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MP के अकेले सांसद वी.डी. शर्मा करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व, संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेंगे

खजुराहो   मध्यप्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने उन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में शामिल होने के लिए नामित किया है। यह सत्र 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक न्यूयॉर्क (अमेरिका) में आयोजित होगा। इस दौरे में देशभर से कुल 15 सांसद संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में शामिल होंगे, जिनमें मध्यप्रदेश से केवल विष्णुदत्त शर्मा को प्रतिनिधित्व का अवसर मिला है। इस चयन को राज्य के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।   जानकारी के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय दौरे के लिए सांसदों का चयन प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की प्रत्यक्ष निगरानी में किया गया है। माना जा रहा है कि दिल्ली द्वारा खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा को यह जिम्मेदारी सौंपना, उनके प्रति केंद्र सरकार के विश्वास और भरोसे को दर्शाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) विश्व के सबसे प्रतिष्ठित कूटनीतिक मंचों में से एक है, जहां सदस्य देशों के प्रतिनिधि वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं और अपने देश का दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करना किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जाता है। बता दें भारत समय-समय पर अपने सांसदों और प्रतिनिधियों को विभिन्न वैश्विक मंचों पर भेजता रहा है, ताकि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत किया जा सके और वैश्विक नीतिगत चर्चाओं में भारत की सक्रिय भूमिका बनी रहे।   मध्य प्रदेश से एकमात्र प्रतिनिधि इस दौरे की खास बात यह है कि विष्णुदत्त शर्मा 15 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल में मध्य प्रदेश से शामिल होने वाले एकमात्र सांसद हैं। यह न केवल उनके लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक गौरव का विषय माना जा रहा है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उनके अनुभव और संगठनात्मक कौशल को देखते हुए इस चयन को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पीएमओ ने दी जिम्मेदारी सूत्रों के अनुसार, इस दौरे के लिए सांसदों का चयन सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय की देखरेख में हुआ है। निश्चित तौर पर दिल्ली द्वारा वीडी शर्मा को यह जिम्मेदारी देना उनके ऊपर विश्वास का प्रतीक है। संयुक्त राष्ट्र महासभा दुनिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों में से एक है, जहाँ विभिन्न देशों के प्रतिनिधि वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करते हैं और अपने देश का दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। इस मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना एक बड़ी उपलब्धि है। यह पहला मौका नहीं है जब भारतीय सांसद यूएन के कार्यक्रमों में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। भारत समय-समय पर अपने सांसदों और प्रतिनिधियों को वैश्विक मंचों पर भेजता रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूती दी जा सके और वैश्विक नीति-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाई जा सके।

पन्ना में चमत्कार! गरीब मजदूर को दिवाली पर मिले तीन हीरे, कीमत सुनकर लोग रह गए दंग

पन्ना।  मध्य प्रदेश के पन्ना की धरती ने एक बार फिर गरीब की किस्मत बदल दी। जिले के बेनीसागर मोहल्ले के निवासी वृद्ध मजदूर महादेव प्रसाद प्रजापति को दो हफ्तों के भीतर उथली हीरा खदान पटी से एक नहीं, बल्कि तीन चमचमाते हीरे मिले हैं। महादेव प्रसाद ने इन हीरों को हीरा कार्यालय में जमा किया। जानकारी के अनुसार, उन्होंने करीब 20 दिन पहले ही पट्टा लेकर हीरा खदान शुरू की थी।  इस दौरान उन्हें क्रमशः 2.58 कैरेट, 2.75 कैरेट और 3.09 कैरेट वजन के जेम्स क्वालिटी के तीन हीरे प्राप्त हुए, जिनका कुल वजन 8.42 कैरेट है। हीरा पारखी अनुपम सिंह के मुताबिक, इनकी अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये से अधिक हो सकती है। वृद्ध महादेव प्रसाद ने बताया कि वह मजदूर तबके से हैं, सुनने में कठिनाई होती है और कच्चे घर में रहते हैं। उन्होंने कहा कि नीलामी के बाद मिलने वाली राशि से वे अपनी आर्थिक स्थिति सुधारना चाहते हैं। बताया गया कि आज दो लोगों ने कुल चार हीरे जमा किए हैं, जबकि अक्टूबर माह में अब तक 10 हीरे और साल की शुरुआत से अब तक 68 हीरे हीरा कार्यालय में जमा किए जा चुके हैं। 

राजनीति में हलचल: डंपी की गिरफ्तारी से पूर्वांचल के नेताओं पर मंडराया खतरा, टावर डीजल में नए खुलासे की संभावना

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की अपराध और सियासत की दुनिया में एक बार फिर भूचाल आ गया है. माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के विश्वस्त मैनेजर और कुख्यात आईएस 191 गैंग के सक्रिय सदस्य ‘डम्पी’ को बुधवार सुबह लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से स्पेशल जांच टीम (SIT) ने गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी टावर कंपनियों से जुड़े बहुचर्चित डीजल घोटाले की सबसे बड़ी कड़ी साबित हो सकती है, जिसमें खरबों रुपये की अवैध कमाई का खेल चल रहा था. सूत्रों का दावा है कि डम्पी के बयानों से पूर्वांचल के कई दिग्गज नेताओं और माफिया सरगनाओं की नींद उड़ सकती है. गाजीपुर नगर क्षेत्र का निवासी डम्पी कोई साधारण अपराधी नहीं है. वह दिवंगत माफिया मुख्तार अंसारी का दाहिना हाथ था और आईएस 191 गैंग का कोर मेंबर. मुख्तार की धौंस और ताकत का इस्तेमाल कर डम्पी ने टेलीकॉम टावर कंपनियों के डीजल सप्लाई चेन में जबरन घुसपैठ की. पूर्व सांसद अतुल राय के साथ मिलकर उसने बड़े पैमाने पर डीजल चोरी और कालाबाजारी का नेटवर्क चलाया, जिससे अरबों रुपये की काली कमाई हुई. डम्पी इस घोटाले का ‘बेताज बादशाह’ था. वह टावर कंपनियों को धमकाकर डीजल की सप्लाई पर कब्जा करता था और फिर उसे ब्लैक मार्केट में बेचकर मुनाफा कमाता था. एक जांच सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि गिरफ्तारी के समय डम्पी विदेश भागने की फिराक में था, लेकिन एसआईटी की मुस्तैदी से उसका प्लान फेल हो गया. जांच का दायरा बढ़ेगा या माफिया की कमर टूटेगी? डम्पी के पास घोटाले की पूरी इनसाइड स्टोरी है. उसके खुलासों से गाजीपुर और पूर्वांचल के कई प्रभावशाली चेहरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. खबरों में जिन नामों का जिक्र हो रहा है, उनमें अखंड राय, अंगद राय, पूर्व सांसद अतुल राय, विधायक अभय सिंह और मुख्तार के बेटे विधायक अब्बास अंसारी शामिल हैं. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा- डम्पी अगर पुलिस को पूरी डिटेल देता है, तो यह गैंग की कार्यप्रणाली, फंडिंग और राजनीतिक कनेक्शन का पर्दाफाश कर देगा. मुख्तार अंसारी के सिंडिकेट की आर्थिक रीढ़ टूट जाएगी. यह गिरफ्तारी योगी सरकार की माफिया विरोधी मुहिम को और मजबूती देगी. प्रवर्तन निदेशालय भी सक्रिय हो सकता है दूसरी ओर, यह गिरफ्तारी पूरे नेटवर्क के खात्मे की शुरुआत हो सकती है. डम्पी की निशानदेही पर गैंग की छिपी हुई संपत्तियों, जमीन, होटल, फार्महाउस का पता चलेगा. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी सक्रिय हो सकता है और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच करेगा. गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई से पूर्वांचल में माफिया और उनके सरपरस्तों की हवा निकल जाएगी.  

सीएम योगी नोएडा एयरपोर्ट पहुंचे, देखी सुरक्षा और संचालन की तैयारियां

नोएडा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज (शनिवार) दोपहर 12 बजे ग्रेटर नोएडा के यीडा सिटी में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे है. वह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर चल रही तैयारियों का जायजा ले रहे है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 30 अक्टूबर को एयरपोर्ट का उद्घाटन कर सकते है. मुख्यमंत्री योगी दोपहर में राजकीय विमान से हिंडन एयरपोर्ट पहुंचे. जहां से वह सड़क मार्ग से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आए. वह अधिकारियों के साथ तैयारियों का निरीक्षण करने के बाद वह एक समीक्षा बैठक भी कर रहे है. एयरपोर्ट पर तैयारियां अंतिम चरण में यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री एयरपोर्ट का निरीक्षण करने आ चुके है. उनका मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री के आगमन से पहले एयरपोर्ट परिसर में की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लेना है. एयरपोर्ट परिसर में इन दिनों रनवे, टर्मिनल बिल्डिंग और पार्किंग क्षेत्र में तेजी से काम चल रहा है. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीआईएसएफ और अन्य एजेंसियों को तैनात किया जा रहा है. सफल ट्रायल के बाद बढ़ा आत्मविश्वास दो दिन पहले ही एयरपोर्ट पर यात्रियों के आगमन और विमान सेवाओं का सफल ट्रायल किया गया था. ट्रायल के दौरान रनवे, ग्राउंड हैंडलिंग और सुरक्षा इंतजामों की जांच की गई. शनिवार को भी एक और ट्रायल ऑपरेशन किया जा रहा है. प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह परखी जा रही है.   प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन अलर्ट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 30 अक्टूबर को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कर सकते है. इसको लेकर प्रशासन, प्राधिकरण और एयरपोर्ट प्रबंधन की टीमों में लगातार बैठकें हो रही हैं. एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों में भी सड़क मरम्मत, सौंदर्यीकरण और ट्रैफिक प्रबंधन पर तेजी से काम हो रहा है.

शहर में घुसा तेंदुआ! अंबाला वन विभाग ने किया फुल-स्पीड खोज अभियान

अंबाला  अंबाला जिले के धुलकोट गांव में तेंदुए के दिखाई देने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने शनिवार को अलर्ट जारी करते हुए खोज अभियान शुरू किया। जिला अधिकारियों ने बताया कि आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज में एक जंगली जानवर देखा गया, जो तेंदुए जैसा प्रतीत होता है। हालांकि, वन विभाग ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस को शुक्रवार शाम को तेंदुए के दिखाई देने की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से खोज अभियान चलाया। वन विभाग ने गाँव में घोषणा कर ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, तेंदुए की खोज अभी जारी है और लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

2016 के एक्ट संशोधन के बाद सभी राज्य ELIS सिस्टम पर कर रहे हथियार लाइसेंस कार्य, MP में लोकसेवा पर भेजे जाते आवेदन प्रभावित

ग्वालियर  लाइसेंसी हथियारों के नवीनीकरण सहित अन्य कामों को लेकर मध्य प्रदेश को छोड़कर पूरे देश में आर्म लाइसेंस इश्युएंस सिस्टम (एलिस) पर काम हो रहा है, लेकिन मप्र में लोकसेवा पर दोहरी व्यवस्था चल रही है। हाल ही में प्रदेश के गृह मंत्रालय की ओर से नेशनल डाटाबेस ऑफ आर्म लाइसेंस(एलिस) सिस्टम पर डाटा अपडेट करने के लिए कहा गया है, यानी अब सभी लाइसेंस का काम एलिस पर ही कराया जाएगा। 2016 में इसको लेकर एक्ट में संशोधन कर आदेश जारी किए गए थे। सभी राज्य हथियार लाइसेंस संबंधी कार्य एलिस पर ही कर रहे हैं, जो कि नेशनल सिस्टम है। प्रदेश में लोकसेवा पर आवेदन भेजे जाते हैं, जिसमें यूआईएन नंबर की अनिवार्यता नहीं होता है। एलिस में बिना यूआईएन नंबर के काम नहीं होता है। 2019 में लोकसेवा पर हथियारों का काम करने को लेकर राज्य शासन ने निर्देश दिए थे। अब मप्र में जिन लाइसेंसधारकों के पास यूआईएन नंबर नहीं है उनका नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। मध्य प्रदेश में 913 ऐसे शस्त्र धारक हैं, जिनके पास दो से ज्यादा शस्त्र हैं इनसे शस्त्र सरेंडर होने की कार्रवाई भी होना है। अतिरिक्त शस्त्र जमा करने की कार्रवाई बता दें कि नेशनल डाटाबेस ऑफ आर्म लाइसेंस का आर्म लाइसेंस इश्युएंस सिस्टम (एलिस) है जिसपर शस्त्र संबंधी काम होता है। गृह मंत्रालय की ओर से भी जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखे गए हैं। इसमें लिखा है कि मप्र में कुल 913 लाइसेंसधारियों के पास से अधिक शस्त्र हैं। उनसे अतिरिक्त शस्त्र जमा करने की कार्रवाई की जानी है। एनडीएल-एलिस पोर्टल पर अतिशीघ्र इनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए। भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा यूएन जारी करने की अंतिम तिथि 30 जून 2020 निर्धारित की गई थी। शस्त्र संबंधी सेवाओं के लिए आवेदन ऑनलाइन पब्लिक पोर्टल पर पेश किया जा सकता है।

पंजाब में रेलवे परियोजना के लिए सरकार से सहयोग की मांग

पटियाला  नॉर्दर्न रेलवे ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर "राजपुरा-मोहाली नई रेल लाइन (18.11 किमी)" परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम अधिकारी (CALA) और मध्यस्थ (Arbitrator) नियुक्त करने का अनुरोध किया है। केंद्र सरकार द्वारा 2008 के गजट अधिसूचना (संशोधन) अधिनियम के तहत इस परियोजना को "विशेष रेलवे परियोजना" के रूप में अधिसूचित किया गया है। इस परियोजना के लिए पंजाब के पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) जिलों में लगभग 53.84 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। अधिसूचना का प्रभाव गजट में प्रकाशित होने की तिथि 24 अक्टूबर, 2025 से माना जाएगा। रेलवे की ओर से पंजाब सरकार को भेजे गए पत्र में कहा गया है, "इस महत्वपूर्ण रेलवे अवसंरचना परियोजना का सफल और समय पर पूरा होना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है।" पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि रेलवे के पास पर्याप्त संख्या में अनुभवी अधिकारी नहीं हैं जो भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी के रूप में कार्य कर सकें, इसलिए पंजाब सरकार से अनुरोध किया गया है कि वे उपयुक्त अधिकारी और मध्यस्थ नियुक्त करें। पत्र में यह भी कहा गया है कि परियोजना के लिए आवश्यक 53.84 हेक्टेयर भूमि तीन जिलों पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और SAS नगर (मोहाली) में अधिग्रहित की जाएगी।

46 वर्षों बाद अपने आध्यात्मिक स्वरूप में लौट रहा संभल, सांस्कृतिक धरोहर को मिल रही पहचान

सीएम योगी के प्रयासों से पुनः शुरू हुई संभल की पौराणिक 24 कोसी परिक्रमा 46 वर्षों बाद अपने आध्यात्मिक स्वरूप में लौट रहा संभल,  सांस्कृतिक धरोहर को मिल रही पहचान एक बार फिर संभल अपनी पौराणिक पहचान ‘भगवान कल्कि की नगरी’ के रूप में जगमगा उठा   – 1978 में सांप्रदायिक दंगों के कारण रुकी यह परंपरा अब योगी सरकार के प्रयासों से फिर शुरू – संभल में मजबूत हुआ कानून का इकबाल, अवैध कब्जों से मिली मुक्ति, धार्मिक धरोहरों का हुआ पुनरुद्धार  – सीएम योगी के प्रयासों से मालामाल हो रहा संभल, ₹2405 करोड़ के निर्यात के साथ हासिल किया प्रदेश में 10वां स्थान  लखनऊ  संभल में इतिहास फिर से करवट ले रहा है। जहां कभी दंगों, पलायन और अवैध कब्जों की छाया थी, वहीं अब आस्था, अध्यात्म और सुरक्षा का सूर्योदय दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संभल एक बार फिर अपनी पौराणिक पहचान ‘भगवान कल्कि की नगरी’ के रूप में जगमगा उठा है। शुक्रवार रात्रि 2 बजे संभल के 68 तीर्थ और 19 कूपों की 24 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ प्राचीन तीर्थ बेनीपुरचक स्थित श्रीवंशगोपाल से लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में हुआ। शंखनाद, भजन और जयघोषों के बीच निकली यह परिक्रमा 46 वर्षों बाद पुनः आरंभ हुई है। 1978 में सांप्रदायिक दंगों के कारण रुकी यह परंपरा 2024 में योगी सरकार के प्रयासों से फिर से जीवित हो उठी। धार्मिक मान्यता है कि इस परिक्रमा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीव को मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह परिक्रमा श्रीवंशगोपाल तीर्थ से प्रारंभ होकर भुवनेश्वर, क्षेमनाथ और चंदेश्वर तीर्थों से होते हुए पुनः वंशगोपाल तीर्थ पर लौटती है। इन तीन प्रमुख तीर्थों के मध्य 87 देवतीर्थ स्थित हैं, जो सम्भल की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक हैं। 2017 के बाद बदला संभल का परिदृश्य  1978 के दंगों के बाद सम्भल में जो भय, अविश्वास और पलायन का माहौल बना, उसने दशकों तक यहां के सामाजिक ताने-बाने को चोट पहुंचाई। हिंदू परिवारों ने अपने घर, दुकानें और जमीनें छोड़ीं; मंदिरों पर कब्जे हुए और धर्मिक आयोजनों पर रोक लग गई। परंतु 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद परिदृश्य पूरी तरह बदल गया। सीएम योगी ने संभल की स्थिति को व्यक्तिगत रूप से गंभीरता से लिया। न्यायिक आयोग की रिपोर्ट ने उन सच्चाइयों को उजागर किया जिन्हें वर्षों तक दबाया गया। सत्ता संरक्षण में जनसंख्या संतुलन बिगाड़ने की कोशिशें हुईं और हिंदुओं को सुनियोजित रूप से पलायन के लिए विवश किया गया। योगी सरकार ने इन सभी मामलों में कठोर कार्रवाई की। दंगों की साजिश में शामिल तत्वों को जेल भेजा गया, अवैध कब्जों को हटाया गया और सांप्रदायिक राजनीति पर अंकुश लगाया गया। अवैध कब्जों से मिली मुक्ति, धार्मिक धरोहरों का हुआ पुनरुद्धार योगी सरकार ने संभल में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की ऐतिहासिक कार्रवाई की। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा-67 के तहत 495 वाद दर्ज हुए, जिनमें से 243 मामलों का निस्तारण कर 1067 अतिक्रमण हटाए गए। इस प्रक्रिया में 68.94 हेक्टेयर भूमि कब्जामुक्त कराई गई। यही नहीं, धार्मिक स्थलों पर हुए अवैध कब्जों पर भी निर्णायक कार्रवाई हुई। विशेष अभियान के तहत 37 अवैध कब्जे हटाए गए, जिसमें 16 मस्जिदें, 12 मजारें, 7 कब्रिस्तान और 2 मदरसे शामिल थे। कुल 2.623 हेक्टेयर भूमि को मुक्त कराया गया। साथ ही 68 पौराणिक तीर्थस्थलों और 19 प्राचीन कूपों के संरक्षण व सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया आरंभ की गई है। कल्कि अवतार मंदिर समेत अनेक प्राचीन स्थलों पर पुनरुद्धार कार्य चल रहे हैं। संभल में मजबूत हुआ कानून का इकबाल  संभल में अब कानून का इकबाल मजबूत हुआ है। योगी सरकार ने बीते कुछ वर्षों में 2 नए थाने और 45 नई चौकियां स्थापित की हैं। संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी निगरानी और ड्रोन सर्वे की व्यवस्था की गई है। अपराधियों पर कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक विश्वास की नींव रखी गई है। बिजली चोरी रोकने के लिए चलाए गए अभियानों से लाइन लॉस 82% से घटकर 18% पर पहुंच गया है, जिससे 84 करोड़ रुपये की राजकीय धनराशि की बचत हुई। आर्थिक दृष्टि से भी संभल ने छलांग लगाई है।  ₹2405 करोड़ के निर्यात के साथ यह अब प्रदेश में 10वें स्थान पर है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत संभल के मेटैलिक, वुडन और हैंडीक्राफ्ट उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान बना रहे हैं।

कृषि से औद्योगिक प्रगति की नई कहानी लिख रहा उत्तर प्रदेश

योगी सरकार में प्रॉसेसिंग हब बन रहा उत्तर प्रदेश कृषि से औद्योगिक प्रगति की नई कहानी लिख रहा उत्तर प्रदेश ग्लोबल ट्रेड रिसर्च रिपोर्ट में यूपी-गुजरात को बताया गया भारत का ‘फूड प्रोसेसिंग पावरहाउस’  आगरा और फर्रूखाबाद में बन रहे अत्याधुनिक संयंत्र, किसानों को मिल रहा दोगुना लाभ प्रदेश में लगभग 65,000 फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स से करीब 2.5 लाख को मिल रहा रोजगार योगी सरकार ने हर जिले में 1,000 नई प्रॉसेसिंग यूनिट्स लगाने का रखा है लक्ष्य बरेली, बाराबंकी और वाराणसी में एग्रो पार्क दे रहे विकास को गति लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को औद्योगिक शक्ल दे रहा है। राज्य तेजी से भारत का फूड प्रोसेसिंग हब बनकर उभर रहा है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च की हालिया रिपोर्ट में गुजरात और उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख प्रोसेसिंग केंद्रों के रूप में रेखांकित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, आपूर्ति पक्ष पर जहां गुजरात के मेहसाणा और बनासकांठा में आधुनिक डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) संयंत्र विकसित हुए हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के आगरा और फर्रूखाबाद जिलों में नए अत्याधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट्स स्थापित हो रहे हैं। इन संयंत्रों को कांट्रैक्ट फार्मिंग और कोल्ड स्टोरेज नेटवर्क का मजबूत आधार प्राप्त है, जिससे किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल रहा है। योगी सरकार का यह मिशन न केवल किसानों को आत्मनिर्भर बना रहा है, बल्कि उत्तर प्रदेश को एक ‘कृषि से उद्योग’ परिवर्तन मॉडल के रूप में स्थापित कर रहा है—जहां खेत से लेकर फैक्ट्री तक हर स्तर पर विकास की गूंज सुनाई दे रही है। 2.55 लाख युवाओं को रोजगार  राज्य में फिलहाल 65,000 से अधिक फूड प्रोसेसिंग इकाइयां संचालित हैं, जिनसे करीब 2.55 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। सरकार का लक्ष्य हर जिले में कम से कम 1,000 नई प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित करना है, जिससे खेती को मूल्य संवर्धन (Value Addition) और रोजगार दोनों के अवसर मिलेंगे। योगी सरकार ने अब तक 15 से अधिक एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग पार्क विकसित किए हैं, जिनमें बरेली, बाराबंकी, वाराणसी और गोरखपुर प्रमुख हैं। बरेली में बीएल एग्रो द्वारा करीब ₹1,660 करोड़ की इंटीग्रेटेड एग्रो प्रोसेसिंग हब की स्थापना प्रस्तावित है, जिसमें चावल मिलिंग, तेल निष्कर्षण और पैकेजिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। निर्यात और नवाचार के नए आयाम गढ़ रहा उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश सरकार का विशेष फोकस अब फल-सब्जी प्रसंस्करण, हाई-वैल्यू क्रॉप्स और निर्यात-उन्मुख उद्योगों पर है, ताकि राज्य की कृषि उत्पादकता वैश्विक बाजार से सीधे जुड़ सके। इसी दिशा में आगरा में इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर (CIP) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना की योजना बनाई गई है, जहां आलू और अन्य ट्यूबर फसलों पर अत्याधुनिक अनुसंधान होगा। यह पहल कानपुर, आगरा, लखनऊ और फर्रूखाबाद जैसे प्रमुख आलू उत्पादक जिलों के लिए बड़ा अवसर साबित होगी, जिससे किसानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी कीमतें और निर्यात संभावनाएं मिलेंगी। वर्तमान में अमेरिका, बांग्लादेश, यूएई और वियतनाम जैसे देश भारत से बड़े पैमाने पर प्रॉसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स का आयात कर रहे हैं, जिससे भारतीय प्रसंस्करण उद्योग को नई पहचान मिल रही है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि वर्ष 2030 तक भारत का उपभोक्ता व्यय $6 ट्रिलियन तक पहुंच जाएगा, जो उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लिए इस क्षेत्र में निवेश, रोजगार और निर्यात के अभूतपूर्व अवसर लेकर आएगा। नीति से मिल रही नई रफ्तार उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को गति देने के लिए योगी सरकार ने एक स्पष्ट और सशक्त वित्तीय व नीतिगत वातावरण तैयार किया है। राज्य की ‘खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023’ इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है, जिसके तहत 19 नई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। नीति के तहत उद्यमियों को उत्पादन-आधारित सब्सिडी, ब्याज सहायता, भूमि उपयोग, स्टाम्प ड्यूटी और विकास शुल्क में छूट जैसी आकर्षक रियायतें दी जा रही हैं। इसके अलावा, सौर ऊर्जा, कोल्ड-चेन, क्लस्टर मॉडल और तकनीकी उन्नयन को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। नीति का मुख्य फोकस “कच्चे माल की स्थानीय उपलब्धता” पर है, ताकि किसानों, प्रोसेसर्स और उद्यमियों के बीच त्रिस्तरीय वैल्यू चेन बन सके। बड़े बाजार, उत्पादन की कम लागत और दक्ष मानव संसाधन जैसी खूबियों के कारण उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे आकर्षक फूड प्रोसेसिंग निवेश केंद्रों में गिना जा रहा है।

ऑस्ट्रेलिया की महिला खिलाड़ियों पर इंदौर में हमला, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

इंदौर आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप चल रहा है. इंदौर में शनिवार को ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच मुकाबला होगा. जिसको लेकर दोनों टीमें इंदौर आई हुए हैं. दोनों टीमें होटल में रुकी हुई हैं. ऑस्ट्रेलिया की 2 खिलाड़ी होटल से बाहर गईं तो एमआईजी थाना क्षेत्र में उनके साथ छेड़छाड़ की घटना सामने आई है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ शुरू कर दी है. पैदल टहल रही महिला खिलाड़ियों से छेड़छाड़ इंदौर में आईसीसी महिला वर्ल्ड कप के मैच का आयोजन होगा. जिसमें भाग लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम इंदौर आए हुई थी. शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया की दो महिला खिलाड़ी होटल से एक कैफे जा रही थी. जब वह खजराना रोड पर पैदल टहलते हुए जा रही थी इस दौरान एक बाइक सवार युवक उनके पास आया और उनके साथ छेड़छाड़ करने लगा. तुरंत महिला खिलाड़ियों ने अपने सुरक्षा अधिकारी डैनी सिमस को एक मैसेज भेजकर सारी बात बताई. खिलाड़ियों को गलत तरह से छूने की कोशिश महिला खिलाड़ियों ने बताया कि, एक युवक उनके साथ छेड़छाड़ की घटना को अंजाम दे रहा है और लगातार छूने का प्रयास कर रहा है. सुरक्षा अधिकारी के पास जैसे ही लाइव लोकेशन भेजी तो डैनी सिमस ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया. तभी वहां एक कार चालक पहुंचा और दोनों महिला खिलाड़ियों से बातचीत की और पूरे मामले की सूचना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को दी. महिला खिलाड़ियों के सुरक्षा अधिकारी डैनी सिमस ने एमआईजी पुलिस से शिकायत की. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरु कर दी. आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने खजराना थाना क्षेत्र में रहने वाले अकिल नामक युवक को गिरफ्तार किया है. अकील से पुलिस पूछताछ कर रही है. एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया का कहना है कि, ''प्रारंभिक तौर पर आरोपी अकील को महिला खिलाड़ियों के साथ छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है.'' इंदौर में जिस तरह से महिला खिलाड़ियों के साथ छेड़छाड़ की घटना घटित हुई है उससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं.