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97 लाख की साइबर ठगी: इंदौर की रिटायर्ड टीचर ठग के जाल में फंसी 14 महीनों तक

इंदौर साइबर अपराधियों ने सेवानिवृत्त शिक्षिका से 96 लाख 83 हजार 595 रुपये की ठगी कर ली। वह 14 महीनों तक ठगों के संपर्क में रही और उनके इशारों पर खातों में राशि जमा करवाती रहीं। पुलिस ने शुक्रवार रात अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठग के सभी खाते फर्जी पाए गए हैं। सिम कार्ड भी दूसरों के नाम से मिले हैं। ठगी जूना रिसाला निवासी कुमारी पुष्पा ठाकुर के साथ हुई है। 67 वर्षीय पुष्पा सेवानिवृत्त सहायक प्राध्यापक हैं। शिकायत में बताया कि 16 दिसंबर 2023 को राजीव शर्मा नामक व्यक्ति का कॉल आया था। उसने खुद को बीमा कंपनी का अधिकारी बताया और पुष्पा को दो बीमा पॉलिसी की जानकारी दी। उसने कहा कि एक पॉलिसी चालू है और दूसरी सरेंडर नहीं हुई है। एक लाख रुपये की राशि एनईएफटी कर दें ताकि पॉलिसी की सरेंडर राशि खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।   आरोपी ने महिला से दस्तावेज भी मंगवा लिए आरोपित ने बाकायदा ई-मेल आईडी भेजी और महिला से दस्तावेज भी मंगवा लिए। आरोपित ने सात फरवरी 2025 तक महिला से कुल 96 लाख 83 हजार 595 रुपये जमा करवा लिए। बीमा कंपनी से डेटा लीक, ठग ने पॉलिसी बताकर ठगा महिला ने पुलिस को बताया कि उसने एसबीआई लाइफ से बीमा पॉलिसी ली थी। तीन साल तक 25 हजार रुपये जमा करती थी। बीच में रुपये जमा करना बंद कर दिए। कंपनी के कर्मचारी ने पॉलिसी सरेंडर करने की सलाह दी और 72 हजार रुपये मिले। मार्च 2020 में महिला ने दस वर्ष के लिए दूसरी पॉलिसी ले ली। 16 दिसंबर 2023 को ठग का कॉल आया और कहा कि पॉलिसी सरेंडर नहीं हुई है। उसमें लाखों रुपये जमा हैं। शक है बीमा कंपनी से ही ग्राहकों के डेटा लीक हो रहा है। गिरोह ने 23 बार में 32 खातों में जमा करवा रुपये एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया के अनुसार, ठगी का शिकार हुई महिला ने आरोपितों में राजीव शर्मा, अमित शर्मा, आर. गोस्वामी, एसके अहलुवालिया, सुब्रत बास, गुरमीत सिंह चंद्रा के नाम बताए हैं। ठग इनके नाम से ही कॉल लगाते थे। आरोपितों ने 23 बार में 32 खातों में रुपये ट्रांसफर करवाए हैं। 15 लाख 46 हजार रुपये तो बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से ट्रांसफर किए गए हैं।

बिहार में युवाओं को खास लाभ: चुनाव से पहले हर माह ₹1000, छात्रवृत्ति भी बढ़ाई गई

नई दिल्ली कौशल दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को देश के युवाओं के लिए योजनाओं-परियोजनाओं के अनावरण की झड़ी लगाई तो चुनावी राज्य बिहार के युवा खास तौर पर सरकार के प्यार में सराबोर होते दिखाई दिए। केंद्र-राज्य सरकार की तमाम योजनाओं का शुभारंभ करते हुए राज्य का अतीत याद दिलाते हुए राजद के शासनकाल को कुशासन बताया और नीतीश कुमार नेतृत्व वाली राजग सरकार की सराहना की। कांग्रेस पर पीएम मोदी का कटाक्ष जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर कटाक्ष किया- ''जरा चोकन्ने रहिए, ये जननायक पद कर्पूरी ठाकुर से ही है। आजकल लोग ये जननायक की भी चोरी करने में लगे हैं और इसलिए बिहार के लोगों से मैं जागृत रहने का आग्रह करूंगा कि हमारे कर्पूरी ठाकुर साहब का ये जनता द्वारा दिया गया सम्मान कोई चोरी न कर जाए।'' पीएम के कटाक्ष को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से जोड़ा जा रहा है, क्योंकि तमाम कांग्रेस नेताओं ने अब राहुल को जननायक की उपाधि दे दी है। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले ही बिहार की बहनों के रोजगार और आत्मनिर्भरता से जुड़ा एक बहुत भव्य कार्यक्रम में मुझे शामिल होने का अवसर मिला था। आज बिहार के युवाओं के सशक्तीकरण का ये मेगा प्रोग्राम है। ये दिखाता है कि एनडीए सरकार बिहार के नौजवानों को, महिलाओं को कितनी प्राथमिकता दे रही है। बिहार के लोगों से पीएम मोदी ने कही ये बात आज बिहार के युवाओं के लिए भी इस मंच से अनेक योजनाएं और परियोजनाएं समर्पित हुई हैं। बिहार में नया कौशल विश्वविद्यालय, अन्य विश्वविद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार, नौजवानों के लिए युवा आयोग, हजारों युवाओं को पक्की सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र, ये सब बिहार के युवाओं के बेहतर भविष्य की गारंटी है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए की डबल इंजन सरकार लगातार बिहार की शिक्षा संस्थाओं को आधुनिक बनाने में जुटी है। 'आईटीआई पटना में भी इंफ्रास्टक्चर के विस्तार का काम शुरू' उन्होंने कहा कि आईटीआई पटना में इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार का काम भी शुरू हो चुका है। आज भी बिहार में कई बड़े शिक्षा संस्थानों के आधुनिकीकरण का काम आरंभ हुआ है। एनआइटी पटना के बिहटा कैंपस को भी अब होनहार विद्यार्थियों के लिए खोल दिया गया है। इसके अलावा पटना यूनिवर्सिटी, भूपेंद्र मंडल यूनिवर्सिटी, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा और नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी, इन सभी संस्थानों में नए एकेडेमिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव रखी गई है। पीएम ने कहा कि अच्छे संस्थानों के साथ-साथ नीतीश सरकार बिहार के नौजवानों की पढ़ाई का खर्च भी कम कर रही है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले एजुकेशन लोन को ब्याजमुक्त कर दिया गया है। ये बिहार सरकार का निर्णय है। इतना ही नहीं, विद्यार्थियों के लिए स्कालरशिप भी 1800 से बढ़ाकर के 3600 रुपये कर दी गई है। पीएम ने राज्य सरकार की मुख्यमंत्री निश्चय स्वयंसहायता भत्ता योजना का भी शुभारंभ किया, जिसमें पांच लाख स्नातकों को दो वर्ष तक प्रतिमाह एक हजार रुपये दिए जाएंगे। आत्मनिर्भर भारत की कार्यशाला हैं आइटीआइ पीएम मोदी ने कहा कि हमारी आइटीआइ इंडस्टि्रयल एजुकेशन के बेहतरीन संस्थान तो हैं ही, ये आत्मनिर्भर भारत की कार्यशाला हैं, इसलिए हमारा फोकस इनकी संख्या बढ़ाने के साथ ही इनको लगातार अपग्रेड करने पर भी है। इंडस्ट्री को आज कैसी स्किल चाहिए, 10 साल बाद किस प्रकार की स्किल लगेगी, इसके लिए आइटीआइ नेटवर्क को तैयार किया जा रहा है। आज 60 हजार करोड़ रुपये की पीएम सेतु योजना की शुरुआत की गई है। 1000 से ज्यादा आइटीआइ को इसके माध्यम से अपग्रेड किया जाएगा। 34 राज्यों के जवाहर नवोदय विद्यालयों और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 1200 स्किल लैब का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ज्ञान और कौशल का देश है। यही बौद्धिक शक्ति हमारी सबसे बड़ी ताकत है। कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री जुएल ओरांव और राजीव रंजन वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे, जबकि कार्यक्रम की प्रस्तावना कौशल विकास मंत्री जयन्त चौधरी ने रखी। शिक्षा राज्य मंत्री सुकांता मजूमदार भी मंचासीन थे।  

ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने प्रतिबद्ध है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विशेष ग्राम सभाओं ने 4 हजार से ज्यादा विलेज एक्शन प्लान का अनुमोदन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजातीय बहुल जिलों में ग्राम सभाओं को अपने गांव के विकास का रोडमैप तैयार करने सक्षम बनाया जा रहा है। राज्य सरकार ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में जनजातीय बहुल गांवों में आदि सेवा पर्व पर दो अक्टूबर को हुई विशेष ग्राम सभाओं ने आपसी विचार-विर्मश कर 4 हजार से ज्यादा विलेज एक्शन प्लान का अनुमोदन किया। शेष ग्राम सभाएं जल्द ही विलेज एक्शन प्लान बनाने की प्रक्रियाएं पूरी करेंगी। विलेज एक्शन प्लान के लिए 30 जनजातीय बहुल जिलों के लिए अधिकारियों के कार्य दल बनाए गए थे। अधिकारियों की टीम गांव में पहुंची और ग्राम सभाओं में उपस्थित होकर आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत आदि सेवा पर्व के महत्व को समझाया। ग्राम सभाओं ने जनजाति ग्राम विजन 2030 के लिए ग्राम विशेष एक्शन प्लान का अनुमोदन किया। साथ में यह भी संकल्प लिया कि प्रत्येक गांव में एक आदि सेवा केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह सेवा केंद्र एकल खिड़की नागरिक सेवा केंद्र की तरह काम करेगा। इसके माध्यम से स्थानीय लोग आदि सेवा समय, स्वैच्छिक सेवा के अंतर्गत सप्ताह में एक घंटा अपना योगदान करेंगे। सरकारी अधिकारियों को जनजातीय समुदाय की मूल भाषा, बोलियों और संस्कृति से भी जोड़ेंगे। उल्लेखनीय की जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान प्रारंभ किया गया है। यह देश में जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए ऐतिहासिक पहल है। इसका उद्देश्य जनजातीय क्षेत्र में ग्राम स्तर पर नेतृत्व क्षमता का विकास करना, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना और शासन-प्रशासन को और अधिक उत्तरदायी बनाना है। यह अभियान सेवा, संकल्प और समर्पण जैसे मूल्यों पर केन्द्रित है, जो जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अभियान के प्रथम चरण में 41 जिलों के 249 विकासखंडों में 14,040 जनजातीय बाहुल्य गांव चिन्हित किए गए हैं। अभियान का लक्ष्य 3 लाख आदि कर्मयोगियों को प्रशिक्षित करना है। इनमें ग्राम स्तर के युवा, महिलाएं, शिक्षक, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव और अन्य स्थानीय प्रतिनिधि शामिल है। अभियान में 18,150 क्लस्टर स्तर के मास्टर ट्रेनर, 41 अशासकीय संगठन, 1250 विकासखंड स्तरीय शासकीय संगठन, 56470 आदि सहयोगी, 2,03,292 आदि साथी, 22,528 आदि विद्यार्थी मिलाकर कुल 3 लाख 3 हजार 233 चेंज लीडर्स तैयार किया जा रहे हैं। प्रत्येक गांव के लिए विकास का एक दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया गया है। ट्राइबल विलेज विजन 2030 पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शुद्ध पेयजल की उपयोगिता, पोषण संबंधी योजनाओं का क्रियान्वयन, महिला बाल विकास की योजनाओं का लाभ, आजीविका के साधनों का सृजन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का कवरेज सुनिश्चित करने जैसे विषय शामिल है। विलेज एक्शन प्लान के निर्माण में आदि कर्मयोगियों के साथ आदि साथियों, आदि सहयोगियों, आदि विद्यार्थियों, सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन, युवा नेतृत्व, ग्रामीण वयोवृद्ध कल्चरल आइकॉन को शामिल कर सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित की गई है। विशेष ग्राम सभाओ में विलेज एक्शन प्लान का अनुमोदन किया गया है। इस प्रकार अनुमोदित हुए एक्शन प्लान को जिला स्तर पर तीन श्रेणियां में बांटा जाएगा। पहला व्यक्तिगत या सेवाओं की मांग के आधार पर, दूसरा सामुदायिक परिसंपत्तियों और सेवाओं की मांग और तीसरा सेवाओं के वितरण की मांग के आधार पर होगा। इन सब बिंदुओं पर विचार कर राज्य का एक संपूर्ण दस्तावेज तैयार किया जाएगा। राज्य सरकार ने अपनी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आदि सेवा केंद्र और आदि सेवा समय जैसी पहल शुरू की है। इसके माध्यम से गांव में ही शिकायतों का निवारण होगा। अभियान के अंतर्गत सेवाओं के बेहतर वितरण को विभिन्न विभागों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल जीवन मिशन, कृषि विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। क्या है गांव के एक्शन प्लान में गांव के एक्शन प्लान में गांव की आधारभूत जानकारी सामाजिक, आर्थिक संसाधन, गांव के सामाजिक मुद्दे, उपलब्ध बुनियादी सेवाएं दर्ज रहती हैं ताकि आगे नई योजनाएं बनाने में कठिनाई न आए। गांव की पहचान में विकासखंड का नाम, ग्राम पंचायत और गांव का नाम, गांव की भौगोलिक स्थिति, गांव में स्थित मंदिर, पूजा स्थल, अति गरीबों का विवरण, उपलब्ध सुविधाएं जैसे आंगनबाड़ी, प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला, विद्युत लाइन, सौर पैनल, स्ट्रीट लाइट, उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवार, शौचालय, सामुदायिक भवन, ग्राम चौपाल, सड़के, आजीविका के विकल्प जैसे खेती पशुपालन, गैर कृषि, व्यापार सेवा या नौकरी, गांव की खेती के तरीके, सिंचाई की व्यवस्थाएं गांव की जल संसाधन और गांव के लोगों की अपेक्षाएं आदि आधारभूत जानकारी के साथ गांव के लोगों के विचार भी दर्ज रहते हैं, कि वे अपने गांव के विकास को कैसे देखना चाहते हैं।  

मतांतरित लोगों की ‘घर वापसी’ का अभियान शुरू, आलीराजपुर की ग्राम सभाओं ने संभाली मोर्चा

छकतला मतांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दे को लेकर पश्चिमी मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल इलाके आलीराजपुर में अब ग्राम सभाएं मोर्चा संभाल रही हैं। पेसा अधिनियम के तहत गठित ग्राम स्तरीय समितियां अब मतांतरण (धर्म परिवर्तन) के खिलाफ संगठित कदम उठा रही हैं। इन समितियों का उद्देश्य है जो आदिवासी मूल संस्कृति से भटके हैं, उन्हें समझाइश के माध्यम से पुनः घर वापसी कराना। दुधवी गांव में परिवार की वापसी बनी उदाहरण ऐसा ही एक ताजा उदाहरण सामने आया है ग्राम पंचायत करजवानी के ग्राम दुधवी से, जहां उकारिया पुत्र कदवा ने अपने पूरे परिवार के साथ सनातन धर्म में वापसी की है। इस निर्णय में गांव की ग्राम सभा का महत्वपूर्ण किरदार रहा। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि यह सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना की वापसी का प्रतीक है।   मथवाड़ पंचायत में प्रस्ताव पर होगा फैसला ग्राम पंचायत मथवाड़ के ग्रामसभा अध्यक्ष दिलीप पटेल ने बताया कि रविवार को पंचायत की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा, जिसमें गांव के मतांतरण कर चुके परिवारों को ससम्मान सनातन धर्म में लौटाने की प्रक्रिया को ग्राम सभा की मंजूरी दी जाएगी। यह प्रस्ताव पेसा अधिनियम के प्रविधानों के तहत पारित किया जाएगा। पूर्व सरपंचों की पहल, गांव-गांव जा रहे जनप्रतिनिधि ग्राम छकतला के पूर्व सरपंच उसान गरासिया ने जानकारी दी कि वे स्वयं मथवाड़, वाकानेर, करजवानी और आसपास के कई गांवों में जाकर ऐसे परिवारों से संवाद कर रहे हैं जो कभी अपनी मूल संस्कृति से दूर हो गए थे। उन्होंने बताया कि, जिन्होंने मतांतरण किया है, उनमें से अधिकतर अत्यंत गरीब और बीमार थे। कुछ को लालच देकर मत परिवर्तन कराया गया। लेकिन अब जब हम उन्हें समझा रहे हैं, तो लोग अपनी जड़ों की ओर लौटने को तैयार हो रहे हैं। जनपद स्तर पर भी सक्रियता, ग्राम सभा बनी अधिकारों की आवाज सोंडवा जनपद पंचायत अध्यक्ष रेवली उषानसिंह गरासिया ने बताया कि क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जा रही हैं, जहां पेसा एक्ट के तहत ग्राम सभा को जो विशेष अधिकार प्राप्त हैं, उनका उपयोग करते हुए धर्म परिवर्तन रोकने और पुनः मूल संस्कृति में लौटने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा, हमारी परंपरा, रीति-रिवाज और आस्था हमारी पहचान है। पंचायतें अब यह सुनिश्चित कर रही हैं कि कोई भी परिवार लालच या भयवश अपनी संस्कृति से दूर न हो। पेसा अधिनियम बना आधार, 607 ग्राम सभाओं में सक्रिय समितियां जिले के पेसा जिला समन्वयक प्रवीण कुमार चौहान के अनुसार पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में जिले में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। अब तक 607 ग्राम सभाओं में पेसा समितियों का गठन किया जा चुका है। ये समितियां न सिर्फ ग्रामों में अधिकारों की जानकारी फैला रही हैं, बल्कि सांस्कृतिक सुरक्षा को लेकर भी सजग हैं। चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम 2022 और ग्राम सभा गठन नियम 1998 के तहत ग्राम सभाओं को जो अधिकार दिए गए हैं, उनका उपयोग अब वास्तविक धरातल पर दिखने लगा है। कई ग्राम सभाओं ने तो अब विधिवत प्रस्ताव पारित कर ‘घर वापसी’ के अभियान को समर्थन दिया है। जमीनी स्तर पर जनभागीदारी, सामाजिक समरसता की ओर कदम पेसा अधिनियम के तहत गठित समितियां न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक चेतना का केंद्र बन रही हैं। ग्राम स्तरीय मोबिलाइज़र और ब्लाक समन्वयक जहां लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों की जानकारी दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्राम सभाएं अब सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी सक्रिय हो चुकी हैं।

ड्रग्स रैकेट का अंधेरा: इंदौर में सीमा नाथ के भाइयों ने पैडलर को अगवा कर जमकर पीटा

इंदौर 1 करोड़ के ड्रग्स और 48 लाख रुपयों के साथ पकड़ी गई ड्रग्स माफिया सीमा नाथ के भाईयों ने एक पैडलर का अपहरण कर लिया। उसको पेड़ से बांधा और जमकर पिटाई की। आरोपितों ने ड्रग्स बेचने की धमकी दी और रुपये भी छीन लिए। डीसीपी ने व्यावसायिक विवाद बताया है। चारों आरोपितों को पकड़ लिया है। पेड़ पर बांध कर पीटा, रुपये छीने घटना द्वारकापुरी थाना अंतर्गत अहिरखेड़ी की है। श्रीराम नगर निवासी 34 वर्षीय कुणाल पुत्र गोपाल चौहान ने सीमा नाथ के भाई अर्जुन नाथ, चेतन नाथ, लक्की नाथ और समीर नाथ के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाई है। कुणाल ने पुलिस को बताया कि वह गुरुवार को भंडारा में खाना खाने जा रहा था। आरोपितों ने रास्ते में पकड़ लिया और दोपहिया वाहन से श्मशान के समीप ले गए। एक पेड़ पर बांध कर पीटा और उससे 2 हजार रुपये छीन लिए। 1800 रुपये खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए।   ड्रग्स के धंधे को लेकर हुआ अपहरण शनिवार को इस घटना की रिपोर्ट लिखी गई। सूत्रों के मुताबिक अपहरण ड्रग्स के धंधे को लेकर हुआ है। सीमा नाथ अहिरखेड़ी, प्रजापत नगर, द्वारकापुरी, ऋषि पैलेस, राजेंद्रनगर, कुंदननगर क्षेत्र में ड्रग्स (ब्राउन शुगर) की सप्लाई करती है। सीमा की गिरफ्तारी के बाद चेतन, लक्की और अर्जुन ड्रग्स का धंधा कर रहे है। तीनों ही आपराधिक प्रवृति के है। चेतन तो किराना कारोबारी की हत्या कर चुका है। आरोपितों ने कुणाल से कहा कि वह क्षेत्र में दूसरे की ड्रग्स बेचता है। उससे कहा कि इस क्षेत्र में उनसे ही ड्रग्स खरीदना पड़ेगी। पुलिस के अनुसार आरोपितों से पूछताछ चल रही है।

RJD में बढ़ी अंदरूनी कलह, लालू-राबड़ी आवास पर कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

पटना बिहार चुनाव से पहले आरजेडी के सीटिंग विधायकों को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। पहले मधेपुरा सदर विधायक प्रो. चंद्रशेखर को लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ी। अब राजद के मखदुमपुर विधानसभा से विधायक सतीश कुमार के विरोध में तो लोग पटना स्थित लालू-राबड़ी आवास पहुंच गए, और प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता विधायक को दोबारा टिकट नहीं देने की मांग कर रहे थे। इस बीच विधायक के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। सैकड़ों की तादात में पहुंचे आरजेडी कार्यकर्ताओं ने पहले राबड़ी आवास के बाहर प्रदर्शन किया। और फिर अचानक घर के अंदर घुस गए। कार्यकर्ताओं की मांग है कि मखदुमपुर विधायक सतीश कुमार ने क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं किया है। जनता की समस्याओं की अनदेखी की है, ऐसे में दोबारा उन्हें टिकट न दिया जाए। लालू-राबड़ी आवास पर अचानक हुए हंगामे से अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा कर्मियों ने लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन काफी देर से हंगामा होता रहा। फिर काफी समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हुआ। हालांकि प्रदेश राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने इस मामले पर कहा कि दस सर्कुलर के बाहर कोई हंगामा की सूचना नहीं है। संभव है कि किसी नेता के समर्थक टिकट की आस में अपनी बात कहने के लिए एकत्रित हुए हों। चुनावी गतिविधियां शुरू हो चुकी है। कुछ ही दिनों में टिकट वितरण का काम शुरू होगा। ऐसे में समर्थकों के आने-जाने का सिलसिला जारी रहेगा। ऐसा केवल राजद में ही नहीं बल्कि भाजपा सहित अन्य दलों के कार्यालयों के बाहर भी होता है। आपको बता दें बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द हो सकता है। चुनाव आयोग की टीम दो दिन के बिहार दौरे पर है। जिसके बाद दिल्ली जाते ही कभी भी तारीखों की घोषणा हो सकती है। इस बीच विधायकों के विरोध की खबरे भी सामने आने लगी है। मुजफ्फरपुर में सकटा से जेडीयू विधायक अशोक चौधरी के 'लापता' वाले पोस्टर लगे है। लोगों का कहना है कि विधायक क्षेत्र में आते ही नहीं है।  

प्रधानमंत्री मोदी ने बैतूल की आईटीआई प्रशिक्षार्थी कु. तावड़े को किया सम्मानित

भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में कौशल एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 4अक्टूबर को आयोजित कौशल दीक्षांत समारोह में मध्यप्रदेश की शासकीय आईटीआई, बैतूल की इलेक्ट्रीशियन ट्रेड की प्रशिक्षार्थी कुमारी त्रिशा तावड़े को आल इंडिया सेंट्रल ज़ोन टू ईयर ट्रेड में टॉप करने पर सम्मानित किया है। कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने शासकीय आईटीआई की छात्रा कु.त्रिशा को इस उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि यह सफलता प्रदेश में कौशल आधारित शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशिक्षकों के समर्पण और युवा प्रतिभाओं की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि विभाग की प्राथमिकता है कि प्रशिक्षुओं को तकनीकी दक्षता के साथ जीवन कौशल, व्यक्तित्व विकास, भाषा और संचार कौशल प्रदान करना, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, उद्योग के अनुरूप प्रशिक्षण देना और विदेशों में रोजगार की संभावनाओं को साकार करना। मध्यप्रदेश के अन्य 09 प्रशिक्षार्थियों ने भी ऑल इंडिया ट्रेड टॉपर के रूप में प्रदेश का नाम रोशन किया जिसमें चंचल सेवारिक कम्प्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, भोपाल, पूजा जाटव ड्रोन तकनीशियन, जबलपुर, श्याम महेश्वरी फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी, उज्जैन, अमन गजभिये मेसन, बालाघाट, श्रुति विश्वकर्मा मैकेनिक, ट्रैक्टर, जबलपुर, अरविंद कुमरे मैकेनिक कम्प्यूटर हार्डवेयर, बैतूल, निकिता तायवड़े मैकेनिक कम्प्यूटर हार्डवेयर, बैतूल, अभिजीत सिंह सिसोदिया मिल्क एंड मिल्क प्रोडक्ट टेक्नीशियन, भोपाल और शिवम यादव स्टेनोग्राफर एंड सेक्रेटेरियल असिस्टेंट, खंडवा शामिल है। इन सभी प्रशिक्षार्थियों ने अपने कौशल, परिश्रम और संकल्प से प्रदेश को गौरवान्वित किया। प्रदेश के सभी 280 शासकीय आईटीआई में आज कौशल दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया तथा प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया। इस अवसर पर आईटीआई स्तर पर सभी ट्रेड्स के टॉपर प्रशिक्षार्थियों को सम्मानित किया गया। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की शासकीय एकलव्य महिला आईटीआई की छात्रा कु. त्रिशा तावड़े ने 1200 में से 1187 अंक प्राप्त कर सेंट्रल जोन में प्रथम स्थान हासिल किया और मध्यप्रदेश की एकमात्र प्रशिक्षणार्थी के रूप में राष्ट्रीय मेरिट सूची में नाम दर्ज कर जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया। बैतूल के ग्राम भड़ूस की इस संघर्षशील छात्रा के पिता श्री अजय तावड़े बस ड्राइवर हैं और मां श्रीमती सुशीला तावड़े गृहणी हैं। बड़ी बहन कु. एकता तावड़े भी आईटीआई बैतूल की टॉपर रह चुकी हैं और वर्तमान में रेलवे में एप्रेंटिस के रूप में कार्यरत हैं। आईटीआई बैतूल के प्राचार्य ने बताया कि सत्र 2024-25 में मैकेनिक कंप्यूटर हार्डवेयर ट्रेड में छात्र अरविंद कुमरे ने पुरुष वर्ग और छात्रा कु. निकिता तायवड़े ने महिला वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप छात्राओं की उन्नति और कौशल प्रशिक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। महिला आईटीआई बैतूल में कौशल विकास विभाग के तहत 'हुनर पहल' कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण एवं कौशल विकास के लिए कम्युनिकेशन स्किल, सॉफ्ट स्किल, इंग्लिश स्पीकिंग प्रशिक्षण सहित हार्टफुलनेस ध्यान, व्यक्तित्व विकास शिविर और हेल्थ क्लब गतिविधियों में योग व कराटे प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आईटीआई बैतूल की छात्राओं को न केवल प्रदेश में बल्कि देश-विदेश में रोजगार पाने के अवसर मिल रहे हैं। पिछले वर्ष 85 से अधिक छात्राएं बेंगलुरु, हैदराबाद और भोपाल की कंपनियों में नौकरी के लिए चयनित हुईं, वहीं इस वर्ष 45 छात्राएं टाटा इलेक्ट्रॉनिक होसुर तमिलनाडु और 9 छात्राएं प्रतिभा सिंटेक्स पीतमपुर जा चुकी हैं।  

राज्यपाल ने प्रदान किए हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि भाषा एक संपूर्ण संस्कृति है। यह भावों की अभिव्यक्ति के साथ व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में सहायक होती है। व्यक्ति को सरल, सहृदय और संवेदनशील बनाती है। राज्यपाल श्री पटेल मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के लिए प्रचार समिति द्वारा स्थापित पुरस्कारों से लेखकों, प्रशासनिक अधिकारियों, हिन्दी सेवा साधकों और युवा साहित्यकारों को सम्मानित किया और बधाई दीं। समारोह का आयोजन हिन्दी भवन में किया गया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हिन्दी की लोकप्रियता भारत के साथ संपूर्ण विश्व में बढ़ी है। मोदी जी जब विश्व मंचों पर हिंदी में अपनी बात रखते हैं तो सम्पूर्ण विश्व बड़े ध्यान से सुनता है। उन्होंने कहा कि गैर हिन्दी राज्यों और सरकारी नीतियों में भी विगत वर्षों से हिन्दी का प्रसार तेजी से हो रहा है। वर्ष 2023 में फिजी में विश्व हिन्दी सम्मेलन में दुनिया भर के 50 देशों का शामिल होना, प्रधानमंत्री जी के इन्हीं प्रयासों का सुखद प्रतिफल है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के अध्ययन-अध्यापन और प्रोत्साहन के लिए विशेष प्रावधान, प्रधानमंत्री जी के संकल्पों की सिद्धि की पहल है। प्रदेश सरकार ने भी हिन्दी विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने इंजीनियरिंग और चिकित्सा जैसे तकनीकी, वैज्ञानिक विषयों का हिन्दी में अध्ययन-अध्यापन की अनुकरणीय और सराहनीय पहल की है। हिन्दी प्रसार की भ्रामक शंकाओं और चिंताओं को दूर करने के प्रयासों का करें नेतृत्व राज्यपाल श्री पटेल ने कहा है कि विश्व मंच पर भारतीय भाषाओं का सम्मान और अधिक बढ़ाने के लिए हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं में समन्वय की आवश्यकता है। आप सम्मानित और सभी गैर हिन्दी भाषियों से मेरा अनुरोध है कि हिन्दी और अहिन्दी भाषियों के संवाद सूत्र बनकर, हिन्दी के प्रसार की भ्रामक शंकाओं और चिंताओं को दूर करने के प्रयासों का नेतृत्व करें। उन्होंने कहा कि अहिन्दी भाषी स्वामी दयानंद, महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हिन्दी के सामर्थ्य के द्वारा हमारी सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में पिरोने में सफलता प्राप्त की है। विभिन्न श्रेणियों में प्रदान किए गए हिन्दी सेवी सम्मान राज्यपाल श्री पटेल ने समारोह में हिन्दी सेवी सम्मान प्रदान किया। उन्होंने  विभिन्न  श्रेणियों में साहित्यकारों, प्रशासनिक अधिकारियों, हिन्दी सेवा साधकों और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इसी प्रकार समिति द्वारा स्थापित विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए गए । राज्यपाल श्री पटेल ने मां सरस्वती का पूजन और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्यपाल श्री पटेल का प्रचार समिति ने पुष्प-गुच्छ से स्वागत, शॉल और श्रीफल से अभिनंदन किया। स्वागत उद्बोधन प्रचार समिति के संपादक और मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. मनोज श्रीवास्तव ने दिया। श्री रघुनंदन शर्मा ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। आभार समिति की उपाध्यक्ष डॉ रंजना अरगढ़े ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में श्री महेश सक्सेना, सम्मानित लेखक, साहित्यकार और उनके परिजन उपस्थित रहे। 

शीश महल में नया चेहरा: सरकारी अतिथि गृह और सार्वजनिक कैफेटेरिया जल्द खुलने वाला

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित विवादास्पद सरकारी आवास, जिसे 'शीश महल' के नाम से जाना जाता है, अब एक नए स्वरूप में नजर आएगा। दिल्ली की भाजपा सरकार ने इस बंगले को एक राजकीय अतिथि गृह (स्टेट गेस्ट हाउस) में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। इस अतिथि गृह में आम जनता के लिए एक फूड आउटलेट (भोजनालय) भी खोला जाएगा। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने शनिवार को इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सिविल लाइंस स्थित इस बंगले को एक सार्वजनिक सुविधा केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव लगभग अंतिम चरण में है। योजना के अनुसार, परिसर में एक कैफेटेरिया स्थापित किया जाएगा, जहाँ अन्य राज्यों के भवनों की तरह पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे और यह सुविधा आम लोगों के लिए उपलब्ध होगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "सरकार बंगला नंबर 6 को राजकीय अतिथि गृह में बदलने के निर्णय के करीब है। इसका उपयोग अन्य राज्यों के अतिथि गृहों की भांति ही किया जाएगा, जहाँ बैठकें आयोजित हो सकेंगी और प्रशिक्षण कार्यशालाओं के लिए आने वाले अधिकारी व मंत्री भुगतान के आधार पर ठहर सकेंगे।" इस प्रस्ताव के तहत परिसर में पार्किंग स्थल, प्रतीक्षा कक्ष और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी निर्माण किया जाएगा। हालांकि, इस योजना को अभी उच्च अधिकारियों से अंतिम मंजूरी मिलनी शेष है। फिलहाल, इस बंगले के रखरखाव के लिए लगभग 10 कर्मचारियों की एक टीम तैनात है, जो नियमित रूप से साफ-सफाई और विद्युत उपकरणों का संचालन सुनिश्चित करती है। गौरतलब है कि यह बंगला अपने नवीनीकरण में हुए कथित अत्यधिक खर्च और अनियमितताओं को लेकर भ्रष्टाचार के आरोपों के केंद्र में रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाते हुए 'शीश महल' की संज्ञा दी थी। वर्ष 2022 में, दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बंगले के नवीनीकरण में हुई कथित अनियमितताओं और अत्यधिक लागत की जांच भी शुरू की थी। सरकार के इस नए कदम को उस विवादित अध्याय को समाप्त कर संपत्ति का सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित करने की एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।  

राहुल का विदेशी मंचों पर भरोसा BJP के लिए सिरदर्द, ‘भारत-विरोधी संस्कारों’ का आरोप

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने शनिवार को कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का भारत की धरती से अधिक भरोसा विदेशी मंचों पर जताना उनके ‘भारत-विरोधी संस्कारों’ को दर्शाता है। सचदेवा ने एक्स पोस्ट में राहुल गांधी के हालिया बयानों की आलोचना करते हुए लिखा कि लोकतंत्र पर भाषण देने से पहले उन्हें अपनी पार्टी का इतिहास देखना चाहिए। इमरजेंसी की याद आज भी भारत की आत्मा में जिंदा है। भारत को कमजोर बताने वाले आपके बयान हर देशवासी के आत्मसम्मान पर प्रहार हैं।  सचदेवा ने कहा कि भारत आज आत्मविश्वास के साथ विश्व मंच पर खड़ा है, लेकिन राहुल उस आत्मविश्वास को तोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक मतभेद से आगे बताते हुए कहा, “यह विरोध नहीं, वतन से वैर है; यह राजनीतिक मतभेद नहीं, बल्कि मानसिक दिवालियापन है।” भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सचदेवा ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में विरोध जरूरी है, लेकिन देश की बदनामी कतई स्वीकार्य नहीं। बार-बार भारत की धरती से ज्यादा भरोसा विदेशी मंचों पर जताना आपके भारत-विरोधी संस्कारों की निशानी है। आप अब अपमान के प्रतीक बन चुके हैं।