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छत्तीसगढ़ रायफल एसोसिएशन शूटिंग प्रतियोगिता का समापन, अरुण साव बोले- खेल सिखाता है जिंदगी की जंग

छत्तीसगढ़ प्रदेश रायफल एसोसिएशन शूटिंग प्रतियोगिता का समापन  खेल से खिलाड़ी का न केवल शारीरिक स्वास्थ्य सही रहता हैं बल्कि जीवन की चुनौतियों से किस तरह से लड़ा जाए इसकी भी सिख मिलती हैं –अरुण साव रायपुर  छत्तीसगढ़ रायफल एसोसिएशन के द्वारा निशानेबाजी प्रतियोगिता का आयोजन 28 अगस्त से 06 सितम्बर से किया गया जिसमें छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से आए शूटर्स ने हिस्सा लिया। दस बारह दिवसीय इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़  के करीब 388शूटर्स ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता का आयोजन हर वर्ष जिंदल स्टील के सहयोग से कराया जाता है जिसमें प्रदेश के शूटर्स हर वर्ष भाग लेते रहे हैं। 28 अगस्त से शुरू हुई इस प्रतियोगिता के समापन समारोह में  माननीय श्री अरुण साव उप मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि शामिल हुए, जहां उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश रायफल एसोसिएशन एवं जिंदल स्टील को बधाई दी साथ ही इस चैंपियनशिप में विजयी शूटर्स को भी बधाई दी,उन्होंने कहा चैंपियनशिप में यदि कोई प्रतिभागी भाग लेता हैं तो निश्चित तौर पर उसे कुछ न कुछ सीखने जरूर मिलता हैं इसलिए खिलाड़ी को हार के बाद निराश नहीं होना चाहिए और लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।  डॉ.कमलप्रीत सिंह सचिव लोकनिर्माण विभाग,श्री अनिल साहू प्रमुख सचिव मौसम एवं जलवायु  एवं जिंदल स्टील प्रेसिडेंट श्री प्रदीप टंडन विशेष अतिथि शामिल हुए। इस बार 388 शूटर्स इस प्रतियोगिता में शामिल हुए जिसमें अलग अलग श्रेणी में 50मीटर रायफल,10मीटर एयर रायफल एवं पिस्टल,25मीटर और एयर तथा सेंटर फायर पिस्टल के इवेंट हुए जिसमें सभी शूटर्स ने बढ़चढकर हिस्सा लिया।

सुरक्षा पहले! कलेक्टर टीना डाबी ने आमजन से की अपील, पानी भरे इलाकों में जाने से रहें दूर

बाड़मेर जिले में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी ने मंगलवार को समस्त स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया। साथ ही उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की। पिछले तीन-चार दिनों से जिले में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। जिला कलेक्टर टीना डाबी ने बताया कि एहतियात के तौर पर 9 सितंबर को जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश रहेगा, जबकि संबंधित स्टाफ को विद्यालय में उपस्थित होना होगा। उल्लेखनीय है कि सोमवार को भी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर यही निर्णय लिया गया था। जिला कलेक्टर ने बताया कि बारिश के चलते नदी-नालों में पानी की आवक बढ़ गई है। आमजन से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। जिला प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और आपदा प्रबंधन के लिए समुचित इंतजाम किए गए हैं। एहतियात के तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पटवारियों, ग्राम विकास अधिकारियों और सरपंचों के सहयोग से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे बच्चों को तालाब और पानी से भरे स्थानों पर जाने से रोकें और सतर्कता के साथ सुरक्षित रहें।

विविध पौराणिक प्रसंगों एवं आधुनिक घटनाओं पर आधारित सुसज्जित झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र: झांकियों को देखने रायपुर में उमड़ा जनसैलाब

  ऐतिहासिक विसर्जन झांकी में पहुंचे मुख्यमंत्री साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 8 सितंबर की देर रात राजधानी रायपुर के हृदयस्थल जयस्तंभ चौक स्थित नगर निगम द्वारा निर्मित स्वागत मंच पर पहुंचे और ऐतिहासिक गणेश विसर्जन यात्रा में शामिल होकर झांकियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रायपुर की गणेश विसर्जन झांकी अत्यंत ऐतिहासिक परंपरा का प्रतीक है। इस अवसर पर उन्होंने विघ्नहर्ता श्री गणेश से छत्तीसगढ़ की खुशहाली और समृद्धि की कामना भी की। मुख्यमंत्री श्री साय ने ऐतिहासिक विसर्जन यात्रा में आमंत्रित करने के लिए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि विगत दिवस राजधानी रायपुर में शाम 8 बजे से ही गणेश झांकी यात्रा प्रारंभ हो गई थी। इस बार भी निर्धारित रूट पर शारदा चौक से झांकियों को टोकन प्रदान किया गया। झांकियां तेलघानी नाका, राठौर चौक और तात्यापारा से होकर शारदा चौक में एकत्रित हुईं, तत्पश्चात एक-एक कर आगे बढ़ीं। ये सभी झांकियां जयस्तंभ चौक से होते हुए मालवीय रोड, सदर बाजार, कंकालीपारा, पुरानी बस्ती, लाखेनगर, अश्वनी नगर, सुंदर नगर और रायपुरा मार्ग से होकर महादेव घाट तक पहुंचीं। इस वर्ष भी झांकियों को विभिन्न विषयों पर आकर्षक रूप से सजाया गया। इनमें विविध पौराणिक प्रसंगों के साथ-साथ ऑपरेशन सिंदूर और राफेल विमान की झलक भी देखने को मिली। रायपुर की सड़कों पर झांकी के रूप में राफेल विमान का दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। एक झांकी में बप्पा छत्तीसगढ़ी पारंपरिक परिधान में विराजमान दिखाई दिए। इन झांकियों को देखने के लिए न केवल रायपुर शहरवासी बल्कि आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में राजधानी पहुंचे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा तथा रायपुर नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

CRPF जवान की आत्महत्या: 6 पन्नों के सुसाइड नोट में लिखे दर्दभरे राज

सुकमा इंजरम के 219 बटालियन सीआरपीएफ के जवान ने बीती रात खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. घटना की सूचना मिलते ही सीआरपीएफ के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं. आत्महत्या के कारणों का जांच जारी है. जानकारी के अनुसार, घटना बीती रात करीबन 10.30 बजे की है. आत्महत्या करने वाले जवान नीलेश कुमार गर्ग के पास से 6 पेज का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. मध्य प्रदेश के रहने वाले नीलेश ने अपने ही सर्विस राइफल से खुद को गोली मारी है.

जंगली सूअर के शिकार में लगी बिजली तार की चपेट से भालू की मौत, पुलिस ने 5 को दबोचा

महासमुंद बागबाहरा वनपरिक्षेत्र के खल्लारी सर्किल में मृत मिले भालू के मामले में पुलिस ने 5 आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. मामले में शामिल एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश वन अमला कर रहा है. आरोपियों के पास से मांस, कुल्हाड़ी, जी आई तार, ट्रैक्टर जब्त किया गया है. बता दें कि वन विभाग को मंगलवार को जोरातराई के क्रमांक 179 में भालू की मौत की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंचकर टीम ने भालू के शव को बरामद कर अवराडबरी वन डिपो भेज दिया था. घटनास्थल का मुआयना करने पर टीम को 11 केवी विद्युत लाइन में अवैध रूप से जी आई तार लगाकर जंगली सूअर का शिकार करने की बात पता चली. इसी की चपेट में आने से भालू की मौत हुई, जिसके बाद आरोपियों ने उसके शव को दूर ले जाकर रख दिया. 5 आरोपी गिरफ्तार, 1 फरार वन अमले ने जोरातराई , भीखोज और कमारडेरा से अगर सिंह, अर्जुन, तुलाराम, चैतराम और चैतराम को गिरफ्तार किया. इनसे सूअर का मांस, कुल्हाड़ी, जी आई तार और ट्रैक्टर जब्त कर वन प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9(33), 49, 50, 51 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. इधर पशु चिकित्सक से भालू का पी एम कराकर अवराडबरी डिपो में अंतिम संस्कार करने की तैयारी में है.

राज्यपाल पटेल ने गरीब, वंचितों के आवास निर्माण में समृद्ध वर्ग से सहयोग का किया आव्हान

समाज और सरकार मिलकर काम करें: राज्यपाल पटेल ने पीएम जनमन योजना में सहयोग की अपील राजभवन में पीएम जनमन योजना की समीक्षा बैठक संपन्न भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय वर्ग के कल्याण की अभूतपूर्व योजना है और यह समाज के वंचित वर्गों के उत्थान का प्रयास है। समरस समाज के निर्माण की इस पहल में सरकार के साथ समाज को भी सहयोग के लिए आगे आना चाहिए। राज्यपाल ने आव्हान किया कि पीएम जनमन आवास योजना के आवासों को और अधिक बेहतर बनाने के लिये समाज के समृद्ध वर्ग का सहयोग प्राप्त किया जाना चाहिए। राज्यपाल पटेल पीएम जनमन योजना की प्रगति की मंगलवार को राजभवन में समीक्षा कर रहे थे। बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अधिकारियों से अपेक्षा की है कि प्रशासनिक स्तर पर निर्माण कार्य की मज़बूती के लिए सामग्री की गुणवत्ता के साथ निर्माण की देख-रेख के प्रयासों में मैदानी सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। गुणवत्तापूर्ण सामग्री की लागत को कम करने, कीमतों में समन्वय, स्थानीय और हरित निर्माण सामग्री के उपयोग की संभावनाओं को तलाशा जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आवास की मज़बूती से कोई समझौता नहीं हो। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय समुदाय को समग्रता में लाभान्वित करने की योजना है। हितग्राहियों को लाभान्वित करने की दृष्टि से सबसे गरीब को सबसे पहले प्राथमिकता देना चाहिए और आवास मजबूत और सुविधा जनक हो। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा आवास निर्माण स्थल का निरीक्षण निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सहयोग की दृष्टि से किया जाना चाहिए। स्थल चयन, आकार और निर्माण के दौरान लगने वाली सामग्री की उपलब्धता और गुणवत्ता संबंधी विभिन्न पहलुओं पर हितग्राहियों को सहयोग और मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए। बैठक में राज्यपाल को बताया गया कि आवास निर्माण के लिए स्थानीय सामग्री उपलब्ध कराने की पहल की गई है। ईंट निर्माण में स्व-सहायता समूहों को जोड़ा गया है। पर्यावरण अनुकूल निर्माण प्रयासों की भी पहल की गई है। निर्माण सामग्री की दर को कम करने के लिए जिला स्तर पर मूल्य निर्धारण की कार्यवाही भी की गई है। समीक्षा बैठक में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव दिनेश जैन, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती जमुना भिड़े और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

एमवाय अस्पताल में भयावह हादसा, नवजात बच्चियों पर चूहों का हमला – स्टाफ ने नहीं लिया कोई कदम

इंदौर  एमवाय अस्पताल में चूहों के कुतरने के बाद दो नवजात बच्चियों की मौत हो गई थी। अब प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में हुई लापरवाही पर एक और खुलासा हुआ है। अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के एनआइसीयू में चूहे रातभर नवजातों की अंगुलियां और हथेली कुतरते रहे। छह घंटे तक चले घटनाक्रम के दौरान किसी ने उनकी सुध तक नहीं ली। वेटरनरी डॉक्टरों की मानें तो चूहे जैसा चंचल प्राणी के लिए संभव नहीं कि वह एक स्थान पर बैठकर पूरी अंगुली कुतर दें। उसने चार अंगुलियों को कुतरने में कम से कम छह से आठ घंटे लगाए होंगे। इस दौरान वह दर्जनों बार इंक्यूबेटर में आया-गया होगा, हलचल हुई होगी। अगर नर्सिंग स्टाफ या डॉक्टर मौके पर होते तो निश्चित ही उनकी नजर नवजातों पर पड़ती और चूहे नवजातों की अंगुलियां नहीं कुतर पाते। पहले दिन कुतरने के बाद भी अगले दिन नहीं दिया ध्यान दरअसल, 30 और 31 अगस्त को धार जिले के रूपापाड़ा और देवास जिले के कमलापुर निवासी माता-पिता की दो नवजात बच्चियों को चूहे ने कुतरा। पहले दिन धार जिले के नवजात की पूरी चार अंगुलियां चूहे खा गए, लेकिन इस संबंध में किसी ने ध्यान नहीं दिया। उसे लावारिस बताकर सिर्फ पट्टी बांधकर घाव को छुपाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद स्टाफ ने घटना के बाद भी वहां की सुरक्षा बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया, ड्यूटी पर तैनात डाक्टर और नर्स दूसरे दिन भी लापरवाह बनकर ड्यूटी करते रहे। इसका नतीजा यह निकला कि देवास जिले की नवजात की हथेली और एक अंगुली चूहा खा गया। दोनों नवजातों को रातभर में चूहों ने शिकार बनाया, लेकिन कोई वार्ड के अंदर तक राउंड लेने भी नहीं गया। एक साथ अंगुलियां नहीं कुतर सकता चूहा, थोड़ी हलचल में ही भाग जाता महू वेटरनरी अस्पताल और निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि चूहा कभी भी एक साथ अंगुलियां नहीं कुतर सकता है। वह थोड़ी देर कुतरने के बाद दूसरे स्थान पर चले जाता है और वापस उसी स्थान पर कुतरने के लिए आता है। चूहा अंगुलियों को कुतरने के साथ ही उन्हें खा भी सकता है। अगर थोड़ी हलचल भी होती तो चूहा वहां से भाग निकलता। यानी कुतरने के दौरान वार्ड में कोई हलचल नहीं हुई होगी, इसलिए उसे समय मिल गया और आसानी से अंगुलियां कुतर सका। इस दौरान नवजात दर्द के कारण रोएं भी होंगे। डॉ. कुलदीप कुमार ने बताया कि चूहा जब भी किसी चीज को लंबे समय तक नहीं कुतरता है। वह थोड़ी देर कुतरने के बाद दूसरे स्थान पर चले जाता है।

सचिन पायलट के नेतृत्व में बिलासपुर में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारे गूंजे

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के नेतृत्व में आज कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन होगा। बिलासपुर के मुंगेली नाका स्थित ग्रीन गार्डन मैदान में वोट चोर, गद्दी छोड़ आमसभा का आयोजन किया गया है, जहां कांग्रेस के कई बड़े नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। यह अभियान राहुल गांधी के आह्वान पर पूरे देश में चल रहा है। कुछ देर में सचिन पायलट आमसभा में शामिल होंगे। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव समेत अन्य नेता मंच पर मौजूद हैं। महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल समेत सभी मोर्चा और प्रकोष्ठ के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में सभा में पहुंचे हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने कहा, प्रदेशभर में जनता को जागरूक करने के लिए यात्रा निकाली जा रही है। वोट चोरी हो रही है, लोकतंत्र के साथ हेराफेरी हो रही है। सचिन पायलट ने कहा, राहुल गांधी के साथ विपक्ष खड़ा है, सब मिलकर लोकतंत्र की रक्षा करेंगे। 15 तारीख से प्रदेशव्यापी हस्ताक्षर अभियान होगा। सभी नेता मिलकर जन-जागरण अभियान को अंजाम देंगे। वोट चोरी जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। इस दौरान पायलट ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।

गर्भपात कानून में बदलाव? MP हाईकोर्ट ने कहा – MTP एक्ट के तहत गर्भवती की सहमति अनिवार्य

जबलपुर  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि गर्भावस्था को समाप्त करने के लिए एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी) अधिनियम के तहत गर्भवती की सहमति जरूरी है। कोर्ट ने पाया कि नाबालिग बलात्कार पीड़िता तथा उसकी मां ने गर्भपात की अनुमति प्रदान करने से इनकार कर दिया है। इस मत के साथ कोर्ट ने याचिका का निराकरण कर गर्भपात की अनुमति देने से इनकार कर दिया।  ये है मामला दरअसल, मैहर जिला अदालत ने 17 वर्षीय रेप पीड़िता के गर्भवती होने के संबंध में सूचना देने हाईकोर्ट को पत्र प्रेषित किया था। हाईकोर्ट (MP High Court) ने संज्ञान याचिका के रूप में लिया। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट मंगवाई। इसके अनुसार पीड़िता की गर्भावस्था 28 सप्ताह से अधिक है। बोर्ड से मांगी जानकारी एमपी कोर्ट ने कहा कि एमटीपी अधिनियम के तहत अपेक्षित पूरी जानकारी मेडिकल बोर्ड प्रदान नहीं कर रहा। अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत आवश्यकताओं के अनुसार मेडिकल बोर्ड को विशिष्ट अवलोकन और स्पष्ट राय देनी चाहिए। अक्सर मेडिकल रिपोर्ट में उपरोक्त संबंध में कोई उल्लेख नहीं रहता। कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को निर्देशित किया कि आदेश की प्रति राज्य के सभी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों और राज्य मेडिकल बोर्ड को भेजी जाए।

भिनभिनाती सफलता! AIIMS भोपाल में पैर की हड्डी से नया जबड़ा और 13 दांत लगाए गए

 भोपाल डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं। यही भगवान जब आपको किसी बीमारी से उभारते हैं, तो आपको जीवन भर की हंसी-खुशी आपकी झोली में डाल देते हैं। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के भोपाल से सामने आया है। यहां के एम्स के डेंटल विभाग के डॉक्टरों ने अनोखी सर्जरी के जरिए एक युवती के चेहरे को नई खुशी दी है। दरअसल डॉक्टरों ने युवती का जबड़ा दोबारा बनाकर उसमें 13 दांत लगाए हैं। अनोखी बात यह है कि डॉक्टरों ने ये जबड़ा युवती के पैर की हड्डी से बनाया है। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि युवती को नया जबड़ा क्यों लगाना पड़ा? दरअसल युवती के मुंह की सूजन और लगातार पस आने की समस्या थी। इसके चलते युवती भोपाल एम्स में दिखाने आई थी। जांच हुई तो पता चला कि युवती को बिनाइन ओडोन्टोजेनिक ट्यूमर है। आसान भाषा में समझाएं तो युवती को दांतों से संबंधित ट्यूमर निकला। ये जबड़े की हड्डी या दांतों के पास होता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भोपाल एम्स के डॉक्टरों ने सर्जरी करने की बात कही। युवती तैयार हो गई। सर्जरी को कई चरणों में पूरा किया गया। पहले जबड़े से ट्यूमर को काटकर हटाया गया। इसके चलते 13 दांत निकालने पड़ गए। इस कारण दांत कमजोर हो गया। युवती का चेहरा भी खराब लगने लगा। इसके बाद डॉक्टरों ने पैर की हड्डी (इलिएक क्रेस्ट) से नया जबड़ा बनाया। बनाए गए नए जबड़े के हिस्से को युवती के मुंह में फिट किया गया। इसके बाद करीब छह महीना का इंतजार किया गया, ताकि जबड़ा फिट हो जाए। इसके बाद युवती के मुंह में दांत लगाए गए। सर्जरी के बाद लड़की का चेहरा लगभग पहले जैसा हो गया है। उसके चेहरे की वही प्यारी मुस्कान वापस आ गई है, जो पहले थी। इस सर्जरी को सफल बनाने वाले डॉक्टर अंशुल राय के मुताबिक उन्होंने इस अनोखे केस को इंटरनेशनल इम्प्लांट्स जर्नल में प्रकाशित होने के लिए भेजा है।