samacharsecretary.com

केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने लुधियाना रेलवे स्टेशन का किया निरीक्षण, यात्रियों को दिया भरोसा- गाड़ियां समय पर मिलेंगी

लुधियाना  पंजाब से छठ पूजा के मौके पर बिहार जाने वाले यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू ने लुधियाना रेलवे स्टेशन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे अफसरों और यात्रियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण।  रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू आज (22 अक्टूबर) को अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे. इस मौके पर छठ पूजा पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए उन्होंने यात्रियों से हाथ जोड़कर अपील की है कि रेलवे के पास ट्रेनों की कमी नहीं है बहुत सारी स्पेशल ट्रेनें चलाई गई है. उन्होंने कहा कि अगर फिर भी ट्रेनों की संख्या कम होती है तो हम और भी संख्या बढ़ा देंगे. साथ ही उन्होंने मंगलवार (21 अक्टूबर) को चली खबर को लेकर मीडिया और लोगों से हाथ जोड़कर अपील की है कि यात्रियों के लिए रेलवे प्रशासन के पास ट्रेन की कमी नहीं है, बस यात्री धैर्य बनाए रखें.  छठ पूजा को लेकर स्टेशन पर भारी भीड़ छठ पूजा को लेकर अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ नजर आ रही है. कल भारी भीड़ के चलते यात्री ट्रेन में चढ़ने के चक्कर में खिड़कियों से ट्रेन में घुसने की कोशिश करते नजर आए. कई यात्री डिब्बे की सीढ़ियों पर बैठने पर मजबूर हुए तो कईं खिड़कियों से लटककर यात्रा करने पर मजबूर हुए और कई यात्री जिन्होंने रिजर्वेशन करा रखी थी, भीड़ के कारण उनकी ट्रेन छूट गई.  खबर के बाद बुधवार (22 अक्टूबर) को रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव के कहने पर रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू अंबाला पहुंचे. इस दौरान उन्होंने यात्रियों से हाथ जोड़कर अपील करते हुए कहा कि रेलवे प्रशासन के पास ट्रेनों की कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि समस्या वहां आ रही है जहां जल्दबाजी हो रही है. बिट्‌टू ने सबसे पहले अफसरों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था, होल्डिंग एरिया और टिकट काउंटरों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कंट्रोल रूम का दौरा किया और वहां की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। इसके बाद जनता के बीच जाकर यात्रियों से संवाद किया। यात्रियों को सुरक्षा और सुविधा की हिदायत बिट्‌टू ने यात्रियों से कहा कि वे ट्रेन के बाथरूम, टॉयलेट या दरवाजों पर बैठकर यात्रा न करें। रेलवे के पास सभी ट्रेनों की बुकिंग और वेटिंग लिस्ट का डेटा उपलब्ध है, और इसी के अनुसार अतिरिक्त गाड़ियों की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव और मंत्रालय पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं। स्पेशल ट्रेनें और होल्डिंग एरिया उन्होंने कहा कि पंजाब से लगभग 170 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चल रही हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए लुधियाना समेत अन्य स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। इन होल्डिंग एरिया में यात्रियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, ताकि ट्रेन आने पर किसी तरह की भीड़ या भगदड़ न हो। यात्रियों को संपर्क करने की सलाह बिट्‌टू ने कहा कि यदि किसी यात्री को यात्रा के दौरान कोई संदेह या समस्या दिखे, तो वह अधिकारियों या कंट्रोल रूम से तुरंत संपर्क करें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि संदिग्ध वस्तु या स्थिति की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।

रायपुर : महतारी वंदन योजना ने बदली श्यामा की ज़िंदगी, बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायपुर सरकारी योजनाएं तभी असर दिखाती हैं, जब वे सीधे आमजन के जीवन में बदलाव लाएं। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना ऐसी ही तस्वीर लिख रही है। मुंगेली जिले के ग्राम किरना की श्यामा नेताम इसका उदाहरण है। कभी मजदूरी और सीमित खेती पर आश्रित यह परिवार आज आत्मनिर्भरता की राह पर मजबूती से खड़ा है, वो भी एक छोटे से प्रयास और बड़ी सोच की वजह से। श्यामा को बकरी पालन का अनुभव तो था, मगर पूंजी की कमी बड़ी बाधा थी। इसी बीच महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाले 1,000 रुपए ने उनकी उम्मीद को नई दिशा दी। श्यामा ने राशि खर्च करने के बजाय उसे कुछ महीने तक बचाया और उसी से एक बकरी खरीदी। यहीं से शुरू हुआ बदलाव का सफर, रकम भले छोटी थी, लेकिन हौसला बड़ा। धीरे-धीरे बकरियों की संख्या बढ़ी और आज श्यामा परिवार की आय में 3000 रुपए प्रति माह जोड़ रही हैं। बच्चों की पढ़ाई हो या रोजमर्रा का खर्च, सब कुछ अब पहले से ज्यादा व्यवस्थित है। सबसे बड़ी बात श्यामा अब खुद को आश्रित नहीं, आत्मनिर्भर कहने लगी हैं। श्यामा नेताम कहती हैं कि ‘योजना ने मुझे नया हौसला दिया। अब मैं अपने पैरों पर खड़ी हूँ। पहले घर चलाना मुश्किल था, लेकिन अब अपने दम पर परिवार संभाल पा रही हूँ। यह योजना सच में महिलाओं के लिए नई शुरुआत है। यह बदलाव यूं ही नहीं आया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना का मकसद महिलाओं को केवल सहारा नहीं, आर्थिक स्वतंत्रता देना है। इस योजना की बदौलत श्यामा जैसी हजारों महिलाएं अपनी पहचान और सम्मान की नई कहानी लिख रही हैं। गांव में आज श्यामा प्रेरणा बन चुकी हैं। उनकी मुस्कान बताती है कि छोटे अवसर भी बड़ा भविष्य बना सकते हैं, बस जरूरत है विश्वास, निरंतरता और सही दिशा की।

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने लिया तैयारियों का जायजा, एक नवंबर को पीएम मोदी करेंगे राज्योत्सव का शुभारंभ

रायपुर : राज्योत्सव के मंच से उभरेगा डिजिटल और विकसित छत्तीसगढ़ संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने लिया तैयारियों का जायजा, एक नवंबर को पीएम मोदी करेंगे राज्योत्सव का शुभारंभ ‘नई सोच, नया छत्तीसगढ़’ थीम पर होगा भव्य आयोजन रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इस वर्ष राज्य सरकार भव्य रजत राज्योत्सव मनाने जा रही है। राजधानी नया रायपुर में 1 नवंबर को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी पांच दिवसीय राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम को ऐतिहासिक और आधुनिक स्वरूप देने के लिए तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान देश के पहले आदिवासी डिजिटल संग्रहालय, नया विधानसभा भवन और ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ‘शांति शिखर’ अकादमी का भी उद्घाटन करेंगे। वे सत्य सांई हॉस्पिटल में हृदय उपचार से लाभान्वित बच्चों से भी मुलाकात करेंगे। संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने लिया तैयारियों का जायजा संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने राज्योत्सव की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राज्योत्सव स्थल पर राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और केन्द्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगायी जाएगी। इसके अलावा फूड जोन और शिल्पग्राम के साथ ही यहां आने वाले लोगों के मनोरंजन के लिए विभिन्न स्टॉल लगाये जाएंगे। मुख्य मंच पर आकर्षक सांस्कृति कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी होगी। मंत्री अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में राज्योत्सव और संग्रहालय का अवलोकन कर राज्य की गौरवगाथा से जुड़ें। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर मनाया जा रहा राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की गौरवमयी विकास यात्रा का उत्सव है। संस्कृति मंत्री  अग्रवाल ने शहीद वीर नारायण सिंह की स्मृति में बनाए जा रहे नवीन आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय और पुरखौती मुक्तांगन का निरीक्षण कर पुरखौती मुक्तांगन में नवनिर्मित रामवनगमन पथ, सीताबेंगरा एवं रामगढ़ की पहाड़ी की प्रतिकृति का अवलोकन किया और यहां किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सरांश मित्तर, संस्कृति विभाग के संचालक  विवेक आचार्य सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  डिजिटल तकनीक से लैस है आदिवासी संग्रहालय नवा रायपुर में विकसित देश का पहला आधुनिक आदिवासी डिजिटल संग्रहालय छत्तीसगढ़ के जननायकों, वीरता और लोक संस्कृति की गाथा को नवीन तकनीक और वर्चुअल रियलिटी माध्यम से प्रस्तुत करेगा। संग्रहालय में पारंपरिक कलाओं के साथ डिजिटल इंटरएक्टिव अनुभव भी दर्शकों को आकर्षित करेंगे। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ‘इस वर्ष राज्योत्सव ‘नई सोच, नया छत्तीसगढ़’ थीम पर मनाया जा रहा है, जो राज्य के डिजिटल, सांस्कृतिक और विकासशील स्वरूप का प्रतीक बनेगा।‘ उन्होंने यहां एआई पर आधारित डिजिटल स्वचालित कैमरे लगाये गए हैं, जिसमें कैमरे के सामने आने पर स्वतः ही आदिवासी वेषभूषा पर छायाचित्र खिंच जाती है।  25वें राज्योत्सव में देश-विदेश के कलाकारों की प्रस्तुतियां, भारतीय वायुसेना का सूर्यकिरण एयर शो, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, स्थानीय उत्पादों के स्टॉल, डिजिटल एक्सपीरियंस जोन और वीआर जोन विशेष आकर्षण रहेंगे। राज्योत्सव स्थल पर तीन विशाल डोम बनाए जा रहे हैं, जिनमें 60 एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही हैं। करीब 40 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था, 300 शौचालय, 20 बेड का अस्थायी हॉस्पिटल, आईसीयू यूनिट और 25 एम्बुलेंस तैयार रखी गई हैं। इसके अलावा नए चौराहों का सौंदर्यीकरण और प्रकाश व्यवस्था का कार्य भी अंतिम चरण में है।

दिनेश के घर में आई उजियाला, सूर्यघर योजना ने दी मुफ्त बिजली

दिनेश के घर में आई उजियाला, सूर्यघर योजना ने दी मुफ्त बिजली रायपुर में सूर्यघर योजना से लाभान्वित हुआ दिनेश का परिवार, मुफ्त बिजली से चमका घर रायपुर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण अंचलों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रही है। सुकमा जिले के कुम्हाररास निवासी श्री दिनेश पाल ने इस योजना के अंतर्गत अपने घर में 3 किलोवाट क्षमता का सौर संयंत्र स्थापित किया है, जिसके परिणामस्वरूप उनके बिजली बिल में बेहद कमी आई है। पहले जहाँ उन्हें प्रतिमाह 1600-1700 रुपये का भुगतान करना पड़ता था, वहीं अब यह घटकर 400-500 रुपये रह गया है। श्री पाल बताते है कि योजना के तहत उन्हे सब्सिडी तथा बैंक ऋण का लाभ भी मिला है। उन्होंने योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे आर्थिक रूप से लाभकारी तथा ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। घरो की छतो पर सोलर संयंत्र लगाने वाले हितग्राहियों को केन्द्रीय सब्सिडी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भी अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। नेट-मीटरिंग प्रणाली से जुड़े इन सौर संयंत्रों के माध्यम से उपभोक्ता आवश्यकता से अधिक बिजली ग्रिड को बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। सुकमा कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने इसे पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। यह योजना अब ग्रामीण घरों में रोशनी, बचत और आत्मनिर्भरता का माध्यम बनकर ऊर्जा क्रांति ला रही है।

IPS डांगी पर SI की पत्नी ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप, ट्रांसफर की धमकी का भी दावा

रायपुर   छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के आइपीएस अफसर और वर्तमान में आइजी पर एक सब-इंस्पेक्टर की पत्नी ने यौन उत्पीड़न और शारीरिक शोषण का गंभीर आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि आईपीएस ने बीते सात सालों से उसका शारीरिक और मानसिक शोषण करते आ रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। पीड़िता का आरोप- सात साल से उत्पीड़न बिलासपुर में पदस्थ एक सब-इंस्पेक्टर की पत्नी ने आला अधिकारियों को दिए पत्र में आरोप लगाया कि आइजी ने सात वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण किया। महिला ने कहा कि जब उसने आइजी से दूरी बनाने की कोशिश की, तो उस पर धमकियों और दबाव के जरिए संबंध बनाए रखने को मजबूर किया गया। महिला का आरोप है कि डांगी पिछले 7 सालों से उसका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। वहीं, इस मामले में IPS डांगी का कहना है कि महिला उन्हें बदनाम करने और ब्लैकमेल करने के लिए ये सब कर रही है। फिलहाल DGP ने शिकायत की जांच के निर्देश दिए है। 15 अक्टूबर को हुई है शिकायत जानकारी के मुताबिक, पीड़िता ने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर 15 अक्टूबर को औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि साल 2017 में रतनलाल डांगी से उसकी मुलाकात कोरबा में हुई थी, जब IPS डांगी वहां एसपी पद पर तैनात थे। शुरूआती बातचीत सोशल मीडिया पर हुई, जो आगे बढ़ती गई। दंतेवाड़ा में पदस्थापना के दौरान वह वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें योग सिखाती थी। बाद में राजनांदगांव और सरगुजा में आईजी बनने के बाद डांगी ने कथित रूप से उसे परेशान करना शुरू किया। बिलासपुर आईजी रहते हुए उत्पीड़न का सिलसिला और बढ़ गया। शिकायत में महिला ने बताया है कि IPS डांगी उसे अपनी पत्नी की गैरमौजूदगी में बंगले पर बुलाते थे और न आने पर तबादले की धमकी देते थे। चंद्रखुरी पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में तबादले के बाद भी वह वीडियो कॉल के जरिए सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक संपर्क करने का दबाव बनाते थे। महिला ने यह भी दावा किया है कि उसके पास कई आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। डांगी बोले- महिला ब्लैकमेल कर रही शिकायत मिलते ही विभाग ने प्राथमिक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। महिला के आरोपों पर दैनिक भास्कर ने आईपीएस रतनलाल डांगी से बात की।  चर्चा के दौरान रतनलाल डांगी ने बताया कि शिकायतकर्ता महिला उन्हें ब्लैकमेल कर रही है। इस मामले की शिकायत उन्होंने पूर्व में ही सीनियर अफसरों से की है। महिला को इस बात की जानकारी मिली तो उसने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर शिकायत की है। महिला मुझे बदनाम करने और ब्लैकमेल करने के लिए ये सब कर रही है। कौन है IPS रतनलाल डांगी IPS रतनलाल डांगी छत्तीसगढ़ के 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वे बीजापुर, कांकेर, कोरबा और बिलासपुर जैसे जिलों में एसपी रह चुके हैं, जबकि सरगुजा, दुर्ग और बिलासपुर रेंज में आईजी पद पर भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे चंद्रखुरी स्थित पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में निदेशक के रूप में पदस्थ हैं। आईजी रैंक के अफसर को मिली है जांच की जिम्मेदारी IPS रतनलाल डांगी की शिकायत की जांच पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर आईजी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं। अब तक मामले में जांच शुरू नहीं हुई है। बताया जा रहा है जांच अधिकारी पहले महिला से पूछताछ करके बयान और डिजिटल साक्ष्य लेंगे। महिला से बयान लेने के बाद IPS रतनलाल डांगी का बयान रिकॉर्ड किया जाएगा। जांच टीम में महिला अफसरों को भी शामिल किया गया है। जांच रिपोर्ट कब तक आएगी? इस संबंध में जांच टीम और पुलिस मुख्यालय के अफसरों ने फिलहाल कुछ नहीं कहा है।. वीडियो कॉल से नजर महिला का आरोप है कि अधिकारी सुबह पांच बजे से रात 10 बजे तक कई बार वीडियो कॉ पर नजर रखने का दबाव डालते थे। शिकायत में लिखा है कि वह अब तक चुप रही क्योंकि उसके पति की नौकरी खतरे में पड़ सकती थी। आरोप है कि आईपीएस अधिकारी अक्सर उसे धमकी देते थे कि ’अगर तुमने विरोध किया तो तुम्हारे पति को नक्सल क्षेत्र में तबादला कर दूंगा।’ आईपीएस को महिला कर रही ब्लैकमेल इधर, आईपीएस ने डीजीपी अरुणदेव गौतम को लिखित शिकायत देकर खुद पर लगे आरोपों को झूठा और साजिशन बताया है। उन्होंने कहा कि सब-इंस्पेक्टर की पत्नी पिछले कई वर्षों से उन्हें ब्लैकमेल कर रही है और उनके परिवार को मानसिक प्रताड़ना दे रही है। अधिकारी ने डीजीपी को सौंपे पत्र में लिखा है कि महिला ने उनके वाशरूम और निजी पलों के वीडियो बनाकर उन्हें धमकाना शुरू किया। अधिकारी द्वारा डीजीपी को लिखे पत्र के प्रमुख बिंदु – महिला जहर की शीशी लेकर कार्यालय आई और मुझे अपनी पत्नी से संबंध न रखने की कसम खिलवाई। उसने कई शर्तें रखीं, पत्नी से बात नहीं करना, तस्वीर नहीं खिंचवाना, जन्मदिन या सालगिरह नहीं मनाना। – उसने कहा कि मैं रात में बालकनी में सोऊं और आठ घंटे तक लाइव लोकेशन और वीडियो कॉल चालू रखूं ताकि उसे भरोसा रहे कि मेरे साथ कोई नहीं है। – स्नान, व्यायाम और वाशरूम जाते समय भी वीडियो कॉल चालू रखने की शर्त लगाई गई थी। – उसने वाशरूम में फोटो लिए और दिखाकर धमकाया कि अगर मैं उसकी बात नहीं मानूंगा तो ये तस्वीरें वायरल कर देगी। – विरोध करने पर उसने ब्लेड से खुद का हाथ काटा और आत्महत्या का नाटक किया ताकि मैं डर जाऊं। – दावा किया कि उसने मेरी सिफारिश से जिन लोगों की मदद की, उनसे रुपये वसूले और अब वह कहती है कि मैं झूठे रिकार्ड में फंसा दिया जाऊंगा। – कई मौकों पर वह जहर की शीशी लेकर कार्यालय आती और कहती कि अगर उसकी बात नहीं मानी तो यहीं आत्महत्या कर मुझे फंसा देगी। – उसने मेरी पत्नी और बेटों से मुझे अलग कर दिया। मैं पिछले दो वर्षों से अपने घर में मानसिक अवसाद में जी रहा हूं। – करवा चौथ के दिन उसने धमकी दी कि अगर मैं पत्नी के साथ पूजा में शामिल हुआ तो वह आत्महत्या कर लेगी। – महिला मेरे घर में जबरन घुसी, स्टाफ को अश्लील तस्वीरें दिखाईं और हंगामा किया।  

शहर की सड़कों पर डिजिटल बदलाव: उज्जैन में दौड़ेगी पाड टैक्सी, ट्रैफिक व्यवस्था होगी स्मार्ट

उज्जैन मुख्यमंत्री मोहन यादव के गृहनगर उज्जैन को आधुनिक और स्मार्ट सिटी के रूप में स्थापित करने की दिशा में सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग ने शहर में पाड टैक्सी चलाने को 1900 करोड़ रुपये की हाईटेक योजना तैयार कर राज्य सरकार को भेजी है। यह परियोजना उज्जैन को देश के चुनिंदा आधुनिक परिवहन वाले शहरों में शामिल करेगी। योजना के तहत 25.46 किलोमीटर लंबे दो रूट पर कुल 13 स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। पाड टैक्सी को सिंहस्थ कार्यों से जुड़ी संभाग स्तरीय समिति की अनुशंसा के बाद अब राज्य स्तरीय पर्यवेक्षण समिति की बैठक में स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। यह प्रोजेक्ट स्वीकृत होने पर उज्जैन देश का ऐसा पहला धार्मिक और तीर्थ नगर होगा जहां मेट्रो जैसी सुविधा पाड टैक्सी के रूप में उपलब्ध होगी।   बताया कि पाड टैक्सी एक स्वचालित, चालक-रहित और इलेक्ट्रिक वाहन प्रणाली है जो ऊंचे स्टील ट्रैक पर चलती है। इसमें ड्राइवर नहीं होता, बल्कि कंप्यूटर और सेंसर के ज़रिए इसका संचालन होता है। कॉम्पैक्ट कार जैसी दिखने वाली यह टैक्सी एक बार में 4 से 6 यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचा सकती है। ट्रैफिक जाम से मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल यह व्यवस्था शहरी परिवहन को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने में मददगार साबित होगी। उज्जैन में इसे लागू करने से पर्यटन, धार्मिक आवागमन और शहरी गतिशीलता में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। परियोजना को सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि पाड टैक्सी न केवल शहर की छवि को आधुनिक बनाएगी, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधाजनक यात्रा अनुभव भी प्रदान करेगी। इससे उज्जैन में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी। ये फायदे ट्रैफिक से मुक्ति: ऊंचे ट्रैक पर चलने के कारण सामान्य सड़क यातायात में कोई बाधा नहीं। तेज़ और कुशल: बिना रुके सीधे गंतव्य स्टेशन तक पहुंचाने की सुविधा। कनेक्टिविटी: अंतिम मील तक पहुंचने में मदद और अन्य सार्वजनिक परिवहन से बेहतर लिंक। पर्यावरण संरक्षण: बिजली से चलने के कारण कार्बन उत्सर्जन में कमी। दो रूट प्रस्तावित पहला रूट : देवासगेट बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन से टावर चौक, तीन बत्ती चौराहा, शास्त्री नगर, संत नगर, मलखंभ स्टैच्यू, ऋषि नगर, विश्वविद्यालय, इस्कान मंदिर, नानाखेड़ा बस स्टैंड, महामृत्युंजय द्वार। दूसरा रूट : महाकाल महालोक से जंतर-मंतर, जीवनखेड़ी, त्रिवेणी हिल्स, तपोभूमि।

दिल्ली से पटना के लिए उड़ान में खराबी आई, विमान को वापस लैंड कराया गया

 नई दिल्ली दिल्ली से पटना के लिए उड़े विमान में तकनीकी खराबी की वजह से इसे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर दोबारा उतारा गया। आसमान में पायलट को तकनीकी गड़बड़ी का अहसास हुआ जिसके बाद विमान को वापस दिल्ली में लैंड कराने का फैसला किया गया। यात्रियों और एयरपोर्ट प्रबंधन ने तब राहत की सांस ली जब विमान ने सुरक्षित लैडिंग की।  एक रिपोर्ट के मुताबिक, विमान संख्या SG 497 ने दिल्ली से सुबह 9.41 पर उड़ान भरी थी। टेकऑफ के कुछ देर बाद पायलट को तकनीकी गड़बड़ी का अहसास हुआ। पायलट ने एटीसी को इसकी सूचना देते हुए बोइंग 737-8A विमान को दोबारा एयरपोर्ट पर उतारने की अनुमति मांगी। विमान को आनन-फानन में लैंड कराया गया। एयरपोर्ट पर लैडिंग के बाद विमान की गहनता से जांच की जा रही है। यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई। दो महीने पहले भी स्पाइसजेट के एक विमान को इसी तरह दिल्ली में दोबारा उतारा गया था। 200 से अधिक यात्रियों को लेकर श्रीनगर के लिए उड़ान भरे विमान की इमर्जेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। इसके अलावा अगस्त में दुबई जा रहे विमान को अहमदाबाद में उतारा गया था। उस विमान ने सूरत से टेकऑफ किया था।

घाटों पर भीड़ से बचने के लिए छठ पूजा की प्री-बुकिंग, शहर के प्रमुख 50 घाटों पर होगा आयोजन

भोपाल  दिवाली के बाद चार दिनों तक शहर में छठ की छटा बिखरेगी। शहर में इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। छठ पूजा महोत्सव 25 से 28 तक होगा। शहर में तकरीबन 50 घाटों पर छठ पूजा के सामूहिक आयोजन होंगे। शहर के घाटों पर साफ-सफाई सहित अन्य सुविधाएं जुटाई जा रही हैं। घाटों पर भीड़ न लगे इसके लिए शहर के कुछ घाटों पर पूजा के लिए प्री-बुकिंग भी की जा रही है। शहर में समाज की आबादी 3 लाख से अधिक है। राजधानी में निवासरत भोजपुरी समाज के लोग छठ पूजा महोत्सव धूमधाम से मनाएंगे। चार दिवसीय छठ पूजा महोत्सव की शुरुआत 25 अक्टूबर को नहाए खाए के साथ होगी और समापन 28 अक्टूबर को होगा। वेदियों का निर्माण, प्री-पंजीयन भी दिवाली के साथ ही घाटों पर पूजा के लिए वेदियां बनाने का काम भी शुरू हो गया है। सरस्वती घाट बरखेड़ा में तकरीबन 2 हजार वेदियां तैयार की जाएगी। आयोजन समिति के सत्येंद्र कुमार ने बताया कि वेदी निर्माण शुरू हो गया है। अब तक 500 से अधिक वेदियां बनकर तैयार कर ली है, यहां तकरीबन 2 हजार वेदियां बनाई जाएगी।  पूजा के दौरान अव्यवस्था न हो, इसके लिए पहले से पंजीयन किए जा रहे हैं। अब तक 600 से अधिक लोगों ने प्री-बुकिंग कराई है। नौका विहार, दीपदान और आतिशबाजी भोजपुरी एकता मंच समिति की ओर से शीतलदास की बगिया गंगा छठ घाट में मुख्य आयोजन किया जाएगा। मंच के अध्यक्ष कुंवर प्रसाद ने बताया कि 27 अक्टूबर शाम को यहां डूबते हुए सूर्य की आराधना की जाएगी और आतिशबाजी के साथ ही विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। छठ पूजा में कब क्या -25 अक्टूबर नहाए खाए। -26 अक्टूबर खरना। -27 अक्टूबर अर्घ्य, डाला छठ। -28 अक्टूबर सुबह अर्घ्य और पारायण।

मप्र गृह विभाग ने किया बड़ा तबादला, 7 सीनियर IPS अधिकारियों को नई पोस्टिंग

भोपाल  मध्य प्रदेश में अधिकारियों के तबादलों का सिलसिला जारी है. राज्य सरकार ने बुधवार देर रात भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. राज्य सरकार ने 3 एडीजी और 4 आईजी को नई पदस्थापना दी है. आईपीएस इरशाद वली को विशेष सशस्त्र बल भोपाल रेंज की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है. वहीं, एडीजी प्रशिक्षण पीएचक्यू राजा बाबू सिंह से शिकायत और मानव अधिकारी प्रकोष्ठ का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है. अब वे सिर्फ प्रशिक्षण का काम देखेंगे. इन अधिकारियों के हुए तबादले – अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण राजा बाबू सिंह से एडीजी शिकायत और मानव अधिकार पुलिस मुख्यालय भोपाल का अतिरिक्त प्रभार वापस लिया गया. – एडीजी देव प्रकाश को, को-ऑपरेटिव फ्रॉड, लोक सेवा गारंटी को एडीजी, शिकायत एवं मानव अधिकार पुलिस मुख्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई. इसके अलावा सामुदायिक पुलिसिंग, को-ऑपरेटिव फ्रॉड, लोक सेवा गारंटी, आरटीआई, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और पुलिस सुधार की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई. – एडीजी नारकोटिक्स के.पी. व्यंकटेश्वर को एडीजी तकनीकी सेवाएं बनाया गया. इसके अलावा एडीजी नारकोटिक्स की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई. – आईजी विशेष सषस्त्र बल भोपाल इरशाद वली को विशेष सशस्त्र बल भोपाल रेंज का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया. – आईजी सुशांत सक्सेना को इंवेस्टिगेशन, पुलिस मुख्यालय भोपाल की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई. – आईजी शिकायत एवं मानव अधिकार चैत्रा एन. को आईजी एससीआरबी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. – आईजी अजाक कुमार सौरभ को आईजी एसआईएसएफ बनाया गया. आईजी अजाक की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई. पुलिस-प्रशासनिक विभागों में लगातार हो रहे तबादले राज्य सरकार द्वारा लगातार पुलिस-प्रशासनिक विभागों में तबादले किए जा रहे हैं. पिछले दिनों आधा दर्जन जिलों के एसपी के पदों में बदलाव किया था. अब पुलिस मुख्यालय में लंबे समय से एक ही पद पर काम कर रहे अफसरों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसमें कई अधिकारियों को अत्यधिक प्रभार भी सौंपे गए हैं. माना जा रहा है कि आने वाले समय में कुछ और फील्ड स्टाफ के तबादले भी किए जा सकते हैं. पुलिस विभाग के अलावा जल्द ही पीएचई सहित कई और विभागों में भी तबादले हो सकते हैं.

सीएम योगी के निर्देश पर विभिन्न सेक्टर्स पर फोकस डेस्क की स्थापना का प्रदेश को मिल रहा व्यापक लाभ

फोकस सेक्टर डेस्क से प्रदेश में निवेश को मिल रही नई उड़ान सीएम योगी की दूरदर्शी पहल से करोड़ों के निवेश पाइपलाइन में, जल्द उतरेंगे धरातल पर टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर में खुली निवेश की राह फोकस सेक्टर डेस्क की मदद से प्रदेश में निवेश प्रोत्साहन लागू करने की दिशा में इन्वेस्ट यूपी के प्रयासों को मिली सफलता सीएम योगी के निर्देश पर विभिन्न सेक्टर्स पर फोकस डेस्क की स्थापना का प्रदेश को मिल रहा व्यापक लाभ लखनऊ  उत्तर प्रदेश अब सिर्फ देश का सबसे बड़ा राज्य नहीं, बल्कि भारत की सबसे तेज़ी से उभरती निवेश भूमि बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इन्वेस्ट यूपी द्वारा किए जा रहे नवाचारपूर्ण प्रयासों ने प्रदेश को निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बना दिया है। इसी दिशा में एक अहम कदम साबित हुई है—फोकस सेक्टर डेस्क की स्थापना, जिसने न केवल निवेश प्रक्रिया को सरल बनाया है, बल्कि उद्योग जगत में उत्तर प्रदेश की छवि को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। करोड़ों के निवेश पाइपलाइन में सीएम योगी के निर्देश पर इन्वेस्ट यूपी द्वारा गठित फोकस सेक्टर डेस्क अब प्रदेश में करोड़ों रुपये के निवेश को जुटाने में सफल रही है। टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश प्रस्ताव न केवल मंजूरी के दौर में हैं, बल्कि जल्द ही धरातल पर उतरने वाले हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में फोकस सेक्टर डेस्क की रणनीति ने न केवल निवेश प्रक्रिया को गति दी है, बल्कि ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत’ के विजन को साकार करने की दिशा में ठोस आधार भी तैयार किया है। टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर में बड़े खिलाड़ी तैयार भारतीय तकनीकी वस्त्र संघ (ITTA), परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (AEPC), भारतीय उद्योग परिसंघ (CII), भारतीय वस्त्र उद्योग परिसंघ (CITI) और उत्तर भारत वस्त्र अनुसंधान संघ (NITRA) की साझेदारी से इस सेक्टर में ग्रासिम, ट्राइडेंट, रिलायंस, जीईएसएल और श्याम संस जैसी बड़ी कंपनियां प्रदेश में निवेश कर रही हैं। उनके प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं।  ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में नई ऊर्जा सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM), एसीएमए, एसएमईवी और एआरएआई जैसी संस्थाओं के सहयोग से प्रदेश में ऑटोमोबाइल उद्योग को नई रफ्तार मिल रही है। अशोक लेलैंड, मिंडा और टाटा मोटर्स (विस्तार परियोजना) जैसे दिग्गज निवेश के लिए तैयार हैं। केमिकल सेक्टर में औद्योगिक चमक भारतीय रासायनिक परिषद (ICC), ISCM Association और CHEMEXCIL के सहयोग से प्रदेश में रिलायंस इंडस्ट्रीज और दीपक नाइट्राइट जैसी कंपनियां बड़े निवेश की योजना पर काम कर रही हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रदेश बन रहा टेक हब ICEA, ELCINA, AIEA और IEEMA के सहयोग से इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में तेजी से निवेश बढ़ रहा है। डिक्सन, एम्बर, एचसीएल-फॉक्सकॉन, हायर और एलजी जैसी कंपनियों की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं, जिससे प्रदेश भारत का अगला टेक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में अग्रसर है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर से विश्व स्तरीय साझेदारी नैसकॉम के सहयोग से एडोब, एएमडी और जेपी मॉर्गन जैसी वैश्विक कंपनियां उत्तर प्रदेश में अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हैं।