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वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर छत्तीसगढ़ के 4 श्रद्धालुओं की मौत, CM साय ने जताया शोक, घायलों के इलाज और मृतकों के पार्थिव शरीर घर पहुंचाने के दिए निर्देश

रायपुर उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में वाराणसी-लखनऊ राजमार्ग पर आज सुबह भीषण बस दुर्घटना में छत्तीसगढ़ के चार श्रद्धालुओं की मौत और छह लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा – वाराणसी-लखनऊ राजमार्ग पर हुई बस दुर्घटना में कांकेर और राजनांदगांव जिले के चार श्रद्धालुओं के असमय निधन व छह के गंभीर रूप से घायल होने का हृदय विदारक समाचार प्राप्त हुआ। प्रभु श्रीराम दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिजनों को यह अपार दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहयोग, घायलों का समुचित इलाज और मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।     वाराणसी-लखनऊ राजमार्ग पर हुई बस दुर्घटना में कांकेर और राजनांदगांव जिले के चार श्रद्धालुओं के असमय निधन व छह के गंभीर रूप से घायल होने का हृदय विदारक समाचार प्राप्त हुआ। ओवरटेक के दौरान ट्रेलर ट्रक से भिड़ी बस अयोध्या से दर्शन कर लौट रही छत्तीसगढ़ के कांकेर और राजनांदगांव जिले की डबल डेकर टूरिस्ट बस सीहीपुर क्रॉसिंग के पास ओवरटेकिंग के दौरान ट्रक से टकरा गई। हादसे में चार श्रद्धालुओं की मौके पर मौत हो गई, जबकि छह यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान कांकेर जिले की आशा भवल, गुलाब, बस चालक दीपक और एक अन्य अज्ञात यात्री के रूप में हुई है। सभी श्रद्धालु अयोध्या दर्शन के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर जाने के लिए रवाना हुए थे। हादसे वक्त बस में कुल 50 यात्री सवार थे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। वहीं, अस्पताल में भर्ती घायलों का उपचार जारी है।

मुख्यमंत्री ने की घोषणा: मध्यप्रदेश में बनेगा इंजीनियर्स रिसर्च इंस्टीट्यूट, इंजीनियरों को बताया देश का शक्ति स्तंभ

भोपाल   इंजीनियरिंग डे के अवसर पर सोमवार को राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कंवेंशन सेंटर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण सर्वेक्षण ऐप, न्यूज लेटर और लोक परियोजना प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह तकनीकी नवाचार विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाएंगे और पारदर्शिता लाएंगे। मुख्यमंत्री ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि प्रदेश में इंजीनियर्स रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाएगी, जहां अभियंताओं को नवीन तकनीक और कार्यपद्धति का प्रशिक्षण मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इंजीनियरों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि “इंजीनियर्स एक प्रकार से भगवान हनुमान के समान हैं, जिन्होंने हर अवसर पर अपनी उत्कृष्टता सिद्ध की है। इस अवसर पर 7 इंजीनियरों को मोक्षगुंडम विश्वैशरैया पुरस्कार और 4 ठेकेदारों को विश्वकर्मा पुस्कार से सम्मानित किया। "ईश्वर सबसे बड़ा अभियंता है" – सीएम यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अभियंता शब्द का अर्थ बताते हुए कहा कि अभियंता का मतलब है आरंभ और शुभारंभ करने वाला। उन्होंने कहा कि “ईश्वर ने इस संसार की रचना की है, वही सबसे बड़े अभियंता हैं। सर मोक्षगुंडम विश्वैश्वरैया ने 20वीं शताब्दी में अभियांत्रिकी के नए कीर्तिमान रचे। देश के अभियंताओं ने चिनाब ब्रिज जैसे कठिन प्रोजेक्ट बनाकर अपनी अद्वितीय क्षमता साबित की है। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंजीनियरों को गति शक्ति योजना जैसे प्रोजेक्ट से लगातार प्रेरित कर रहे हैं। “जब अंतरिक्ष मिशन असफल हुआ तो पीएम मोदी वैज्ञानिकों के साथ खड़े रहे। यह संदेश है कि राष्ट्र निर्माण में तकनीक और अभियंता कितने अहम हैं।  लोक निर्माण से लोक कल्याण की ओर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग केवल सड़कें और पुल नहीं बना रहा बल्कि लोक कल्याण की नई परंपरा गढ़ रहा है। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा का उल्लेख करते हुए कहा कि “उन्होंने पुष्पक विमान जैसी रचना की थी। आज हमारे इंजीनियर तकनीक के सहारे अनेक ताजमहल खड़े करने की क्षमता रखते हैं। अधोसंरचना में नई इबारत लिख रहा मध्यप्रदेश कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश अधोसंरचना विकास की नई गाथा लिख रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश का विकास तेजी से हुआ है और मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसे प्रदेश में पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंजीनियर केवल पुल-पुलिया नहीं बनाते, बल्कि वे देश की तकदीर और तस्वीर गढ़ते हैं। सिंह ने जानकारी दी कि अब तक प्रदेश में 500 लोक कल्याण सरोवर बनाए जा चुके हैं। विभाग ने लोकपथ ऐप सहित कई नवाचार किए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में एक विशेष ऐप लाया जाएगा जो कार्यों की समय-सीमा का आकलन करेगा। पीएम गति शक्ति पोर्टल से पुलों और संरचनाओं के डिजाइन में मदद मिल रही है। भारत के विकास में इंजीनियरों की विरासत प्रसिद्ध इंजीनियर और लेखक प्रशांत पॉल ने अपने वक्तव्य में भारत की इंजीनियरिंग परंपरा को याद किया। उन्होंने कहा कि आज से 2,000 साल पहले विश्व की जीडीपी का एक तिहाई भारत के पास था और इसमें हमारे इंजीनियरों का बड़ा योगदान था। “राजा भोज ने हाइड्रोलिक पावर और यांत्रिकी डिजाइन तैयार किए, चोल राजाओं ने अनाईकट्टू बांध बनाया, वराहमिहिर ने खगोल विज्ञान में क्रांति की। यह हमारी गौरवशाली विरासत है। इस अवसर पर कई अभियंताओं और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। – मोक्षगुंडम विश्वैशरैया पुरस्कार : सुनील कौरव, प्रीति यादव, प्रमेश कोरी, संजीव कालरा, भुवना जोशी, राजीव श्रीवास्तव, दीपक शर्मा और विक्रम सोनी को प्रदान किया गया। – विश्वकर्मा पुरस्कार : हैदराबाद की एनसीसी लिमिटेड, भोपाल की निविक कंस्ट्रक्शन, गुरुग्राम की आरके जैन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. और नौगांव की हरगोविंद गुप्ता को मिला। – रानी दुर्गावती पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार : एमपीआरडीसी भोपाल के सहायक महाप्रबंधक डॉ. दीपक पांडे को दिया गया। 

पूर्णिया को बड़ी सौगात! प्रधानमंत्री मोदी ने एयरपोर्ट टर्मिनल का शुभारंभ कर शुरू की विकास योजनाओं की उड़ान

पूर्णिया बिहार में आने वाले कुछ सप्ताह में विधानसभा के चुनाव के लिए चुनाव आयोग तारीखों का ऐलान कर सकता है. चुनाव के तारीखों के ऐलान के पहले राजनीतिक दल जमकर मैदान में पसीना बहा रहा हैं. रैलियों से लेकर जनसभाओं का आयोजन किया जा रहा है. चुनावी वादों का भी ऐलान किया जा रहा है. सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के पूर्णिया पहुंचे. यहां उन्होंने नए सिविल एन्क्लेव के अस्थायी टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया है. यह नया टर्मिनल एयरपोर्ट की सुविधाओं और क्षमता में इजाफा करेगा और इलाके के विकास और इंटरकनेक्टिविटी में मदद करेगा.  पूर्णिया एयरपोर्ट बिहार का चौथा कमर्शियल बन गया है. इस एयरपोर्ट के शुभारंभ से सीमांचल क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा. आस-पास के जिलों के लोगों को हवाई सेवा का लाभ मिलेगा.  पटना, गया और दरभंगा के बाद पूर्णिया बिहार का चौथा एयरपोर्ट बन गया है, जहां से अब लोग देश के दूसरे हिस्सों में उड़ान भर सकेंगे. पूर्णिया एयरपोर्ट से फिलहाल कोलकाता और अहमदाबाद के लिए डायरेक्ट फ्लाइट मिलेगी. इंडिगो एयरलाइन की कोलकाता के लिए फ्लाइट हफ्ते में तीन दिन मिलेगी.  एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू भी साथ मौजूद रहे. विकास और रोजगार सृजन को मिलेगी नई गति प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्रीय संपर्क योजना ‘उड़ान' के तहत देश के छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। पूर्णिया एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से बिहार के सीमांचल और कोसी क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक परिद्दश्य बदलेगा। पूर्णिया एयरपोर्ट का नया टर्मिनल भवन न केवल सीमांचल क्षेत्र की दशकों पुरानी मांग को पूरा करेगा, बल्कि बिहार की हवाई कनेक्टिविटी को एक नई ऊँचाई भी देगा। इससे जहां स्थानीय लोगों की सुविधा बढ़ेगी, वहीं प्रदेश के विकास और रोजगार सृजन को भी नई गति मिलेगी। इस विमान सेवा का लाभ पूर्णिया प्रमंडल समेत आसपास के करीब एक दर्जन जिलों को मिलेगा।   पूर्णिया में अब बिहार का चौथा एयरपोर्ट पटना, गया, दरभंगा के बाद पूर्णिया अब बिहार का चौथा एयरपोर्ट है जहां से कामर्शियल फ्लाइट की सेवा शुरू हुई। इंडिगो एयरलाइन्स अहमदाबाद और पूर्णिया के बीच सप्ताह में तीन दिन उड़ानें भरेगा जिससे गुजरात जैसे प्रमुख औद्योगिक शहर से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। पूर्णिया पूर्वी बिहार का सबसे महत्वपूर्ण शहर है और इसके आसपास के शहरों सहरसा, मधेपुरा , सुपौल, अररिया, कटिहार, भागलपुर, नवगछिया, फारबिसगंज के अलावा नेपाल और बंगाल के कई शहरों से इसका सम्पर्क है। छात्रों और उद्यमियों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेंगे बेहतर अवसर  पूर्णिया हवाई अड्डे के नवनिर्मित अंतरिम टर्मिनल भवन के शुरू होने से इस क्षेत्र में हवाई सेवाओं का विस्तार होगा। यह टर्मिनल आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है और इसकी नई इमारत बनाने के बाद यात्री प्रबंधन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। अब विमानो कि आवाजाही शुरू होने और उनकी संख्या में वृद्धि के साथ यात्रियों को दिल्ली, पटना और अन्य बड़े शहरों के लिए सीधी और नियमित हवाई सेवाएं मिलने लगेंगी। पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, सुपौल और सहरसा जैसे जिलों के लोग अब हवाई सेवाओं का लाभ अपने नजदीकी शहर से उठा सकेंगे। अभी तक इस क्षेत्र के यात्रियों को पटना या बागडोगरा तक जाना पड़ता था, लेकिन इस टर्मिनल के शुरू होने से यात्रियों के समय और लागत दोनों की बचत होगी। पूर्णिया और आसपास का इलाका व्यापार, शिक्षा और कृषि की द्दष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। हवाई संपर्क बढ़ने से यहां निवेश, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यहां के छात्रों और उद्यमियों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। 

AI से शिक्षा में क्रांति! कोटा में तैयार हो रहे हाई-टेक टीचर, छात्रों की सोच को भी करेंगे ट्रैक

कोटा  भारत की कोचिंग सिटी कही जाने वाली कोटा अब शिक्षा की दुनिया में नई क्रांति की ओर बढ़ रही है. यहां स्थापित की गई एआई लैब (सीपीएस मशीन) और आरएंडडी सेंटर में ऐसे हाई-फाई 'एडवांस टीचर' तैयार हो रहे हैं, जो केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि छात्रों के दिमाग को भी पढ़ सकेंगे. इस इनोवेटिव प्रोजेक्ट पर 1000 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों पर पढ़ाई का दबाव कम करना और उन्हें ज्यादा स्मार्ट, आत्मविश्वासी और परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड बनाना है. अब किताबें ही नहीं, दिमाग भी पढ़ेंगे टीचर कोटा की लैब में विकसित किए जा रहे यह फ्यूचर टीचर छात्रों की ताकत और कमजोरी को तुरंत पहचानने की क्षमता रखते हैं. ये पर्सनलाइज्ड और कस्टमाइज्ड स्टडी प्लान देंगे. हर विद्यार्थी के लिए अलग-अलग स्टडी रिपोर्ट तैयार करेंगे. परफॉर्मेंस-एफर्ट मैट्रिक्स जैसे आधुनिक टूल्स का इस्तेमाल करके यह पता करेंगे कि बच्चा किस चैप्टर में मजबूत है और कहां पीछे रह गया. सिर्फ इतना ही नहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की मदद से यह शिक्षक छात्रों की सोचने-समझने की क्षमता को विकसित करेंगे और उन्हें एक्स्ट्राऑर्डिनरी इंटेलिजेंट बनाने में मदद करेंगे. कैसे बदल रही है पढ़ाई की दुनिया कोटा में टीचर्स अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. प्रैक्टिस टेस्ट जनरेटर और पर्सनलाइज्ड डैशबोर्ड से छात्र की पढ़ाई का पूरा डेटा सामने आता है. वीआर/एआर सिमुलेशन के जरिए कठिन टॉपिक्स को 3D और विजुअलाइजेशन के साथ आसानी से समझाया जा रहा है. क्लास के तुरंत बाद पता चल जाता है कि बच्चे ने कितनी चीजें समझीं और किस हिस्से पर दोबारा मेहनत करनी है. छात्रों के लिए बड़ी सुविधा 1. स्मार्ट असाइनमेंट और माइक्रो टेस्ट – छात्र जैसे ही गलती करता है, तुरंत फीडबैक मिल जाता है. इससे बच्चा उसी समय अपनी कमी सुधार लेता है. 2. सीपीएस मशीन – हर स्टूडेंट की व्यक्तिगत क्षमता के आधार पर अलग-अलग प्रैक्टिस शीट और स्टडी प्लान तैयार करती है. 3. रीयल टाइम एनालिसिस – एक घंटे की क्लास खत्म होते ही शिक्षक को यह जानकारी मिल जाती है कि कितने बच्चों ने विषय को समझा और कितनों को अभी और गाइडेंस चाहिए. कभी भी डाउट क्लियर, दिन हो या रात एआई टीचर का सबसे बड़ा फायदा है कि स्टूडेंट किसी भी समय अपनी समस्या का समाधान पा सकता है. रात 2 बजे भी छात्र अपने फेवरेट टीचर के एआई अवतार से सवाल पूछ सकता है. डेढ़ घंटे की क्लास को 15 मिनट की शॉर्ट क्लिप में बदलकर आसानी से रिवीजन किया जा सकता है. लगातार ट्रैकिंग से यह देखा जा सकता है कि बच्चा कितने मिनट में एक सवाल हल करता है और कहां अटक जाता है. संस्थान की ओर से दावा मोशन कोचिंग संस्थान के कंटेंट हेड जयंत चित्तौड़ा का कहना है- "अब बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ उनकी सोच और समझ को पढ़ने का भी काम एआई टीचर कर रहे हैं. ये बच्चों की कमजोरियों को तुरंत डिटेक्ट कर उन्हें बार-बार ट्रेंड करते हैं, जब तक कि वे कमजोरी पूरी तरह खत्म न हो जाए. इससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और उनकी परफॉर्मेंस लगातार सुधार रही है." आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने पढ़ाई को और ज्यादा प्रभावी, सटीक और व्यक्तिगत बना दिया है और यही वजह हे कि इससे स्टूडेंट का सिलेक्शन रेशों बढ़ा हे स्टूडेंट की रैंक इंप्रूवमेंट हुई हे आने वाले समय में जो ओर बदलाव होंगे तो ओर बेहतरी की उम्मीद लगाई जा सकती हे . परिणाम और भविष्य कोटा की इस पहल ने छात्रों के सिलेक्शन रेशो को बढ़ाया है और उनकी ऑल इंडिया रैंक में भी सुधार लाया है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में शिक्षा जगत में और भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने पढ़ाई को अधिक सटीक, व्यक्तिगत और प्रभावी बना दिया है. यह सिर्फ भविष्य की कहानी नहीं है, बल्कि कोटा में यह हकीकत बन चुकी है. आने वाले सालों में यह मॉडल न सिर्फ राजस्थान बल्कि पूरे भारत में शिक्षा की दिशा बदल सकता है.    

अलीराजपुर जिले का नाम अब हुआ ‘आलीराजपुर’

भोपाल राज्य शासन ने जिला अलीराजपुर का नाम परिवर्तित कर आलीराजपुर करने की अधिसूचना जारी की है। राजस्व विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार जिला अलीराजपुर का नाम अब "आलीराजपुर" होगा। यह निर्णय भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 21 अगस्त 2025 को जारी अनापत्ति पत्र के आधार पर लिया गया है। यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू होगी।  

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस: 1 अक्टूबर को होंगे सम्मान और जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्र

1 अक्टूबर को मनाया जाएगा अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस, बुजुर्गों के लिए आयोजित होंगे विविध आयोजन भोपाल  अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस एक अक्टूबर को मध्यप्रदेश में विशेष रूप से मनाया जाएगा। इस अवसर पर राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। दिवस का प्रमुख उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की समाज में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और उन्हें समावेशी भविष्य के निर्माण में सशक्त पहचान दिलाना है। कार्यक्रम की थीम “समावेशी भविष्य के लिए वृद्धजन की पहचान को सशक्त बनाना” निर्धारित की गई है। जिला स्तर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, संवाद सत्र एवं जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित होंगी। इन आयोजनों का मुख्य फोकस यह रहेगा कि वृद्धजन केवल परिवार और समाज के अनुभव का आधार ही नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदारी के माध्यम से समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। विशेष आकर्षण के रूप में प्रत्येक जिले में ‘शतायु सम्मान’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 100 वर्ष या उससे अधिक आयु पूर्ण कर चुके वृद्धजनों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। इस पहल से राज्य सरकार का उद्देश्य बुजुर्गों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश देना है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने सभी जिला कलेक्टर और विभाग के जिला अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि कार्यक्रमों का स्वरूप स्थानीय परिस्थितियों और संसाधनों के अनुरूप तैयार किया जाए तथा प्रत्येक जिले में अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के आयोजन से प्रदेश में न केवल वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता की भावना को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि समाज में उनके अनुभव और मार्गदर्शन की उपयोगिता को भी पुनः रेखांकित किया जाएगा। यह आयोजन प्रदेश की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें बुजुर्गों को समाज की धरोहर मानते हुए उन्हें सम्मान और सहयोग प्रदान करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।  

राज्य सरकार का अहम फैसला, आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान के निर्देश जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य शासन ने आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।श्रम विभाग ने आउटसोर्स कर्मियों के वेतन की तिथि निर्धारित कर दी है। इसके तहत हर महीने की 7 से 10 तारीख के बीच सभी कर्मियों के वेतन का भुगतान करना होगा यह आदेश सभी शासकीय कार्यालयों, निगमों, मंडलों और प्राधिकरणों पर लागू होगा। हर माह की 7 से 10 तारीख के बीच वेतन भुगतान अनिवार्य श्रम विभाग के अपर सचिव बसंत कुर्रे ने बताया है कि शासकीय कार्यालयों, निगमों मंडलों और प्राधिकरणों में अगर 1000 से कम आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं तो उन्हें भुगतान 7 तारीख तक किया जाना अनिवार्य है। इसी तरह 1000 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी होने पर उन्हें माह की 10 तारीख तक वेतन का भुगतान किया जाना अनिवार्य है। इसके लिये विभाग ने एक व्हाट्सअप नंबर भी जारी किया है, ताकी कोई भी परेशानी आने पर कर्मचारी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं और फिर विभाग उसका समाधान करेगा।     7 तारीख तक वेतन: 1000 से कम आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं तो उन्हें भुगतान 7 तारीख तक किया जाना अनिवार्य है।     10 तारीख तक वेतन: 1000 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी होने पर उन्हें माह की 10 तारीख तक वेतन का भुगतान किया जाना अनिवार्य है। व्हाट्सअप नंबर जारी, कर सकते है शिकायत यदि किसी आउटसोर्स कर्मचारी को निर्धारित समय सीमा के भीतर वेतन प्राप्त नहीं होता है, तो उसके पास सीधे शिकायत दर्ज कराने का विकल्प उपलब्ध होगा।आउटसोर्स कर्मचारी शासन द्वारा संचालित WHATSAPP नंबर 07552555582 पर कर्मचारी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।विभाग उनकी शिकायत का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करेगा।

बीजामंडल में रोजाना पूजा की अनुमति को लेकर हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

 विदिशा  विदिशा शहर के किलेअंदर स्थित बीजामंडल (विजय मंदिर) को लेकर ग्वालियर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। कोर्ट ने विदिशा निवासी शुभम वर्मा सहित पांच याचिकाकर्ताओं की याचिका को स्वीकार कर लिया है। साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से इस संबंध में जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं में शामिल विदिशा निवासी शुभम वर्मा ने रविवार को यह जानकारी दी है। बीजामंडल को लेकर की जा रही मांगों के संबंध में शुभम ने बताया कि बीजामंडल के आगे मंदिर लिखे जाने और पूजा-अर्चना के लिए हर रोज गेट खोले जाने की मांग की जा रही है।  20 अगस्त को याचिका की थी दायर, कोर्ट ने किया मंजूर इसको लेकर 20 अगस्त को हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। पैरवी कर रहे अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन के अनुसार कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली है। आठ सितंबर को याचिका स्वीकृत किए जाने संबंधित पत्र भी प्राप्त हुआ है। शुभम के अनुसार इस मामले में प्रथम याचिकाकर्ता हरिशंकर जैन है। जबकि स्वयं शुभम द्वितीय याचिकाकर्ता हैं। इसके अलावा राकेश, मनी व राहुल का नाम भी संयुक्त रूप से दायर की गई याचिका में शामिल है। हरिशंकर जैन अधिवक्ता है और अयोध्या राममंदिर के पक्ष में याचिकाकर्ता भी रहे है। काशी विश्वनाथ मंदिर को लेकर दायर की गई याचिका में भी उनका नाम याचिकाकर्ताओं में शामिल है। पिछले कई वर्षों से गेट खोलने की मांग शुभम ने बताया कि बीजामंडल को लेकर उनके द्वारा कई बार कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। हर रोज पूजा के लिए गेट खोलने की मांग की गई है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसलिए उन्होंने न्यायालय की शरण ली। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष से वह बीजामंडल को लेकर अध्ययन करते हुए कई साक्ष्य जुटाए हैं। साक्ष्यों के साथ ही न्यायालय में 118 पेज की याचिका लगाई गई है। दावा है कि 1962 में बीजामंडल मंदिर को तोड़ दिया गया। कई वर्षों तक मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्तियां थी, जिसे संग्रहालय में रखवा दिया गया है। बीजामंडल मंदिर के रूप में प्रतिष्ठित हो, इसके लिए न्यायालय की शरण ली गई है।

23 सितंबर से कोडरमा में सांसद खेल महोत्सव, विविध खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन

कोडरमा झारखंड के कोडरमा लोकसभा क्षेत्र में 23 सितंबर से सांसद खेल महोत्सव की भव्य शुरुआत होगी, जो 25 दिसंबर तक चलेगा। सांसद खेल महोत्सव के तहत आठ प्रकार के विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय और ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। आज इस महोत्सव का पोस्टर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी ने विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारियों के साथ मिलकर जारी किया। सांसद खेल महोत्सव के दौरान कई खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। 23 सितंबर से 25 अक्टूबर तक फुटबॉल टूर्नामेंट संपन्न होगा। इसके बाद 6 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक खो-खो, लगोरी और कबड्डी प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इसी के साथ 1 से 4 नवंबर तक बैडमिंटन की प्रतियोगिताएं, 6 से 10 नवंबर वॉलीबॉल, 9 नवंबर को टेबल टेनिस, तथा 10 से 15 नवंबर तक शतरंज और एथलेटिक्स में प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। यह आयोजन स्थानीय खेल प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करेगा और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का अवसर देगा। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सांसद खेल महोत्सव की शुरुआत 2014 में हुई थी। इसका उद्देश्य खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत स्थानीय खेलों और खिलाड़यिों को मजबूत बनाना है। इस महोत्सव के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। हर साल सभी संसदीय क्षेत्रों में इसी तरह के आयोजन बड़े पैमाने पर होते हैं।

SC के फैसले पर BJP की प्रतिक्रिया: मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, वक्फ संपत्तियों से हटेगा अवैध कब्जा

भोपाल  भारत की सर्वोच्च अदालत ने यानि सुप्रीम कोर्ट ने आज वक्फ़ बोर्फ संशोधन अधिनियम 2025 पर अपना निर्णय सुना दिया, कोर्ट ने वक्फ़ कानून से जुडी कुछ धाराओं पर रोक लगा दी है लेकिन पूरे कानून पर रोक नहीं लगाई, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भाजपा ने स्वागत किया है, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा अब वक्फ संपत्तियों पर हुए कब्जे हटेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने ये कहा फैसले में  CJI बीआर गवई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि वक्फ संपत्तियों को लेकर कलेक्टर के अधिकारों पर सुप्रीम  कलेक्टर का फैसला अंतिम फैसला नहीं होगा, इसके साथ ही सर्वोच्च अदालत ने वक्फ़ संशोधन अधिनियम 2025 की उस प्रावधान पर रोक लगा दी है, जिसमें वक्फ़ बनाने के लिए किसी व्यक्ति का 5 वर्षों तक इस्लाम का अनुयायी होना आवश्यक बताया गया था। अदालत ने कहा कि यह रोक तब तक लागू रहेगी जब तक राज्य सरकारें यह निर्धारित करने के लिए नियम नहीं बना लेतीं कि कोई व्यक्ति इस्लाम का अनुयायी है या नहीं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला सकारात्मक परिणाम देगा  सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि ये फैसला निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम देगा,  उन्होंने कहा वक्फ संपत्तियों पर चंद लोगों ने बेजा कब्जा कर रखा था l वक्फ संपत्ति का उपयोग उन लोगों के लिए होना चाहिए जिन्हें इन संपत्तियों के माध्यम से सहायता की जरूरत है। कुछ मुस्लिम नेताओं ने मारा गरीबों का हक़  उन्होंने कहा गरीब लावारिस बच्चों को पनाह देना, शिक्षा देना इसके लिएय वक्फ़ संपत्तियों का इस्तेमाल होना चाहिए लेकिन चंद मुस्लिम नेताओं ने अपने बच्चों के ऐशो आराम के लिए इन संपत्तियों का इस्तेमाल किया था, अब जब कानून वक्फ कानून तो उनके पेट में दर्द हुआ था। वक्फ़ संपत्तियों से हटेगा बेजा कब्ज़ा  आज सुप्रीम कोर्ट ने गलत मंतव्य से लगाई गई याचिकाओं को आज सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है उसने कहा जो कानून बना है उस पर रोक नहीं  सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद वक्फ संपत्तियों पर लोगों ने अपने वुँक्तिगत हित साधने के लिए बेजा कब्ज़ा किया था अब वो हटेगा।