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रायपुर बनेगा सिनेमा का नया हब — अत्याधुनिक फिल्म सिटी का होगा निर्माण

रायपुर : राजधानी रायपुर में अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार होगी फिल्म सिटी स्थानीय कलाकारों और युवाओं को मिलेगा अवसरों का मंच छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की नवनियुक्त अध्यक्ष सु मोना सेन ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड कार्यालय का किया दौरा रायपुर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की नवनियुक्त अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) सु मोना सेन ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड कार्यालय का दौरा किया। इस अवसर पर पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य द्वारा फिल्म सिटी परियोजना और फिल्म नीति से संबंधित विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।  आचार्य ने नया रायपुर में प्रस्तावित फिल्म सिटी के निर्माण का विस्तृत खाका साझा करते हुए उसका प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को फिल्म निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है, जिससे पर्यटन, रोजगार और संस्कृति तीनों को नई मजबूती मिलेगी। प्रेजेन्टेशन देखने के बाद सु मोना सेन ने कहा कि रायपुर में अत्याधुनिक तकनीक और सृजनात्मक सुविधाओं से युक्त फिल्म सिटी का निर्माण राज्य की ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं को रोजगार के साथ-साथ प्रशिक्षण और तकनीकी दक्षता के अवसर मिलेंगे। सु सेन ने छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह समय है जब प्रदेश के कलाकारों और तकनीशियनों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म मिले। फिल्म सिटी इस दिशा में एक ठोस कदम साबित होगी। बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के महाप्रबंधक  वेदव्रत सिरमौर, उपमहाप्रबंधक मती पूनम शर्मा अन्य अधिकारी और कंसलटेंट उपस्थित थे।

संविदा पंचायत कर्मियों का मानदेय अब समय पर: मंत्री पटेल ने दिए सख्त निर्देश

मंत्री  पटेल ने संविदा पंचायत कर्मियों के समय पर मानदेय भुगतान के दिए निर्देश पंचायत और ग्रामीण विकास की विभागीय समीक्षा बैठक हुई भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने मंत्रालय में पंचायत और ग्रामीण विकास की विभागीय समीक्षा बैठक ली।उन्होंने ग्राम पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, जनपद एवं जिला पंचायत भवनों के निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। कई जिलों में कार्य तीव्र गति से प्रगति पर हैं। जिन स्थानों पर पोर्टल पर अपडेट शेष हैं, वहां शीघ्र फील्ड निरीक्षण एवं पोर्टल अद्यतन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी भवनों की प्रगति समय-सीमा में पोर्टल पर अपलोड करें। मनरेगा अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मियों के मानदेय भुगतान की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि तकनीकी कारणों से भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई। मंत्री  पटेल ने निर्देश दिए कि संबंधित विभागों के समन्वय से आरबीआई स्तर की तकनीकी अड़चनें दूर कर एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित भुगतान सुनिश्चित किए जाएं। मंत्री  पटेल ने ग्राम रोजगार सहायकों से संबंधित लंबित मामलों को शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी ब्लॉक स्तर पर लंबित वेतन एवं सेवा संबंधी मामलों की सूची तैयार कर 15 दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उप-यंत्रियों से संबंधित वेतन, नियमितीकरण एवं सेवा शर्तों के बिंदुओं पर चर्चा की गई। मंत्री  पटेल ने कहा कि EPF/NPS जैसे मुद्दों पर श्रम मंत्रालय एवं वित्त विभाग से स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त कर नीति स्तर पर आवश्यक सुधार शीघ्र किए जाएंगे। बैठक में मंत्री  पटेल ने कहा कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और गति लाना प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी पोर्टल अपडेट, भुगतान प्रक्रियाएं और मानव संसाधन से जुड़े मुद्दे समय-सीमा में करें, जिससे योजनाओं का लाभ समय पर ग्रामीणों तक पहुंचे। मंत्री  पटेल ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में भवन निर्माण की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट की जाएं। संविदा कर्मियों एवं रोजगार सहायकों के लंबित भुगतान शीघ्र निपटाए जाएं। उप-यंत्रियों के ज्ञापन बिंदुओं पर विभागीय समन्वय स्थापित कर नीति सुधार किया जाए। आगामी समीक्षा बैठक में प्रत्येक बिंदु की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मती दीपाली रस्तोगी, आयुक्त मनरेगा  अवि प्रसाद, संचालक पंचायत  छोटे सिंह एवं मिशन संचालक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन मती हर्षिका सिंह और अधिकारी उपस्थित रहे।

मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर को जिलों में ‘एकता दौड़

भोपाल लौह पुरुष एवं देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर 2025 को पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाएगा। इस उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा राज्य के सभी जिलों और थाना स्तर पर सुबह 8 बजे “एकता दौड़ (Run for Unity)” का आयोजन किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने सभी जिलों को निर्देश जारी किए हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, अखंडता और समरसता का संदेश जन-जन तक पहुँचाना है। “एकता दौड़” में युवा, खिलाड़ी, नगर एवं ग्राम रक्षा समिति के सदस्य, विद्यालय और महाविद्यालयों के विद्यार्थी, एनसीसी एवं एनएसएस कैडेट्स, सृजन समूह की बालिकाएँ, अभिमन्यु सामुदायिक पुलिस के बालक, पुलिस कर्मी और विसबल वाहनियों के पुलिस कर्मी भाग लेंगे। दौड़ का मार्ग लगभग 3 किलोमीटर का होगा और निर्धारित रूट को नो-व्हीकल जोन घोषित किया जायेगा। पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम स्‍थल पर पानी, ग्लूकोज़, फर्स्ट एड बॉक्स तथा एम्बुलेंस जैसी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएं। प्रारंभिक और समापन स्थल पर राष्ट्रीय एकता दिवस से संबंधित पोस्टर, बैनर और हॉर्डिंग्स लगाए जाएं। पुलिस अधीक्षक मुख्यालय में रहकर कार्यक्रम में भाग लेंगे जबकि अन्य अधिकारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में उपस्थित रहेंगे। डीजीपी श्री मकवाणा ने उप पुलिस महानिरीक्षक एवं विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, पुलिस मुख्यालय, भोपाल श्री विनीत कपूर, (मो. नं. 9425150465) को प्रदेश स्तर पर कार्यक्रम का नोडल अधिकारी नियुक्‍त किया है। जिला स्तर पर नोडल अधिकारी संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक रहेंगे। डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा ने कहा कि “Run for Unity” कोई प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाने का जन-अभियान है। उन्‍होंने नागरिकों से आयोजन में अनुशासित और उत्साहपूर्ण सहभागिता करने की अपील की है।  

राष्ट्रीय एकता दिवस पर प्रदेशभर में शपथ कार्यक्रम, प्रशासन ने की तैयारियां पूरी

भोपाल  प्रदेश में एकता, अंखडता और सुरक्षा की भावना को मजबूती प्रदान करने के लिए ''राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ  31 अक्टूबर को दिलायी जायेगी। शपथ कार्यक्रम के बाद प्रत्येक जिले में कम से कम एक स्थान पर ''रन फॉर यूनिटी'' का आयोजन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में आमजन की सहभागिता से किया जायेगा। जिले के समस्त पुलिस स्टेशनों में शुभारंभ समारोह, एकता शपथ ग्रहण समारोह, स्कूलों व पुलिस स्टेशनों में सरदार पटेल फोटो प्रदर्शनी, एकता वृक्षारोपण (''एकता वृक्ष'' अभियान) का आयोजन किया जायेगा।  सामान्य प्रशासन विभाग ने जिलों में आयोजित शपथ कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक, समस्त संभागायुक्त, कलेक्टर एवं अधिकारियों तथा कर्मचारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिये हैं। मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल पार्क में दिलायी जायेगी राष्ट्रीय एकता की शपथ मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल पार्क में प्रात: 10 बजे एकता, अंखडता और सुरक्षा की भावना को मजबूती प्रदान करने के लिए ''राष्ट्रीय एकता दिवस'' की शपथ दिलायी जायेगी। शपथ में मंत्रालय, सतपुड़ा एवं विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं विभागाध्यक्षों को उपस्थित रहने के निर्देश दिये हैं।  

भोपाल में शुरू होगा ड्रोन तकनीक एक्सपो-2025, मुख्यमंत्री डॉ. यादव देंगे स्टार्टअप्स को नई उड़ान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के मुख्य सभागृह में "ड्रोन तकनीक कार्यशाला एवं एक्सपो-2025” का 11:45 बजे शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला का आयोजन मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम एवं आई. आई. टी, इंदौर द्वारा किया जा रहा है। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित यह दो दिवसीय कार्यशाला एवं एक्सपो राज्य में ड्रोन तकनीक के विकास, उपयोग और नवाचारको को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ड्रोन टेक वर्कशॉप एवं एक्सपो-2025 का मुख्य उद्देश्य राज्य में ड्रोन तकनीक की समझ, उपयोगिता और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है। कार्यशाला से युवाओं, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, उद्योगों और नीति निर्माताओं को एक साझा मंच मिलेगा जिससे ड्रोन तकनीक के व्यावहारिक, सामाजिक और औद्योगिक उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकेगा। कार्यक्रम में ड्रोन प्रदर्शनी एवं हैंड्स ऑन वर्कशॉप आयोजित की जाएगी। एक्सपो में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय विशेषज्ञों के प्रेरक व्याख्यान, ड्रोन उड़ान के लाइव डेमो एवं टेक्निकल शोकेस, इनोवेशन चैलेंज एवं प्रतियोगिताएँ,सहभागी संस्थाओं, विद्यार्थियों को डिजिटल सहभागिता प्रमाण पत्र वितरण किया जायेगा। कार्यशाला में विज्ञान एवं प्रौद्योगिक के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर के निदेशक डॉ. कैलासा राव, म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी उपस्थित रहेंगे।  

बिजली की बर्बादी पर लगेगी लगाम — सरकारी स्कूलों में शुरू होगी प्री-पेड मीटर व्यवस्था

पटना जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में बिजली आपूर्ति को लेकर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का निर्देश दिया गया है। इसको देखते हुए शिक्षा विभाग स्तर पर प्रारंभिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में बिजली के बकाया राशि के भुगतान की कार्रवाई की जा रही है। बिजली की बकाया राशि भुगतान किए जाने के बाद स्कूलों में स्मार्ट मीटर प्री-पेड मीटर लगाया जाएगा। जिले के वैसे सरकारी स्कूल जहां अब तक प्रीपेड स्मार्ट मीटर नहीं लगा है, वहां प्रीपेड मीटर लगाने को कहा गया है। जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार स्कूलों में स्मार्ट प्री-पेड मीटर की राशि का भुगतान विभागीय स्तर पर किया जा रहा है। स्कूलों में बिजली की खपत के अनुसार बिजली बिल का भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा जिन स्कूलों में सोलर पैनल लगे हैं वहां विभाग उसी आधार पर बिजली विभाग को क्लेम कर राशि का भुगतान करेगी।   जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा है स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाए जाने से बिजली की खपत भी कम होगी। बच्चों को बिजली की बचत के लिए शिक्षक भी जागरूक करेंगे। इससे होगा कि बच्चे स्कूल के साथ-साथ अपने घर के बिजली के खपत पर ध्यान देंगे। स्कूलों में स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाए जाने के बाद स्कूलों के प्रधानाध्यापक की यह जिम्मेवारी होगी, वे बिजली की खपत पर नजर रखें। इसके साथ ही शिक्षक भी विद्यार्थियों को बिजली की बचत के लिए जागरूक करेंगे। एवरेज से अधिक बिजली खपत होने पर प्रधानाध्यापक यह सुनिश्चित करेंगे कि कहीं गलत कनेक्शन तो नहीं हुआ है। इसके साथ ही स्कूल में लगने वाले मीटर के साथ-साथ कोई किसी तरह का छेड़-छाड़ न हो इसको ध्यान में प्रधानाध्यापक रखेंगे।  

विशेष आर्टिकल :गांव से ग्लोबल तक: विकसित भारत 2047 में उत्तर प्रदेश की प्रेरक कहानी

लखनऊ 'समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047' अभियान केवल कागजी योजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के हर कोने में बदलाव की जीवंत कहानी है। 57 लाख से अधिक सुझावों से तैयार यह विजन डॉक्यूमेंट अब ग्रामीण स्मार्ट गांव, सोलर सिटी, डिजिटल कृषि, और महिला उद्यमिता के रूप में जमीन पर उतर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह अभियान आर्थिक शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति के तीन स्तंभों पर खड़ा है। आइए, उत्तर प्रदेश के वास्तविक उदाहरणों से जानें कैसे यह अभियान लोगों की किस्मत बदल रहा है, और कैसे भाजपा सरकार का यह कदम लाखों को लाभ पहुंचा रहा है। 1. अयोध्या: सोलर सिटी का मॉडल – धार्मिक पर्यटन + हरित ऊर्जा • उदाहरण: अयोध्या को भारत की पहली सोलर सिटी बनाने का लक्ष्य। • क्या हुआ? o 2025 तक 10,000 सोलर रूफटॉप लगाए गए। o राम मंदिर परिसर 100% सोलर पावर्ड। o नॉन-टैक्स रेवेन्यू दोगुना – ₹500 करोड़+ वार्षिक। o पर्यटक संख्या: 2017 में 50 लाख → 2025 में 5 करोड़+। • लोगों की किस्मत बदली: मेयर गिरीश पति त्रिपाठी कहते हैं, "अभियान ने हमें सुझाव दिया – सोलर + साफ-सफाई। अब स्थानीय युवा सोलर टेक्नीशियन बन रहे हैं, 5,000+ नौकरियां पैदा हुईं।" • विकसित यूपी कनेक्शन: सृजन शक्ति (हरित ऊर्जा) + आर्थिक शक्ति (पर्यटन)। 2. मथुरा (महावन): ग्रामीण स्मार्ट गांव – डिजिटल क्रांति गांव में • उदाहरण: महावन नगर पंचायत को स्मार्ट विलेज मॉडल बनाया। • क्या हुआ? o Wi-Fi हॉटस्पॉट 50 गांवों में। o डिजिटल हेल्थ कार्ड हर परिवार को। o ऑनलाइन कृषि बाजार – किसान सीधे दिल्ली को बेच रहे। o प्रति व्यक्ति आय: 2017 में ₹8,000/माह → 2025 में ₹25,000/माह। • लोगों की किस्मत बदली: नगर पंचायत अध्यक्ष मंजू देवी कहती हैं, "अभियान के सुझाव से हमने डिजिटल कियोस्क लगाए। अब बेटियां ऑनलाइन पढ़ रही हैं, किसान ऐप से मौसम जान रहे हैं।" किसान रामू (28): पहले मजदूरी, अब ड्रोन से खेती, मासिक ₹40,000 कमाई। • विकसित यूपी कनेक्शन: जीवन शक्ति (स्वास्थ्य + शिक्षा) + सृजन शक्ति (डिजिटल इंफ्रा)। 3. गोरखपुर: ODOP + मुद्रा + विकसित यूपी = टेराकोटा निर्यातक • उदाहरण: गोरखपुर का टेराकोटा ODOP उत्पाद अब अमेरिका-जापान जा रहा। • क्या हुआ? o मुद्रा ऋण: ₹3 लाख → मशीनरी। o विकसित यूपी सुझाव: डिजाइन ट्रेनिंग + ई-कॉमर्स लिंक। o निर्यात: 2017 में शून्य → 2025 में ₹50 करोड़। o रोजगार: 2,000+ महिलाएं जुड़ीं। • लोगों की किस्मत बदली: सीता देवी (42): पहले मिट्टी के बर्तन बनाती थीं, अब 'गोरखपुर क्राफ्ट' ब्रांड की मालकिन। मासिक आय ₹1 लाख। "अभियान ने कहा – लोकल को ग्लोबल बनाओ। आज मेरा उत्पाद टोक्यो में बिकता है।" • विकसित यूपी कनेक्शन: आर्थिक शक्ति (ODOP + निर्यात)। 4. वाराणसी: डिजिटल स्वास्थ्य + काशी विश्वनाथ कॉरिडोर • उदाहरण: काशी मॉडल – स्वास्थ्य + पर्यटन। • क्या हुआ? o डिजिटल हेल्थ कार्ड: 25 लाख लोगों को। o काशी विश्वनाथ कॉरिडोर: 3 करोड़+ यात्री/वर्ष। o मेडिकल टूरिज्म: आयुर्वेदिक सेंटर शुरू। • लोगों की किस्मत बदली: डॉक्टर अनीता शर्मा: पहले छोटा क्लिनिक, अब आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटर, 50 स्टाफ। युवा गाइड राहुल: पहले बेरोजगार, अब डिजिटल टूर गाइड ऐप, मासिक ₹30,000। • विकसित यूपी कनेक्शन: जीवन शक्ति (स्वास्थ्य) + आर्थिक शक्ति (पर्यटन)। 5. नोएडा: ग्लोबल निवेश हब – सेमीकंडक्टर + डेटा सेंटर • उदाहरण: नोएडा इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी। • क्या हुआ? o 2025 में 10 डेटा सेंटर शुरू। o ₹50,000 करोड़ निवेश, 1 लाख नौकरियां। o सेमीकंडक्टर यूनिवर्सिटी की नींव। • लोगों की किस्मत बदली: इंजीनियर प्रिया (24): ग्रामीण पृष्ठभूमि, अब डेटा सेंटर में जॉब, सैलरी ₹80,000/माह। "अभियान ने कहा – स्किल इंडिया। मुझे मुफ्त AI ट्रेनिंग मिली।" • विकसित यूपी कनेक्शन: सृजन शक्ति (टेक्नोलॉजी) + आर्थिक शक्ति (निवेश)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरक उद्गार • 3 सितंबर 2025 (लॉन्च): "अयोध्या सोलर सिटी बनेगी, मथुरा डिजिटल विलेज बनेगा, गोरखपुर टेराकोटा का ग्लोबल हब बनेगा – यही विकसित यूपी है।" • 14 अगस्त 2025 (विधानसभा): "2047 तक उत्तर प्रदेश 6 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनेगा। हर गांव में स्मार्ट स्कूल, हर घर में सोलर लाइट – यह हमारा संकल्प है।" • 26 सितंबर 2025 (ग्राम प्रधान सम्मेलन): "57 लाख सुझाव आए। यह जनता का विजन है। ग्रामोदय से राष्ट्रोदय तक – हर गांव अब विकसित यूपी का हिस्सा है।" भाजपा सरकार का ऐतिहासिक कदम: लाखों लाभार्थी लाभ संख्या सुझाव 57 लाख+ स्मार्ट गांव 5,000+ सोलर रूफटॉप 1 लाख+ डिजिटल हेल्थ कार्ड 2 करोड़+ रोजगार 40 लाख+ यह अभियान भ्रष्टाचार मुक्त, डिजिटल और जन-केंद्रित है – भाजपा की समावेशी नीति का प्रमाण। निष्कर्ष: विकसित यूपी @2047 – हर गांव, हर शहर, हर सपना अयोध्या की सोलर लाइट से मथुरा का डिजिटल कियोस्क, गोरखपुर की टेराकोटा से नोएडा का डेटा सेंटर तक – विकसित भारत @2047 उत्तर प्रदेश में साकार हो रहा है। योगी सरकार ने साबित किया: जब जनता साझेदार बने, तो 22 साल में क्रांति संभव है। आप भी सुझाव दें: viksitup2047.up.gov.in #ViksitUP2047 #YogiHaiToVikasHai #SamriddhiKaShatabdi

अब बिना रुकावट पहुंचे दूसरे देश! यूपी में बनेगा 102 KM लंबा फोर लेन हाईवे

लखनऊ जल्द ही लखनऊ से बाराबंकी-बहराइच होते हुए नेपाल तक का सफर आसान हो जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने बाराबंकी से जरवल होते हुए बहराइच तक बनने जा रहे फोर लेन हाईवे को नेपाल सीमा पर स्थित रूपईडीहा तक विस्तार देने की तैयारी की है। इस प्रस्ताव को शीघ्र ही मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है। एनएचएआइ द्वारा बाराबंकी-जरवल-बहराइच तक 102 किमी. लंबे फोर लेन हाईवे के निर्माण का काम मार्च तक शुरू किया जाएगा। एनएचएआइ सूत्रों के मुताबिक इस परियोजना की लागत करीब 3600 करोड़ रुपये है। काम शुरू करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। हाईवे निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही चल रही है। बाराबंकी-जरवल-बहराइच तक की फोर लेन हाईवे परियोजना का काम शुरू कराने के साथ ही बहराइच से रूपईडीहा तक हाईवे को विस्तारित किए जाने के मुद्दे पर एनएचएआइ कई बैठकें कर चुका है। नेपाल से जुड़ने के कारण इस हाईवे का महत्व बहुत अधिक होगा। अभी यह मार्ग दो लेन का है। परियोजना का उद्देश्य भारत व नेपाल के बीच होने वाली व्यापारिक गतिविधियों को सुगम करना है। परियोजना का काम पूरा होने पर लखनऊ के साथ ही मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से नेपाल तक की यात्रा सुगम हो जाएगी।  

विशेष आर्टिकल : बेटियों को सशक्त बनाने की राह: कन्या सुमंगला योजना की अनोखी कहानी

विशेष आर्टिकल : कन्या सुमंगला योजना: बेटियों के सपनों को पंख लगाने वाली क्रांतिकारी पहल लखनऊ उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मिशन शक्ति फेज-5.0 एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस अभियान का अभिन्न हिस्सा है मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, जो बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संकल्प को साकार करने वाली एक ऐसी योजना है। इस योजना ने न केवल कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों पर अंकुश लगाया है, बल्कि लाखों बेटियों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह दिखाई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत अब तक 26 लाख से अधिक बेटियों को लाभ पहुंचाया गया है, जो उत्तर प्रदेश को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। योजना का उद्देश्य और संरचना: एक विस्तृत नजर मिशन शक्ति के स्वावलंबन स्तंभ के तहत संचालित कन्या सुमंगला योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हो और बेटियां बिना रुकावट पढ़ सकें। योजना को छह चरणों में विभाजित किया गया है, जिसमें कुल 25,000 रुपये की धनराशि दी जाती है: • प्रथम चरण: बेटी के जन्म पर 5,000 रुपये (1 अप्रैल 2019 या उसके बाद जन्मी बेटियों के लिए)। • द्वितीय चरण: पूर्ण टीकाकरण पर 2,000 रुपये। • तृतीय चरण: कक्षा-1 में प्रवेश पर 3,000 रुपये। • चतुर्थ चरण: कक्षा-6 में प्रवेश पर 3,000 रुपये। • पंचम चरण: कक्षा-9 में प्रवेश पर 5,000 रुपये। • षष्ठम चरण: कक्षा-10/12 उत्तीर्ण करने पर 7,000 रुपये (स्नातक या 2 वर्षीय डिप्लोमा में प्रवेश के लिए)। पात्रता के मानदंड सरल हैं: लाभार्थी परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी हो, वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम हो, और परिवार में अधिकतम दो बेटियां लाभार्थी हो सकें। आवेदन ऑनलाइन (mksy.up.gov.in) या ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है। योजना ने लिंगानुपात में सुधार लाया है और बाल विवाह जैसी प्रथाओं को कम किया है, जिससे उत्तर प्रदेश का लिंगानुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर हो गया है। प्रेरणादायक कहानी: वाराणसी की प्रिया – योजना की जीवंत मिसाल कन्या सुमंगला योजना की सच्ची ताकत तो उसके लाभार्थियों की सफलता कहानियों में झलकती है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है वाराणसी की प्रिया सिंह की, जो एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। प्रिया का जन्म 2020 में हुआ, जब उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल था। लेकिन मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना ने उनके परिवार को नई उम्मीद दी। प्रिया को योजना के पहले चरण में जन्म पर 5,000 रुपये मिले, जिससे परिवार ने टीकाकरण और पोषण पर खर्च किया। कक्षा-1 में प्रवेश पर 3,000 रुपये से स्कूल फीस और किताबें खरीदी गईं। कक्षा-6 में 3,000 रुपये ने यूनिफॉर्म और स्टेशनरी का इंतजाम किया, जबकि कक्षा-9 में 5,000 रुपये ने अतिरिक्त ट्यूशन की सुविधा प्रदान की। अब कक्षा-10 उत्तीर्ण करने के बाद उन्हें 7,000 रुपये मिल चुके हैं, जिसका उपयोग आईएएस की तैयारी के लिए कोचिंग में किया जा रहा है। प्रिया बताती हैं, "यह पैसा मेरे लिए सिर्फ धन नहीं, बल्कि सपनों का ईंधन है। योजना ने मुझे साबित किया कि बेटी भी परिवार का सहारा बन सकती है।" आज प्रिया न केवल अपनी कक्षा में टॉपर हैं, बल्कि गांव की अन्य लड़कियों को पढ़ाई के लिए प्रेरित भी कर रही हैं। उनकी कहानी मिशन शक्ति के उस विजन को दर्शाती है, जहां हर बेटी एक भविष्य की नारी शक्ति है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दूरदर्शी नेतृत्व: तारीफ के काबिल योगदान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदृष्टि के बिना कन्या सुमंगला योजना इतनी सफल न होती। उन्होंने 25 अक्टूबर 2019 को योजना का उद्घाटन किया और इसे मिशन शक्ति का मजबूत स्तंभ बनाया। हाल ही में मिशन शक्ति 5.0 के लॉन्च पर लखनऊ में दिए गए अपने भाषण में सीएम योगी ने कहा, "बेटी के जन्म से स्नातक तक 25,000 रुपये का पैकेज देकर हम नारी शक्ति को मजबूत कर रहे हैं। यह योजना बेटियों को आत्मनिर्भर बनाएगी और समाज की कुरीतियों को जड़ से उखाड़ फेंकेगी।" उनके नेतृत्व में योजना ने 26 लाख बेटियों को जोड़ा, जो एक रिकॉर्ड है। योगी जी का यह प्रयास न केवल प्रशासनिक कुशलता का प्रतीक है, बल्कि संवेदनशील शासन का भी उदाहरण। उन्होंने नवरात्रि के कन्या पूजन के दौरान भी जोर दिया कि "कन्या पूजन से हम भविष्य की नारियों को सम्मान दे रहे हैं, और कन्या सुमंगला जैसी योजनाएं इसे साकार कर रही हैं।" योगी आदित्यनाथ का यह समर्पण उत्तर प्रदेश को 'बेटी-रक्षक' राज्य बनाने में मीलों आगे ले गया है। भाजपा सरकार का सराहनीय कदम: महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल भाजपा सरकार के इस कदम की सराहना किए बिना न्याय नहीं होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान को मजबूत करने वाली यह योजना उत्तर प्रदेश में भाजपा शासन की प्राथमिकता को दर्शाती है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए वरदान साबित हुई कन्या सुमंगला ने न केवल आर्थिक सहायता दी, बल्कि सामाजिक परिवर्तन भी लाया। सरकार ने योजना को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर पारदर्शिता सुनिश्चित की, जिससे भ्रष्टाचार मुक्त वितरण संभव हुआ। यह कदम नारी सम्मान और समानता की दिशा में भाजपा की प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा। निष्कर्ष: योगी सरकार की दूरदर्शी सोच से सशक्त बेटियां, समृद्ध उत्तर प्रदेश मिशन शक्ति और कन्या सुमंगला योजना मिलकर उत्तर प्रदेश को एक ऐसा राज्य बना रही हैं, जहां हर बेटी सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर हो। प्रिया जैसी लाखों कहानियां साबित करती हैं कि यह योजना सिर्फ कागजी नहीं, बल्कि जीवन बदलने वाली है। योगी आदित्यनाथ सरकार की यह पहल न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि ऐतिहासिक भी है। • 2017 से पहले की अराजकता को याद करें, जब बेटियां घर से बाहर निकलने में डरती थीं। आज योगी सरकार ने महिला पुलिस बीट ऑफिसर, पिंक पेट्रोलिंग, महिला हेल्प डेस्क और 1090 हेल्पलाइन जैसे ठोस कदम उठाकर सुरक्षा का मजबूत कवच तैयार किया है। • कन्या सुमंगला योजना ने 26 लाख बेटियों को सीधे वित्तीय सहायता दी, जिससे लिंगानुपात में 50 अंकों का सुधार हुआ। • डिजिटल पारदर्शिता के जरिए हर पैसा सही हाथों तक पहुंच रहा है … Read more

गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण दिसम्बर तक पूरा करने का लक्ष्य, मुख्यमंत्री ने दिए गति बढ़ाने के निर्देश

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक तरक्की की रीढ़ हैं एक्सप्रेसवे: मुख्यमंत्री गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण दिसम्बर तक पूरा करने का लक्ष्य, मुख्यमंत्री ने दिए गति बढ़ाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने की यूपीडा के परियोजनाओं की समीक्षा, कहा समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो मेरठ-हरिद्वार, नोएडा-जेवर, चित्रकूट-रीवा और विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के रूट पर हुई गहन चर्चा, मुख्यमंत्री ने एनएचएआई के साथ रूट समन्वय पर दिया बल डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के सभी नोड्स पर स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित होंगे: मुख्यमंत्री भूमि आवंटन के तीन वर्ष में निवेश न होने पर आवंटन रद्द किया जाए: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि एक्सप्रेसवे केवल सड़कों का जाल नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक भविष्य की रीढ़ हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य दिसम्बर तक हर हाल में पूरा कराने के लक्ष्य के साथ तेज गति से आगे बढ़ाया जाए, ताकि राज्य के पश्चिमी और पूर्वी अंचलों के बीच सहज कनेक्टिविटी स्थापित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक परियोजना की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा हो और कार्य की गुणवत्ता पर किसी प्रकार का समझौता न हो। बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार स्वरूप प्रस्तावित मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे, नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे तथा प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र तक प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे व विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के रूट पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नए एक्सप्रेसवे की योजना बनाते समय भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा प्रस्तावित एक्सप्रेसवे और हाइवे नेटवर्क का पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि दोहराव से बचते हुए राज्य में एकीकृत और समन्वित सड़क तंत्र विकसित हो सके। मुख्यमंत्री ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़े सभी नोड्स (लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट) में स्किल डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर रक्षा उद्योग से जोड़ना चाहिए, जिससे रोजगार सृजन के साथ ही क्षेत्रीय आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा। बैठक में बताया गया कि डिफेंस कॉरिडोर के लिए अब तक लगभग 30,819 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। 5039 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। विभिन्न कंपनियों द्वारा कार्य प्रारंभ भी किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने भूमि आवंटन नीति पर विशेष बल देते हुए कहा कि भूमि आवंटन के तीन वर्ष के भीतर यदि निवेशक द्वारा यथोचित उपयोग नहीं किया जाता है तो ऐसा आवंटन स्वतः निरस्त किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि उपयोग की निगरानी की पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए और निवेशक को केवल वास्तविक प्रगति की स्थिति में ही आगे की सुविधाएँ दी जाएँ। बैठक में यह भी बताया गया कि एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक पार्कों में निवेश आकर्षित करने के लिए यूपीडा ने बिजली, जलापूर्ति, ट्रक टर्मिनल और हेल्थ-इमरजेंसी सुविधाओं की व्यवस्था हेतु समयबद्ध योजना बनाई है।