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CM साय और डिप्टी सीएम ट्रेन से अंबिकापुर के लिए रवाना हुए ,आज BJP के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे

रायपुर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के मैनपाट में आज से सत्तारूढ़ भाजपा के सांसदों और विधायकों के लिए तीन-दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत होने वाली है. इसमें शामिल होने के लिए सीएम विष्णु देव साय इस बार ट्रेन से रवाना हुए. राजधानी रायपुर से अंबिकापुर के लिए रविवार की रात को ट्रेन में सवार हुए. उनके साथ डिप्टी सीएम विजय शर्मा,  सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी भी थे.  उत्साहित दिखे CM रायपुर से अंबिकापुर तक की ट्रेन यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा बेहद उत्साहित दिखे. सीएम ने कहा कि कहा ट्रेन की यात्रा हमेशा स्मृतियों को ताजा कर देती है. इस बार ट्रेन से अंबिकापुर तक जाने का फैसला भी इसीलिए ही लिया है.  ये है कार्यक्रम  बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज मैनपाट में सत्तारूढ़ भाजपा के सांसदों और विधायकों के लिए तीन-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे. सीएम ने बताया कि प्रशिक्षण सत्र के दौरान कई विषयों पर व्याख्यान होंगे.उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समापन समारोह को संबोधित करेंगे.साय ने कहा कि कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी व्याख्यान देंगे. उन्होंने कहा कि यह विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में सहायक होगा. राजधानी रायपुर से अंबिकापुर तक करेंगे रेल का सफर, ट्रेन यात्रा को लेकर उत्साहित दिखे मुख्यमंत्री, कहा – ट्रेन की यात्रा हमेशा स्मृतियों को ताजा कर देती है .सफर में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री सुनील सोनी भी मौजूद

प्रदेश में अब तक 255.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज, बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 427.4 मि.मी. वर्षा

रायपुर, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 255.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 427.4 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 84.5 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा में 228.4 मि.मी., सूरजपुर में 272.4 मि.मी., जशपुर में 393.9 मि.मी., कोरिया में 336.4 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 242.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर जिले में 418.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 202.0 मि.मी., गरियाबंद में 211.5 मि.मी., महासमुंद में 199.5 मि.मी. और धमतरी में 193.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर में 188.4 मि.मी., मुंगेली में 222.8 मि.मी., रायगढ़ में 417.1 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 297.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 323.0 मि.मी., सक्ती में 298.8 मि.मी. कोरबा में 325.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 238.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। दुर्ग जिले में 121.2 मि.मी., कबीरधाम में 143.9 मि.मी., राजनांदगांव में 109.2 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 295.3 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 132.8 मि.मी., बालोद में 171.5 मि.मी. और बस्तर जिले में 394.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। कोंडागांव में 229.3 मि.मी., कांकेर में 266.4 मि.मी., नारायणपुर में 267.2 मि.मी., दंतेवाड़ा में 368.2 मि.मी. और सुकमा में 179.1 मि.मी. और बीजपुर जिले में 398.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

यंग इंडिया के तत्वाधान में मेगा प्लेसमेंट कैंप का आयोजन

रायपुर विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर दिव्यांगजनों को रोजगार देने के उद्देश्य से यंग इंडिया के तत्वाधान में मेगा प्लेसमेंट कैंप का आयोजन करने जा रहा है. यह कैंप 7 जुलाई को शासकीय आईटीआई सड्डू रायपुर में लगेगा. विशेष रोजगार अधिकारी डॉ. शारदा वर्मा ने बताया कि प्लेसमेंट कैंप सुबह 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक आयोजित होगा. प्लेसमेंट कैंप में 20 विभिन्न निजी क्षेत्र की राइस मिल, पेट्रोल पम्प, स्पंज आयरन, वेयर हाऊस आदि प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा दिव्यांगजनों की भर्ती की जाएगी. इनका कार्यक्षेत्र उरला, सिलतरा और रायपुर शहर होगा. विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को 10 हजार से लेकर 20 हजार रुपए तक का मासिक वेतनमान दिया जाएगा. इसके अतिरिक्त दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए रोजगार संबंधी परामर्श, पंजीयन और मार्गदर्शन की भी व्यवस्था की गई है. इस अवसर का लाभ उठाने के लिए रायपुर जिले सहित आसपास के 18 से 40 वर्ष तक के योग्य दिव्यांगजन भाग ले सकते हैं. अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, रोजगार पंजीयन प्रमाण पत्र तथा दो पासपोर्ट साइज फोटो के साथ उपस्थित होना अनिवार्य होगा. इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए दिव्यांगजन कार्यालय के दूरभाष नंबर 0771-4044081 पर संपर्क कर सकते हैं.

डीजीपी नियुक्ति के बाद प्रशासनिक हलचल तेज, पुलिस विभाग में बड़े फेरबदल की तैयारी

जयपुर राजस्थान में डीजीपी पद पर आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार शर्मा की नियुक्ति के बाद अब पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार जल्द ही वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की नई पदस्थापनाएं और तबादलों की सूची को अंतिम रूप दे सकती है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और नव नियुक्त डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के बीच संभावित बैठक के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। फिलहाल राज्य में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के महानिदेशक सहित कई शीर्ष पद खाली हैं। एसीबी प्रमुख का पद लंबे समय से रिक्त है। इसके अलावा आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अन्य पदों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, जबकि 12 नवआरक्षित आईपीएस अधिकारी हैदराबाद में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और पांच अधिकारी अवकाश पर हैं। ऐसे में विभाग में कार्यभार संतुलन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। सरकार तैयार कर रही तबादला सूची राज्य सरकार रिक्त पदों को भरने और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची तैयार कर रही है। बताया जा रहा है कि सूची में अधिकारियों की विशेषज्ञता और अनुभव के आधार पर नई जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाएगा। इस फेरबदल के जरिए प्रशासनिक स्थायित्व और दक्षता को मजबूती देने की योजना बनाई गई है। नए डीजीपी से नई उम्मीदें डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस महकमे में बदलाव को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। उनके कार्यशैली को लेकर पुलिस विभाग सहित राजनीतिक गलियारों में भी उत्सुकता है। माना जा रहा है कि यह फेरबदल विभाग को नई दिशा देगा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मददगार साबित होगा। विभाग के भीतर पारदर्शी और योग्यता आधारित तबादले की मांग भी उठ रही है। ऐसे में सरकार से तेज़ और सटीक निर्णय की अपेक्षा की जा रही है। संभावित तबादला सूची पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं, जो राजस्थान पुलिस के भविष्य की दिशा और दशा तय कर सकती है।  

राजस्थान में बारिश का कहर जारी, सवाई माधोपुर में बाढ़ जैसे हालात

जयपुर राजस्थान में मानसून का दौर लगातार जारी है। सोमवार को भी प्रदेश के 29 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बीते 24 घंटे में सवाई माधोपुर, टोंक, सीकर, नागौर, जयपुर, अजमेर समेत कई जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सबसे ज्यादा बारिश सवाई माधोपुर में प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में दर्ज की गई, जहां 214 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा सवाई माधोपुर शहर में 124 मिमी, बौंली में 130 मिमी, मित्रपुरा में 50 मिमी, खंडार और मलारना डूंगर क्षेत्र में 44 मिमी बारिश दर्ज की गई। चौथ का बरवाड़ा में जलभराव के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। यहां तक कि कलेक्ट्रेट ऑफिस में भी पानी भर गया। राजधानी जयपुर सहित अन्य जिलों में भी तेज बारिश जयपुर, सीकर, टोंक, भीलवाड़ा, बूंदी, झुंझुनूं सहित अन्य जिलों में 1 से 2 इंच तक वर्षा हुई। बीसलपुर बांध, जो जयपुर को पानी सप्लाई करता है, उसका जलस्तर बढ़कर 313.74 मीटर हो गया है और त्रिवेणी नदी से लगातार पानी की आवक हो रही है। राज्य में अब तक सामान्य से 137 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। 1 जून से 4 जुलाई तक प्रदेश में औसतन 70.5 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक 167.1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भी कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

सीजीपीएससी और व्यावसायिक परीक्षा मंडल की सभी भर्ती परीक्षाओं में आवेदकों को करवाना होगा आधार कार्ड से ई-केवाईसी

रायपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) और व्यावसायिक परीक्षा मंडल(व्यापमं) की तरफ से होने वाली भर्ती परीक्षाओं के लिए अब आधार कार्ड के जरिए ई-केवाईसी करवान अनिवार्य होगा। राज्य शासन की तरफ से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। बता दें कि परीक्षाओं में होने वाले फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है। प्रदेश में सीजीपीएससी और व्यापमं ही सबसे ज्यादा भर्ती परीक्षाएं करवाते हैं। भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन करने के समय ही अभ्यर्थी को आधार कार्ड के माध्यम से ई-केवाईसी करवान होगा। परीक्षा केंद्र में आधार कार्ड से मिलान होने के बाद ही अभ्यर्थी को परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी। परीक्षाओं में कई बार अभ्यर्थी की जगह दूसरा व्यक्ति बैठकर परीक्षा देता है। ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए यह व्यवस्था बनाई जा रही है। इंजीनियरिंग और मेडिकल के लिए होने वाली जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं में यह व्यवस्था लागू है। इसमें फर्जीवाड़ा होने की संभावनाएं बिल्कुल नहीं रहती है। आवेदन करने के समय ई-केवाईसी करने से अभ्यर्थी का पूरा डेटा पीएससी और व्यापमं के पास पहुंच जाएगा। परीक्षा केंद्रों में थंब लगवाकर पूरी जानकारी का होगा मिलान परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थी से थंब लगवाया जाएगा। थंब लगाते ही अभ्यर्थी का पूरा डेटा दिख जाएगा। इसमें अभ्यर्थी की फोटो भी दिखेगी, साथ ही पूरा डिटेल रहेगा। जिससे अभ्यर्थी की पहचान की जा सकेगी। डेटा मिलान के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने दिया जाएगा। बता दें कि, राज्य की प्रमुख प्रशासनिक सेवाओं में भर्ती के लिए सीजीपीएससी की ओर से हर साल परीक्षा आयोजिक करवाई जाती है। जो कि 3 चरणों में आयोजित होती है। प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू। तीनों चरणों की परीक्षा पास करने के बाद अभ्यार्थी राज्य सेवा में एसडीएम और डीएसपी सहित अन्य पद पर नियुक्त होता है।

राजस्थान में प्रशासनिक प्रक्रियाओं में राहत, टेंडर के बाद वित्तीय स्वीकृति के लिए नहीं भेजना होगा प्रस्ताव

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार आमजन को भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी सुशासन देने के लिए कृत संकल्पित है। विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक त्वरित रूप से पहुंचे, इसके लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। इसी नीति के तहत मुख्यमंत्री के निर्देश पर विकास कार्यों में तेजी लाने तथा प्रक्रिया में लगने वाले समय को न्यूनतम करने के लिए राज्य में अब नई व्यवस्था लागू की गई है। टेंडर के बाद प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के लिए कार्यकारी विभाग द्वारा वित्त विभाग को फाइल भेजने की व्यवस्था अब समाप्त कर दी गई है। गत सरकार के समय शुरू हुई इस प्रक्रिया के कारण विकास कार्यों के शुरू होने में अनावश्यक विलंब हो रहा था। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राज्य में यह नई व्यवस्था लागू की गई है। विकास कार्यों की घोषणा कर धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करने में जानबूझ कर देरी करने की नीयत से गत सरकार के समय व्यवस्था की गई कि कार्यकारी विभाग जब कार्य की स्वीकृति के प्रस्ताव के साथ वित्त विभाग को भिजवाता था, तब वित्त विभाग इस स्वीकृति के बजाय कार्य की केवल सैद्धांतिक स्वीकृति देता था। इसके बाद प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के लिए संबंधित कार्यकारी विभाग को प्रस्ताव पुनः वित्त विभाग को भेजना पड़ता था। इस दोहरी प्रक्रिया में 15 से 30 दिन का अतिरिक्त समय लग रहा था। इससे एक ओर विकास कार्य की लागत बढ़ रही थी, वहीं दूसरी ओर आमजन को इनका समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा इस व्यवस्था में सुधार के निर्देशानुसार प्रक्रिया में संशोधन कर इसे प्रभावी बना दिया गया है। अब कार्यकारी विभाग से प्राप्त प्रस्ताव वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत होते ही निविदा उपरान्त कार्यादेश जारी करने के लिए कार्यकारी विभाग को ही सक्षम बना दिया गया है। कार्यकारी विभाग निविदा के उपरांत कार्यादेश राशि के आधार पर प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृत राशि को स्वयं ही पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। अतः प्रक्रिया के दूसरे चरण में पत्रावली वित्त विभाग को प्रेषित करने की आवश्यकता नही रहेगी। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से विकास कार्यों में तेजी आएगी और निर्धारित समय सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ विकास कार्य करवाने का राज्य सरकार का संकल्प धरातल पर साकार हो सकेगा।

यात्रियों के लिए जरूरी सूचना: कांवड़ यात्रा में पश्चिम यूपी के रूट में बदलाव, 10 जुलाई से डायवर्जन लागू

सहारनपुर यूपी में कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड़ में आ गया है। इसके तहत पश्चिम यूपी में सुरक्षा की व्यू रचना तैयार कर ली है। सहारनपुर में जिलाधिकारी और एसएसपी ने पैदल मार्च किया। दोनों अधिकारियों ने खामियां मिलने पर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। इसके साथ ही दस जुलाई से रूट डायवर्जन प्लान भी लागू हो जाएगा। शनिवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल और एसएसपी आशीष तिवारी ने घंटाघर से नेहरू मार्केट, श्रीराम चौक, चौकी सराय, शहीदगंज बाजार, दाल मंडी पुल, अरबी मदरसा सहित अनेक इलाकों में पुलिस-फोर्स के साथ पैदल मार्च किया। दोनों अधिकारियों ने मुहर्रम के तहत चल रहे जुलूस के मार्ग भी देखे। इसके साथ ही घंटाघर पर अंबाला रोड और देहरादून रोड (कांवड़ मार्ग) की व्यवस्था देखी। जिलाधिकारी और एसएसपी ने अधीनस्थों को खामियों को दूर करने के निर्देश दिए। वहीं, कांवड़ मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। एसएसपी आशीष तिवारी ने डायल 112 पर तैनात पुलिसकर्मियों की बैठक ली। एसएसपी आशीष तिवारी ने कहा कि सूचना मिलते ही तत्काल प्रभाव से पुलिस मौके पर पहुंचे। अंतिम चरण में डायवर्जन थाना गागलहेड़ी क्षेत्र के काली नदी से सरसावा बाईपास कांवड़ मार्ग है। यहां पर डाक कांवड़ सबसे अधिक गुजरती हैं, इसलिए सभी वाहनों को प्रतिबंध किया जाएगा। आटो, ई-रिक्शा, बाइक को भी बंद किया जाएगा। इनके जाने के लिए घंटाघर चौक, आंबेड़कर चौक, दर्पण तिराहे वाले रास्ते खुल रहेंगे। कांवड़ यात्रा मार्ग पर क्रास करने वाले बिंदु आंबेडकर चौक, घंटाघर और दर्पण तिराहा बस स्टैंड की व्यवस्था – 11 जुलाई से 24 जुलाई तक देहरादून रोडवेज बस स्टैंड से हरिद्वार, देहरादून, मेरठ, दिल्ली जाने वाली बसें कांशीराम अस्थायी बस स्टैंड से संचालित होंगी, जिन्हें दिल्ली रोड से चुनहेटी कट से बाईपास होते हुए चलाया जाएगा। – 11 जुलाई से 24 जुलाई तक हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, गंगोह, नकुड़ जाने वाली रोडवेज बसें मानकमऊ बस स्टैंड से कुम्हारहेड़ा कट से बाईपास होते हुए संचालित होंगी। कांवड़ यात्र के दौरान यह रहेगी यातायात व्यवस्था – सहारनपुर से गाजियाबाद, दिल्ली जाने वाले वाहन अंबाला-देहरादून बाईपास से संचालित होकर सरसावा चौकी, शाहजहांपुर, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत होकर जाएंगे। इसी मार्ग से वापसी होगी। – सहारनपुर से दिल्ली, गाजियाबाद जाने वाली हल्के वाहन गागलहेड़ी, नागल, देवबंद, रोहाना कलां होकर चलेंगे। – सहारनपुर से मुजफ्फरनगर की तरफ जाने वाले हल्के वाहनों को सहारनपुर बाईपास से कोलकी कट, नागल, रोहाना कलां से होकर निकाला जाएगा। – सहारनपुर से यमुनानगर, अंबाला जाने वाले भारी वाहनों को बाईपास से सरसावा चौकी, शाहजहांपुर, यमुनानगर से निकाला जाएगा। इसी मार्ग से वापस होंगे। – सहारनपुर से हरिद्वार जाने वाले भारी वाहन 11 से 17 जुलाई तक सहारनपुर बाईपास से गागलहेड़ी, छुटमलपुर, भगवानपुर, रुड़की होकर जाएंगे। इसके बाद भारी वाहन 18 से 24 जुलाई तक सहारनपुर बाईपास से गागलहेड़ी, छुटमलपुर, चौकी मोहंड, आशारोड़ी चौकी, देहरादून, हरिद्वार निकलेंगे। इसी मार्ग से वापस होंगे। – सहारनपुर से देहरादून जाने वाले भारी वाहन देहरादून बाईपास (देहरादून-अंबाला हाईवे) से गागलहेड़ी, छुटमलपुर, मोहंड चौकी, आशारोड़ी चौकी होकर जाएंगे। – सहारनपुर से शामली की ओर जाने वाले भारी वाहन रामपुर मनिहारान, नानौता, जलालाबाद होकर जाएंगे। हल्के वाहन भी इसी मार्ग से चलेंगे। – यमुनानगर की ओर से आने वाले वाहन शाहजहांपुर से चिलकाना मोड, दुमझेड़ा, बेहट, कलसिया, मुजफ्फराबाद, छुटमलपुर होते हुए भगवानपुर उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करेंगे। इसी मार्ग से वापसी होंगे।  

महानदी उफान पर, हीराकुद बांध के खुले 12 गेट

संबलपुर लगातार बारिश और छत्तीसगढ़ से बढ़ते जल प्रवाह के कारण, हीराकुद बांध के अधिकारियों ने रविवार को जलाशय के बढ़ते जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए इस मौसम का पहला बाढ़ का पानी छोड़ना शुरू किया. सुबह स्लुइस गेट नंबर 7 को खोलकर पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसके बाद अतिरिक्त पानी निकालने के लिए कुल 12 गेट खोल दिए गए. बांध के नियंत्रण कक्ष के अनुसार, सुबह 9 बजे जल स्तर 609.54 फीट दर्ज किया गया. उस समय जलाशय में 1,30,028 क्यूसेक पानी आ रहा था, जबकि 38,164 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था. इस कुल डिस्चार्ज में से 34,313 क्यूसेक पानी से बिजली उत्पादन हेतु पावर चैनल के माध्यम से डायवर्ट किया गया, 3,223 क्यूसेक पानी सिंचाई के लिए तथा 234 क्यूसेक पानी औद्योगिक इकाइयों को आपूर्ति के लिए दिया गया. अधिकारियों के अनुसार, सिंचाई हेतु पानी बरगढ़ मुख्य नहर (2,755 क्यूसेक), सासन मुख्य नहर (400 क्यूसेक) और संबलपुर डिस्ट्रीब्यूटरी (68 क्यूसेक) में भेजा गया. जलाशय में बढ़ते जल प्रवाह का एक आंशिक कारण छत्तीसगढ़ स्थित कलमा बैराज के सभी 46 गेटों का हालिया रूप से खोला जाना भी है, जिससे महानदी नदी प्रणाली में जल स्तर में तेजी से वृद्धि हुई है. तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो पिछले वर्ष हीराकुद बांध से पहली बार बाढ़ का पानी 28 जुलाई को छोड़ा गया था, जब जलाशय का जल स्तर 617.29 फीट तक पहुंच गया था.

OBC को 27% आरक्षण पर सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान, जल्द लेगी सरकार ऐतिहासिक फैसला

भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार OBC के लिए 27% आरक्षण लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। पहले यह घोषणा बिना सर्वे और तैयारी के की गई थी, इसलिए इसमें देरी हुई। अब अधिकारियों को कहा गया है कि वे तथ्यों और डेटा के आधार पर विधानसभा के लिए एक बिल बनाएं। मुख्यमंत्री यादव ने यह बात समन्वय भवन में मीडिया से बात करते हुए कही। EWS के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण उन्होंने यह भी कहा कि सरकार EWS के लिए 10% आरक्षण लागू कर रही है। साथ ही, कोर्ट के कारण जिन छात्रों को नियुक्ति नहीं मिल पाई, उन्हें अब नियुक्ति मिलेगी। सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रमोशन के मामले भी सुलझा लिए हैं। PM मोदी की पहल के बाद जाति-आधारित जनगणना भी शुरू हो गई है। मूंग की MSP को लेकर शिवराज सिंह को भी लिखा है पत्र मुख्यमंत्री यादव ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मूंग का कम से कम 40% उत्पादन MSP पर खरीदने का लक्ष्य रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन मूंग का MSP 8,682 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इस साल मूंग की खेती का रकबा भी बढ़ा है। राज्य का सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा चंबल ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के बारे में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि यह जल्द ही राज्य का सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन न बेचने की अपील की, क्योंकि यहां तेजी से औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर आने वाले हैं। उन्होंने ग्वालियर में 265.56 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि जौरासी गांव में 8 करोड़ रुपये की लागत से डॉ. अंबेडकर धाम बनाया जा रहा है।