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प्रधानमंत्री मोदी का विजन है मध्यप्रदेश का मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विश्व बाजार में भारत ने फूंका है स्वदेशी का बिगुल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री  मोदी का विजन है मध्यप्रदेश का मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री एमवीएम कॉलेज परिसर में लगे स्वदेशी मेला में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नया भारत अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। दुनिया में जारी आर्थिक युद्ध के बीच भारत ने स्वदेशी का बिगुल फूंका है। प्रधानमंत्री  मोदी ने देश के नागरिकों, व्यापारियों और उद्यमियों को इस आर्थिक युद्ध में "स्वदेशी ब्रह्मास्त्र' सौंपा है। आज सभी क्षेत्रों में स्वदेशी को महत्व देते हुए भारत की सनातन संस्कृति और विरासत से विकास के पथ पर देश अग्रसर है। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री  मोदी के विजन को मिशन बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वदेशी का अर्थ यह नहीं कि हम दुनिया से अलग हो जाएं। इसका मतलब है कि जो चीज़ हम अपने देश में बना सकते हैं, उसे बाहर से न लाएं और अपने देश में बनी वस्तुओं का ही उपयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मोतीलाल विज्ञान आदर्श महाविद्यालय प्रांगण में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेले का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेला परिसर में स्थापित प्रभु राम की प्रतिमा का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर राम स्तुति की प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवस्त्रम एवं ब्रह्मोस मिसाइल की प्रतिकृति भेंटकर आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री जी ने लघु उद्यमियों द्वारा लगाए विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन किया एवं स्वदेशी उत्पादों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में स्वदेशी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महात्मा गांधी, स्वामी दयानंद, लाला लाजपत राय एवं बाल गंगाधर तिलक जैसे अनेक महापुरुषों ने देशवासियों से विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी अपनाते हुए आजादी की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। यह स्वदेशी की ही ताकत थी कि बंगाल विभाजन के विरोध में बंग-भंग आंदोलन प्रारंभ हुआ और अंग्रेजों को झुकना पड़ा था। वर्तमान समय में एक देश के नेता दुनिया को टैरिफ की धमकी देते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री  मोदी का संकल्प अडिग है। भारत किसी के सामने नहीं झुकेगा। ऐसे समय में प्रधानमंत्री  मोदी ने स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल से पड़ोसी दुश्मन देश को चारों खाने चित कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज दुनिया को भारत में बड़ा बाजार दिखाई दे रहा है। वे अपनी कमाई के लिए उत्पादों को भारत लाना चाहते हैं। लेकिन हम अपने स्वदेशी के भाव से नई तकनीक अपनाते हुए खेती को भी संरक्षित कर रहे हैं और विभिन्न उत्पादों के निर्यात को बढ़ा रहे हैं। इस मेले में उत्तरप्रदेश भदौही के व्यापारी तक अपने कालीन बेचने यहां आए हैं। स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय मेला प्रमुख  साकेत राठौर ने कहा कि स्वदेशी मेला कोई आम मेला नहीं है। हमें स्वदेशी से एक अगल पहचान मिलती है। स्वदेशी जब समाज के साथ जुड़ता है तो वह आंदोलन में परिवर्तित होता है। स्वदेशी वस्तुओं में हमारी मिट्टी की खुशबू होती है। भारत आर्थिक स्थिति में चौथे पायदान पर है। अगर हमें अमेरिका, चीन और जापान को पीछे छोड़ना है तो स्वदेशी के भाव को अपनाना होगा। वर्षभर में देश में 150 स्वदेशी मेले लगाए जाएंगे। विधायक  भगवानदास सबनानी ने कहा कि देशभर में वन्देमातरम के आयोजन के दिन स्वदेशी मेले का आयोजन एक ऐतिहासिक क्षण है। हमें स्वयं स्वदेशी अपनाते हुए साथियों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। स्वदेशी मेला संयोजक एवं भोपाल के व्यापारी  सतीश विश्वकर्मा ने कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन किया। स्वदेशी मेले की शुभारंभ अवसर पर  रमणवीर सिंह अरोड़ा,  सुधीर दाते एवं  सुशील अग्रवाल सहित स्वदेशी आंदोलन से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित थे। 

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा – विश्वविद्यालय कर्मचारी संगठन जिम्मेदारी और निष्ठा से करें कार्य

विश्वविद्यालय कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें – उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कर्मचारी संगठन के नवनिर्वाचित पदाधिकारी अपने दायित्व का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें और विश्वविद्यालय को उच्चतम शिखर तक ले जाने में सहभागी बनें। ताकि इस विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा कायम रह सके।  शुक्ल ने विश्वविद्यालय के कर्मचारी संगठन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। पंडित शंभूनाथ शुक्ल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों को पद नहीं बल्कि जिम्मेदारी मिली है उसे वह सभी के समन्वय से मिलकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि विकास का मूल लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार की उपलब्धता है। रीवा में इस क्षेत्र में प्राथमिकता से कार्य कराये जा रहे हैं। कर्मचारी संगठन के केन्द्रीय विश्वविद्यालय की मांग पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गुण, दोष का आंकलन करते हुए विवरण दें ताकि इस दिशा में प्रयास किये जा सके। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई व शुभकामना दी। इस अवसर पर सांसद  जनार्दन मिश्र ने कहा कि आपसी गुटबाजी को छोड़कर विश्वविद्यालय के विकास के लिये सभी समवेत हों। कुलगुरू प्रो. राजेन्द्र कुमार कुडरिया ने कहा कि कर्मचारियों, प्राध्यापकों व विद्यार्थियों के समचित सहयोग से ही विश्वविद्यालय ऊंचाईयों की ओर अग्रसर होगा। इससे पूर्व कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष डॉ. बुद्धसेन पटेल ने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय बनाये जाने की मांग की। कार्यक्रम में विधायक मऊगंज  प्रदीप पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष मती नीता कोल, भाजपा अध्यक्ष रीवा  वीरेन्द्र गुप्ता, भाजपा अध्यक्ष मऊगंज डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा, कुल सचिव सुरेन्द्र सिंह परिहार सहित कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी, प्राध्यापक, गणमान्यजन तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।  

अब और खूबसूरत होंगे हरियाणा के पार्क, वनीकरण और मेंटेनेंस पर सख्त आदेश जारी

चंडीगढ़  हरियाणा के सभी शहरों में स्थित पार्क अब और अधिक हरियाले, स्वच्छ और सुरक्षित होंगे। राज्य मानवाधिकार आयोग ने सभी नगर निगमों, नगर परिषदों, नगर समितियों और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सार्वजनिक पार्कों का रखरखाव, सौंदर्यीकरण और पर्यावरणीय सुधार उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। आयोग ने आदेश दिया कि हर प्रशासन अपने क्षेत्र में पौधारोपण, लैंडस्केप सुधार और स्वच्छता को लेकर ठोस कदम उठाए ताकि ग्रीन हरियाणा का लक्ष्य साकार हो सके। यह निर्देश अंबाला की शिवालिक कॉलोनी स्थित पार्क में अव्यवस्थाओं पर स्वतः संज्ञान लेने के बाद जारी किए गए। जांच में पाया गया कि वहां शौचालय, पेयजल सुविधा और लाइटिंग जैसे कार्य अधूरे हैं। फोटो सहित रिपोर्ट पेश करने के निर्देश इस पर आयोग के चेयरपर्सन न्यायमूर्ति ललित बत्रा और सदस्य कुलदीप जैन व दीप भाटिया ने नगर निगम अंबाला को सभी कार्य तुरंत पूरे कर फोटो सहित रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। जस्टिस बत्रा ने कहा कि पार्क केवल मनोरंजन के स्थल नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन और स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार से जुड़े हैं। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि पार्कों से कचरा हटाया जाए, रास्ते समतल किए जाएं और झूले व उपकरण सुरक्षित स्थिति में रखे जाएं।

बिना परीक्षा नौकरी! 62 रेलवे स्टेशनों पर टिकट एजेंट भर्ती, 10वीं पास भी करें अप्लाई

चंडीगढ़ हरियाणा के युवाओं के लिए खुशखबरी है। रेलवे विभाग ने युवाओं के लिए भर्ती निकाली है। अंबाला रेल मंडल के अधीन आने वाले 62 रेलवे स्टेशनों पर टिकट एजेंटों की भर्ती की जाएगी। टिकट एजेंट की भर्ती के लिए 10वीं पास होना जरूरी है। नियुक्ति 3 साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर होंगी। इन एजेंटों को प्रत्येक टिकट पर निर्धारित कमीशन के आधार पर आय प्राप्त होगी। एजेंटों को संबंधित स्टेशन मास्टर या स्टेशन प्रबंधक के अधीन कार्य करना होगा।   अंबाला रेल मंडल के वरिष्ठ डीसीएम (डिविजनल कॉमर्शियल मैनेजर) नवीन कुमार ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे रेलवे स्टेशनों पर टिकट बिक्री को बढ़ाना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इन टिकट बुकिंग एजेंटों का चयन पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।  रेल मंडल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कुल 62 पदों को भरने की योजना है। इनमें 42 स्टेशन हरियाणा राज्य के हैं, जबकि 13 स्टेशन हिमाचल प्रदेश के अंतर्गत आते हैं। इन सभी स्थानों पर स्थानीय स्तर पर युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।   अंबाला रेल मंडल के अधीन आने वाले जिन रेलवे स्टेशनों को इस योजना में शामिल किया गया है, उनमें कलानौर, रायपुर हरियाणा, केसरी, डुडियाल, दयालपुर, बराड़ा, अमरगढ़ और यमुनानगर वर्कशॉप सहित कई छोटे स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर अब टिकट एजेंट नियुक्त किए जाएंगे, जो यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराने के साथ-साथ रेल सेवाओं की जानकारी भी देंगे।   सीनियर डीसीएम नवीन कुमार ने बताया कि यह एजेंट तीन वर्षों के लिए कार्य करेंगे। इसके बाद उनके प्रदर्शन के आधार पर अनुबंध को बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। चयन प्रक्रिया में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि रोजगार के अवसर क्षेत्र के लोगों को ही प्राप्त हों। इसके साथ ही रेलवे का लक्ष्य छोटे स्टेशनों पर टिकट बिक्री और राजस्व दोनों को बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि इच्छुक उम्मीदवारों को न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के रूप में 10वीं पास होना आवश्यक होगा। आवेदन प्रक्रिया की अंतिम तिथि रेलवे की वेबसाइट और मंडल कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर जारी की जाएगी। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा। चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, ताकि वे रेलवे टिकटिंग प्रणाली और यात्रियों के साथ व्यवहार के तरीकों को बेहतर ढंग से समझ सकें।

काशी से निकली विकास की रफ्तार! मोदी ने दी 4 ‘वंदे भारत’ ट्रेनों को हरी झंडी

वाराणसी   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने वाराणसी दौरे के दूसरे दिन देश को साल 4 सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदेभारत की सौगात दी है. बनारस स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर पीएम मोदी ने फूलों से सजे बनारस से खजुराहो तक जाने वाले वन्देभारत ट्रेन को रवाना किया है. इस ट्रेन की शुरुआत के बाद देश की सांस्कृतिक डोर से विश्व धरोहर की गांठ और मजबूत होगी. वाराणसी आने वाले पर्यटक सीधे खजुराहो तक कि यात्रा कर सकेंगे. टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया कि इस ट्रेन से काशी आने वाले पर्यटकों को काफी फायदा मिलेगा. यह सीधी ट्रेन महज 8 घंटे में बनारस से खजुराहो तक जाएगी. बीच में चित्रकूट भी एक जंक्शन पड़ेगा. ऐसे में यह पूरा एक सर्किट बनाएगी जिससे टूरिज्म को काफी फायदा होगा. उन्होंने कहा कि लंबे समय से पर्यटन से जुड़े उद्यमियों की मांग थी कि काशी से खजुराहो के बीच ट्रेन सेवा की शुरुआत हो. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां के पर्यटन उद्यमियों की सुनी और आज बनारस से खजुराहो के बीच सीधी चलने वाली वंदेभारत ट्रेन कि उन्होंने सौगात दे दी. जिससे सभी पर्यटन उद्यमी काफी खुश है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, अधिकांश देशों के विकास में इंफ्रास्ट्रक्चर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. किसी भी शहर में जैसे ही बेहतर कनेक्टिविटी मिलती है, उसका विकास अपने-आप तेजी से शुरू हो जाता है. इंफ्रास्ट्रक्चर सिर्फ बड़े पुलों और हाइवे तक सीमित नहीं है. पीएम मोदी का कहना था कि काशी से खजुराहो वंदे भारत के अलावा, फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत, लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत और एर्नाकुलम-बेंगलुरू वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई गई है. इन 4 नई वंदे भारत ट्रेनों के साथ ही अब देश में 160 से ज्यादा नई वंदे भारत ट्रेनों का संचालन होने लगा है. पीएम ने आगे कहा, आज वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें, भारतीय रेलवे की अगली पीढ़ी की नींव तैयार कर रही हैं. ये भारतीय रेलवे को transform करने का एक पूरा अभियान है. वंदे भारत भारतीयों की, भारतीयों द्वारा, भारतीयों के लिए बनाई गई ट्रेन है. जिस पर हर भारतीय को गर्व है. पर्यटकों के लिए बड़ी सौगात वहीं अजय सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज काशी को इस ट्रेन के जरिये बहुत बड़ी सौगात दी है .इससे यहां के पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा और यात्री सहूलियत के साथ सांस्कृतिक राजधानी काशी से खजुराहो तक जा पाएंगे. बताते चलें कि वाराणसी से खजुराहो तक जाने के लिए पर्यटकों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ती थी. लेकिन अब इस ट्रेन की सौगात के बाद उन्हें सहूलियत मिलेगी. वाराणसी को मिली 8 वीं वंदेभारत ट्रेन वाराणसी में लगातार सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदेभारत भारत का कुनबा बढ़ते जा रहा है. बनारस-खजुराहो वन्देभारत की शुरुआत के बाद यह 8 वीं वंदेभारत ट्रेन है जो वाराणसी से चलेगी. गौरतलब है कि वाराणसी एकमात्र शहर है जहां से 8 वंदेभारत ट्रेन का संचालन होता है. वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन आज से बनारस-खजुराहो, लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एर्नाकुलम-बेंगलुरु रूट पर संचालित होंगी. डीआरएम गौरव अग्रवाल ने बताया, आज चार नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई. लखनऊ के लोगों को लखनऊ से सहारनपुर जाने का मौका मिलेगा, जो सोमवार को छोड़कर हफ़्ते में 6 दिन चलेंगी.  वंदे भारत की सौगात मिलने पर एक स्थानीय नागरिक का कहना था कि काशी आने वाले सभी श्रद्धालु- चाहे वे दिल्ली से हों या देश-विदेश के अन्य हिस्सों से… पहले काशी पहुंचते हैं, फिर प्रयागराज, चित्रकूट और अन्य धार्मिक स्थलों की ओर बढ़ते हैं. इसी मार्ग से खजुराहो भी जुड़ता है, जो हमारा ऐतिहासिक और विश्व धरोहर स्थल है. यह पहल सराहनीय है. हमें उम्मीद है कि एनडीए सरकार भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रखेगी. आज चार वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत हो रही है. इससे पहले शुक्रवार शाम करीब 5 बजे प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी पहुंचे. पीएम का विशेष विमान बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरा, जहां प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री और जिले के प्रभारी सुरेश खन्ना, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, विधायक सुनील पटेल, विधायक टी. राम, कमिश्नर एस. राजालिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. इसके बाद पीएम मोदी सड़क मार्ग से बीएलडब्ल्यू गेस्ट हाउस पहुंचे. उनका काफिला बाबतपुर, हरहुआ, गिलट बाजार, जेपी मेहता, फुलवरिया फ्लाईओवर और बरेका होते हुए गुजरा. पूरे मार्ग पर हजारों लोग, बीजेपी कार्यकर्ता और स्थानीय निवासी 'मोदी-मोदी' और 'हर हर महादेव' के नारों के साथ उनका स्वागत करते दिखे. चार नई वंदे भारत का रूट्स… 1. बनारस → खजुराहो 2. खजुराहो → बनारस 3. लखनऊ → सहारनपुर 4. सहारनपुर → लखनऊ 5. दिल्ली → फिरोजपुर 6. फिरोजपुर → दिल्ली 7. बेंगलुरु → एरणाकुलम 8. एरणाकुलम → बेंगलुरु धार्मिक पर्यटन को नई रफ्तार चार नई ट्रेनों में सबसे अहम मानी जा रही है बनारस–खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस, जिसे काशी और पूरे पूर्वांचल के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है. यह ट्रेन बनारस, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ेगी. इससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी. नई वंदे भारत सेवा वर्तमान स्पेशल ट्रेनों की तुलना में करीब 2 घंटे 40 मिनट का समय बचाएगी. इससे यात्रियों को तेज, आरामदायक और आधुनिक यात्रा अनुभव मिलेगा. क्या बोले केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव… केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी स्टेशन का निरीक्षण किया और कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वाराणसी स्टेशन से चार वंदे भारत सेवाओं को हरी झंडी दिखाई. ये सभी सेवाएं यात्रियों को अत्यधिक सुविधा प्रदान करेंगी. चाहे अमृत भारत ट्रेनें हों, नामो भारत हों या वंदे भारत- यात्रियों की सुविधा पर फोकस करते हुए नई पीढ़ी की ट्रेनें लगातार शुरू की जा रही हैं. इसी के साथ देशभर के 1,300 स्टेशनों पर भी पुनर्विकास का काम चल रहा है.

मौसम में आएगा बदलाव: छत्तीसगढ़ में तापमान 4 डिग्री तक नीचे जाने की संभावना

रायपुर छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल गया है. बारिश थमने के बाद बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र से आने वाली नमी की मात्रा में कमी होने लगी है. अब लोगों के घरों में एसी-पंखे का स्विच ऑफ हो गए हैं. रजाई और कंबल बाहर निकाल लिए गए हैं. मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले चार दिनों में तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट की संभावना जताई है. पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ. सिनोप्टिक सिस्टम मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई. छत्तीसगढ़ में आगामी दिनों तक मौसम शुष्क बने रहने के आसार हैं. 7 नवंबर को मौसम शुष्क रह सकता है. किसी भी इलाके में बारिश की संभावना नहीं है. दो दिनों के बाद भी मौसम में किसी बड़े परिवर्तन की उम्मीद नहीं है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई है. अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सिलय और न्यूनतम तापमान करीब 19 डिग्री सेल्सिलय के आसपास रह सकता है.

यातायात होगा आसान: 23 करोड़ की लागत से जिले में बनेगा बड़ा फ्लाईओवर

पानीपत  पानीपत शहर के लोगों के लिए खुशखबरी आई है। यहां जाम की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए बड़ी राहत मिलने वाली है। प्रमोद विज के प्रयासों के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने शहर में नए फ्लाईओवर के निर्माण की स्वीकृति दे दी है।  बताया जा रहा है कि यह फ्लाईओवर दिल्ली पैरलल नहर के पास, जाटल रोड-रिफाइनरी रोड क्रॉसिंग पर बनाया जाएगा। प्रमोद विज ने बताया कि इस फ्लाईओवर का निर्माण करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से होगा। हरियाणा राज्य सड़क विकास निगम ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है और निर्माण कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। फ्लाईओवर बन जाने से न केवल ट्रैफिक सुगम होगा, बल्कि लोगों का समय भी बचेगा।

वोटिंग डे पर बड़ा फैसला: सुप्रीम कोर्ट में SIR के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई

पटना/नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने पूरे भारत में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराने के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 11 नवंबर को सुनवाई करने पर शुक्रवार को सहमति जताई। गैर सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ की ओर से पेश हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि यह मुद्दा लोकतंत्र की जड़ों तक जाता है जिसके बाद न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि वह 11 नवंबर से इन याचिकाओं पर सुनवाई शुरू करेगी। पीठ ने कहा कि हालांकि 11 नवंबर से कई महत्वपूर्ण मामले सूचीबद्ध हैं, फिर भी वह SIR मामलों की सुनवाई के लिए अन्य मामलों की सुनवाई को समायोजित करने का प्रयास करेगी। भूषण ने कहा कि मामले की तत्काल सुनवाई इसलिए आवश्यक है क्योंकि विभिन्न राज्यों में SIR प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। शीर्ष अदालत बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण करने के निर्वाचन आयोग के फैसले की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर पहले से ही सुनवाई कर रही है। चुनाव आयोग ने क्या कहा निर्वाचन आयोग ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की कवायद को ‘सटीक’ बताते हुए न्यायालय से 16 अक्टूबर को कहा था कि याचिकाकर्ता राजनीतिक दल और गैर सरकारी संगठन इस प्रक्रिया को केवल बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगाकर संतुष्ट हैं। आयोग ने न्यायालय से यह भी कहा था कि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद से नाम हटाने के खिलाफ किसी मतदाता ने एक भी अपील दायर नहीं की है। उसने याचिकाकर्ताओं के इस आरोप का खंडन किया था कि महीनों तक चली SIR प्रक्रिया के बाद तैयार की गई राज्य की अंतिम मतदाता सूची में 'मुसलमानों को अनुपातहीन तरीके से बाहर' किया गया। निर्वाचन आयोग ने 30 सितंबर को बिहार की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करते हुए कहा था कि इसमें मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 47 लाख घटकर 7.42 करोड़ रह गई है जो निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले 7.89 करोड़ थी। अंतिम संख्या हालांकि एक अगस्त को जारी की गई मसौदा सूची में दर्ज 7.24 करोड़ मतदाताओं से 17.87 लाख अधिक है। मृत्यु, प्रवास और मतदाताओं के दोहराव सहित विभिन्न कारणों से 65 लाख मतदाताओं के नाम मूल सूची से हटा दिए गए थे। मसौदा सूची में 21.53 लाख नए मतदाता जोड़े गए जबकि 3.66 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए जिससे कुल मतदाताओं की संख्या में 17.87 लाख की वृद्धि हुई है। बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा की 121 सीट पर पहले चरण का चुनाव गुरुवार को हो गया, जबकि शेष 122 निर्वाचन क्षेत्रों में 11 नवंबर को मतदान होगा। मतों की गिनती 14 नवंबर को होगी।  

डॉक्टर बेटी और सीए बेटे के भविष्य के लिए माता-पिता ने छोड़ी संपत्ति, संन्यास के लिए तैयार

नरसिंहपुर  नरसिंहपुर शहर के ओसवाल (बच्छावत) परिवार की बेटी अनामिका ओसवाल, अपने पति दिनेश कांकरिया, डॉक्टर बेटी हर्षिता और चार्टर्ड अकाउंटेंट में अध्ययनरत बेटे विधान के साथ सांसारिक मोहमाया त्यागकर सन्यास के मार्ग पर अग्रसर हो रही हैं। यह पूरा परिवार आगामी 9 नवंबर को आचार्य जिन पीयूष सागर के पावन सान्निध्य में जैन दीक्षा ग्रहण करेगा। ​स्वर्गीय टीकमचंद ओसवाल और श्रीमती कमलाबाई ओसवाल की बेटी अनामिका, जिनका विवाह महाराष्ट्र के धूलिया निवासी दिनेश कांकरिया से हुआ था, उनके परिवार के इस त्याग को समाज एक प्रेरणादायी कदम मान रहा है। परिवार के पास करीब 5 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति है, जिसे छोड़कर वे आत्मसाधना में लीन होंगे। गौरतलब है कि इस परिवार की एक और बेटी वर्ष 2022 में ही दीक्षा लेकर साध्वी शाश्वत निधि के रूप में साधना कर रही हैं। ​सकल जैन श्वेतांबर संघ द्वारा इस दीक्षार्थी परिवार के अभिनंदन में 9 नवंबर को भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। अभिनंदन समारोह श्री मुनिसुब्रत स्वामी जैन श्वेतांबर मंदिर, गुदरी बाजार में सुबह 10.30 बजे से होगा। इससे पूर्व, दीक्षार्थी परिवार का बरघोड़ा (शोभा यात्रा) समारोहपूर्वक मेन रोड से होते हुए बाहरी रोड तक जाएगा। इस अवसर पर विनम्र सागर, पुण्यवर्धन, गुणवर्धन महाराज के पावन सान्निध्य में कार्यक्रम संपन्न होगा। परिवार के एडवोकेट अखिलेश ओसवाल ने इस ऐतिहासिक दीक्षा के संबंध में जानकारी दी।  

एक कदम जागरूकता का, सागर में बाल विवाह पर सख्त रोक, ज्योति तिवारी बनीं बेटियों की ढाल

एक कदम जागरूकता का, सौ कदम प्रगति की ओर सागर में बाल विवाह पर सख्त कार्रवाई, ज्योति तिवारी बनीं बेटियों की ढाल सफलता की कहानी समाचार भोपाल जब कानून संवेदनशील बनता है, तब इंसाफ़ केवल अदालत में नहीं, समाज के दिलों में उतरता है। सागर जिले के बण्डा क्षेत्र के ग्राम छापरी की तपती दोपहर में गाँव की चौपाल पर शादी की चर्चा जोरों पर थी “आज गोपाल ठाकुर के बेटे रामू की शादी है,” पर कोई नहीं जानता था कि उस दिन यह गाँव एक नई सोच की ओर कदम बढ़ाने वाला है। 17 वर्षीय रामू, जो कक्षा 11वीं में पढ़ता था और चिकित्सक बनने का सपना देखता था, की शादी 14 वर्षीय कुसुम से तय कर दी गई थी। समाज का दबाव था “अब लड़का बड़ा हो गया है, शादी कर दो,” लेकिन रामू का दिल पढ़ाई में था। वह यह नहीं चाहता था कि उसका बचपन यूँ ही समाप्त हो जाए। उसके दोस्त सोहन ने तब हिम्मत दिखाई और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर फोन कर दिया। कुछ ही देर में विशेष किशोर पुलिस इकाई की प्रभारी अधिकारी सु ज्योति तिवारी अपनी टीम और स्थानीय पुलिस के साथ गाँव पहुँचीं। ढोल-नगाड़े बज रहे थे, बारात की तैयारी हो रही थी, लेकिन पुलिस जीप और सायरन की आवाज़ से सब ठहर गया। परिवार के लोग पहले अनजान बने रहे, पर जब ज्योति तिवारी ने शांत और दृढ़ स्वर में कहा कि यह विवाह बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत अपराध है। लड़के की उम्र 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष से कम है, इसलिए यह विवाह नहीं हो सकता। गाँव में पहले विरोध हुआ, कुछ ने इसे परंपरा बताया। पुलिस अधिकारी ज्योति तिवारी ने कानून की धाराएँ समझाने के साथ मानवीय दृष्टिकोण से भी बात की। उन्होंने कहा बाल विवाह केवल एक परंपरा नहीं, यह एक ऐसा बंधन है जो बच्चों के भविष्य को बाँध देता है।” धीरे-धीरे माहौल बदला, सरपंच देवीसिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम और स्थानीय शिक्षकों की मदद से परिवार को समझाया गया। परिवार ने अंततः लिखित प्रतिज्ञा ली कि बच्चों की शादी केवल वयस्कता के बाद ही करेंगे। रामू और कुसुम की आँखों में राहत थी, जैसे किसी ने उनकी उम्र को फिर से लौटा दिया हो। गौरझामर की राधा ने दिखाई हिम्मत सागर जिले के ही गौरझामर गाँव में 16 वर्षीय राधा की कहानी ने भी सबका दिल जीत लिया। राधा का सपना पुलिस अधिकारी बनना था। जब पता लगा कि माता-पिता उसकी शादी तय कर चुके हैं, तो उसके सपने डगमगाने लगे, लेकिन उसने हार नहीं मानी। स्कूल में सुनी हुई बात उसे याद आई बाल विवाह अपराध है, मदद के लिए 1098 पर कॉल करें। उसने कॉल किया और पुलिस अधिकारी ज्योति तिवारी पुलिस टीम के साथ गाँव पहुँचीं। बारात जब गाँव की सीमा पर पहुँची, पुलिस सायरन की आवाज़ से सब ठहर गया। राधा की माँ ने कहा “दादी बीमार हैं, बस उसकी आख़िरी इच्छा है कि पोती की शादी देख लें।” यह सुनकर माहौल भावनात्मक हो गया, ज्योति तिवारी ने बड़ी संवेदनशीलता से समझाया माँ, आज अगर आप बेटी को पढ़ने देंगी, तो कल वही बेटी आपके नाम का मान बढ़ाएगी। पुलिस अधिकारी ज्योति तिवारी की समझाईश से धीरे-धीरे परिवार मान गया, और विवाह रोक दिया गया। राधा ने स्कूल लौटते हुए मुस्कुराकर कहा जब समाज और पुलिस साथ खड़े हों, तब कोई भी परंपरा किसी बालिका का भविष्य नहीं छीन सकती।” जागरूकता से परिवर्तन तक – ज्योति तिवारी की पहल इन दोनों घटनाओं के बाद पुलिस अधिकारी ज्योति तिवारी ने महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग के साथ मिलकर ग्राम पंचायतों व स्कूलों में “बाल विवाह रोकथाम एवं शिक्षा प्रोत्साहन अभियान” शुरू किया। अब सागर जिले के कई स्कूलों में हर महीने सत्र होते हैं। जहाँ बच्चे और अभिभावक सीखते हैं कि शादी तब ही, जब शिक्षा पूरी हो। गाँवों में ज्योति तिवारी का नाम अब “बेटियों की प्रहरी” के रूप में जाना जाता है। उनकी पहल ने यह साबित कर दिया कि कानून की सख्ती अगर संवेदनशीलता से जोड़ी जाए, तो बदलाव निश्चित है। हर उस विवाह को रोकना, जो उम्र से पहले हो रहा था किसी बच्चे के भविष्य को जीतने जैसा है।