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वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में राज्य स्तरीय वन्य-प्राणी सप्ताह-2025 का आयोजन एक से सात अक्टूबर तक किया जायेगा

रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 27 सितम्बर प्रथम आओ-प्रथम पाओ के आधार पर प्रतिभागियों को दिया जायेगा प्रवेश भोपाल  वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में राज्य स्तरीय वन्य-प्राणी सप्ताह-2025 का आयोजन एक से सात अक्टूबर तक किया जायेगा। राज्य स्तरीय वन्य-प्राणी सप्ताह में विभिन्न गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जायेगा। इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिये रजिस्ट्रेशन कराने की अंतिम तिथि 27 सितम्बर, 2025 है। राज्य स्तरीय वन्य-प्राणी सप्ताह में छात्र-छात्राओं के लिये गतिविधियों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जायेगा। इनमें 'चित्रकला, भारत के वन्य-जीव, उनका रहवास एवं आपसी संचार' विषय पर फोटो प्रदर्शनी प्रतियोगिता, पक्षी अवलोकन शिविर, जागरूकता के लिये सृजनात्मक कार्यशाला-सह-प्रतियोगिता, महाविद्यालयीन विद्यार्थी वाद-विवाद, तत्कालीन कहानी, कथा-वाचन, खजाने की खोज, मेहंदी, पॉम पेंटिंग, फोटोग्राफी, रंगोली, युवा संसद, रन फॉर वाइल्ड लाइफ, शिक्षक वाद-विवाद, रेस्क्यू एवं वन्य-जीव संरक्षण तथा अनुश्रवण के उपकरणों से संबंधित कार्यशाला, वाइल्ड लाइफ एण्ड नेचर एक्सपो, विद्यालयीन वाद-विवाद प्रतियोगिता, मानव-वन्य-जीव-सह-अस्तित्व, मिशन लाइफ के साथ ही से नो टू प्लास्टिक से संबंधित विषयों पर "वॉक थ्रू क्विज कम एग्जीवीशन और टोडलर वॉक प्रतियोगिता का आयोजन होगा। कार्यक्रम स्थल पर प्रतिभागियों को प्रथम आओ-प्रथम पाओ के आधार पर प्रवेश दिया जायेगा। वन्य-प्राणी सप्ताह में विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी वन विहार स्थित विहार वीथिका में लगायी जायेगी। प्रदर्शनी के अवलोकन के लिये भोपाल स्थित महाविद्यालय, विद्यालयों के छात्र-छात्राओें को आईडी कॉर्ड पर गेट क्रमांक-2 से नि:शुल्क पैदल प्रवेश दिया जायेगा। अन्य जानकारी के लिये वन विहार के सहायक संचालक एवं कार्यक्रम समन्वयक मोबाइल नम्बर-9424790615, इकाई प्रभारी पर्यटन रेंज ऑफिसर मोबाइल नम्बर-9424790611 और सहायक समन्वयक मोबाइल नम्बर-9424790613 से सम्पर्क किया जा सकता है।  

चुनावी साख पर सवाल: मध्य प्रदेश में फर्जीवाड़े का नया खुलासा

नागौद लोकतंत्र के मंदिर को शर्मसार करने वाला मामला मापला जिला के नागौद विकासखंड से सामने आया है। वार्ड क्रमांक 6, गढ़ी टोला में पूर्व पार्षद और विधायक प्रतिनिधि ओमप्रकाश पांडे उर्फ फूलन महाराज के मकान क्रमांक 122 में कुल 89 मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए हैं। इनमें अलग-अलग जातियों और परिवारों के लोग शामिल हैं। इस मामले ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। कुछ ऐसे रची साजिश स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह मामला महज लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश प्रतीत होता है। ओमप्रकाश पांडे ने अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर बीएलओ से मिलीभगत कर यह फर्जीवाड़ा कराया। रजिस्टर में मकान संख्या का क्रम भी अव्यवस्थित रखा गया, ताकि यह खेल आसानी से पकड़ में न आए।   एक ही मकान में दर्ज 89 मतदाता विशेषज्ञों का कहना है कि एक ही मकान में इतनी बड़ी संख्या में मतदाता दर्ज करने से किसी भी उम्मीदवार को कृत्रिम बढ़त दिलाई जा सकती है। यह स्थिति स्थानीय प्रशासन की उदासीनता और संभावित मिलीभगत पर भी गंभीर सवाल खड़ा करती है। सूची में दर्ज नामों में शंकर प्रसाद, चुरेमा कुमार, प्रिया पत्नी सुरेगा कुमार, संदीप पिला, विमला पति मयूरा प्रसाद, आजाद बुनकर, अमर चौरसिया, ज्योति कुमार, दीपक शर्मा, रश्मि, रोशनी और अन्य शामिल हैं।   चुनावी साख पर सवाल लोगों का सवाल है कि क्या इतने विविध लोग व एक साथ इतने कमरों वाले मकान में रह सकते हैं? राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो जनता के मन में यह धारणा मजबूत होगी कि लोकतंत्र अब केवल सत्ता का खेल बन गया है। क्षेत्रीय लोग और सामाजिक संगठन प्रशासन और निर्वाचन आयोग से मांग कर रहे हैं कि इस मामले की तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।  

देर या नीयत? मंदसौर में दो लाख रुपये सिंचाई पर खर्च, ट्रैक्टर विवाद ने बढ़ाई मुश्किलें

मंदसौर गरोठ वन परिक्षेत्र में अफसरों-कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार का नया उदाहरण पेश किया है। हनुमंतिया बीट में पौधे लगाने के बाद उनकी सिंचाई पर दो लाख चार हजार 48 रुपये खर्च किए गए। लगाए गए बिलों के मुताबिक, इनमें 1 लाख 53 हजार 600 रुपये का भुगतान टैंकर के लिए किया गया, वहीं सिंचाई की मजदूरी का भुगतान 50,448 रुपये रहा। खास बात यह है कि बिल में जो नंबर ट्रैक्टर के बताए गए, वह परिवहन विभाग में बाइक, मोपेड व स्कूटर के नाम पर पंजीकृत हैं, जबकि एक नंबर का तो परिवहन विभाग की वेबसाइट पर भी कोई रिकार्ड नहीं मिल रहा। बता दें मंदसौर वन मंडल के अंतर्गत गरोठ वन परिक्षेत्र की हनुमंतिया बीट में 95.382 हेक्टेयर वन भूमि है। आरोप है कि यहां पदस्थ रहे वनरक्षक, परिक्षेत्र सहायक और वन परिक्षेत्र अधिकारी की मिलीभगत के चलते अभी तक वन क्षेत्र विकसित नहीं हो पाया है, जबकि कागजों में बिल भी लग रहे हैं। शिकायतकर्ता बालू सिंह निवासी किलगारी ने सूचना के अधिकार के तहत 15 फरवरी 2019 से 22 अप्रैल 2019 के बीच लगाए गए बिलों की पड़ताल की, तो धांधली सामने आई। 8 अप्रैल 2023 को शिकायत के दो साल बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत का निराकरण नहीं किया गया।

सपनों की नौकरी का मौका: MP पुलिस भर्ती सात साल बाद, जल्द देखें कैसे करें आवेदन

भोपाल पुलिस में उप निरीक्षक या सब इंस्पेक्टर (एसआई) और सूबेदार के पद पर चयन की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) इन पदों के लिए अगले सप्ताह विज्ञापन जारी करने जा रहा है। सात वर्ष बाद इन पदों पर भर्ती होने जा रही है। इसके पहले वर्ष 2018 में इन पदों पर भर्ती हुई थी। सात साल तक भर्ती नहीं होने पर एसआई बनने का सपना देख रहे कई युवा अधिकतम उम्र सीमा पार कर चुके हैं। परीक्षा में पहली बार बड़ा बदलाव किया गया है कि शारीरिक दक्षता परीक्षा के अंकों को जोड़कर प्रावीण्य सूची तैयार की जाएगी।   इसके भर्ती नियम इसी वर्ष जनवरी में शासन ने जारी कर दिए थे। सरकार ने भर्ती नियम तैयार करने में लगभग एक वर्ष लगा दिए, नहीं तो इन पदों पर वर्ष 2024 में ही भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ हो सकती थी। नियमों में शासन ने प्रारंभिक और लिखित परीक्षा का पाठ्यक्रम भी जारी किया है। चुनौतियों से जुड़े विषयों को दी गई प्राथमिकता पुलिस के सामने नई चुनौतियों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी गई है। उदाहरण के तौर पर प्रारंभिक और लिखित परीक्षा में साइबर अपराध, संचार तकनीक के साथ आने वाली चुनौतियां, इंटरनेट मीडिया, रोबोटिक्स, एआई, जीआइएस, जीपीएस आदि के बारे में भी प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके अतिरिक्त लोकतंत्र और पुलिस, गरीबी और भूख, संगठित अपराध और आतंकवाद से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। ऐसी होगी परीक्षा योजना सबसे पहले 100 अंकों की प्रारंभिक परीक्षा होगी जो क्वालिफाइंग होगी। इसमें कुल पदों के 10 प्रतिशत अभ्यर्थियों को चयनित किया जाएगा। इसके बाद 600 अंकों की लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। प्रावीण्य सूची में आने वालों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा जो 100 अंकों की होगी। आखिर में 50 अंकों का साक्षात्कार होगा। इस तरह कुल 750 अंकों के प्राप्तांक के आधार पर प्रावीण्य सूची तैयार की जाएगी।

वन्यजीव संरक्षण में नई पहल: मध्य प्रदेश से 10 टाइगर की ट्रांसलोकेशन शुरू

भोपाल  मध्य प्रदेश के 10 टाइगर उड़ीसा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ भेजे जाएंगे। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के निर्देश पर मध्य प्रदेश के टाइगर की अनुवांशिकता और कुनबा बढ़ाने यह निर्णय लिया गया। मध्य प्रदेश ने उड़ीसा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ टाइगर भेजने की तैयारी तेज कर दी है। इन राज्यों के अधिकारियों को टाइगरों की सुरक्षा और प्रबंधन का प्रशिक्षण देने के लिए पत्र लिखा है। बांधवगढ़, पेंच और कान्हा टाइगर रिजर्व से करीब 10 टाइगरों का चयन कर छत्तीसगढ़, राजस्थान और ओडिशा भेजा जाएगा। इनमें नर-मादा टाइगरों की जोड़ी भी शामिल होगी, ताकि इन राज्यों में टाइगरों की संख्या बढ़ने के साथ ही जीन पूल भी सशक्त हो सके। बांधवगढ़, पेंच और कान्हा टाइगर रिजर्व में टाइगर की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में संख्या बढ़ने से क्षेत्र कम पढ़ रहा है, जिससे टाइगरों का टेरेटरी को लेकर संघर्ष भी बढ़ रहा हैं।  एनटीसीए के निर्देश पर हो रहा है ट्रांसलोकेशन नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) से मंजूरी मिलने के बाद यह प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। खास बात यह है कि ट्रांसलोकेशन पर आने वाला पूरा खर्च संबंधित राज्य ही वहन करेंगे। यह पहली बार है जब मध्यप्रदेश एक साथ इतने बड़े स्तर पर टाइगरों को बाहर भेजेगा। वर्तमान में प्रदेश में 785 टाइगर हैं, जो देश में सबसे अधिक है और यही कारण है कि यहां से अन्य राज्यों को टाइगर उपलब्ध कराना संभव हो पाया है।  चयनित टाइगरों को अत्याधुनिक वाहनों में सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया में अधिकृत पशु चिकित्सक मौजूद रहेंगे और हर चरण पर निगरानी रखी जाएगी, ताकि बाघों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। एमपी में होगी अधिकारियों की ट्रेनिंग ट्रांसलोकेशन को सफल बनाने के लिए मध्यप्रदेश अक्टूबर 2025 में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा। इसमें छत्तीसगढ़, राजस्थान और ओडिशा के वन अधिकारी मध्य प्रदेश आकर टाइगरों की देखभाल, ट्रैकिंग और संरक्षण से जुड़ी बारीकियां सीखेंगे। यह ट्रेनिंग सेशन भविष्य में भी इन राज्यों को अपने बाघों के बेहतर प्रबंधन में मददगार साबित होगा।

पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में की जाएगी खरीद

धान (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी तय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक चलेगी खरीद लखनऊ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत पहली अक्टूबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान खरीद शुरू होगी, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में धान खरीद पहली नवंबर से होगी। इसके लिए पहली सितंबर से पंजीकरण प्रारंभ हो चुका है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक धान खरीद होगी। सरकार ने इस वर्ष धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि भी की है। धान (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है।  fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA  पर कराना होगा पंजीकरण धान बिक्री के लिए किसानों का पंजीकृत होना अनिवार्य है। किसानों को खाद्य व रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in या मोबाइल ऐप UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण कराना होगा। धान की खरीद पंजीकृत किसानों से ही होगी। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक किसी भी सहायता या जानकारी के लिए किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। साथ ही अपने जनपद के जिला खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी व ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं।  पश्चिम उत्तर प्रदेश व लखनऊ के इन जनपदों में पहली अक्टूबर से होगी खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली अक्टूबर से धान खरीद शुरू होगी, जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। यह खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली,आगरा, अलीगढ़, झांसी संभाग में होगी। वहीं लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में भी धान खरीद इसी अवधि में होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के इन जनपदों में पहली नवंबर से शुरू होगी खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवम्बर से धान खरीद शुरू होगी। यह खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर व प्रयागराज संभाग में होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में भी पहली नवंबर से खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक चलेगी।   करीब 10 हजार किसानों ने करा लिया पंजीकरण  धान खरीद के लिए पंजीकरण प्रारंभ हो गया है। 20 सितंबर (दोपहर एक बजे) तक करीब 10 हजार किसानों ने धान विक्रय के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कर लिया है। विभाग के मुताबिक धान की बिक्री के लिए ओटीपी आधारित सिंगल पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। किसान मोबाइल पर एसएमएस से मिले ओटीपी को भरकर पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं किसानों को भुगतान सीधे आधार लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा। बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर धान की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों के बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी। 

श्रीकृष्ण-कुब्जा मंदिर में राष्ट्रपति के दर्शन, धर्मस्थल की अनोखी मान्यता बनी चर्चा का विषय

मथुरा  राष्ट्रपति के मथुरा दाैरे के दाैरान सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रहेगी। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। साथ ही जगह-जगह जैमर लगाए जाएंगे। पूरे क्षेत्र की ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी। घरों की छतों पर भी पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। श्रीबांकेबिहारी और जन्मभूमि के साथ-साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 25 सितंबर को होलीगेट के अंतापाड़ा में स्थित श्रीकृष्ण-कुब्जा मंदिर में भी दर्शन करेंगी। उनके आगमन पर अधिकारियों ने शुक्रवार को मंदिर की व्यवस्थाएं परखीं। मंदिर के महंत आशीष चतुर्वेदी ने बताया कि श्रीकृष्ण-कुब्जा मंदिर परिक्रमा मार्ग पर स्थित है, जहां भगवान कृष्ण राधा के स्थान पर कुब्जा के साथ विराजमान हैं। प्राचीन मंदिर की मान्यता है कि कुब्जा का उद्धार करने के बाद कृष्ण ने उन्हें सुंदर रूप दिया था। उनका शरीर टेढ़ा था। उनकी भक्ति से प्रसन्न होने के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने उनके कुरूप को समाप्त कर सुंदर बनाया था। हालांकि वर्तमान में मंदिर खस्ता हाल में है। राष्ट्रपति के आने की सूचना के बाद शुक्रवार को डीएम चंद्रप्रकाश सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार और नगर निगम के अधिकारी मंदिर की व्यवस्थाएं देखने पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मंदिर की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए और परिसर का सौंदर्यीकरण कराने को कहा है।  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 25 सितंबर को वृंदावन में श्रीबांकेबिहारी के दर्शन कर निधिवन और सुदामा कुटी जाएंगी। फिर मथुरा में कुब्ज कृष्णा मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मभूमि जाएंगी। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे से पूर्व ही वृंदावन नगरी को छावनी में तब्दील कर दिया जाएगा। प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। संभावना जताई जा रही है कि राष्ट्रपति की अगुवानी के लिए केंद्र और प्रदेश के शीर्ष स्तर के नेता भी आ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति 25 सितंबर को सुबह 10 बजे वृंदावन पहुंचेंगी। अपने वृंदावन दौरे के दौरान वे श्रीबांकेबिहारी मंदिर, निधिवन, सुदामा कुटी तथा मथुरा स्थित कुब्ज कृष्णा मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन करेंगी। राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। साथ ही जगह-जगह जैमर लगाए जाएंगे। पूरे क्षेत्र की ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी। घरों की छतों पर भी पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। साथ ही गोल्फ कार्ट को विशेष रूप से सजाकर राष्ट्रपति के भ्रमण हेतु तैयार किया जाएगा। राष्ट्रपति के आगमन से पूर्व ही खुफिया एजेंसियां पूरी तरह एक्टिव हो चुकी हैं। एसपीजी, एटीएस, स्थानीय पुलिस और बम डिस्पोजल यूनिट सहित तमाम एजेंसियां संयुक्त रूप से दौरे की तैयारी में जुटी हैं। राष्ट्रपति के दौरे के लिए जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तैयारियों में जुट गए हैं। रूट प्लान, यातायात नियंत्रण, आपातकालीन मेडिकल सुविधा और वीवीआईपी मूवमेंट से जुड़े हर पहलू पर मंथन किया जाएगा। एसएसपी श्लोक कुमार का कहना है कि पुलिस प्रशासन अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोडे़गा। जहां उनका आगमन है, वहां सुरक्षा का ऐसा घेरा होगा कि कोई परिंदा भी पर न मार सके। 

बिहार में परिवहन को नई दिशा, पटना में शुरू होगी वॉटर मेट्रो सेवा

पटना पटना में शहरी जल परिवहन प्रणाली को आधुनिक व पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए बिहार सरकार के पर्यटन विभाग और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) ने शुक्रवार को गुजरात के भावनगर में एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। लगभग 100 यात्रियों की होगी क्षमता पर्यटन विभाग के एक बयान में अनुसार, केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल और मनसुख मांडविया की मौजूदगी में 908 करोड़ रुपए की लागत से शहरी जल मेट्रो परियोजना के विकास को लेकर यह समझौता हुआ। इसमें कहा गया कि इस समझौता पत्र पर आईडब्ल्यूएआई के चेयरमैन सुनील कुमार सिंह और बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक नंद किशोर ने हस्ताक्षर किए। परियोजना के तहत अत्याधुनिक हाइब्रिड इलेक्ट्रिक कैटामारन जलयान ‘एमवी निशादराज' संचालित किया जाएगा जो बैटरी और ईंधन दोनों तरीके में चलने में सक्षम होगा। लगभग 100 यात्रियों की क्षमता वाला यह जलयान पूरी तरह वातानुकूलित होगा। संचालन दीघा घाट से कंगन घाट तक होगा संचालन बिहार के पर्यटन मंत्री राजू कुमार सिंह ने बताया कि यह परियोजना पटना में पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी और शहरी परिवहन क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी। पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि जल मेट्रो का संचालन दीघा घाट से कंगन घाट तक किया जाएगा, जिसमें दीघा पर्यटन घाट, एनआईटी घाट और गायघाट जैसे प्रमुख ठिकानों पर ठहराव होगा। उन्होंने बताया कि पटना से इस सेवा का शीघ्र परीक्षण किया जाएगा और भविष्य में 10 और स्थानों को इससे जोड़े जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल पर्यटन को नई दिशा मिलेगी बल्कि शहर के प्रदूषण और यात्रा समय में भी कमी आएगी। पटना देश के उन 18 शहरों में शामिल है, जहां दक्ष और आधुनिक शहरी जल परिवहन प्रणाली विकसित की जा रही है।  

चौंकाने वाले आंकड़े: MP में बच्चों की दिल की बीमारी से मौतें 403% से 2250% तक बढ़ीं

भोपाल  देश के दिल कहलाने वाले मध्य प्रदेश के लोगों का दिल लगातार कमजोर होता जा रहा है। यह बात मह नहीं कह रहे हैं, बल्कि केंद्रीय महापंजीयक कार्यलय की एमसीसीडी की 2022 तक की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।  राज्य में खेल-कूद की उम्र के बच्चों और युवाओं में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं। जून 2025 में जारी भारत के महापंजीयक की रिपोर्ट-2022 के अनुसार, कोविड-19 के बाद दिल की बीमारियों से मौतों में अचानक वृद्धि देखी गई है। यह आंकड़ा राज्य में चिंता का विषय बन चुका है, क्योंकि पहले के मुकाबले इन मौतों की संख्या में भारी वृद्धि हो रही है कोविड से पहले वर्ष 2018 में 1 से 4 आयु वर्ग में ऐसी मौतें केवल 0.6% थीं, जो कोविड बाद 2022 में 14.1% हो गईं। इन चार वर्षों में 2250% की अविश्वसनीय वृद्धि दर्ज हुई। 5 से 14 आयु वर्ग में इन्हीं चार साल में यह आंकड़ा 3.7 से बढ़कर 18.6 हो गया, यानी 403% की वृद्धि। 15 से 24 आयु वर्ग में ऐसी मौतें 39.64% बढ़ी हैं। प्रदेश में हर तीसरी मेडिकल सर्टिफाइड मौत दिल संबंधी बीमारियों से हो रही है। संकेत है- दिल को संभालिए। कोरोना के बाद से युवा पीढ़ी में भी बढ़ी हार्ट संबंधी समस्या -डॉ.गौरव कवि भार्गव, कार्डियोलॉजिस्ट, जेएएच ग्वालियर और चंबल संभाग के मरीजों में यह देखने में आ रहा है कि युवा पीढ़ी में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं। कोरोना से पहले युवाओं में हार्ट संबंधी परेशानी 35 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में देखने आती है, लेकिन कोरोना के बाद युवा पीढ़ी में इन मामलों भी तेजी से देखी जा रही है। स्थिति यह है कि अब 18 वर्ष के युवा में भी देखने में आ रही है। इसके बचाव के लिए नियमित व्यायाम करें,ध्रूम्रपान नहीं करें। सीने में दर्द और घबराहट हो तो विशेषज्ञ को दिखाएं।  मध्य प्रदेश में कोविड के बाद आयु-वर्ग के अनुसार मृत्यु दर (प्रति लाख) मेडिकल सर्टिफाइड प्रति 100 के हिसाब से प्रतिशत में आयु वर्ग 2018 2022 वृद्धि/कमी (%) 1-4 0.6 14.1 +2250% 5-14 3.7 18.6 +403% 15-24 16.9 23.6 +39.64% 25-34 32.8 28.7 -12.8% 35-44 48.2 32.2 -33.19% 45-54 56.4 38.5 -31.73% 55-64 62.3 43.3 -30.39% 65-69 66.3 48.3 -27.15% 70+ 65.7 48.6 -26.03% कुल 42 33.9 -19.28% हृदय रोगों से होने वाली मौतों का प्रतिशत (राज्य और वर्ष के अनुसार) राज्य 2008 2013 2022 मध्य प्रदेश 19.2% 24.6% 33.9% छत्तीसगढ़ 20.7% 50.7% 27.2% बिहार 34.8% 29.7% 44.9% गुजरात 21.2% – 45.2% हरियाणा 28.3% – 26.3% राजस्थान 20.6% 18.5% 24.4% पंजाब 23.9% 24.7% 40.8% देश में कुल औसत 27% 29% 47.1% मप्र में हार्ट अटैक के मामलों में वृद्धि  मध्यप्रदेश के ग्वालियर और चंबल संभाग में युवा पीढ़ी में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना से पहले 35 वर्ष से अधिक उम्र के लोग हार्ट अटैक का शिकार होते थे, लेकिन कोविड के बाद अब 18 साल के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। रिपोर्ट से साफ हो गया है कि एमपी में कोविड के बाद दिल की बीमारी से मौतें बढ़ीं हैं। बच्चे को हार्ट अटैक आना बढ़ा है। साथ ही, युवाओं में हार्ट अटैक के केस बढ़े हैं।  जेएएच कार्डियोलॉजिस्ट, डॉ. गौरव कवि भार्गव ने कहा कि यह स्थिति अब चिंता का विषय बन चुकी है। युवाओं में बढ़ती दिल की समस्याओं के कारण नियमित व्यायाम, धूम्रपान से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी जा रही है। हार्ट अटैक के कारण और जोखिम  हार्ट अटैक का मुख्य कारण जीवनशैली से जुड़ी समस्याएं जैसे गलत आहार, मानसिक तनाव, धूम्रपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी हो सकती है। कोविड-19 के बाद की स्थिति में मानसिक तनाव और अनियमित जीवनशैली ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल से जुड़ी बीमारियों का पूर्वानुमान लगाना कठिन होता है क्योंकि इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। कई बार इसके कुछ दिनों पहले कोई संकेत नहीं मिलता और अचानक ही यह समस्या उत्पन्न हो जाती है।  दिल की बीमारियों से बचाव के उपाय नियमित व्यायाम: शारीरिक गतिविधि दिल को स्वस्थ रखने में मदद करती है और रक्त संचार को बेहतर बनाती है। स्वस्थ आहार: दिल को स्वस्थ रखने के लिए सही आहार जैसे फल, हरी सब्जियां, ओमेगा-3 से भरपूर आहार और कम वसा वाला आहार लेना चाहिए। धूम्रपान से बचाव: धूम्रपान दिल की बीमारियों का एक प्रमुख कारण है, इसलिए इससे बचना चाहिए। मानसिक तनाव से बचना: मानसिक तनाव को कम करने के लिए योग, प्राणायाम और ध्यान जैसी गतिविधियां अपनानी चाहिए।  बच्चों और युवाओं के लिए सुझाव विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों और युवाओं को अपनी जीवनशैली को सुधारने की जरूरत है। कोविड-19 ने हमें यह सिखाया है कि सही आहार और व्यायाम से हम कई बीमारियों से बच सकते हैं। बच्चों को खेलने और शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। इसके अलावा मानसिक तनाव को कम करने के लिए बच्चों को खेलों में हिस्सा लेने और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।  एम्स भोपाल के कार्डियोलॉजिस्ट ने क्या कहा एम्स भोपाल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. भूषण शाह ने कहा कि 2023 से 2024 के बीच कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक और चलते-चलते गिरने के मामलों में वृद्धि देखी गई थी। हालांकि, अब परिस्थितियाँ बदल रही हैं और अब सामान्य आयु के मरीज भी सामने आ रहे हैं। डॉ. शाह के अनुसार, हार्ट अटैक का पूर्वानुमान लगाना बहुत मुश्किल है, क्योंकि इसके एक या दो दिन पहले कोई स्पष्ट लक्षण नहीं मिलते। उन्होंने बताया कि यदि किसी को सीने में दर्द महसूस हो और यह दर्द गले तथा हाथों तक फैल जाए, तो तुरंत जांच और इलाज कराना बेहद जरूरी होता है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हार्ट अटैक से बचाव के लिए सही जीवनशैली और पूरी नींद लेना सबसे प्रभावी तरीका है।  विभिन्न राज्यों में हृदय रोग से मृत्यु का प्रतिशत (2022) स्त्रोत- केंद्र के महापंजीयक कार्यलय की एमसीसीडी की 2022 तक की रिपोर्ट राज्य प्रतिशत (%) लक्षद्वीप 70.3 असम 62.7 आंध्र प्रदेश 60.3 तमिलनाडु 52.9 उत्तर प्रदेश … Read more

त्योहार पर बिहार जाना हुआ आसान: रेलवे की स्पेशल ट्रेनों से छठ–दीवाली पर मिलेगी सुविधा

सीतामढ़ी.  त्योहारों के मौसम में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने दिल्ली से बिहार के सीतामढ़ी के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है. यह ट्रेन आनंद विहार टर्मिनल से चलेगी और लखनऊ होते हुए सीतामढ़ी पहुंचेगी. रेलवे का कहना है कि त्योहारों के दौरान यात्रियों को सुविधा देने और सामान्य ट्रेनों पर दबाव कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है. इस विशेष ट्रेन के शुरू होने से बिहार आने-जाने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर उन लोगों के लिए जो हर साल छठ, दिवाली और अन्य पर्वों पर अपने घर लौटते हैं. ट्रेन नंबर 04016 आनंद विहार-सीतामढ़ी स्पेशल ट्रेन का संचालन 29 सितंबर से 30 नवंबर तक किया जाएगा. यह ट्रेन हर दिन आनंद विहार से शाम 3.30 बजे प्रस्थान करेगी और दूसरे दिन सुबह 1.20 बजे लखनऊ पहुंचेगी. इसके बाद यह ट्रेन सीतामढ़ी की ओर बढ़ेगी और दोपहर करीब 3.00 बजे गंतव्य तक पहुंच जाएगी. वापसी में यह ट्रेन 04015 सीतामढ़ी-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन के रूप में चलेगी. सीतामढ़ी से यह ट्रेन प्रतिदिन शाम 4.30 बजे खुलेगी और दूसरे दिन सुबह 8.40 बजे लखनऊ से गुजरते हुए दिल्ली पहुंचेगी. इसकी वापसी यात्रा 30 सितंबर से 1 दिसंबर तक निर्धारित की गई है. पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि त्योहारों को देखते हुए कई अन्य रूट पर भी विशेष व्यवस्था की जा रही है. लखनऊ होकर जाने वाली वीकली स्पेशल ट्रेनों का संचालन 27 सितंबर से किया जाएगा. इसके अलावा यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गोमती नगर-बेंगलुरु-गोमती नगर ट्रेन के फेरे भी बढ़ा दिए गए हैं. अब यह ट्रेन दिसंबर तक नियमित रूप से चलेगी. रेलवे प्रशासन का कहना है कि इस निर्णय से यात्रियों को घर लौटने और अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने में आसानी होगी. मऊ-उधना वीकली स्पेशल भी शुरू रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए मऊ-उधना वीकली स्पेशल ट्रेन भी चलाने का ऐलान किया है. ट्रेन नंबर 05017 मऊ-उधना वीकली स्पेशल 27 सितंबर से 1 नवंबर तक हर शनिवार को मऊ से शाम 5.30 बजे खुलेगी. यह ट्रेन उसी रात बादशाहनगर 2.02 बजे और ऐशबाग 2.40 बजे पहुंचेगी और दूसरे दिन दोपहर 12.00 बजे उधना पहुंचेगी. वापसी में ट्रेन नंबर 05018 उधना-मऊ के रूप में 28 सितंबर से 2 नवंबर तक हर रविवार को चलेगी. यह ट्रेन उधना से दोपहर 3.00 बजे खुलेगी और अगले दिन ऐशबाग 2.15 बजे तथा बादशाहनगर 2.47 बजे पहुंचते हुए आगे बढ़ेगी. रेलवे ने इन ट्रेनों के स्टॉपेज और टाइमिंग पहले ही साझा कर दिए हैं ताकि यात्रियों को सुविधा मिल सके और वे अपने यात्रा की योजना बना सकें.