएम कार्ड के माध्यम से प्रतिदिन 10 हजार रुपए तक की राशि आहरण कर सकते है। सुगम एवं पारदर्शी धान खरीदी के लिए जिला स्तरीय जांच कमेटी गठित           शासन के नीति के अनुरूप जिले में सुगम एवं पारदर्शी धान खरीदी के लिए कलेक्टर द्वारा जिला स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई हैं। जांच कमेटी में अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, संयुक्त कलेक्टर श्री राकेश कुमार गोलछा, खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह, जिला विपणन अधिकारी कु.जान्हवी जिलहरे, उप आयुक्  सहकारिता श्री व्यास नारायण साहू, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम श्री सी आदि नारायण एवं विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री एस.पी.सिंह शामिल है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! हरियाणा की कैशलेस स्वास्थ्य योजना में बड़ा सुधार

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए बागवानी और मत्स्य पालन विभाग के कर्मचारियों को भी व्यापक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा (CCHFE) योजना में शामिल कर लिया है। इस योजना के तहत राज्य के रेगुलर कर्मचारी, पेंशनर और उनके आश्रित बिना किसी पूर्व भुगतान के कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। यह योजना 1 नवंबर 2023 से प्रदेश में सफलतापूर्वक लागू है और अब इसके दायरे का विस्तार किया गया है। सरकार ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश जारी किए हैं।   जारी नोटिफिकेशन में बताया गया है कि डीजीएचएस (DGHS) के पैनल में शामिल 447 अस्पतालों को पहले ही HEM 2.0 पोर्टल पर इंटीग्रेट किया जा चुका है। इसके साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि डीजी कार्यालय के पैनल में शामिल शेष अस्पताल स्वयं HEM पोर्टल पर पैनल प्रकार विकल्प में “CCHFE” चुनकर आवेदन भेजें। इससे उन्हें कैशलेस योजना के तहत शामिल किया जा सकेगा और कर्मचारी आसानी से उनका लाभ उठा सकेंगे। नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी अस्पताल को व्यापक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा योजना में अलग से शामिल करने का अधिकार राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) के पास नहीं होगा। केवल DG कार्यालय के पैनल में शामिल अस्पताल ही HEM पोर्टल पर अप्लाई करके सिस्टम का हिस्सा बन सकेंगे। सिविल सर्जनों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि उनके जिलों में सूचीबद्ध सभी अस्पतालों के आवेदन समय पर पोर्टल पर अपलोड हों ताकि किसी भी पात्र कर्मचारी, पेंशनर या आश्रित को योजना का लाभ लेने में कोई परेशानी न आए। सरकार का कहना है कि इस कदम से हजारों कर्मचारियों और पेंशनरों को उपचार में और अधिक सुविधा व पारदर्शिता मिलेगी। निर्देशों में यह भी उल्लेख है कि सिविल सर्जन यह सुनिश्चित करें कि योजना के अंतर्गत आने वाले सभी पात्र लाभार्थियों का उपचार कैशलेस मोड में ही हो, जिससे उन्हें आर्थिक बोझ न पड़े।  

चर्चित मामले में फैसला: सरगुजा राज परिवार और नंदकुमार साय के पक्ष में कोर्ट का निर्णय

अंबिकापुर नगर के बहुचर्चित प्रीति श्रीवास्तव हत्याकांड को लेकर दिसंबर 1998 में प्रकाशित एक विवादित रिपोर्ट पर लगभग 26 वर्ष बाद अदालत ने एक अखबार के मालिकों और संपादक पर जुर्माना लगाया है। मामले में मध्य प्रदेश के तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष नंद कुमार साय को राहत मिली है। न्यायालय ने फैसले में कहा कि एक दैनिक समाचार पत्र में छपी खबर में भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार साय के बयान को तोड़मरोड़कर प्रस्तुत किया गया और ऐसी बातें जोड़ दी गईं जिनका उन्होंने उल्लेख नहीं किया था। इस रिपोर्ट के कारण सरगुजा राजपरिवार की प्रतिष्ठा को अनावश्यक क्षति पहुंची, जिससे यह समाचार मानहानि की श्रेणी में आता है। प्रथम व्यवहार न्यायाधीश पल्लव रघुवंशी ने अपने निर्णय में अखबार के तीन स्वामी, तत्कालीन संपादक, प्रकाशक और मुद्रक को दोषी ठहराते हुए एक रुपये का अर्थदंड देने का आदेश दिया है। ज्ञात हो कि तीन दिसंबर 1998 को अंबिकापुर के गर्ल्स कॉलेज परिसर में छात्रा प्रीति श्रीवास्तव की जीप चढ़ाकर हत्या कर दी गई थी, जिसने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। इस घटना के चार दिन बाद आठ दिसंबर को अंबिकापुर के संगम चौक पर आयोजित सभा में तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार साय ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे। अगले दिन उक्त अखबार में प्रकाशित समाचार में यह लिखा गया कि इस जघन्य हत्या के आरोपी सरगुजा राजपरिवार के रिश्तेदार हैं और पैलेस के दबाव में जांच को प्रभावित किया जा रहा है। खबर में यह भी जोड़ा गया कि यदि जांच गहराई से की गई तो कई हत्याकांड और उजागर होंगे। मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सरकार आने के बाद सामंती प्रवृत्तियां सक्रिय हो गई हैं। राज परिवार ने दायर किया था मानहानि का दावा इन कथनों को आधार बनाकर सरगुजा राजपरिवार की ओर से अदालत में मानहानि का दावा दायर किया गया था। सुनवाई के दौरान नंदकुमार साय ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने सरगुजा राजपरिवार या महाराज एमएस सिंहदेव के विरुद्ध कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की थी और समाचार पत्र ने उनके भाषण को अपने स्तर पर बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने ऐसा कुछ कहा होता तो अन्य अखबारों और समाचार माध्यमों में भी वह अवश्य दिखाई देता, जबकि ऐसा नहीं हुआ। इससे स्पष्ट है कि प्रकाशित रिपोर्ट में तथ्यात्मक छेड़छाड़ की गई। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि समाचार पत्र ने भाजपा अध्यक्ष के कथनों को बढ़ाया-घटाया तथा टिप्पणी में ऐसे तत्व जोड़े जिन्हें बोलने का कोई प्रमाण नहीं था। इस प्रकार समाचार प्रस्तुत करने से सरगुजा राजपरिवार की छवि धूमिल हुई और यह मानहानि का स्पष्ट मामला है। तीन दशक बाद आया फैसला लगभग तीन दशक बाद आया यह फैसला सरगुजा राजपरिवार के लिए महत्वपूर्ण जीत माना जा रहा है। राजपरिवार के मुखिया और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के लिए भी यह निर्णय राजनीतिक और व्यक्तिगत स्तर पर बड़ी राहत लेकर आया है। यह फैसला उस दौर की राजनीतिक बयानबाज़ी तथा पत्रकारिता की जिम्मेदारी पर एक गंभीर टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है।  

दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर बड़ा सड़क हादसा, ट्राले से टकराई कार; सूरत के परिवार के कई सदस्य घायल

रतलाम दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। शिवगढ़ थाना क्षेत्र के काजलिया पाड़ा स्थित जामण नदी के पास सुबह करीब 09 बजे आगे चल रहे ट्राले में पीछे से एक तेज रफ्तार कार (जीजे 05 आर क्यू 1421) जा घुसी। जोरदार टक्कर में कार सवार दंपति और उनके दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में 4 लोग घायल सूचना मिलते ही शिवगढ़ थाना पुलिस और एनएचएआई की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने क्षतिग्रस्त कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला। सभी घायलों को पुलिस और एनएचएआई की एम्बुलेंस की मदद से रतलाम मेडिकल कालेज पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। एयर बैग समय पर खुलने से घायलों की जान बच गई।   शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था परिवार पुलिस के अनुसार कार में गुजरात के सूरत के सिल्क कपड़े के व्यापारी और उनका परिवार सवार था। घायलों की पहचान 38 वर्षीय साहिल कुमार पुत्र संजय कुमार साध, उनकी पत्नी 35 वर्षीय स्वेनका, बेटा 15 वर्षीय शनय और छोटा बेटा 04 वर्षीय श्यान के रूप में हुई है। यह परिवार सूरत से नोएडा एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। ट्राले के चालक से भी पूछताछ की जा रही है।

KFC रेस्टोरेंट को उड़ाने की धमकी! हिसार पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

हरियाणा  हिसार के हांसी के रामायण टोल प्लाजा के पास स्थित KFC रेस्टोरेंट को उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। पुलिस मुख्यालय में एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर यह धमकी दी, जिसके बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि कॉल करने वाले की लोकेशन सोनीपत क्षेत्र की है, जबकि जिस मोबाइल नंबर पर कॉल रजिस्टर्ड है, वह बरवाला इलाके का निकला।  संभव है कॉल मजाक में की गई हो: हांसी SP हांसी SP अमित यशवर्धन ने बताया कि धमकी किस KFC रेस्टोरेंट को लेकर दी गई है, यह स्पष्ट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संभव है कॉल मजाक में की गई हो, लेकिन पुलिस किसी भी स्थिति को हल्के में नहीं ले रही है और पूरी सावधानी बरती जा रही है। आम नागरिकों से अपील  सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीमों को सतर्क कर संबंधित स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। साथ ही साइबर सेल को सक्रिय कर कॉल का तकनीकी विश्लेषण शुरू कर दिया गया है, ताकि आरोपी की सटीक लोकेशन और पहचान की पुष्टि की जा सके। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

बस सेवा अचानक बंद: छात्र-कर्मचारी परेशान, विरोध की चेतावनी जारी

नूरपुरबेदी  138 गांवों के केन्द्र बिंदू नूरपुरबेदी बस स्टैंड से रूपनगर के लिए करीब एक सप्ताह से सुबह के समय 2 महत्वपूर्ण सरकारी बसों के न चलने से प्रतिदिन सैकड़ों छात्र, कर्मचारी और अन्य यात्री परेशान हो रहे हैं। शायद जिनकी परेशानी सुनने वाला कोई नहीं है। उक्त बसों में शामिल पंजाब रोडवेज की सुबह 7.15 बजे और सी.टी.यू. (चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग) की सुबह 7.02 बजे चलने वाली बसों के न आने से सैकड़ों लोगों की सुबह की दिनचर्या बिगड़ गई है।  उक्त बसों के न चलने से सरकारी पास होल्डर विद्यार्थियों को हर दिन लंबा इंतजार करने के बाद आखिर किराया चुकाकर प्राइवेट बसों की सुविधा लेनी पड़ रही है। इस परेशानी की वजह से शिक्षा संस्थानों में स्टूडेंट्स की अटेंडेंस पर असर पड़ रहा है, साथ ही उनकी परीक्षा की तैयारी भी प्रभावित हो रही है। कई स्टूडेंट्स की शिकायत है कि उनके पास न चल पाने से किराया अदा करने पर अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। दूसरी तरफ, सरकारी और प्राइवेट कार्यालयों में ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारियों को भी देरी की वजह से काम प्रभावित होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। इसके अलावा, किसान परिवारों से जुड़े लोगों और दूसरी जगहों पर काम पर जाने वाले मजदूरों समेत हर तबके के लोगों को उक्त रूट मिस करने की वजह से परेशानी उठानी पड़ रही है।   सरकारी फ्लीट में नई बसें न होने की वजह से कई रूट बंद हो रहे हैं : कन्वीनर गौरव राणा आज मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब मोर्चा कन्वीनर गौरव राणा ने बस स्टैंड नूरपुरबेदी में पहुंचकर प्रभावित हो रहे छात्रों के हक में आवाज उठाई। राणा ने कहा कि जो बसें उम्रदराज हो चुकी है, के स्थान पर नई बसें सरकारी फ्लीट में शामिल नहीं की गई हैं। जिसके कारण नूरपुरबेदी ही नहीं बल्कि पूरे पंजाब में एक-एक करके कई रूट बंद किए जा रहे हैं। सरकार की पॉलिसी पर हमला बोलते हुए कन्वीनर राणा ने कहा कि लोग हर दिन परेशान हो रहे हैं लेकिन सरकार यात्रियों को और सुविधाएं देने का ड्रामा कर रही है।   सोमवार से रूट बहाल न होने पर छात्रों के हक में प्रदर्शन का ऐलान कनवीनर राणा ने डिप्टी कमिश्नर रूपनगर और चीफ सेक्रेटरी पंजाब से तुरंत एक्शन लेने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर सोमवार से उक्त रूट बहाल नहीं किए गए तो स्टूडेंट्स के हक में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। बस की खराब हालत के कारण रोडवेज का रूट बंद करना पड़ा है : जी.एम. परमवीर सिंह इस पूरे मामले पर बोलते हुए रूपनगर के पंजाब रोडवेज डिपो के जी.एम. परमवीर सिंह ने कहा कि नूरपुरबेदी से रूपनगर के लिए सुबह करीब 7.15 बजे चलने वाली पंजाब रोडवेज का रूट, 15 साल का सफर तय करने के बाद बस की खराब हालत होने के चलते करीब 7-8 दिनों से बंद करना पड़ा है। जबकि, उन्हें सी.टी.यू. बस के रूट बंद होने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पंजाब सरकार द्वारा 350वां शहीदी दिवस मनाए जाने को लेकर करवाए जा रहे समागमों के प्रबंधों में जुटे हुए हैं। जिसके बाद जल्द ही एक और बस का इंतजाम कर उपरोक्त समस्या को हल किया जाएगा।

धान खरीदी तिहार लेकर आया खुशियों और राहत की सौगात

खेम पटेल ने बेचा 86 क्विंटल धान, बोले- मिले पैसों से चुकाएंगे मकान बनाने का कर्ज रायपुर, 15 नवंबर से प्रदेश में शुरू हुआ धान खरीदी तिहार किसानों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया है।कबीरधाम जिले के ग्राम खिरसाली के किसान खेम सिंह पटेल को धान खरीदी के तहत अपनी उपज बेचकर बड़ी आर्थिक राहत मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कृषक हितैषी नीतियों और पारदर्शी व्यवस्था का परिणाम है कि धान खरीदी प्रक्रिया अब अधिक सरल और सुगम हो चुकी है। जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। ख़ेम बताते हैं कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था के चलते खरीदी केंद्रों में भीड़ से छुटकारा मिला और सहजता से 86.40 क्विंटल धान बिना किसी परेशानी के बेच दिया। सरकार द्वारा निर्धारित प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी तथा 31 सौ रूपये प्रति क्विंटल कीमत ने खेम पटेल को उनकी मेहनत का पूरा सम्मान दिया। करीब 5 एकड़ जमीन से मिली इस कमाई ने उनके परिवार की एक बड़ी चिंता दूर कर दी है। खेम पटेल बताते हैं कि पिछले वर्ष परिवार—माता-पिता, पत्नी और दो बच्चों—के लिए उन्होंने एक पक्का मकान बनवाया था, जिसका कुछ कर्ज शेष था। धान का भुगतान समय पर मिलने से अब वे सबसे पहले अपना मकान का बाकी कर्ज चुकाने जा रहे हैं। खेम पटेल कहते हैं कि पारदर्शी व्यवस्था, सही मूल्य और राशि का त्वरित सीधे बैंक खाते में भुगतान किसानों में भरोसा बढ़ा रहा है। उनके अनुसार सरकार की यह व्यवस्था न केवल किसानों को राहत दे रही है, बल्कि उनकी मेहनत की कमाई का सही सम्मान भी सुनिश्चित कर रही है।

भगवंत मान का हमला तेज़: जत्थेदार की राजनीतिक नियुक्ति पर उठाए गंभीर सवाल

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बीते गुरुवार कार्यवाहक अकाल तख्त जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति धार्मिक नियमों के अनुसार उचित नहीं है और राजनीतिक रूप से प्रभावित है. सीएम मान ने यह टिप्पणी उस समय की जब जत्थेदार ने कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध को आनंदपुर साहिब में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से सिख मर्यादा का उल्लंघन करने पर कड़ी फटकार लगाई थी. धूरी में एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अकाल तख्त की संस्था का सम्मान है, लेकिन इस समय जत्थेदार राजनीतिक रूप से नियोजित हैं, इसलिए वे निष्पक्ष नहीं रह सकते. जत्थेदार ने मंत्री सोंध से एक सप्ताह के भीतर व्यक्तिगत स्पष्टीकरण देने को कहा है. गौरतलब है कि मार्च 2025 में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने ज्ञानी रघबीर सिंह और ज्ञानी सुल्तान सिंह को हटाकर गर्गज को नियुक्त किया था. पहले भी उन्होंने सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था और मुख्यमंत्री मान की “गोलक” से जुड़ी टिप्पणियों पर उन्हें चेताया था. मुख्यमंत्री मान ने गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहीदी वर्षगांठ के अवसर पर धूरी में 142 गांवों और कस्बों के विकास के लिए 71 करोड़ रुपये के चेक वितरित किए. इतना ही नहीं बल्कि 17 गांवों में 7.57 करोड़ रुपये के 38 विकास कार्यों का उद्घाटन भी किया. मुख्यमंत्री मान ने श्रद्धालुओं से 23 से 25 नवंबर तक आनंदपुर साहिब में होने वाले राज्यव्यापी स्मरणोत्सव में शामिल होने का आग्रह किया.   उन्होंने बताया कि नगर कीर्तन पंजाब के अधिकांश हिस्सों में पहुंच चुके हैं. 25 नवंबर को राज्य स्तरीय रक्तदान शिविर, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान और “सरबत दा भला – एकता” कार्यक्रम आयोजित होंगे. विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री मान ने ये भी कहा कि अकाली नेतृत्व धर्म का इस्तेमाल केवल राजनीतिक लाभ के लिए करता रहा है. उन्होंने कहा कि जब विपक्ष जनता के बीच विश्वसनीयता खो चुका है, तो सरकार की निष्ठा पर सवाल उठाना केवल पाखंड है.