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सुरक्षा और सफाई दोनों पर नजर: रायगढ़ में CCTV कैमरे लगाए गए

रायगढ़ रायगढ़ शहर के मुख्य मार्गों और चौक-चौराहों पर लगे सरकारी और निजी सीसीटीवी कैमरे अब केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि स्वच्छता की निगरानी भी कर रहे हैं। नगर निगम प्रशासन ने सड़क किनारे कचरा फेंकने वालों पर नियंत्रण पाने के लिए यह पहल की है। इसके तहत नगर निगम इन कैमरों के फुटेज के आधार पर कचरा फेंकने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन पर जुर्माना लगा रहा है। हाल ही में आलोक सिटी माल और होटल एकार्ड प्रीमियम जैसे प्रतिष्ठानों सहित एक व्यक्ति को कैमरे द्वारा पकड़े जाने पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना चुकाना पड़ा है। नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने बताया कि शहर के विभिन्न मार्गों पर कचरा फेंका जा रहा था। इसे रोकने के लिए समझाइश दी गई और कई स्थानों पर रंगोली, गमले और गार्बेज फ्री केंद्र बनाए गए। इसके बावजूद लोग सड़क पर कचरा फेंकना नहीं छोड़ रहे थे। इस समस्या के समाधान के लिए सीसीटीवी फुटेज का उपयोग कर कचरा फेंकने वालों की पहचान की गई है। इस पहल के तहत बुधवार से अब तक तीन व्यक्तियों से कुल 15 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। आयुक्त ने कहा कि शहर के मुख्य मार्गों और चौक-चौराहों पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अब नगर निगम प्रशासन इन कैमरों का उपयोग स्वच्छता की निगरानी में भी कर रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण में लंबी छलांग भारत सरकार द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में तीन लाख तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायगढ़ को 56वां स्थान मिला है। यह पिछले साल की तुलना में एक सुधार है, जिसमें शहर को 95वां स्थान मिला था। रैंकिंग में बेहतर नंबर की वजह नगर निगम का सफाई व्यवस्था पर बेहतर काम करना, चौक-चौराहों की रंगाई-पुताई के साथ कई आकर्षक कलात्मक कार्यों से स्वच्छता का संदेश देना रहा।  

सुकमा मुठभेड़ में माओवादियों को बड़ा झटका, स्नाइपर स्पेशलिस्ट सहित तीन ढेर

सुकमा  सुकमा जिले के भेज्जी–चिंतागुफा सीमावर्ती तुमालपाड़ जंगल में रविवार सुबह डीआरजी (जिला रिजर्व गर्द) टीम और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 15 लाख के इनामी तीन माओवादियों को मार गिराया है। इनमें कुख्यात जनमिलिशिया कमांडर और स्नाइपर स्पेशलिस्ट माड़वी देवा भी शामिल है। मुठभेड़ स्थल से 303 राइफल, बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लांचर्स) और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया है। मारे गए माओवादियों के नाम माड़वी देवा जो जनमिलिसिया कमांडर स्नाइपर स्पेशलिस्ट एरिया कमेटी सदस्य था। पोड़ियम गंगी, सीएनएम कमांडर और सोड़ी गंगी, किस्टाराम की एरिया कमेटी सदस्य (इंचार्ज सचिव) है। 9 जून को आईईडी की चपेट में आने से एएसपी आकाश राव शहीद हो गए थे, आज मुठभेड़ में मारा गया माड़वी देवा उस घटना का मास्टर माइंड था। खबर की पुष्टि करते हुए एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि जवान मौके पर मौजूद है और हम उनके संपर्क में है। जानकारी के मुताबिक जिले के चिंतागुफा और भेज्जी थानाक्षेत्र के कारीगुंडम इलाके में आज सुबह डीआरजी जवानों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई है। बताया जाता है कि जवान जब सर्चिंग करते हुए उस इलाके में पहुंचे तो घात लगाए बैठे माओवादियों ने हमला कर दिया उधर जवानों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कारवाई की। इस मुठभेड़ में एसीएम रैंक के तीन नक्सली मारे जाने की खबर है और हथियार भी बरामद हुए। फिलहाल मुठभेड़ रुक गई है और जवान इलाके को सर्चिंग कर रहे है। जैसे ही जवान वापस लौटेंगे तब पूरी जानकारी मिल पाएगी। कुल 450 माओवादी मारे गए मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) द्वारा व्यापक सर्चिंग की जा रही है। बस्तर रेंज के आइजीपी सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि बस्तर में माओवाद अब अंतिम चरण में है और पिछले दो वर्ष में विभिन्न स्तरों के कुल 450 माओवादी मारे जाने ने संगठन की कमजोरी स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि अब माओवादी कैडरों के पास हिंसा छोड़कर पुनर्वास नीति अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। बीजापुर में मारे गए थे 6 माओवादी सुकमा और बीजापुर दोनों जिलों में पिछले एक सप्ताह में लगातार मुठभेड़ हुई हैं। पिछले मंगलवार को बीजापुर में छह माओवादी मारे गए थे। पिछले दो साल में बस्तर संभाग में 447 माओवादी मारे जा चुके हैं, जिनमें कई बड़े कैडर और शीर्ष रैंक के नेता भी शामिल हैं। लगातार कार्रवाई से माओवादियों की गतिविधियों पर बड़ी रोक लगी है और संगठन पर दबाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

नीतीश कुमार पर उपेंद्र कुशवाहा का बयान: ‘CM थे, हैं और रहेंगे’

 पटना बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर बैठकों और मुलाकातों का दौर जारी है। रालोमो सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की है। मुख्यमंत्री आवास से बाहर आने के बाद मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे। इसमें कहां कोई दुविधा है। पहले से ही बिल्कुल क्लियर है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार थे, हैं और आगे भी रहेंगे। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को सोमवार को पटना बुलाया है। ऐसी संभावना है कि कल शाम विधायत दल की बैठक के बाद शपथ की तारीख तय की जा सकती है तो वहीं मंत्रियों के नामों पर भी चर्चा संभव है। इधर सीएम से मिलने के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने यह भी कहा कि सब बहुत जल्द ही तय हो जाएगा और 2-4 दिन के अंदर ही सरकार गठन हो सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एकदम ठीक हैं और वो सभी चीजों को खुद ही देख रहे हैं। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में मिली प्रचंड जीत के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) अब सरकार गठन की तैयारियों में जुट गया है। इससे पहे शनिवार को गठबंधन दलों के नेता मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात के लिए एक-एक कर यहां उनके सरकारी आवास पहुंचे। इनमें केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी शामिल रहे, जो इस संभावना से उत्साहित हैं कि उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) भी राज्य सरकार का हिस्सा हो सकती है। चिराग पासवान ने पत्रकारों से कहा, “मैंने नीतीश कुमार जी को विजय की बधाई दी। राजग की इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि हमारे बीच किसी तरह का मतभेद नहीं था। चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री ने उन सीट पर भी प्रचार किया जहां हमारे प्रत्याशी थे। हमने भी में जदयू प्रत्याशी का समर्थन किया, जो हमारा गृह क्षेत्र माना जाता है।” राजग के अन्य सहयोगी, हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के नेता संतोष कुमार सुमन ने भी कहा कि नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री बने रहना चाहिए। संतोष कुमार सुमन केंद्रीय मंत्री और गया से सांसद जीतन राम मांझी के पुत्र हैं। जदयू प्रमुख से मुलाकात के बाद सुमन ने कहा, “मेरा मानना है कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री रहेंगे। अगले दो-तीन दिनों में सब तय हो जाएगा।” मुख्यमंत्री निवास पहुंचने वालों में भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव भी शामिल थे, जिनकी राजनीतिक वापसी इस बार दानापुर विधानसभा सीट से जीत के साथ हुई है।  

कार चोरों का दुस्साहस: ACP ऑफिस के पास से गाड़ी उड़ा कर उपाध्यक्ष को घायल किया

इंदौर अन्नपूर्णा एसीपी(ACP) कार्यालय से मात्र 200 मीटर दूर शुक्रवार शाम साढ़े सात बजे बदमाशों ने बिल्डर की कार चुरा ली। रहवासी संघ उपाध्यक्ष ने बदमाशों को रोकने की कोशिश की, मगर टक्कर मारकर भाग गए। फिर चौराहा पर भी स्कूटर सवारों को चपेट में लिया और कार लेकर फरार हो गए। चोरों ने दोबारा रिवर्स लेकर रौंदने का प्रयास किया घटना क्रांति कृपलानी नगर की है। रहवासी राजेंद्र सचदेवा के अनुसार बिल्डर कमल परियानी की कार घर के बाहर खड़ी थी। तभी दो बदमाशों ने लाक खोला व कार स्टार्ट कर ली। जीपीएस का नोटिफिकेशन मिलने पर कमल चौंके और पत्नी को सूचना दी। रहवासी संघ उपाध्यक्ष अशोक सचदेवा को भी अलर्ट कर दिया। स्कूटर सवारों को रौंदने का प्रयास वहीं बेखौफ बदमाशों में चाणक्यपुरी चौराहा पर भी एक घटना को अंजाम दिया। राजेंद्र सचदेवा के अनुसार, बदमाश चाणक्यपुरी चौराहा पहुंचे और दो स्कूटर सवारों को टक्कर मार दी। कार में जीपीएस था। आरोपित केसरबाग रोड, चोइथराम सब्जी मंडी से तिलकनगर पहुंच गए। आगे जाकर कार लावारिस छोड़ दी और फरार हो गए। अन्नपूर्णा पुलिस ने अभी केस दर्ज नहीं किया है।

लालू परिवार में उथल-पुथल: तेजप्रताप को बाहर किया, अब रोहिणी पर फेंकी चप्पल

पटना बिहार चुनाव में राजद की करारी हार के बाद लालू प्रसाद यादव का परिवार एक बार फिर सुर्खियों में है। परिवार और पार्टी से निकाले जाने के बाद लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अलग पार्टी बनाकर चुनाव मैदान में कूदे। वहीं अब उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने राजनीति से संन्यास लेकर परिवार से दूरी की घोषणा कर दी है। दोनों घटनाओं में एक बात समानता है। लालू-राबड़ी के दोनों संतानों ने तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव और रमीज पर इसका ठीकरा फोड़ा है। तेजप्रताप यादव ने तो तेजस्वी के इन करीबियों को जयचंद तक कहा और धोखा देने का आरोप लगाया। बिहार में चुनाव अभियान शुरू होते ही तेजप्रताप यादव ने पारिवारिक और सियाली मतभेदों के बीच अपनी अलग पार्टी बना ली। यह फैसला राजद की एकजुटता पर बड़ा सवाल था। हालांकि राजद ने इसे व्यक्तिगत निर्णय बताया, लेकिन यह स्पष्ट था कि पार्टी नेतृत्व खासकर तेजस्वी यादव अपने बड़े भाई को साथ रखने में असफल रहे। रोहिणी की विदाई, नए संकट की दस्तक चुनाव परिणाम आने के 24 घंटे के भीतर रोहिणी आचार्य ने राजनीति और परिवार दोनों से दूरी की घोषणा कर दी। उन्होंने अपने पोस्ट में तेजस्वी के करीब माने जाने वाले संजय यादव और रमीज नेमत का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हीं दोनों की वजह से वह परिवार से बाहर कर दी गईं। रोहिणी ने तो यहां तक कहा कि अगर इनसे राजद की हार पर सवाल पूछे जाएंगे तो उन्हें चप्पल से पीटा जा सकता है। पटना एयरपोर्ट पर रोहिणी ने मीडिया से कहा, “अब मेरा कोई परिवार नहीं है। तेजस्वी, संजय यादव और रमीज से पूछिए। उन्होंने ही मुझे अपमानित कर घर से निकाला।” रोहिणी पर फेंकी चप्पल आज भी उन्होंने एक पोस्ट कर हमला किया है। रोहिणी लिखती हैं, 'कल एक बेटी, एक बहन , एक शादीशुदा महिला और एक मां को जलील किया गया। गंदी गालियां दी गईं। मारने के लिए चप्पल उठाया गया। मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया। सच का समर्पण नहीं किया। सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी। कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए माँ-बाप और बहनों को छोड़ आयी। मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया। मुझे अनाथ बना दिया गया। आप सब मेरे रास्ते कभी ना चलें। किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी या बहन पैदा ना हो।' तेजस्वी यादव पिछले एक दशक से राजद की मुख्य नेतृत्व शक्ति बने हुए हैं। लेकिन जैसे-जैसे उनका राजनीतिक कद बढ़ा, परिवार के भीतर असहमति भी बढ़ती दिखी। तेज प्रताप अलग रास्ते पर निकल पड़े हैं। लालू यादव भी सक्रिय राजनीति में नहीं हैं। मीसा भारती पहले ही सक्रिय राजनीति में चुनौतियों का सामना कर रही हैं। अब रोहिणी ने भी परिवार और पार्टी का साथ छोड़ दिया है। आपको बता दें कि इस विधानसभा चुनाव में राजद का काफी खराब प्रदर्शन रहा। लालू यादव की पार्टी की सीटें 75 से घटकर 25 रह गईं। हार के बाद तेजस्वी पर सवाल बढ़ रहे हैं। हालांकि वह अब तक मीडिया के सामने नहीं आए हैं। ऐसे माहौल में रोहिणी की नाराजगी परिवार की अंदरूनी दरारों को और उजागर कर देती है।  

योगी सरकार का कड़ा कदम: आधुनिक वज्र वाहनों से बढ़ेगी यूपी पुलिस की ताकत

लखनऊ योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ी सौगात देते हुए दंगा नियंत्रण के लिए 9.70 करोड़ रुपये के वज्र वाहनों की खरीद को मंजूरी दी है। इसके तहत संवेदनशील शहरों में वज्र वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि किसी आपात स्थिति में पुलिस प्रभावी नियंत्रण कर सके। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि कई मौकों पर प्रदेश में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के सामने कड़ी चुनौती होती है। लेकिन अब कैबिनेट ने वज्र वाहनों की खरीद के लिए 9.70 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान करके इस चुनौती से निपटने का प्रयास किया है। बता दें कि पिछले साल भी उत्तर प्रदेश पुलिस को 41 दंगा नियंत्रण वाहनों के लिए बजट स्वीकृत किया गया था।   कैबिनेट की तरफ से कौन-कौन से प्रस्ताव पास हुए? -निदेशक, सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा निदेशालय का त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2019-20 को राज्य विधान मंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाना। -राज्य संपत्ति विभाग के स्टाफ पूल के नीलाम किए गये 14 वाहन के बदले 14 नये वाहनों की खरीद।

एसआईआर में आपके मन के सभी कन्फ्यूज़न दूर—यहाँ मिलेंगे सरल जवाब

एसआईआर के दौरान मन में उठने वाले सवालों के समझिए आसान जवाब भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में चल रही है मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया भोपाल भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। 4 नवंबर से बीएलओ मतदाताओं के घर घर जाकर गणना पत्रक का वितरण कर रहे हैं। एसआईआर को लेकर मतदाताओं के मन में कई सवालों को लेकर असमंजस की स्थिति भी है। जानिए मतदाताओं के मन में उठने वाले सवालों का आसान जवाब सवाल और उनके जवाब प्रश्न 1- क्या गणना अवधि में गणना पत्रक के साथ कोई दस्तावेज निर्वाचक से लेना है ? उत्तर – गणना अवधि में बीएलओ द्वारा कोई दस्तावेज निर्वाचन से प्राप्त नहीं किया जाएगा। प्रश्न 2 – यदि कोई निर्वाचक अपना फार्म किन्हीं कारणों से प्रस्तुत नहीं कर पाता है तो उसको निर्वाचक नामावली में नाम जोड़ने के लिए क्या विकल्प हैं? उत्तर-   ऐसे व्यक्ति प्रारूप 6 में घोषणा पत्र के साथ अपना आवेदन नाम जोड़ने के लिए प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रश्न 3 अजिन निर्वाचकों का गणना फार्म प्राप्त नहीं होगा उनका नाम प्रारूप निर्वाचक नामावली में सम्मिलित होगा या नहीं तथा इसकी जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध होगी या नहीं? उत्तर  जिन निर्वाचकों का गणना पत्रक प्राप्त नहीं होगा उन्हें एब्सेंट/ शिफ्टेड / डेड/ रिपीटेड के रूप में बीएलओ द्वारा पड़ोसी से जांच कर चिंहांकित कर सूचीबद्ध किया जाएगा तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश की वेबसाइट पर प्रारूप निर्वाचक नामावली प्रकाशन के समय ही प्रदर्शित किया जाएगा। बीएलओ यह सूची अनिवार्यत: बनाएंगे तथा बीएलओ एप पर भी इसकी प्रविष्टि करेंगे। प्रश्न 4 क्या घर-घर जाकर गणना के समय कोई भी नए इलेक्टर के रूप में अपना नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकता है? उत्तर – हां कर सकता है उसे प्रारूप 6 के साथ घोषणा फॉर्म भरना होगा। प्रश्न 5 1 अप्रैल 1 जुलाई तथा 1 अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि में अग्रिम आवेदन प्राप्त किया जा सकते हैं ? उत्तर -हां प्रश्न 6 गणना अवधि में बीएलओ के मुख्य कार्य क्या हैं? उत्तर -गणना पत्रकों का वितरण -पूर्व एसआईआर से लिंकिंग का कार्य                     भरे हुए प्रपत्रों के संग्रहण का कार्य                     गणना पत्रक पर पिछले एस आई आर मतदाता सूची से सत्यापन का कार्य                     बीएलओ एप में गणना पत्रक से प्रविष्टि का कार्य                     एब्सेंट/ शिफ्टेड / डेथ/ रिपीटेड अंकित करने का कार्य                     समस्त भरे हुए गणना पत्रक एआरओ को सौंपने का कार्य। प्रश्न 7 बीएलओ गणना प्रपत्र में कितनी प्रति में प्राप्त करेगा? उत्तर-   बीएलओ गणना प्रपत्र दो प्रतियों में निर्वाचक  को प्रदान करेगा जिसकी एक प्रति प्राप्त करते हुए दूसरी प्रति पर निर्वाचक को पावती देगा अर्थात एक प्रति बीएलओ के पास तथा एक प्रति निर्वाचक के पास रहेगी। प्रश्न 8 यदि किसी निर्वाचक द्वारा ऑनलाइन गणना पत्रक प्रस्तुत किया है तो उसका वेरिफिकेशन कौन करेगा? उत्तर -निर्वाचन द्वारा भरे गए ऑनलाइन गणना पत्रक सीधे बीएलओ ऐप में लिंकिंग सहित प्रदर्शित होते हैं अतः बीएलओ द्वारा घर-घर विजिट के दौरान उसका सत्यापन अंकित किया जाएगा। प्रश्न 9 बीएलओ पूर्व एसआईआर की निर्वाचक नामावली से लिंकिंग के अतिरिक्त भी अन्य दस्तावेजों की घर-घर जांच विजिट के दौरान करेंगे? उत्तर -नहीं केवल पूर्व एस आई आर के निर्वाचक नामावली से जांच कर सत्यापन करना है। प्रश्न 10 -क्या घर-घर गणना विजिट के दौरान कोई नोटिस दिया जाना है? उत्तर -गणना विजिट के  दौरान कोई नोटिस नहीं दिया जाना है। प्रश्न 11-किसी निर्वाचक की मृत्यु हो गयी है तो क्या उसका मृत्यु प्रमाण पत्र परिवार से ले सकते हैं? उत्तर -हां। प्रश्न 12 किसी निर्वाचक का नाम पूर्व की एसआईआर की मतदाता सूची में है अथवा नहीं है तो उसका प्रपत्र में लिंकिंग किस प्रकार अंकित की जाएगी? उत्तर -1 पिछले एसआईआर की मतदाता सूची में मतदाता का विवरण उपलब्ध होने पर तीसरी सारणी के बाएं भाग "एसआईआर  की मतदाता सूची में मतदाता का विवरण" में चाहा गया विवरण अंकित किया जाएगा इसमें प्रविष्टि वही होगी जो पूर्व एस आई आर की नामावली में अंकित है।  2- यदि निर्वाचक का नाम पिछले एसआईआर की मतदाता सूची में अंकित नहीं है तथा उसके पिता /माता /दादा/ दादी जो पूर्व एस आई आर की निर्वाचक नामावली में उपलब्ध हो का विवरण पूर्व की एस आई आर की निर्वाचक की नामावली में अंकित किया जाएगा। प्रश्न 13 -किसी निर्वाचक द्वारा अपूर्ण फॉर्म भरा जाता है या लिंकिंग की जानकारी सत्यापित नहीं होती है तो उसका हस्ताक्षर/ अंगूठे के निशान वाला फार्म प्राप्त किया जाना है या अथवा नहीं ? उत्तर -किसी भी निर्वाचन का हस्ताक्षर/ अंगूठे के निशान वाला फॉर्म अनिवार्यतः प्राप्त किया जाना है ।संवीक्षा की कार्यवाही प्रारूप प्रकाशन के उपरांत की जाएगी। प्रश्न 14 -किसी निर्वाचक द्वारा अपूर्ण फॉर्म भरा जाता है या लिंकिंग की जानकारी सत्यापित नहीं होती है तथा फार्म प्राप्त होने पर क्या प्रविष्टि प्रारूप निर्वाचक नामावली में शामिल होगी? उत्तर -हां प्रारूप निर्वाचक नामावली में शामिल होगी।

किसानों के लिए खुशखबरी: MP के तीन जिलों में घर तक खाद डिलीवरी सेवा शुरू

विदिशा ई-टोकन उर्वरक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अब किसानों को एक और सुविधा मिलने जा रही है। खाद की बुकिंग के दौरान ही किसान अब होम डिलीवरी के लिए भी बुकिंग कर सकेंगे। इसके लिए किसान से न्यूनतम किराया लिया जाएगा। हालांकि यह व्यवस्था फिलहाल डबल लॉक केन्द्र के पांच किलोमीटर क्षेत्र के गांव तक उपलब्ध कराई जाएगी। बता दें कि पायलेट प्रोजेक्ट के तहत विदिशा के अलावा शाजापुर और जबलपुर इन तीन जिलों में होम डिलीवरी की सुविधा शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए डबल लॉक केन्द्रों के पांच किलोमीटर क्षेत्र के गांवों को चिहिंत किया जा रहा है जहां यह सुविधा शुरू की जानी है। यह सुविधा शुरू होने से छोटे सीमांत किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जिनके पास ट्रैक्टर-ट्रॉली आदि वाहन नहीं होते। उन्हें फिलहाल किराये से वाहन करके खाद अपने गांव तक ले लाना पड़ता हैं।   किसानों को मिलेगी महंगे किराए से मुक्ति कई बार वाहन नहीं मिलने से भी उन्हें परेशान होना पड़ता है या वाहन चालक को मनमाफिक किराया देना पड़ता है। वर्तमान में पांच किलोमीटर दूर तक खाद की बोरियां पहुंचाने के लिए ऑटो चालक 500 रुपये तक किराया वसूलते हैं। यदि किसी सीमांत किसान को कम खाद ले जाना है तो उन्हें किराया भाड़ा महंगा पड़ जाता है। योजना लागू होने से इन सीमांत किसानों को सबसे ज्यादा लाभ होगा। वहीं उनके समय की भी बचत होगी। योजना सफल रही तो हो सकती है प्रदेश में लागू फिलहाल प्रदेश के तीनों जिलों के एक-एक केन्द्र पर योजना शुरू करने की तैयारी चल रही है। विदिशा मुख्यालय पर रामलीला मैदान के पास स्थित डबल लॉक केन्द्र के आसपास आठ गांव चिन्हित किए गए हैं। यदि सब कुछ ठीक रहा और योजना सफल रही हो आगे इसे प्रदेश भर में लागू किया जा सकता है। कृषि कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के उप संचालक केएस खपेड़िया का कहना है कि हमने फिलहाल एक केन्द्र के अंतर्गत आने वाले आठ गांव चिंहित कर भेज दिए हैं। जल्दी ही योजना शुरू की जा सकती है।

धनकुटाई पर किसान की तरकीब सफल, पुलिस ने धान चोर को किया गिरफ्तार

बहादुरपुर थाना क्षेत्र के गीलारोपा गांव में एक युवक धान की चोरी करते हुए पकड़ाया है। जिसे पुलिस ने 151 की क़ायमी कर जेल भेज दिया है। बताया गया है कि गीलारोपा निवासी श्रीराम पटेल बड़े किसान हैं। उनकी जमीन में करीब एक हजार क्विंटल धान का उत्पादन हुआ है। यह धान किसान के घर के आगे मैदान में फैलाकर सूखने के लिए करीब पंद्रह से रखी है। बीते कुछ दिनों से धान के ढेरियों में से चोरी का संदेह किसान को हो रहा था। ऐसे में किसान ने बीते शुक्रवार को सीसीटीवी कैमरे लगवाए। शाम को टेक्नीशियन कैमरे लगा कर गया। रात में एक युवक आया और धान की ढेरियों में से बोरियां भर कर ले गया। यह घटना कैमरे में कैद हो गई। किसान ने सुबह कैमरे चेक किए तो यह घटना दिखाई दी।   एक ही दिन में किसान का चोरी हुआ डेढ़ दो क्विंटल धान युवक की पहचान प्रीतम पुत्र रामकिशन अहिरवार उम्र 25 वर्ष निवासी गीलारोपा के तौर पर हुई, जिसे किसान और उसके परिजन पकड़ कर पुलिस थाने ले गए। जहां पुलिस ने युवक पर 151 कायम कर मुंगावली एसडीएम कार्यालय भेजा। जहां से युवक को जेल भेज दिया गया है। किसान का कहना है कि शुक्रवार रात को करीब डेढ़ दो क्विंटल धान चोरी हुई है। उन्हें शक है कि युवक लगातार धान चोरी कर रहा था, जिससे और पूछताछ होनी चाहिए।

अयोध्या बनेगी डेवलपमेंट का रोल मॉडल: 2031 तक आधुनिक सुविधाओं से लैस आध्यात्मिक सिटी का खाका तैयार

लखनऊ अयोध्या आज विश्व के मानचित्र पर धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विकसित शहर के रूप में समृद्धि और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है. अयोध्या के विकास का श्रेय उत्तर प्रदेश के दूरदर्शी और दृढ़संकल्पित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है. श्रीराम मंदिर के निर्माण के पहले से ही सीएम योगी अयोध्या को उसके गौरवशाली इतिहास को पुन: वापस दिलाने के लिए योजना पर काम कर रहे हैं. अयोध्या में आज देशी विदेशी पर्यटक बड़ी तादाद में आ रहे हैं और अर्थव्यवस्था के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश में रामनगरी के विकास के लिए अनेकों प्लान बनाए गए हैं और उसको विभिन्न विभागों के साथ मिलकर धरातल पर उतारा जा रहा है. अयोध्या मास्टर प्लान 2031 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया और उसके क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए. शहर के नगर नियोजन के लिए 1000 करोड़ से ज्यादा धनराशि उपलब्ध कराकर एक व्यापक शहरी खाका खींचा. ये मास्टर प्लान 133.67 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकास की योजनाओं को मूर्त रूप दे रहा है. इसे भी पढ़ें- जेब भारी रखना, क्योंकि ढ़ीली होने वाली है… टोल टैक्स भुगतान के नियमों में बदलाव, FASTag फेल हुआ तो लगेगी तगड़ी चपत इसके जरिए अयोध्या को एक आधुनिक, सतत, और आध्यात्मिक नगर के रूप में विकसित किया जा रहा है. इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि रामनगरी में बढ़ती पर्यटकों की संख्या के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार किया जाए. अयोध्या में जनवरी-जून, 2025 के बीच करीब 24 करोड़ पर्यटक आए. अनुमान लगाया जा रहा है कि साल के अंत तक पर्यटकों की संख्या का आंकड़ा 50 करोड़ पार कर जाएगा. यही वजह है कि अयोध्या में पर्यटकों की हर सुख सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है. इसमें इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि सड़कों, जल निकासी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आवास और हरित क्षेत्रों के उन्नयन पर विशेष फोकस रहे. अयोध्या ग्रीनफील्ड टाउनशिप अयोध्या ग्रीनफील्ड टाउनशिप के तहत 1407 एकड़ में 2180 करोड़ रुपये की ज्यादा लागत से स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल टाउनशिप विकसित हो रही है. इस टाउनशिप योजना का विकास वैदिक प्रस्तार योजना के तहत हो रहा है. इसका उद्देश्य भविष्य में बढ़ने वाले पर्यटकों की संख्या और जनसंख्या दबाव को संतुलित ढ़ंग से प्रबंधित करना है. महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या में हर साल पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है. रामलला के दर्शन के लिए न केवल देश बल्कि विदेशी श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं. ऐसे में अयोध्या में एक अत्याधुनिक हवाई अड्डे की भी आवश्यकता थी. इसी को ध्यान में रखते हुए डबल इंजन सरकार ने 1450 करोड़ की लागत से आधुनिक एयरपोर्ट का विकास किया. महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 2023 से सफलतापूर्वक संचालित है. इस एयरपोर्ट में 6000 वर्ग मीटर का टर्मिनल और बड़े विमानों के लिए रनवे है. यह एयरपोर्ट अयोध्या को भारत के प्रमुख शहरों और अंतरराष्ट्रीय शहरों से जोड़ता है. अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन अयोध्या में आने वाले पर्यटकों की सुविधा का ध्यान रखने के लिए रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास और आधुनिकीकरण किया गया है. रेलवे स्टेशन को तीन मंजिला बनाया गया है. इस रेलवे स्टेशन में लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड प्लाजा और प्रतीक्षालय जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं. ये रेलवे स्टेशन लाखों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को सुविधाएं प्रदान कर रहा है. आउटर रिंग रोड अयोध्या शहर में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए 67.17 किलोमीटर लंबी, 4/6 लेन की अयोध्या आउटर रिंग रोड परियोजना पर काम हो रहा है. यह परियोजना लगभग 3,935 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है. इसका उद्देश्य शहर में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करना और पड़ोसी जिलों लखनऊ, रायबरेली, सुल्तानपुर, बाराबंकी, बस्ती और गोंडा से आने वालों को सुविधाजनक यातायात व्यवस्था देना है. इसके जरिए राष्ट्रीय राजमार्गों सुविधाजनक संपर्क स्थापित करना है. राम की पैड़ी का आधुनिकीकरण पर्यटकों को अयोध्या आकर दिव्यता और भव्यता का अनुभव हो इसके लिए करीब 24 करोड़ की लागत से राम की पैड़ी का कायाकल्प किया गया है. इसमें 350 मीटर लंबी सीढ़ी, 20000 दर्शकों के लिए विशाल दर्शक दीर्घा और मिनी एम्पीथिएटर को बनाया गया है. इसमें दर्शकों के लिए एक सेल्फी प्वाइंट का निर्माण किया गया है जिसमें भगवान राम की भव्य मूर्तियां स्थापित की गई हैं. गुप्तार घाट पुनर्विकास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का ही परिणाम है कि जो गुप्तार घाट पहले उपेक्षित था आज वही घाट सुंदरता का प्रतिमान बन गया है. लगभग 77 करोड़ की लागत से गुप्तार घाट को पुनर्विकसित किया गया है. इसमें लगभग 1 किमी लंबा तटबंध, खुला रंगमंच, पार्क और आधुनिक जलक्रीड़ा और नौकायन सुविधाएं उपलब्ध हैं. होटल और आवास सुविधाएं करोड़ों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को सुख सुविधा प्रदान करने के लिए प्रमुख होटल कंपनियां 350 करोड़ से अधिक का निवेश कर रही हैं. इससे अयोध्या में न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा. अयोध्या की प्राचीनता को अक्षुण्ण रखने के लिए योगी सरकार का विशेष निर्देश है. इसी वजह से राम कथा संग्रहालय, तुलसी स्मारक भवन, परिक्रमा मार्ग विकास को संरक्षित और संवर्धित किया गया है. इसी तरह पर्यटकों को वाहन पार्किंग में असुविधा न हो उसके लिए मल्टी लेवल कार पार्किंग का भीड़भाड़ वाली जगहों पर निर्माण किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या के विकास को लेकर दृढ़संकल्पित हैं. आने वाले समय में अयोध्या का विकास पूरी दुनिया में रोल मॉडल बनकर उभरने वाला है.