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9वें दिन IPS वाई पूरन कुमार को विदा, बेटियों ने निभाई अंतिम संस्कार की भावुक भूमिका

हरियाणा  हरियाणा के आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरण कुमार का अंतिम संस्कार किया गया। चंडीगढ़ के सेक्टर-25 के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं। पूरन कुमार की अंतिम यात्रा करीब 4 बजे सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट पहुंची थी। इस दौरान श्मशान घाट के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात रहे। आईपीएस पूरन कुमार को पुलिस सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई और बड़ी संख्या में पहुंचे पुलिस-प्रशासन और सरकार के प्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद IPS की दोनों बेटियों ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस मौके पर आईएएस पत्नी अवनीत भी मौजूद रही।    मौके पर IPS की पत्नी IAS अमनीत पी. कुमार के साथ कैबिनेट मिनिस्टर कृष्ण लाल पंवार व श्याम सिंह राणा, ACS गृह सुमिता मिश्रा, CS अनुराग रस्तोगी, नवनियुक्त डीजीपी ओपी सिंह, आदि मौजूद रहे। बता दें आज सुबह यानी पूरन कुमार के सुसाइड के नौवें दिन चंडीगढ़ PGI में उनका पोस्टमॉर्टम हुआ। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। इस पूरे प्रोसेस में करीब 4 घंटे लगे। इसके बाद दोपहर 2.20 बजे एम्बुलेंस पूरन कुमार की डेडबॉडी लेकर सेक्टर-24 स्थित कोठी पर पहुंची।  बता दें कि 7 अक्टूबर को IPS अफसर वाई पूरन कुमार ने चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित अपनी कोठी में सर्विस गन से सिर पर गोली मारकर सुसाइड कर लिया था। उनकी उनकी IAS अफसर पत्नी अमनीत पी. कुमार CM नायब सैनी के साथ जापान के ऑफिशियल दौरे पर थीं। वह आज दोपहर साढ़े 12 बजे उनकी फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करेगी। इसके बाद वह दोपहर 2 बजे दिल्ली से फ्लाइट लेकर चंडीगढ़ पहुंचेंगी। इसके बाद अंतिम संस्कार होगा।

बेंजीन टैंकर में आग लगी, जयपुर-अजमेर हाईवे पर हादसा टला; चालक और SHO की सूझबूझ ने बचाई जानें

जयपुर जयपुर में मंगलवार रात जयपुर-अजमेर हाईवे पर उस वक्त अफरातफरी मच गई जब बेंजीन से भरे एक टैंकर में अचानक आग लग गई। रात करीब 9 बजे टैंकर के पिछले पहियों में लगी आग कुछ ही मिनटों में लपटों में बदल गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।   चालक की सूझबूझ से बची बड़ी त्रासदी टैंकर चालक ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए असाधारण सूझबूझ का परिचय दिया। उसने बिना घबराए टैंकर को सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर रोका और तुरंत नीचे उतर गया। यदि चालक थोड़ी सी भी देर कर देता, तो बेंजीन भरे टैंकर में विस्फोट की संभावना थी। उसकी त्वरित कार्रवाई ने दर्जनों जानें बचा लीं और एक बड़ी आपदा को टाल दिया।   SHO की त्वरित कार्रवाई और दमकल की मुस्तैदी घटना की सूचना मिलते ही दूदू थाना प्रभारी (SHO) मुकेश कुमार खरड़िया अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत हालात का जायजा लिया और दमकल विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और टीमों ने आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास शुरू किया। SHO खरड़िया की सतर्कता और दमकलकर्मियों की तेजी से की गई कार्रवाई के कारण आग टैंकर के टैंक तक नहीं पहुंच सकी। टैंकर के चार पहिए जलकर राख, टैंक सुरक्षित लपटों में घिरे टैंकर के चारों पहिए पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि आग टैंकर के मुख्य टैंक तक नहीं पहुंची। यदि बेंजीन में आग लग जाती, तो आसपास के इलाके में बड़ा विस्फोट और व्यापक क्षति संभव थी।   मौके पर जुटी भीड़, SHO और चालक की सराहना घटना के दौरान राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। कई लोगों ने इस भयावह दृश्य के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए। जब आग पर काबू पा लिया गया, तो मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली और चालक के साथ-साथ SHO मुकेश कुमार खरड़िया की तत्परता और साहस की प्रशंसा की।

पैरोल पर 7 दिन अतिरिक्त: अनवर ढेबर के घर पहुंची पुलिस, आने-जाने वाले हो रहे मॉनिटर

रायपुर कारोबारी अनवर ढेबर की पैरोल की तारीख बढ़ा गई है. चार दिन की पैरोल खत्म होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अर्जी लगाईं थी. इसके बाद वह मंगलवार रात को पुलिस सुरक्षा के बीच रायपुर स्थित अपने निवास पहुंचे. जानकारी के मुताबिक, अनवर ढेबर ने अपनी मां की तबियत खराब होने का हवाला देकर पैरोल की मांग की थी. कोर्ट ने अर्जी स्वीकार कर ली थी. अब 7 दिन के लिए पैरोल बढ़ गई है. इससे पहले वह चार दिन की जमानत पर घर आए थे. निजी निवास के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है. बताया जा रहा है कि हर आने-जाने वाले लोगों की जानकारी रजिस्टर में नोट की जा रही है. चार दिन की मिली थी अंतरिम जमानत कोर्ट ने दी थी चार दिन की अंतरिम जमानत दे दी है. जिसमें साफ किया कि यह राहत सिर्फ उनकी मां की तबीयत को ध्यान में रखते हुए दी गई है. 4 दिनों तक अनवर ढेबर अपने परिवार के साथ रह सकेंगे. जमानत की तिथि खत्म होते ही उन्हें दोबारा जेल जाना होगा. 3200 करोड़ का घोटाला, 60 लाख से अधिक पेटियों की बिक्री EOW/ACB द्वारा अब तक की गई जांच और 200 से अधिक व्यक्तियों के बयान एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अनुमान है कि लगभग 60,50,950 पेटी बी-पार्ट शराब की अवैध बिक्री हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत 2174 करोड़ रुपये से अधिक है. पहले इस घोटाले का अनुमान 2161 करोड़ रुपये था, लेकिन नवीनतम आंकड़ों के अनुसार घोटाले की कुल राशि 3200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है. लखमा, चैतन्य, टूटेजा, ढेबर समेत 15 जेल में इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, सेवानिवृत्त IAS अनिल टूटेजा और होटल व्यवसायी अनवर ढेबर समेत 15 लोग पहले से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं. ईओडब्ल्यू की जांच में अब तक कुल 70 लोगों को आरोपित बनाया गया है, जिसमें आठ डिस्टलरी संचालक भी शामिल हैं. अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है.

बिहार चुनाव: CG BJP के नेताओं की ड्यूटी जारी, बृजमोहन अग्रवाल आज करेंगे पहुंच

रायपुर बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपने दिग्गज नेताओं की चुनावी ड्यूटी लगा दी है. मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, सांसद और पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है. सांसद बृजमोहन अग्रवाल बुधवार को दिल्ली में बैठक के बाद पटना पहुंचेंगे. भाजपा ने रायपुर से सांसद बृजमोहन अग्रवाल को बिहार चुनाव में हाजीपुर और लालगंज विधानसभा क्षेत्रों की कमान सौंपी है. वह दिल्ली में अहम बैठक में शामिल होने के बाद पटना जाएंगे. वहीं वे 18 अक्टूबर को वापस रायपुर लौटेंगे. रवानगी से पहले सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बिहार ने लालू का जंगलराज भी देखा और अब मोदी-नीतीश का सुराज भी देख रहे हैं. उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि बिहार में फिर से एनडीए की सरकार बनेगी. वहीं सांसद अग्रवाल ने हारे हुए कांग्रेस नेताओं को बिहार चुनाव में जिम्मेदारी मिलने पर कहा कि कांग्रेस की गति कैसी हो गई है, यह सब देख रहे हैं. वो पहले भी हार चुके है. अभी भी हार हुई और आगे भी होगी.

कल शाम रायपुर में पानी नहीं आएगा, 42 टंकियों का शटडाउन 6 घंटे तक रहेगा

रायपुर शहर के 75 फीसदी इलाकों में 16 अक्टूबर की शाम जल आपूर्ति नहीं होगी. बिजली विभाग द्वारा 33 केवी लाइन में संधारण कार्य की वजह से 6 घंटे का शटडाउन लिया जाएगा. इसके कारण फिल्टर प्लांट की बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से शहर 42 पानी टंकियां नहीं भर पाएंगी. संधारण का कार्य पूरा होने के बाद निगम का जल विभाग शाम 5 बजे से प्रभावित टंकियों को भरना शुरू करेगा. जलभराव के बाद 17 अक्टूबर की सुबह नियमित जल आपूर्ति होने लगेगी. दरअसल, दीपावली पर्व से पूर्व छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी 33 केव्ही लाइन के संधारण का कार्य करने जा रही है. इसके कारण 16 अक्टूबर को 6 घंटे का शटडाउन  रहेगा. जल विभाग के कार्यपालन अभियंता नरसिंग फरेंद्र के मुताबिक 80 एमएलडी, 150 एमएलडी प्लांट और 80 एमएलडी के नया प्लांट से भरने वाली 42 टंकियां इससे प्रभावित होंगी. इसीलिए 16 अक्टूबर को शाम के समय जलप्रदाय नहीं होगा. सुबह के समय नियमित रूप से जल आपूर्ति के बाद प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक शटडाउन लिया जाएगा. शहर ये टंकियां रहेंगी प्रभावित : डगनिया, गंज, गुढियारी, राजेन्द्र नगर, तेलीबांधा, शंकर नगर, खमतराई, भनपुरी, ईदगाहभाठा पुरानी टंकी और श्याम नगर, साथ ही 150 एमएलडी प्लाट से भरने वाली पानी टंकियों में भाठागांव, चंगोराभाठा, कुशालपुर, डीडी नगर, ईदगाहभाठा, सरोना, टाटीबंध, कोटा, कबीर नगर, जरवाय, गोगांव, मठपुरैना, लालपुर, अमलीडीह, अवंति विहार, मण्डी, मोवा, सड्डू, दलदल सिवनी, रामनगर, कैचना, आमासिवनी, देवपुरी, बोरियाखुर्द, जोरा, भनपुरी नया, रायपुरा, कुकुरबेडा और नया 80 एम एलडी प्लांट से भरने वाली टंकियां बैरन बाजार नया एवं देवेन्द्र नगर नया, संजय नगर एवं मोतीबाग टंकी 16 अक्टूबर को सुबह जलप्रदाय होने के पश्चात शाम को जलप्रदाय नही होगा. संधारण कार्य पूरा होने के बाद 17 अक्टूबर को सुबह जलप्रदाय नियमित रूप से होने लगेगा. इसके अलावा शहर में स्थित अन्य जलागारों एवं पावर पंपों से जलप्रदाय यथावत रहेगा. डिमांड पर पानी टैंकर की रहेगी वैकल्पिक व्यवस्था नगर निगम के जल विभाग द्वारा गुरुवार को शाम के समय शहर की 42 पानी टंकियों से जल आपूर्ति बाधित रहने पर प्रभावित इलाकों में डिमांड पर जोन के माध्यम से पानी टैंकर की वैकल्पिक व्यवस्था रहेगी. शहरवासियों से आग्रह किया गया है 16 अक्टूबर की सुबह नियमित जल आपूर्ति के दौरान शाम के लिए अपनी सुविधा अनुसार पानी बचाकर उपयोग के लिए सुरक्षित रख लें.

हरियाणा में स्कूल टाइम बदल गए! बच्चों को अब सुबह कितने बजे पहुँचना होगा?

हरियाणा हरियाणा में मौसम में बदलाव को देखते हुए दोहरी पाली (डबल शिफ्ट) में संचालित सरकारी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। अब दूसरी पाली के स्कूल 5 मिनट पहले शुरू होंगे और 1 घंटा पहले छुट्टी दी जाएगी। यह नया शेड्यूल बुधवार (आज) से लागू हो गया है। वहीं, पहली पाली और एकल शिफ्ट (सिंगल शिफ्ट) वाले स्कूलों के समय में बदलाव नवंबर के मध्य यानी 15 नवंबर से किया जाएगा। दोहरी शिफ्ट वाले स्कूलों में दोपहर के बाद लगने वाली शिफ्ट दोपहर 12:40 बजे शुरू होंगी, जबकि शाम 05:15 बजे छुट्टी कर दी जाएगी। जबकि अभी तक स्कूलों में दूसरी पाली की कक्षाएं दोपहर 12:45 बजे से शाम 6:15 बजे तक लगाई जा रहीं थी। अन्य सभी स्कूलों के समय में 15 नवंबर से बदलाव होगा। साथ में अगले महीने से एकल शिफ्ट में चलने वाले स्कूलों का समय सुबह 09:30 बजे से दोपहर बाद 03:30 तक रहेगा। जबकि डबल शिफ्ट वाले स्कूलों में पहली शिफ्ट सबुह 07:55 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगी। वर्तमान में एकल पाली में चलने वाले स्कूलों का समय सुबह 8 बजे से दोपहर बाद 2:30 बजे तक है। डबल शिफ्ट वाले स्कूलों में पहली शिफ्ट सबुह सात बजे से दोपहर 12:30 तक होती है।

अरविंद राजभर का बड़ा बयान: आज़म खान को सुभासपा में शामिल होने का ऑफर, कहा– उनका सम्मान नहीं हुआ

लखनऊ  आजम खान उत्तर प्रदेश की सियासी सुर्खियों में लगातार बने हुए हैं। भविष्य में उनकी राजनीति किस दिशा में जाएगी इसको लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। इस बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने उन्हें अपनी पार्टी जॉइन करने का ऑफर देकर एक नई हलचल मचा दी है। अरविंद राजभर ने कहा है कि आजम खान जन नेता हैं और उनके जैसे जन नेता की उत्तर प्रदेश को जरूरत है। हम चाहते हैं कि बाबूजी (ओमप्रकाश राजभर) के पूरी तरह स्वस्थ होते ही रामपुर जाकर उनसे (आजम खान) से मुलाकात करेंगे। अरविंद राजभर ने यह भी जोड़ा कि यदि आजम खान सुभासपा में आना चाहेंगे तो उन्हें बहुत बड़ा सम्मान दिया जाएगा। अरविंद राजभर ने कहा कि बाबूजी (ओमप्रकाश राजभर) ठीक हो जाएं तो हम खुद ही उन्हें लेकर रामपुर जाएंगे और आजम खान साहब से भेंट करेंगे। ऐसे नेताओं का बायकॉट नहीं करना चाहिए। ऐसे नेताओं से संवाद जारी रहना चाहिए। अरविंद ने कहा कि आजम खान जेल के अंदर थे तब तक अखिलेश यादव को चिंता नहीं थी। वह जब सीतापुर जेल में थे तो अखिलेश यादव उन्हें सिरदर्द मानते थे। वह उन्हें साइड करना चाहते थे। सिर्फ मुस्लिम वोट बैंक की चिंता में अखिलेश यादव आजम खान के घर गए थे। सुभासपा नेता और पार्टी प्रमुख ओमप्रकाश राजभर के बेटे अरविंद राजभर ने कहा कि आजम खान का समाजवादी पार्टी से मन भर गया है। समाजवादी पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं है। आजम खान स्वतंत्र हैं। निर्णय उन्हें ही लेना है। अरविंद राजभर ने बिहार चुनाव पर कहा कि हम लोग यूपी में एनडीए के सहयोगी हैं। बिहार में भी सहयोग करना चाहते हैं लेकिन यदि वहां सीट नहीं मिलेगी तो सुभासपा वहां अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी। जिन लोगों को सुभासपा के बारे में भ्रम है उन्हें जवाब दिया जाएगा।  

बस हादसे में एफआईआर, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग: पूर्व CM गहलोत ने जताया आक्रोश

 जैसलमेर राजस्थान में जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर स्लीपर एसी बस में भीषण आग लगने की घटना के 24 घंटे बाद आखिरकार पहली एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। इस हादसे में जिंदा जले पत्रकार राजेंद्र सिंह चौहान के बड़े भाई चंदन सिंह ने बस के मालिक और चालक पर गंभीर आरोप लगाते हुए जैसलमेर सदर थाना में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के 24 घंटे बाद दर्ज हुई पहली शिकायत सूत्रों के अनुसार, बस हादसे में मृतक पत्रकार के परिजन मंगलवार देर शाम तक पोस्टमार्टम और औपचारिकताओं में व्यस्त रहे। इसके बाद मंगलवार को चंदन सिंह ने पुलिस को रिपोर्ट दी, जिसमें बस मालिक और ड्राइवर की लापरवाही को हादसे का कारण बताया गया है। पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर सबूत जुटाने और तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।   हाल ही में मिला था बस को परमिट जानकारी के मुताबिक, हादसे में जलकर नष्ट हुई बस RJ 09 PA 8040 कुछ दिन पहले ही खरीदी गई थी। इसे नया परमिट जारी हुआ था और ट्रैवल कंपनी ने इसके प्रमोशनल वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए थे। कंपनी ने उस समय बस को ‘लग्जरी और पूरी तरह सुरक्षित’ बताकर प्रचारित किया था। हादसे के बाद अब इन दावों की भी जांच की जा रही है। ‘हादसे का कारण तकनीकी फॉल्ट तो नहीं?’ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक जताते हुए सवाल उठाया है कि क्या बस में तकनीकी खामी (Technical Fault) हादसे की वजह हो सकती है। गहलोत ने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है। सुना है बस कुछ ही दिन पहले खरीदी गई थी, ऐसे में यह जांच का विषय है कि आखिर आग लगी क्यों। कहीं कोई तकनीकी गलती या सुरक्षा में चूक तो नहीं रही?    उन्होंने आगे कहा कि सरकार को चाहिए कि कंपनी से इस मामले में जवाब मांगे और जांच कराए। आग लगने के बाद दरवाजे लॉक हो जाना भी गंभीर सवाल उठाता है। ऐसी घटनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। गहलोत ने ईश्वर से मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। जांच जारी, तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी पुलिस ने बताया कि हादसे के सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में बस के इंजन या विद्युत प्रणाली में शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है। टीम अब ट्रैवल कंपनी के दस्तावेज, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और परमिट से जुड़ी जानकारियां जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर की इमारत पर चला पीला पंजा, निगम की बड़ी कार्रवाई

अमृतसर नगर निगम के एम.टी. विभाग ने शिरोमणि अकाली दल के वर्तमान पार्षद और पूर्व उप-मेयर अवतार सिंह ट्रकां वाले की इमारत पर सुबह करीब 4 बजे पीला पंजा चलाया। इस कार्रवाई के बाद अवतार सिंह ट्रकां वाले की एक व्यक्ति से झड़प हो गई, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारे में मामला गरमा गया और शहर में इस कार्रवाई की खूब चर्चा हुई। जानकारी के अनुसार घी मंडी चौक स्थित अकाली पार्षद अवतार सिंह ट्रकां वाले की जगह पर निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके संबंध में निगम अधिकारियों के अनुसार उन्हें दो बार नोटिस भी जारी किए गए, जिसका उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, जिसके संबंध में एम.टी.पी. नरिंदर शर्मा के नेतृत्व में ए.टी.पी. मनजीत सिंह, अंगद सिंह, परमिंदर सिंह, बिल्डिंग इंस्पेक्टर नवजोत कौर, विकास गौतम व डेमोलेशन स्टाफ ने पुलिस बल के साथ मंगलवार सुबह 4 बजे सरकारी मशीनरी का प्रयोग करते हुए निर्माणाधीन इमारत पर पीले पंजे चलाकर कार्रवाई की। 

जैसलमेर में बस बनी आग का ताबूत: न इमरजेंसी एग्जिट, न बचाव का रास्ता — अंदर जिंदा जले 20 यात्री

जैसलमेर  राजस्थान के जैसलमेर में मंगलवार को एक प्राइवेट बस में आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। यह बस जोधपुर जा रही थी। हादसे में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और 16 लोग झुलसकर घायल हो गए। प्राथमिक जांच में हादसे का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, लेकिन बस में आग इतनी तेजी से कैसे फैली, इसकी अब मुख्य वजह सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब बस में आग लगी, तो यात्री एकमात्र दरवाजे से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब बस में आग लगी, तो यात्री एकमात्र दरवाजे से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन दरवाजा जाम हो गया। बाद में एक पोकलेन मशीन बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया। तब तक कई लोग जान गंवा चुके थे। बस में सवार कुछ यात्री खिड़कियां तोड़कर और कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। आग इतनी तेजी से कैसे फैली अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। बताया गया कि बस को कुछ साल पहले ही मॉडिफाइ कराया गया था। बस में कई तरह के ज्वलनशील पदार्थ थे। इसी कारण आग तेजी से फैल गई। हादसे में जिंदा बचे लोगों ने बताया कि एक तेज धमाके के बाद बस पूरी तरह आग में घिर गई। डीएनए जांच कराई जाएगी हादसा दोपहर करीब 3 बजे हुआ था। बस में कुल 57 यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी थे। कई शव इतने झुलस गए कि उनकी पहचान के लिए डीएनए जांच कराई जाएगी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने राहत कार्य शुरू किया। इसके बाद भारतीय सेना की 12वीं रैपिड डिवीजन की टीम मौके पर पहुंची और पोकलेन मशीन व पानी के टैंकरों से आग बुझाने में मदद की। पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करेगी सरकार राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना स्थल का दौरा किया और गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, "जैसलमेर में बस आग हादसा बेहद दर्दनाक है। राज्य सरकार घायलों के उपचार और पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करेगी।" स्थानीय विधायक प्रताप पुरी ने बताया कि बस में ज्वलनशील सामग्री थी और बाहर निकलने का रास्ता बहुत संकरा था। उन्होंने कहा, "शॉर्ट सर्किट और एसी गैस लीकेज से आग भड़की।" राज्य के स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खीमसर ने कहा, "मेरे जीवन में ऐसा हादसा पहली बार देखा है। मृतकों की पहचान के लिए डीएनए सैंपलिंग कराई जाएगी।"