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दुर्लभ ऑपरेशन में सफलता: डॉक्टरों ने पैर की हड्डी से गढ़ा जबड़ा, जिंदगी में लौटी रौनक

भोपाल एम्स भोपाल के डेंटल विभाग ने एक दुर्लभ और जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। 24 वर्षीय युवती के निचले जबड़े में ट्यूमर था, जिसके कारण पूरा जबड़ा और 13 दांत निकालने पड़े। बाद में डॉक्टरों ने पैर की हड्डी (इल्याक क्रेस्ट) से नया जबड़ा बनाया और उस पर डेंटल इम्प्लांट्स के जरिए 13 दांत लगाए। यह सेंट्रल इंडिया का पहला मामला है। डॉ. अंशुल राय ने बताया कि वे पिछले 20 वर्षों से डेंटल इम्प्लांट और सर्जरी कर रहे हैं, लेकिन 12 सेंटीमीटर का नया जबड़ा बनाकर उस पर 13 दांत लगाना इस क्षेत्र में पहली बार हुआ है। इस केस को इंटरनेशनल इम्प्लांट्स जर्नल में प्रकाशन के लिए भेजा गया है।   जबरदस्त चुनौती बना ट्यूमर लंबे समय से युवती को मुंह में सूजन और पस बनने की समस्या थी। जांच में पता चला कि यह बिनाइन ओडोन्टोजेनिक ट्यूमर है, जो लगभग 12 सेंटीमीटर तक फैल चुका था। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों को पूरा निचला जबड़ा और उसके साथ 13 दांत निकालने पड़े। पैर की हड्डी से नया जबड़ा जबड़ा और दांत निकलने के बाद युवती को बोलने और खाना खाने में कठिनाई होने लगी। चेहरा भी दब गया था, जिससे वह अवसाद में चली गई। परिवार को उसकी शादी की चिंता भी सताने लगी। ऐसे में डॉक्टरों ने पैर की हड्डी से नया जबड़ा बनाया और नौ डेंटल इम्प्लांट्स लगाए। छह महीने बाद लौटी मुस्कान करीब छह महीने तक पैर की हड्डी और नए जबड़े को जुड़ने का समय दिया गया। इसके बाद तीसरे चरण में नए जबड़े पर डेंटल इम्प्लांट्स के जरिए 13 दांत लगाए गए। अब युवती पहले की तरह खाना खा पा रही है, उसका चेहरा सामान्य दिखने लगा है और जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। परिजनों के मुताबिक, एक साल से डिप्रेशन में रह रही बेटी अब फिर से खुश रहने लगी है।

सालभर बाद शुरू हुए MPPSC सहायक प्राध्यापक इंटरव्यू, समाजशास्त्र व अर्थशास्त्र के लिए दो पैनल गठित

इंदौर सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 के तहत समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र विषय की परीक्षा पिछले साल करवाई गई। लगभग एक वर्ष के इंतजार के बाद अब चयनित उम्मीदवारों के लिए मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू की है। उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने के कारण आयोग ने साक्षात्कार के लिए दो पैनल गठित किए हैं। 11 सितंबर से समाजशास्त्र और 22 सितंबर से अर्थशास्त्र विषय के साक्षात्कार प्रारंभ होंगे। उम्मीदवारों को इसके लिए आनलाइन एडमिट कार्ड जारी किए जा रहे हैं। आयोग ने सितंबर का विस्तृत शेड्यूल जारी किया है, जिसमें चार साक्षात्कार और दो परीक्षाएं शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक कुछ परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की संख्या कम होने से परीक्षा केंद्र इंदौर में रखने पर विचार किया जा रहा है।   समाजशास्त्र के 80 पदों पर चयनित हैं 305 उम्मीदवार सरकारी महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती के लिए आयोग ने अगस्त 2024 में परीक्षा का दूसरा चरण आयोजित किया था। चार अगस्त को 16 विषयों की परीक्षा हुई, जिनमें समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र भी शामिल थे। समाजशास्त्र विषय के लिए 80 पदों पर 305 उम्मीदवार चयनित हुए हैं। इनमें 43 सामान्य, छह अनुसूचित जाति (एससी), सात अनुसूचित जनजाति (एसटी), 18 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और छह आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के पद शामिल हैं। समाजशास्त्र विषय के साक्षात्कार 11 सितंबर से शुरू होंगे और इन्हें आठ दिनों में पूरा किया जाएगा। प्रतिदिन 30 से 35 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। अर्थशास्त्र के 104 पदों पर 372 उम्मीदवारों का चयन आयोग 22 सितंबर से अर्थशास्त्र विषय की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। इस विषय के लिए 104 पदों पर 372 उम्मीदवारों का चयन हुआ है। इनमें 44 अनारक्षित, 26 एसटी, सात एससी, 20 ओबीसी और सात ईडब्ल्यूएस के पद शामिल हैं। अभ्यर्थियों को 15 सितंबर के बाद प्रवेश पत्र दिए जाएंगे। आयोग ने उम्मीदवारों को साक्षात्कार से एक घंटे पहले कार्यालय में रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए हैं। सहायक निदेशक पदों के साक्षात्कार दो-तीन दिनों में होंगे पूर्ण सहायक निदेशक उद्यान-2023 की परीक्षा 23 मार्च को हुई थी। इसके परिणाम 21 मई को जारी किए गए, जिनमें 10 पदों के लिए 28 मुख्य और सात प्रावधिक उम्मीदवार शामिल हुए। आयोग ने इसके साक्षात्कार आठ सितंबर को निर्धारित किए हैं। अधिकारियों के अनुसार अभ्यर्थियों की संख्या कम होने से साक्षात्कार दो-तीन दिन में पूरे कर लिए जाएंगे। सरकारी अस्पतालों में भर्ती साक्षात्कार नौ को प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में ईएनटी विशेषज्ञों के पद लंबे समय से रिक्त हैं। इनकी भर्ती के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दिसंबर 2024 में अधिसूचना जारी की थी। कुल 16 पदों में चार अनारक्षित, तीन एससी, पांच एसटी और दो-दो ओबीसी व ईडब्ल्यूएस पद शामिल हैं। आयोग ने इन पदों के लिए साक्षात्कार नौ सितंबर को निर्धारित किए हैं। 100 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, इसलिए साक्षात्कार प्रक्रिया दो पैनलों द्वारा करवाई जाएगी। खनिज अधिकारी की परीक्षा 28 को खनिज साधन विभाग ने लगभग दो वर्ष बाद खनिज अधिकारी के रिक्त पदों पर भर्ती निकाली है। 30 दिसंबर 2024 को आयोग ने 10 पदों के लिए अधिसूचना जारी की थी। आवेदन 28 दिसंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक स्वीकार किए गए। अब आठ महीने के इंतजार के बाद अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा 28 सितंबर को होगी। यह परीक्षा आफलाइन ओएमआर शीट पर होगी। उम्मीदवार 15 सितंबर के बाद अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

28 जगहों पर ED का शिकंजा, 4 करोड़ रुपये बरामद – कारोबारियों में हड़कंप

रायपुर 350 करोड़ के डीएमएफ घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। 3 सितंबर को ठेकेदार और कृषि कारोबारियों के 28 ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई में ईडी ने नकदी चार करोड़ रुपये, 10 किलो चांदी के जेवर के साथ आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजीटल उपकरण जब्त किए है। ईडी की ओर से शनिवार को जारी अधिकारिक बयान में कहा गया है कि अब तक की जांच में साफ हुआ है कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के डीएमएफ फंड की 350 करोड़ रुपये का उपयोग बीज निगम के जरिए किया गया था। बीज निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से विक्रेताओं, ठेकेदारों को कृषि व उपकरणों की आपूर्ति करने का काम दिया गया था।   60 प्रतिशत तक बंटा कमीशन ईडी की जांच से साफ हुआ कि मिनी दाल मिल, बीज आदि कारोबारियों से अनुबंध मूल्य का 60 प्रतिशत तक कमीशन रिश्वत के तौर पर संपर्ककर्ताओं द्वारा ली गई थी और बाद में कुछ अधिकारियों और अन्य सहयोगियों तक यह राशि पहुंचाई गई। राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड (बीज निगम) से संबंधित कारोबारियों, ठेकेदारों और बिचौलियों के ठिकानों से नकदी,चांदी के जेवर आदि जब्त कर आगे की जांच की जा रही है। इससे पहले ईडी ने 21.47 करोड़ रुपए की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की थी। इसके अलावा रायपुर स्थित विशेष पीएमएलए न्यायालय में एक अभियोजन शिकायत भी दायर की गई है, जिसमें 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा इस मामले में निलंबित आइएएस रानू साहू, राज्य सेवा अधिकारी माया वारियर और मनोज कुमार द्विवेदी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। फिलहाल रानू साहू अंतरिम जमानत पर राज्य से बाहर रह रही है। इन जगहों पर मारा था छापा तीन सितंबर को तड़के पांच बजे ईडी की अलग-अलग टीम ने छापेमारी की कार्रवाई की थी। रायपुर के शंकरनगर में कृषि कारोबारी विनय गर्ग, स्वर्णभूमि कालोनी स्थित होटल व्यवसायी मनीदीप चावला, कृषि उपकरणों का कारोबार करने वाले राजेश अग्रवाल, ला विस्टा कॉलोनी अमलीडीह में पवन पोद्दार और सतपाल छाबड़ा के घर पर देर रात तक एजेंसी ने छानबीन की थी। सतपाल छाबड़ा का ओडिशा और छत्तीसगढ़ में एग्रीकल्चर उपकरणों का कारोबार है। इसके साथ ही दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई में अन्ना भूमि ग्रीनटेक प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर शिवकुमार मोदी,शांति नगर स्थित विवेकानंद कालोनी में रहने वाले सीए आदित्य दिनोदिया के यहां भी टीम ने दबिश दी थी। अन्ना भूमि ग्रीनटेक प्राइवेट लिमिटेड कृषि और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में काम करती है। यह कंपनी ड्रिप सिंचाई प्रणाली, कांटेदार तार, चेन लिंक, आरसीसी बाड़ के खंभे,सौर पंप और कृषि उपकरणों की आपूर्ति करती है। वहीं राजिम-महासमुंद मार्ग स्थित उगम राज कोठारी के घर और दुकान में भी छापा पड़ा था। उमग राज कृषि यंत्रों की आपूर्ति का सरकारी ठेका लेते है। जांच टीम ने उनके घर और दुकान को सील कर रखा है।

खाने को लेकर भिड़ंत, सिलेंडर से सिर कुचलकर कर दी साथी की हत्या

दुर्ग दुर्ग-भिलाई और आसपास के क्षेत्रों में आपराधिक वारदात लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आए दिन हत्या और लूट जैसे मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे ही कोतवाली थाना दुर्ग क्षेत्र में एक और हत्या हो गई है।फास्ट फूड सेंटर में खाने को लेकर मामूली विवाद पर एक युवक ने अपने ही साथी के सिर पर सिलेंडर पटक कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। जानकारी के अनुसार घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के कचहरी वार्ड में शनिवार की रात लगभग 9:30 बजे की है। एक फास्ट फूड सेंटर में खाने को लेकर दो दोस्तों के बीच कहासूनी होने लगी। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हत्या तक पहुंच गया। आरोपी भूपेंद्र ने युवक शंभू की हत्या कर दी। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।   जानकारी के मुताबिक जय हनुमान मुंबई वेज चाइनीज दुकान में भूपेंद्र सागर और शंभू सागर के बीच झगड़ा हुआ। विवाद बढ़ने पर आरोपी भूपेंद्र ने दुकान में रखे सिलेंडर से शंभू के सिर पर लगातार तीन बार हमला किया। इस वार से शंभू की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना के बाद आरोपी भूपेंद्र सागर मौके से फरार हो गया था। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि मृतक और आरोपी दोनों ही नशे के आदी थे। किस बात को लेकर दोनों में इतना विवाद हुआ इसको लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। गौरतलब है कि शिक्षाधानी में युवक तेजी से नशे के आदी होते जा रहे हैं। कुछ समय पहले धमतरी में हुए हत्याकांड, जिसमें रायपुर के तीन युवकों को जान से मार दिया गया था। उस वारदात में भी सभी आरोपी नशे की हालत में थे और उसी कारण मामूली विवाद को लेकर उन्होंने 3 बेगुनाह युवकों की हत्या कर दी थी। पुलिस प्रशासन को क्षेत्र में बढ़ रही नशे की लत को रोकने की जरूरत है।

मंदिर के सामने दुकान में लगी आग से मची अफरातफरी, दमकल ने दो घंटे बाद बुझाई लपटें

छिंदवाड़ा छोटी बाजार स्थित बड़ी माता मंदिर के सामने रात के 11 बजे करीब अहिंसा टेंट सप्लायर की दुकान में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आज ने विकराल रूप ले लिया। दुकान को अपने चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही मौके पर एसडीएम सुधीर जैन, नगर अमला और पुलिस विभाग पहुंच गया। आग बुझाने के लिए नगर निगम अमला को कड़ी मशक्कत करना पड़ी। तकरीबन चार दमकलों से आग पर काबू पाया गया। इस दौरान इस मार्ग से निकल रही मूर्तियों को रोककर अन्य रास्ते से निकाला गया। घटना के बारे में एसडीएम ने बताया की आग से लाखों का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है, जांच के बाद ही आग लगने की वजह स्पष्ट होगी।   आसपास की दुकानों में भी लग सकती थी आग दुकान में लगी आग ने धीरे-धीरे विकराल रूप ले लिया था, इस दौरान आसपास के दुकान और मकान मालिकों को इस बात का डर सता रहा था कि कहीं आग उनकी दुकान को अपनी चपेट में ना ले ले। हालांकि नगर निगम के अमला ने 2 घंटे की कड़ी में मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।

वैवाहिक विवाद से वारदात: मध्यप्रदेश में पत्नी और प्रेमी ने रची हत्या की साजिश, कुएं में मिली लाश

अनूपपुर कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा ग्राम सकरिया में भैयालाल रजक (60 वर्ष) की रविवार को अपने घर के पीछे खेत के कुएं में बोरे और कंबल से लिपटी एवं साड़ियों से बंधी मिली लाश के मामले में अंधे हत्याकांड का खुलासा शुक्रवार को किया। इस मामले में भैयालाल की पत्नी एवं दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। यह वारदात अवैध संबंध और पति की पूरी संपत्ति हड़पने के इरादे से हुई। यह था मामला जानकारी अनुसार 31 अगस्त को गुड्डी पति भैयालाल रजक उम्र करीब 42 साल निवासी जैतहरी अनूपपुर के द्वारा थाना कोतवाली पहुंचकर सूचना दी गई थी कि ग्राम सकरिया में पति भैयालाल रजक का शव घर के पीछे खेत में बने कुएं के पानी में दिखा है। सूचना के बाद एसडीओपी अनूपपुर सुमित केरकेट्टा, टीआई कोतवाली अरविन्द जैन, एफएसएल वैज्ञानिक अधिकारी डॉक्टर प्रदीप अहिरवार, फिन्गर प्रिन्ट विशेषज्ञ उपनिरीक्षक गिरजा शंकर गौतम शहडोल, एसडीआरएफ के प्लाटून कमाण्डर रामनरेश भवेदी, पुलिस डाग वीरा ट्रेकर के साथ घटनास्थल पहुंचकर कुएं से मृतक भैयालाल रजक का शव बरामद किया था।   मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया गया। बताया गया उक्त शव जूट के बोरे एवं कंबल में लिपटा हुआ और जूट की रस्सी एवं दो साड़ियों से बंधा हुआ था। भैयालाल रजक के सिर पर पीछे की ओर गहरी चोट से गहरा घाव होना पाया गया था। जिला चिकित्सालय अनूपपुर में पीएम कराए जाने पर रिपोर्ट में भैयालाल रजक की मृत्यु सिर पर आई गंभीर चोट से होना पाए जाने पर थाना कोतवाली में अज्ञात आरोपितों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। अवैध संबंध और भैयालाल की संपत्ति हड़पने वारदात बनी वजह इस घटना में पुलिस उपमहानिरीक्षक शहडोल रेंज शहडोल सविता सोहाने एवं पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान द्वारा भी घटनास्थल का निरीक्षण एवं आसपास के लोगों से पूछताछ कर जांच टीम को निर्देश दिए गए। पुलिस टीम द्वारा गहन छानबीन एवं साक्ष्य संकलन पर मृतक भैयालाल रजक की तीसरी पत्नी मुन्नी उर्फ विमला रजक 38 वर्ष निवासी ग्राम सकरिया, उसके प्रेमी लल्लू उर्फ नारायण दास पिता राममनोहर कुशवाहा उम्र करीब 48 वर्ष निवासी वार्ड 13 पुरानी बस्ती अनूपपुर एवं घर पर काम करने वाले मजदूर धीरज पिता समयलाल कोल उम्र करीब 25 वर्ष निवासी ग्राम सकरिया कोतवाली अनूपपुर को धारा 103(1),238,61(2) बीएनएस के तहत गिरफ्तार किया है। पुलिस के द्वारा अंधी हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि भैयालाल रजक की तीन शादियां हुई है। पहली पत्नी ग्राम मझगवां जिला शहडोल की शादी के कुछ दिनों बाद ही छोड़कर चली गई थी। वर्तमान में भैयालाल रजक की दो पत्नियां है, पहली पत्नी गुड्डी बाई को कोई संतान ना होने से भैयालाल रजक ने गुड्‌डी बाई की छोटी बहन मुन्नी बाई रजक से भी शादी कर ली थी, जिससे भैयालाल रजक को दो संतान है। उसकी ग्राम सकरिया एवं परसवार में कीमती पैतृक जमीन है, जिसको विक्रय कराने के लिए दलाल लल्लू उर्फ नारायण दास कुशवाहा का पिछले चार-पांच वर्ष से भैयालाल रजक के घर पर आना जाना होता था। इसी बीच मुन्नी बाई रजक का लल्लू उर्फ नारायणदास कुशवाहा से प्रेम संबंध हो गया, जिसके चलते शनिवार 30 अगस्त को मुन्नी बाई ने लल्लू उर्फ नारायणदास और घर पर काम करने वाले मजदूर धीरज कोल के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। वह जैतहरी अपनी बड़ी बहन गुड्डी रजक के पास चली जाएगी। जब रात में घर पर अकेले भैयालाल रजक रहेगा, तो उसकी हत्या की जाएगी, जिसके बाद वह लल्लू उर्फ नारायणदास कुशवाहा से शादी कर लेगी।  

यूपी में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हो रहे हैं व्यापक कार्य- मुख्यमंत्री

 यूपी टी20 लीग के समापन में शामिल हुए सीएम योगी, घंटा बजाकर किया फाइनल मैच का शुभारंभ – मुख्यमंत्री ने दोनों टीमों के कप्तानों और खिलाड़ियों से की मुलाकात, फाइनल मैच के लिए उछाला टॉस – काशी रुद्रास और मेरठ मावेरिक्स के बीच यूपी टी20 लीग का फाइनल मैच – सीएम योगी ने बीबीसीआई से किया आग्रह, यूपी को मिले दो टीमें, ताकि स्थानीय खिलाड़ियों को अधिक अवसर मिलें लखनऊ उत्तर प्रदेश प्रीमियर टी20 लीग का भव्य समापन शनिवार को भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई इकाना स्टेडियम में हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर फाइनल मैच का टॉस उछालकर शुभारंभ किया। काशी रुद्रास और मेरठ मावेरिक्स के बीच हुए इस रोमांचक मुकाबले ने दर्शकों को उत्साहित कर दिया। सीएम योगी के आगमन पर दर्शकों का उत्साह चरम पर दिखा। पूरा स्टेडियम "योगी-योगी" के नारों से गूंज उठा। सीएम योगी ने बीसीसीआई वरिष्ठ पदाधिकारियों, सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ मैच का लुत्फ भी उठाया। सीएम योगी ने कहा कि यूपी टी-20 लीग युवाओं के लिए बेहतर है। सरकार सूबे में कई क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण करा रही है।  सीएम योगी ने मैदान में पहुंचकर दोनों टीमों के कप्तानों और खिलाड़ियों से मुलाकात कर परिचय प्राप्त किया और ट्रॉफी के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। उन्होंने स्टेडियम में तैयारियों में जुटे कर्मचारियों से भी बातचीत की और उनका उत्साहवर्धन किया। सीएम योगी ने रोबोट चुलबुल से सिक्का लेकर फाइनल मैच का टॉस कराया और घंटा बजाकर मैच के शुभारंभ किया। यूपी में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हो रहे हैं व्यापक कार्य- मुख्यमंत्री बीसीसीआई उपाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने सीएम का शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम इस वर्ष के अंत तक पूरा होगा, जिसमें 70% कार्य पूर्ण हो चुका है। अयोध्या और गोरखपुर में भी स्टेडियम निर्माणाधीन हैं, जबकि मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के साथ अंतरराष्ट्रीय मानकों के स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। प्रदेश के हर गांव से लेकर ब्लाक और जनपदों में बन रहे स्टेडियम- सीएम योगी सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश की खेल नीति की सराहना करते हुए कहा कि हर गांव में खेल मैदान, हर विकासखंड में मिनी स्टेडियम और हर जनपद में स्टेडियम बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। पुराने खिलाड़ियों को कोच के रूप में नियुक्त कर उभरते खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने की योजना भी लागू की जा रही है। उन्होंने बीसीसीआई से अनुरोध किया कि 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश को कम से कम दो टीमें दी जाएं, ताकि स्थानीय खिलाड़ियों को अधिक अवसर मिलें। सीएम योगी ने खिलाड़ियों और दर्शकों के उत्साह की प्रशंसा की और कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने सभी को धन्यवाद देते हुए उत्तर प्रदेश को खेलों में अग्रणी बनाने का संकल्प दोहराया। इस मौक़े पर बीसीसीआई के वरिष्ठ पदाधिकारी, यूपीसीए के वरिष्ठ पदाधिकारी, बीसीसीआई के उपाध्यक्ष व राज्य सभा सांसद राजीव शुक्ला, यूपी टी 20 लीग के चेयमैन डॉ. डीएम चौहान, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत कई गणमान्य भी मौजूद रहे। 

मध्यप्रदेश में बढ़ा धान का रकबा, लेकिन यूरिया की कमी से जूझ रहे किसान

सतना इस खरीफ सीजन की बुवाई के बाद यूरिया की मांग में भारी वृद्धि देखी जा रही है। इसका प्रमुख कारण दलहन फसलों की जगह धान की खेती के रकबे में लगातार बढ़ोतरी है। साथ ही धान को सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने से भी इसके प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है। इस तरह एक तरफ धान की बढ़ती बुवाई ने यूरिया की खपत बढ़ा दी, वहीं दूसरी तरफ इस वर्ष देश में यूरिया का उत्पादन सीमित रहा और आयात की मात्रा भी हर साल घटती जा रही है। सरकार हर वर्ष दलहन व तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए अनुमानित लक्ष्य तय करती है, लेकिन किसानों की रुचि गेहूं व धान की फसलों की ओर ज्यादा है। यही वजह है कि एक बोरी यूरिया के लिए किसान रात-रात भर लंबी कतारों में लगा रहता है।   धान का रकबा 35 लाख हेक्टेयर केंद्रीय कृषि कल्याण एवं विकास विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश में धान का क्षेत्रफल इस बार 1039.81 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 1002.41 लाख हेक्टेयर था। यानी लगभग 37 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं दलहन का रकबा बहुत मामूली बढ़ा है। इस बार दलहन फसलों का कुल क्षेत्रफल 109.52 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष से केवल 1.14 लाख हेक्टेयर अधिक है। मूंग और उड़द में हल्की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अरहर में 1.34 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज हुई है। धान में यूरिया की होती है अधिक खपत कृषि विभाग सतना के उपसंचालक आशीष पांडे बताते हैं कि दलहन फसलों में यूरिया की आवश्यकता बहुत कम होती है, क्योंकि वे स्वयं नाइट्रोजन का स्रोत होती हैं। इसके विपरीत धान की बुवाई और जर्मिनेशन के दौरान यूरिया की भारी मात्रा में जरूरत होती है। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां के विज्ञानी डॉ. अखिलेश कुमार का कहना है कि किसानों को धान और गेहूं की जगह दलहन व तिलहन फसलों की ओर ध्यान देना चाहिए। इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी, बल्कि खाद की समस्या से भी राहत मिलेगी। हालांकि, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान व गेहूं की सरकारी खरीद होने से किसान इन्हीं फसलों पर निर्भर हैं। यूरिया का आयात घटा, आपूर्ति में कमी     हर साल यूरिया और डीएपी की मांग बढ़ती जा रही है, जबकि उत्पादन और आयात दोनों घट रहे हैं।     आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, बीते चार वर्षों में भारत में आयातित यूरिया की मात्रा में लगातार गिरावट आई है।     इसकी वजह वैश्विक भी हो सकती है। चीन, सऊदी अरब, ओमान से यूरिया आयात होता है। तिलहन फसलों में गिरावट दलहन की तरह तिलहन फसलों का रकबा भी घटा है। इस बार तिलहनों की बुवाई 178.64 लाख हेक्टेयर दर्ज हुई, जो पिछले वर्ष से 6.74 लाख हेक्टेयर कम है। सोयाबीन और मूंगफली जैसी प्रमुख तिलहन फसलों में गिरावट देखी गई है।

286 राजकीय आईटीआई में 1.84 लाख सीटें उपलब्ध

60 से अधिक नए आईटीआई की हुई स्थापना 5000 करोड़ की परियोजना से 150 आईटीआई का उन्नयन भविष्य की तकनीकों में युवाओं को मिल रहा प्रशिक्षण कौशल विकास मिशन से 14 लाख से अधिक युवा प्रशिक्षित प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से 1.20 लाख कारीगर लाभान्वित रोजगार मेलों से अब तक 4.13 लाख युवाओं को नौकरी प्रोजेक्ट प्रवीण से स्कूली छात्रों को मिल रहा कौशल प्रशिक्षण लखनऊ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, लखनऊ द्वारा वर्ष 2025 में घोषित अंतिम परिणामों में व्यावसायिक शिक्षा के चयनित विभिन्न व्यवसायों के 1510 अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का शुभारम्भ रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन स्थित ऑडिटोरियम में किया। इस अवसर पर प्रदेश के सभी जनपदों में भी भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां सांसद एवं विधायकगण सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर युवाओं के सपनों को साकार करने के साक्षी बने। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र के साथ निरंतर कार्यरत है। देश के सबसे अधिक युवाओं वाले प्रदेश की युवा आकांक्षाओं को देखते हुए उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।  शेष 341 पदों का परिणाम भी जल्द होगा घोषित  प्रदेश के  व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने के लिए प्रदेश के 286 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 92 व्यवसाय संचालित हैं, जिनमें 1,84,280 सीटें उपलब्ध हैं। इन संस्थानों में 7768 अनुदेशक के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 6577 नियमित और 1191 आउटसोर्सिंग के हैं। वर्ष 2022 में रिक्त 2406 पदों पर भर्ती प्रक्रिया अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से प्रारम्भ की गई थी, जिसके तहत 1510 अनुदेशकों का चयन हुआ है। शेष 341 पदों का परिणाम भी शीघ्र घोषित होने की संभावना है। इस प्रकार कुल 1851 चयनित अनुदेशक विभाग को प्राप्त होंगे, जिनसे राजकीय आईटीआई में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित होगा। 82 ट्रेड में लगभग 1.84 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदेश सरकार ने बीते आठ वर्षों में 60 से अधिक नए राजकीय आईटीआई स्थापित कर संचालन प्रारम्भ कराया है। वर्तमान में 324 राजकीय आईटीआई के माध्यम से 82 ट्रेड में लगभग 1.84 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। किसी भी इच्छुक युवा की आर्थिक स्थिति प्रशिक्षण में बाधा न बने, इसके लिए मासिक फीस मात्र 40 रुपए निर्धारित की गई है। साथ ही प्रदेश के लगभग 3000 निजी आईटीआई में 6 लाख सीटों पर प्रशिक्षण उपलब्ध है। यहां प्रवेश लेने वाले युवाओं को फीस प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति की सुविधा भी दी जा रही है। 900 से अधिक पद आउटसोर्सिंग से भरे गए  सरकार ने राजकीय आईटीआई को सुदृढ़ करने हेतु प्रधानाचार्यों के 150 से अधिक और प्रशिक्षकों के 1510 रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति की है। इसके अतिरिक्त 900 से अधिक पद आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे गए हैं। भविष्य की तकनीकों जैसे सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, लेजर कटिंग, सीएनसी, थ्री डी प्रिंटिंग, डिजिटल कम्युनिकेशन आदि में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए आईटीआई का उन्नयन किया जा रहा है। 9 नए ट्रेड और 23 शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू इस दिशा में टाटा टेक्नोलॉजीज लि. एवं 18 विश्वस्तरीय कंपनियों के सहयोग से प्रथम चरण में 150 आईटीआई का उन्नयन किया गया, जिसके तहत 9 नए ट्रेड और 23 शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू हुए हैं। इस परियोजना पर लगभग 5000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और हर वर्ष 15 हजार से अधिक युवा प्रशिक्षित हो रहे हैं। सफलता को देखते हुए 62 अन्य आईटीआई के उन्नयन को भी स्वीकृति दी गई है, जिस पर 3350 करोड़ रुपये व्यय होंगे। कौशल विकास मिशन से 14 लाख युवाओं को प्रशिक्षण  प्रदेश के प्रत्येक इच्छुक युवा को उसके घर के नजदीक निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण देने के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन सक्रिय है। पिछले आठ वर्षों में इस मिशन के माध्यम से 14 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें से 5.65 लाख को रोजगार और सेवायोजन से जोड़ा गया है। वर्तमान में 1000 से अधिक प्रशिक्षण पार्टनर्स के सहयोग से 350 से अधिक कोर्स संचालित हो रहे हैं। मिशन के तहत उद्योगों को सीधे जोड़ने के लिए फ्लेक्सी ट्रेनिंग पार्टनर्स की व्यवस्था शुरू की गई है। अब तक 33 औद्योगिक इकाइयों को जोड़ा गया है और प्रत्येक जनपद से 5 नई इकाइयों को अनुबंधित करने का लक्ष्य रखा गया है। विदेश कामगार कौशल प्रशिक्षण एवं सेवायोजन योजना पर विचार प्रदेश के युवाओं को विदेश में सेवायोजन उपलब्ध कराने के लिए “विदेश कामगार कौशल प्रशिक्षण एवं सेवायोजन योजना” प्रारम्भ करने पर विचार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 1.20 लाख पारंपरिक कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण और अर्ह लाभार्थियों को 1 लाख रूपए ब्याजमुक्त ऋण दिया गया है।  प्रोजेक्ट प्रवीण में 20 हजार छात्रों को प्रमाणपत्र  राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रोजेक्ट प्रवीण कार्यक्रम माध्यमिक विद्यालयों में लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत 600 से अधिक विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को प्रतिदिन 90 मिनट कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 20 हजार छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर के प्रमाणपत्र प्रदान किए जा चुके हैं। 1.80 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के माध्यम से पिछले आठ वर्षों में 1.80 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 1.30 लाख को सेवायोजित किया गया। वहीं प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के अंतर्गत 500 प्रतिष्ठित कंपनियों में 2.50 हजार से अधिक युवाओं की इंटर्नशिप प्रारम्भ की गई है, जिसमें उन्हें 5000 रूपए मासिक मानदेय दिया जा रहा है। रोजगार मेलों के जरिए 4.13 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी रोजगार मेलों के माध्यम से भी प्रदेश में 1736 कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें 4.13 लाख से अधिक युवाओं को 2537 कंपनियों में नौकरी का अवसर मिला है।  

खतरनाक खुलासा! मंडला में विस्फोटकों का गुप्त जखीरा मिला, बच्चों और ग्रामीणों की जान पर मंडराया खतरा

बालाघाट सर्चिंग के दौरान जवानों को अक्सर नक्सली डंप में डेटोनेटर, जिलेटिन जैसे घातक विस्फोटक मिलते आए हैं, लेकिन नक्सलियों तक ये विस्फोटक कैसे और किस माध्यम से पहुंच रहे हैं, पुलिस इसकी तफ्तीश में जुटी है। जांच की कड़ी को जोड़ते हुए बालाघाट पुलिस मंडला के बीजाडांडी अंतर्गत डूंगरिया के जंगल में खेत पर बने उस गोदाम तक पहुंची है, जिसके संचालन में सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही थी। 2023 में स्थापित इस गोदाम में भारी मात्रा में एक्सपायर हो चुका विस्फोटक भंडारित मिला है। विस्फोटक अधिनियम के जो सुरक्षा नियम होते हैं, उन नियमों का यहां पालन नहीं हो रहा था। गोदाम, लावारिस हालात में है, जहां पुलिस को न सुरक्षा गार्ड मिला, न सीसीवीटी कैमरे, न ही बाउंड्रीवाल। दो साल में ही खंडहर में बदल चुके इस गोदाम के चारों तरफ झाड़ियां हैं। डीएसपी (हाकफोर्स) आशीष पटेल ने बताया कि गोदाम से महज 300 मीटर की दूरी पर स्कूल है। डेढ़ किमी पर गांव है।   बगैर सुरक्षा के भारी मात्रा में रखा विस्फोटक कभी भी बड़ी घटना का कारण बन सकता था। नक्सली, गोदाम लूट भी सकते थे। इसलिए पुलिस ने गोदाम को सील किया है। पुलिस ने नर्मदा इंटरप्राइजेस के मालिक तथा लाइसेंस धारक हरजिंदर सिंह गुजराल, मैनेजर प्रदीप झारिया और गार्ड प्रमोद कुमार दाहिया से पूछताछ शुरू कर दी है। बता दें कि गोदाम में 3075 किलो जिलेटिन, 6995 नग डेटोनेटर, समेत अन्य घातक विस्फोटक हैं, जिसे सील कर दिया गया है। नागपुर की सोलर इंडस्ट्री से मांगी डीलरों की लिस्ट पुलिस जानकारी के अनुसार, 2023 से नर्मदा इंटरप्राइजेस डीलर के रूप में बोरवेल खनन, स्टोन क्रशर कंपनी, माइंस या अन्य ब्लास्टिंग करने वाले कंपनियों को विस्फोटक बेचता आ रहा है। नर्मदा इंटरप्राइजेस में नागपुर की सोलर इंडस्ट्री से विस्फोटकों की खरीदारी होती है। सोलर इंडस्ट्री बड़ी फर्म है, जो मप्र सहित महाराष्ट्र, राजस्थान जैसे राज्यों में विस्फोटकों की वैध तरीके से सप्लाई करती है। पुलिस ने सोलर इंडस्ट्री से भी पत्राचार कर उन डीलर की सूची मांगी है, जिसे विस्फोटकों की सप्लाई की जाती है। जांच में सामने आया है कि नर्मदा इंटरप्राइजेस मंडला में तीन विक्रेताओं को विस्फोटक क्रय करता है। इसमें कुलदीप गुप्ता, दादा थनथनपाल स्टोन क्रशर और हीरक इन्फ्रा माइन है। अब मंडला प्रशासन की निगरानी में गोदाम बालाघाट पुलिस की सीलबंद कार्रवाई के बाद गोदाम की निगरानी अब मंडला जिला प्रशासन के अधीन है। अब बड़ा सवाल खड़ा एक्सपायर हो चुके इन विस्फोटकों को किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा या नहीं। डीएसपी पटेल ने बताया कि इस संबंध में नागपुर की सोलर इंडस्ट्री और पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी आर्गनाइजेशन (पीईएसओ) से संपर्क कर गोदाम में भंडारित विस्फोटकों को लेकर निर्णय लिया जाएगा। दस्तावेजों की जांच से स्पष्ट हुआ है कि नर्मदा इंटरप्राइजेस द्वारा खपत से अधिक विस्फोटक भंडारित किया गया है। पुलिस इसी बिंदू पर जांच करेगी कि आखिर खपत से अधिक विस्फोटक रखने का मकसद क्या है। कल आठ सितंबर को गढ़ी पुलिस जांच से जुड़े अन्य तथ्य जुटाएगी। मंडला के बाद अब जबलपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना में भी जांच होगी। बालाघाट में एचसीएल, मायल व अन्य माइंस सीधे कंपनी से विस्फोटक खरीदते हैं। गोदाम में सोलर प्राइम गोल्ड, इको पावर सोलर, डेटोनेटर, जिलेटिन, सोलर कोर्ड हैं। एक्सपायर विस्फोटक हो सकता है घातक विस्फोटक अधिनियम के अनुसार विस्फोटकों के उपयोग की निश्चित वैधता होती है। वैधता समाप्त होने के बाद आमतौर पर विस्फोटक का प्रभाव कम होता है, लेकिन कई बार ये घातक भी हो सकते हैं। इनके रख-रखाव में चूक या विद्युतीकरण से संपर्क में आने से विस्फोटक में ब्लास्ट भी हो सकता है। इसलिए एक्सपायर हो चुके विस्फोटक हमेशा के लिए निष्क्रिय या प्रभावहीन हो गए हैं, ऐसा आंकलन करना, जानलेवा भूल हो सकती है।