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छरछा जलाशय योजना के लिए 3.31 करोड़ रुपये की स्वीकृति, विकास को मिलेगी नई गति

रायपुर : छरछा जलाशय योजना के कार्यों हेतु 3.31 करोड़ रूपए स्वीकृत रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा कोरिया जिले के विकासखण्ड-बैकुण्ठपुर की छरछा जलाशय योजना के बांध एवं नहर के नवीनीकरण एवं वाटर कोर्स के निर्माण कार्य हेतु तीन करोड़ 31 लाख 2 हजार रूपए स्वीकृत किए है। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से योजना के कार्य कराने मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार, जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

छत्तीसगढ़ में विकास की नई लहर, CM विष्णु देव साय ने कुनकुरी परियोजनाओं को दी मंजूरी

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास को मिल रही नई गति: वित्त विभाग से कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख परियोजनाओं को मिली प्रशासकीय स्वीकृति रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के अंतर्गत  विधानसभा कुनकुरी में विभिन्न परियोजनाओं के लिए वित्त विभाग द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति और सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है। वित्त विभाग ने तुमला से मेडर (ओडिशा सीमा) तक 12.80 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण कार्य के लिए ₹27.73 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस मार्ग के बन जाने से सीमावर्ती गांवों की कनेक्टिविटी सुधरेगी और व्यापारिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बल मिलेगा। इसी प्रकार, विकासखंड कांसाबेल की मैनी नदी पर बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्वहन सिंचाई योजना के लिए ₹79.38 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से किसानों को सिंचाई की स्थायी सुविधा उपलब्ध होगी तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। कुनकुरी में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए वित्त विभाग ने नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय भवन निर्माण हेतु ₹359 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है। इससे आदिवासी अंचल के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा और स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी। साथ ही, विकासखंड फरसाबहार की कोकिया व्यपवर्तन योजना के लिए ₹16.17 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे सिंचाई और जल प्रबंधन की दिशा में क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ होगा।

2026 को घोषित किया गया कृषि आधारित उद्योग वर्ष, सीएम ने सरपंचों को दी जानकारी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को जंबूरी मैदान में आयोजित सरपंच महासम्मेलन को संबोधित करते हुए पंचायतों और ग्रामीण विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय शासन प्रणाली में पंचायतों को जितनी शक्ति है, वह बड़े पदधारकों के पास भी नहीं है और प्रत्येक सरपंच अपनी पंचायत के लिए बड़ा योगदान दे सकता है। मुख्यमंत्री ने पंचायतों के लिए कई घोषणाएं कीं। इसमें प्रत्येक पंचायत के लिए 50,000 रुपए की राशि प्रदान करने की बात कही। साथ ही कहा कि वर्ष 2026 को कृषि आधारित उद्योग वर्ष के रूप में घोषित किया जाएगा और कृषि उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि सरकार के माध्यम से प्रत्येक क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। मेडिकल और एग्रीकल्चर कॉलेजों की स्थापना भी तेजी से की गई है। डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश की बड़ी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलने के लिए पंचायतों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने हर गांव के अंदर शांति धाम के निर्माण के लिए भी आवश्यक राशि देने का आश्वासन दिया। भोपाल के जंबूरी मैदान पर सरपंचों के अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारियों की मौजूदगी में सरपंच सम्मेलन का आयोजन हुआ। सीएम ने कहा कि एक बात समझ लो कोई सचिव अगर काम नहीं करेगा तो उसे हटा देंगे। सचिव-सहायक सचिव इनकी क्या औकात? आपको लगता है कि सरपंच के मामले में कोई दिक्कत आ रही है और सरकार ने कोई निर्णय किया है तो उसे ठीक करने का काम हमारा है। जब भी सरकार के स्तर पर कोई निर्णय होगा तो उसके क्रियान्वयन में कठिनाई आएगी तो उसे हल करने का काम सरकार का है। सीएम ने कहा कि इतना बड़े देश में प्रधानमंत्री मोदी ने 10-11 सालों में न जाने कितनी चीजों की चिंता की। इसलिए हमारे देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर हमको भरोसा है। जब लाल सलाम को आखिरी सलाम हो रहा है तो ये कहां लगेंगे जो भी होंगे सब ठिकाने लगेंगे। ये देश को पूरा भरोसा है। दिल्ली ब्लास्ट के मृतकों के लिए रखा मौन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दिल्ली में हुए ब्लास्ट में मारे गए लोगों के लिए 2 मिनट का मौन रखवाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें कल की घटना को भूलना नहीं है। हमारे देश की प्रगति और बढ़ने वाले कदम दुनिया में अलग प्रकार से निकल रहे हैं। ऐसे में दुश्मन भी पता नहीं, कितने प्रकार से प्रयास करते हैं। इस मामले में गृह मंत्री जी पूरी जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में हुए बम धमाकों में दिवंगतों की याद में 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर पूरा भरोसा है और देश की सुरक्षा में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  आपके पास जो पावर वो बडे़ पद वालों को भी नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके जो विषय आए हैं उनके लिए हमारी सरकार पूरी तरह से आपके साथ है। जब सरपंच के सामने बैठेंगे तो सचिव, रोजगार सहायक को भी आना ही चाहिए,इनके बिना बात थोड़े बनती है। त्रिस्तरीय शासन प्रणाली में जो प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री हमको दिखते हैं। आपको जो पावर हैं वो पावर तो बडे़-बडे़ पद वालों को भी नहीं हैं। एक सरपंच जो कर सकता है वो कोई नहीं कर सकता। एक पंचायत के हर घर की गिनती पंचायत और सरपंच के पास रहती है। हमारे इतने बडे़ प्रदेश में बड़ी आबादी गांवों में रहती है अगर प्रदेश की तस्वीर, तकदीर बदलने का काम आपके बिना नहीं हो सकता। 24 नवंबर को होगी त्रिस्तरीय पंचायतों की कॉन्फ्रेंस सीएम ने कहा- पिछले बार 23-24 और 25 जुलाई को त्रिस्तरीय पंचायत के अधिकारियों का कार्यक्रम हुआ था। इस बार 24-25 और 26 नवंबर को भोपाल में कॉन्फ्रेंस होने वाली है। उसमें कुछ बातें मैं भी जोड़ना चाहता हूं। जैसे शहरीकरण बढ़ रहा है तो पंचायत और आसपास लगी नगरीय निकाय के बीच कई बार टकराव होता है। जब नगरीय निकाय होता है उनके पास पार्षद, सीएमओ होते हैं बहुत सारी चीजें होती हैं। पंचायत में सचिव और सहायक सचिव ही होते हैं। ऐसा कोई समाधान निकले की हमारी पंचायत भी जिंदा रहे और वो विकास का काम भी बंद न हो। इसका मैकेनिज्म बनाने की जरूरत है। पंचायतें नया गांव बसाएं, सरकार साथ है सीएम ने कहा- विदिशा में उदाहरण है कि आवासीय व्यवस्था में खुद की प्लानिंग से नया गांव बसाया। इसमें क्या परेशानी है उन कामों को भी किया जा सकता है।  

दिल्ली ब्लास्ट पर सख्त रुख, CM मोहन यादव बोले: दोषियों को छोड़ना मुमकिन नहीं

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक गंभीर हमले की घटना पर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ऐसी किसी भी चुनौती से निपटने में पूरी तरह सक्षम है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस बयान के दौरान उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद थे। दोषियों को सख्त चेतावनी मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ सरकार हमेशा से सख्त रही है और आगे भी रहेगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि दोषियों को उनके किए की सजा जरूर मिलेगी। दिल्ली ब्लास्ट पर सीएम मोहन यादव की कड़ी प्रतिक्रिया, बोले- 'दोषी बख्शे नहीं जाएंगे', बताया गृह मंत्री हर पल की ले रहे जानकारी, जांच जारी     “ऐसी घटना करने वाले भारत सरकार द्वारा न पहले कभी बख़्शे गए हैं और ना कभी बख़्शे जाएंगे, भारत सरकार की कार्रवाई हमेशा तगड़ी रही है।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश सीएम यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ऐसी किसी भी घटना से निपटने में पूरी तरह सक्षम और तैयार है। गृह मंत्रालय कर रहा है जांच मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस पूरे मामले को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है और इसकी जांच सीधे गृह मंत्रालय की निगरानी में हो रही है। उन्होंने कहा कि माननीय गृह मंत्री स्वयं इस मामले को देख रहे हैं। डॉ. यादव ने कहा, “जो कुछ भी हुआ माननीय गृहमंत्री जी उसकी जांच कर रहे हैं और सारी बातें विस्तार से प्रेस में बताने वाले भी हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि जांच पूरी होने के बाद गृह मंत्री खुद मीडिया के सामने विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। हमले में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दुर्भाग्यपूर्ण हमले में अपनी जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “हम हमले में जान गंवाने वालों के लिए श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।”

दिल्ली में अमोनियम नाइट्रेट और फ्यूल का मिलान: पुलिस को किन बातों पर है शक?

नई दिल्ली  दिल्ली में लाल किले के पास कार में हुए भीषण विस्फोट ने पूरी राजधानी को हिला कर रख दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने जो देखा वो जल्दी भुला पाना मुश्किल है। चंद मिनटों में जो हुआ उसने जांच एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। इस बीच दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को जांच के बाद शक है कि कार में हुए धमाके की वजह अमोनियम नाइट्रेट, ईंधन तेल (फ्यूल ऑयल) और डेटोनेटर थे। शुरुआती जांच के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से क्षतिग्रस्त वाहनों, जिनमें आई20 कार भी शामिल है, के सबूत उठा लिए गए हैं और उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने उत्तरी दिल्ली के कोतवाली पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 16 और 18 और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। यह जांच उत्तरी जिला पुलिस से स्पेशल सेल को ट्रान्सफर कर दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'स्पेशल सेल जांच का नेतृत्व करेगा, जरूरत के अनुसार केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल बैठाई जाएगी। जांच का प्रमुख बनाए गए अधिकारी, स्पेशल सीपी (विशेष प्रकोष्ठ) अनिल शुक्ला, वही अधिकारी हैं जिन्होंने 2019 के पुलवामा आतंकी हमले की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच टीम का नेतृत्व किया था। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय उच्च जोखिम वाले मामलों में अनुभवी नेतृत्व की आवश्यकता को दर्शाता है।' पुलिस ने कहा कि वे जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा दो डॉक्टरों की गिरफ्तारी और i20 कार चला रहे व्यक्ति के बीच के संभावित संबंधों की जांच कर रहे हैं। पिछले दो हफ्तों में चलाए गए एक बड़े सुरक्षा अभियान में, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा था कि उन्होंने हरियाणा और उत्तर प्रदेश से दो डॉक्टरों — पुलवामा के डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाई और काजीगुंड के डॉ. अदील मजीद राथर को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि वे आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवतुल हिंद (AGH) से जुड़े 'अंतर-राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल' का हिस्सा थे।" दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज बरामद की है और यह संदेह है कि विस्फोट के समय कार चालक अकेला था। हालांकि, सोमवार को पुलिस सूत्रों ने कहा कि कार में तीन लोग होने का संदेह है। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बांठिया ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और इलाके के चारों ओर कई सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। उन्होंने कहा, 'NSG, दिल्ली पुलिस और FSL की टीमें मौके पर मौजूद हैं और पूरे अपराध स्थल की जांच कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा, 'कार में (जिसमें विस्फोट हुआ) मानव शरीर के अंग हैं। FSL टीम उन्हें इकट्ठा कर रही है, इसलिए देखते हैं कि यह कैसे मामले से जुड़ता है। हम घटनाओं के सटीक क्रम का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।'"  

RTO ने बदले रजिस्ट्रेशन नियम: पुरानी गाड़ियों के मालिक हो जाएं सावधान

लुधियाना  आर.टी.ओ. विभाग ने 2 साल बाद पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन और फिटनैस रिन्यूअल की प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी है लेकिन इसके साथ ही जुर्माने का बोझ इतना बढ़ा दिया गया है कि अब कई वाहन मालिकों के लिए पुराना वाहन रखना घाटे का सौदा बन गया है। विभाग की नई प्रणाली के तहत अब 2023 में फिटनैस रिन्यू न कराने वालों से 7200 से 12000 रुपए तक का अतिरिक्त जुर्माना वसूला जा रहा है। इतना ही नहीं, दोपहिया वाहनों पर हर महीने 300 रुपए और चौपहिया वाहनों पर 500 रुपए तक का विलंब शुल्क भी लगाया जा रहा है। कई लोगों का कहना है कि जुर्माने की राशि उनके पुराने वाहन की कीमत से भी ज्यादा हो चुकी है। उदाहरण के तौर पर 19 साल पुराने स्कूटर का रजिस्ट्रेशन न करवाने पर अब 16 हजार रुपए तक का जुर्माना बन रहा है, जबकि उसी मॉडल का सैकेंड हैंड स्कूटर मार्कीट में 10-12 हजार रुपए में मिल जाता है। ऑनलाइन सिस्टम में गड़बड़ी से बढ़ी परेशानी वाहन मालिकों के अनुसार ऑनलाइन फिटनैस पोर्टल पर सिस्टम बार-बार फेल हो रहा है जिससे वे समय पर फीस जमा नहीं कर पा रहे। कई लोगों को फिटनैस फीस के साथ लेट फीस भी भरनी पड़ रही है। कुछ लोगों ने कहा कि वे कई बार दफ्तर के चक्कर लगाकर थक चुके है, लेकिन क्लीयरैंस नहीं मिल रही। 1992 से पहले के मॉडल पर भी वसूला जा रहा टैक्स नियमों के अनुसार 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को तभी सड़क पर चलाया जा सकता है जब उनका फिटनैस सर्टीफिकेट रिन्यू हो लेकिन अब विभाग 1992 या उससे पुराने वाहनों से भी टैक्स और पैनल्टी वसूल रहा है, जबकि ये वाहन अधिकांशतः चलने लायक ही नहीं बचे।   लुधियाना के वाहन मालिक हरविंदर सिंह ने कहा, “मेरे स्कूटर की कीमत 12 हजार है और फिटनैस के साथ जुर्माना 16 हजार रुपए लग गया। यह नाइंसाफी है। विभाग को व्यावहारिक नीति बनानी चाहिए, नहीं तो आम लोग पुराने वाहन सड़क से हटा देंगे।” विशेषज्ञों की राय- नीति में राहत की जरूरत ऑटो विशेषज्ञों का कहना है कि विभाग को पुराने वाहनों के लिए एकमुश्त रजिस्ट्रेशन स्कीम लानी चाहिए जिससे मालिकों को राहत मिले और प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रिया भी सरल बने।

FSL रिपोर्ट का इंतजार: दिल्ली ब्लास्ट की जांच में 13 संदिग्धों से लगातार पूछताछ

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट केस में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की पहली रिपोर्ट मंगलवार को आने की उम्मीद है। इस रिपोर्ट से बरामद सामान की प्रकृति और बनावट के बारे में साफ जानकारी मिलने की संभावना है। इस धमाके के सिलसिले में फिलहाल 13 लोगों से पूछताछ की जा रही है।   सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने फरीदाबाद से बरामद विस्फोटकों के बारे में फरीदाबाद क्राइम ब्रांच और जम्मू-कश्मीर पुलिस से जानकारी मांगी है। स्पेशल सेल के सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में अमोनियम नाइट्रेट के निशान मिले हो सकते हैं। हालांकि, विस्फोटक की सही प्रकृति की पुष्टि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। सूत्रों ने आगे बताया कि घटनास्थल पर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) ब्लास्ट जैसा कुछ नहीं मिला। इस बीच, दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि लाल किले के बाहर हुए तेज धमाके में दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच में एक i20 कार का जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से कनेक्शन सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, जिस कार में धमाका हुआ, उसे कथित तौर पर पुलवामा के एक निवासी ने खरीदा था। लाल किले के बाहर कार में हुए धमाके के बाद दिल्ली पुलिस की टीमों ने पहाड़गंज, दरियागंज और आस-पास के इलाकों के होटलों में रात भर बड़े पैमाने पर छापेमारी और सर्च ऑपरेशन चलाया। छापेमारी के दौरान सभी होटल रजिस्टरों की अच्छी तरह से जांच की गई। इस ऑपरेशन के दौरान, चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। फरीदाबाद से आई थी कार दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कई जगहों की सीसीटीवी फुटेज को ध्यान से देखा गया है, जिसमें बदरपुर बॉर्डर से लेकर लाल किले की सुनहरी मस्जिद के पार्किंग एरिया तक, साथ ही आउटर रिंग रोड से कश्मीरी गेट-लाल किला रूट तक की फुटेज शामिल है। अलग-अलग रास्तों की फुटेज की जांच में करीब 200 पुलिसकर्मी शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, जिस कार में ब्लास्ट हुआ था वह हरियाणा के फरीदाबाद से बदरपुर के रास्ते दिल्ली में घुसी थी। 13 लोगों से पूछताछ सूत्रों के मुताबिक, अलग-अलग जगहों से मिले सीसीटीवी सबूतों के आधार पर फिलहाल करीब 13 लोगों से पूछताछ करने के साथ ही उन पर नजर रखी जा रही है। फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़े एक व्यक्ति के i20 कार में सफर करने का शक है, हालांकि मरने वाले व्यक्ति की पहचान डीएनए टेस्ट के बाद ही कन्फर्म होगी। यह घटना जम्मू और कश्मीर और हरियाणा पुलिस द्वारा हरियाणा के फरीदाबाद से 360 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री और गोला-बारूद बरामद करने के बाद हुई है, जिसमें दो लोगों डॉ. मुजम्मिल और आदिल राथर को गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने ब्लास्ट के सिलसिले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), विस्फोटक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला भी दर्ज किया है।

खुलने से पहले ही अस्पताल सील! जालंधर में बड़ा प्रशासनिक एक्शन

जालंधर पॉश कॉलोनी न्यू जवाहर नगर में नए खुलने जा रहे एक मैटरनिटी एंड चाइल्डकेयर Cloud 9 अस्पताल को नगर निगम ने सील कर दिया। यह कार्रवाई कॉलोनी निवासियों की शिकायत पर की गई, जिन्होंने मेयर वनीत धीर और कमिश्नर संदीप ऋषि से मुलाकात कर बताया था कि अस्पताल की बिल्डिंग में पार्किंग की सुविधा नहीं है, जिससे आने वाले दिनों में पूरे इलाके में ट्रैफिक और पार्किंग की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है। शिकायत के बाद नगर निगम कमिश्नर ने बिल्डिंग शाखा को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद एम.टी.पी. मेहरबान सिंह और ए.टी.पी. रविंद्र की अगुवाई में निगम की टीम मौके पर पहुंची और निरीक्षण करने के बाद अस्पताल की बिल्डिंग को सील कर दिया।  निगम अधिकारियों ने बताया कि भले ही इस बिल्डिंग का नक्शा अस्पताल के रूप में पास करवाया गया है लेकिन ग्राऊंड फ्लोर पर पार्किंग के लिए जो जगह दिखाई गई थी, वह मौके पर नहीं मिली। वहां निर्माण कार्य किया गया है, जो नियमों का उल्लंघन है। नगर निगम ने बिल्डिंग मालिकों को नोटिस जारी कर निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द बिल्डिंग के नक्शे और संबंधित दस्तावेज पेश करें, ताकि आगे की कार्रवाई तय की जा सके। 

कलेक्टर की कार्रवाई: कर्मचारियों को कॉल कर समय पर आने को कहा, 13 सस्पेंड

मुरैना   कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने  ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल मचा दी है. बिल्कुल फिल्म नायक की तरह, कलेक्ट्रेट से ही वीडियो कॉल के जरिए पंचायत भवनों की लाइव उपस्थिति चेकिंग शुरू की गई. सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक मुख्यालय पर अनुपस्थित रहने पर 8 पटवारी और 4 सचिव सहित 13 शासकीय कर्मचारियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया. अनुपस्थित रहने पर 13 सरकारी कर्मचारियों पर गिरी गाज कलेक्टर द्वारा सभी कर्मचारी को समय पर मुख्यालय पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद सरकारी कर्मचारी समय पर मुख्यालय नहीं पहुंच रहे थे. जिसके बाद सोमवार को जिला अधिकारी ने कर्मचारियों को वीडियो कॉल किये, जिसमें 8 पटवारी और 5 सचिव सहित कुल 13 लोग मुख्यालय पर मौजूद नहीं थे. कलेक्टर ने बिना कोई बहाना सुने 13 सरकारी कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर दिया. साथ ही विकासखंड मुख्यालय पर अटैच करने के निर्देश भी जारी किए. इस कार्रवाई से कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है. दोपहर तक नहीं पहुंचे पंचायत भवन मुरैना में  प्रशासनिक मोर्चे पर ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सभी को अनिल कपूर की फिल्म 'नायक' की याद दिला दी. कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में से ही पंचायत भवनों पर अचानक वीडियो कॉलिंग के द्वारा उपस्थिति चेकिंग शुरू कर दी. एक-एक कर कई कर्मचारियों को कॉल लगाया. इस दौरान कई कर्मचारी पंचायत भवन पर अनुपस्थि पाए गए. जिससे कलेक्टर पूरी तरह नायक मोड में आ गए. उन्होंने तत्काल 13 को सस्पेंड के आदेश सुना दिए. इस कार्रवाई से जिलेभर में हड़कंप मचा हुआ है. निजी कामों में व्यस्त पाए गए कर्मचारी जानकारी के अनुसार, कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने सरकारी योजनाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पटवारियों को प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक पंचायत भवन में बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं हल करने के निर्देश दिए हैं. इसी प्रकार पंचायत सचिव/जीआरएस को सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक पंचायत भवन में बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान करने के निर्देश दिये हैं. जनता के काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं कर्मचारी उनके आदेश का अनुपालन ठीक तरह से कर रहे है या नहीं, इसकी वस्तुस्थिति जानने के लिए सोमवार की दोपहर उन्होंने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनपद सीईओ और तहसीलदारों की बैठक ली. इस बैठक में उन्होंने सीईओ व तहसीलदारों के जरिये पटवारी और पंचायत सचिव/जीआरएस से वीडियो कॉन्फ्रेंस के से बातचीत की. बातचीत के दौरान पता चला कि कार्यालय समय में कोई पटवारी अपने घर के निजी कार्यों में व्यस्त हैं, तो कोई बाजार में खरीददारी कर रहा है. ऐसी ही स्थिति पंचायत सचिव-जीआरएस की पाई गई. कलेक्टर लोकेश कुमार ने बताया कि "वीडियो कॉल के माध्यम से पटवारी और सचिवों की लोकेशन चेक किया था, क्योंकि उनको पंचायत भवन पर बैठकर ग्रामीणों की समस्या समाधान के निर्देश दिए गए थे, लेकिन 13 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है." निलंबन सूची में शामिल पटवारियों के नाम     सुजान सिंह गुर्जर (बानमौर)     समल मनोरथ पाठक (पोरसा)     अजय गुर्जर (मुरैना ग्रामीण)     शिवराज तोमर (मुरैना शहर)     मयंक यादव (अंबाह)     सोनू जादौन (सबलगढ़)     दुर्गेश शर्मा (कैलारस)     संजीव तिवारी (जौरा) निलंबित पंचायत सचिव/जीआरएस     नरेश सिंह तोमर, ग्राम पंचायत कोटरा     हाकिम जाटव, ग्राम पंचायत बर्रेड     सौरभ सिकरवार, जीआरएस (ग्रामीण संसाधन सहायक)     रामरूप कुशवाह, ग्राम पंचायत सुनावली     नरेश, ग्राम पंचायत ककरारी

चुनाव में दिलचस्प मोड़: पवन सिंह की पत्नी ने वोटरों से क्यों कही ‘सॉरी’?

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के मतदान शुरू होते ही भोजपुरी अभिनेता और हाल ही में सुर्खियों में रहे पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने मतदाताओं के नाम एक भावुक संदेश जारी किया। उन्होंने कम समय में चुनाव प्रचार होने का जिक्र करते हुए कहा कि जनता से मिलने और हर गली-मोहल्ले तक पहुंचने में उन्हें पूरा समय नहीं मिल पाया। इसी बात का उन्हें मलाल है और उन्होंने खुले दिल से मतदाताओं से माफी मांगी।   ज्योति सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर इस चुनाव में मैदान में हैं। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, “मेरी बस एक ही कमी रह गई कि प्रचार के लिए समय थोड़ा मिला। फिर भी मैंने अपनी पूरी कोशिश की। जिन लोगों तक नहीं पहुंच पाई, उनसे दिल से माफी मांगती हूं। लेकिन जनता का जो स्नेह और प्यार मिल रहा है, वह मेरे लिए किसी जीत से कम नहीं।” पवन सिंह और ज्योति के बीच खूब मचा था ड्रामा पिछले कुछ दिनों से पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के रिश्ते को लेकर खूब हलचल मची रही। कुछ दिन पहले ही ज्योति, पवन से मिलने उनके फ्लैट पहुंचीं तो हालात कुछ तनावपूर्ण दिखे और मामला सुर्खियों में आ गया। पवन सिंह हाल ही में भाजपा में शामिल हुए थे और चर्चा थी कि वे काराकाट विधानसभा से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं, ज्योति सिंह का कहना था कि उन्होंने पहले ही चुनाव में उतरने का मन बना लिया था। उनका तर्क था कि जब पवन सिंह काराकाट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे, तब उन्होंने जमकर प्रचार किया था और लोगों की भावनाएं समझीं। जनता ने ही उनसे आग्रह किया था कि वे विधानसभा चुनाव में उतरें। ऐसी चर्चाएं भी थीं कि काराकाट सीट पर पति-पत्नी आमने-सामने होंगे, लेकिन ऐन वक्त पर पवन सिंह ने घोषणा कर दी कि वे विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसके बाद ज्योति के लिए माहौल और दिलचस्प हो गया, क्योंकि लोगों की नजर अब सीधे उन पर टिक गई।