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राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अनिल जोशी का कांग्रेस में शामिल होना लगभग तय

पंजाब  पंजाब की राजनीति में एक और बड़ा फेरबदल होने वाला है। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के वरिष्ठ नेता और अमृतसर (उत्तर) से दो बार विधायक रह चुके अनिल जोशी जल्द कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। जानकारी के अनुसार, उन्होंने हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा जाहिर की। माना जा रहा है कि इसका औपचारिक ऐलान जल्द किया जाएगा। अनिल जोशी ने 20 नवम्बर 2024 को अकाली दल से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, जून 2025 में लुधियाना (पश्चिम) उपचुनाव के समय वे दोबारा अकाली दल में लौट आए। इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में उन्होंने अमृतसर से अकाली दल के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले, 2007 से 2017 तक जोशी भाजपा के टिकट पर अमृतसर (उत्तर) से लगातार दो बार विधायक रहे। साल 2021 में किसानों के आंदोलन के दौरान भाजपा की नीतियों की आलोचना करने पर उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अकाली दल का दामन थाम लिया। जोशी 2012 से 2017 तक अकाली-भाजपा सरकार में स्थानीय निकाय तथा चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान मंत्री भी रह चुके हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अनिल जोशी का कांग्रेस में शामिल होना अमृतसर और आसपास के इलाकों में पार्टी की स्थिति को मजबूत कर सकता है।

बालोद जिला बना देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला, सूरजपुर की 75 पंचायतें भी हुईं शामिल

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प – 2028-29 तक पूरा छत्तीसगढ़ होगा बाल विवाह मुक्त बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास बालोद जिला बना देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला, सूरजपुर की 75 पंचायतें भी हुईं शामिल रायपुर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 27 अगस्त 2024 को शुरू किए गए “बाल विवाह मुक्त भारत” राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। राज्य का बालोद जिला पूरे देश का पहला जिला बन गया है, जिसे आधिकारिक रूप से बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा सकता है। बालोद जिले की सभी 436 ग्राम पंचायतों और 09 नगरीय निकायों को विधिवत प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। बालोद बना राष्ट्रीय उदाहरण विगत दो वर्षों में बालोद जिले से बाल विवाह का एक भी मामला सामने नहीं आया। दस्तावेजों के सत्यापन और विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब जिले के सभी पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त का दर्जा मिल गया है। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के साथ बालोद जिला पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन गया है। बालोद जिला कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय की सामूहिक भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने सभी पंचायतों और नगरीय निकायों को इस प्रयास में सक्रिय सहयोग देने के लिए धन्यवाद भी दिया। सूरजपुर की 75 ग्राम पंचायतें भी बाल विवाह मुक्त प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 75वें जन्मदिवस के अवसर पर सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया गया। विगत दो वर्षों में इन पंचायतों से भी बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। इसे राज्य सरकार ने सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। बाल विवाह उन्मूलन केवल सरकारी अभियान नहीं, सामाजिक परिवर्तन का संकल्प – मुख्यमंत्री श्री साय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बाल विवाह उन्मूलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हमारा लक्ष्य है कि चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2028-29 तक पूरे राज्य को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाए। यह केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अन्य जिलों में भी पंचायतों और नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिन जिलों में पिछले दो वर्षों में बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, वहां शीघ्र ही प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। समाज और सरकार की साझेदारी से संभव हुआ बाल विवाह उन्मूलन: महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि बालोद की यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि समाज और सरकार मिलकर कार्य करें तो बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। सूरजपुर की उपलब्धि भी इस दिशा में एक मजबूत कदम है। इस अभियान में यूनिसेफ का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है। संगठन ने तकनीकी सहयोग, जागरूकता कार्यक्रम और निगरानी तंत्र को मजबूत करने में मदद की। छत्तीसगढ़ की इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर एक मील का पत्थर माना जा रहा है। “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” को गति देने में यह उपलब्धि अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर सामुदायिक भागीदारी और शिक्षा को केंद्र में रखकर काम किया जाए तो देश से बाल विवाह जैसी कुप्रथा का पूर्ण उन्मूलन संभव है। राज्य सरकार अब चरणबद्ध तरीके से अन्य जिलों को भी बाल विवाह मुक्त बनाने की तैयारी कर रही है। 2028-29 तक पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य न केवल राज्य, बल्कि देश को बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प के और निकट ले जाएगा।

ग्राम कुरूवा को मिली नई सौगात, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया सामुदायिक भवन का लोकार्पण

रायपुर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा आज कबीरधाम जिले के ग्राम कुरूवा में पहुंचे और यहाँ नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। ग्रामीणों ने उनका हार्दिक स्वागत कर उपमुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने ग्रामीणों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं, शिकायतों और मांगों को विस्तार से सुना।  शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना है और इसके लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए गए। उन्होंने ग्रामीणों की सभी समस्याओं का नियमानुसार प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीणजनों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार गाँव, गरीब, किसान और आम जनता के जीवन स्तर को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर काम कर रही  है। उन्होंने कहा कि नया सामुदायिक भवन ग्रामीणों के सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण केन्द्र बनेगा और यह गाँव में बैठकों, कार्यक्रमों और सामूहिक गतिविधियों के लिए उपयोगी होगा।  शर्मा ने आगे कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाएँ अब सीधे गाँव-गाँव तक पहुँच रही हैं, और शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, पेयजल, कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कबीरधाम जिले के हर गाँव को योजनाओं का लाभ मिलेगा और ग्रामीणों का जीवन स्तर और बेहतर होगा। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन के पदाधिकारी, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

सांसद चौधरी जनहितकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के दिये निर्देश

रायपुर : सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में दिशा की बैठक संपन्न सांसद चौधरी जनहितकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के दिये निर्देश रायपुर महासमुंद लोकसभा सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में आज गरियाबंद जिले में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सम्पन्न हुई। सांसद श्रीमती चौधरी ने बैठक में शासन के जनहितकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करने एवं समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार और केन्द्र सरकार प्रदेश के दूरस्थ अंचलों के प्रत्येक व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की दिशा में कार्यरत है। क्षेत्र के विकास के लिए हम सभी जनप्रतिनिधियों को भी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में भागीदार होना होगा। योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ ही पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास करना चाहिए। समीक्षा के दौरान सांसद श्रीमती चौधरी ने अधूरे सड़क निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अन्य शासन की अन्य विभागों की प्रगति की भी समीक्षा की।      बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मनरेगा, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रमीण, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, खनिज, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम कार्यक्रम, पशुपालन, समेकित बाल विकास योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, राष्ट्रीय भू-रिकार्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम विकास योजना, एकीकृत विद्युत विकास, डिजिटल इंडिया, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, खेल, मत्स्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं खाद्य सुरक्षा क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन एवं लाभान्वित स्थिति के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।         बैठक में मौजूद राजिम विधायक श्री रोहित साहू ने कहा कि हम सभी का मुख्य उद्देश्य यह होना चाहिए कि अधिक से अधिक नागरिकों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को पहुंचाए ताकि अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति को अधिकतम लाभ प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि विकास कार्य केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहें, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों तक भी इसकी पहुंच सुनिश्चित होनी चाहिए।  बैठक में राजिम विधायक श्री रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप, नगर पालिका परिषद गरियाबंद के अध्यक्ष श्री रिखीराम यादव, कलेक्टर श्री बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा, वनमण्डलाधिकारी श्री शशिगानंदन के., उप निदेशक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व श्री वरूण जैन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चन्द्राकर, अपर कलेक्टर श्री पंकज डाहिरे, श्री नवीन भगत और विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी सहित दिशा समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।

रायपुर: सांसद मती चौधरी का निर्देश – सड़क दुर्घटनाएं रोकने सुधार कार्य हों तेज

रायपुर : दुर्घटना कम करने सड़कों पर करें सुधारात्मक कार्य: सांसद श्रीमती चौधरी सांसद श्रीमती चौधरी ने ली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने के दिए निर्देश रायपुर महासमुंद लोकसभा सांसद श्रीमती चौधरी की अध्यक्षता में आज गरियाबंद जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले से होकर गुजरने वाली राष्ट्रीय सड़क मार्ग और राज्यकीय सड़क मार्ग के साथ-साथ ग्रामीण तथा वनांचल सड़कों में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गहन विचार-विमर्श किया गया।  सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए विभिन्न सड़कों पर ब्लैक स्पाट एवं दुर्घटनाजन्य स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर सुधारात्मक कार्य करें। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन कराने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाए। सड़कों पर अवैधानिक अतिक्रमण एवं ड्रायविंग से विचलित करने वाले होर्डिंग को हटाने की कार्यवाही करे, इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी, जिससे लोगों की जिन्दगी को बचाए जा सकते हैं। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने एवं लोगों को जागरूक करने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए। जिससे कि आम नागरिक इससे प्रेरित हो और वे लोग भी हेलमेट का उपयोग करे।     सांसद श्रीमती चौधरी ने जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सहायक सड़कों के दुर्घटनाजन्य वाले स्थानों को चिन्हित कर आवश्यक स्थानों पर साइन बोर्ड लगाने, रेडियम लगाने, रात्रि में अंधेरे की वजह से हो रही दुर्घटनाओं वाले स्थानों में प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा। सांसद ने स्कूली वाहनों एवं यात्री बसों में सड़क सुरक्षा मानकों का गंभीरता से पालन कराने के लिए कहा। बसों की समय समय पर फिटनेस जांच अनिवार्य रूप से किया जाए साथ ही इन वाहनों में ओवर स्पीडिंग एवं ओवर लोडिंग के प्रकरण में परिवहन विभाग को कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक श्री राखेचा ने कहा कि यातायात नियमों का पालन एवं सड़क दुर्घटना पर रोक लगाने हेतु राष्ट्रीय राजमार्गाे को सहायक सड़कों से जोड़ने वाले जंक्शन पॉइंट पर गति अवरोध के लिए लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को चिन्हांकित स्थानों में आवश्यक कार्यवाही किया जाए। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करने एवं आमजनों से हेलमेट के उपयोग सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सड़क दुर्घटना रोकने, यातायात का उलंघन करने पर कार्यवाही, मालवाहक वाहनों में यात्री परिवहन न करने, नशे की हालत में वाहन न चलाने की समझाईश दी जा रही है और कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि स्कूल, कॉलेजों एवं हाट-बाजारों में जागरूकता अभियान एवं नुक्कट नाटक के माध्यम से सड़क सुरक्षा के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। विगत वर्षो की तुलना में इस वर्ष सड़क जागरूकता के आयोजन होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। इस मौके पर सांसद श्रीमती चौधरी ने जिला पंचायत में पौधारोपण किया। बैठक में राजिम विधायक श्री रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप, कलेक्टर श्री बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा, वनमण्डलाधिकारी श्री शशिगानंदन के., उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक श्री वरूण जैन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रखर चन्द्राकर, परिवहन एवं पुलिस विभाग, जनप्रतिनिधि सहित विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

उपमुख्यमंत्री शर्मा माँ दुर्गा की महाआरती में शामिल हुए, भजन सेवा की, नवरात्र पर्व पर किया मंदिरों एवं पंडालों का दर्शन

रायपुर : श्रद्धा और शक्ति के प्रतीक नवरात्र में माँ दुर्गा की आराधना कर उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने दिया सद्भाव का संदेश उपमुख्यमंत्री  शर्मा माँ दुर्गा की महाआरती में शामिल हुए, भजन सेवा की, नवरात्र पर्व पर किया मंदिरों एवं पंडालों का दर्शन  नवरात्रि महापर्व पर कन्या पूजन कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की  रायपुर नवरात्रि के पावन पर्व पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री  विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के कवर्धा और आसपास के माँ दुर्गा मंदिरों व पंडालों में पहुंचें। उन्होंने यहां विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उपमुख्यमंत्री ने महाआरती में भाग लिया, श्रृंगार सामग्री अर्पित की और सेवा मंडली के साथ माता सेवा की। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने काली मंदिर, दंतेश्वरी मंदिर, चंडी मंदिर, परमेश्वरी मंदिर और ठाकुरपारा, कुम्हारपारा, राजमहल चौक, भोरमदेव रोड एवं सकरहा घाट में स्थापित दुर्गा पंडालों का दर्शन किया। उपमुख्यमंत्री ने दुर्गा उत्सव समितियों के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं से भेंटकर नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने छीरपानी कॉलोनी, माँ विंध्यवासिनी मंदिर, महामाया मंदिर और जनपद पंचायत कार्यालय के पास स्थित पंडालों में भी मां दुर्गा के दर्शन किए और बच्चों की खेल प्रतियोगिता में भाग लिया। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने वीर सावरकर सभागार, कवर्धा में आयोजित कन्या पूजन एवं भोजन कार्यक्रम में भी भाग लेकर बालिकाओं का पूजन किया और उन्हें भोजन कराया। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन नवरात्रि पर्व की आत्मा है और यह नारी शक्ति, मातृशक्ति एवं बालिकाओं के प्रति आदर-सम्मान का प्रतीक है। समाज में स्त्रियों का सम्मान और सशक्तिकरण ही वास्तविक प्रगति का मार्ग है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि शक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का पर्व है, जो हमें माता दुर्गा के विभिन्न रूपों की आराधना कर सकारात्मक प्रेरणा देता है। उपवास, साधना, कन्या पूजन और सामूहिक भक्ति समाज में भाईचारा, सद्भाव और सेवा का संदेश फैलाते हैं। उन्होंने सभी से नवरात्रि पर्व को श्रद्धा, भक्ति और आपसी सद्भाव के साथ मनाने की अपील की और प्रदेश की खुशहाली, शांति एवं समृद्धि की मंगलकामना की। इस अवसर पर  शर्मा ने सांसद  संतोष पाण्डेय, पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियराम साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष  पवन जायसवाल, जनपद अध्यक्ष मती गणपत सुषमा बघेल और जिला पंचायत सभापति  रामकुमार भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

नवा रायपुर के अटल नगर में अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन

रायपुर : छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री हुई 'स्मार्ट', नवा रायपुर में देश का पहला अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय शुरू नवा रायपुर के अटल नगर में अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया अध्याय: नवा रायपुर में देश का पहला स्मार्ट पंजीयन कार्यालय आज से शुरू मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी की पहल पर छत्तीसगढ़ बना नेशनल रोल मॉडल 15 से 20 मिनट में पूरी होगी पंजीकरण प्रक्रिया, एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से नागरिकों को मिलेगा आरामदायक अनुभव “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” मंत्र से साकार हुआ स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का सपना 117 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य मुफ्त वाई-फाई, डिजिटल डिस्प्ले, हेल्पडेस्क और कैशलेस भुगतान जैसी बड़ी क्रांतियों से बदलेगा रजिस्ट्री का अनुभव रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी की पहल पर, नवा रायपुर के अटल नगर में देश के पहले अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इस कार्यालय का उद्घाटन प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  अरुण साव द्वारा किया गया। इस अवसर पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल और  स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इस अवसर पर रायपुर की मती वीणा देवांगन ने सेल डीड कराई और डिजिटल भुगतान किया। उनकी रजिस्ट्री को उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा की उपस्थिति में कैशलेस भुगतान कराकर प्रदर्शित किया गया। पीपीपी मॉडल पर आधारित – रजिस्ट्री अब होगी तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक यह कार्यालय पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य नागरिक सेवाओं को तेज, पारदर्शी और आधुनिक मानकों के अनुरूप बनाना है। अब मकान, दुकान या जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए भीड़-भाड़ वाले सरकारी दफ्तरों में जाने की बजाय, नागरिक 12 से 15 मिनट में पासपोर्ट और एयरपोर्ट कार्यालय जैसे माहौल में अपनी रजिस्ट्री करा सकेंगे। आधुनिक सुविधाओं से लैस – नागरिकों को मिलेगा बेहतर अनुभव नए स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों को नागरिकों को सुखद और सुविधाजनक अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी मुख्य विशेषताओं में अत्याधुनिक और वातानुकूलित परिसर शामिल है, जहाँ नागरिक आराम से अपनी बारी का इंतजार कर सकेंगे। यहाँ फ्री वाई-फाई और चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं, ताकि लोग अपने समय का सदुपयोग कर सकें। क्यू-मैनेजमेंट सिस्टम और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड की मदद से लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा और दस्तावेज़ों व शुल्क की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। प्रशिक्षित हेल्पडेस्क स्टाफ हर कदम पर नागरिकों की सहायता करेंगे। स्वच्छ पेयजल और एयरपोर्ट-स्टाइल वाशरूम से स्वच्छता और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। 117 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य छत्तीसगढ़ सरकार ने अगले एक वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी 117 पंजीयन कार्यालयों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य रखा है। पहले चरण में 10 कार्यालयों को विकसित किया जा रहा है, जिनमें से नवा रायपुर का यह कार्यालय पूरी तरह तैयार हो चुका है। इस मॉडल की सफलता को देखते हुए भारत सरकार भी इसी तर्ज पर देशभर में पंजीयन कार्यालयों को विकसित करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि स्मार्ट पंजीयन कार्यालय प्रदेश में सुशासन और नागरिक सुविधाओं के नए युग की शुरुआत है। यह पहल छत्तीसगढ़ को एक कल्याणकारी राज्य के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि नागरिक सुविधा ही सुशासन का मूल आधार है। उप मुख्यमंत्री द्वय ने इस मौके पर विभागीय मंत्री एवं वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में नागरिक सुविधाओं का एक नया मॉडल है। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यालय में इतनी अत्याधुनिक सुविधाएँ निश्चित ही छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलाव और सुशासन की नई दिशा को दर्शाती हैं। वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि नागरिक सेवाएँ हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और स्मार्ट पंजीयन कार्यालय सरकार की सुशासन तथा नागरिक सुविधा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह राज्य न केवल पंजीयन सेवाओं में बल्कि अन्य नागरिक सेवाओं में भी देश का नेतृत्व करेगा। स्मार्ट पंजीयन कार्यालय नागरिकों के जीवन में सहजता, पारदर्शिता और विश्वास लाएँगे तथा सुशासन की एक नई पहचान स्थापित करेंगे।

मुख्यमंत्री ने जगद्गुरू रामभद्राचार्य के दर्शन कर लिया आशीर्वाद, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कोरबा में  राम कथा महोत्सव में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने जगद्गुरू  रामभद्राचार्य के दर्शन कर लिया आशीर्वाद, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की मुख्यमंत्री ने भवानी मंदिर स्थल का नामकरण कौशल्या धाम करने की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कोरबा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान कोरबा नगरीय क्षेत्र स्थित भवानी मंदिर परिसर में आयोजित  राम कथा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने परिसर में राम कथा वाचन हेतु पधारे   1008 जगद्गुरू  रामभद्राचार्य के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने महोत्सव में आए श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सभी को नवरात्रि एवं दशहरा पर्व की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि जगद्गुरू के कोरबा आगमन से ऊर्जाधानी की यह धरती धन्य हो गई है और उनका आशीर्वाद प्रदेशवासियों पर सदैव बना रहेगा।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन माटी माता कौशल्या का मायका है तथा हमारे आराध्य भगवान  राम का ननिहाल भी। यहां प्रभु  राम ने माता सीता एवं भाई लक्ष्मण के साथ अपने वनवास के दौरान अधिकांश समय व्यतीत किया।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में मोदी की गारंटी को पूरा करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। आने वाले दिनों में हमारा राज्य विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया है। प्रदेश में नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हमारे बहादुर जवान साहसपूर्वक नक्सलियों का मुकाबला कर रहे हैं और हमें लगातार सफलता प्राप्त हो रही है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु  राम के दर्शन का लाभ प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय भवानी मंदिर स्थल का नामकरण कौशल्या धाम करने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने भवानी मंदिर एवं नव-निर्मित कौशल्या धाम मंदिर पहुँचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली, शांति एवं समृद्धि की मंगल कामना की। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच माता भवानी की प्रतिमा पर नारियल, पुष्प, चंदन एवं फल अर्पित कर आरती की। मुख्यमंत्री  साय ने नव-निर्मित कौशल्या धाम मंदिर में माता कौशल्या की मूर्ति का नमन किया। इस मंदिर में माता कौशल्या की गोद में बाल रूप में भगवान  राम की भव्य प्रतिमा स्थापित है, जो मंदिर का मुख्य आकर्षण है। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का अवलोकन कर निर्माण कार्य की सराहना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं से भेंट कर उनका हालचाल जाना। स्थानीय श्रद्धालु एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री  साय का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ओपन थियेटर मैदान में रामलीला महोत्सव में हुए शामिल मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कोरबा प्रवास के दौरान शहर के घंटाघर ओपन थिएटर मैदान में आयोजित रामलीला महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने नगरवासियों को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं तथा सभी के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि पर्व हमें शक्ति, भक्ति और सद्भाव का संदेश देता है। इन नौ दिनों में हम माता के नौ रूपों की आराधना करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति को रामलीला महोत्सव के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलीला हमारे जीवन मूल्यों और आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि रामलीला देखकर बचपन की स्मृतियाँ ताज़ा हो गईं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय एवं अन्य अतिथियों का स्वागत राम दरबार की प्रतिकृति, शॉल एवं फल भेंट कर किया गया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, महापौर मती संजू देवी राजपूत सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

अब MP के नगर निगम में चेक होगा हर कर्मचारी का समय, फेस अटेंडेंस व्यवस्था जल्द लागू

भोपाल इंदौर की तर्ज पर मध्य प्रदेश के सभी नगर निगमों में फेस अटेंडेंस (चेहरे से उपस्थिति) व्यवस्था लागू की जाएगी। इसको लेकर अब नगरीय विकास एवं आवास विभाग नगर निगमों को पत्र लिखेगा। दरअसल, निगमों में कर्मचारियों की सेवाओं को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि रिकॉर्ड में कर्मचारी सेवारत है लेकिन वे ड्यूटी पर कभी-कभार ही आते हैं। प्रत्येक कर्मचारी की फेस अटेंडेंस व्यवस्था कई कर्मचारी तो निगम के रिकार्ड में होकर मंत्री और अधिकारियों के बंगलों पर सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में अब नगरीय विकास एवं आवास विभाग यह अनिवार्यता करने जा रहा है कि निगम के अधिकारियों से लेकर प्रत्येक कर्मचारी की फेस अटेंडेंस व्यवस्था की जाए। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल की चोरी रोकने के लिए भी व्यवस्था का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा।   नगरीय निकायों में भी लागू कराया बिजली, ईंधन और स्थापना व्यय की बचत के लिए भी कार्ययोजना बनाई जा रही है। बता दें कि नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय में भी फेस अटेंडेंस व्यवस्था लागू है। नगर निगम के बाद नगरीय निकायों में भी इसे लागू कराया जा रहा है। अधिकांश नगर निगमों में फेस अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई है। अब तक 70 हजार कर्मचारी इसके दायरे में लाए जा चुके हैं। इसके अलावा कर्मचारी जहां है उसे अपने मोबाइल से आन ड्यूटी उपस्थित दर्ज करना अनिवार्य है। इंदौर में यह प्रयोग सफल रहा है। इससे फर्जी लोग कम हो जाएंगे और समय पर वेतन मिलेगा। – संकेत भोंडवे, आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास  

मध्यप्रदेश सरकार का स्पष्टीकरण: ओबीसी आरक्षण पर दाखिल हलफनामे की स्थिति स्पष्ट

भोपाल     राज्य शासन के संज्ञान में यह आया है कि कतिपय शरारती तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर यह कहते हुए कुछ टिप्पणियां/सामग्री वायरल की जा रही है कि वह टिप्पणियां माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत मध्यप्रदेश शासन के ओबीसी आरक्षण से संबंधित प्रकरण के हलफनामे का भाग है।     शासन द्वारा उक्त शरारती सामग्री का गंभीरता से परीक्षण कराया गया है I माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष पिछड़ा वर्ग आरक्षण के प्रचलित प्रकरण में अभिलेख के प्रारंभिक परीक्षण से यह तथ्य सामने आया है कि उल्लेखित सोशल मीडिया की टिप्पणियां एवं कथन पूर्णतः असत्य, मिथ्या एवं भ्रामक है एवं दुष्प्रचार की भावना से किए गए हैं।     यह स्पष्ट किया जाता है कि वायरल की जा रही सामग्री मध्यप्रदेश शासन के हलफनामे में उल्लेखित नहीं है एवं ना ही राज्य की किसी घोषित या स्वीकृत नीति अथवा निर्णय का भाग हैं ।     प्रथम दृष्टया यह ज्ञात हुआ है कि वस्तुतः उल्लेखित सामग्री मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, अध्यक्ष श्री रामजी महाजन द्वारा प्रस्तुत अंतिम प्रतिवेदन (भाग-1) का हिस्सा हैं। उक्त आयोग का गठन दिनांक 17-11-1980 को किया गया था। आयोग द्वारा दिनांक 22-12-1983 को अपना अंतिम प्रतिवेदन तत्कालीन राज्य शासन को प्रेषित किया था।     राज्य शासन ने माननीय उच्चतम न्यायालय में ओबीसी आरक्षण संबंधित प्रकरण में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के विभिन्न प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किए हैं, जो शासन के अभिलेखों में सुरक्षित हैं। इन प्रतिवेदनों में महाजन आयोग की रिपोर्ट के साथ-साथ 1994 से 2011 तक के वार्षिक प्रतिवेदन तथा वर्ष 2022 का राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का प्रतिवेदन भी सम्मिलित है।     महाजन आयोग का उक्त प्रतिवेदन माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष भी अभिलेख का भाग रहा है। अतः माननीय उच्चतम न्यायालय में भी उक्त प्रतिवेदन स्वतः ही न्यायिक अभिलेख का हिस्सा है।     मध्यप्रदेश सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ एवं सामाजिक सद्भावना के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। शासन स्पष्ट करता है कि वायरल की जा रही सामग्री शासन के हलफनामे में उल्लेखित नहीं है एवं ना ही राज्य शासन के किसी स्वीकृत या आधिकारिक नीति या निर्णय का हिस्सा है। यह उल्लेखनीय है कि महाजन रिपोर्ट में 35% आरक्षण की अनुशंसा की गई थी, जबकि राज्य शासन ने 27% आरक्षण लागू किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य शासन का निर्णय महाजन रिपोर्ट पर आधारित नहीं है।     भारतवर्ष में आरक्षण को लेकर विभिन्न विशेषज्ञ समितियों के प्रतिवेदन, समय-समय पर गठित आयोग के रिपोर्ट एवं वार्षिक प्रतिवेदन तथा अन्य आधिकारिक सामग्री जो पूर्व से ही शासकीय अभिलेखों का भाग है एवं विभिन्न प्रकरणों में अभिलेखों का भी भाग है, माननीय न्यायालय के समक्ष हमेशा से प्रस्तुत की जाती रही हैं I     ऐसे एकेडमिक विश्लेषण एवं समय-समय पर गठित विभिन्न विशेषज्ञ समितियों के अत्यंत विस्तृत प्रतिवेदनों एवं रिपोर्ट के किसी एक भाग को, बिना किसी संदर्भ के स्पष्ट किए सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार के रूप में प्रस्तुत किया जाना एक निंदनीय प्रयास है I इसके संबंध में राज्य शासन द्वारा गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।