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कैबिनेट बैठक : स्पेन-दुबई दौरे से लौटे मुख्यमंत्री, MP को डेटा सेंटर हब बनाने की रूपरेखा तय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में कैबिनेट बैठक हुई। बैठक की शुरुआत में मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने स्पेन और दुबई से लौटे मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।  कैबिनेट में मानसून सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले अनुपूरक बजट और वित्त विधेयकों पर भी चर्चा हुई है लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा के दौरान इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अगर किसी को बिजली की दरों को लेकर चिंता है, तो वह सोलर एनर्जी की ओर रुख करे। सोलर से न केवल खुद के लिए सस्ती बिजली मिल सकती है, बल्कि इसे बेचकर आमदनी भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "पीएम सोलर सूर्यघर योजना" के तहत आमजन को सस्ती सौर ऊर्जा की सुविधा दी है। इसका लाभ उठाया जा सकता है। गांधी सागर जल विद्युत गृह 464 करोड़ रुपए में होगा अपग्रेड मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि कैबिनेट में एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा गांधी सागर जल विद्युत गृह के अपग्रेडेशन को मंजूरी दी गई है। यहां राणा प्रताप राजस्थान द्वारा 75 मेगावाट का प्लांट भी संचालित किया जा रहा है। एमपी के हिस्से के 115 मेगावाट संयंत्र की क्षमता अब बढ़ाई जा रही है। 40 साल पुराने इस प्लांट के आधुनिकीकरण पर 464 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें सरकार का 30% हिस्सा होगा, शेष राशि लोन से जुटाई जाएगी। एमपी बनेगा विश्वसनीय डेटा सेंटर हब मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने विदेश दौरे के दौरान डेटा सेंटर्स का निरीक्षण किया है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश में विश्वसनीय डेटा सेंटर्स विकसित करने की योजना पर विचार हुआ है। डेटा एक्सचेंज और विकास से जुड़े इस सिस्टम में शोधकर्ता और नीति-निर्माता भी शामिल होंगे। यह प्रयास एमपी को एक डेटा-सक्षम और सुरक्षित राज्य के रूप में पहचान दिलाएगा। उज्जैन व्यापार मेले में 50% छूट विजयवर्गीय ने बताया कि उज्जैन में आयोजित होने वाले व्यापार मेले में ऑटोमोबाइल सेक्टर को 50 % की छूट दी गई है। ग्वालियर में यह सुविधा पहले से लागू है। कैबिनेट में इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा     पचमढ़ी को "बायोस्फीयर रिजर्व" घोषित किया गया है। राज्य सरकार जैव विविधता, टाइगर रिजर्व और पर्यावरणीय पर्यटन को लेकर गंभीर है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इन क्षेत्रों का समुचित विकास किया जाएगा।     मुख्यमंत्री ने खाद वितरण को लेकर चिंता जताई। उन्होंने सभी मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में खाद की व्यवस्था सुनिश्चित करें। बोनी का काम शुरू हो गया है, ऐसे में किसानों को समय पर खाद मिलना चाहिए। साथ ही, नकली खाद पर सख्ती से रोक लगाई जाए।     महाकाल की सवारी इस बार "लोक नृत्य" थीम पर आधारित रही, जिसमें गुजरात के आदिवासी नृत्य की विशेष प्रस्तुति दी गई। लाखों श्रद्धालु पहुंचे। इतनी भीड़ को नियंत्रित करने का कार्य प्रशासनिक टीम ने बखूबी किया। विदेश यात्रा पर निवेश प्रस्ताव की दी जानकारी मुख्यमंत्री ने बैठक से पहले बताया कि इस यात्रा के दौरान कुल 11,119 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लगभग 14,500 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश के नक्शे पर एक नई पहचान दिलाने वाली रही और यूरोप तथा खाड़ी देशों में यह संदेश गया है कि मध्य प्रदेश निवेश के लिए मित्रवत राज्य है। स्पेन की तकनीक अपनाएगा एमपी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि स्पेन में उद्यानिकी, फल उत्पादन और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का बेहतरीन उपयोग देखा गया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रदेश से कृषकों के अध्ययन दल स्पेन भेजे जाएंगे। डॉ. यादव ने कहा कि वस्त्र व्यवसाय में लगे अंतरराष्ट्रीय समूह हरित ऊर्जा और प्राकृतिक खेती से उत्पादित सामग्री को प्राथमिकता देते हैं। इस दृष्टि से मध्य प्रदेश के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में खास मांग है, जिसे देखते हुए सरकार इस दिशा में विशेष पहल करेगी।  

साध्वी के भेष में 90 लाख की ठगी, नर्मदापुरम में पुलिस ने रचाया जाल और की गिरफ्तारी

 नर्मदापुरम  90 लाख रुपये की धोखाधड़ी और अदालत को गुमराह करने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहीं साध्वी लक्ष्मी दास (असली नाम रीना रघुवंशी) को छिंदवाड़ा पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी नर्मदापुरम जिले के चंद्रकलां गांव से की गई, जहां साध्वी धार्मिक अनुष्ठान के बहाने छिपकर रह रही थी। पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि साध्वी लक्ष्मी दास गांव में मौजूद है। जैसे ही पुलिस टीम वहां पहुंची, साध्वी को गिरफ्तारी की भनक लग गई और उसने टॉयलेट जाने का बहाना बनाकर वहां से भागने की कोशिश की। इसके बाद वह पास ही की नदी पार कर एक अन्य गांव में छिप गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नाव की मदद से पीछा कर उसे चारों ओर से घेर लिया और हिरासत में ले लिया। साध्वी लक्ष्मी दास छिंदवाड़ा जिले के चांद क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध रामजानकी मंदिर, लोनीकलां से जुड़े 90 लाख रुपये के गबन के मामले में वांछित थीं। यह रकम मंदिर के पूर्व महंत स्व. कनक बिहारी दास द्वारा घोषित एक करोड़ रुपये की दान राशि का हिस्सा थी, जो उनकी मृत्यु के बाद रहस्यमय ढंग से बैंक खाते से निकाल ली गई। खास बात यह रही कि जिस बैंक खाते से यह राशि निकाली गई, उसमें कोई नॉमिनी नहीं था। पुलिस जांच में यह सामने आया कि इस धोखाधड़ी में साध्वी लक्ष्मी दास के साथ एक बैंक मैनेजर की भूमिका भी संदिग्ध है। गिरफ्तारी से बचने के लिए साध्वी ने पहले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन दोनों जगह से उसे कोई राहत नहीं मिली। 19 मई को हाईकोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट कहा था कि उसने तथ्य छुपाए और अदालत को गुमराह करने की कोशिश की। बाद में सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) भी साध्वी ने खुद ही वापस ले ली थी, जिसके बाद से वह फरार चल रही थी। अब छिंदवाड़ा पुलिस की स्पेशल टीम उसे हिरासत में लेकर वापस लौट चुकी है और मंगलवार को साध्वी को अदालत में पेश किया जाएगा। पूछताछ के दौरान यह जानने की कोशिश की जाएगी कि 90 लाख रुपये की रकम कहां और कैसे खर्च की गई। साथ ही पुलिस बैंक अधिकारियों की भूमिका और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की जांच भी करेगी। माना जा रहा है कि यह मामला अब और भी गंभीर मोड़ ले सकता है, क्योंकि इसमें मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई अन्य वित्तीय दस्तावेज और लेनदेन की परतें खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। 

उन्नाव में धमाका बना काल, बस्ती में गड्ढे में मिली तीन बच्चों की लाशें – इलाके में सनसनी

उन्नाव  यूपी के उन्नाव के मौरावां थाना क्षेत्र के पारा गांव के बाहर मंगलवार सुबह पटाखा बनाते समय अचानक हुए विस्फोट में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मौरावां थाना पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पारा गांव के बाहर पटाखा बनाने का काम लंबे समय से किया जा रहा था। इसी गांव निवासी नफीस पुत्र रज्जन के नाम से जारी पटाखा लाइसेंस अंतर्गत पटाखा निर्माण किया जाता था। पारा गांव के रहने वाले शिवचरण (55) पुत्र विजय सुबह पटाखा बना रहा है। इसी दरमियान विस्फोट होने से चपेट में आए शिव चरण की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उधर, बस्ती जिले के पुराने बस्ती थानाक्षेत्र के लोहरौली गांव में मंगलवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गांव के पास एक ईंट भट्टे के गड्ढे में तीन बच्चों की लाश उतराती मिली। घटनास्थल के पास खून के निशान भी देखे गए। मौके पर पहुंचे परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। घटना की सूचना पर एसपी अभिनंदन, एएसपी, सीओ सिटी के साथ पुरानी बस्ती पुलिस मौके पर पहुंच गई। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से सबूत जुटाए। एसपी ने बताया कि गड्ढा करीब सात फीट गहरा है। इसी में डूबने के कारण तीनों लड़कों की मौत हुई है। शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले है। अब तक की जांच में डूबने से मौत की बात सामने आई है।

8000 स्व-सहायता समूह की दीदियों ने 1150 किलो प्लास्टिक एकत्र कर रचा नया कीर्तिमान

स्वच्छता में महिला सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल 8000 दीदियों का कमाल: 1150 किलो प्लास्टिक एकत्र कर बनाया स्वच्छता का नया कीर्तिमान प्लास्टिक मुक्त भारत की ओर कदम: 8000 दीदियों ने इकट्ठा किए 1150 किलो कचरे, बना रिकॉर्ड 8000 स्व-सहायता समूह की दीदियों ने 1150 किलो प्लास्टिक एकत्र कर रचा नया कीर्तिमान एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के कुशल नेतृत्व और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में जिले की लगभग 8000 स्व-सहायता समूहों की महिलाओं (दीदियों) ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए एक ही दिन में 1150 किलो एकल उपयोगी प्लास्टिक अपशिष्ट का एकत्रीकरण कर स्थानीय स्तर पर राष्ट्रीय सोच को साकार किया है। यह अनूठा अभियान सिर्फ प्लास्टिक संग्रहण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गांव-गांव में स्वच्छता की अलख जगाने, जागरूकता बढ़ाने और सतत विकास के उद्देश्य को धरातल पर उतारने का माध्यम भी बना। प्लास्टिक: आधुनिकता का वरदान या प्रकृति का अभिशाप? आज जहां प्लास्टिक ने जीवन को सुविधाजनक बनाया है, वहीं इसके असंगठित और अत्यधिक उपयोग से जल, वायु और भूमि प्रदूषण के साथ-साथ कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का भी कारण बनता जा रहा है। पशु-पक्षियों और समुद्री जीवों पर इसका घातक प्रभाव पड़ रहा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए स्वच्छाग्रहियों ने इसे जन आंदोलन का रूप दिया। बच्चों ने भी निभाई अपनी जिम्मेदारी, 844 किलो प्लास्टिक किया एकत्र इस अभियान की शुरुआत में जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने 844 किलो प्लास्टिक एकत्र कर उदाहरण प्रस्तुत किया। बच्चों ने रैली, पोस्टर मेकिंग और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुँचाया। ग्राम पंचायतें और जनप्रतिनिधि भी बने स्वच्छता सहभागी ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं सामाजिक संगठनों ने अभियान को जनांदोलन का रूप देने में सक्रिय सहयोग किया। कई गांवों में स्वच्छता रैली, नारा लेखन, और जनजागरण गतिविधियों का आयोजन कर “प्लास्टिक मुक्त ग्राम” का संकल्प लिया गया। 4R मॉडल से प्लास्टिक प्रबंधन की दिशा में एक ठोस कदम अभियान में 4R सिद्धांत  Reduce  (कम करना),  Reuse (पुनः उपयोग),  Recycle (पुनर्चक्रण), Recover (पुनर्प्राप्त करना) को अपनाया गया। अब तक छात्र-छात्राओं एवं महिलाओं के माध्यम से कुल 2000 किलो प्लास्टिक अपशिष्ट एकत्र किया गया है, जिसे प्लास्टिक प्रबंधन इकाई में भेजा जाएगा। इससे अतिरिक्त आय के अवसर भी सृजित होंगे। अब जिले में प्लास्टिक से भी बनेगी सड़कें जिले के नगर पालिका, नगर पंचायत एवं ग्रामीण क्षेत्रों से एकत्रित प्लास्टिक को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ( PMGSY ) के अंतर्गत सड़क निर्माण में प्रयोग करने की योजना है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे में नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।

बाबा महाकाल की शरण में उपमुख्यमंत्री शुक्ल, जनकल्याण की कामना की

उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने किए बाबा महाकाल के दर्शन और लोककल्याण की प्रार्थना की उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने बाबा महाकाल के किए दर्शन, की प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना बाबा महाकाल की शरण में उपमुख्यमंत्री शुक्ल, जनकल्याण की कामना की श्रावण के दूसरे सोमवार को बाबा महाकाल की भव्य सवारी में हुए शामिल उज्जैन  पवित्र श्रावण माह के दूसरे सोमवार को उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री शुक्ल और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल बाबा महाकाल की परंपरागत सवारी में श्रद्धा एवं भक्ति भाव से शामिल हुए। भगवान महाकाल की पालकी जैसे ही महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण से निकली पूरा वातावरण हर-हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि उज्जैन की धरती पर बाबा महाकाल का दर्शन परम सौभाग्य की बात है। श्रावण का यह पावन पर्व हमें भक्ति, सेवा और आत्मिक शुद्धता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान का आधार है। यह आध्यात्मिक शांति, सामाजिक एकता और संस्कारों की चेतना को सशक्त करते हैं। उल्लेखनीय है कि श्रावण सोमवार को भगवान महाकाल की परंपरागत सवारी नगर भ्रमण पर निकलती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस अवसर पर नगर को भव्य रूप से सजाया गया था और चारों ओर धार्मिक उल्लास का वातावरण था। सवारी में प्रशासन एवं महाकाल मंदिर समिति के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।  

ग्राम जाखी सतना से जल संवर्धन की नई शुरुआत

सतना सतना सांस्कृतिक एवं साहित्यिक मंच के अध्यक्ष डॉ.यू.बी.सिंह परिहार के नेतृत्व में  जल संरक्षण एवं संवर्धन गोष्ठी  ग्राम जाखी में सम्पन्न  मुख्यअतिथि  श्री रामानन्द सिंह से.नि. कार्यपालन यंत्री जल संसाधन तथा  श्री जी पी सिंह जी से.नि. संयुक्त कमिश्नर की अध्यक्षता व श्री छोटे लाल पाण्डेय , श्री नरेन्द्र प्रताप सिंह,श्री जी पी चतुर्वेदी से.नि. कार्यपालन यंत्री विशिष्ट अतिथि रहे।       श्री धर्मेन्द्र प्रताप सिंह धरम के मंच संचालकत्व में मां सरस्वती जी की पूजा अर्चना पश्चात सुमधुर गीतकार श्री शैलेन्द्र सिंह परिहार शैल की वाणी  वंदना के साथ गोष्ठी प्रारंभ हुई।       डॉ यू बी सिंह परिहार जी  अपने स्वागत भाषण में कहा कि जल जमीन जंगल जानवर के प्रति अपना नजरिया सकारात्मक करना होगा।रिचार्ज वाटर के संबंध में किसानों को इसी बरसात से सोचना होगा व जितने जल की आवश्यकता है उससे अधिक खर्च न करने का संकल्प लेना होगा।जल संरक्षण हेतु अपने उद्वोधन  से ग्रामीण जनों में पानी के बचत संरक्षण व सदुपयोग की अपील किए।         मुख्यअतिथि श्री रामानन्द सिंह जी ने प्रकृति के उपादानों पर चर्चा करते हुए छिति जल पावक गगन समीरा पंच प्रकृति के अनमोल उपहारों के संरक्षण की नशीहद दिए।            गोष्ठी में श्री ओम प्रकाश अग्रवाल,ब्लाक सरपंच संघ अध्यक्ष श्री शिवेन्द्र सिंह धौरा (सरपंच वीरपुर), श्री जी पी चतुर्वेदी जलविद ,श्री जय नारायण सिंह जी पूर्व सरपंच जाखी अपने विचार साझा किए।             अध्यक्षीय उद्वोधन में श्री जी पी सिंह जी ने कहा कि इस गोष्ठी को केवल गोष्ठी तक सीमित न रखा जाए इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में परिणित किया जाकर जाखी गांव से जल संवर्धन का कार्य प्रारम्भ किया जाए। देशी अनाज की खेती पर जोर के साथ, बंद पड़े बोरबेलों को रिस्टार्ट किया जाकर जल स्तर को बेहतर बनाया जाए।    जल संवर्धन एवं संरक्षण हित काव्य गोष्ठी में शैलेन्द्र प्रताप सिंह शैल,श्री टी के सिंह परिहार बांसी रामनगर,श्री नरेंद्र प्रताप सिंह, श्री छोटे लाल पाण्डेय, श्री जी.पी सिंह,श्री अजीत सिंह परिहार कुंवर, श्री रामपाल सिंह परिहार, श्री नागेन्द्र प्रतिहार, श्री रमेश प्रताप सिंह जाख़ी,डॉ अरुण कुमार पयासी बघेली बांधव, यू बी सिंह परिहार, धर्मेन्द्र प्रताप सिंह धरम, पाठक जी ने जल से जुड़ी रचनाएं पढ़कर जनमानस को प्रोत्साहित किये।                  गोष्ठी का आभार प्रदर्शन जाखी सरपंच श्री भूपेन्द्र सिंह जी ने किया। शिवेन्द्र सिंह सरपंच धौरा,श्री अवध राज सिंह, नन्हे दाहिया सरपंच लालपुर, राजन सिंह सरपंच सेमरी, सरपंच मानिकपुर,राकेश कुमार, मनीष छेदी लाल पंच एवं ग्रामीणों ने जल संवर्धन गोष्ठी में भाग लिया।

UP में ट्रैफिक चालानों की भरमार, नहीं चुकाया जुर्माना तो 60 हजार लाइसेंस होंगे रद्द

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों पर अब सख्ती होगी। ट्रैफिक विभाग ने 5000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के जुर्माने वसूलने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। जो लोग बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं, उनकी गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और ड्राइविंग लाइसेंस (DL) रद्द किए जाएंगे। जिन गाड़ियों पर पाँच या उससे ज़्यादा चालान बकाया हैं, उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होगी। इन गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) भी रद्द किए जा सकते हैं, ताकि वे सड़कों पर ना चल सकें। अधिकारियों के अनुसार, ट्रैफिक विभाग ने 3 लाख गाड़ियों और 58,893 ड्राइविंग लाइसेंस धारकों की लिस्ट ट्रांसपोर्ट विभाग को भेजी है। इन सभी के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक 1,006 ड्राइविंग लाइसेंस और 3,964 गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन रद्द या सस्पेंड किए जा चुके हैं। बरेली ज़ोन में सबसे ज़्यादा ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले पाए गए हैं। यहाँ 21,000 से ज़्यादा लोगों की पहचान हुई है, जिनमें से 5,833 DL रद्द करने के लिए भेजे गए हैं और 130 RC को चिह्नित किया गया है। मेरठ ज़ोन में 1323 लोगों ने नियम तोड़े, जिनमें से 260 DL सस्पेंड कर दिए गए हैं। आगरा ज़ोन में 1585 DL सस्पेंड करने की सिफ़ारिश की गई है और 30,000 से ज़्यादा गाड़ियों के RC रद्द करने के लिए चिह्नित किए गए हैं। लखनऊ ज़ोन में 4351 गाड़ियों और 1820 DL पर कार्रवाई करने की सिफ़ारिश की गई है। इन इलाक़ों में नियमों का पालन कराने और मौतों को कम करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक) के. सत्यनारायण ने कहा कि राज्य में हज़ारों करोड़ रुपये का चालान बकाया है। यह इसलिए है क्योंकि गाड़ी मालिक और ड्राइवर बार-बार नियम तोड़ते हैं और जुर्माना नहीं भरते। उन्होंने कहा, "जिन लोगों पर पाँच या उससे ज़्यादा चालान बकाया हैं, उनके RC ब्लैकलिस्ट कर दिए जाएँगे, जिससे उनकी गाड़ियाँ अवैध हो जाएँगी। ऐसे ड्राइवरों के लाइसेंस भी रद्द किए जा रहे हैं ताकि लापरवाही से गाड़ी चलाने पर रोक लगाई जा सके।" इस महीने ट्रांसपोर्ट विभाग को एक लिस्ट दी गई है, जिसमें 3,01,410 गाड़ियाँ और 58,893 लाइसेंस धारक शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि कई लोग चालान इसलिए नहीं भरते क्योंकि उन्हें लगता है कि अदालतें जुर्माने की रकम कम कर देंगी। 2021 में, कुल 67 लाख गाड़ियों का चालान किया गया था, जिससे 867 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा था। 2024 तक, चालानों की संख्या बढ़कर 1.36 करोड़ हो गई, लेकिन वसूली सिर्फ़ 105 करोड़ रुपये ही हुई। इससे पता चलता है कि कितने ज़्यादा जुर्माने बकाया हैं। ट्रैफिक विभाग ने 20 ऐसे ज़िलों की भी पहचान की है, जहाँ ट्रैफिक नियमों का सबसे ज़्यादा उल्लंघन होता है और सड़क हादसे होते हैं। लखनऊ इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। 2024 में यहाँ 1630 सड़क हादसे हुए, जिनमें 576 लोगों की मौत हो गई और 1165 लोग घायल हो गए। ज़्यादा हादसे वाले अन्य ज़िलों में कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, आगरा, बरेली, नोएडा, हरदोई, बुलंदशहर, मथुरा, ग़ाज़ियाबाद, अलीगढ़, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव, मेरठ, शाहजहाँपुर, आज़मगढ़, लखीमपुर खीरी और कुशीनगर शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि पूरे राज्य में एक अभियान चल रहा है, जिसमें न सिर्फ़ बार-बार नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा रही है, बल्कि सड़क सुरक्षा के मुद्दों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। यह अभियान उत्तर प्रदेश की सड़क सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। इसका मक़सद है कि लोग लापरवाही से गाड़ी न चलाएँ, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और समय पर जुर्माने की वसूली हो।  

6 वर्षों से चुनावी मैदान से दूर 27 पार्टियों से जवाब तलब, आयोग ने मांगा स्पष्टीकरण

नई दिल्ली  दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 27 पंजीकृत राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इन पार्टियों को पिछले छह सालों से कोई भी चुनाव न लड़ने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निर्वाचन आयोग ने कहा, यह जनप्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन है। आगे इन पार्टियों को चुनाव आयोग की लिस्ट से हटाया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि इन पार्टियों के अध्यक्षों और महासचिवों को लिखित में जवाब देने और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सामने पेश होने का समय दिया गया था, लेकिन सिर्फ चार पार्टियों ने जवाब दिया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर. एलिस वाज ने कहा कि वे 27 जुलाई तक चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेज देंगे। 27 पार्टियों ने 2019 से नहीं लड़ा कोई चुनाव अधिकारी के अनुसार, चुनाव आयोग में राजनीतिक पार्टियों जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 29 के तहत रजिस्टर होती हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद वह चुनाव में भाग ले सकती हैं। इन पार्टियों को विशेष प्रकार की छूटें भी दी जाती है। जिसमें टैक्स में छूट, चुनाव चिह्न और स्टार प्रचारक जैसी सुविधाएं मिलती हैं। लेकिन दिल्ली में 27 पार्टियों ने 2019 से कोई भी चुनाव नहीं लड़ा है। राजनीतिक पार्टियों की लिस्ट से हटाया जा सकता है नोटिस में कहा गया है, पिछले छह सालों से चुनाव न लड़ने से साफ है कि पार्टी ने धारा 29A के तहत राजनीतिक पार्टी के तौर पर काम करना बंद कर दिया है। इसलिए, आयोग भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 29A के तहत इन राजनीतिक पार्टियों को लिस्ट से हटाने का प्रस्ताव रखता है। निर्वाचन आयोग द्वारा जिन पार्टियों को नोटिस भेजा गया है, वही सभी पार्टियां लोकसभा, विधानसभा और नगर निगम के चुनावों में हमेशा दिखती है लेकिन कुछ खास वोट नहीं पाती हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और उसके साथियों को 47.2 प्रतिशत वोट मिले, आप को 43.6 प्रतिशत और कांग्रेस को 6.3 प्रतिशत वोट मिले। बाकी राष्ट्रीय पार्टियों, गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों को मिलाकर सिर्फ 2.4 प्रतिशत वोट मिले। इन पार्टियों को भेजा गया नोटिस जिन पार्टियों को नोटिस भेजा गया है, उनमें भारतीय रोजगार पार्टी, जन आंदोलन मोर्चा, मानव जागृति मंच, नवयुग पार्टी, ओजस्वी पार्टी, राष्ट्रीय जन कल्याण पार्टी, जनता सरकार पार्टी, ऑल इंडिया वीमेन यूनाइटेड पार्टी और आजाद भारत कांग्रेस शामिल हैं। चुनाव अधिकारी ने पार्टियों को 18 जुलाई तक जवाब देने का समय दिया था।  

लैलूंगा में खुलेगा पंजीयन कार्यालय, वित्त मंत्री चौधरी ने की घोषणा

रायपुर : पूरी प्रतिबद्धता के साथ छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए कर रहे कार्य-वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने लैलूंगा में किया 2.72 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन लैलूंगा में खुलेगा पंजीयन कार्यालय, वित्त मंत्री चौधरी ने की घोषणा जयदयाल सिंघानिया फाउंडेशन के सहयोग से निर्मित कन्या प्राथमिक शाला भवन का हुआ लोकार्पण रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने आज रायगढ़ जिले के नगर पंचायत लैलूंगा में 2 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने जयदयाल सिंघानिया फाउंडेशन के सहयोग से नवनिर्मित सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन का लोकार्पण किया, साथ ही स्कूल परिसर में सेठ जयदयाल सिंघानिया की प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ करते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने स्कूल के छात्रों को ड्रेस, पाठ्य सामग्री व श्रीफल का वितरण किया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री चौधरी ने लैलूंगा में पंजीयन कार्यालय खोलने की महत्वपूर्ण घोषणा की। जिससे यहां के लोगों को जमीन रजिस्ट्री के लिए दूर जाने की जरूरत नही पड़ेगी और स्थानीय स्तर पर ही काम होने से समय व ऊर्जा की बचत होगी।           वित्तमंत्री चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ओपी सिंघानिया का लैलूंगा की मिट्टी से गहरा नाता है। वे इसी अंचल में जन्मे, पले-बढ़े और आज देश-प्रदेश में एक प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। इस क्षेत्र के लिए उनका योगदान अनुकरणीय है। उन्होंने नवनिर्मित सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन के निर्माण को अत्यंत सुंदर और प्रेरणादायक बताते हुए सिंघानिया फाउंडेशन को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पूरी प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने सरकार बनते ही दो साल के बकाया बोनस राशि वितरण किया। धान खरीदी की मात्रा 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया। 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान स्वीकृत किए गए, जिनमें से अधिकतर आवास मात्र डेढ़ साल में पूर्ण कर लिए गए। 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना का प्रत्यक्ष लाभ सुनिश्चित किया गया है। श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए  श्रीरामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है, ताकि अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य आम जन को मिल सके।           वित्त मंत्री चौधरी ने लैलूंगा में विकास के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि यहां जल्द ही पंजीयन कार्यालय प्रारंभ किया जाएगा। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ऑक्सीजन जोन, मुक्तिधाम और बायपास सड़क निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति दी जाएगी। विद्यालय के उन्नयन के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा, ताकि यहां के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ें। जब लैलूंगा का एक बेटा देश प्रदेश का ख्यातनाम सीए बन सकता है, तो यहां का हर बच्चा ऊंचाइयों को छू सकता है। हम सबका संकल्प है कि इस अंचल को समृद्ध बनाएंगे और पूरे छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य की श्रेणी में अग्रणी बनाएंगे।             पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया  एवं नगर पंचायत अध्यक्ष कपिल सिंघानिया ने वित्त मंत्री चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सदैव आमजन के सुख-दुख में सहभागी रहते हैं। जल आवर्धन योजना जैसे रुके हुए कार्यों को पुनरू प्रारंभ कराकर उन्होंने जनता के प्रति अपनी संवेदनशीलता दर्शाई है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार ने कहा कि शासन की मंशा अनुरूप लैलूंगा क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। ग्रामीणों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है ताकि आमजन को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आगे भी क्षेत्र की जनता की आवश्यकताओं और मांगों को प्राथमिकता देते हुए नए विकास कार्य स्वीकृत कराए जाएंगे। जनसुविधाओं को सुलभ और सशक्त बनाने की दिशा में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। सिदार ने क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।  कार्यक्रम में आईएनएच न्यूज के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भगत, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांता भगत व गोपाल अग्रवाल, जनपद उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, नगर पंचायत उपाध्यक्ष कृष्णा जायसवाल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इन कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजन वित्त मंत्री चौधरी ने कार्यक्रम में 50 लाख रुपए की लागत से सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन और 42.28 लाख रुपए की लागत से इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम में सीटिंग व्यवस्था का लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने 40 लाख रुपए से इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम उन्नयन, 20 लाख रुपए की लागत से बास्केटबॉल कोर्ट निर्माण, 5 लाख रुपए की लागत से पेंशनर भवन के पास स्नानागार, शौचालय व कक्ष निर्माण और 1.14 करोड़ से अधिक लागत से बी.टी. रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। साथ ही, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ऑक्सीजोन, मुक्तिधाम, बायपास सड़क और अन्य विकास कार्यों को भी प्राथमिकता देने की बात कही।

रायपुर में डेका का संदेश: रिपोर्ट से नहीं, जमीनी हकीकत से जांचें योजनाओं का क्रियान्वयन

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (प्रधानमंत्री जनमन योजना) के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल फील्ड रिपोर्ट पर निर्भर न रहें बल्कि निचले स्तर पर जाकर योजनाओं का क्रियान्वयन देंखें।     राज्यपाल डेका ने प्रदेश के पीएम जनमन क्षेत्रों में विभिन्न विभागों के कार्याे की समीक्षा की और संचालित कार्याे की जमीनी हकीकत देखने के लिए इन ग्रामों का दौरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना का मूल उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को केन्द्र द्वारा तय सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है। इन वर्गाे तक मूलभूत सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क आदि देना पहली प्राथमिकता है। जो योजनाएं संचालित है वे तय समय पर पूर्ण हो जाएं। पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में सुविधाएं पहुंचे इसके लिए सही एप्रोच जरूरी है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के सहयोग और समन्वय से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। डेका ने निर्देश दिया कि सतत् विकास की प्रक्रिया मे पर्यावरण को अनदेखा न किया जाए। जो विकास के कार्य हो रहे है, उसमें पेड़ों को बचाकर रखा जाए। उन्होंने कहा कि पानी को लेकर गंभीर होना है। जमीनी जल स्तर और वर्षा का मापन करे और उसके अनुसार योजनाएं बनाएं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता दे। सौर विद्युतीकरण की प्रगति पर उन्होंने असंतोष जताया और कहा कि इस क्षेत्र में जो चुनौतियां है उसका सभी मिलकर निराकरण करेंगे। बैठक मे राज्यपाल डेका ने पीएम जनमन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और कहा कि आंगनबाड़ीयों में लाइवलीहुड के लिए कार्य होना चाहिए। उन्होंने राज्य में स्व सहायता समूहों के गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में भी नवाचार को प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में नवाचार करने वाले स्व सहायता समूहों को राजभवन द्वारा भी पुरूस्कृत किया जाएगा। डेका ने जनजातीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता से नवाचार करने पर बल दिया।