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योगी सरकार लगाएगी सभी मंडलों में प्रदर्शनी, दिव्यांगजन के हुनर को मिलेगा मंच

वोकल फॉर लोकल के साथ दिव्यांगजन की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में जुटी योगी सरकार लखनऊ इस दीपावली, उत्तर प्रदेश के घर-घर में न केवल मिट्टी के दीये जलेंगे, बल्कि दिव्यांगजन के हुनर और आत्मनिर्भरता की चमक भी समाज को रोशन करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के सभी मंडलों में 16-17 अक्टूबर को 'दिव्य दीपावली मेला-2025' का आयोजन होगा, जिसमें दिव्यांगजन द्वारा निर्मित उत्पादों की भव्य प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी।  योगी सरकार की यह पहल न केवल 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' के मंत्र को साकार करने से साथ-साथ दिव्यांगजन को आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सम्मान का नया मंच भी प्रदान करेगी। मिट्टी के दीपकों से लेकर कृत्रिम आभूषण और खाद्य सामग्री तक, इन प्रदर्शनियों में दिव्यांगजन का कौशल दीपोत्सव की रौनक को दोगुना करेगा। योगी सरकार दिव्यांगजनों के न केवल आर्थिक विकास पर ध्यान दे रही है, बल्कि सामाजिक समावेशिता को भी प्राथमिकता देती है। इस दीपावली, जब घर-घर दीये जलेंगे, तो दिव्यांगजन के हुनर की रोशनी पूरे प्रदेश को नई दिशा देगी।  इन उत्पादों की लगेगी प्रदर्शनी दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा आयोजित इस मेले में हस्तनिर्मित मिट्टी के दीपक, आकर्षक मोमबत्तियां, कृत्रिम आभूषण, हथकरघा उत्पाद, घरेलू सजावटी सामान, पूजा सामग्री, आचार, मुरब्बा, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री प्रदर्शित होंगी। ये उत्पाद विभिन्न दिव्यांग प्रशिक्षण केंद्रों, स्वयं सहायता समूहों और एनजीओ के सहयोग से तैयार किए गए हैं।  प्रदेश सरकार ने सभी मंडल मुख्यालयों में प्रदर्शनियों के लिए उचित स्थान चिह्नित करने और व्यापक प्रचार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, दिव्यांगजन के उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जाएगा, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकें। यह पहल 'वोकल फॉर लोकल' के साथ दीपोत्सव को स्वदेशी रंग देने का प्रयास है। गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर, मेरठ जैसे मंडलों में मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बस्ती, अलीगढ, वाराणसी, झांसी, प्रयागराज, बरेली आदि में भी मेले का आयोजन किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक लोग इन प्रदर्शनियों में शामिल हों और स्वदेशी उत्पादों को अपनाएं। यह आयोजन दीपावली की रौनक को बढ़ाने के साथ-साथ समाज में संवेदनशीलता का संदेश देगा। पिछड़ा वर्ग कल्याण व दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि योगी सरकार ने दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। 'दिव्य दीपावली मेला-2025' न केवल उनके हुनर को मंच देगा, बल्कि समाज को यह संदेश देगा कि हर व्यक्ति अपनी प्रतिभा से समाज को रोशन कर सकता है।

आस्था और विकास का संतुलन: इंदौर-इच्छापुर हाईवे के विस्तार में शांतिपूर्ण कार्रवाई

बुरहानपुर शहर से गुजरे इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे पर मौजूद धार्मिक स्थल और पेड़ लंबे समय से सुगम आवागमन में बाधा बने हुए थे। बुधवार को जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सभी 14 धार्मिक स्थलों को हटा दिया। इनमें मजारें और मंदिर शामिल थे। इसके साथ ही सड़क पर मौजूद पेड़ों को भी हटाया गया है। राजपुरा गेट और गुड हास्पिटल के पास मौजूद पीपल के पेड़ों को शिफ्ट करने पर भी विचार किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने बस स्टैंड के पास बेरिकेड लगा कर शिकारपुरा थाने तक के मार्ग को बंद कर दिया था। मजारों और मूर्तियों को ससम्मान वाहनों में रखकर ले जाया गया। हाइवे को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई थी। बड़ी बात यह रही कि इस कार्रवाई का किसी भी पक्ष ने विरोध नहीं किया, बल्कि लोग स्वयं आगे आए और मंदिरों व महारों को तोड़ने में सहयोग दिया। कलेक्टर हर्ष सिंह और एसपी देवेंद्र पाटीदार की सटीक प्लानिंग के कारण कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से निपट गई।   तड़के पहुंच गए थे अफसर-कर्मचारी इस कार्रवाई की पूरी तैयारी पुलिस और प्रशासन ने मंगलवार को ही कर ली थी। बुधवार सुबह साढ़े छह बजे से अधिकारी, कर्मचारी व पुलिस बल अंकिता टाकीज क्षेत्र के पास एकत्र होने शुरू हो गए थे। आसपास के चार जिलों से बुलाए गए पुलिस बल, जिला बल, नगर निगम आदि के कर्मचारियों को मिलाकर 500 से ज्यादा कर्मचारी मैदान में उतरे। मौके पर कलेक्टर हर्ष सिंह, एसपी देवेंद्र पाटीदार, अपर कलेक्टर वीरसिंह चौहान, एडिशनल एसपी अंतर सिंह कनेश, एसडीएम अजमेर सिंह गौड़, निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव, आधा दर्जन थानों के प्रभारियों ने मोर्चा संभाला और कार्रवाई शुरू कर दी। तारवाला बोरवेल के पास स्थित दो मजारों के बाद मंदिर को हटाया गया। इसके बाद राजपुरा गेट के पास मंदिर हटाए गए। प्रशासन की कार्रवाई देख मोमिनपुरा के पास स्थित एक अन्य मजार को लोगों ने स्वयं ही सड़क किनारे से हटा लिया। हाइवे निर्माण को मिलेगी गति उल्लेखनीय है कि आने वाले समय में इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे झिरी के पास से बन रहे बायपास मार्ग से डायवर्ट होकर इच्छापुर में मिलेगा। इसके बाद झिरी से शाहपुर व इच्छापुर तक के करीब 40 किमी के मार्ग को भी सीसी फोरलेन बनाया जाना है। निर्माण एजेंसी को काम के दौरान कोई बाधा न आए, इसलिए हाईकोर्ट के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। कलेक्टर हर्ष सिंह ने कहा कि आस्था विकास में बाधा नहीं बनेगी। नागरिकों ने प्रशासन को जिस तरह सहयोग दिया है, वह प्रेरणादायी है। अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री दिनेश सुगंधी और प्रदेश प्रवक्ता ओम आजाद ने भी प्रशासन के इस कदम की सराहना की है। सड़क पर ही खोद दिया था बोरवेल प्रशासनिक कार्रवाई के बाद तत्काल विद्युत वितरण कंपनी और नगर निगम ने अपना काम शुरू कर दिया था। सड़क से आधा दर्जन छोटे पेड़ हटाए गए तो पता चला कि नगर निगम के अधिकारियों ने सड़क पर ही बोरवेल भी खोद दिया था। निगम ने इसकी मोटर व पाइप निकलवा कर बोरवेल को बंद किया। विद्युत वितरण कंपनी ने भी टूटे बिजली के तार जोड़े और सड़क पर बिखरे मलबे और टहनियों को हटवाया।

अयोध्या दीपोत्सव में लखीमपुर की मिट्टी बिखेरेगी पवित्र रोशनी

जनसहभागिता और स्वावलंबन का पर्व बना दीपोत्सव अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस बार अयोध्या का दीपोत्सव न सिर्फ भव्यता का बल्कि आत्मनिर्भरता और जनसहभागिता का प्रतीक बन रहा है। लखीमपुर खीरी की ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार 25 हजार इकोफ्रेंडली दीए अब अयोध्याधाम की पवित्र भूमि पर रोशनी बिखेरेंगे। यह दीए वहां की मिट्टी और गोबर से बनाए गए हैं, जिनमें जड़ी-बूटियों की प्राकृतिक खुशबू भी समाहित है। लखीमपुर से पहुंचे 25 हजार दीए नगर निगम कार्यालय में धौरहरा ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार तिवारी ने महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी को ये दीपक सौंपे। इस अवसर पर महापौर ने लखीमपुर की जिलाधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल और मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार का आभार जताया। जनसहभागिता और स्वावलंबन का उत्सव बना दीपोत्सव महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का दीपोत्सव अब जनसहभागिता, स्वावलंबन और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि लखीमपुर की महिलाओं का यह योगदान पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी मेहनत और सृजनशीलता से बने दीए अयोध्या की धरती पर आत्मनिर्भर भारत की ज्योति जलाएंगे। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने दीयों को हस्तगत करते हुए लखीमपुर की इस पहल का स्वागत किया और कहा कि यह महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। इकोफ्रेंडली दीपोत्सव की दिशा में बड़ा कदम बीडीओ संदीप तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इकोफ्रेंडली दीपोत्सव मनाने के संकल्प को साकार करने में लखीमपुर की महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। दो माह की मेहनत से आकांक्षी ब्लॉक धौरहरा की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने 25 हजार दीए तैयार किए हैं। उन्होंने बताया कि सीडीओ अभिषेक कुमार ने विकास भवन परिसर से इन दीयों से भरे वाहन को हरी झंडी दिखाकर अयोध्या के लिए रवाना किया। महिलाओं की मेहनत से आत्मनिर्भरता की लौ संदीप कुमार ने बताया कि महिलाओं ने कम समय में गोबर और मिट्टी से सुंदर, टिकाऊ और पर्यावरण हितैषी दीए बनाए हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण की यह मिसाल पूरे प्रदेश के लिए अनुकरणीय है।

नगर निगम का बड़ा फैसला: पटेल चौक में निर्माण मामला अब पूरी तरह उलट!

जालंधर  शहर को सुंदर और हरा-भरा बनाने के लिए जालंधर नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे ब्यूटीफिकेशन अभियान में निगम अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। कुछ दिन पहले नगर निगम अधिकारियों के निर्देश पर पटेल चौक के बीचो-बीच एक बड़ा गड्ढा खोदा गया था और उसके ऊपर एक स्ट्रक्चर बनाए जाने की योजना बनाई गई थी। इस स्ट्रक्चर पर एक अस्पताल का विज्ञापन भी लगाने की योजना थी। इस खुदाई को देखकर लोगों में चर्चा शुरू हो गई कि चौराहों के बीच ऐसे स्ट्रक्चर बनाकर नगर निगम आने वाले समय में ट्रैफिक के लिए दिक्कतें पैदा कर रहा है। जब इस प्रोजेक्ट की मीडिया और सोशल मीडिया में भारी आलोचना हुई, तो नगर निगम को अपनी योजना पर पुनर्विचार करना पड़ा। निगम ने अब स्पष्ट किया है कि पटेल चौक के बीचो-बीच कोई स्ट्रक्चर नहीं बनाया जाएगा और जो खुदाई की गई है, उसे भी जल्द ही रिपेयर कर दिया जाएगा। इस घटना से यह बात स्पष्ट हो गई है कि नगर निगम का ब्यूटीफिकेशन अभियान भी लापरवाही का शिकार हो रहा है और बिना उचित प्लानिंग के ही चौक के बीचों-बीच स्ट्रक्चर खड़ा करने की योजना बनाई गई थी। 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ को मिला श्रेष्ठ प्रदर्शन का पुरस्कार

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन उत्कृष्ट कार्य हुआ है। पिछले जनवरी 2025 तक छत्तीसगढ़ इस योजना के क्रियान्वयन में देश में सबसे पिछले पायदान पर था, लेकिन मुख्यमंत्री साय की सतत मॉनीटरिंग के बाद पिछले नौ माह में छत्तीसगढ़ आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन में देश में पहले पायदान पर आ गया है। भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ को श्रेष्ठ प्रदर्शन राज्य का सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान राज्य के अथक प्रयासों और स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुकरणीय कार्यशैली का प्रमाण है। सम्मान देने के मुख्य कारण पहचान किए गए सभी मुद्दों पर गहन फील्ड ऑडिट का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। आयुष्मान योजना के दावा प्रक्रिया में टर्नअराउंड टाइम को उल्लेखनीय रूप से घटाया गया, जिससे लाभार्थियों को त्वरित सेवाएं मिलीं। सभी संबंधित हितधारकों की विस्तृत संवेदनशीलता और जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन कर उन्हें जागरूक बनाया गया। सीएम साय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को दी बधाई एनएचए की पैनल्ड स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ प्रभावी संचार तंत्र स्थापित कर समन्वय को बेहतर किया गया। छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास राज्य के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार की एक स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करती है। यह योजना सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में द्वितीयक और तृतीयक देखभाल के लिए है और इसका उद्देश्य परिवारों पर स्वास्थ्य खर्च के बोझ को कम करना है।

66 दिन के लिए रद्द हुई सारनाथ एक्सप्रेस, यात्रियों के लिए अलर्ट

रायपुर रेलवे ने कोहरे की आशंका के कारण सारनाथ एक्सप्रेस को तीन माह में 66 दिन रद्द करने की घोषणा की है. ठंड के दौरान कोहरे की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. सारनाथ एक्सप्रेस 1 दिसंबर से 15 फरवरी के बीच विभिन्न तिथियों में दोनों दिशाओं की ट्रेन रद्द रहेंगी. इससे प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ जाएगी. प्रयागराज, बनारस और छपरा जाने वाली प्रमुख ट्रेन दुर्ग-छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस के यात्री आने वाले दिनों में परेशान होंगे. रेलवे ने उत्तर भारत में पड़ने वाली कोहरे की आशंका को ध्यान में रखते हुए सारनाथ एक्सप्रेस को 1 दिसबंर से 15 फरवरी तक विभिन्न तिथियों में 66 दिनों के लिए रद्द करने का निर्णय लिया है. उत्तर पूर्व रेलवे द्वारा 15159/15160 छपरा-दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस को घने कोहरे की अग्रिम आशंका को ध्यान में रखते हुए 1 दिसंबर से 15 फरवरी के बीच विभिन्न तिथियों में ट्रेन का परिचालन स्थगित करने का निर्णय लिया है. रेलवे द्वारा निर्धारित तिथियों के अलावा अन्य दिनों में भी यह ट्रेन अपने पूर्व निर्धारित समय सारिणी अनुसार यथावत चलेगी. छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस इस डेट पर रहेगी रद्द दिसंबर 1, 3, 6, 8, 10, 13, 15, 17, 20, 22, 24, 27, 29, 31 जनवरी- 3, 5, 7, 10, 12, 14, 17, 19, 21, 24, 26, 28, 31 फरवरी 2, 4, 7, 9, 11,14 दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस इस दिन रहेगी स्थगित दिसंबर 2, 4, 7, 9, 11, 14, 16, 18, 21, 23, 25, 28, 30 जनवरी 1, 4, 6, 8, 11, 13, 15, 18, 20, 22, 25, 27, 29 फरवरी 1, 3, 5, 8, 10, 12, 15

8 से 17 अक्टूबर तक जारी विशेष अभियान में अब तक 2993 क्विंटल मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त, 1155 क्विंटल नष्ट

उन्नाव, मथुरा और लखनऊ में भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत दर्ज कराई गईं तीन एफआईआर  टोल प्लाजा और हाईवे पर भी चलाया गया अभियान, बड़ी मात्रा में मिलावटी सामग्री की गई जब्त  आम जनता से की गई अपील, संदिग्ध खाद्य सामग्री का इस्तेमाल न करें और सूचना तुरंत विभाग को दें लखनऊ उत्तर प्रदेश में दीपावली के त्योहार को सुरक्षित और स्वास्थ्य के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 08 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक दीपावली विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब तक प्रदेश भर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने 4621 निरीक्षण, 2085 छापे और 2853 नमूनों की जांच की। अब तक कुल 2993 क्विंटल मिलावटी और अस्वास्थ्यकर खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसका अनुमानित मूल्य ₹3.88 करोड़ है। मानव उपभोग के योग्य नहीं होने पर 1155 क्विंटल सामग्री नष्ट की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.75 करोड़ है। उन्नाव, मथुरा और लखनऊ में भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत तीन प्राथमिकी भी दर्ज की गई हैं।  आम नागरिकों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि त्योहारों को सुरक्षित, स्वच्छ और आनंददायक बनाने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देश पर पूरे प्रदेश में मिलावटखोरी और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह खाद्य सामग्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। त्योहारों के अवसर पर आम नागरिकों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शीघ्र नष्ट होने वाली सामग्री मौके पर ही जब्त और विनष्ट की जाती है, जिससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। विभिन्न जनपदों में हो रही कार्रवाई अभियान में प्रमुख कार्यवाहियों में उन्नाव में 215 किलो खोया जब्त कर नष्ट किया गया और नमूने संग्रहीत कर एक एफआईआर दर्ज की गई। मथुरा में 400 किलो मिलावटी पनीर नष्ट किया गया। लखनऊ में 802 किलो खोया नष्ट किया गया। झांसी में 1200 किलो खोया, हाथरस में 790 किलो मिलावटी आचार जब्त कर 3000 किलो खराब आचार नष्ट किया गया। बुलंदशहर में 3000 किलो मिलावटी रसगुल्ला व गुलाबजामुन, मीरजापुर में 1478 किलो मिलावटी खोया, सहारनपुर में 1100 किलो खोया नष्ट किया गया। इसी प्रकार, हापुड़ में 6000 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल जब्त किया गया।  दूध, खोया, पनीर और मिठाई जब्त  कानपुर देहात में 500 लीटर दूध, 400 किलो खोया, 2200 किलो बर्फी, 250 किलो पेड़ा और 358 किलो स्वीट केक नष्ट किए गए। गोरखपुर में 1400 किलो पनीर और खोया जब्त और 1000 लीटर खराब सरसों तेल नष्ट किया गया। मेरठ में 71 लीटर पामोलीन तेल, 20 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर जब्त और 35 किलो रसगुल्ला, 180 किलो पनीर, 2500 किलो खोया नष्ट किया गया। एटा में 340 लीटर सरसों तेल और 900 किलो घी नष्ट किए गए। खीरी में 871 किलो खाद्य सामग्री जब्त और 50 किलो नष्ट की गई। आगरा, अलीगढ़, गाज़ियाबाद, मुजफ्फरनगर में भी लाखों मूल्य की मिलावटी सामग्री नष्ट की गई। टोल प्लाजा और हाईवे पर भी चला अभियान टोल प्लाजा और हाईवे पर भी अभियान की कार्रवाई में बड़ी जब्तियां शामिल हैं। साहिबाबाद टोल पर 750 किलो पनीर, हापुड़ टोल छिजारसी पर 1500 किलो पनीर, एनएच 34, जीटी रोड कानपुर से 4040 किलो खोया, बाराबंकी टोल से 910 कार्टन मिलावटी मिठाई, और कानपुर पनकी रोड से 2450 किलो खोया नष्ट किया गया। आम नागरिक भी कर सकते हैं शिकायत  प्रदेश सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी खाद्य पदार्थों में मिलावट, नकली उत्पादों का निर्माण या विक्रय अथवा संगठित रूप से मिलावट का कारोबार संचालित होने की जानकारी मिले, तो उसकी गोपनीय सूचना तुरंत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को दें। इसके लिए विभाग द्वारा विशेष हेल्पलाइन और व्हाट्सएप नंबर जारी किए गए हैं। गोपनीय शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-5533 पर कॉल की जा सकती है। मिलावटी या नकली खाद्य पदार्थ से संबंधित सूचना व्हाट्सएप नंबर 9793429747 पर भेजी जा सकती है। वहीं अगर किसी को नकली या घटिया दवाइयों के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले, तो उसकी सूचना व्हाट्सएप नंबर 8756128434 पर भेजी जा सकती है। सरकार ने कहा है कि ऐसी शिकायतों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा में सख्ती: पंजाब पुलिस को दिए गए कड़े निर्देश, हाई अलर्ट जारी

चंडीगढ़ दीवाली के मद्देनज़र डीजीपी गौरव यादव ने राज्यभर के जिला पुलिस प्रमुखों को सुरक्षा कड़ी करने और पुलिस फोर्स की अधिकतम तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एडीजीपी एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स प्रमोद बान और एडीजीपी काउंटर इंटेलिजेंस अमित प्रसाद के साथ तरनतारन और बटाला जिलों में सुरक्षा समीक्षा बैठकें कीं। इस दौरान उन्होंने नार्को-टेररिज्म (नशा-अतिवाद) और संगठित अपराधों के बढ़ते खतरे पर चर्चा की। डीजीपी यादव ने कहा कि पाकिस्तान पंजाब में नशे के ज़रिए आतंकवाद फैलाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन पंजाब पुलिस उसके नापाक मंसूबों को लगातार नाकाम कर रही है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ड्रोन और अन्य माध्यमों से नशे और हथियारों की सप्लाई कर रहा है। इस हवाई खतरे से निपटने के लिए पंजाब सरकार द्वारा तैनात एंटी-ड्रोन सिस्टम का प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है। डीजीपी ने बताया कि सितंबर 2024 से अब तक पंजाब पुलिस ने 90 आरोपियों को गिरफ्तार कर 26 आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इनसे बड़ी मात्रा में हथियार, विस्फोटक, गोलियां, हैंड ग्रेनेड और आरडीएक्स बरामद किए गए हैं, जिससे आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। संगठित अपराध के मामलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने फरार आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए और कहा कि अपराध की जड़ों को खत्म करने के लिए पेशेवर और वैज्ञानिक जांच की ज़रूरत है। उन्होंने बताया कि 203 विदेशी हैंडलरों की पहचान की जा चुकी है जो आतंक या संगठित अपराध से जुड़े हैं, और उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस या ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया केंद्र एजेंसियों के साथ मिलकर शुरू कर दी गई है। डीजीपी ने बताया कि ‘सेफ पंजाब’ व्हाट्सएप चैटबॉट पोर्टल (9779100200) के ज़रिए मिली सूचनाओं में से 33% मामलों पर कार्रवाई की गई, जो एक मिसाल है। लोगों की जानकारी के आधार पर 7285 एफआईआर दर्ज की गईं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे नशा तस्करों और अपराधियों के बारे में बिना किसी डर के गुप्त सूचना साझा करें। इस मौके पर पुलिस कमिश्नर अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, डीआईजी फिरोज़पुर रेंज नीलांबरी जगदले, डीआईजी बॉर्डर रेंज नानक सिंह, डीआईजी एजीटीएफ गुरमीत चौहान, एसएसपी तरनतारन रवजोत कौर ग्रेवाल, एसएसपी बटाला सुहैल कासिम मीर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। 

राजनीति बंद करो! नक्सलियों ने पूर्व उपसरपंच को दी जान से मारने की चेतावनी

जशपुर छत्तीसगढ़ के जशपुर में नक्सलियों ने सुलेसा गांव के पूर्व उपसरपंच सल्लु राजवाड़े के घर पर धमकी से भरा पर्चा चिपकाया है. PLFI माओवादी संगठन के पर्चे पर उपसरपंच को धमकी दी गई है कि अगर वे नक्सल संगठन के खिलाफ राजनीति करेंगे, तो उन्हें जान-माल से हाथ धोना पड़ेगा. बता दें, पूर्व उपसरपंच के घर चस्पा किए गए पर्चे पर लिखा है कि आप हमारे आदमी के साथ ज्यादा राजनीति कर काम में बाधा डाल रहे हैं. पहले भी आपने हमारे काम में बाधा डाला था, जिसे नक्सल संगठने ने नजर-अंदाज कर दिया था. लेकिन अब फिर से आप राजनीति कर हमारे काम के बीच में आ रहे हैं. साथ ही चेतावनी देते हुए लिखा कि अगर आपने अगली बार ऐसा किया, तो आप पर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आपको जान-माल की हानि होगी. SP शशिमोहन सिंह ने इस मामले में कहा कि नक्सल पर्चे की सूचना मिलते ही बगीचा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नक्सली पर्चा जब्त कर लिया है. जशपुर जिला साल 2018 से नक्सलमुक्त जिला घोषित किया जा चुका है और नक्सल मूवमेंट भी यहां नहीं है. चूंकि यह पर्चा नक्सल संगठन के नाम से मिला है, इसलिए पुलिस मामले में संवेदनशीलता से आगे की जांच कर रही है. इसके अलावा रंजिशों के तहत भी कई बार ऐसे कार्य किए जाते हैं, इसलिए उस एंगल से भी पुलिस इसकी जांच कर रही है. वहीं इस घटना की सूचना मिलते ही पूर्व मंत्री गणेश राम भगत भी उपसरपंच के घर उनसे मिलने पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नक्सली पूरी तरह से समाप्त हो गए हैं ये कहना गलत है. जिस तरह से पर्चे फेंके गए हैं, दहशत फैलाने की कोशिश की जा रही है. हमने इसके लिए डीजीपी, एसपी और एडिशनल एसपी से बात की है. परिवार को पूर्ण रूप से सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है.

Jyoti Malhotra केस अपडेट: जेल से जुड़े नए कदम, 17 को आएगा पुलिस का जवाब

हिसार पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गंगवा रोड स्थित सेंट्रल जेल-2 में बंद यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा ने सत्र न्यायालय में नियमित जमानत याचिका लगाई है। इस बारे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. परमिन्द्र कौर की अदालत ने सिविल लाइन पुलिस को 17 अक्तूबर को जवाबदावा पेश करने के लिए कहा है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत जमानत याचिका पर फैसला लेगी। उधर मुकद्दमे के मामले पर अदालत बुधवार को सुनवाई करेगी। सिविल लाइन थाना पुलिस ने 16 मई को न्यू अग्रसेन एक्सटेंशन कालोनी निवासी यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसका 2 बार रिमांड हासिल कर पूछताछ करके उसे 26 मई को अदालत में पेश कर सेंट्रल जेल-2 में भेज दिया था। तब से वह उसी जेल में बंद है और मुकद्दमा चल रहा है। पुलिस इस मामले में चालान पेश कर चुकी है।