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गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी ने रुद्राभिषेक कर प्रदेशवासियों के आरोग्यमय, सुखमय जीवन की मंगलकामना की

  गोरखपुर सावन माह के पहले दिन मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार प्रातः काल रुद्राभिषेक व हवन किया। रुद्राभिषेक का अनुष्ठान पूर्ण कर उन्होंने भगवान भोले शंकर से चराचर जगत के कल्याण और सभी नागरिकों के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। शुक्रवार प्रातः गोरखनाथ मंदिर के अपने आवास के प्रथम तल स्थित शक्तिपीठ में सीएम योगी ने भगवान भोलेनाथ को विल्व पत्र, दुर्वा, मदार पत्र, कमल पुष्प समेत अनेकानेक पूजन सामग्री अर्पित करने के बाद जल, दूध और ऋतुफल के रस से रुद्राभिषेक किया। मठ के विद्वत आचार्यगण एवं पुरोहितगण ने शुक्ल यजुर्वेद संहिता के रुद्राष्टाध्यायी के महामंत्रों द्वारा रुद्राभिषेक संपन्न कराया। रुद्राभिषेक के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन किया। विधि विधान से पूर्ण हुए रुद्राभिषेक अनुष्ठान के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के आरोग्यमय, सुखमय, समृद्धमय व शांतिमय जीवन की मंगलकामना की।

साय सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुख्य धारा में जोड़ने के साथ ही परिवार बढ़ाने में भी करेगी मदद : डिप्टी सीएम

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने में आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों के लिए एक बड़ी सौगात दी है. अब वे चाहें तो उनके घर भी नन्हें बच्चे की किलकारी गूंज सकती है. डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने आज मीडिया से बातचीत में बताया कि नक्सल संगठनों ने कई लोगों से ना सिर्फ परिवार से दूर किया, बल्कि पिता बनने का भी सुख छीन लिया. उनकी नसबंदी कर दी. लेकिन अब सरकार उन सभी नक्सलियों को टेस्ट ट्यूब बेबी की सुविधा उपलब्ध कराएगी. साय सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुख्य धारा में जोड़ने के साथ ही परिवार बढ़ाने में भी मदद करेगी. आपको बता दें, जो लोग प्राकृतिक रूप से माता-पिता बनने में असक्षम होते हैं. वे साइंस की मदद से ‘टेस्ट ट्यूब बेबी’ सुविधा का उपयोग कर मां-बाप बन सकते हैं. इस सुविधा का लाभ लेने के लिए भी लोगों को लाखों रुपए खर्च करने पड़ते हैं. लेकिन सरकार इस सुविधा को आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए उपलब्ध करवाते हुए उन्हें जीवन एक बड़ा तोहफा दे रही है.  डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि हमारे प्रावधानों में है जिनकी नसबंदी कराई जाती है, वे मुख्य धारा में आने के बाद (सरेंडर करने के बाद) अगर माता-पिता बनना चाहते हैं, तो सरकार द्वारा टेस्ट ट्यूब बेबी की सुविधा भी दी जा रही है. डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि पुनर्वास केंद्रों में नौजवान भी आ रहे हैं. उनके विवाह के भी चिंता सरकार कर रही है. महिला एवं बाल विकास विभाग सामूहिक विवाह करवाएंगे. यह बेहद अलग और अद्भुत नजारा होगा. मानसून में भी जारी रहेगा एंटी नक्सल ऑपरेशन वहीं बारिश के मौसम में भी एंटी नक्सल ऑपरेशन जारी रखने को लेकर उन्होंने बताया कि मानसून में जवानों को नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इसके लिए जवानों को हैदराबाद में ट्रेनिंग दी जा रही है. उन्होंने कहा कि जवानों के हौसले के सामने सभी चुनौतियां फीकी पड़ रही हैं.

लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त 12 जुलाई को, सीएम डॉ. यादव ने दी जानकारी

भोपाल  मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की करोड़ों बहनों के लिए खुशखबरी है। शनिवार 12 जुलाई को उज्जैन से सीएम डॉ मोहन यादव योजना की 26वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत 1.27 करोड़ बहनों के खाते में 1250 रुपए भेजे जाएंगे। इसके साथ ही 26 लाख बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग के लिए राशि दी जाएगी। सीएम ने कहा है कि अगले माह अगस्त में रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहना योजना के तहत वर्तमान में दी जा रही मासिक आर्थिक सहायता राशि के साथ 250 रूपए की विशेष सहायता राशि भी अंतरित की जाएगी। अप्रैल से 10 से 15 तारीख के बीच भेजी जाती है योजना की किस्त आमतौर पर योजना की किस्त हर महीने की 10 तारीख तक जारी कर दी जाती थी, लेकिन अप्रैल 2025 से राशि वितरण की तारीख में बदलाव किया गया है।इस दौरान कैबिनेट बैठक में मोहन सरकार ने फैसला किया था कि वह प्रतिमाह 15 तारीख के आसपास बहनों के खाते में राशि भेजेगी। यही कारण था कि अप्रैल में 16 तारीख को 23वीं किस्त, 15 मई को 24वीं किस्त और 16 जून को 25वीं किस्त जारी की गई थी।अब 12 जुलाई को मोहन सरकार योजना की अगली किस्त जारी करने जा रही है। दिवाली बाद बहनों को हर माह मिलेंगे 1500     दिवाली के बाद भाई दूज से योजना की राशि में 250 रु का इजाफा किया जाएगा और हर माह 1250 की जगह 1500 रुपए मिलेंगे।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रक्षाबंधन से पहले सभी पात्र बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि शगुन के रूप में भेजी जाएगी।     दीपावली के बाद हम प्रदेश की सभी लाडली बहनों को हर माह 1500 रुपए महीना देंगे। अभी वर्तमान में योजना के तहत 1250 रूपये प्रति माह की राशि लाड़ली बहनों को दी जा रही है।योजना के तहत चरणबद्ध रूप से राशि बढ़ाकर तीन हजार रूपये प्रति माह तक की जायेगी। लाड़ली बहना योजना में मिलते है हर माह 1250     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से जून 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 25 किश्तों का अंतरण किया गया है।प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 30 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना के ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने 1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैंजिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो।     लाभार्थी सूची में चेक करें नाम, पैसा मिलेगा या नहीं?

किसानों से खरीदी मक्का, पैसे दबाए 3 करोड़! छिंदवाड़ा में व्यापारी पर पुलिस की कार्रवाई

छिंदवाड़ा   छिंदवाड़ा में किसानों के साथ धोखा करने वाले एक व्यापारी को पुलिस ने पकड़ लिया है। चौरई पुलिस ने इस व्यापारी को गिरफ्तार किया है। इस व्यापारी पर आरोप है कि उसने किसानों से मक्का खरीदा और लगभग 3 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया। इसके बाद वह फरार हो गया था। पुलिस ने उसे छिंदवाड़ा से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी भारती जाट ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। चौरई पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार निगरानी के बाद आरोपी को पकड़ा। भारी मात्रा में मक्का जब्त पुलिस ने आरोपी हिमांशु साहू की निशानदेही पर दादा गुरु वेयरहाउस कंडीपार से 4276.840 मीट्रिक टन मक्का जब्त की है। इस मक्के की कीमत लगभग 9 करोड़ 40 लाख 72 हजार रुपये है। पुलिस ने इस फसल को फ्रीज कर दिया है। इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से फरार था आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से फरार था। वह दूसरे स्थान पर अलग नाम से रह रहा था। पुलिस लगातार उस पर नजर रख रही थी। पुलिस ने उसे घेरकर पकड़ लिया। इन धाराओं में मामला दर्ज थाना चौरई में अपराध क्रमांक 502/25 के तहत धारा 318(4), 318(3), 316(5), 3(5) BNS में मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस ठगी के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। FIR दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं किसानों में भुगतान न होने के कारण असंतोष का भाव है।  

8 महिला समेत 22 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 37 लाख 50 हजार रुपए का इनाम था घोषित

नारायणपुर छत्तीसगढ़ में एक ओर नक्सलवाद के खिलाफ अभियान जारी है, वहीं दूसरी ओर उनके पुनर्वास की नीति को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है. इस बीच शुक्रवार को 22 नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण किया. इनमें 8 महिला नक्सली भी शामिल हैं. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर 37 लाख 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था. ये सभी अबूझमाड़ क्षेत्र में सक्रीय थे.   जानकारी के मुताबिक, पुलिस के लगातार दबाव, मुठभेड़ों में बड़े नक्सली नेताओं के मारे जाने और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया. इनमें 8 महिला नक्सली शामिल हैं. सरेंडर करने वाले सभी नक्सली आमदई, नेलनार और कुतुल एरिया कमेटी में सक्रिय थे. लंबे समय से संगठन में रहकर आईईडी प्लांट, पुलिस मूवमेंट ट्रेस, जनताना सरकार के विस्तार करने जैसे गतिविधियों में शामिल थे. बता दें कि इस वर्ष अब तक 110 नक्सली सरेंडर कर चुके हैं.

गुना में स्कूल भवन निर्माण पर तेजी, केंद्रीय मंत्री सिंधिया को कलेक्टर ने दी जानकारी

 गुना  गुना जिले के बमोरी विकासखंड के ग्राम सांगई स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय, मारकी महू में लंबे समय से टपरे के नीचे कक्षाएं संचालित हो रही थीं। जैसे ही इस विद्यालय की जर्जर हालत और बच्चों की दयनीय पढ़ाई व्यवस्था की जानकारी केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिली, उन्होंने इस गंभीर विषय पर तुरंत संज्ञान लिया और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बताया गया कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया उस समय बेंगलुरु प्रवास पर थे। लेकिन जैसे ही उन्हें विद्यालय की बदहाल स्थिति और बच्चों की कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई किए जाने की सूचना मिली, उन्होंने स्थान और समय की परवाह किए बिना गुना कलेक्टर को फोन कर विद्यालय भवन निर्माण कार्य को प्राथमिकता पर लेकर शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया को आश्वस्त किया कि विद्यालय भवन का निर्माण कार्य अगले एक-दो दिनों में प्रारंभ कर दिया जाएगा। प्रशासन ने स्थल का निरीक्षण कर जरूरी तैयारियाँ भी शुरू कर दी हैं। यह विद्यालय पिछले तीन वर्षों से अत्यंत जर्जर स्थिति में था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने और प्लास्टर झड़ने के कारण बच्चों को अस्थायी टपरे के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती थी। टिन-तिरपाल से बने इस अस्थायी ढांचे में पढ़ाई का वातावरण न तो सुरक्षित था और न ही सम्मानजनक। केंद्रीय मंत्री सिंधिया की इस त्वरित पहल ने न केवल प्रशासनिक कार्यशैली को सक्रिय किया, बल्कि यह भी साबित किया कि वे अपने संसदीय क्षेत्र की समस्याओं को लेकर हमेशा सजग और संवेदनशील रहते हैं।  

फंदे पर लटकी मिली युवक लाश, फांसी लगाकर की आत्महत्या

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से युवक के आत्महत्या का मामला सामने आया है. युवक ने अपने किराए के मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मामला रामानुजगंज थाना क्षेत्र का है. जानकारी के मुताबिक, रोहित गुप्ता अपनी पत्नी के साथ वार्ड क्रमांक 13 में रहता था. गुरुवार दोपहर 2 बजे करीब पत्नी घर के बाहर में कुछ काम कर रही थी. इसी दौरान रोहित ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया.सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है. मृतक के परिजन और दोस्त सदमें में हैं. फिलहाल आत्महत्या की कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

लग्जरी कार से नशीले इंजेक्शन सहित एक आरोपी को गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार

सरगुजा  नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है. सरगुजा में विभागीय उड़नदस्ता टीम ने एक लग्जरी कार से नशीली दवाओं की तस्करी का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में 4 लाख 35 हजार रुपए मूल्य की नशीली दवाओं के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार हो गया. मिली जानकारी के अनुसार, आबकारी उड़नदस्ता टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि थाना मणिपुर क्षेत्र अंतर्गत सुंदरपुर वेयरहाउस के पास सफेद रंग की हुंडई वरना कार में दो व्यक्ति भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन लेकर ग्राहकों को सप्लाई कर रहे हैं. इनमें से एक की पहचान मुख्य आरोपी देवेंद्र सिंह और दूसरे की गंगाराम मुंडा के रूप में हुई. सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर दबिश दी. टीम को देखकर मुख्य आरोपी देवेंद्र सिंह मौके से फरार हो गया, लेकिन उसका साथी गंगाराम मुंडा पुलिस के हत्थे चढ़ गया. गाड़ी की तलाशी लेने पर 2,413 नग नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए, जिनकी कीमत लगभग 4 लाख 35 हजार रुपये आंकी गई है. फिलहाल आबकारी विभाग ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है. फरार मुख्य आरोपी की तलाश जारी है.

मुख्यमंत्री साय बोले – हमारा उद्देश्य जनता को पारदर्शी, जवाबदेह और ईमानदार प्रशासन देना

22 आबकारी अधिकारियों का तत्काल निलंबन भ्रष्टाचार पर कड़ी चोट आईएएस, आईएफएस से लेकर राज्य सेवा के अधिकारियों पर भी कार्रवाई रायपुर, छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति लेकर आगे बढ़ रही है। साथ ही भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पूर्व शासनकाल के दौरान हुए 3200 करोड़ रूपए के बहुचर्चित शराब घोटाले में साय सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 29 में से 22 आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबन की इस कार्रवाई को किसी भी राज्य द्वारा की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इन अधिकारियों पर वर्ष 2019 से 2023 के बीच भ्रष्टाचार कर करीब 88 करोड़ रुपये की अवैध कमाई से चल-अचल संपत्तियां भी बनाने का आरोप है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह पूरा घोटाला एक संगठित सिंडिकेट के जरिये संचालित हो रहा था, जिसमें आरोपी आबकारी अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसका खुलासा होते ही छत्तीसगढ़ सरकार ने बिना देर के 22 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। जिनमें आबकारी उपायुक्त अनिमेष नेताम, अरविन्द कुमार पाटले, नीतू नोतानी, नोहर सिंह ठाकुर, विजय सेन शर्मा शामिल हैं। इसी प्रकार सहायक आयुक्त आबकारी प्रमोद कुमार नेताम, विकास कुमार गोस्वामी, नवीन प्रताप सिंह तोमर, राजेश जायसवाल, मंजुश्री कसेर, दिनकर वासनिक, आशीष कोसम, सौरभ बख्शी, प्रकाश पाल, रामकृष्ण मिश्रा, अलख राम कसेर, सोनल नेताम और जिला आबकारी अधिकारी मोहित कुमार जायसवाल, गरीबपाल सिंह दर्दी, इकबाल अहमद खान, जनार्दन सिंह कौरव, नितिन कुमार खंडूजा शामिल हैं। गौरतलब है कि पूर्व सरकार के पांच साल के कार्यकाल के दौरान कई बड़े घोटाले हुए हैं, जिनकी जांच केंद्रीय और राज्य एजेंसियां कर रही हैं और एक-एक कर सभी दोषी जेल भेजे जा रहे हैं। केवल शराब घोटाला ही नहीं, राज्य सरकार डीएमएफ घोटाला, महादेव सट्टा एप घोटाला और तेंदूपत्ता घोटाले जैसे मामलों की भी गहराई से जांच करवा रही है, जिनमें किसी भी तरह की संलिप्तता सामने आने पर दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो रही है। बीते दो वर्षों में ACB ने 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़ा है, जो राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के साथ-साथ राज्य में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके तहत जेम पोर्टल से खरीददारी को अनिवार्य किया गया है, ई-ऑफिस प्रणाली की शुरुआत हुई है, 350 से अधिक सुधारों के जरिये निवेश की राह भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और आसान बनाई गई है, इसी क्रम में सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से एनओसी की प्रक्रिया बेहद सरल कर दी गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आबकारी विभाग में FL-10 नीति को समाप्त कर पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है और देशी-विदेशी मदिरा की बोतलों पर अब नासिक मुद्रणालय से छपने वाले होलोग्राम अनिवार्य किए गए हैं ताकि नकली शराब की बिक्री पर रोक लगाई जा सके। इसी तरह खनिज ट्रांजिट पास की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है, लकड़ियों की ई-नीलामी प्रणाली लागू की गई है और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार ने PSC-2021 परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच CBI को सौंप दी है, जिसमें आयोग के तत्कालीन चेयरमैन को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, भारतमाला योजना और सीजीएमएससी घोटालों की जांच भी EOW को सौंपी गई है, जिनमें दोषी अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध इस पारदर्शी कार्रवाई में आईएएस, आईएफएस से लेकर राज्य सेवा के विभिन्न स्तर के अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट कहा है कि यह घोटाला पिछली सरकार के कार्यकाल में हुआ था, घोटाले में संलिप्त किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अब राज्य में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है, हमारी सरकार का उद्देश्य जनता को पारदर्शी, जवाबदेह और ईमानदार प्रशासन देना है।  

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक शुरू, हो सकते है कई बड़े फैसले

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक शुरू हो गई है. विधानसभा के मानसून सत्र से पहले हो रही यह बैठक काफी महत्वपूर्ण है. इस बैठक में कई मुद्दों पर मुहर लग सकती है. साथ ही मानसून सत्र में पेश होने वाले नए विधेयकों को लेकर चर्चा की जा सकती है. यह बैठक मंत्रालय (महानदी भवन) में हो रही है.