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बेंगलुरु को पसंद किया रूस की महिला ने, कहा- रिटायरमेंट में रहने के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन

नई दिल्ली भारत के सिलिकॉन सिटी के नाम से जाना जाने वाला बेंगलुरु अब विदेशी लोगों की भी पहली पसंद बनता जा रहा है। इस दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें रूस की एक महिला ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू को अपना पसंदीदा शहर करार दिया है। दरअसल, यूलिया नाम की एक रूसी महिला ने हाल ही में एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने अपने विचार को साझा किया और बेंगलुरु को भारत में रहने के लिए सबसे बेहतरीन शहर बताया। साइबेरिया में जन्मी और पली-बढ़ी यूलिया ने कहा कि बेंगलुरु का मौसम और जीवनशैली इसे भारतीय शहरों में उनकी पहली पसंद बनाती है। इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में उन्होंने बेंगलुरु को धूपदार, गर्म और हरा-भरा बताया है। इसके अलावा उन्होंने भारत के अन्य महानगरों की तुलना में इस शहर को एकदम संतुलित बताया है। अपने वीडियो में उन्होंने बताया कि दिल्ली और जयपुर में सर्दियां जमने वाली लगती हैं, जबकि चेन्नई और मुंबई बहुत ज़्यादा गर्मी होती है। उन्होंने कहा कि अपने सुहावने मौसम के कारण उनको बेंगलुरू एकदम सही लगा। ट्रैफिक की समस्या का ना करें जिक्र अपने इस वीडियो संदेश में यूलिया ने शहर के संस्कृति की भी सराहना की। उन्होंने इस शहर को भारत की पब राजधानी करार दिया और रिटायरमेंट के बाद रहने के लिए स्वर्ग बताया। हालांकि, उन्होंने अपने पोस्ट में लोगों से शहर के ट्रैफिक के बारे में जिक्र ना करने की अपील की है। कई लोगों को पसंद आता है बेंगलुरु उल्लेखनीय है कि तापमान और यहां के वातावरण के कारण बेंगलुरु भारत में ही रहने वाले कई लोगों के लिए पहली पसंद है। मुंबई, चेन्नई और दिल्ली जैसे शहरों की तुलना में, बेंगलुरु में साल भर हल्का तापमान रहता है और आसपास का हरा-भरा वातावरण शहर को ठंडा रखने में मदद करता है।  

यूपीएससी प्रीलिम्स के बाद तुरंत प्रकाशित होगी अंतरिम आंसर-की

नई दिल्ली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि उसने प्रारंभिक परीक्षा के बाद अंतरिम उत्तर कुंजी प्रकाशित करने का निर्णय लिया है। आयोग सिविल सेवा परीक्षा समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है। अभी तक अंतिम परिणाम जारी होने के बाद ही उत्तर कुंजी जारी होती थी। यूपीएससी ने पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा कि अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद अंतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित की जाएगी। यह हलफनामा सिविल सेवा परीक्षा से संबंधित लंबित याचिका पर दाखिल किया गया था। यूपीएससी ने कहा कि मामले के लंबित रहने के दौरान उसने अदालत द्वारा नियुक्त न्याय मित्र के सुझाव समेत विभिन्न कारकों पर विचार-विमर्श किया है। अधिवक्ता वर्धमान कौशिक के माध्यम से दाखिल किए गए हलफनामे में कहा गया है, व्यापक विचार-विमर्श और संवैधानिक निकाय के रूप में यूपीएससी को सौंपी गई भूमिका के मद्देनजर आयोग इस निर्णय पर पहुंचा है कि प्रारंभिक परीक्षा आयोजित होने के बाद अंतरिम उत्तर कुंजी प्रकाशित किया जाए। हलफनामे में कहा गया है कि परीक्षा में उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों से अभ्यावेदन या आपत्तियां मांगी जाएंगी। प्रत्येक ऐसे अभ्यावेदन या आपत्ति के समर्थन में तीन प्रामाणिक स्त्रोत्र देना होगा तथा जिन आपत्तियों के पक्ष में प्रामाणिक स्त्रोत्र नहीं हो, उन्हें शुरुआत में ही खारिज कर दिया जाएगा। आयोग तय करेगा कि प्रस्तुत स्त्रोत प्रामाणिक हैं या नहीं। हलफनामे में यह भी कहा गया है कि अंतरिम उत्तर कुंजी तथा प्रश्न पत्र एवं उत्तर कुंजी पर उम्मीदवारों से प्राप्त आपत्तियों या अभ्यावेदन को संबंधित विषय के विशेषज्ञों की टीम के समक्ष रखा जाएगा, जो सभी पहलुओं पर विचार करेगी और उत्तर कुंजी को अंतिम रूप देगी। विषय विशेषज्ञों की टीम द्वारा तैयार की गई ऐसी अंतिम उत्तर कुंजी प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों की घोषणा का आधार बनेगी। हलफनामे में कहा गया है कि आयोग इन प्रक्रियाओं का पालन यथाशीघ्र शुरू करना चाहता है। यूपीएससी द्वारा लिया गया निर्णय याचिका में उठाई गई शिकायतों का प्रभावी और पर्याप्त निवारण माना जाए।  

लोगों के लिए राहत: अटारी-वाघा बॉर्डर पर नई सुविधा की शुरुआत

अमृतसर अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सी.एस.आर.) के तहत, भारतीय स्टेट बैंक द्वारा सीमा सुरक्षा बल (बी.एस.एफ.) को पर्यावरण के अनुकूल इलैक्ट्रिक गाड़ियां भेंट की गईं। कार्यक्रम भारत व पाकिस्तान के बीच रोजाना होने वाली बीटिंग रिट्रीट परेड स्थल, अटारी-वाघा बॉर्डर पर आयोजित हुआ, जहां हर दिन हजारों देशभक्त दर्शक बड़ी संख्या में आते हैं। ये इलैक्ट्रिक गाड़ियां वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और महिलाओं को परेड स्थल पर आरामदायक और सुलभ आवागमन में सहायता करेंगी। यह पहल बैंक की सामाजिक सेवा, राष्ट्र प्रेम और सबको समान सुविधा देने की भावना को दर्शाती है। इस दौरान एस.एस. चंदेल, डी.आई.जी. बी.एस.एफ., कृष्ण शर्मा, मुख्य महाप्रबंधक, एस.बी.आई. चंडीगढ़ सर्किल, बम शंकर मिश्रा, उप महाप्रबंधक, प्रशासनिक कार्यालय, लुधियाना और सतविंदर सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, अमृतसर की गरिमामयी उपस्थिति रहीं, साथ ही बी.एस.एफ. और एस.बी.आई. के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। बी.एस.एफ. अधिकारियों ने इस सराहनीय पहल के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और इसे बैंक की बैंकिंग से आगे बढ़कर सेवा की भावना का प्रतीक बताया। 

कोचिंग से आज़ादी! पीएम ई-विद्या के जरिए अब घर पर ही पढ़ाई संभव

नई दिल्ली आपका बच्चा यदि स्कूल में है और आप उसके ट्यूशन और कोचिंग पर हर महीने एक बड़ी राशि खर्च कर रहे हैं तो अब आप इससे बच सकते हैं। आपके बच्चे को कोचिंग से बेहतर शिक्षा अब घर बैठे ही पीएम ई-विद्या के जरिए मिल सकती है। केंद्र सरकार ने स्कूलों बच्चों के बीच तेजी से बढ़ी कोचिंग संस्कृति को खत्म करने की दिशा में यह अहम पहल की है। जिसमें बच्चों को बालवाटिका से बारहवीं तक के सभी विषयों की अध्ययन सामग्री अब पीएम ई-विद्या के तहत शुरू किए गए टीवी चैनलों और मोबाइल एप पर मुहैया होगी। जिसे बच्चे अपनी सुविधा के अनुसार देख और पढ़ सकते है। चैट के जरिए मिलेंगे सवालों के जवाब पढ़ाई के दौरान छात्रों के मन में उससे जुड़े किसी तरह के सवाल होंगे, तो चैट के जरिए उसके भी जवाब पा सकेंगे। यह सब बिल्कुल मुफ्त होगा। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी ) की देखरेख में स्कूली बच्चों के लिए शुरू हुई इस मुहिम में प्रत्येक कक्षा के लिए एक समर्पित टीवी चैनल के साथ अब एक मोबाइल एप भी तैयार किया है। जिसको आइओएस और एनड्राइड दोनों तरह के मोबाइल फोन में डाउनलोड किया जा सकता है। इनमें बालवाटिका यानी प्री-प्राइमरी के लिए भी पहली बार एक समर्पित चैनल और मोबाइल एप बनाया गया है। क्या इस एप की खास बात? खासबात यह इससे जुड़ी अध्ययन सामग्री को तैयार करने या छात्रों की मदद के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित अलग-अलग विषयों के देश के श्रेष्ठ शिक्षकों को लगाया गया है। एनसीईआरटी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक मोबाइल एप शुरू होने के करीब दो सप्ताह में एक करोड़ छात्र पीएम ई-विद्या एप से जुड़ गए हैं। वैसे तो इसका लक्ष्य स्कूलों में पढ़ने वाले सभी 25 करोड़ छात्रों तक पहुंचने का है। खासकर दूरदराज और पिछले क्षेत्रों के बच्चों तक पहुंचने पर सबसे अधिक फोकस है। एप के जरिए छात्र अपनी कक्षाओं से जुड़ी अध्ययन सामग्री को कभी भी देख सकेंगे। यह 30 भारतीय भाषाओं में तैयार की जा रही है। गौरतलब है कि पीएम ई-विद्या की सोच वैसे तो कोरोना काल में निकलकर सामने आयी है, जिसमें दो सौ टीवी चैनल शुरू करने की घोषणा की गई थी। हालांकि इसकी शुरूआत पिछले साल यानी दिसंबर 2024 में हो पायी। अब इसमें नए-नए सुधार किए जा रहे हैं।  इस तरह हुआ है दो सौ टीवी चैनलों का बंटवारा पीएम ई-विद्या के तहत शुरू किए गए दो सौ टीवी चैनलों में से 16 चैनल अकेले एनसीईआरटी के पास है जबकि सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को भी पांच-पांच चैनल दिए गए है। मणिपुर में उग्रवाद को देखते हुए उसे दस टीवी चैनल दिए गए है। यह टीवी चैनल 24 घंटे बच्चों को पढ़ाते है। राज्यों के चैनलों पर मुहैया कराई जाने वाली अध्ययन सामग्री पर भी एनसीईआरटी नजर रखता है। जरूरत पड़ने पर या खराब गुणवत्ता पर उन्हें जरूरी निर्देश भी देता है। नीट-जेईई जैसी परीक्षाओं को भी कोचिंग के चंगुल से मुक्त कराने की पहल स्कूली बच्चों को को¨चग संस्कृति से छुटकारा दिलाने की इस पहल से पहले नीट-जेईई जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं को भी कोचिंग के चंगुल के मुक्त कराने की दिशा में केंद्र ने जरूरी कदम उठाए है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इसे लेकर उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का अगुवाई में एक उच्चस्तरीय कमेटी भी गठित की है। जिसे इन परीक्षाओं के पैटर्न को कुछ इस तरह से तैयार करने का सुझाव दिया गया है ताकि बगैर कोचिंग के बच्चे भी इनमें आसानी से चयनित हो सके। कमेटी इसे लेकर एक दौर की बैठक भी कर चुकी है। जिसमें चयनित बच्चों के आंकड़ों के आधार पर विश्लेषण किया जा रहा है। माना जा रहा है कि अगले साल होने वाली इन परीक्षाओं में इससे जुड़े कुछ बदलाव दिख सकते हैं।  

अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचे जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ : ऊर्जा मंत्री तोमर

जनसुनवाई में ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने किया जनसमस्याओं का निराकरण भोपाल सरकार की मंशा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह बात शनिवार को अपने ग्वालियर रेसकोर्स रोड स्थित सरकारी कार्यालय पर जनसुनवाई करते हुए कही। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने आमजन की समस्याओं को सुनते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने हिदायत दी कि किसी भी समस्या का निदान निर्धारित समय-सीमा में किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने जनसुनवाई में आई महिलाओं को तत्काल राशन दिलाने, वृद्धजनों की वृद्धावस्था पेंशन और मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि आपका यह सेवक किसी भी परिवार के साथ अन्याय नहीं होने देगा। आपकी सेवा के लिए आपका यह सेवक सदैव तत्पर रहा है और आगे भी आपके हर सुख-दु:ख में हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के हर स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए हैं।  

रोशनी के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा पॉवर हाउस सारनी

भोपाल बैतूल जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर एक छोटा सा कस्बा सारनी स्थित है। वर्ष 1965 के आसपास वहां सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की स्थापना हुई थी। वर्ष 2007 तक सतपुड़ा थर्मल पॉवर स्टेशन मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा पॉवर प्लांट था लेकिन कुछ पुरानी यूनिट बंद होने के बाद वर्ष 2019 से यह मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी का मध्यप्रदेश का तीसरा बड़ा थर्मल पॉवर स्टेशन बन गया। वर्ष 2014 से 250-250 मेगावॉट की दो यूनिट यहां बिजली का उत्पादन कर रही हैं। सारनी के आसपास सुरम्य वन क्षेत्र है। यहां भरपूर वन संपदा उपलब्ध है। वनों में स्थित सागौन, साल, पलास तथा अन्य वृक्ष यहां की हरी-भरी घाटियों को बेहद सुंदर बनाते हैं। इस क्षेत्र की आबादी करीब 86 हजार के आसपास है। सारनी पॉवर हाउस अस्पताल आसपास के क्षेत्र में संजीवनी साबित हो रहा दरअसल बात हो रही है सारनी पॉवर हाउस के अस्पताल की जहां कंपनी कार्मिकों के अलावा अन्य समुदाय के लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल बेहतर तरीके से की जा रही है। सारनी पॉवर हाउस में करीब 580 से ज्यादा अभियंता व कार्मिक कार्यरत हैं। यह कार्मिक सुविधाजनक आवासीय परिसर में रहकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सारनी कस्बे में बच्चों की पढ़ाई के लिए केन्द्रीय विद्यालय है, बाजार है और बुनियादी जरूरत की सारी सुविधाएं यहां पर उपलब्ध हैं। 55 वर्ष पुराना अस्पताल पूर्णत: सुसज्जित सारनी स्थित यह अस्पताल 1971 में स्थापित हुआ। इस अस्पताल के पहले चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार थे जो बाद में मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मंडल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी नियुक्त हुए। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी के मुख्य अभियंता वी. के. कैथवार ने बताया कि यह अस्पताल सभी तरह की स्वास्थ्य सेवाओं से युक्त है तथा पॉवर हाउस के कार्मिकों के साथ अन्य समुदाय के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। सुदूर अंचल में स्थापित होने के बावजूद यहां अस्पताल में 30 बिस्तरों की व्यवस्था है। अस्पताल में पूर्णकालिक चिकित्सक तथा अनुबंध के आधार पर विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी चिकित्सा सेवाएं देते हैं। अस्पताल में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय रघुवंशी ने बताया कि अस्पताल में पैरामेडिकल स्टाफ, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स व वार्ड बॉय सभी मिलकर बिजली अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ आसपास के लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं में जुटे हुए हैं।  दूरदराज के लोगों का सहारा अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं, इनमें महिला वार्ड, पुरुष वार्ड, वर्न यूनिट, एक्स-रे रूम, पैथोलॉजी लैब, ऑपरेशन थिएटर के साथ दवाई वितरण की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। यहां पर इलाज के लिए प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या की बात करें तो औसतन 70 से 75 मरीजों की ओपीडी रहती है। इनमें कंपनी कार्मिकों एव उनके परिजनों के अलावा आसपास के गांव के लोग भी अपने परिवार सहित आकर स्वास्थ्य की सुविधाओं का लाभ लेते हैं। यह अस्पताल दूरदराज के समुदाय के लोगों के स्वास्थ्य की भी देखभाल करने में सक्षम है।  दो एम्बुलेंस से तत्काल इलाज की सुविधा मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह बताते हैं कि यह अस्पताल सारनी और इसके आसपास के लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है। यहां पर दो एम्बुलेंस भी मरीज की सेवा में तत्पर रहती हैं जो दूर दराज के मरीजों को लाने तथा जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल बैतूल या नर्मदापुरम पहुंचाने का कार्य करती हैं।  

मध्यप्रदेश एवं गुजरात के अधिकारियों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक

सरदार सरोवर प्रोजेक्ट पर हुई चर्चा भोपाल  मध्यप्रदेश और गुजरात राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच शनिवार को उच्चस्तरीय बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें सरदार सरोवर प्रोजेक्ट संबंधी महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य सरदार सरोवर प्रोजेक्ट से संबंधित मुद्दों का आपसी समन्वय से निराकरण करना था। बैठक की अध्यक्षता मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन तथा गुजरात के मुख्य सचिव श्री पंकज जोशी ने संयुक्त रूप से की। बैठक में नर्मदा घाटी विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, सचिव श्री जॉन किंग्सली, सी.एम.डी., एस.एस.एन.एन.एल श्री मुकेश पुरी तथा दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट को लेकर बनी सहमति बैठक में दोनों राज्यों के बीच सरदार सरोवर प्रोजेक्ट में गुजरात के गरुड़ेश्वर वियर के माध्यम से पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट को लेकर सहमति बनी। मध्यप्रदेश सरकार इसमें सशर्त सम्मिलित होगी, इससे मध्यप्रदेश सरकार को उत्पन्न बिजली में 57% की भागीदारी मिलेगी। साथ ही सरदार सरोवर के डूब क्षेत्र में आने वाली शासकीय राजस्व, आबादी एवं वन भूमि की प्रतिपूर्ति राशि को लेकर सिद्धांत तय किये गए। बैठक में दोनों राज्यों की लेनदारी एवं देनदारी के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा में यह तय किया गया कि दोनों राज्यों की वित्तीय टीम आपस में विचार कर अगले कुछ दिनों में वित्तीय समायोजन पर निराकरण करेगी। बैठक अत्यंत सकारात्मक एवं सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई।  

वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर हुई युवा संसद

वन्यजीव सप्ताह में विद्यार्थियों ने पक्षियों और वन्य जीवों के बारे में प्राप्त की जानकारी भोपाल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह-2025 के अंतर्गत शनिवार 4 अक्टूबर को चौथे दिन सुबह 6:00 बजे से दिव्यांग बच्चों के लिये पक्षी अवलोकन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आयाम इंक्लूजन स्कूल भोपाल के 57 छात्र/छात्राओं ने पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के दर्शन किये। इनमें मैगपाई रॉबिन, इंडियन रॉबिन, ग्रीन बी ईटर, ग्रे फ्रैंकोलिन, कॉमन किंग फिशर, वाइट ब्रेस्टेड किंगफिशर को देखकर बच्चे उत्साहित हो उठे। पक्षी अवलोकन शिविर में सम्मिलित बच्चों को वन्यप्राणियों के मॉडल दिखाये गये एवं उनके बारे में विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी प्रदान की गई, जिसे जानकर बच्चे बहुत ही रोमांचित हुये। महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिये सुबह 6:30 बजे से "वन विहार" विषय पर फोटोग्राफी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें 40 बच्चों ने भाग लेकर वन विहार के वन्यजीवों की फोटोग्राफी की एवं तीन-तीन फोटोग्राफ्स, साफ्ट कॉपी के रूप में कार्यालय में जमा किये। रंगोली प्रतियोगिता वन एवं वन्यजीव विषय पर कक्षा 5 से 8 तक वर्ग के लिये आयोजित की गई। "पौराणिक कथाओं में वन्यजीव" विषय पर प्रतियोगिता कक्षा 9वीं के लिये सुबह 9:00 बजे से आयोजित की गई। इसमें 126 प्रतिभागियों ने भाग लेकर विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों पर आधारित बहुत सुंदर रंगोली बनाई। विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन छात्र/छात्राओं के लिये "युवा संसद" प्रतियोगिता सुबह 11.00 बजे से आयोजित की गई। इसमें 4 ग्रुप में 53 प्रतिभागियों ने भाग लेकर "वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण" विषयों पर पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार व्यक्त किये। स्रोत व्यक्ति के रूप में डॉ. सुदेश वाघमारे, डॉ. संगीता राजगीर एवं मो. खालिक तथा अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर संचालक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान श्री विजय कुमार भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक संचालक वन विहार डॉ. रूही हक ने किया। पक्षी अवलोकन शिविर के दौरान वन विहार भ्रमण पर आये विभिन्न विद्यालयों के लगभग 300 छात्र/छात्राओं ने भी पक्षियों एवं वन्यजीवों के सम्बंध में जानकारी प्राप्त कर ज्ञानवर्धन किया। 5 अक्टूबर के कार्यक्रम वन्य जीव सप्ताह में 5 अक्टूबर को सुबह 7:00 बजे से वन्यजीव संरक्षण के लिये 'रन फॉर वाईल्ड लाईफ" दौड़ होगी। इसका रिपोर्टिंग समय सुबह 6:00 बजे रहेगा। दौड़ वन विहार गेट क्र.-2 से डिपो चौराहा, पॉलीटेक्निक चौराहा, श्यामला हिल्स होते हुए बोट क्लब की ओर वन विहार के गेट क्र.-1 पर पूरी होगी। साथ ही सुबह 10:30 बजे से "वनों में पर्यटन वन्यजीवों के संरक्षण में सहायक है" विषय पर शिक्षक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा।  

सावधान! पंजाब सरकार ने इस दवाई के बिक्री पर लगाई रोक, कैमिस्टों के लिए नए नियम जारी

मानसा  जिाला मजिस्ट्रेट नवजोत कौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मानसा जिले में 75 एम.जी. से अधिक मात्रा वाले प्रीगैबलिन कैप्सूल की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने कहा कि दवा देते समय, केमिस्ट पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन पर्ची) पर अपनी मुहर लगाएगा और दवा देने की तारीख दर्ज करेगा। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि सिविल सर्जन मानसा ने उनके संज्ञान में लाया है कि 300 मिलीग्राम मात्रा वाले प्रीगैबलिन कैप्सूल का आम लोगों द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है और कई लोग इसे नशीली दवा (जिसे सिग्नेचर भी कहा जाता है) के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने मानसा जिले में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सिविल सर्जन से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, मरीज़ को उसकी स्थिति के आधार पर आमतौर पर प्रतिदिन 25-150 मिलीग्राम प्रीगैबलिन की खुराक दी जाती है। यह आदेश 30 नवंबर, 2025 तक लागू रहेगा। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल की छात्रा सुश्री त्रिशा को दी बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले की बिटिया सुश्री त्रिशा को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उललेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नई दिल्ली में शासकीय एकलव्य महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बैतूल की छात्रा कुमारी त्रिशा तावड़े को सेंट्रल जोन के अंतर्गत इलेक्ट्रीशियन ट्रेड की राष्ट्रीय मेरिट लिस्‍ट में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि त्रिशा की यह उपलब्धि सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि हमारे गांव-कस्बों में अपार प्रतिभा छिपी हुई है। बदलते दौर में जनजातीय क्षेत्र से आने वाले विद्यार्थी नए-नए प्रतिमान रच रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से शुरू पीएम-सेतु योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का हार्दिक अभिनंदन है। प्रधानमंत्री की यह पहल देश के सभी आईटीआई को एक नई दिशा और नई ऊर्जा देगी।