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गांवों के लिए खुशखबरी! पंजाब सरकार दिसंबर के आखिर तक जारी करेगी नया फैसला

चंडीगढ़/जालंधर पंजाब सरकार ने राज्य के गांवों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 332 करोड़ रुपए की महत्वपूर्ण किस्त जारी करने की घोषणा की है। इसी क्रम में 334 करोड़ रुपए की अगली किश्त दिसंबर के अंत तक या जनवरी के पहले सप्ताह में जारी कर दी जाएगी। पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस किस्त का उपयोग गांवों में सैनिटेशन बॉक्स स्थापित करने सहित ग्राम पंचायतों के विभिन्न विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। 156 करोड़ रुपए की ग्रांट अनटाइड फंड्स के रूप में दी जा रही है, जिसका उपयोग ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्राधिकार में किसी भी विकास कार्य के लिए कर सकती हैं। 176 करोड़ रुपए टाइड फंड्स के रूप में उपयोग किए जाएंगे, जिनका इस्तेमाल केवल गांवों में सैनिटेशन से जुड़े कामों के लिए किया जा सकेगा। समूची ग्रांट को ग्राम पंचायत, पंचायत समितियों और जिला परिषदों में 70:20:10 के अनुपात में बांटा जाएगा। ग्रामीण विकास कार्यों के लिए 22 जिलों में कुल 3,329,750,900 रुपये (जिसमें 1,766,319,970 रुपये के कुल टाइड फंड और 1,563,430,930 रुपये के कुल अनटाइड फंड शामिल हैं) आवंटित किए गए हैं। सबसे अधिक आवंटन प्राप्त करने वाले जिले लुधियाना (200,143,127 रुपये टाइड फंड; 133,905,292 रुपये अनटाइड फंड), होशियारपुर (170,847,451 रुपये टाइड फंड; 114,305,089 रुपये अनटाइड फंड) और गुरदासपुर (165,563,924 रुपये टाइड फंड; 110,770,166 रुपये अनटाइड फंड) हैं। इनके अलावा विकास ग्रांट प्राप्त करने वाले अन्य प्रमुख जिलों में संगरूर, पटियाला, जालंधर, फिरोजपुर, फाज़िल्का, मोगा, शहीद भगत सिंह नगर, श्री मुक्तसर साहिब और तरनतारन शामिल हैं। बिट्टू पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा पंजाब सरकार पर केंद्रीय फंडों के उपयोग को लेकर लगाए गए आरोपों के संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री की टिप्पणियां उनकी जानकारी की कमी और SNA स्पर्श प्रणाली के बारे में समझ की कमी को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार द्वारा राज्य के हिस्से का योगदान (केंद्र और राज्य के बीच साझेदारी पैटर्न के अनुसार) जमा किए जाने के बाद केंद्र सरकार अपना हिस्सा सीधे RBI खाते में जमा कराती है। इसलिए यह SNA स्पर्श पद्धति केंद्र सरकार और पंजाब सरकार दोनों के फंडों से वास्तविक समय में भुगतान सुनिश्चित करती है। उन्होंने रवनीत बिट्टू से गलत जानकारी फैलाने से बचने और राजपुरा–चंडीगढ़ रेलवे लाइन परियोजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा राज्य के साथ साझा की गई लेआउट योजना को सार्वजनिक करने की अपील की। 

तारागंज उपकेन्द्र से 8 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगी पर्याप्त वोल्टेज पर बिजली

भोपाल  ग्वालियर जिले में किए जा रहे विद्युतीय निर्माण कार्यों से जिले की विद्युत वितरण व्यवस्था में नए आयाम जुड़ने वाले हैं। आर.डी.एस.एस. (रिवेम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) के अन्तर्गत ग्वालियर शहर में तारागंज में नवीन 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र 2 करोड़ 92 लाख की लागत से तैयार किया जा रहा है। इससे तारागंज, सिकन्दरकम्पू, समाधिया कॉलोनी, आपागंज और आसपास के लगभग  8 हजार से भी अधिक उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सप्लाई मिल पायेगी। 33 के.व्ही लाईन के इन्टरकनेक्शन एवं बाईफरकेशन के लगभग 10 निर्माण कार्य किये जा रहे हैं, जिनकी लागत 7 करोड़ 30 लाख रूपये है। ग्वालियर शहर में ही 11 के.व्ही. लाईन के इन्टरकनेक्शन और बाईफरकेशन के लगभग 41 कार्य लगभग 6 करोड़ 67 लाख की सहायता से सम्पन्न कराये जा रहे हैं। ग्वालियर शहर की विद्युत व्यवस्था को सुदुढ करने के लिये 26 करोड़ की लागत से विभिन्न क्षेत्रों में अतिरिक्त 355 नवीन विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किये जा रहे है। इसके अलावा शहर के कुछ इलाकों में उच्चक्षमता की केबिल बिछायी जा रही है, जिसकी लागत 2 करोड़ है। एस.एस.टी.डी. योजनान्तर्गत किए जा रहे कार्य एस.एस.टी.डी. योजनान्तर्गत ग्वालियर शहर में निर्माणाधीन कार्यो में लगभग 42 लाख 66 हजार की लागत से 33 के.व्ही. लाईनों को विस्तार किया जा रहा है। इसी प्रकार 2 करोड़ 53 लाख से 11 के.व्ही. लाईनों का विस्तार किया जा रहा है और एक उपकेन्द्र पर स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि 39 लाख से की जा रही है। आरडीएसएस के तहत 8  जिलों में चल रहे कार्य आरडीएसएस के तहत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अन्तर्गत 8 जिलों में ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर में 455 करोड़ रूपये से  7  नवीन 33/11 के.व्ही. सब-स्टेशन और 490 कि.मी. लम्बी लाईन एवं क्षमता वृद्धि के कार्य और 2 हजार 383 कि.मी 11 के.व्ही. नवीन लाईन के कार्य किये जा रहे हैं। इसी तरह एस.एस.टी.डी. योजना इन जिलों में (ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर) में एस.एस.टी.डी. योजनान्तर्गत 455 करोड़ रूपये से 7 नवीन 33/11 के.व्ही. सब-स्टेशन और  491  कि.मी. लम्बी लाईन एवं क्षमता वृद्धि के कार्य और 2 हजार 384 कि.मी 11 के.व्ही. नवीन लाईन एवं क्षमता वृद्धि के कार्य किये जा रहे हैं। ग्वालियर चंबल संभाग में विद्युतीय विकास कार्य वर्ष 2020 की स्थिति में ग्वालियर चंबल संभाग में कुल 55 ई.एच.टी (अति उच्चदाब) सब स्टेशन स्थापति थे। कुल ई.एच.टी (अति उच्चदाब) लाईन की लम्बाई 4938 कि.मी. थी। इसके बाद 11 नये सबस्टेशन स्थपित किये गये एवं 4 सबस्टेशन निर्माणधीन है। इसी तरह 2020 के बाद 776 कि.मी. ई. एच.टी लाईन स्थापित की गई एवं वर्तमान में 661 किमी लाईन का कार्य चल रहा है। जिले में एक सबस्टेशन तैयार, एक निर्माणाधीन ग्वालियर जिले में वर्ष 2020 की स्थिति में कुल 11 ई.एच.टी सब स्टेशन स्थापित थे एवं कुल ई.एच.टी लाईन की लम्बाई 999 कि.मी. थी। इसके बाद एक नया सबस्टेशन स्थपित किया गया एवं एक सबस्टेशन निर्माणधीन है। इसी तरह 2020 के बाद 198 कि.मी. ई.एच.टी लाईन स्थापित की गई एवं वर्तमान में 82 किमी लाईन विस्तार का कार्य चल रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- जनजातीय समुदाय के अधिकारों की रक्षा के प्रतिबद्ध राज्य सरकार

प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ाया जनजातीय समुदाय का गौरव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जनजातीय समुदाय के जल, जंगल जमीन संबंधी अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पेसा कानून के माध्यम से जनजाति क्षेत्र की ग्राम सभाओं को सशक्त बनाया गया है। भगवान बिरसा मुंडा ने इन्हीं अधिकारों की रक्षा के लिए अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समुदाय को गौरव और सम्मान मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजाति कल्याण के लिए राज्य सरकार ने 47,296 करोड़ रुपए का बजट रखा है जो पिछले साल से 15 प्रतिशत ज्यादा है। तेंदूपत्ता संग्राहकों का संग्रहण पारिश्रमिक 3 हजार रुपये प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4 हजार रुपये किया। वन अधिकार अधिनियम में 2 लाख 89 हजार व्यक्तिगत और 28754 सामुदायिक दावे मान्य कर पीएम आवास, कपिल धारा, डीजल पंप, पीएम किसान सम्मान निधि, केसीसी आदि योजनाओं का लाभ दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र द्वारा संचालित योजनाओं में भी मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। पीएम जनमन योजना में 98 करोड़ 30 लाख और धरती आबा योजना में 401 करोड़ 56 लाख से अधिक के लोकार्पण- शिलान्यास हुए है। इसके अंतर्गत 21 जिलों में 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित है। प्रधानमंत्री वन-धन केंद्र योजना में 20 जिलों में 126 वन-धन केंद्र स्थापित है। प्रदेश के 18,338 घरों के विद्युतीकरण के लिए 78 करोड़ 94 लाख रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समुदाय के बच्चों के लिए शिक्षा की पूरी व्यवस्था की गई है। उन्हें निःशुल्क किताबें, निःशुल्क गणवेश और निःशुल्क साइकिल दी जा रही है। बच्चों को प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। वर्ष 2024-25 में 40 लाख से अधिक छात्रों को 1 हज़ार 566 करोड़ रूपये छात्रवृत्ति दी गई है। जनजातीय विद्यार्थियों को आकांक्षा योजना के अंतर्गत NEET, CLAT, JEE प्रवेश परीक्षाओं की कोचिंग दी जा रही है। राष्ट्रीय संस्थानों जैसे IIT, AIIMS, NIT, NLIU में प्रवेश लेने पर 50 हजार रुपए तक प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। विदेश में उच्च अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा योजना में अनुसूचित जनजाति छात्रों के लिए 210 छात्रावास स्वीकृत किए गए हैं। राज्य के 3 एकलव्य पॉलीटेक्निक कॉलेज मंडला, झाबुआ और हरसूद में अनुसूचित जनजाति वर्ग के 1,040 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। संघ लोक सेवा आयोग तथा मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षाओं में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। क्षमता एवं कौशल उन्नयन करते हुए 18 हजार से अधिक जनजातीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है। भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के माध्यम से पिछले 4 वर्षों में 9,065 जनजातीय युवाओं को स्वरोजगार व आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगभग 418.67 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। सिकलसेल हीमोग्लोबिनोपैथी मिशन सभी 89 जनजातीय विकासखंडों में लागू किया गया है। अब तक 1.17 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। बैगा, सहारिया और भारिया जनजाति की महिलाओं के लिए वरदान बनी आहार अनुदान योजना में प्रतिमाह बहनों को 1500 रुपये मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय गरिमा का पूरा मान सम्मान रखा गया है। रानी दुर्गावती एवं जनजातीय राजा भभूत सिंह की स्मृति में कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया। जबलपुर एयरपोर्ट और मदन महल फ्लायओवर रानी दुर्गावती के नाम पर और पचमढ़ी अभयारण्य का नाम राजा भभूत सिंह के नाम पर किया गया है। विशेष पिछड़ी जनजाति के युवाओं को पुलिस, सेना एवं होमगार्ड में भर्ती के लिये प्रशिक्षण के लिए बैगा, भारिया एवं सहरिया बटालियन गठित होगी। छिंदवाड़ा में श्री बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण किया गया। भगोरिया को राजकीय उत्सव के रूप में मनाया गया। 

भोपाल मेट्रो को मिली रफ्तार: CMRs टीम ने अचानक शुरू की अंतिम परीक्षा का तीसरा पड़ाव

भोपाल भोपाल में मेट्रो संचालन से पहले सुरक्षा की अंतिम परीक्षा गुरुवार से शुरू हो गई है। दिल्ली से अचानक पहुंची कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम ने सुबह सुभाष नगर मेट्रो डिपो पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डिपो में ट्रेन संचालन, सुरक्षा प्रोटोकाल और तकनीकी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। इसके बाद दोपहर एक बजे टीम ने ट्रैक कार से मेट्रो ट्रैक का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण भोपाल मेट्रो की अंतिम परीक्षा का तीसरा पड़ाव है। इस पड़ाव को पार करने के बाद सीएमआरएस की टीम ओके टू रन यानी संचालन की रिपोर्ट देगा। इसके बाद शासन तय करेगा कि भोपाल मेट्रो को कब शुरू किया जाना है। माना जा रहा है कि लगातार देरी के कारण हो रही आनन-फानन में सीएमआरएस टीम का निरीक्षण शुरू हो रहा है ताकि मेट्रो का संचालन जल्द से जल्द हो। हालांकि अधूरी तैयारियों व काम के बीच यह जल्दबाजी कहीं आमजन पर भारी न पड़ जाए।   मेट्रो के लिए अंतिम परीक्षा गौरतलब है कि सीएमआरएस का भोपाल मेट्रो का यह तीसरा निरीक्षण है। इससे पहले दो बार टीम निरीक्षण कर चुकी है, लेकिन कुछ तकनीकी कमियों के कारण संचालन की अनुमति नहीं मिल सकी थी। मेट्रो प्रबंधन के अनुसार यदि इस बार सभी मानक सही पाए गए तो भोपाल मेट्रो को ओके टू रन रिपोर्ट मिल जाएगी। अन्यथा संचालन की तारीख एक बार फिर आगे बढ़ सकती है। हालांकि ऐसी उम्मीद कम है। यह निरीक्षण मेट्रो के लिए अंतिम परीक्षा माना जा रहा है। उधर, मेट्रो कंपनी के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य मेट्रो संचालन में हो रही देरी पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। उन्होंने पूरी तरह इस मामले में चुप्पी साध रखी है। सुभाष नगर एम्स तक देखी संचालन व्यवस्था निरीक्षण के दौरान सुभाष नगर डिपो के पास टीम केंद्रीय विद्यालय (केवी) मेट्रो स्टेशन पर पांच मिनट रुकी और सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन किया। इसके बाद वे बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन पर करीब आधा घंटा रुके। यहां से एम्स मेट्रो स्टेशन तक टीम ने पहुंचकर ट्रैक की तकनीकी खामियों और संचालन व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता भी टीम के साथ मौजूद रहे। आज से होगी आठ मेट्रो स्टेशन की जांच तीन दिवसीय इस दौरे में सीएमआरएस टीम 15 नवंबर तक पूरे प्रायोरिटी कॉरिडोर की जांच करेगी। शुक्रवार को टीम आठ मेट्रो स्टेशनों का निरीक्षण करेगी, जबकि 15 नवंबर को प्रोजेक्ट से जुड़ी फाइलों की परखा जाएगा।

कैद में रहते अनंत सिंह का राजनीतिक दबदबा कायम, इतने वोटों से मिली जीत

मोकामा बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बीच मोकामा विधानसभा सीट ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं। पांच बार के विधायक और JDU (NDA) उम्मीदवार अनंत सिंह ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक ताकत साबित करते हुए 28 हजार से अधिक वोटों से शानदार जीत दर्ज की है। अनंत सिंह ने RJD उम्मीदवार और पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को बड़े अंतर से हराया। मोकामा की लड़ाई शुरू से ही हाई-प्रोफाइल और टक्कर वाली मानी जा रही थी, क्योंकि दोनों ओर बाहुबली परिवार थे।  इतने वोटों से जीते अनंत सिंह इलेक्शन डेटा के अनुसार:     अनंत सिंह (JDU) → 91,416 वोट     वीणा देवी (RJD) → 63,210 वोट     प्रियदर्शी पियूष (जन सुराज) → 19,365 वोट इस तरह अनंत सिंह ने 28,206 वोटों की विशाल बढ़त के साथ विजय हासिल की। जेल में रहते हुए भी ‘छोटे सरकार’ का जलवा कायम मोकामा की सबसे बड़ी चर्चा यही रही कि अनंत सिंह इस समय पटना बेऊर जेल में बंद हैं। वे दुलार चाँद यादव मर्डर केस में न्यायिक हिरासत में हैं। इसके बावजूद उनकी लोकप्रियता और संगठन की मजबूती ने चुनावी समीकरण को पूरी तरह उनके पक्ष में कर दिया। मोकामा की ये जंग सिर्फ दो उम्मीदवारों की नहीं थी, बल्कि साख, सत्ता और प्रभाव की लड़ाई मानी जा रही थी। मोकामा सीट—हमेशा से रहा है राजनीतिक हॉटस्पॉट मोकामा विधानसभा को बिहार की सबसे चर्चित सीटों में गिना जाता है। यहां मुकाबला हमेशा हाई-प्रोफाइल रहता है, और इस बार भी दो बाहुबलियों के बीच टक्कर ने पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर गोपाल मंदिर का किया औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने जीर्णोद्धार और विकास कार्यों का लिया जायजा मंदिर परिसर में नवनिर्मित सभागृह बनेगा गीता भवन एक दिसम्बर को गीता जयंती पर नवनिर्मित सभागृह किया जाएगा लोकार्पित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर के ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर गोपाल मंदिर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में नवनिर्मित सभागृह को “गीता भवन” के रूप में विकसित किया गया है। गीता जयंती के अवसर पर इसे एक दिसंबर को जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह सभागृह 500 सीट का रहेगा। इसमें सभी अत्याधुनिक सुविधाएं रहेंगी। यह सभागृह धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का केन्द्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोपाल मंदिर में बच्चों को स्नेहपूर्वक दुलार किया और आसपास के दुकानदारों से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूरे मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों और जीर्णोद्धार के कार्यों को देखा। उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिर को अपने प्राचीन तथा गौरवशाली स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जाए।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि गीता जयंती पर पूरे मध्यप्रदेश में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हर जिले में गीता भवन विकसित किए जाएंगे ताकि धार्मिक, सांस्कृतिक और अध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायक श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री दिलीप कुमार यादव, स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अर्थ जैन एवं श्री सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों और स्वच्छता दीदियों ने जताया आभार  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शुक्रवार को इंदौर में लाड़ली बहनों और स्वच्छता दीदियों ने पुष्प-गुच्छ और पुष्प-मालाओं से स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों ने उन्हें हर माह 1500 रुपये दिए जाने और स्वच्छता दीदियों के लिए नगर निगम के माध्यम से अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आभार जताया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायक श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री दिलीप कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर श्री अमित सिंह, श्री सुमित मिश्रा, अपर आयुक्त नगर निगम श्री रोहित सिसोनिया एवं श्री सुमित मिश्रा सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इंदौर के प्रसिद्ध पोहे का लिया आनंद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के राजवाड़ा के एक रेस्टोरेंट में मौजूद लोगों से चर्चा की। उन्होंने इंदौर के प्रसिद्ध पोहे का आनंद भी लिया।

400 करोड़ के लोन का खेल! हरियाणा के इस गांव में ऐसे चलता था पूरा रैकेट

चंडीगढ़  हरियाणा का डीघल गांव 400 करोड़ के नकद लोन का अड्डा बन गया है. यहां 5% मासिक ब्याज पर कॉर्पोरेट्स को 'ज़ुबान' पर कर्ज़ मिलता है। इस खेल में गैंगस्टर भी शामिल । एक फाइनेंसर के मर्डर और एक सब-इंस्पेक्टर व आईजी की आत्महत्या के बाद इस खूनी मकड़जाल का भंडाफोड़ हुआ। अब गांव में दहशत है और फाइनेंसरों को पुलिस सुरक्षा लेनी पड़ी है।    हर महीने 5% ब्याज पर 400 करोड़ रुपये तक का नकद लोन… वो भी बिना किसी बैंक के, सिर्फ ‘ज़ुबान’ पर. यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि हरियाणा के झज्जर जिले के डीघल गांव की ज़मीनी हकीकत है। पैसे के इस ‘अदृश्य’ और अरबों रुपये के खेल ने जब अपना खूनी रंग दिखाया, तो एक ऐसा मकड़जाल सामने आया जिसमें बड़े फाइनेंसर, कॉर्पोरेट और गैंगस्टर, सब उलझे हुए हैं। यह पूरा मामला तब सामने आया जब रोहतक साइबर सेल के सब-इंस्पेक्टर संदीप कुमार लाठर ने 14 अक्टूबर को आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उन्होंने एक वीडियो में आरोप लगाया कि एक मर्डर केस से एक म्यूजिक कंपनी के मालिक राव इंद्रजीत यादव का नाम हटाने के लिए हरियाणा के एक आईजी (वाई पूरन कुमार) ने 50 करोड़ रुपये की घूस मांगी थी। चौंकाने वाली बात यह रही कि कुछ ही समय पहले उन आईजी ने भी आत्महत्या कर ली थी। यह पूरा घटनाक्रम एक ऐसे मकड़जाल की तरफ इशारा कर रहा था, जिसके तार डीघल गांव के करोड़ों रुपये के नकद फाइनेंस के धंधे से जुड़े थे।   क्या है 400 करोड़ का यह ‘नकद’ खेल? डीघल को वहां के लोग ‘फाइनेंसरों का गांव’ कहते है। गांव के लोगों और मामले की जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, यहां 20 से 50 साल के करीब 1200 लोग इस धंधे में शामिल हैं।इनमें से ज्यादातर युवा है है। ये लोग आपस में 10 से 20 लाख रुपये तक जमा करके एक बड़ा ‘पूल’ बनाते हैं। इस पूल से बड़े-बड़े कॉर्पोरेट्स और रियल एस्टेट कारोबारियों को अरबों रुपये तक का कर्ज़ दिया जाता है और यह सब कुछ ‘कैश’ यानी नकद में होता है। इस धंधे का सबसे चौंकाने वाला पहलू है इसका ब्याज. यह पूरा सिस्टम 5% मासिक ब्याज दर पर चलता है. यानी, अगर किसी ने एक करोड़ रुपये का लोन लिया, तो उसे हर महीने 5 लाख रुपये सिर्फ ब्याज के तौर पर चुकाने होंगे. इस पैसे की वसूली के लिए डीघल और आसपास के कई जिलों (रोहतक, सोनीपत, भिवानी) के हज़ारों लड़के लगे हुए हैं. इनके कर्जदार सिर्फ हरियाणा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यूपी, राजस्थान, गुड़गांव, मुंबई और दिल्ली तक फैले हैं।  यहां ‘ज़ुबान’ और ‘पंच’ पर चलता है धंधा आखिर बिना किसी बैंक या कानूनी प्रक्रिया के करोड़ों का यह लेन-देन कैसे चलता है? दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा सौदा ज़ुबान और ताकत के दम पर चलता है।लोन देने से पहले ये फाइनेंसर 5% ब्याज जोड़कर कर्जदार से मासिक चेक ले लेते हैं. 6 महीने का बैंक खाता और टर्नओवर भी देखा जाता है. अगर मामला थोड़ा भी संदिग्ध लगा, तो ज़मीन, मकान या कंपनी के मालिकाने के असली कागज़ात गिरवी रख लिए जाते हैं। लेकिन इस सौदे में सबसे ज़रूरी चीज़ एक ‘पंच’ (बिचौलिया) होता है। यह कोई राजनीतिक या सामाजिक रूप से रसूखदार व्यक्ति होता है, जो दोनों पक्षों की गारंटी लेता है ।

जाली नोटों का बड़ा रैकेट बेनकाब! पंजाब पुलिस ने बरामद किए करोड़ों के फर्जी रुपये

डेराबस्सी डेराबस्सी में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय जाली करंसी गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हासिल की है, जिसमें 9 करोड़ 99 लाख 5 हज़ार रुपये की नकली और प्रतिबंधित करंसी बरामद की गई, जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। मोहाली के एस.एस.पी. हरमनदीप सिंह हंस ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सचिन निवासी भारत नगर, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) और गुरदीप निवासी गुरदेव नगर, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) के रूप में हुई है। एस.एस.पी. ने बताया कि जाली करंसी अपराध में शामिल एक अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े दो संदिग्धों की गतिविधियों के बारे में गोपनीय सूचना मिली थी। तत्काल कार्रवाई करते हुए, एस.पी. ग्रामीण मनप्रीत सिंह और डी.एस.पी. डेराबस्सी बिक्रमजीत सिंह बराड़ की देखरेख में विशेष टीमों का गठन किया गया। इंस्पेक्टर सुमित मोर (थाना प्रभारी, डेराबस्सी) और इंस्पेक्टर मलकीत सिंह (प्रभारी, एंटी-नारकोटिक्स सेल) के नेतृत्व में टीमों ने पुराने अंबाला-कालका राजमार्ग पर घग्गर पुल के पास एक चेक पोस्ट स्थापित की। एक सफेद स्कॉर्पियो में सवार संदिग्धों को रोका गया, जिनसे 11,05,000 रुपये मूल्य की असली प्रतिबंधित मुद्रा और 9 करोड़ 88 लाख रुपये मूल्य की नकली करंसी बरामद की गई। 

प्रदेश में जुआ फड़ पर प्रभावी कार्रवाई – 12 दिनों में 1 करोड़ से अधिक की जब्ती

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध गतिविधियों, जुआ-सट्टा, नशीले पदार्थों, फर्जी लेन-देन और संगठित अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत इस माह के शुरुआती 10 दिनों में प्रदेशभर से एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नगदी, वाहन, मोबाइल फोन और अन्य संपत्तियाँ जब्त की गई हैं। इसी क्रम में छिंदवाड़ा जिले में की गई कार्रवाई महत्वपूर्ण रही। 12 नवंबर 2025 को मिली विश्वसनीय सूचना के आधार पर थाना बिछुआ पुलिस ने ग्राम गुलसी के जंगल में चल रहे जुआ फड़ पर दबिश दी। मौके पर 52 पत्तों के माध्यम से दांव लगाते 15 लोगों को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई में कुल 70 लाख 93 हजार 900 रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की गई, जिसमें 43 हजार 900 रुपये नगद, लगभग ढाई लाख रुपये कीमत के 15 एंड्रॉयड मोबाइल तथा करीब 68 लाख रुपये मूल्य की नौ चार पहिया गाड़ियाँ शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में अधिकांश पांढुर्ना, सौंसर और छिंदवाड़ा के निवासी हैं, जबकि कुछ आरोपियों का संबंध महाराष्ट्र के अमरावती और नागपुर जिलों से है। जंगल क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय यह जुआ फड़ आसपास के क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों का केंद्र बना हुआ था। इस कार्रवाई से ऐसे तत्त्वों पर प्रभावी रोक लगी है। सभी आरोपियों के विरुद्ध जुआ अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेश में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित अपराधों पर नियंत्रण बनाने की दिशा में लगातार कार्रवाई कर रही है। कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

डेंगू ने सिरसा में ली एक और जान, स्वास्थ्य विभाग में मचा अलर्ट

सिरसा  सिरसा जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। यह आंकड़ा 600 के आस-पास पहुंच गया है। वहीं बीते दिन देर रात को रानियां के गांव चकराइयां के 43 वर्षीय गुरमेल सिंह की निजी अस्पताल में डेंगू के इलाज के दौरान मौत हो गई।  बता दें कि जिले में इससे पहले भी वायरल बुखार से औटू में बहन भाई, ओढ़ां में बच्ची ओर अहमदपुर में 13 वर्षीय बच्ची की मौत के मामले सामने आ चुके हैं। व्यक्ति की मौत के बाद मातम छाया हुआ है। वह खेतीबाड़ी करता था और तीन बच्चों का पिता था। जिले में फोगिंग के साथ सैंपल लेने का काम जारी है। तब भी डेंगू के मामलों में गिरावट नहीं आई।