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बच्चों की सेहत के साथ खतरा! स्कूल के खाने में कीड़े मिलने पर कार्रवाई

रायगढ़ सरकारी स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक व स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं, दूसरी ओर स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के कारण बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। ताजा मामला घरघोड़ा विकासखंड के संकुल केंद्र टेरम स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का है। यहां आकस्मिक निरीक्षण पर पहुंचे अधिकारी को मध्याह्न भोजन में कीड़े मिले हैं। मामले में बीईओ ने प्राचार्य को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।   प्रिंसिपल को मिला नोटिस टेरम स्कूल के प्राचार्य किशोर देवांगन पर यह आरोप है कि उनकी सीधी निगरानी में बच्चों को गंदा भोजन परोसा जा रहा था। यह आचरण न सिर्फ घोर लापरवाही है बल्कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का भी खुला उल्लंघन है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने इस गंभीर लापरवाही पर प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शासन द्वारा समय-समय में जारी साफ-सफाई, सावधानी एवं सतर्कता बरतने संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देशों को रसोईयों एवं स्व सहायता समूहों को आपके द्वारा निर्देशित नहीं किया गया। इससे प्रतीत होता है कि बच्चों के सेहत का कोई ख्याल नहीं रखते हुए बिना साफ-सफाई कर भोजन तैयार किया जा रहा है तथा अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही व अनुशासनहीनता बरती जा रही है जो कि छ०ग० सिविल सेवा आचरण अधिनियम-1965 के नियम-3 के विपरीत है। इस कृत्य के लिए क्यों न वरिष्ठ कार्यालय को आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु प्रस्तावित किया जाए। बहरहाल तीन दिवस के भीतर शालेय कार्यावधि के पश्चात अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष स्वतः उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण अनिवार्यतः प्रस्तुत करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिए है। वहीं, स्पष्टीकरण संतोषजनक स्थिति नहीं पाये जाने पर आगामी माह का वेतन लंबित रखते हुए खिलाफ एकपक्षीय कार्यवाही की चेतावनी दी गई है। सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं के निर्देश से मचा हड़कंप स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नोटिस में कई तथ्यों का उल्लेख किया गया है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि बच्चों की जान से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों की इस सख्त चेतावनी और निर्देश से अन्य स्कूलों के प्रचार्य एवं प्रधान पाठकों में हड़कंप मच गया है। वही देखना यह भी होगा कि इस निर्देश और सख्ती बातों का कितना असर पड़ता है। क्या कहते हैं विकासखंड शिक्षा अधिकारी इस विषय मे जानकारी लेने जब हमने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी संतोष सिंह से बच्चों के खाने में कीड़े निकलने पर उनके द्वारा जारी नोटिस के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा मेरे ध्यान में नही है,अभी थोड़ा व्यस्त हूं। 

वीरता पुरस्कार का हकदार: हरियाणा के जवान ने खतरे को ठुकराकर किया वीर कार्य

हिसार  ऑपरेशन सिंदूर में असाधारण साहस और नेतृत्व क्षमता का परिचय देने वाले हिसार जिले के रावलवास खुर्द गांव के सैनिक भले सिंह बालौदा को राष्ट्रपति द्वारा वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उनका चयन 14 अगस्त को किया गया था और आगामी राष्ट्रीय कार्यक्रम में उन्हें यह सम्मान प्रदान होगा। मूल रूप से राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले भले सिंह का परिवार पिछले 35 वर्षों से हिसार जिले में रह रहा है। उन्होंने प्राथमिक से लेकर दसवीं तक की पढ़ाई अपने ही गांव से की। वर्तमान में वे वायुसेना की एस-400 यूनिट में तैनात हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लॉन्चर प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे थे। खतरे के बावजूद लॉन्चर दुरुस्त किया ऑपरेशन सिंदूर के समय 10 मई की रात मिसाइलों की लगातार फायरिंग के बीच एक लॉन्चर अचानक खराब हो गया। खतरे के बावजूद उसे मौके पर छोड़ने के बजाय भले सिंह ने 4 अन्य सैनिकों के साथ मिलकर उसे दुरुस्त करने का फैसला लिया। उस समय दुश्मन की ओर से ड्रोन और मिसाइलों की लगातार बौछार हो रही थी, फिर भी उन्होंने जोखिम उठाकर लॉन्चर को ठीक किया और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

शिप्रा नदी त्रासदी: कार डूबने से TI और SI के शव बरामद, महिला आरक्षक की खोज जारी

उज्जैन उज्जैन में शिप्रा के बड़े पुल से शनिवार रात 9. 30 बजे एक कार नीचे नदी में गिर गई थी। कार में उन्हेल टीआई अशोक शर्मा, एसआई मदनलाल निनामा और एक महिला आरक्षक आरती पाल बैठे थे। 11 घंटे चले रेस्क्यू के बाद टीआई शर्मा का शव मंगलनाथ क्षेत्र से मिला है। वहीं भैरवगढ़ क्षेत्र में एसआई निनामा का शव मिला है। महिला आरक्षक की तलाश जारी है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि ग्राम गुराड़िया सांग से एक महिला लापता हुई थी। इसकी तलाश में उन्हेल टीआई अशोक शर्मा, एसआई निनामा और महिला आरक्षक चिंतामण क्षेत्र की ओर जा रहे थे। इस दौरान शिप्रा नदी का बड़ा पुल पार करते समय कार नीचे गिर गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया। शिप्रा के बढ़े हुए जलस्तर, तेज बहाव और मटमैले पानी के कारण रेस्क्यू में परेशानी हुई।    लगातार सर्चिंग अभियान के बीच रविवार सुबह उन्हेल टीआई और दो अन्य पुलिसकर्मियों के मोबाइल बंद मिले। इनकी आखिरी लोकेशन घटनास्थल के पास पाई गई। इस बीच मंगलनाथ के समीप शिप्रा नदी में पुलिस यूनिफार्म में एक शव मिला। शव उन्हेल टीआइ अशोक शर्मा का है। इसके बाद एसआई का शव मिला। सर्चिंग में दो ड्रोन भी लगाए गए हैं देर रात कार नदी में गिरने की सूचना मिलने पर महाकाल टीआई गगन बादल व होमगार्ड के जवान मौके पर पहुंचे गए थे। रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है। सर्चिंग के लिए दो ड्रोन भी लगाए गए हैं। टीआई बादल ने बताया कि शनिवार रात को बड़नगर रोड पर शिप्रा नदी पर बने बड़े पुल से एक कार गिरने की सूचना मिली थी। कार सवार लोग चक्रतीर्थ की ओर से कार्तिक मेला मैदान तरफ जाते समय पुल पर रैलिंग नहीं लगी होने के कारण कार सीधे नदी में गिर गई। जिले व आसपास के क्षेत्रों में कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। पुलिस का कहना है कि गोताखोरों की मदद से कार निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। एक दिन पहले ही पुल पर निरीक्षण करने पहुंचे थे एसपी     शुक्रवार रात को ही पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा बड़े पुल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने 24 घंटे पुलिस बल तैनात रहने के निर्देश दिए थे।     जिससे किसी भी आपात स्थिति में आमजन को तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के पास प्राथमिक उपचार किट एवं लाइफ जैकेट भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे।     पुलिस टीम द्वारा नियमित पेट्रोलिंग करते हुए स्थिति पर सतत निगरानी रखने को भी कहा था। वहीं आवश्यक बैरिकेडिंग एवं सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए थे।     इसके अतिरिक्त, वर्षा एवं बाढ़ जैसी परिस्थितियों में रेस्क्यू कार्यवाही के लिए पुलिसकर्मियों को रस्सी, टार्च एवं वायरलेस सेट उपलब्ध कराने को कहा था।

बिहार के 6 अमृत भारत स्टेशन होंगे नए उद्घाटन के साथ तैयार, 15 सितंबर को पीएम मोदी करेंगे लोकार्पण

सुपौल आगामी 15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्णिया में होंगे। इस दौरान वह पूर्णिया से ही पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल अंतर्गत अमृत भारत स्टेशन के तहत नवनिर्मित 06 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। इसमें 14.50 करोड़ की लागत से निर्मित सुपौल रेलवे स्टेशन भी शामिल है। इसको लेकर बीते 15 दिनों से रेलवे स्टेशन परिसर में काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस कार्यक्रम के साथ ही स्टेशन का नया भवन सहित पूरा परिसर आम यात्रियों की सुविधा के लिए चालू हो जाएगा। इसके अलावा 15 सितंबर से ही पूणे-दानापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस 12149/50 के सुपौल तक विस्तार की औपचारिक शुरुआत भी हो सकती है। सुपौल से लंबी दूरी के सफर के लिए यह पहली नियमित ट्रेन होगी। फिलहाल सुपौल से पैसेंजर ट्रेनों के अलावा केवल स्पेशल ट्रेनों का परिचालन हो रहा है, जो यात्रियों की जेब पर भी भारी पड़ रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ट्रेन के विस्तार को लेकर बीते 02 सितंबर को ही सांसद दिलेश्वर कामैत को पत्र लिख चुके हैं। लेकिन रेलवे की ओर से इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। फिलहाल यह ट्रेन 03349/50 स्पेशल के रूप में सहरसा, बरौनी, हाजीपुर के रास्ते सुपौल और दानापुर के बीच चलती है। 03349 ट्रेन रोजाना दोपहर 02:30 बजे सुपौल के खुल कर रात 09:30 बजे दानापुर पहुंचती है। इसके बाद पुन: यह ट्रेन 12150 बन कर रात 11:15 बजे दानापुर से खुलती है और 28 घंटे 45 मिनट के सफर के बाद अगले दिन सुबह 04 बजे पूणे पहुंचती है। वही 12149 ट्रेन पूणे से रोजाना रात 09:05 बजे खुल कर 28 घंटे 45 मिनट का सफर करते हुए अगले दिन सुबह 02:15 बजे दानापुर पहुंचती है। इसके बाद 03350 स्पेशल बन कर सुबह 04:30 बजे दानापुर से पुन: उसी रास्ते दोपहर 01:15 बजे सुपौल पहुंचती है। ट्रेन के नियमित होने से यात्रियों को होगा लाभ 12149/50 पूणे-दानापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के सुपौल तक नियमित हो जाने से खास तौर पर सुपौल वासियों को बड़ा लाभ होगा। इसके अलावा इस ट्रेन के नियमित ठहराव वाले सभी स्टेशन के यात्री लाभान्वित होंगे। दरअसल, फिलहाल इस ट्रेन से पूणे तक के सफर के लिए दानापुर स्टेशन से पहले सवार होने वाले यात्रियों को दो टिकट बनाना पड़ता था। ट्रेन का नंबर बदल जाने की वजह से यात्रियों को यह परेशानी होती थी। इसमें रिजर्वेशन के फिक्स चार्ज के अलावा अन्य कई प्रकार की फीस भी बढ़ जाती थी। लेकिन अब ट्रेन के नियमित होने के बाद एक बार में ही लोग अपने गंतव्य के लिए टिकट ले सकेंगे, जो सस्ता और सुलभ भी होगा। सुपौल से ट्रेन की शुरुआत होने की वजह से यहां रिजर्वेशन का कोटा भी अधिक रहने की उम्मीद है। हालांकि, नोटिफिकेशन के बाद ट्रेन के टाइमिंग में बदलाव हो सकता है। इन छह स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे पीएम 15 सितंबर काे पीएम नरेंद्र मोदी अमृत भारत स्टेशन के तहत विकसित सुपौल सहित कुल रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। इसमें 41.60 करोड़ की लागत से विकसित सहरसा सहित 21.40 करोड़ से विकसित सलौना, 14.55 करोड़ से विकसित सिमरी बख्तियारपुर, 15.96 करोड़ से विकसित दौरम मधेपुरा और 23.35 करोड़ से विकसित बनमनखी स्टेशन शामिल है। इन स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन के रूप में चयन वर्ष 2022 में हुआ था। फरवरी 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास किया था। यात्रियों के लिए आरामदेह वेटिंग एरिया, पार्किंग की भी व्यवस्था अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित सुपौल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा का विशेष ख्याल रखा गया है। आरामदेह वेटिंग हॉल के अलावा फ्री वाई-फाई सुविधा, कैंटिन, लिफ्ट, महिलाओं और दिव्यांगजनों के सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। परिसर में वाहनों के पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है। साथ ही एक कॉमर्शियल बुकिंग काउंटर बनाया गया है, जहां से लोग व्यवसायिक बुकिंग भी कर सकेंगे। समस्तीपुर रेल मंडल के पीआरओ आरके सिंह ने बताया कि 15 मई को पीएम संभवत: मंडल क्षेत्र के 06 अमृत भारत स्टेशनों का उद्घाटन कर सकते हैं। सुपौल में फिलहाल सामान्य और आरक्षित टिकट काउंटर बढ़ाने को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है। डिमांड के अनुरुप काउंटर की संख्या बढ़ाई या घटाई जा सकती है। अभी त्रिवेणीगंज तक सेवा विस्तार में देरी सुपौल-अररिया नई रेल लाईन पर फिलहाल निर्माण कार्य जारी है और पिपरा तक ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। इस बीच मंगलवार को त्रिवेणीगंज तक स्पीड ट्रायल होने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि 15 सितंबर से त्रिवेणीगंज तक ट्रेन परिचालन आरंभ हो सकता है। हालांकि समस्तीपुर रेल मंडल के पीआरओ आरके सिंह ने बताया कि अभी त्रिवेणीगंज तक ट्रेन विस्तार में कुछ विलंब हो सकता है। स्पीड ट्रायल के बाद सीआरएस जांच होनी है। लेकिन सीआरएस का कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। जांच के बाद अगर सबकुछ ठीक रहा तो रेल परिचालन का प्रस्ताव बोर्ड को भेजा जा सकता है। फिलहाल 15 सितंबर से त्रिवेणीगंज तक ट्रेन परिचालन की कोई योजना नहीं है।  

सड़क निर्माण से बदलेगा बिहार का चेहरा: आठ जिलों में 675 करोड़ की परियोजनाओं को मिली मंजूरी

पटना राज्य के आठ जिलों की दस सड़कों को केंद्रीय सड़क और बुनियादी ढांचा कोष (सीआरआईएफ) को नया स्वरूप दिया जाएगा। इन परियोजनाओं पर 675 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने शनिवार को इस आशय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन सड़क परियोजनाओं के लिए सीआरआईएफ से मंजूरी मिली है। उनकी अनुशंसा राज्य सरकार ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को की थी। पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि बिहार की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने को ले केंद्र एवं राज्य सरकार संयुक्त रूप से काम कर रही है। इसी क्रम में आठ जिले क्रमश: बक्सर, सारण, नवादा, मधुबनी, भागलपुर, अररिया, पूर्णिया एवं पूर्वी चंपारण की दस परियोजनाओं को मंजूरी दी गयी है। इनमें पथों के मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण तथा एक पुल निर्माण की योजना शामिल है। इन परियोजनाओं को मिली मंजूरी 1. 135 करोड़ की लागत से अररिया जिले के जयनगर (भरगामा प्रखंड) से घुरना (नरपतगंज प्रखंड) भारत-नेपाल सीमा तक 30 किलोमीटर सड़क का निर्माण 2. 117.49 करोड़ की लागत से बक्सर जिले में एसएच-17 का चौसा-गोला-कोचस पथांश (बसाही पुल तक) का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण एवं एक एच.एल. पुल का निर्माण 3. 48.68 करोड़ की लागत से सारण जिले के तरैया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राज्य राजमार्ग संख्या 104 के 12 किमी पथ का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य 4. 45 करोड़ की लागत से नवादा स्टेशन रोड से गोसाईबिगहा, जहाना, लाखमोहना, सुपौल तक की 11.6 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य 5. 72 करोड़ की लागत से मधुबनी जिले के रामनगर-मोतीपुर खैरा सड़क का 12.5 किलोमीटर तक चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य को शामिल किया गया है। 6. 80 करोड़ की लागत से भागलपुर से गोराडीह होते हुए कोतवाली तक 17.14 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य। 7. 56.70 करोड़ की लागत से 4.5 किलोमीटर तक भागलपुर-हंसडीहा मुख्य मार्ग (एसएच-19) को एनएच-80 से जोड़ने का कार्य। 8. 42.50 करोड़ की लागत से मोतिहारी के ढाका-लौखान सड़क का 11 किलोमीटर तक चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य 9. 47.42 करोड़ की लागत से मोतिहारी के ही नारीगिर-चंपापुर-आदापुर सड़क का 15.55 किलोमीटर चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य 10. 29.48 करोड़ की लागत से पूर्णिया जिले के घमदाहा से कुआरी सड़क 11.2 किलोमीटर का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य को भी शामिल किया गया है।

शिक्षा विभाग की नई योजना: हरियाणा में 2026 से बदल जाएगा स्कूल सिस्टम

हरियाणा हरियाणा की एजूकेशन में शिक्षा विभाग बड़ा बदलाव करने जा रहा है। दरअसल, नए शिक्षण सत्र (2026) में विभाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिलेबस शुरू करने की तैयारी कर रहा है। विभाग इसे 4 फेज में लागू करेगा। पहले फेज में, एआई सिलेबस क्लास 9 के स्टूडेंट के लिए होगी पढ़ाई।  टीचर, क्लास और टीचिंग में एआई एक्यूपमेंट को भी शामिल किया जाएगा, ताकि लेसन को अधिक आकर्षक और व्यावहारिक बनाया जा सके। इस मुहिम को सफल करने के लिए शिक्षा विभाग करीब एक लाख टीचरों को चरणबद्ध तरीके से ट्रेनिंग भी देगा।हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी अपने स्तर पर इस मुहिम को मॉनिटर कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जल्द से जल्द इस पर बचा हुआ काम पूरा कर लिया जाए। 25 से 29 सितंबर तक जिला स्तरीय ट्रेनिंग होगी डाइट डिंग द्वारा 25 से 29 सितंबर तक एक जिला स्तरीय ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया जाएगा, जहां सिरसा जिले के 50 शिक्षकों को एआई की बुनियादी बातों, परियोजना-आधारित शिक्षा, प्रश्नपत्र डिजाइन और मूल्यांकन तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा विभाग अधिकारियों ने बताया कि 5 विषयों में 40-45 मिनट की अवधि में पढ़ाए जाने वाले इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में रचनात्मकता, समस्या-समाधान कौशल और डिजिटल उपकरणों के उपयोग को बढ़ाना है, जिससे उच्च शिक्षा और नौकरियों के लिए उनकी संभावनाएं मजबूत होंगी। पहले चरण में पाठ्यक्रम सिर्फ 9वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए शुरू होगा। इसके बाद हर साल एक-एक करके 10वीं, 11वीं फिर 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए एआई पाठ्यक्रम लागू हो जाएगा। एआई के एक पाठ्यक्रम में पांच पार्ट होंगे, जिनमें अलग-अलग तरह के कौशल (स्किल्स) वाले कोर्स बच्चों को पढ़ाए जाएंगे।पाठ्यक्रम की शुरुआत की तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। वहीं शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। 6वीं से 8वीं के लिए 40 मिनट का चलेगा पीरियड सरकारी स्कूलों में 6वीं, 7वीं और 8वीं कक्षा में एआई पाठ्यक्रम अभी शामिल नहीं होगा। इन तीनों कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए 40 मिनट का एआई पीरियड अनिवार्य होगा। इस दौरान प्रशिक्षित शिक्षक इन तीनों कक्षा के विद्यार्थियों को एआई पाठ्यक्रम संबंधित जानकारी देंगे। पाठ्यक्रम के 100 अंक होंगे 9वीं कक्षा के एआई पाठ्यक्रम में मशीन लर्निंग, न्यूरल नेटवर्क और एआई एप्लीकेशन जैसी मूलभूत श्रेणियां शामिल हैं। इसके जरिए विद्यार्थी एआई से दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाले पहलू, उसमें सुधार के प्रारंभिक तरीके और परिणाम को समझेंगे। इसमें 50 अंकों की व्यावहारिक मूल्यांकन और 50 अंकों की सैद्धांतिक परीक्षाएं शामिल हैं, जो कुल 100 अंकों की होंगी। मॉडल स्कूल और पीएमश्री स्कूलों में चल रहा पाठ्यक्रम प्रदेश के सभी मॉडल स्कूल और पीएमश्री स्कूलों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से पाठ्यक्रम चलते हैं। इसी कारण इन स्कूलों में पहले से एआई पाठ्यक्रम चल रहे हैं। कुल 468 सरकारी मॉडल संस्कृति (जीएमएस) और पीएमश्री माध्यमिक उच्च विद्यालय और 1420 सरकारी मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल हैं।  

महिला सुरक्षा संकट: राजस्थान में आधे साल में 2966 दुष्कर्म मामले दर्ज

जयपुर राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ अपराध  के आंकड़ें चिंता बढ़ाने वाले हैं। प्रदेश में साल 2025 में महिलाओं के साथ दुष्कर्म के 2966 मामले थानों में दर्ज हुए हैं। इनमें 12 प्रकरणों में दुष्कर्म के बाद हत्या किया जाना भी शामिल है। विधानसभा में पूछे गए गए सवाल के जवाब में सरकार की ओर से यह आंकड़े पेश किए गए हैं। कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल ने विधानसभा में सरकार से सवाल पूछा है कि प्रदेश में 1 जनवरी, 2025 से 30 जून, 2025 तक महिलाओं के साथ बलात्कार, बलात्कार के बाद हत्या, दहेज हत्या, आत्महत्या का दुष्प्रेरणा एवं महिला उत्पीड़न (दहेज) के कितने प्रकरण दर्ज हुए हैं? इनमें से कितने प्रकरणों में चालान पेश कर दिया गया है एवं कितने प्रकरणों में अब तक अनुसंधान लम्बित हैं? इसके जवाब में गृह विभाग की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में एक जनवरी से 30 जून तक दुष्कर्म के कुल 2966 प्रकरण दर्ज हुए। वहीं 12 प्रकरणों में दुष्कर्म के बाद पीड़िताओं की हत्या भी कर दी गई। पुलिस की तरफ से इनमें 1387 प्रकरणों में चालान पेश कर दिए गए हैं जबकि 1187 में एफआर लगा दी गई। इनके अलावा 392 प्रकरण अभी लंबित बताए गए हैं। इसी अवधि में दहेज हत्या के 187 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से 92 में चालान पेश किए गए जबकि 31 में एफआर लगा दी गई, तथा 64 प्रकरणों में अभी जांच चल रही है। महिला उत्पीड़न के कुल 6192 प्रकरण सामने आए जिनमें 3004 में चालान पेश किए गए तथा 1863 में एफआर लगा दी गई। जयपुर- अलवर में दुष्कर्म के मामले सबसे ज्यादा दुष्कर्म के मामलों में राजधानी जयपुर के हालात सबसे ज्यादा खबरा है। यहां कुल 293 दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज हुई हैं। इनमें से 128 मामलों में कोर्ट में चालान पेश हुए हैं। इनमें 2 मामले दुष्कर्म के साथ हत्या के भी हैं। जयपुर के बाद दुष्कर्म के सबसे ज्यादा मामले अलवर जिले में रिपोर्ट हुए हैं। यहां दुष्कर्म की 143 एफआआईआर दर्ज हुई है। इनमें से 50 में चालान पेश किए गए हैं तथा 74 में एफआर लगा दी गई। गंगानगर में कुल 128 मामले दर्ज हुए हैं जिनमें से  45 मामलों में चालान पेश किए गए। 187 महिलाओं की दहेज हत्या दहेज के मालले भी चौंकाने वाले हैं। प्रदेश में दहेज के मामलों में 187 महिलाओं की हत्या हुई है। इनमें से 92 मामलों में कोर्ट में चालान पेश किए गए हैं। इनके अलावा महिला उत्पीड़न के 6 हजार से ज्यादा प्रकरण थानों में दर्ज हुए हैं। घरेलू हिंसा के मामलों में भावनात्मक और मानसिक प्रताड़ना, मारपीट, घर से बाहर निकालने की धमकी जैसी शिकायतें शामिल हैं। पिछले पांच साल में जयपुर जिले में 18 हजार से अधिक महिलाएं मदद मांगने आईं।  

रेखा गुप्ता ने किया बड़ा खुलासा, पंजाब को आर्थिक सहायता में होंगे इतने करोड़ का योगदान

पटियाला दिल्ली की मौजूदा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (भाजपा) ने पंजाब के मुख्यमंत्री राहत फंड के लिए ₹5 करोड़ की राशि भेजने का ऐलान किया है। यह राशि हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित पंजाबवासियों की तुरंत मदद के लिए सीधे मुख्यमंत्री राहत फंड में दी जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत और राहत कार्यों में सहयोग करना है। हालिया भारी बाढ़ और उससे हुए बड़े नुकसान को देखते हुए यह मदद तत्काल सहायता के रूप में दी जा रही है। बताया गया कि यह राशि सीधे मुख्यमंत्री राहत फंड में जाएगी, ताकि राहत और पुनर्वास के कार्य जल्द और प्रभावी ढंग से हो सकें। यह सहायता आपात स्थिति में बाढ़ पीड़ित लोगों की तुरंत मदद के लिए है, जिससे राहत कैंप, भोजन-पानी, दवाइयाँ और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने में तेजी आ सकेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री ने एक संदेश में उम्मीद जताई कि पंजाब जल्द ही इन कठिन हालात से उबर जाएगा।  

संविदा पदों की भर्ती में जारी हुई सूची, मिशन वात्सल्य में 10 सितंबर तक करें दावा-आपत्ति

 बालोद जिले में मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन और किशोर न्याय बोर्ड के संचालन के लिए संविदा पदों को लेकर प्रक्रिया एक बार फिर सुर्खियों में है। कुल 16 पदों (जिला बाल संरक्षण इकाई 8 और चाइल्ड हेल्पलाइन 8) पर की जा रही भर्ती में पात्र-अपात्र सूची जारी कर दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि आवेदन पत्रों का पुनः परीक्षण कर सूची प्रकाशित की गई है, जिसे विभागीय कार्यालय के सूचना पटल के साथ-साथ जिला बालोद की आधिकारिक वेबसाइट balod.gov.in पर देखा जा सकता है। अब विभाग ने अभ्यर्थियों को अपनी पात्रता साबित करने का पुनः अवसर दिया है। यदि किसी आवेदक को जारी सूची पर आपत्ति है, तो वह प्रमाण और साक्ष्य संलग्न करते हुए 10 सितंबर 2025 को शाम 5 बजे तक अपनी आपत्ति भेज सकता है। आपत्ति केवल स्पीड पोस्ट, कुरियर या रजिस्टर्ड डाक से ही स्वीकार की जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने साफ कहा है कि कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से आवेदन स्वीकार नहीं होंगे और न ही अंतिम तिथि के बाद मिले अभ्यावेदन पर विचार किया जाएगा। इस घोषणा के बाद संविदा पदों के दावेदारों में फिर से हलचल मच गई है। कई अभ्यर्थी दस्तावेज जुटाने में लगे हैं, तो वहीं सूची में नाम न आने से असंतुष्ट उम्मीदवार आपत्ति की तैयारी कर रहे हैं। अब देखना होगा कि 10 सितंबर के बाद पात्र उम्मीदवारों की अंतिम सूची में किसका नाम शामिल होता है।

बड़ी कार्रवाई: हरियाणा के 1680 निजी स्कूलों को जुर्माने के साथ मान्यता संकट का सामना

चंडीगढ़ हरियाणा शिक्षा विभाग ने शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत गड़बड़ी करने वाले निजी स्कूलों पर कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए दाखिला प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले 1680 स्कूलों पर जुर्माना ठोका है। सूत्रों के अनुसार, जिन स्कूलों ने RTE दाखिलों का ब्यौरा MIS पोर्टल पर अपलोड नहीं किया, उन पर कार्रवाई की गई है। जिसमें 1 हजार रुपये तक फीस लेने वाले स्कूलों पर 30 हजार रुपये और 3 हजार रुपये तक फीस लेने वाले स्कूलों पर 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, 3 हजार रुपये से अधिक फीस लेने वाले संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और सुनवाई के बाद उन पर कठोर कदम उठाए जाएंगे। 1126 स्कूलों की मान्यता पर भी खतरा इसके साथ ही, 1126 स्कूलों की मान्यता भी खतरे में है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों ने मान्यता संबंधी खामियों और अन्य आधारों पर इन्हें खारिज किया है। विभाग ने अल्पसंख्यक दर्जा रखने वाले संस्थानों से प्रमाण-पत्र जमा कराने को कहा है। सत्यापन के बाद इनकी अलग सूची तैयार होगी।   नियम तोड़ने वाले संस्थानों पर होगी कार्रवाई निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को 10 सितंबर तक पूरी कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि केवल विभाग द्वारा जारी वास्तविक और नवीनीकृत मान्यता-पत्र ही मान्य होंगे। शिक्षा विभाग ने दोहराया कि छात्रों के अधिकारों और आरटीई के प्रावधानों से समझौता नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने वाले संस्थानों को हर हाल में दंडित किया जाएगा।