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संगीत जगत में शोक की लहर: पंचतत्व में विलीन हुए राजवीर जवंदा

पंजाब  पंजाबी अभिनेता-गायक राजवीर जवंदा पंचतत्व में विलीन हो गए। राजवीर का अंतिम संस्कार लुधियाना जिले के उनके पैतृक गांव पोना में किया गया। गायक का शव मोहाली के सेक्टर 71 स्थित उनके निवास स्थान पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां उनके प्रशंसक श्रद्धांजलि देने पहुंचे। आपको बता दें कि पंजाबी अभिनेता-गायक राजवीर जवंदा का एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के 11 दिन बाद निधन हो गया। जवंदा का पार्थिव शरीर बुधवार को मोहाली के सेक्टर 71 स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था ताकि उनके प्रशंसक और साथी कलाकार उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें। इसके बाद देर रात उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गाँव पोना लाया गया, जहाँ अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के बाद आज उनका अंतिम संस्कार किया गया। 

अंता विधानसभा उपचुनाव में वरिष्ठ मतदाताओं को मिलेगी सुविधा, पोस्टल बैलेट से कर पाएंगे मतदान

जयपुर अंता विधानसभा उपचुनाव 2025 को लेकर वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और आवश्यक सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों को डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान की सुविधा दी जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(सी) के तहत यह प्रावधान अधिसूचित किया है। इस सुविधा के तहत 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता और मानक दिव्यांगता वाले मतदाता फॉर्म 12D भरकर, मतदान की अधिसूचना जारी होने के पांच दिनों के भीतर, अपने बीएलओ (BLO) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद विशेष मतदान दल घर जाकर उनका वोट दर्ज करेगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य, अग्निशमन, विद्युत, परिवहन, एंबुलेंस, विमानन जैसी आवश्यक सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी भी अपने विभागीय नोडल अधिकारी के माध्यम से डाक मतपत्र की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। मतदान दिवस पर कार्यरत मान्यता प्राप्त मीडिया प्रतिनिधि भी इस सुविधा के पात्र होंगे। सेवा मतदाताओं  को डाक मतपत्र ETPBS (इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलट सिस्टम) के माध्यम से भेजा जाएगा। उन्हें डाक खर्च वहन नहीं करना होगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को इन प्रावधानों की जानकारी दें। अंता विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,27,563 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से 1,013 मतदाता 85 वर्ष से अधिक आयु के, 1,170 दिव्यांग मतदाता और 39 सेवा मतदाता हैं। ये सभी डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान करने के पात्र होंगे। त्रिकोणीय मुकाबले की जमीन तैयार अंता विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया का प्रत्याशी घोषित कर दिया है। बीजेपी ने अब तक अपने प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है। बीजेपी के पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी यहां से प्रमोद जैन भाया को हराकर विधायक रह चुके हैं। इनके अलावा नरेश मीणा भी इस सीट पर अपना दांव आजमाना चाहते हैं। नरेश ने सोशल मीडिया के जरिए राहुल गांधी से इस सीट के लिए टिकट मांगा था। अब कांग्रेस अपना प्रत्याशी मैदान में उतार चुकी है तो नरेश मीणा निर्दलीय यहां से ताल ठोक सकते हैं। 

मुख्यमंत्री साय बोले – बस्तर बदल रहा है — अब यहां विकास और विश्वास की बयार बह रही है

नारायणपुर में 16 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में की वापसी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर बदल रहा है — अब यहां बंदूक और बारूद का धुआं नहीं, बल्कि विकास और विश्वास की बयार बह रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” और “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसे मानवीय अभियानों ने उन लोगों के दिलों में आशा का दीप जलाया है, जो कभी भटककर लाल आतंक के रास्ते पर चले गए थे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज नारायणपुर जिले में 16 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में लौटने का साहसिक निर्णय लिया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों पर कुल ₹48 लाख का इनाम घोषित था। उन्होंने अब शांति, शिक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन की नई राह चुनी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  राज्य सरकार की नीतियों पर जन-जन का विश्वास बढ़ा है और सुरक्षा बलों की दृढ़ता ने विकास और विश्वास का माहौल स्थापित किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले 20 महीनों में कुल 1,837 माओवादी हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। यह परिवर्तन इस बात का साक्षी है कि “डबल इंजन सरकार” की नीतियां न केवल शांति ला रही हैं, बल्कि बस्तर को एक नए युग की ओर अग्रसर कर रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नक्सलवाद को समाप्त करना नहीं, बल्कि बस्तर के हर गांव तक विकास, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की रोशनी पहुँचाना है।

मध्यप्रदेश में दिन गर्म, रातें ठंडी: 12 जिलों से मानसून विदा, कुछ हिस्सों में हल्की बारिश संभव

भोपाल मध्यप्रदेश में दिन में तेज धूप खिलेगी और रात में गुलाबी ठंड का अहसास होने लगेगा। मौसम विभाग ने 2 से 3 दिन में पूरे प्रदेश से मानसून की विदाई के संकेत दिए हैं। पूर्वी हिस्से में 3 दिन तक बूंदाबांदी के आसार जरूर है।  मध्य प्रदेश से पूरी तरह से मानसून की विदाई के पहले ही गुलाबी ठंड का अकर दिखने लगा है. शरद पूर्णिमा के अगले दिन से ही प्रदेश के कई जिलों में हल्की ठंड ने दस्तक दे दी है. इस दौरान कई शहरों का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे लुढ़क गया है. मंगलवार बुधवार की दरमियानी रात इंदौर और राजगढ़ जिले का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया. वहीं कुछ जगहों पर लोकल सिस्टम के चलते हल्की बूंदाबांदी भी देखी जा रही है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस पहुंच रहा है. ऐसे में हवा का रुख भी धीरे-धीरे बदल रहा है, जिसके कारण बादल छाने के बावजूद रात के तापमान में गिरावट हो रही है. सामान्यतः इन दिनों जब बादल छाते हैं तब रात के तापमान में गिरावट नहीं होती. वहीं अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के कई जिलों से मानसून की विदाई हो सकती है. मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान समय में दक्षिण पश्चिम मानसून अगले 2 दिनों के दौरान मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों से वापसी कर सकता है. वहीं बीते दिन एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन शक्ति आज सुबह एक निम्न दबाव के क्षेत्र में बदला है. साथ ही एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा के इलाके में बना हुआ है. ऐसे में अगले 5 दिनों के दौरान प्रदेश के किसी भी हिस्से में तेज बारिश की संभावना नहीं बनी है. अगले 3 दिन धूप-छाव और बूंदाबांदी वाला मौसम मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि अगले 3 दिन धूप-छाव और बूंदाबांदी वाला मौसम रहेगा। पूर्वी हिस्से के जिलों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में दिन में तेज धूप खिली रहेगी। इधर, कई शहरों में रात का पारा 18 डिग्री तक पहुंच गया है। 8-9 सितंबर की बात करें तो धार, इंदौर, राजगढ़ में तापमान 17.6 से 17.7 डिग्री के बीच रहा। भोपाल में 19.6 डिग्री, उज्जैन में 19 डिग्री, ग्वालियर में 22.1 डिग्री और जबलपुर में 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापlमान का ताजा हाल अधिकतम तापमान: सतना – 33.6°C (सबसे ज्यादा), खजुराहो (छतरपुर) – 33°C, नर्मदापुरम/मंडला – 32.8°C, उमरिया – 32.5°C, जबलपुर – 32.2°C, न्यूनतम तापमान: इंदौर/राजगढ़ – 17.6°C (सबसे कम), धार – 17.7°C, गिरवर (शाजपुर) – 18.6°C, सीहोर – 18.8°C, उज्जैन/खंडवा – 19°C कैसा रहा बड़े शहरों का पारा जबलपुर – 32.2°C ग्वालियर – 31.4°C उज्जैन – 31°C भोपाल – 30.7°C इंदौर – 30.5°C  

मायावती ने सपा-कांग्रेस को घेरा, कहा – सत्ता में रहते PDA की बात क्यों नहीं की गई?

लखनऊ चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं मायावती और उनकी अगुवाई वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एक्टिव मोड में आ गई है. बसपा संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर मायावती की पार्टी आज लखनऊ में बड़ी रैली कर रही है. इस रैली को संबोधित करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि इस स्थल पर मरम्मत का कार्य नहीं होने के कारण पिछले कुछ वर्षों से मान्यवर कांशीराम की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित नहीं कर पा रहे थे. मायावती ने योगी सरकार का आभार जताया और कहा कि यूपी की वर्तमान सरकार सपा जैसी नहीं है. योगी सरकार ने पूरा का पूरा पैसा इस स्थल के मरम्मत के कार्य पर खर्च किया. उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में इन स्थलों की हालत जर्जर हो गई थी. मायावती ने कहा कि सपा सरकार ने एक पैसा भी इन स्थलों के रख-रखाव पर खर्च नहीं किया. मायावती ने कहा कि हमने सरकार में रहते ऐसा सिस्टम बनाया था कि इन स्थलों को देखने आने वाले लोगों से लिया गया टिकट का पैसा इनके रख-रखाव पर खर्च किया जाएगा. सपा की सरकार में टिकट का एक भी पैसा खर्च नहीं किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार आई, तब हमने मुख्यमंत्री को इसे लेकर पत्र लिखा. हमने आग्रह किया कि टिकट का पैसा जो भारी मात्रा में सरकार के पास इकट्ठा हो गया है, उससे इन स्थलों की मरम्मत कराई जाए. मायावती ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने इसे दिखवाया और मरम्मत कराई. उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब ये सरकार में रहते हैं, तब इनको हमारे गुरु, संत और महापुरुष याद नहीं आते. आज जब ये विपक्ष में हैं, तब इनको पीडीए याद आ रहा है. मायावती ने पूछा कि सत्ता में रहते इनको पीडीए क्यों नहीं याद रहा. आज इनको हमारे गुरु, संत और महापुरुष याद आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव से पूछना चाहती हूं कि हमने कासगंज जिला बनाकर उसका नाम मान्यवर कांशीराम के नाम से रखा था. सत्ता में आते ही सपा ने उसका नाम बदल दिया. बसपा प्रमुख ने कहा कि हमने सत्ता में रहते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले, नारायणा गुरु समेत अपने संतों और गुरुओं को पूरा सम्मान दिया है. ये जातिवादी पार्टियों को रास नहीं आ रहा है. उन्होंने कहा कि सपा अब पीडीए के नाम पर बरगलाने का काम कर रही है. सपा के शासन में इन वर्गों का बहुत ज्यादा शोषण और उत्पीड़न हुआ है. बसपा प्रमुख ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को कोट करते हुए कहा कि वह कहते थे सत्ता एक ऐसी मास्टर चाबी है, जिसके माध्यम से इन वर्गों के लोग अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं, खुशहाली और स्वाभिमान का जीवन व्यतीत कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि बाबा साहब के सपने को पूरा करने के लिए मान्यवर कांशीराम ने अपना पूरा जीवन खपा दिया. यूपी में कई बार सरकार बनाकर, आसपास के राज्यों में भी विधायक-सांसद जिताकर बाबा साहब का कारवां आगे बढ़ाया है. मायावती ने कहा कि कांशीराम की दिली तमन्ना थी कि दलित और अन्य उपेक्षित वर्गों की आबादी बहुत अधिक है, इन वर्गों को एकजुट होकर अपनी पूर्ण बहुमत की सरकार बनानी होगी. तभी पूरे स्वाभिमान के साथ जिंदगी व्यतीत कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि दुख की बात ये है कि कांशीराम के जीते जी यह सपना साकार नहीं हो सका था. मायावती ने कहा कि उनके निधन के बाद उनकी एकमात्र उत्तराधिकारी ने इसे पूरा भी किया है और हमने 2007 में पहली बार अकेले ही पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है. उन्होंने इससे पहले अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि आप सभी लोग अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ते हुए इतनी बड़ी संख्या में मान्यवर कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे है. बसपा का दावा- जुटे पांच लाख कार्यकर्ता बसपा का दावा है कि रैली में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के पांच लाख से अधिक कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं. इस रैली के लिए मायावती ने अलग योजना तैयार की है. मायावती करीब तीन घंटे तक मंच पर मौजूद रहेंगी और रैली को संबोधित भी करेंगी. मंच पर मायावती के साथ ही छह और लोग होंगे. कार्यक्रम के मुख्य मंच पर सात कुर्सियां लगाई गई हैं. मंच पर मायावती के साथ उनके भाई आनंद कुमार, भतीजे आकाश आनंद और वरिष्ठ नेता सतीशचंद्र मिश्र भी होंगे. कार्यक्रम की शुरुआत थोड़ी देर में होनी है. इस रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है. चारबाग रेलवे स्टेशन पर पार्टी ने पहली बार कार्यकर्ता सहायता शिविर लगाया है. इस शिविर में युवा नेता-कार्यकर्ता प्रदेश के अलग-अलग स्थानों से रैली में शामिल होने आ रहे लोगों की सहायता कर रहे हैं. गौरतलब है कि चार साल पहले यानी 2021 बसपा प्रमुख मायावती ने 9 अक्तूबर को ही कांशीराम स्मारक स्थल में रैली की थी. तब कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने थे. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा महज़ एक सीट पर ही जीत सकी थी. मायावती ने इस बार भी रैली के लिए वही मौका, वही तारीख और वही स्थान चुना है. बसपा की रणनीति अपनी राजनीतिक ताकत दिखाकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले खुद को मजबूत विकल्प के रूप में जनता के सामने पेश करने की है. खिसकती राजनीतिक जमीन बचाने की जद्दोजहद में जुटी बसपा और इसकी प्रमुख मायावती की कोशिश छिटके कोर वोटर को फिर से अपने पाले में लाने की है.

सीएम नायब सिंह सैनी ने दिवंगत IGP वाई पूरन कुमार को दी श्रद्धांजलि, परिवार से की मुलाकात

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार दोपहर सेक्टर 24, चंडीगढ़ स्थित दिवंगत इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) वाई पूरन कुमार के आधिकारिक आवास पर जाकर परिवार से शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री लगभग 12:30 बजे पहुंचे और अधिकारी की पत्नी अमनीत पी. कुमार तथा अन्य परिवारजन से मिले। वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार का मंगलवार दोपहर को आत्महत्या से निधन हो गया था, जिससे राज्य पुलिस समुदाय में गहरा सदमा फैल गया। पूरन कुमार की पत्नी आईएएस अमनीत पी. कुमार मुख्यमंत्री की जापान की आधिकारिक यात्रा में शामिल थीं। इस दुखद खबर के बाद वह अपनी यात्रा बीच में ही रोककर बुधवार दोपहर चंडीगढ़ लौट आईं थीं। मुख्यमंत्री के अलावा कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और राजनीतिक नेता भी परिवार से मिलकर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। इसमें मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, गृह सचिव सुमिता मिश्रा और हांसी विधायक विनोद भायाना शामिल थे। सेक्टर 24 स्थित आवास का माहौल शोकाकुल बना रहा, क्योंकि पुलिस और सिविल प्रशासन के अधिकारी एवं सहकर्मी पूरे दिन परिवार से मिलने और संवेदना व्यक्त करने आते रहे।

पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ISI से जुड़े खालिस्तानी नेटवर्क का पर्दाफाश

चंडीगढ़  पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की साजिशों को नाकाम करते हुए पंजाब पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस विंग, जालंधर ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आतंकियों के नाम गुरजिंदर सिंह और दीवान सिंह बताए जा रहे हैं। यह आतंकी नेटवर्क ब्रिटेन (यूनाइटेड किंगडम) में बैठे हैंडलर निशान जौरियां और आदेश जमराई द्वारा चलाया जा रहा था। दोनों को बीकेआई सरगना हरविंदर सिंह रिंदा के निर्देश प्राप्त थे। रिंदा इस समय पाकिस्तान में आईएसआई के संरक्षण में छिपा हुआ है और भारत में हिंसा फैलाने की साजिशों को अंजाम दे रहा है।   ढाई किलो विस्फोटक और रिमोट बरामद पुलिस ने छापेमारी के दौरान ढाई किलो विस्फोटक पदार्थ (आरडीएक्स) और एक रिमोट नियंत्रक उपकरण बरामद किया है। शुरूआती जांच से पता चला है कि यह विस्फोटक एक विशिष्ट लक्ष्य पर आतंकी हमले के लिए तैयार किया गया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इसका निशाना कौन था और इसके पीछे स्थानीय स्तर पर कितने लोग शामिल हैं। आतंक निरोधक कानून के तहत केस इस मामले में थाना एसएसओसी, अमृतसर में गैर-कानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पुलिस आईएसआई समर्थित अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क और संगठित अपराध गिरोहों को पूरी तरह समाप्त करने के मिशन पर कार्यरत है। राज्य में शांति, अमन और सौहार्द बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर आतंकवाद को दोबारा सिर नहीं उठाने दिया जाएगा।

भोपाल: PWD के पूर्व इंजीनियर जेपी मेहरा पर शिकंजा, लोकायुक्त ने मारा छापा

भोपाल  Bhopal में लोकायुक्त (Lokayukta ) की टीम ने गुरुवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के पूर्व चीफ इंजीनियर जेपी मेहरा के घर पर छापा मारा। ये छापा भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के तहत मारा गया था, जिसमें कहा जा रहा है कि मेहरा ने विभागीय ठेकों और निर्माण कार्यों में गड़बड़ियां की थीं। छापे की वजह लोकायुक्त की टीम ने इस छापे को गोपनीय सूचना के आधार पर मारा। जानकारी के अनुसार, लोकायुक्त की टीम ने पुलिस बल के साथ जेपी मेहरा के भोपाल स्थित मणिपुरम आवास पर तलाशी शुरू की। जेपी मेहरा पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पीडब्ल्यूडी में विभागीय ठेकों और निर्माण कार्यों में गड़बड़ियां कीं। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए लोकायुक्त ने जांच की प्रक्रिया शुरू की, और अब तक की कार्रवाई में कई संदिग्ध दस्तावेज प्राप्त हुए हैं, जो भ्रष्टाचार के मामलों को और ज्यादा मजबूत कर सकते हैं। बता दें मेहरा इसी साल रिटायर हुए हैं। छापे में मिली संपत्ति से जुड़ी जानकारी छापे (Lokayukta raid in MP) के दौरान अधिकारियों को बड़ी संख्या में दस्तावेज मिले, जिनमें केस और प्रॉपर्टी से संबंधित कागजात शामिल थे। जेपी मेहरा के घर लोकायुक्त का छापा में मुंबई में खरीदी गई संपत्तियों से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है, जो जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है, और इससे जुड़ी जानकारी जल्द ही सार्वजनिक हो सकती है। केस और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज मिले जानकारी के अनुसार, छापे के दौरान लोकायुक्त की टीम को बड़ी संख्या में केस और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इनमें मुंबई में खरीदी गई संपत्ति से जुड़े प्रमाण भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह छापा गोपनीय सूचना के आधार पर मारा गया है। मेहरा इसी साल फरवरी में रिटायर हुए थे। फिलहाल मणिपुरम स्थित उनके आवास में लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है।

मंत्री निर्मला सीतारमण ने श्रीराम दरबार, मां दुर्गा और महादेव के किए दर्शन, कुबेर टीला पर किया अभिषेक

अयोध्या में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परिवार संग उतारी प्रभु श्रीरामलला की आरती मंत्री निर्मला सीतारमण ने श्रीराम दरबार, मां दुर्गा और महादेव के किए दर्शन, कुबेर टीला पर किया अभिषेक ट्रस्ट महामंत्री चम्पत राय ने मंत्री सीतारमण को कराया मंदिर परिसर का भ्रमण, दी विस्तृत जानकारी आस्था, श्रद्धा और भव्यता के संगम में डूबी रामनगरी अयोध्या अयोध्या  भारत की सांस्कृतिक राजधानी कही जाने वाली प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में गुरुवार का दिन अत्यंत पावन रहा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने परिवार संग प्रभु श्रीरामलला की आरती उतारी और श्रीराम दरबार व जगज्जननी मां दुर्गा के दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने कुबेर टीला स्थित देवाधिदेव महादेव का रुद्राभिषेक भी किया।श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चम्पत राय ने वित्त मंत्री को मंदिर परिसर का भ्रमण कराया और निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। निर्मला सीतारमण ने मंदिर के भव्य स्वरूप को देखकर आस्था और गर्व की भावना व्यक्त की। अयोध्या के आध्यात्मिक तेज में डूबी वित्त मंत्री आरती के दौरान श्रीरामलला का दरबार भक्ति रस से सराबोर हो उठा। सरयू तट से आती मंद बयार और मंदिर प्रांगण में गूंजते भजनों ने वातावरण को और भी पवित्र बना दिया। वित्त मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन के बाद आरती में शामिल श्रद्धालुओं के साथ “जय श्रीराम” का उद्घोष किया। अयोध्या का गौरव बना विश्व का आध्यात्मिक केंद्र अयोध्या अब केवल एक नगर नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और सभ्यता का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। यहां आने वाले हर श्रद्धालु को रामायणकालीन इतिहास और आधुनिक भव्यता का संगम देखने को मिलता है। ट्रस्ट ने किया स्वागत श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से वित्त मंत्री का पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर की सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था और विकास योजनाओं पर भी चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और कृषि मंत्री व अयोध्या जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कार्यक्रम में भाग लिया।

मध्य प्रदेश में 9 अक्टूबर से वोटर लिस्ट फ्रीज, एसआईआर की प्रक्रिया इसी पर आधारित

भोपाल   मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार वोटरों की संख्या बढ़ रही है. मिली जानकारी के मुताबिक, राजधानी में पिछले 22 सालों में वोटरों की संख्या में दो गुना इजाफा हुआ है. बता दें कि 2003 के आंकड़ों के अनुसार, भोपाल में कुल 11 लाख 81 हजार 531 वोटर थे, लेकिन अब यह संख्या  21 लाख 18 हजार 364 हो गई है. इसके लिए जिले के बूथ लेवल के ऑफिसर डोर-टू-डोर सर्वे करेंगे.  भोपाल में दो बैठकें की गई हैं, जहां निर्वाचन नामवली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत कलेक्टोरेट में स्टेंडिंग कमेटी की बैठक हुई है. इसके अलावा, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा हुई.  इन दोनों बैठकों में निर्वाचन नामवली के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चर्चा की गई. इसमें फोटोयुक्त प्रारूप मतदाता सूचा का सार्वजनिक प्रकाशन किया गया है. अगर किसी कोई आपत्ति है, तो 17 अक्टूबर तक आवेदन कर सकता है.   हालांकि अभी मध्य प्रदेश में एसआईआर को लेकर कोई दिनांक तय नहीं की गई है, लेकिन बिहार में हुए एसआईआर को माडल मानते हुए निर्वाचन आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बैठक में एडीएम प्रकाश नायक, उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सूची में नहीं होगा संशोधन उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि बुधवार को मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ चर्चा की गई। जिसमें बताया गया कि नौ अक्टूबर को मतदाता सूची पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी। इसके बाद किसी भी तरह का कोई संशोधन सूची में नहीं किया जा सकेगा। बिहार में हुए मतदाता सूची के एसआईआर को माडल मानते हुए तैयारियां की जा रही हैं। वर्ष 2003 में जिले में चार विधानसभा क्षेत्र थे और कुल 11 लाख 81 हजार 531 मतदाता, 1090 मतदान केंद्र थे। जबकि वर्ष 2025 में सात विधानसभा क्षेत्र, कुल 21 लाख 18 हजार 364 मतदाता और 2029 मतदान केंद्र हैं। 22 साल बाद होगा एसआईआर, बढ़े नौ लाख मतदाता भोपाल जिले में 22 साल पहले वर्ष 2003 में मतदाता सूची का एसआईआर किया गया था, जो अब 2025 में करने की तैयारी है। इन 22 साल में कुल नौ लाख 36 हजार 833 मतदाता जिले में बढ़े हैं। ऐसे में 2003 की सूची में जिन मतदाताओं के नाम हैं उन्हें कोई दस्तावेज नहीं देना होगा। हालांकि सभी मतदाताओं को गणना पत्रक भरकर देना होगा। यह पत्रक सभी बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को देंगे। इसको लेकर अभी निर्वाचन आयोग से निर्देश आना बाकी हैं। नगरीय निकाय मतदाता सूची प्रकाशित, 17 तक दावे-आपत्ति मंगवाए भोपाल जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा बुधवार को नगरीय निकाय की फोटोयुक्त मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया। इस दौरान आयोजित स्टेंडिंग कमेटी की बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया गया कि वह सूची को लेकर सभी तरह के दावे-आपत्ति 17 अक्टूबर तक प्रस्तुत कर सकेंगे। जिनके आधार पर बाद में नगरीय निकाय की सूची में संशोधन किया जा सकेगा। प्रकाशित की गई सूची में भोपाल नगर निगम के 85 वार्डों में 17 लाख 90 हजार 905 मतदाता हैं। जिनमें नौ लाख 18 हजार 527 पुरुष और आठ लाख 72 हजार 914 महिला सहित 164 अन्य मतदाता शामिल हैं। ऐसे मतदाता जिनकी उम्र एक जनवरी 2026 को 18 साल पूरी हो रही है, वह नए मतदाता कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। पहचान पत्रों में आधार का जिक्र नहीं सक्सेना इस मामले में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रवीण सक्सेना का कहना है कि मध्य प्रदेश में एसआइआर को लागू करने में आधार को शामिल करने संबंधी जानकारी जिला निर्वाचन कार्यालय ने नहीं दी है। सरकार ने समग्र आईडी, वोटर कार्ड, प्रापर्टी, बैंक खाता सहित सभी जरूरी दस्तावेजों को आधार से लिंक कराया है। जबकि भारत निर्वाचन आयोग की सूची में इसे पहचान के दस्तावेजों में शामिल नहीं किया गया है। इसके लिए पार्टी स्तर पर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।