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Bihar News: मुजफ्फरपुर में शॉट सर्किट से हादसे में परिवार के पांच लोग जिंदा जले

मुजफ्फरपुर/पटना. बिहार के मुजफ्फरपुर में शॉट सर्किट से लगी आग में एक ही परिवार के पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई वहीं पांच अन्य झुलस गए। जख्मी एसकेएमसीएच में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। घटना जिले के मोतीपुर वार्ड 13 की बीती रात की है। जानकारी के मुताबिक स्थानीय गेना साह के घर में आग लगी थी जिसमें पूरा परिवार जल गया। जो घायल हैं उन्हें एसकेएमसीएच में रात में भर्ती कराया गया। मामले की पुष्टि डीएसपी वेस्ट सुचित्रा कुमारी ने की है। जानकारी के मुताबिक मरने वालों में दो बच्चे, उनके माता पिता और एक अन्य शामिल हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर कैंप कर रही है। बताया गया है कि रात में सभी घर में सोए थे। आग लगी तो किसी को पता नहीं चला। आग बढ़ती चली गई जिसमें सभी लोग घिर गए। जानकारी के मुताबिक मोतीपुर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 13 में गेना साह के घर में बिजली के शॉट सर्किट से आग लगी। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार के लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक घटना देर रात तब हुई जब परिवार के सभी सदस्य सो रहे थे। उन्हें आग लगने का पता ही नहीं चला। धुआं और लपटें उठते देखकर पड़ोसियों ने शोर मचाया। परिवार को जगाने की कोशिश की गई लेकिन तबतक देर हो चुकी थी। अंदर फंसे सदस्य बाहर नहीं निकल सके। सूचना मिलते ही मोतीपुर पुलिस और फायर ब्रगेड की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और जले हुए लोगों को अस्पताल भेजा गया। पांच लोग तबतक जलकर मर चुके थे। झुलसे हुए पांच लोगों को एसकेएमसीएच भेजा गया जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। डीएम सुब्रत कुमार सेन ने घायलों का समुचित इलाज करने का निर्देश दिया है।

Bihar News: बिहार में 2 नेताओं को ‘बड़ा आदमी’ बनाएगी भाजपा

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election) के दौरान भाजपा के दिग्गज नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार भाजपा के दो नेताओं के लिए जब चुनाव प्रचार में पहुंचे तो उन्होंने प्रचंड बहुमत से जीत दिलाने की अपील उन क्षत्रों की जनता से की थी। इसके बदले में उन्होंने इन दोनों नेताओं के 'बड़ा आदमी' बनाने का वादा उन विधानसभा क्षेत्रों की जनता से किया था। इनमें पहला नाम बिहार सरकार में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का है। वहीं, दूसरा नाम सीतमढ़ी से चुनाव लड़ रहे सुनील कुमार पिंटू का है। तारापुर से विधानसभा चुनाव लड़ रहे सम्राट चौधरी के पक्ष में जब मुंगेर पहुंचे थे तो उन्होंने लोगों से भाजपा के पक्ष में वोट डालने की अपील की थी। इस दौरान उन्होंने कहा, 'आप भरोसा रखिए। सम्राट चौधरी को प्रचंड बहुमत से जिताइए। मोदी जी सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बनाएं।' इसके अलावा उन्होंने मुंगेर के लिए किए गए विकास कार्यों का भी हिसाब किताब दिया। साथ ही बताया कि कैसे डबल इंजन की सरकार का फायदा बिहार को मिल रहा है। वहीं, सीतामढ़ी से चुनाव लड़ रहे सुनील कुमार पिंटू के पक्ष में चुनाव प्रचार करने के लिए पहुंचे अमित शाह ने उन्हें अपना दोस्त बताया था। लोगों से अपील करते हुए कहा था, "सुनील कुमार पिंटू मेरा दोस्त है। आप इसे प्रचंड बहुमत से जिताओ। हम इसे बड़ा आदमी बनाएंगे।' आपको बता दें कि तारापुर में सम्राट चौधरी ने आरजेडी के अरुण कुमार को 45843 मतों से चुनाव हराया। भाजपा को यहां 122480 मत मिले थे। वहीं, अरुण कुमार के खाते में 76637 मत गए। सीतामढ़ी की बात करें तो यहां भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ रहे सुनील कुमार पिंटू को 104226 मत मिले। उन्होंने आरजेडी प्रत्याशी सुनील कुमार को 5562 मतों से हराया।

एमपी बोर्ड परीक्षा फरवरी में, लेकिन सैंपल पेपर व जिलेवार परीक्षा केंद्र तय नहीं; शिक्षक चुनाव ड्यूटी में व्यस्त

भोपाल मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की ओर से 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं सात फरवरी से शुरू होने वाली है।परीक्षा शुरू होने में करीब ढाई माह का समय शेष है।ऐसे में अब तक मंडल ने ना तो सैंपल पेपर अपलोड किया है और ना ही जिलेवार केंद्रों का निर्धारण हो पाया है, जबकि इस बार हर साल की अपेक्षा एक माह पहले परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा केंद्रों का निर्धारण अब दिसंबर में ही हो सकेगा। अब तक माशिमं की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई है।दरअसल, शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई है।इस कारण भी परीक्षा केंद्र का निर्धारण नहीं हो सका है।हर साल पौने चार हजार परीक्षा केंद्र बनाए जाते हैं और सितंबर तक केंद्रों की सूची तैयार कर ली जाती है,ताकि वहां पर व्यश्वस्थाओं का परीक्षण किया जा सके।   मंडल ने सभी जिले के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि अपने जिले के सरकारी व निजी स्कूलों में बनाए जाने वाले केंद्रों के नाम तय कर सूची जल्द भेजें।इस बार 10वीं व 12वीं परीक्षा में नकल पर नकेल कसने के लिए इस बार 200 केंद्रों पर सीसीटीवी कैमेरे लगाए जाएंगे। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे शुरू किया जा रहा है। अगली बार से सभी केंद्रों पर कैमरे लगाए जाने की तैयारी है। इसके लिए पहले केंद्रों का निर्धारण होना आवश्यक है। बता दें कि, परीक्षा की तैयारी में इसलिए भी देरी हो रही है, क्योंकि मंडल के सचिव का पद करीब साढ़े तीन माह से खाली है। जुलाई में तात्कालीन सचिव केडी त्रिपाठी के सेवानिवृत होने के बाद शासन की ओर से किसी की पदस्थापना नहीं हो सकी है। अब अगर महत्वपूर्ण समय में सचिव का पद खाली रहेगा तो परीक्षा की तैयारी पर तो असर पड़ना लाजिमी है। रैंडेमाइज से सीएस व एसीएस का होगा नाम तय मंडल की ओर से केंद्राध्यक्ष(सीएस)व सहायक केंद्राध्यक्ष(एसीएस) की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।रैंडेमाइज तरीके से इनके नामों का चयन होगा।माशिमं के पौने चार हजार परीक्षा केंद्रों पर जिला स्तर पर केंद्राध्यक्षों की नियुक्ति होगी। सैंपल पेपर तैयार नहीं मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं के करीब 18 लाख विद्यार्थियों को सैंपल पेपर नहीं दे पाया है।ये पेपर परीक्षा शुरू होने के तीन माह पहले विद्यार्थियों को मिल जाना चाहिए थे।पूर्व में माशिमं द्वारा वार्षिक परीक्षा शुरू होने के छह महीने पहले सैंपल पेपर जारी कर दिए जाते थे,जिससे विद्यार्थी छमाही और वार्षिक परीक्षा की तैयारी कर लेते थे। मंडल के ढीले रवैये के चलते परीक्षा के तीन माह पहले भी सैंपल पेपर जारी नहीं कर सके हैं।सैंपल पेपर जारी नहीं होने से अंक योजना के आधार पर भी विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं।

मध्य प्रदेश पुलिस का नया आदेश: हर बड़े क्राइम में होगा सीन रिक्रिएशन, आरोपियों के बचने की राह बंद

भोपाल  मध्य प्रदेश में होने वाले अब हर बड़े अपराध की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस क्राइम सीन का रिक्रिएशन करती दिखाई देगी. अभी तक सिर्फ बड़े शहरों में और किसी बड़े मामले में ही पुलिस इस तरह के रिक्रिएशन करती थी, लेकिन अब हर गंभीर मामले में पुलिस को यह प्रक्रिया अपनानी होगी. मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए सभी जिलों में सीन ऑफ क्राइम यूनिट गठित करने के आदेश दिए हैं. एफएसएल ने इसके लिए एसओपी भी जारी की गई है. क्राइम ऑफ सीन बेहद महत्वपूर्ण एफएसएल के डायरेक्टर शशिकांत शुक्ला ने बताया कि "किसी भी अपराध में सीन ऑफ क्राइम बेहद अहम होता है. यहां अपराध से जुड़े तमाम सबूत होते हैं, इसके मदद से पुलिस को आरोपी तक पहुंचने और उसे कोर्ट से सजा दिलाने तक में काफी मदद मिलती है. खासतौर से पेचीदा मामलों में पुलिस को अपराधी तक पहुंचने में कई बार यहीं से महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगता है. जैसे किसी अपराध में घटनास्थल पर दरवाजे, अन्य किसी सामान या फिर हथियार पर मिलने वाले फिंगर प्रिंट की पहचान करनी होती है. इसी तरह डीएनए के लिए स्वैब के नमूने लेने होते हैं और अन्य सामान को पैकेजिंग करने के अलावा वहां के फोटोग्राफ और वीडियो लेने पड़ते हैं. इसके बाद एक डिटेल रिपोर्ट तैयार होती है. इसलिए करना होता है रिक्रिएशन वे बताते हैं कि कई मामलों में शुरूआती जांच में पुलिस के पास कोई सुराग नहीं होता. ऐसी स्थिति में मौजूदा साक्ष्यों और फोटोग्राफ आदि को देखने के बाद पूरी घटना का रिक्रिएशन किया जाता है. इससे घटना के तह तक पहुंचने में मदद मिलती है. यही वजह है कि अब हर जिले के पुलिस अधिकारियों और एफएसएल अधिकारियों को एसओपी भेजी गई है. इसमें भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत नए आपराधिक कानूनों पर त्वरित कार्रवाई के लिए सीन ऑफ क्राइम यूनिट का गठन का निर्णय लिया गया है. इसके तहत सीन ऑफ क्राइम यूनिट को हर जिले में अलग स्थान भी उपलब्ध कराया जाएगा. इस यूनिट में फोटो यूनिट, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट, डॉग स्क्वॉड की ज्वाइंट टीम होगी. विशेष तौर से 7 साल और उससे अधिक की सजा वाले अपराधों में इस यूनिट को अनिवार्य रूप से घटनास्थल की जांच करनी होगी." सबूतों के अभाव में नहीं बचेंगे अपराधी रिटायर्ड डीजी अरुण गुर्टू सभी जिलों में सीन ऑफ क्राइम यूनिट गठित किए जाने के फैसले का स्वागत करते हैं. उनके मुताबिक बड़े अपराधों में यह होना ही चाहिए. इससे पुलिस जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगते हैं. खासतौर से ब्लाइंड मर्डर जैसे मामलों में पुलिस को घटनास्थल से मिलने वाले सबूत न सिर्फ अपराधी तक पहुंचने बल्कि कोर्ट में अपराधी से अपराध की कड़ी जोड़ने में काफी मदद मिलती है. बड़े मामलों में रिक्रिएशन होने से सजा दिलाने में मदद मिलेगी और सबूतों के अभाव में अपराधी बच नहीं पाएंगे. रिक्रिएशन से चला था पता कहां से आई थी गोली राजधानी भोपाल के कोलार इलाके में अक्टूबर 2025 में गणेश उत्सव के दौरान एक झांकी में खेल रही बच्ची की गोली लगने से मौत हो गई थी. एक्स-रे रिपोर्ट से पता चला कि बच्ची की मौत गोली लगने से हुई. शुरूआती जांच में पुलिस को पता नहीं चल सका कि गोली किस दिशा से आई थी. बाद में पूरे घटनाक्रम का रिक्रिएशन किया गया और बारीकी से एनालिसिस किया गया तो पुलिस आरोपी तक पहुंच गई.

जीण माता वार्षिकोत्सव: दो दिवसीय आयोजन आज से, भक्तों में खास उत्साह

 भाटापारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी जीण माता मंदिर परिसर में भव्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। श्री जीण माता मंदिर अपने 10वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस शुभ अवसर पर आज एवं कल दो दिवसीय श्री जीण महोत्सव 2025 का आयोजन होगा। पहले दिन यानी आज रात 8 बजे से भजन संध्या आयोजित होगी, जिसमें भजन गायिका कनिका ग्रोवर (नीमच) और सुरेश राजस्थानी (रायपुर) अपनी प्रस्तुति देंगे। साथ ही छत्तीसगढ़ के भजन गायक दुकालु यादव भी भक्तिमय भजनों से माहौल को संगीतमय बनाएंगे। 16 नवंबर, रविवार को दोपहर 12:30 बजे से महा मंगलपाठ का आयोजन होगा। इसमें आमंत्रित वाचक रवीश सोनम सोनी (जयपुर) आध्यात्मिक वाणी से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर करेंगे, जबकि भजन गायक मास्टर गुरु गुलशन विशेष प्रस्तुति देंगे।

मध्यप्रदेश में बदलाव की आहट: SIR पूरा होते ही कलेक्टरों की सूची बदलेगी, 7 फरवरी को जारी होगी मतदाता सूची

भोपाल प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम चल रहा है। चुनाव आयोग ने कलेक्टर सहित मतदाता सूची के काम से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले पर रोक लगाई है। सरकार को कुछ जिलों में नए कलेक्टर पदस्थ करने हैं। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन सात फरवरी को होगा। इसके बाद ही तबादले किए जाएंगे। वहीं, आयुक्त महिला बाल विकास सहित कुछ अन्य पद रिक्त हैं, जिन पर पदस्थापना जल्द की जाएगी। जिन जिलों में कलेक्टरों को दो वर्ष से अधिक हो चुके हैं, वहां परिवर्तन प्रस्तावित है। शिवपुरी में भी परिवर्तन किया जा सकता है। मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने विभागाध्यक्षों के साथ मैदानी स्तर पर अधिकारियों के दायित्व में परिवर्तन की तैयारी की है।   दरअसल, जनवरी में आईएएस अधिकारियों की पदोन्नतियां होंगी। इसके बाद पदस्थापनाएं होंगी लेकिन कलेक्टर सहित अन्य मैदानी अधिकारियों के पदस्थापना में परिवर्तन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के संपन्न होने के बाद होगा। इसके पहले इसी माह 10 से 12 अधिकारियों को नवीन पदस्थापना दी जाएगी। दरअसल, कुछ पद खाली हैं जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर भरा जाना है। इसके लिए प्रस्ताव भी तैयार हो चुकी है। मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन की इस संबंध में बैठक के बाद अंतिम निर्णय हो जाएगा। दिसंबर में होगी डीपीसी उधर, अपर मुख्य सचिव से लेकर समयमान वेतनमान में पदोन्नत होने वाले अधिकारियों के लिए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक दिसंबर में होगी। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। प्रमुख सचिव पद पर एम सेलवेंद्रन तो सचिव पद पर 2010 बैच के अधिकारी पदोन्नत होंगे।

पेंशनरों के लिए खुशखबरी: हरियाणा सरकार ने खत्म किया बैंक का झंझट, 2.41 लाख लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

चंडीगढ़ केंद्र सरकार ने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) अभियान 4.0 की शुरुआत की है, ताकि देशभर के पेंशनर्स आसानी से घर बैठे ही अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सकें। यह सुविधा खासतौर पर बुजुर्गों और दिव्यांग पेंशनर्स के लिए राहत लेकर आई है। अब पेंशनर्स को बैंक या दफ्तरों में लाइनों में लगने की जरूरत नहीं होगी। इस अभियान का लक्ष्य है कि दो करोड़ से ज्यादा पेंशनर्स तक यह डिजिटल सुविधा पहुंचे। सरकार का कहना है कि यह अभियान देश के दो हजार से ज्यादा शहरों और कस्बों में चलाया जा रहा है, ताकि हर पेंशनभोगी तक डिजिटल सशक्तीकरण पहुंच सके।   हरियाणा के 2.41 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को इस सुविधा का लाभ मिलने की संभावना है। उन्हें डिजिटल तरीके से अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने में मदद मिलेगी। हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा 30 नवंबर तक पूरे देश में चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 4.0 में अपनी भागीदारी की घोषणा की है। पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में आसानी और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान पूरे हरियाणा में चलाया जाएगा। हरियाणा के कोषागार एवं लेखा विभाग के महानिदेशक सीजी रजनीकांथन ने बताया कि अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन और समन्वय के लिए पंचकूला स्थित पेंशन वितरण प्रकोष्ठ (पीडीसी) के संयुक्त निदेशक राकेश राठी को राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि हरियाणा (चंडीगढ़ सहित) के सभी कोषागार अधिकारियों को अपने-अपने जिलों के लिए उप नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कोषागार अधिकारियों को अभियान के सुचारू और सफल क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। महानिदेशक ने बताया कि इस पहल से लगभग 2.41 लाख हरियाणा सरकार के पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशन भोगी लाभान्वित होंगे, जो ई-पेंशन के माध्यम से कोषागारों/उप-कोषागारों और पेंशन वितरण बैंकों (एसबीआई, पीएनबी, बीओआइ, यूबीआइ, सीबीआई और केनरा बैंक) के माध्यम से पेंशन प्राप्त करते हैं। उन्होंने सभी पेंशनभोगियों से आह्वान किया कि वे इस अभियान का पूरा लाभ उठाएं और अपने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र या तो निकटतम कोषागार कार्यालय में या फिर अपने घर बैठे स्मार्टफोन का उपयोग कर “जीवन प्रमाण” पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से जमा करें।

सर्द हवाओं से कांपा राजस्थान; रातें ठंडी, दिन में मिल रही सुहानी धूप

जयपुर राजस्थान में सर्दी का दौर लगातार बना हुआ है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हो रहा है, जिससे सुबह और शाम ठिठुरन बढ़ गई है। हालांकि दिन में खिली धूप से लोगों को राहत मिल रही है और मौसम सुहावना बना हुआ है।गुरुवार को प्रदेश में सबसे ठंडा दिन सिरोही में रिकॉर्ड किया गया, जहां अधिकतम तापमान 24°C से भी नीचे रहा। शेखावाटी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान लगातार 10°C से नीचे दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक आसमान साफ रहेगा और न्यूनतम तापमान में करीब 2°C की और गिरावट होने की संभावना है। गुरुवार को सबसे ठंडी रात सीकर के फतेहपुर में रही, जहां न्यूनतम तापमान 7°C रिकॉर्ड हुआ। बारां में 9.8°C, चूरू 9.7°C, सीकर 9.4°C, पिलानी 9.8°C और नागौर 8.1°C दर्ज हुआ। वहीं वनस्थली, अलवर, करौली, झुंझुनूं सहित कई शहरों में तापमान 10–15°C के बीच रहा। दोपहर के तापमान में भी उतार-चढ़ाव दिखा, लेकिन ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान 27°C से 31°C के बीच दर्ज किया गया। सबसे अधिक तापमान 33.3°C रहा, जबकि जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू और जयपुर में भी 28–31°C के आसपास तापमान रहा। राज्य में सुबह-शाम की ठिठुरन और दिन की धूप के बीच ठंड का यह मिश्रित मिज़ाज अगले कुछ दिन और देखने को मिलेगा। बीते 24 घंटों में प्रदेश का तापमान इस प्रकार रहा: अजमेर 28.6 / 11.8, भीलवाड़ा 29.8 / 12.4, वनस्थली (टोंक) 29.8 / 10.5, अलवर 27 / 10.8, जयपुर 29 / 14.4, पिलानी 28.5 / 9.8, सीकर 27 / 9.4, कोटा 29 / 14.6, उदयपुर 28 / 12.2, बाड़मेर 33.3 / 17.7, जैसलमेर 30.3 / 14.6, जोधपुर 30.8 / 12.7, बीकानेर 29.8 / 14.2, चूरू 29.3 / 9.7, गंगानगर 28.9 / 11.5 ,नागौर 30 / 8.1, बारां 28.8 / 9.8, जालौर 30.5 / 11.5 ,सिरोही 23.4 / 8.4,  फतेहपुर 28.1 / 7, करौली 27.9 / 10, दौसा 29.8 / 15.9, प्रतापगढ़ 28.1 / 13.6 व  झुंझुनूं में 27.9 / 10.4 रहा।

बाघों की गिनती का नया दौर: मध्य प्रदेश में कैमरों का जाल बिछा, 15 नवंबर से डेटा कलेक्शन

सीधी  अखिल भारतीय बाघ गणना 2026 (Tiger Census 2026) को लेकर संजय टाइगर रिजर्व प्रबंधन तैयारी में जुटा है। इस वर्ष यह गणना पूरी तरह से पेपरलेस होगी। गणना में डाटा कलेक्शन संजय टाइगर रिजर्व के साथ ही सामान्य वन मंडल पश्चिम सीधी, नॉर्थ शहडोल, रीवा, सिंगरौली और वन विकास निगम क्षेत्र से भी किया जाएगा। कर्मचारियों का प्रशिक्षण लगभग पूरा हो चुका है। अब 15 नवंबर से कैमरा ट्रैप लगाने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा, जबकि डाटा कलेक्शन का काम 15 नवंबर से होगा। कैमरे एक माह के लिए लगाए जाएंगे ताकि बाघों के साथ अन्य वन्यजीवों के मूवमेंट को कैप्चर किया जा सके। आठ वन परिक्षेत्रों में दो फेज में लगेंगे कैमरा ट्रैप विभागीय अधिकारियों के अनुसार संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र में कुल आठ वन परिक्षेत्र हैं। पहले फेज में चार परिक्षेत्र (ब्योहारी, दुबरी, वस्तुआ और मड़वास) के 281 ग्रिड में कैमरे लगाए जाएंगे। एक ग्रिड दो वर्ग किलोमीटर का है। हर ग्रिड में दो कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे एक माह तक लगे रहेंगे। इसके बाद दूसरे फेज में बाकी बचे चार परिक्षेत्र (पौड़ी, टमसार, मोहन और भुईमाड़) के 301 ग्रिड में कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरा ट्रैप का पूरा डेटा सीधे वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून जाएगा, जहां एनॉलिसिस की जाएगी। कैमरा ट्रैप लगाने के साथ ही ट्रांजिट लाइन में पैदल चलकर भी बाघों के साथ ही अन्य वन्यजीवों की गणना की जाएगी। यह कार्य दिसंबर माह के पहले सप्ताह में होगा। पहले तीन दिन मांसाहारी वन्य प्राणियों के साक्ष्य एकत्रित होंगे। हर बीट में 15 किलोमीटर के तीन ट्रैक होंगे। वहीं अगले तीन दिन शाकाहारी वन्य प्राणियों का डाटा कलेक्शन होगा। इसके लिए कंपास, रेंज फाउंडर के साथ ही अन्य आवश्यक संसाधन जुटा लिए गए है। ट्रांजिट लाइन में पैदल गणना 1 से 7 दिसंबर के बीच होगी। बाघ की उंचाई के बराबर पेड़ों पर लगाए जाएंगे कैमरे प्रशिक्षित कर्मचारी निर्धारित क्षेत्र में चिह्नित प्वाइंट पर पेड़ों पर कैमरा लगाएंगे। ये कैमरे पेड़ों पर बाघ की ऊंचाई के बराबर लगाए जाएंगे, जिससे कि आसानी से वन्यजीवों को कैप्चर किया जा सके। कैमरा ट्रैप लगने के बाद क्षेत्र में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा, जिससे कि वन्यजीव स्वच्छंद इस क्षेत्र में विचरण कर सकें। बाघ के साथ अन्य वन्य प्राणियों की भी होगी गणना अखिल भारतीय बाघ गणन हर चार वर्ष में होती है। वर्ष 2022 के बाद होने वाली इस गणना में इस बार बाघों के साथ तेंदुआ, जंगली हाथी, भालू और बायसन सहित अन्य वन्य जीव की भी संख्या दर्ज की जाएगी। इस गणना का नाम बाघ एवं अन्य मांसाहारी वन्य प्राणियों का आकलन-2026 दिया गया है। लगभग तैयारी हुई पूरी – एसडीओ बाघ गणना को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। पहले चरण में टाइगर रिजर्व क्षेत्र के चार वन परिक्षेत्रों में 15 नवंबर से 562 कैमरा टैप लगाने का काम किया जाएगा। इस काम में लगभग 300 कर्मचारी लगेंगे। इस बार गणना पूरी तरह से पेपरलेस है। – सुधीर मिश्रा, एसडीओ संजय दुबरी टाइगर रिजर्व सीधी

टमाटर खेती से हो रहा लाभ: किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी और आत्मनिर्भरता

रायपुर : टमाटर की खेती से किसान बन रहे आत्मनिर्भर  टमाटर की खेती से हो रहा लाभ रायपुर शासन की किसान हितैषी योजनाओं एवं उद्यानिकी फसलों की असीम संभावनाओं के कारण अब राजनांदगांव जिले के किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। इसी कड़ी में विकासखण्ड राजनांदगांव के ग्राम गातापारखुर्द के प्रगतिशील किसान  सुरेश सिन्हा ने आधुनिक पद्धति से पॉलीहाउस में टमाटर की खेती कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उन्होंने टमाटर की ‘माल्या वैरायटी’ की फसल लगाकर लगभग 2 लाख 35 हजार रूपए का लाभ अर्जित किया है।  सिन्हा ने बताया कि पॉलीहाउस में उपयुक्त तापमान बनाए रखते हुए मल्चिंग विधि का उपयोग किया गया, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में वृद्धि हुई। टमाटर की बाजार में अच्छी मांग होने से प्रति क्विंटल 700 से 800 रूपए की दर प्राप्त हुई। यहां उत्पादित टमाटर कोरबा, कोलकाता, उत्तर प्रदेश, ओडिशा सहित स्थानीय बाजारों में भी भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत संरक्षित खेती के लिए पॉलीहाउस निर्माण हेतु 17 लाख रूपए का शासन द्वारा अनुदान प्राप्त हुआ। पॉलीहाउस की कुल लागत 34 लाख रूपए रही। इसके अतिरिक्त पैक हाउस निर्माण हेतु 2 लाख रूपए का अनुदान तथा दवाई छिड़काव के लिए स्ट्रिप मशीन पर 50 प्रतिशत अनुदान शासन द्वारा प्रदान किया गया।  सिन्हा के पास कुल 15 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें से 8 एकड़ में धान एवं 7 एकड़ में सब्जियों की खेती की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 1.5 एकड़ में लौकी की फसल से लगभग 35 टन उत्पादन हुआ, जिससे उन्हें 50 प्रतिशत की शुद्ध आमदनी प्राप्त हुई। पॉलीहाउस में टमाटर के साथ खाली स्थान का उपयोग करते हुए उन्होंने मिश्रित खेती के रूप में फूलगोभी, नवलकोल, प्याज और मूली की फसलें भी लगाई हैं।  सिन्हा ने बताया कि धान की तुलना में सब्जियों की खेती से तीन से चार गुना अधिक आमदनी होती है। इसमें कम पानी की आवश्यकता होती है और एक वर्ष में तीन से चार फसलें ली जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी विभाग से समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन एवं परामर्श प्राप्त होता रहता है, जिससे खेती में नई तकनीकों का लाभ मिल रहा है।