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हाथी हर्री गांव में घुस गए थे,जहां चार कच्चे मकानों में तोड़फोड़ करते हुए अंदर रखा अनाज खाया

शहडोल संभागीय मुख्यालय के आसपास चालीस किलोमीटर के क्षेत्र में तीन दिन से चार जंगली हाथियों का मूवमेंट बना हुआ है। मंगलवार की साम तक हाथियों का दल बुढ़ार वन परिक्षेत्र के धनपुरा पहुंच गया था और एक गन्ने के खेत में रुका था,जिसकी निगरानी वन विभाग की टीम कर रही है। मंगलवार की रात में हाथी हर्री गांव में घुस गए थे,जहां चार कच्चे मकानों में तोड़फोड़ करते हुए अंदर रखा अनाज खा लिया है। उधिया गांव में घुस गए और वहां भी खेतों में लगे भुट्टे एवं अन्य फसल को खाया और रौंदते हुए चले गए।मंगलवार की रात में तो शहडोल बुढार हाइवे में आ गए थे,जिसके कारण कुछ देर तक सड़क पर आवागमन भी बंद करना पड़ा था।रात भर 15 घंटे में चार गांव की बस्ती से गुजरते हुए हाथियों ने 30 किलोमीटर का सफर तय करते हुए कई घरों व खेतों को नुकसान पहुंचा है।हां इतना जरुर है कि जन हानि नहीं पहुंचाई है,जबकि लोगों ने इन्हें खूब छेड़ा है,लेकिन ये आक्रामक नहीं हुए हैं।   उल्लेखनीय है कि 12 जुलाई की रात में हाथियों का यह दल विचारपुर नर्सरी पहुंचा था और सिंहपुर रोड पार करते हुए,रात में कंचनपुर ,हर्री एवं धुरवार गांव की बस्ती के बीच से हो कर हाथी गुजरे हैं। शहडोल बुढार हाईवे पर धुरवार टोल प्लाजा के पास हाथी पहुंच गए थे, जिसकी वहज से कुछ समय के लिए रास्ता बंद हो गया था। मंगलवार की सुबह चारों हाथी उधिया बस्ती के अंदर प्रवेश किया और फसलों को खाते राैंदते हुए सुबह 10 बजे तक इसी क्षेत्र में विचरण कर रहे। इसके बाद धीरे-धीरे बस्तियों के पास से होते हुए बुढ़ार क्षेत्र के धनपुरा गांव पहुंच गए हैं और गन्ने के खेत में रुके हैं। जिला प्रशासान और पुलिस के अधिकारियों के साथ वन विभाग का अमला हाथियों पर नजर बनाए हुए है और लोगों को सर्तक कर रहा है कि हाथियों के पास न जांए। वनपरिक्षेत्र अधिकारी शहडोल रामनरेश विश्वकर्मा ने बताया कि मंगलवार की साम को हाथी धनपुरा गांव बुढ़ार पहुंच गए हैं। 

प्रगति की समीक्षा को लेकर कलेक्टर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई समय-सीमा बैठक

धमतरी कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित हुई। बैठक में उन्होंने जिले के विभिन्न विकास और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर श्री मिश्रा ने आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनाने को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी बच्चों के प्रमाण पत्र समय सीमा में तैयार कराना सुनिश्चित करें। इस संबंध में अब तक बनाए गए प्रमाण पत्रों की जानकारी भी ली गई। डूबान क्षेत्र में खाद-बीज की आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता कलेक्टर ने डूबान प्रभावित क्षेत्रों में खाद-बीज की उपलब्धता और वितरण की स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि विशेष रूप से पट्टाधारी किसानों को किसी भी स्थिति में खाद-बीज की कमी न हो। यदि कहीं पर भी कमी या शिकायत की जानकारी मिले, तो तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। भंडारण और वितरण की व्यवस्था सुदृढ़ रखने के निर्देश भी उन्होंने दिए। ई-ऑफिस प्रणाली को अपनाने पर विशेष जोर बैठक में कलेक्टर ने बताया कि जिले में ई-ऑफिस प्रणाली का विधिवत शुभारंभ हो चुका है। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी शासकीय पत्राचार एवं फाइलें केवल ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से ही भेजी जाएं। किसी भी प्रकार की तकनीकी परेशानी की स्थिति में एनआईसी या तकनीकी टीम से मार्गदर्शन लेने को कहा। ई-ऑफिस में नोटशीट लेखन, दस्तावेज संलग्न करना, फाइल भेजना आदि प्रक्रियाओं को पूरी तरह समझने का आग्रह किया। अधिकारियों को आदिवासी छात्रावासों के निरीक्षण के निर्देश कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि जिन अधिकारियों ने अब तक आदिवासी छात्रावासों का फील्ड विजिट नहीं किया है, वे शीघ्रता से निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बरसात में क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों पर शीघ्र कार्रवाई पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि भारी वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हुई पुल-पुलियों की मरम्मत एवं नवनिर्माण के प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजें, ताकि लोगों को परेशानी न हो। कलेक्टर ने कमजोर पुल-पुलियों के पास सूचना पटल भी लगाने के निर्देश दिए। पंचायत अवार्ड हेतु ग्राम पंचायतों का चिन्हांकन कलेक्टर ने पंचायत अवार्ड हेतु स्वास्थ्य, कृषि, पंचायत, समाज कल्याण, राजस्व, पशु चिकित्सा आदि विभागों के तय मापदंडों के आधार पर 4-5 ग्राम पंचायतों के चयन का निर्देश दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि निर्धारित मानकों के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का चिन्हांकन नहीं किया गया, जो अस्वीकार्य है। आयुष्मान एवं वयोवृद्ध कार्ड शत-प्रतिशत बनाएं   बैठक में उन्होंने जिले में शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड एवं वयोवृद्ध कार्ड निर्माण को भी प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती रीता यादव, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती रोमा श्रीवास्तव (वीसी माध्यम से), सभी एसडीएम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री मिश्रा ने बैठक में कहा कि आगामी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस जिले में पूरे हर्षोल्लास और गरिमामय ढंग से मनाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं। कलेक्टर ने स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के लिए सौंपी गई जिम्मेदारी का निर्वहन करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्रीमती रीता यादव ने स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियों की जानकारी दी।

CM योगी का फैसला सिद्धार्थनगर में फागू शाह की मजार ध्वस्त, हर हफ्ते लगने वाला मेला भी खत्म

सिद्धार्थनगर  यूपी के सिद्धार्थनगर जिले में स्थित फागू शाह की 105 वर्ष पुरानी मजार पर बुलडोजर एक्शन हुआ है. मंगलवार सुबह प्रशासन व पुलिस की टीम ने बुलडोजर से इस मजार को ध्वस्त करा दिया. इस दौरान ADM गौरव श्रीवास्तव, ASP प्रशांत कुमार समेत भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा.  दरअसल, यह मजार चारागाह की जमीन पर करीब 105 वर्ष पहले बनाई गई थी. यहां प्रत्येक गुरुवार को मेला लगता था. इसमें हिंदू, मुसलमान दोनों धर्म के लोग अपनी मुरादों को पूरा करने की लिए पहुंचते थे और चादर चढ़ाते थे.  बीते 26 जून को डुमरियागंज के पूर्व बीजेपी विधायक ने इस मजार पर धन उगाही का आरोप लगाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने की बात कही थी. जिसके बाद प्रशासन ने मजार पर लगने वाले मेले पर रोक लगा दी. साथ ही वहां चादर आदि चढ़ाने पर भी रोक लगा दी. अवैध कब्जा हटाने का आदेश जारी हुआ था, मगर कब्जा नहीं हटा.  इसके बाद आज सुबह लगभग 5 बजे कई थानों की पुलिस व प्रशासन के अधिकारी कई बुलडोजर के साथ पहुंचे और ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शुरू कर दी. इस दौरान लगभग 1 किलोमीटर की दूरी से ही पुलिस मजार तक जाने वाले रास्तों पर खड़ी होकर लोगों को रोक रही थी. मामले में डीएम सिद्धार्थनगर, डॉ राजा गणपति आर ने कहा कि थाना डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के चौखड़ा गांव का मामला है, जहां 105 साल पुरानी एक मजार थी. ये  पशुचर की जमीन पर स्थापित है. इसको लेकर पहले एक विवाद हुआ था. इस विवाद को सुलझाने के लिए धारा 144 की कार्रवाई की गई. चारागाह की जमीन होने के कारण तहसीलदार के द्वारा फिर धारा-67 की कार्रवाई की गई.  इस कार्रवाई के बाद आदेश भी पारित किया गया. बावजूद उसके जमीन कब्जा मुक्त नहीं की गई. ऐसे में आज सुबह 5:00 बजे पीएसी व पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर और बल का उपयोग करते हुए उसे कब्जा मुक्त कराया गया. ला एंड आर्डर की समस्या नहीं है. स्थिति सामान्य है. मौके पर किसी प्रकार का विरोध नहींन हुआ, ना ही कोई झड़प हुई. कुछ ही घंटों में मजार को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया. 

राशन वितरण के कार्यां में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

महासमुंद : समय सीमा बैठक में कलेक्टर ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश, विकास कार्यों में गति लाने पर जोर मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं पर तत्काल अमल करें, सभी विभाग ई-ऑफिस का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें राशन वितरण के कार्यां में लापरवाही बर्दाश्त नहीं महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर जिले के विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में शासन की प्राथमिकताओं, जन घोषणाओं, योजनाओं और आगामी आयोजनों को लेकर निर्देश दिए गए तथा जन शिकायत, जनदर्शन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, जवाब दावा आदि की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री एस. आलोक, अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू एवं श्री रविराज ठाकुर, एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान की गई घोषणाओं पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा कि घोषणाओं पर अमल करते हुए कार्य प्रारम्भ करें।  जनपद सीईओ और निर्माण एजेंसियां इस कार्य को गंभीरता से लें और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने गढ़फुलझर में पर्यटन के क्षेत्र में की गई घोषणाओं पर त्वरित अमल करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में कलेक्टर ने समग्र शिक्षा अंतर्गत अपूर्ण एवं अप्रारम्भ कार्यों को प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। अनुकम्पा के रिक्त पदों की जानकारी सभी प्रभारी अधिकारियों को दिए गए है ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। कलेक्टर ने शासन की महत्वपूर्ण ई-ऑफिस कार्यक्रम को सभी कार्यालयों में लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी फाइलें ई-ऑफिस के माध्यम से ही प्रेषित किए जाए। इस संबंध में बैठक के दौरान अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया। कलेक्टर ने खाद वितरण की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी निजी दुकान में खाद का अवैध भंडारण पाए जाने पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए। कृषि उप संचालक ने बताया कि जिले में वर्तमान में 18234 मीट्रिक टन खाद शेष है। उन्होंने बताया कि 469 मीट्रिक टन डीएपी खाद की खेप भी पहुंची है। जिसे जल्द ही समितियों तक पहुंचाया जाएगा। बैठक में किसानों से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देशित किया कि किसानों का पंजीयन अनिवार्य किया जाए। बिना पंजीयन के कृषक उन्नति योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसके लिए राजस्व, कृषि और सहकारी विभाग मिलकर व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि कोई भी पात्र किसान वंचित न रह जाए। धान संग्रहण एवं उठाव केंद्रों की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि बारिश को ध्यान में रखते हुए केंद्रों की मरम्मत गिट्टी व मुरम से की जाए ताकि धान को नुकसान न हो।  मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत अब तक जनभागीदारी से जल संचयन हेतु 144 इंजेक्शन वेल और 4777 सोखता गड्ढों का निर्माण किया जा चुका है। इस कार्य की सराहना करते हुए कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की सतत निगरानी के निर्देश दिए। सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया जनभागीदारी से बन रहे जल संचयन के कार्यां में शिक्षा विभाग द्वारा 987, महिला बाल विकास द्वारा 531, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 29 एवं जिला पंचायत द्वारा 3241 गड्ढों का निर्माण जनभागीदारी से किया गया है। कलेक्टर ने कहा सभी एसडीएम फील्ड में जाकर विकास कार्यों का निरीक्षण करें और गुणवत्ता की निगरानी करें। कलेक्टर ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु नालियों और पानी की टंकियों की सफाई के निर्देश दिए गए। सभी नगरीय निकायों को सघन स्वच्छता अभियान चलाने को कहा गया। कलेक्टर ने राशन वितरण और आयुष्मान कार्ड निर्माण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, जनहित के कार्यों में पारदर्शिता सर्वोपरि है। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि बैठक में राजस्व प्रकरणों, सुशासन तिहार, पीएम जनमन योजना आदि की भी समीक्षा की गई। पीएमजनमन अंतर्गत सभी विकास के संकेतांकों को 15 अगस्त के पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शहर और गांवों के मुख्य मार्गों से आवारा पशुओं को तत्काल हटाया जाए। इससे यातायात व्यवस्था सुधरेगी और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। सभी नगरीय निकायों और पंचायतों को संयुक्त कार्यवाही करने को कहा गया। सभी विभागों को अपने कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और समय सीमा में कार्य पूर्ण करने को कहा गया। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। 

स्थापना दिवस पर CM की दो टूक – भ्रष्टाचार पर कठोर रवैया अपनाए पुलिस, किसी का दबाव न झेले

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार एक ऐसी बुराई है जो योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने से रोकती है और समाज में असमानता बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करते हुए भ्रष्टाचार मुक्त राजस्थान के संकल्प पर मजबूती से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है। पुलिस बिना किसी के दबाव में आए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करे। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे प्रदेश की 8 करोड़ जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने तथा उनकी सभी समस्याओं के समाधान के लिए हर समय उपलब्ध हैं। भजनलाल शर्मा मंगलवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के 68वें स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ निरंतर अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन आवश्यक है। ऐसे में एसीबी की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। भजनलाल शर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचारियों को मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ने, गबन, आय से अधिक संपत्ति और पद के दुरुपयोग आदि के मामलों को उजागर करने जैसे सभी क्षेत्रों में एसीबी ने अपनी दक्षता और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। अपने ही एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार करना यह साबित करता है कि एसीबी जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। कानून व्यवस्था को किया जा रहा और अधिक सुदृढ़ भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। हमने एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन किया। पुलिस में 10 हजार पदों पर भर्ती, नए 8 जिलों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालयों की स्वीकृति, 3 महिला पुलिस बटालियनों की स्थापना जैसे निर्णय सरकार द्वारा लिए गए हैं। साथ ही, पुलिस के रेस्पोन्स टाइम को बेहतर करने के लिए 22 इंटरसेप्टर, 750 मोटर साइकिल तथा पुलिस मोबाइल यूनिट को 500 पुलिस मोबाइल यूनिट वाहन उपलब्ध कराकर 500 कालिका पेट्रोलिंग टीम का गठन भी किया है। पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए उठाए अनेक कदम भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हमने पुलिस आधुनिकीकरण व संबंधित आधारभूत संरचना के लिए पुलिस मॉडर्नाइजेशन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का गठन, सरदार पटेल सेंटर फोर साइबर कंट्रोल रूम की स्थापना, पुलिस दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र को राजस्थान पुलिस तकनीकी प्रशिक्षण अकादमी के रूप में क्रमोन्नत करने जैसे कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में वर्दी भत्ते व मैस भत्ते में बढ़ोतरी, राजस्थान रोडवेज की एक्सप्रेस व सेमी डीलक्स बसों में निशुल्क यात्रा, लांगरी पदों का सृजन तथा उनके मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि जैसे निर्णय लेकर विभाग को सक्षम किया जा रहा है। भ्रष्ट कार्मिकों के खिलाफ हो रही कड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देने के लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान हमारी सरकार ने भ्रष्ट कार्मिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत हमने पूर्व अनुमोदन प्रदान करने की प्रक्रिया तेज की है। हाल ही में राज्य सेवा के अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई, अभियोजन स्वीकृति एवं 17-ए के विचाराधीन प्रकरणों का त्वरित निस्तारण किया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और अनाधिकृत अनुपस्थिति के गंभीर मामलों में सेवारत अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त करने जैसे कठोर निर्णय भी लिए गए हैं। भ्रष्ट सरकारी कर्मियों के विरुद्ध एसीबी के प्रकरणों में त्वरित एवं कठोर कार्यवाही के साथ साथ उनकी पेंशन रोकने जैसी विभागीय कार्यवाही भी प्रभावी रूप से की जा रही है। भजनलाल शर्मा ने कहा कि रिश्वत लेना अपराध है और इस अपराध को रोकने की हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि अगर कहीं भी भ्रष्टाचार होता दिखे, तो बिना किसी डर के सूचित करें। जनता की भागीदारी ही इस लड़ाई को और मजबूत बनाएगी। कार्यक्रम में मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुसार शासन-प्रशासन में पारदर्शिता एवं शुचिता के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। राज्य सरकार ने सुशासन स्थापित करने के लिए तकनीक के अधिक से अधिक उपयोग पर जोर दिया है। ई-फाइलिंग, नियम व प्रक्रियाओं का सरलीकरण, आउटरीच प्रोग्राम जैसे नवाचारों से सिस्टम में जवाबदेहिता को बढ़ावा मिला है। पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है। मुख्यमंत्री ने पुलिस को बिना दबाव के कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जिससे कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा प्रकाशित पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर ए. सावंत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक भ्रष्टाचार निदेशक ब्यूरो स्मिता श्रीवास्तव सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

यूपी की नून नदी में फिर उमड़ा जीवन, हरियाली के संग लौटी उम्मीद

लखनऊ/कानपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से कानपुर में सूख चुकी नून नदी अब फिर से बहने लगी है। एक आधिकारिक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया है कि एक समय कानपुर की नून नदी का अस्तित्व पूरी तरह खत्म हो चुका था, यह नक्शे से गायब हो गई थी, गाद से भरी रहती थी, अतिक्रमण की जद में थी लेकिन अब इसकी जलधारा फिर से बहने लगी है। इसमें कहा गया, ‘‘उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता के कारण ऐसा हुआ है जिन्होंने 'एक जिला-एक नदी' पहल के माध्यम से राज्य की मृतप्राय नदियों को पुनर्जीवित करने के लिये अभियान शुरू कराया।'' बयान के मुताबिक नून नदी न केवल कानपुर नगर के लिए, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक आदर्श बन चुकी है। इसमें कहा गया, ‘‘नून नदी कभी बिल्हौर, शिवराजपुर और चौबेपुर के खेतों को सींचती थी, ग्रामीण संस्कृति का अभिन्न हिस्सा थी लेकिन उपेक्षा की शिकार इस नदी में न तो पानी बचा था, न कोई पहचान रह गई थी। अतिक्रमण और गाद ने जलधारा को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया था।'' मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर नून नदी को 'एक जिला-एक नदी' योजना में शामिल किया गया। कानपुर के जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह और मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन के नेतृत्व में इस कार्य को एक सरकारी योजना से अधिक जनभागीदारी अभियान बनाया गया। बयान में कहा गया, ‘‘करीब 48 किलोमीटर लंबी नून नदी का पुराना रास्ता खोजने में राजस्व अभिलेख, ग्रामीणों की यादें, ड्रोन सर्वेक्षण और उपग्रह की तस्वीरों का सहारा लिया गया। मनरेगा योजना के तहत सफाई, खुदाई, गाद निकासी और तटबंध निर्माण का कार्य फरवरी से आरंभ हुआ।'' इसमें कहा गया कि 6,000 श्रमिकों ने 58 ग्राम पंचायतों से मिलकर करीब 23 किलोमीटर की खुदाई और सफाई का कार्य किया तथा इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 57 लाख रुपये खर्च हुए। बयान के अनुसार मुख्यमंत्री की अपेक्षा के अनुरूप जुलाई के पहले सप्ताह में नदी के दोनों तटों पर 40,000 से अधिक पौधे रोपे गए जिनमें नीम, पीपल, पाकड़, सहजन जैसे वृक्ष प्रमुख हैं।  

मैत्री विद्या निकेतन में अलंकरण और शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न

रिसाली मैत्री विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रिसाली में सत्र 2025-26 का अलंकरण एवं शपथ ग्रहण समारोह हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस गरिमामय कार्यक्रम की मुख्य अतिथि संस्था की अध्यक्ष श्रीमती राजम सुधाकरन तथा विशिष्ट अतिथि संस्था के प्रबंधक श्री एस. सजीव रहे। समारोह का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत में प्रतीक स्वरूप नन्हा वनस्पति भेंट कर किया गया। साक्षात्कार द्वारा चयनित विद्यार्थी पदाधिकारियों को मुख्य मंच पर अलंकृत कर उनके कर्तव्यों का शपथ ग्रहण कराया गया। विद्यालय हेड बॉय ऋषभ प्रधान (कक्षा 12) एवं हेड गर्ल अंकिता कुर्रे (कक्षा 12) को मुख्य अतिथियों द्वारा बैज एवं शैश प्रदान किए गए। वाइस हेड बॉय अनिर्बान मुखर्जी (कक्षा 11) तथा वाइस हेड गर्ल श्रेया कोठारी (कक्षा 12) को भी उनके दायित्व सौंपे गए। विद्यालय की प्रबंधक एवं प्राचार्या डॉ. सजीता थंबी ने सभी पदाधिकारियों को विद्यालय की गरिमा एवं उत्तरदायित्व बनाए रखने की शपथ दिलाई। उप प्राचार्या डॉ. बीना सजीव ने हाउस कैप्टंस को हाउस की जिम्मेदारी निभाने तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। वहीं प्रधान अध्यापिका श्रीमती निशी साजन ने डिसिप्लिन कैप्टंस को विद्यालय अनुशासन को बनाए रखने के लिए शपथ ग्रहण कराया। अपने स्वागत संबोधन में डॉ. सजीता थंबी ने कहा कि विद्यालय की गतिविधियों, अनुशासन एवं विकास की जिम्मेदारी अब नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के कंधों पर है। उन्होंने हाउस कैप्टंस एवं डिसिप्लिन कैप्टंस की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर सभी गणमान्य अतिथियों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। हेड बॉय और हेड गर्ल ने विद्यालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपने विचार साझा किए और दी गई जिम्मेदारियों को निष्ठा एवं समर्पण के साथ निभाने का संकल्प लिया। समारोह का संचालन श्रीलता धावला ने किया। कार्यक्रम में संस्था के गणमान्य अधिकारीगण एवं विद्यालय परिवार के सदस्यगण उपस्थित रहे।

रायपुर : स्वच्छता से स्वावलंबन की मिसाल : राजकुमार की कहानी बनी ग्रामीण विकास का प्रेरणास्रोत

रायपुर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत दुर्ग जिले की ग्राम पंचायत अण्डा ने एक ऐसी पहल की है, जो स्वच्छता को आजीविका से जोड़कर ग्रामीण विकास की दिशा में एक नया आदर्श प्रस्तुत करती है। यह पहल न केवल एक शौचालय परिसर के निर्माण तक सीमित रही, बल्कि इसके माध्यम से एक ज़रूरतमंद ग्रामीण को सम्मानजनक और स्थायी आजीविका भी प्रदान की गई। यह कहानी है श्री राजकुमार टंडन की, जो पहले एक ठेले में पान की दुकान चलाते थे। सीमित आमदनी और अस्थिरता से जूझते हुए वे जीवनयापन कर रहे थे। लेकिन ग्राम पंचायत अण्डा की दूरदर्शी सोच और स्वच्छ भारत मिशन के सहयोग से उनकी ज़िंदगी ने एक नया मोड़ लिया। ग्राम पंचायत ने बस स्टैंड और मुख्य सड़क से लगे शौचालय परिसर के भीतर एक कक्ष को दुकान के रूप में विकसित कराया। वर्ष 2024 में 5 लाख रूपए की लागत से यह संपूर्ण परिसर निर्मित हुआ, जिसमें सार्वजनिक सुविधा के साथ एक आजीविका केंद्र की व्यवस्था भी की गई। यह दुकान राजकुमार को निःशुल्क आवंटित की गई। आज राजकुमार इस पक्की दुकान में पान, ठंडा पेय और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बेचते हैं। पहले जहाँ उनकी आय सीमित थी, अब वे प्रत्येक माह लगभग 12  हज़ार की आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने स्वयं एक फ्रिज भी खरीदा है, जो कभी उनके लिए कल्पना से परे था। इसके साथ ही वे परिसर की स्वच्छता और रखरखाव की ज़िम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उनका समर्पण आज उन्हें न केवल आत्मनिर्भर बना चुका है, बल्कि वे गाँव के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गए हैं। राजकुमार ने इस बदलाव के लिए जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत अण्डा का आभार व्यक्त किया है। ग्राम पंचायत अण्डा की यह पहल एक समग्र ग्रामीण विकास मॉडल के रूप में उभर रही है। जहाँ शौचालय केवल स्वच्छता का प्रतीक नहीं, बल्कि स्वाभिमान और स्वावलंबन का केंद्र बन गया है। यह मॉडल सिद्ध करता है कि यदि सोच दूरदर्शी हो, तो स्वच्छता भी रोज़गार और सम्मान का माध्यम बन सकती है।यह उदाहरण अन्य ग्राम पंचायतों के लिए एक पथप्रदर्शक की भूमिका निभा सकता है।

पुलिस की कथित पिटाई और रिश्वत लेने से आहत युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस को ठहराया जिम्मेदार

फर्रुखाबाद यूपी के फर्रुखाबाद पुलिस का रवैया एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल पुलिस की कथित पिटाई और रिश्वत लेने से आहत युवक ने फांसी की लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में युवक ने ससुरालीजनों के साथ ही दो पुलिसकर्मियों को भी जिम्मेदार ठहराया। उधर, इस मामले में ऐक्शन लेते हुए एसपी ने दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। ये मामला आदर्श थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र का है। पुलिस सूत्रों के अनुसार थाना क्षेत्र के नगला छेदा गुतासी के रहने वाले दिलीप कुमार का अपनी पत्नी नीरज के साथ विवाद हो गया था। जिसकी शिकायत नीरज ने पुलिस से की। इस मामले को लेकर पुलिस ने दिलीप कुमार को पुलिस चौकी बुलाया तो वह अपने पिता राम रहीश के साथ पुलिस चौकी समझौते के लिए पहुंचा। रामरहीश का आरोप है कि सिपाही यशवंत यादव ने उनसे 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की, फिर सिपाही महेश उपाध्याय उसके पुत्र को अंदर ले गए और पिटाई की। बाद में 40 हजार रुपये लेकर समझौता कराया गया।इस घटना से आहत होकर दिलीप कुमार ने सोमवार- मंगलवार की रात में किसी समय फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने उसे आज सुबह फांसी के फंदे पर लटका पाया। उधर, सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल में जुट गई। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। जिसमें उसने अपने ससुर बनवारी, साला राजू, आलूपुर के रहने वाले रजनेश राजपूत, हथियापुर पुलिस चौकी के सिपाही यशवंत यादव और महेश उपाध्याय को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, इस मामले में ऐक्शन लेते हुए पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने तत्काल प्रभाव से दोनों सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। एसपी के इस ऐक्शन से थाने में हड़कंप मच गया।  

राजनांदगांव के नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने की मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट

प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए जताया आभार रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से  छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में राजनांदगांव जिले के नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ निरंतर जनहित में कार्य कर रही है।  प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए सभी प्रक्रियाओं को चरणबद्ध रूप से ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को सुगम, सरल और सुलभ सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 24 अप्रैल को ‘राष्ट्रीय पंचायत दिवस’ के अवसर पर प्रदेश की चयनित ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की शुरुआत की गई है। इन केंद्रों के माध्यम से अब ग्राम पंचायत स्तर पर ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल ग्रामीणों को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में प्रदेश की अन्य पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। राजनांदगांव से आए नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने जिले में प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर, एवं अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिले में बीते डेढ़ वर्षों के भीतर पेयजल विस्तार, सड़क निर्माण, और अन्य अधोसंरचनात्मक कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विभिन्न निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनका प्रत्यक्ष लाभ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को मिल रहा है। यह जनकल्याण और विकास की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार संतुलित, समावेशी और सतत विकास के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ को सतत विकास की  ओर अग्रसर करने के लिए कटिबद्ध है। इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री प्रदीप गांधी, श्री कोमल राजपूत, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारीगण और राजनांदगांव जिले के गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे।