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पेंशन बकाया मामले में सख्ती, पंजाब हाईकोर्ट ने DEO और बैंक अधिकारियों की सैलरी रोकी

चंडीगढ़. चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा कोर्ट में एक अनोखा मामला सामने आया है. जगदीश राज अरोड़ा नाम के व्यक्ति ने अपनी दिवंगत पत्नी सुदर्शन कुमारी की पेंशन के बकाया भुगतान के लिए वर्ष 2023 में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. सुदर्शन कुमारी गुरदासपुर-द्वितीय में ब्लाक प्राथमिक शिक्षा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुई थीं. याचिकाकर्ता के मुताबिक उनकी पत्नी की पेंशन का बकाया करीब वर्ष 2007 से लंबित है. करीब डेढ़ दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ. इस दौरान अरोड़ा सरकारी कार्यालयों और बैंक के चक्कर लगाते रहे. मामले में संबंधित विभाग और बैंक एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे, लेकिन बकाया राशि का समाधान नहीं हो सका. विभाग और बैंक देते रहे अलग-अलग दलील सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने यह स्पष्ट हुआ कि याचिकाकर्ता के पेंशन बकाये के अधिकार को लेकर कोई विवाद नहीं है. गुरदासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से बताया गया कि अकाउंटेंट जनरल, पंजाब के कार्यालय ने 24 सितंबर 2012 को जिला कोषाधिकारी को पत्र भेजा था. विभाग के अनुसार बैंक ऑफ इंडिया ने इस निर्देश को लागू नहीं किया. दूसरी ओर बैंक की ओर से दलील दी गई कि जिला कोषाधिकारी की ओर से आवश्यक अनुपालन नहीं किए जाने के कारण बकाया पेंशन जारी नहीं हो सकी. इस तरह भुगतान की जिम्मेदारी को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप चलता रहा. हाई कोर्ट ने अधिकारियों के वेतन पर लगाई रोक मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति कुलदीप तिवारी ने सख्त टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि 80 वर्षीय याचिकाकर्ता अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में हैं और इसके बावजूद उन्हें अपने जायज हक के लिए लंबे समय तक भटकना पड़ा. कोर्ट ने पंजाब के स्कूल शिक्षा विभाग और वित्त विभाग के सचिवों को निर्देश दिया कि गुरदासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी और जिला कोषाधिकारी अदालत की पूर्व अनुमति के बिना अपना वेतन नहीं निकाल सकेंगे. इसके साथ ही बैंक ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक को भी निर्देश दिया गया कि संबंधित वरिष्ठ प्रबंधक और शाखा प्रबंधक कोर्ट की अनुमति के बिना अपना वेतन नहीं निकाल सकेंगे. हाई कोर्ट ने यह कदम तब तक प्रभावी रखने का निर्देश दिया है, जब तक पेंशन के बकाये से जुड़ा मामला प्रभावी तरीके से हल नहीं हो जाता.

चक्रधर समारोह में आज सजेगी संगीत की महफिल, अमित साना करेंगे परफॉर्म

रायपुर. रायगढ़ में आज 41वें चक्रधर समारोह की सांस्कृतिक संध्या सजेगी, जिसमें कथक, शास्त्रीय नृत्य और ओडिशा की पारंपरिक गोटीपुआ नृत्य शैली की प्रस्तुतियां होंगी. शाम 4.45 बजे से शुरू होने वाले कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों के साथ इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के 10 सदस्यीय दल और पद्मश्री पंडित रामलाल बरेठ के निर्देशन में कथक की विशेष प्रस्तुति होगी. वहीं रात 9 बजे से इंडियन आइडल फेम अमित साना अपने 10 सदस्यीय संगीत दल के साथ सुरों की महफिल सजाएंगे, जिसके साथ 20 सितंबर की सांस्कृतिक संध्या का समापन होगा. आज भव्य पारणा महोत्सव रायपुर. विमलनाथ जैन मंदिर ट्रस्ट एवं अद्भुत चातुर्मास समिति द्वारा गुरुवर्या साध्वी सिद्धांत ज्योतिश्री एवं साध्वीवृंदों की निश्रा में चल रहे चातुर्मास महोत्सव के अंतर्गत 20 सितंबर को गुरुवर्याश्री के 89वें वर्धमान ओली तप का भव्य पारणा महोत्सव आयोजित किया जाएगा. प्रातः 8 बजे पारणा कार्यक्रम प्रारंभ होगा तथा प्रातः 9:30 बजे से 108 जोड़ों द्वारा 20 स्थानक की भव्य पूजा होगी. रायपुर में पहली बार इतनी भव्य 20 स्थानक पूजा बिना किसी नकराना (शुल्क) के आयोजित की जा रही है. श्रद्धालुओं को केवल पूजा के वस्त्रों में आना होगा, शेष समस्त व्यवस्था ट्रस्ट एवं समिति द्वारा की जा रही है. इस पुनीत प्रसंग पर सुबह 8 बजे हीरसूरी भवन, अरिहंत हाईट से राजेश सिंघी भवन तक शोभायात्रा निकाली जाएगी.

मंदसौर में दर्दनाक हादसा, ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़ा मिनी ट्रक; महिला और बच्ची की गई जान

मंदसौर. महू-नीमच राजमार्ग पर ग्राम लखमाखेड़ी के पास तेज गति से चला रहे मिनी ट्रक चालक ने मजदूरों से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली को टक्कर मार दी। ट्रॉली पलटने से एक मासूम सहित दो की मौत हो गई। वही 17 लोग घायल हुए है। सभी का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। सभी मजदूर रेलवे ठेकेदार के यहां काम करते हैं और रात में मंदसौर से उज्जैन जा रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार शनिवार-रविवार की दरमियानी रात लगभग 2:30 बजे महू-नीमच राजमार्ग पर दलौदा तहसील के ग्राम लखमाखेड़ी के यहां ट्रैक्टर ट्राली को मिनी ट्रक के चालक ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर से ट्राली पलट गई। ट्राली में लगभग 20 लोग सवार थे इनमें मजदूरों के साथ उनके बच्चे भी थे। एक बालिका व महिला की मौके पर ही मौत हो गई। बाद में 17 घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। रावटी क्षेत्र से आए थे मजदूरी करने सभी मजदूर रतलाम जिले के रावटी क्षेत्र के रहने वाले हैं। यह रेलवे के ठेकेदार के साथ काम करते हैं औरमजदूरी के लिए मंदसौर आए थे। यहां से रात को उज्जैन जा रहे थे। तभी लखमाखेड़ी फंटे पर ट्रक ने ट्राली को पीछे से टक्कर मार दी। इन दोनों की हुई मौत     45 वर्षीय बसंती पत्नी घेरु निवासी किलसिया रावी     6 वर्षीय प्रियंका पुत्री नेमचंद निवासी मोटूगा यह सभी हुए घायल     18 वर्षीय कल्पना पुत्री विनोद निवासी रानीसिंह रावटी     22 वर्षीय सविता पत्नी राहुल निवासी रावटी     23 वर्षीय राहुल पुत्र संजय     14 वर्षीय नीरु पुत्र तेरसिंह     15 वर्षीय सुरपाल पुत्र तेरसिंह     8 वर्षीय सदेव पुत्र अब्बुलाल     18 वर्षीय चंचल पुत्र संजय     28वर्षीय सोनु पत्नी अब्बुलाल     4 वर्षीय कुशाल पुत्र राहुल     23 वर्षीय लीला पत्नी राहुल     5 वर्षीय आशा पुत्री राहुल     18 वर्षीय गोपाल पुत्र नानालाल     19 वर्षीय मनीष पुत्र संजय     10 वर्षीय पुजा पुत्री नेमचंद     7 वर्षीय करण पुत्र नेमचंद     30 वर्षीय पप्पूडीबाई पत्नी नेमचंद     35 वर्षीय शंकर पुत्र गमिया निवासी मोरटुका (ट्रैक्टर चालक)

माटी महोत्सव में सम्मानित हुईं मालिनी अवस्थी समेत कई हस्तियां, सम्राट चौधरी ने गिनाई बिहार की विरासत

पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को ऊर्जा आडिटोरियम में 9वें माटी-पूर्वांचल महोत्सव में शामिल हुए। माटी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पूर्वांचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कला, साहित्य, शिक्षा और सामाजिक योगदान को रेखांकित किया। सीएम ने कहा कि प्रदेश में बज्जिका, मगही, मैथिली, भोजपुरी और अंगिका जैसी भाषाएं बोली जाती हैं, जो राज्य की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती हैं। दोनों राज्‍यों की साझा संस्‍कृत‍ि से विकस‍ित भारत में दे रही योगदान मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पूर्वांचल को बिहार और उत्तर प्रदेश, दोनों के संदर्भ में देखते हैं। दोनों राज्यों की साझा सांस्कृतिक विरासत और मानवीय संसाधन देश को विकसित भारत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली लोक गायिका पद्मश्री से अलंकृत मालिनी अवस्थी, पूर्व क्रिकेटर सैयद सबा करीम, श्वेता सिंह, बैंक आफ बड़ौदा के एमडी ब्रजेश कुमार सिंह, पटना उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह, चिकित्सक डा. राजीव रंजन, शशांक कुमार तथा फुटबाल खिलाड़ी मधु कुमारी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि माटी महोत्सव के माध्यम से बिहार के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य किया जाना चाहिए। हमें अपनी माटी का फर्ज निभाना है और अपनी माटी का ऋण लौटाना है। महोत्सव में पूर्वांचल का खान-पान, लोकगीत-संगीत, मिलना-मिलाना, परिचर्चा और ''माटी सम्मान'' जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता को सामने लाता है। मौके पर कला एवं संस्कृति मंत्री डा. प्रमोद कुमार, सांसद व माटी संस्था के संरक्षक जगदम्बिका पाल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, माटी संस्था के संयोजक आसिफ आजमी, दानिश इकबाल आदि मौजूद रहे। मालिनी अवस्थी ने लोक गीतों से शाम को यादगार बना दी। नालंदा का रहा गौरवशाली इतिहास सीएम ने कहा कि बिहार की धरती ने देश और दुनिया को अनेक महान व्यक्तित्व दिए हैं। श्री गुरु गोविंद सिंह जी की जन्मभूमि, भगवान महावीर की कर्मभूमि और भगवान बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति से जुड़ी यह धरती अपनी समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा के लिए जानी जाती है। मोहनदास करमचंद गांधी की महात्मा की उपाधि भी बिहार की धरती से जुड़ी रही है। उन्होंने कहा कि नालंदा जाकर देखें तो हजारों वर्ष पूर्व बिहार की शिक्षा और ज्ञान की समृद्ध परंपरा का प्रमाण मिलता है। नालंदा विश्वविद्यालय दुनिया के प्रमुख प्रमुख शिक्षा केंद्रों में शामिल था। बिहार की संस्कृति और ज्ञान परंपरा कितनी व्यवस्थित और समृद्ध रही है, इसका अंदाजा नालंदा के गौरवशाली इतिहास से लगाया जा सकता है।  

पीडीए पूरी तरह ढकोसला, दलित महापुरुषों से चिढ़ते हैं अखिलेशः ओमप्रकाश राजभर

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के पीडीए के नारे को लेकर उन पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने तीखा हमला बोला है। सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि अखिलेश यादव का पीडीए पूरी तरह से ढकोसला है। अखिलेश कभी पीडीए को पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक बताते हैं। कभी पी से पंडित, डी से दलित और ए से अहीर कहते हैं। कभी ए से अल्पसंख्यक तो कभी आधी आबादी और कभी अगड़ा बता देते हैं। ‘अखिलेश दलितों से नफरत करते हैं, दलित महापुरुषों से बढ़ जाती है चिढ़’ ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव दलितों से नफरत करते हैं और दलितों के जो महापुरुष हैं, उनकी प्रतिमा देख कर वह बहुत ज्यादा चिढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि 2012 में अखिलेश यादव सरकार बनाए और 2017 तक देखा जाए तो समाजवादी पार्टी के गुंडों ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की असंख्य मूर्तियां तोड़ डालीं। राजभर ने कहा कि डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा सबसे ज्यादा समाजवादी पार्टी की सरकार में तोड़ी गईं। चाहे जौनपुर का मामला हो, मऊ का हो, सीतापुर हो या आजमगढ़… ऐसे तमाम जिले हैं जहां बाबा साहब की प्रतिमा तोड़ी गईं। ‘आगरा का मामला कौन भूल सकता है? दलित ग्राम प्रधान को पीट-पीटकर मार डाला’ ओमप्रकाश राजभर ने आगरा के एक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सपा सरकार में दलित ग्राम प्रधान को सपाइयों ने पीट-पीटकर मार डाला था। ग्राम प्रधान का कसूर यह था कि उन्होंने सपा को वोट नहीं दिया था। इसके लिए उनकी हत्या कर दी गई। राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग आंबेडकर जी के संबंध में अगर आंकड़े उठाकर देखेंगे तो अखिलेश राज में दलितों के ऊपर अत्याचार कई गुना बढ़ा था। बाबा साहब की प्रतिमा तोड़ने का रिकॉर्ड भी समाजवादी पार्टी की सरकार में ही सबसे ज्यादा रहा। ‘सपा के वोटर ही दलित अत्याचार में सबसे आगे’ ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि आज भी यूपी में दलित अत्याचार के मामले में यादव और मुस्लिम यानी सपा के वोटर ही सबसे आगे हैं। खुद अखिलेश यादव और उनका सैफई का कुनबा बसपा सुप्रीमो मायावती के लिए क्या विचार रखता है, यह किसी से छिपा नहीं है। लखनऊ के गेस्ट हाउस कांड में सपाई गुंडे मायावती की हत्या करना चाहते थे। संयोग से वहां बीजेपी के नेता पहुंच गए। बीजेपी के लोग नहीं होते तो शायद मायावती की हत्या कर दी जाती। किसी तरह से उनकी जान बची थी। ‘अखिलेश राज में दलित बेटियों पर जितना जुर्म हुआ, वो कौन नहीं जानता’ ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव दलित सम्मान की बात करते हैं, लेकिन उनके राज में दलित बेटियों के साथ जितना जुर्म हुआ वो कौन नहीं जानता है। उन्होंने कहा कि आज वक्त बदल गया है। योगी राज में दलित महापुरुषों को सम्मान मिल रहा है और दलित नायकों को नई पहचान मिल रही है। महापुरुषों के नाम पर बने पार्क में अगर प्रतिमा पुरानी हो गई है तो उसे बदलने, बाउंड्री कराने और सौंदर्यीकरण के अन्य काम के लिए सरकार ने अभी 500 करोड़ रुपये दिए हैं और सभी जगह काम चालू हो गया है। ‘नीला गमछा अखिलेश के लिए गले का फांस, लाल टोपी दिमाग पर’ ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के नीले गमछे पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव सोच रहे हैं कि बाबा साहब डॉ. आंबेडकर को आगे करके वोट ले लेंगे, लेकिन उनके गले का नीला गमछा ही उनके गले का फांस है। सिर पर लाल टोपी और गले में नीला गमछा 2 जून 1995 की घटना याद दिलाता है कि आपने मायावती के साथ गेस्ट हाउस कांड में सपा ने क्या किया था। ‘आरक्षण में प्रमोशन का आरक्षण खत्म किया, महापुरुषों के नाम के पार्क और जिले खत्म किए’ राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने आरक्षण में प्रमोशन का आरक्षण खत्म किया। दलित महापुरुषों बाबा साहब सहित अन्य के नाम से बने पार्क और जिले खत्म करने का काम अखिलेश यादव ने किया। दलितों के उत्थान और विकास के लिए महापुरुषों के नाम से बनी योजनाओं को भी खत्म करने का काम अखिलेश यादव ने किया। ‘आज योगी सरकार में सभी महापुरुषों का सम्मान सुरक्षित’ ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि आज सभी महापुरुषों का सम्मान योगी जी की सरकार में सुरक्षित है। कहीं कोई घटना नहीं हो पा रही है। महापुरुषों को लेकर आज की सरकार जो काम कर रही है, अगर ऐसी सोच सत्ता में रहते हुए अखिलेश जी के मन में पैदा हुई होती तो शायद कुछ कदम आगे बढ़ते। इसलिए जिस सोच को लेकर अखिलेश यादव चल रहे हैं, उस पर 2027 में एक बार फिर पानी फिर जाएगा।

हायर सेकंडरी विद्यालय बिलासपुर एवं हर्रवाह में सेवा संकल्प अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित

उमरिया  जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत शासकीय हायर सेकंडरी विद्यालय हर्रवाह एवं बिलासपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए भाषण एवं चित्रकला के माध्यम से अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का सुंदर प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। वहीं, शासकीय हायर सेकंडरी विद्यालय बिलासपुर में मुख्यमंत्री जी के द्वारा आयोजित स्कूटी वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी छात्र-छात्राओं एवं उपस्थितजनों द्वारा देखा गया। कार्यक्रम में भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष कमलेश गुप्ता, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष रवि शंकर सोनी, दोनों विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।  

‘Gen Z Against Drugs’ के समर्थन में इंद्रेश महाराज, युवाओं से की नशे से दूर रहने की अपील

चंडीगढ़. प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य इंद्रेश उपाध्याय महाराज जी ने वीडियो संदेश के माध्यम से नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘Gen Z Against Drugs’ अभियान का समर्थन किया है। उन्होंने चंडीगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों के युवाओं और नागरिकों से अपील की कि वे आज सेक्टर-17 प्लाजा, चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लें। अपने संदेश में पूज्य महाराज जी ने कहा कि युवा शक्ति ही देश का वर्तमान और भविष्य है। युवाओं को नशे जैसी बुराई से बचाना केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि जब युवा जागरूक और एकजुट होंगे, तभी नशे के खिलाफ चल रही इस लड़ाई को निर्णायक बनाया जा सकेगा। उन्होंने अभिभावकों, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और शिक्षण संस्थानों से भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

ओडिशा दौरे पर CM साय, प्रसिद्ध लिंगराज मंदिर में करेंगे दर्शन-पूजन

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रविवार 20 सितंबर को ओडिशा दौरे पर रहेंगे। सीएम के जारी कार्यक्रम के अनुसार उनका पूरा दिन धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में बीतेगा। मुख्यमंत्री रायपुर से भुवनेश्वर पहुंचेंगे। यहां वे प्रसिद्ध लिंगराज मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद पुरी पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करेंगे और श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम में शामिल होंगे। सुबह रायपुर से शुरू होगा सीएम का दौरा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुबह 9:50 बजे रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से कार के जरिए स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। करीब 10:10 बजे वे एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद सुबह 10:40 बजे इंडिगो की फ्लाइट से भुवनेश्वर के लिए रवाना होंगे। करीब 11:45 बजे मुख्यमंत्री भुवनेश्वर के बीजू पटनायक इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से वे कार के जरिए लोक भवन मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास जाएंगे। यहां दोपहर 1:30 बजे तक उनका आरक्षित कार्यक्रम रहेगा। भुवनेश्वर में लिंगराज मंदिर में करेंगे पूजा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर करीब 1:30 बजे भुवनेश्वर के प्रसिद्ध लिंगराज मंदिर पहुंचेंगे। यहां वे भगवान लिंगराज के दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे। मंदिर में कुछ समय रुकने के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे पुरी के लिए रवाना होंगे। पुरी पहुंचकर जगन्नाथ मंदिर में दर्शन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दोपहर करीब 3:30 बजे पुरी पहुंचेंगे। यहां मायफेयर होटल में उनका कुछ समय आरक्षित रहेगा। इसके बाद शाम 4:40 बजे वे भगवान जगन्नाथ मंदिर जाएंगे। जगन्नाथ मंदिर में मुख्यमंत्री दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। करीब 5:15 बजे वे मंदिर से निकलकर वापस होटल के लिए रवाना होंगे। श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम में होंगे शामिल शाम 5:25 बजे मुख्यमंत्री पुरी के होटल रुमानी पहुंचेंगे। यहां गोपाल बल्लभ रोड स्थित श्रीमद् भागवत कथा स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री रात में पुरी के मायफेयर होटल में रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन के कार्यक्रम के अनुसार उनका आगे का दौरा जारी रहेगा।

भागीरथपुरा हादसे का असर, भोपाल में 24 करोड़ की लागत से बिछेगी 66 KM नई पाइपलाइन

भोपाल. इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद अब शहर में उन पेयजल लाइनों को सीवेज और नालों से दूर करने का काम शुरू हो गया है, जहां दोनों लाइनें एक-दूसरे के करीब हैं या किसी जगह पर एक दूसरे को क्रॉस करती हैं। नगर निगम ने शहर के सभी 21 जोन में ऐसी लाइनों को चिह्नित कर करीब 24.73 करोड़ रुपये की लागत से 66.25 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। नगर निगम के 28 प्रोजेक्ट में से 21 में काम शुरू हो चुका है, जबकि सात प्रोजेक्ट में अभी काम शुरू नहीं हो सका है। निगम के अनुसार, जोन-तीन की 430 मीटर नई लाइन डाली जानी है, जिसका 90 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। जोन-13 के दोनों प्रोजेक्ट में 80-80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जोन-15 में 65 प्रतिशत, जोन-दो में 60 प्रतिशत और जोन-14 में 55 प्रतिशत काम हुआ है। जोन-16 में बदली जा रही सबसे लंबी पाइप लाइन सबसे लंबी पाइपलाइन में जोन-16 के अंतर्गत इंद्रपुरी और गोविंदपुरा क्षेत्र में तीन प्रोजेक्ट में सबसे अधिक 18.250 किलोमीटर लाइन बदली जानी है, इसमें से एक प्रोजेक्ट में 50 प्रतिशत काम बाकी है और शेष दो प्रोजेक्ट का काम अभी तक शुरू नहीं किया जा सका। जोन-17 में चार प्रोजेक्ट में 15.100 किलोमीटर क्षेत्र में लाइन बदली जा रही है। इसमें दो प्रोजेक्ट का काम ही शुरू नहीं हुआ। सात परियोजनाओं का काम नहीं हो सका शुरू शहर के पांच जोन की सात परियोजनाओं में अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। इनमें जोन-11 और जोन-12 में एक-एक परियोजना स्वीकृत है, जिनका काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है, जबकि जोन पांच की दो परियोजनाओं में से एक का काम शुरू होना बाकि है। जोन-16 की तीन परियोजनाओं में से दो और जोन-17 की चार परियोजनाओं में से दो का काम भी शुरू नहीं हो सका। इसके अलावा जोन-एक, सात और 21 के एक-एक प्रोजेक्ट पर काम तो शुरू हो गया है, लेकिन भौतिक प्रगति अभी प्रतिशत में दर्ज नहीं की गई है। 28 परियोजनाओं की स्थिति –     जोन – पाइपलाइन लंबाई – वर्तमान स्थिति     जोन-एक – 2,210 मीटर – काम शुरू     जोन-दो – 4,450 मीटर – 60 प्रतिशत काम पूरा     जोन-तीन – 430 मीटर – 90 प्रतिशत पूरा     जोन-चार – 3,080 मीटर – पांच प्रतिशत हो चुका     जोन-पांच – 1,150 मीटर – काम शुरू नहीं     जोन-पांच – 330 मीटर – पांच प्रतिशत पूरा     जोन-छह – 600 मीटर – 20 प्रतिशत काम जारी     जोन-सात – 1,350 मीटर – काम शुरू     जोन-आठ – 4,200 मीटर – 10 प्रतिशत पूरा     जोन-नौ – 1,280 मीटर – 10 प्रतिशत पूरा     जोन-10 – 965 मीटर – 15 प्रतिशत पूरा     जोन-11 – 1,220 मीटर – काम शुरू नहीं     जोन-12 – 3,080 मीटर – काम शुरू नहीं     जोन-13 – 1,204 मीटर – 80 प्रतिशत हो चुका     जोन-13 – 350 मीटर – 80 प्रतिशत हो चुका     जोन-14 – 1,435 मीटर – 55 प्रतिशत पूरा     जोन-15 – 890 मीटर – 65 प्रतिशत हो चुका     जोन-16 – 800 मीटर – 50 प्रतिशत पूरा     जोन-16 – 9,400 मीटर – काम शुरू नहीं     जोन-16 – 8,059 मीटर – काम शुरू नहीं     जोन-17 – 6,801 मीटर – काम शुरू नहीं     जोन-17 – 2,425 मीटर – 40 प्रतिशत पूरा     जोन-17 – 4,050 मीटर – काम शुरू नहीं     जोन-17 – 1,828 मीटर – 50 प्रतिशत पूरा     जोन-18 – 640 मीटर – 30 प्रतिशत पूरा     जोन-19 – 435 मीटर – 25 प्रतिशत पूरा     जोन-20 – 1,487 मीटर – पांच प्रतिशत हो चुका     जोन-21 – 2,110 मीटर – काम शुरू। फैक्ट फाइल 21 जोन में से 28 परियोजना के तहत बदली जानी है पाइप लाइन 66.25 किमी कुल पाइपलाइन बदलने का प्लान 21 परियोजनाओं का काम शुरू हो चुका 7 परियोजनाओं का काम शुरू नहीं हुआ 24.73 करोड़ रुपये की लागत से होना है काम सुरक्षित दूरी पर शिफ्ट किया जा रहा – जहां पेयजल लाइन सीवेज या नाले के संपर्क में आने की स्थिति में है, वहां उसे सुरक्षित दूरी पर शिफ्ट किया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में नई पाइपलाइन डाली जा रही है। इससे पेयजल और सीवेज नेटवर्क अलग रहेंगे और जलापूर्ति व्यवस्था को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। – उदित गर्ग, अधीक्षण यंत्री, नगर निगम।

योगी सरकार की पहल से मधुमक्खी पालन को बढ़ावा, किसानों और युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के रास्ते

लखनऊ योगी सरकार किसानों और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा उनकी आय बढ़ाने के लिए मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित कर रही है। उद्यान विभाग की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ किसानों को अतिरिक्त आय का माध्यम उपलब्ध हो रहा है। प्रदेश के तीन प्रमुख केंद्रों पर कुल 76 प्रशिक्षणार्थी 90 दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनमें बस्ती औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र में 15, सहारनपुर औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र में 29 तथा राजकीय मौनपालन प्रशिक्षण केंद्र प्रयागराज में 32 अभ्यर्थी शामिल हैं। प्रशिक्षण 15 दिसंबर तक चलेगा। इसका उद्देश्य अभ्यर्थियों को आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाकर सफल उद्यमी बनाना है। उद्यान निदेशक भानु प्रकाश राम ने बताया कि विभाग द्वारा संचालित मधुमक्खी पालन कार्यक्रम के अंतर्गत लाभार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इकाई लागत पर 40 प्रतिशत तक का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक लाभार्थी को 50 मौनवंशों (मधुमक्खी कालोनियों), मधुमक्खी गृहों (बक्सों) की एक पूर्ण इकाई स्थापित कराई जाती है, जिसमें शहद निष्कर्षण एवं रख-रखाव के लिए आवश्यक समस्त सहायक उपकरण भी शामिल हैं। प्रदेश सरकार की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसरों का सृजन हो रहा है। विभाग द्वारा दी जा रही इस वित्तीय सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से किसान न केवल शहद व सह-उत्पादों का उत्पादन कर बेहतर मुनाफा कमा सकेंगे, बल्कि परागण प्रक्रिया में वृद्धि होने से फसलों की उत्पादकता को भी नई गति मिलेगी।