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रायपुर रेलवे स्टेशन: पार्किंग ठेकेदार पर मेहरबान अफसर, बिना लाइसेंस फीस के चल रहा ठेका

रायपुर रायपुर रेलवे स्टेशन के गुढ़ियारी का नया पार्किंग ठेका हुआ है. लेकिन ठेका अलॉट होने और हेंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी ठेकेदार ने अब तक लाइसेंस फीस जमा नहीं की है. जबकि नियमों के मुताबिक पहले लाइसेंस फीस और एडवांस जमा किए जाने का प्रावधान है. सूत्रों के मुताबिक टेंडर नियमों में तीन महीने का एडवांस लाईसेंस फीस जमा किया जाना है, लेकिन बिना टेंडर फीस के रेलवे अधिकारियों ने पार्किंग हेंडओवर कर दी. नया पार्किंग ठेका अनुराग साहू विनायक इंटरप्राइजेस को अलॉट हुआ है. ठेकादर के मुताबिक उसका जीएसटी डीबार हो गया था, इसलिए उन्होंने लाईसेंस फीस जमा नहीं कराई है, ये लाईसेंस फीस कितनी है ये पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी गोपनीय है और वे नहीं दे सकते. रेलवे के सूत्र बताते है कि उक्त ठेकेदार द्वारा 4 लाख रूपए एडवांस जमा कराया गया है और सिर्फ उसी के आधार पर टेंडर शर्तों से बाहर जाकर रेलवे अफसर पार्किंग ठेकेदार पर मेहरबान नजर आ रहे है. इस संबंध में रेलवे अधिकारियों से उनका पक्ष लेने फोन किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.   बता दें कि इससे पहले भी रेलवे का पार्किंग ठेका लेने के बाद ठेकेदार ने लाईसेंस फीस रेलवे की नहीं दी, जिससे रेलवे के राजस्व को नुकसान हो चुका है.

कर्मचारियों की पदोन्नति याचिकाएं खारिज, हाईकोर्ट का अहम फैसला

बिलासपुर सचिवालय सेवा भर्ती नियम 2012 में किए गए संशोधन को संवैधानिक मानते हुए कर्मचारियों की ओर से दाखिल सभी याचिकाओं को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति कर्मचारियों का मौलिक अधिकार नहीं है, बल्कि यह केवल विचार किए जाने का अवसर है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल और न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल की डीबी में हुई। दरअसल, राज्य सरकार ने 14 जून 2021 को अधिसूचना जारी कर संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव और अनुभाग अधिकारी के पदों पर पदोन्नति के लिए स्नातक डिग्री अनिवार्य कर दी थी। इस संशोधन को मंत्रालय में कार्यरत अनुभाग अधिकारी, असिस्टेंट ग्रेड-1 समेत अन्य कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में यह कहते हुए चुनौती दी कि सेवा के अंतिम चरण में नियम बदलना अनुचित है। वे वर्षों से फीडर पदों पर काम कर रहे हैं, कई तो सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। उनका तर्क था कि यह संशोधन संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है और सरकार ने अतिरिक्त योग्यता अनिवार्य करने का कोई ठोस कारण नहीं बताया है। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जवाब में कहा कि उच्च पदों पर अधिक जिम्मेदारियां होती हैं, इसलिए स्नातक डिग्री जैसी न्यूनतम योग्यता जरूरी है। पदोन्नति कर्मचारियों का अधिकार नहीं है, बल्कि केवल नियमों के आधार पर अवसर है। नियमों में संशोधन करना उसका विशेषाधिकार है और यह न तो मनमाना है और न ही अवैध। कोर्ट ने सरकार के तर्कों से सहमति जताते हुए कहा कि किसी कर्मचारी की व्यक्तिगत कठिनाई से कोई कानून असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता। पदोन्नति का कोई मौलिक अधिकार नहीं है। स्नातक डिग्री को अनिवार्य करने वाला संशोधन न भेदभावपूर्ण है और न ही संविधान का उल्लंघन।

गणेश विसर्जन 2025: भोपाल में चल समारोह के साथ बदल रही ट्रैफिक व्यवस्था

भोपाल राजधानी भोपाल में शनिवार को छोटी बड़ी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा इसके साथ ही शहर में चल समारोह भी निकलेगा। शनिवार सुबह 9 बजे से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन प्रेमपुरा घाट, कमलापति घाट, बैरागढ़ और हथाईखेड़ा डैम पर किया जाएगा। शाम 7 बजे से मुख्य चल समारोह भारत टॉकीज चौराहे से रवाना होगा और रानी कमलापति घाट पर पहुंचकर संपन्न होगा। जुलूस इतवारा, मंगलवारा, गल्ला मंडी, जुमेराती, मोती मस्जिद, कमला पार्क समेत कई मार्गों से गुजरेगा। इसी के चलते पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया है। शनिवार सुबह 8 बजे से शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। खजूरी सड़क, लालघाटी, करोंद, भानपुर, एयरपोर्ट, इस्लाम नगर, रत्नागिरी समेत सभी प्रमुख एंट्री पॉइंट से बड़े वाहन शहर नहीं आ पाएंगे। शाम 5 बजे से भारत टॉकीज, नादरा बस स्टैंड, अल्पना तिराहा क्षेत्र में सिटी बस और मैजिक वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। प्रेमपुरा घाट, खटलापुरा घाट, शाहपुरा, बैरागढ़, हथाईखेड़ा डैम, रानी कमलापति घाट शहर के प्रमुख घाट हैं। जहां सुरक्षा के खास इंतेजाम किए गए हैं। मुख्य चल समारोह का रूट शाम 7 बजे से मुख्य बल समारोह भारत टॉकीज चौराहे से रवाना होकर इतवारा, मंगलवारा, गल्ला मंडी, जुमेराती, मोती मस्जिद, कमला पार्क समेत कई प्रमुख मार्गों से गुजरेगा। इस दौरान आसपास के सभी मार्गों को बंद कर दिया जाएगा। रेतघाट क्षेत्र में प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। भारत माता बौक पर जुलूस पहुंचने पर भदभदा पुल से सिटी डिपो की और यातायात बंद कर दिया जाएगा। यातायात पुलिस ने अपील की है कि नागरिक असुविधा से बचने के लिए निर्धारित मार्गों का पालन करें। आज ऐसी रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था, रास्ते डायवर्ट रहेंगे सुबह 8 बजे से भारी वाहनों का शहर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। खजूरी सड़क, लालघाटी, करोंद, भानपुर, एयरपोर्ट, जगदीशपुर रत्नागिरी समेत सभी प्रमुख एंट्री पॉइंट से बड़े वाहन शहर नहीं आ पाएंगे। शाम 5 बजे से भारत टॉकीज, नादरा बस स्टैंड और अल्पना तिराहा क्षेत्र में सिटी बस और मैजिक वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। शाम 6 बजे से मंगलवारा, दयानंद चौक और जुमेराती क्षेत्र से किसी भी वाहन को बस स्टैंड की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। रात 8 बजे से तीन मोहरा से भारत टॉकीज की ओर जाने वाले वाहन इस्लामी गेट और सिंधी कॉलोनी होकर ही निकल सकेंगे। अल्पना टॉकीज से नादरा की ओर जाने वाले वाहन संगम टॉकीज मार्ग से डायवर्ट होंगे। बैरागढ़ क्षेत्र में विसर्जन जुलूस सीहोर रोड से निकलेगा। इस दौरान भोपाल-इंदौर मार्ग पर डायवर्जन रहेगा। इंदौर- देवास की ओर जाने वाले वाहनों को लालघाटी से एयरपोर्ट तिराहा होते हुए बायपास का उपयोग करना होगा। वहीं, रेलवे स्टेशन, रोशनपुरा और न्यू मार्केट की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। पुलिस कंट्रोल रूम, जेल मुख्यालय, कोर्ट चौराहा, मैदा मिल, सुभाष नगर ओवरब्रिज से होकर यातायात को डायवर्ट किया जाएगा। उधर, इंदौर और सीहोर से आने वाली बसें हलालपुरा बस स्टैंड पर ही समाप्त होंगी। आईएसबीटी से चलने वाली बसें भारत टॉकीज और प्रभात चौराहा मार्ग से नहीं गुजर पाएंगी, उन्हें बायपास से निकाला जाएगा। गुना और ग्वालियर की बसों का संचालन भी हलालपुरा से ही होगा। बैरसिया की बसें बेस्ट प्राइज तिराहा तक ही आ पाएंगी। रात 7 बजे से मुख्य चल समारोह भारत टॉकीज चौराहे से रवाना होकर इतवारा, मंगलवारा, गल्ला मंडी, जुमैराती, मोती मस्जिद, कमला पार्क समेत कई प्रमुख मार्गों से गुजरेगा। इस दौरान आसपास के सभी मार्गों को बंद कर दिया जाएगा। रेत घाट क्षेत्र में प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। भारत माता चौक पर जुलूस पहुंचने पर भदभदा पुल से सिटी डिपो की ओर यातायात बंद कर दिया जाएगा। 

चंबल नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी, राजस्थान के 5 जिलों में आज रेड अलर्ट जारी

जयपुर राजस्थान में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप में नजर आ रहा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान की सीमा पर बने वेलमार्क लो-प्रेशर सिस्टम के कारण राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शनिवार को उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ में रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि चित्तौड़गढ़, राजसमंद, झालावाड़, सिरोही और जालोर में ऑरेंज अलर्ट और कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। राजधानी जयपुर में शुक्रवार रात भर रुक-रुक कर तेज बारिश होती रही। शहर में कई जगह मुख्य चौराहों पर सड़क धंस गई जिससे लोगों को आवा जाही में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।भीलवाड़ा में नदी-नाले उफान पर हैं और कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। अजमेर में बोराज तालाब की पाल टूटने से शहर के कई इलाकों में पानी घुस गया। करीब 1000 घरों में पानी भर गया, जिससे लोगों को छतों पर जाकर जान बचानी पड़ी। मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। धौलपुर में चंबल नदी खतरे के निशान से तीन मीटर ऊपर बह रही है, वहीं दौसा के लालसोट में एनीकट की पक्की दीवार टूटने से जलप्रलय जैसे हालात हैं। उदयपुर में सेल्फी लेते समय एक युवक उदयसागर झील में गिर गया। मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ फिलहाल जैसलमेर से बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है, जिससे 8 सितंबर तक उदयपुर, जोधपुर, कोटा और आसपास के जिलों में भारी से अति भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने प्रभावित जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टियां घोषित कर दी हैं और बचाव दल अलर्ट पर हैं। जनता से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से जलमग्न इलाकों में न जाएं। 1155 व्यक्तियों का सकुशल रेस्क्यू एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें दिन-रात सक्रिय रहकर प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं। मानसून के दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमों ने अब तक 1155 व्यक्तियों को रेस्क्यू किया है। वर्तमान में पूरे राज्य में एसडीआरएफ की 62 टीमें, एनडीआरएफ की 7 टीमें और सिविल डिफेंस की टीमें कार्यरत हैं। साथ ही, 21,000 नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की तैनाती की गई। वायुसेना के हेलिकॉप्टर से जलमग्न क्षेत्रों से लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित आश्रय तक पहुंचाया भी जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ जल और दवाइयों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। फसल नुकसान के आकलन के लिए गिरदावरी प्रदेश में खरीफ 2025 में अतिवृष्टि से हुए फसल नुकसान के आकलन के लिए 1 अगस्त, 2025 से गिरदावरी शुरू की गई है। सरकार का कहना है कि गिरदावरी के उपरांत जिन जिलों में 33 प्रतिशत या इससे अधिक फसल खराब हुई है, वहां प्रभावित किसानों को केन्द्र सरकार के एसडीआरएफ नॉर्म्स के अनुसार कृषि आदान-अनुदान सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार द्वारा क्षतिग्रस्त सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत हेतु एसडीआरएफ नॉर्म्स के अंतर्गत विभिन्न जिलों से मरम्मत कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त किए गए हैं। इन कार्यों में सड़क, पुल, विद्यालय भवन, आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य संस्थानों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण के कार्य शामिल हैं। प्रदेश के 12 जिलों में अब तक 180.67 करोड़ रुपए के 8,867 कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें 4,183 विद्यालय भवनों के लिए 83.66 करोड़ रुपए, 930 आंगनबाड़ी भवनों के लिए 21.89 करोड़ रुपए, 165 पंचायत भवनों के लिए 3.57 करोड़ रुपए, 106 चिकित्सालय भवनों के लिए 2.08 करोड़ रुपए, 170 लघु सिंचाई योजनाओं के लिए 3.94 करोड़ रुपए, 3,128 सड़कों के लिए 64.34 करोड़ रुपए और 184 पुलियों के लिए 1.14 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।  इसी तरह, राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सभी जिलों को बचाव उपकरणों के लिए 19.45 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। सभी संभागीय मुख्यालय वाले जिलों को 20-20 लाख रुपए तथा अन्य जिलों को 10-10 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई। साथ ही, अतिवृष्टि के दौरान जिलों की मांग के अनुसार अतिरिक्त आवंटन किए जा रहे हैं। सामान्य से 62.50 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज राज्य में दक्षिण-पश्चिमी मानसून में अब तक वास्तविक वर्षा 608.65 मिमी रही, जो सामान्य से 62.50 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि में प्रदेश के 22 जिलों में वर्षा असामान्य श्रेणी में दर्ज की गई, जिनमें अजमेर, बूंदी, कोटा, टोंक, नागौर, सवाई माधोपुर, सीकर, धौलपुर, श्रीगंगानगर, जयपुर, जोधपुर और करौली जैसे जिले प्रमुख रूप से शामिल हैं। जनता के लिए अपील मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, बहते हुए पानी और जलाशयों के निकट न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क करें। प्रशासन की टीमें सजग और तत्पर हैं।

तिहाड़ जेल में बवाल! सांसद इंजीनियर रशीद को किन्नरों ने बनाया निशाना

नई दिल्ली टेरर फंडिंग केस में जेल में बंद जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर रशीद पर तिहाड़ में हमले का आरोप लगाया गया है। इंजीनियर रशीद का दावा है कि जेल में किन्नरों के एक गुट ने उन पर घातक हमला कर दिया। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक सांसद को मामूली चोटें आईं। बारामूला के सांसद इंजीनियर रशीद 2019 से ही तिहाड़ जेल में बंद हैं। तिहाड़ जेल प्रशासन की ओर से इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। इंजीनियर रशीद की पार्टी आवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) ने सांसद पर हमले को लेकर चिंता और आक्रोश जाहिर किया है। पार्टी का कहना है कि इंजीनियर रशीद ने अपने वकील जावेद हूब्बी से मुलाकात के दौरान उन पर हुए हमले की बात कही है। वकील के मुताबिक रशीद ने बताया कि तिहाड़ जेल प्रशासन ने कश्मीरी कैदियों को प्रताड़ित करने के लिए नए तरीके अपनाए हैं। जानबूझकर किन्नरों को उनके साथ बंद कर दिया गया है। उन्हें हमले के लिए उकसाया जाता है। वकील ने रशीद के हवाले से आरोप लगाया कि पुरुष किन्नरों के एक हमले में रशीद बाल-बाल बच गए। दावा किया गया कि रशीद को किन्नरों के एक समूह ने धक्का दिया और एक गेट उनके ऊपर फेंका। यह एक चमत्कारिक बचाव था। अगर यह सीधा लगता तो जानलेवा हो सकता था। इंजीनियर रशीद का आरोप है कि उनसे पहले कश्मीरी कैदियों अयूब पठान, बिलाल मीर और अमीर गोजरी पर भी किन्नर हमला कर चुके हैं। रशीद का कहना है कि ये किन्नर एचआईवी पॉजिटिव घोषित हैं और जानबूझकर उन्हें कश्मीरी कैदियों के साथ रखा गया है। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान इंजीनियर रशीद ने जम्मू-कश्मीर के मौजूदा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और सज्जाद गनी लोन को बारामूला सीट पर हराया। 2 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीतने वाले सांसद को हाल ही में मॉनसून सत्र में हिस्सा लेने के कस्टडी पेरोल पर भेजा गया था। इंजीनियर रशीद पर आरोप है कि उन्होंने आतंकियों और अलगाववादियों के लिए धन जुटाया।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और पंच परिवर्तन सहित आरएसएस की समन्वय बैठक का दूसरा दिन

जोधपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक जोधपुर में जारी है। आज बैठक के दूसरे दिन विभिन्न अहम विषयों पर चर्चा होनी है। गौरतलब है कि कल से शुरू हुई बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, जनजातीय क्षेत्रों में सामाजिक विकास और पंच परिवर्तन पर विशेष सत्र आयोजित किए गए थे। बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के साथ विश्व हिंदू परिषद, भारतीय जनता पार्टी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, राष्ट्र सेविका समिति, सक्षम, पूर्व सैनिक सेवा परिषद, वनवासी कल्याण आश्रम और सीमा जागरण मंच सहित 32 संगठनों के अखिल भारतीय पदाधिकारी भाग ले रहे हैं। कल उद्घाटन सत्र में भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ था। परिसर में रानी अबक्का द्वार और हल्दीघाटी द्वार की ऐतिहासिक झलकियों के साथ सभागार का निर्माण किया गया है। मीरा बाई और अमृता देवी बिश्नोई के बलिदान को रंगोली और चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। बैठक के पहले दिन संघ ने जाति, भाषा और प्रांत के नाम पर भेदभाव की प्रवृत्तियों को देश की एकता के लिए खतरनाक बताते हुए समाज से इनसे दूर रहने का आह्वान किया। यह समन्वय बैठक 7 सितंबर को अनुभवों के आदान-प्रदान और आगामी कार्ययोजना तय करने के साथ संपन्न होगी।

सियासी पारा बढ़ा, मोहन भागवत की वसुंधरा ‘वन’ वापसी पर उठे सवाल

जयपुर राजस्थान बीजेपी की सियासत इस वक्त ठहरे हुए पानी जैसी लग रही है, लेकिन भीतर बहुत कुछ खदबदा रहा है। कई किरदार सियासत के रंगमंच पर अपनी भूमिका के इंतजार में हैं और नजर एक ही चेहरे पर टिकी है. वो चेहरा है वसुंधरा राजे। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एक बार फिर से भाजपा और संघ की सक्रिय राजनीति के केंद्र में आती दिख रही हैं। बुधवार को जोधपुर प्रवास के दौरान राजे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख डॉ. मोहन भागवत से मुलाकात की, जो करीब 20 मिनट तक चली। इस मुलाकात की चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि करीब एक सप्ताह पहले धौलपुर में एक धार्मिक मंच से वसुंधरा राजे ने बयान दिया कि -जीवन में हर किसी का वनवास होता है, लेकिन वह स्थायी नहीं होता। वनवास आएगा तो जाएगा भी। पिछले महीने वसुंधरा राजे ने दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी से संसद में मुलाकात कर हाई कमान से अपने बदलते रिश्तों के संकेत भी दिए थे। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बीजेपी में इन दिनों राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कई चेहरों के नाम चल रहे हैं। बीजेपी जिस तरह पिछली बार संसद में महिला आरक्षण का विधेयक लाई थी उसे देखते हुए पार्टी को अहम पदों पर मजबूत महिला नेत्रियों की जरूरत भी होगी।  हालांकि, संघ प्रमुख सार्वजनिक मंच से हाल में यह बयान दे चुके हैं कि आरएसएस बीजेपी के मामलों में दखल नहीं देती। उन्होंने हाल में बयान दिया था- RSS कुछ नहीं तय करता। हम सलाह दे सकते हैं, लेकिन वो सरकार चलाने में एक्सपर्ट है और हम अपने काम में एक्सपर्ट है। आपको क्या लगता है कि यदि हम तय करते तो इतनी देर होती क्या? 'कहीं न कहीं संघ का वीटो जरूर होता है' हालांकि, राजनीति के जानकार कहते हैं कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का मसला सिर्फ बीजेपी को ही तय करना होता.. तो अब तक तय हो चुका होता। कहीं न कहीं संघ का वीटो जरूर होता है। इसलिए इस अहम पद पर किसकी तैनाती होगी, इसका रास्ता नागपुर से होकर निकलता है। वसुंधरा की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भाजपा में नेतृत्व को लेकर भीतरखाने कई चर्चाएं चल रही हैं और संघ की भूमिका फिर से महत्वपूर्ण हो रही है। सूत्रों की मानें तो भाजपा के भीतर एक वर्ग लगातार यह चाहता रहा है कि राजे को एक बार फिर से राजस्थान की राजनीति में नेतृत्व की भूमिका दी जाए। वसुंधरा राजे के साथ उनके खेमें के विधायक और सांसद भी भीतर से उम्मीद लगाए बैठे हैं। 'प्रमुख दावेदार के तौर पर राजे के नाम की चर्चा' राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार मनीष गोधा  का मानना है कि वसुंधरा राजे और मोहन भागवत की मुलाकात तो महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा- वसुंधरा राजे को उन्होंने समय दिया तो निश्चित रूप से कोई अहम विषय रहा होगा। जब तक परिणाम नहीं आते तब तक सिर्फ कयास लगाए जा सकते हैं क्योंकि दोनों के बीच वन टू वन मुलाकात हुई है। लेकिन बीजेपी में इन दिनों जो घटनाक्रम चल रहे हैं। उससे इसे जोड़ा जा सकता है। इसमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव और उसमें प्रमुख दावेदार के तौर पर वसुंधरा राजे के नाम की चर्चा है। अब सवाल यह है कि यह मुलाकात क्या उस संदर्भ में थी ? जहां तक राजस्थान की बात है मुझे नहीं लगता कि भागवत लोकल राजनीति में किसी तरह का इंटरेस्ट लेंगे। इसलिए यह मुलाकात राष्ट्रीय मुद्दे पर ही होना लग रहा है। हां इस मुलाकात की चर्चा इसलिए ज्यादा है क्योंकि पिछले दिनों वनवास वापसी को लेकर जिस तरह से राजे ने बयान दिए उसके कई तरह के निहितार्थ निकाले जा सकते हैं। मुलाकात निश्चित रूप से महत्पपूर्ण है। '…विषपान करके अपने आपको धर्यवान रखा' राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार त्रिभुवन पूरे घटनाक्रम पर बेहद सटीक बात करते हैं। उनका कहना है कि हाई कमान मजबूत होता है, तो स्टेट लीडरशिप के साथ उनके रिश्ते बदल जाते हैं। जैसे आप देखेंगे कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, उसमें हाई कमान और स्टेट लीडरशिप के रिश्तों में स्टेट लीडरशिप भारी पड़ती थी। इसलिए कांग्रेस हाई कमान चाहकर भी वह काम नहीं करवा पाई जो वह करवाना चाहती थी। बीजेपी में भी अतीत में यही पॉजिशन रही थी। लेकिन बीजेपी की सेंट्रल लीडरशिप बहुत ज्यादा मजबूत है। उन्होंने शायद यह समझा कि राजे का राजस्थान में काम करना शायद उतना सरल नहीं है। इसलिए उन्होंने बाकी राज्यों की तरह यहां भी लीडरशिप को चेंज किया ताकि वे अपने तरीके से काम कर सकें। वह तरीका अच्छा है या खराब है वह अलग बात है। इस सूरत में वसुंधरा राजे ने अब तक, खास तौर पर जब से ऐसा लग रहा है कि वे थोड़ा उपेक्षित की गई हैं। तब उन्होंने कहीं न तो फ्रस्ट्रेशन जाहिर किया और न कभी गुस्सा दिखाया। जैस उनके बारे में प्रचारित किया जाता था, उस स्वभाव के बिल्कुल प्रतिकूल उन्होंने बिना कोई गुस्सा या नाराजगी दिखाए वे अपने आपको उपस्थित रखे हुए हैं। इस सूरत में मुझे लगता है कि उन्होंने बेहद शालीनता और गरिमा के साथ पूरा विषपान करके अपने आपको धर्यवान रखा है। मुलाकात एक निर्णायक संकेत दे सकती है हर राजनेता सोचता है कि उनकी भूमिका हो और इनकी होनी चाहिए। खासकर मोदी सरकार ने पिछली बार महिला आरक्षण विधेयक लाई उसमें उन्हें बेहद ताकतवर महिलाओं की जरूरत भी पड़ेगी। मुझे लगता है कि वसुंधरा राजे बीजेपी के बड़े एसेट्स में हैं और हो सकता है कि यह खुद भी प्रयास कर रही हैं कि उनकी भूमिका निर्णायक रहे। हम जानते हैं कि संघ लोगों की भूमिका तय करने में मुख्य भागीदार होता है तो मोहन भागवत के साथ उनकी मुलाकात एक निर्णायक बात हो सकती है। राजे की दावेदारी मजबूत क्यों?     मजबूत जनाधार और जमीनी पकड़ वाली छवि      राजस्थान में बीजेपी में जातिगत संतुलन वाला फार्मूला वसुंधरा राजे की ही देन रही। उन्होंने खुद को“राजपूतों की बेटी, जाटों की बहू और गूर्जरों की संबंधन”बताया।     संगठन और सरकार दोनों का अनुभव     उनके पास संगठन और सरकार चलाने का अनुभव रहा है। उन्होंने – 14 नवम्बर 2002 से 14 दिसम्बर 2003 तथा 2 फरवरी … Read more

मुख्यमंत्री ने किया परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं का शुभारंभ, डिजिटल लोकार्पण एवं शिलान्यास

परिवहन विभाग बनेगा विकसित उत्तर प्रदेश का सारथीः सीएम योगी  मुख्यमंत्री ने किया परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं का शुभारंभ, डिजिटल लोकार्पण एवं शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी बोले – समय की गति से पीछे जाना मतलब हमेशा पीछे रह जाना परिवहन विभाग ने 2019 कुंभ और कोरोना काल में प्रवासियों को सुरक्षित पहुंचायाः सीएम  हर साल सड़क हादसों में कोरोना से ज्यादा जानें जाती हैं, यह बड़ी चुनौती: मुख्यमंत्री बस चालकों की हर 3 महीने में मेडिकल और फिटनेस जांच अनिवार्य होः सीएम योगी  आईआईटी खड़गपुर और पुलिस के सहयोग से सड़क सुरक्षा को बनाया जाए उपयोगीः मुख्यमंत्री  प्रधानमंत्री के नेट ज़ीरो एमिशन लक्ष्य के लिए इलेक्ट्रिक बसें होंगी महत्वपूर्ण: योगी गांव-गांव कनेक्टिविटी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से 3 लाख रोजगार सृजित हो सकते हैंः सीएम  विश्वस्तरीय बस स्टेशन बनाने और पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग पर मुख्यमंत्री ने दिया जोर शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म प्लानिंग से विभाग को आगे बढ़ना होगाः मुख्यमंत्री  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं का शुभारंभ और डिजिटल लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि परिवहन विभाग प्रदेश के पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सबसे बड़ा माध्यम है और इसे विकसित भारत की परिकल्पना का सारथी बनना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के पास देश में सबसे बड़ा बेड़ा है। इतनी बड़ी संख्या में सेवाएं देना अपने आप में एक उपलब्धि है, लेकिन इसके साथ ही चुनौतियां भी कम नहीं हैं। उन्होंने रक्षाबंधन पर बहनों को तीन दिनों तक मुफ्त बस यात्रा उपलब्ध कराने की पहल को सराहनीय बताया और कहा कि विभाग भविष्य में इस तरह की सेवाओं का प्रचार-प्रसार और प्रभावी तरीके से करे। समय की रफ्तार से कदम मिलाना जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति, समाज या राष्ट्र यदि समय की गति से पीछे जाता है तो हमेशा के लिए पीछे रह जाता है। लेकिन यदि वह समय की गति से दो कदम आगे चलने की क्षमता रखता है, तो विजयश्री का ध्वज फहराता है।  उन्होंने परिवहन विभाग से अल्पकालिक (3 वर्ष), मध्यम अवधि (10 वर्ष) और दीर्घकालिक (22 वर्ष) योजनाएं तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि फाइल को लटकाने की आदत बंद करनी पड़ेगी। जनसुनवाई को तेजी से आगे बढ़ाना पड़ेगा। विभाग में टीम वर्क को और सशक्त बनाना पड़ेगा तो परिणाम आने में देर नहीं लगेगी।  संकट काल में भी परिवहन विभाग रहा भरोसेमंद साथी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवहन विभाग ने समय-समय पर अपनी सेवाओं से मिसाल पेश की है। 2019 के प्रयागराज कुंभ और 2020 की वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान जब करोड़ों कामगार और श्रमिक अपने-अपने राज्यों और गांवों की ओर लौट रहे थे, तब विभाग ने उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि बिहार, झारखंड, ओडिशा, असम, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड तक प्रवासियों को सुरक्षित पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इसी वर्ष आयोजित प्रयागराज महाकुंभ में भी विभाग ने रेलवे स्टेशनों और अन्य स्थानों पर उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करते हुए करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित ढंग से उनके गंतव्य तक पहुंचाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर संकट की घड़ी में परिवहन विभाग ने समय का सच्चा साथी बनकर प्रदेश और समाज की सेवा की है। सड़क सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रदेश के लिए एक गंभीर चुनौती है। कोरोना काल के तीन वर्षों में जितनी जानें नहीं गईं, उससे अधिक लोग हर साल सड़क हादसों में मारे जाते हैं। इनमें अधिकतर युवा होते हैं, जिससे परिवार उजड़ जाते हैं। यह समाज और सरकार दोनों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है। यदि किसी यात्री की जान बचती है तो यह विभाग की सकारात्मक छवि बनाता है, लेकिन लापरवाही से जान जाने पर न केवल विभाग की बदनामी होती है, बल्कि आर्थिक क्षति भी होती है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बस चालकों का नियमित मेडिकल और फिजिकल फिटनेस टेस्ट हर तीन महीने में अनिवार्य रूप से कराया जाए। विशेष रूप से आंखों की जांच जरूरी है ताकि दृष्टि दोष के कारण दुर्घटनाएं न हों। उन्होंने कहा कि सड़क पर अंदाजे से गाड़ी चलाने की छूट नहीं दी जा सकती। जागरूकता और समन्वय से ही समाधान मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाना होगा। इसके लिए IIT खड़गपुर जैसी संस्थाओं की तकनीकी मदद, पुलिस और अन्य विभागों का समन्वय, साथ ही स्कूलों में ट्रैफिक नियमों पर शिक्षा जरूरी है। उन्होंने हेलमेट, सीट बेल्ट, नशे में ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग जैसी स्थितियों पर कड़े नियम लागू करने और मीडिया—डिजिटल, प्रिंट, सोशल व विजुअल—के माध्यम से प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून कभी-कभी कठोर लगता है, लेकिन यही कानून अंततः आपकी सुरक्षा और जीवन की गारंटी है। प्रकृति के अनुरूप विकास और सड़क सुरक्षा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार या विभाग की नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग—गांव-शहर, युवा-बुजुर्ग, महिला-पुरुष—की साझा जिम्मेदारी है। जब सभी लोग इसमें जुड़ेंगे तो सड़क हादसों को न्यूनतम स्तर तक लाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा विकसित एक ऐप के जरिए अत्यधिक दुर्घटना वाले क्षेत्रों की पहचान की गई, जिससे कई स्थानों पर हादसों की संख्या घटकर महीने में 18 से घटकर 3 तक हो गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के साथ-साथ हमें प्रकृति के अनुरूप विकास करना होगा। प्रधानमंत्री के नेट ज़ीरो एमिशन लक्ष्य को पूरा करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल महत्वपूर्ण माध्यम हैं। परिवहन और नगर विकास विभाग गांव-गांव कनेक्टिविटी और बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिए न सिर्फ प्रदूषण कम कर सकते हैं, बल्कि 3 लाख तक नए रोजगार भी सृजित कर सकते हैं। आधुनिक बस स्टेशन, इलेक्ट्रिक बसें और स्क्रैपिंग नीति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवहन विभाग को समय की मांग के अनुसार अपनी सेवाओं को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाना होगा। बस स्टेशन विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हों, बसें सड़कों पर अव्यवस्थित खड़ी न रहें और यात्रियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित माहौल मिले—इसके लिए ठोस प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बस सेवा से पर्यावरण … Read more

पूर्व प्रांत प्रचारक श्रद्धेय शांताराम जी को मुख्यमंत्री साय ने दी अंतिम श्रद्धांजलि

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जागृति मंडल, पंडरी पहुँचकर छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांत प्रचारक श्रद्धेय शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री साय ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रद्धेय शांताराम जी संघ के वरिष्ठ प्रचारक थे और उनका मेरे साथ गहरा आत्मीय संबंध रहा है। वे सदैव अभिभावक के समान स्नेह और मार्गदर्शन प्रदान करते रहे। उनका निधन संघ परिवार, समाज और प्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा सभी शुभचिंतकों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने श्रद्धेय शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे हमारे लिए पिता तुल्य थे। उन्होंने मदकूदीप को पुनर्जीवित कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपनी विनम्रता तथा जीवन मूल्यों से सभी के आदर्श बने। संघ के वरिष्ठ प्रचारक के रूप में उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता और स्वयंसेवकों को परिवार मानकर निरंतर मार्गदर्शन किया। मुख्यमंत्री रहते हुए भी मुझे उनका स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहा। उनके निधन से पूरा प्रदेश शोकाकुल है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे, विधायक सर्वश्री अनुज शर्मा एवं मोतीलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कृषि कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं आमजन उपस्थित थे।

हिंदू महिलाओं के साथ धोखा: UP में चांद का लव जिहाद पकड़ा गया

रामपुर यूपी के रामपुर से लव जिहाद का मामला सामने आया है। एक युवक ने हिंदू बनकर कई महिलाओं से शारीरिक संबंध बनाए और सभी को अपना गलत नाम बताया। इसके बाद उन महिलाओं को छोड़ दिया और फरार हो गया। केमरी क्षेत्र में प्रेमजाल में फंसाने के बाद शारीरिक संबंध बनाने के साथ धर्मान्तरण कराने के आरोप में पुलिस ने शुक्रवार को एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इसके पास से छह फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह हिन्दू बनकर मोबाइल पर बात करता था और उसके बाद महिलाओं के साथ संबंध बनाता था। गो रक्षा सेवा समिति के जिलाध्यक्ष अमित गंगवार के साथ अन्य लोगों ने तहरीर दी थी, जिसमें कहा था कि केमरी निवासी चाचा-भतीजे सोशल मीडिया के माध्यम से हिन्दू बनकर महिलाओं और युवतियों को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाते हैं। तहरीर में लव जिहाद फैलाने के लिये विदेशों से फंडिंग, गिरोह का लिंक धर्मान्तरण में शामिल छांगुर बाबा के गिरोह से होने की प्रबल संभावना जताई थी। थानाध्यक्ष हिमांशु चौहान ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी चांद ने बताया कि वह काफी दिनों से अपना नाम बदलकर महिलाओं व लड़कियों से मोबाइल पर बातें करता था। वाट्सऐप काल करके अश्लील बातें कर उन्हें कभी भी अपने पास बुलाकर शारिरिक संबंध बनाता था। इसके बाद वो वहां से फरार हो जाता या मोबाइल नंबर बदल लेता था। सभी को अलग-अलग नाम बताता था। इसके लिए उसने कई आधार कार्ड भी बनवा रखे थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और कहा कि उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।