samacharsecretary.com

योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में होगा सनातन संघ सम्मेलन, दीवाली के बाद जोरदार आयोजन

लखनऊ दीपावली के बाद राजधानी में सनातनी समाज का भव्य संघ सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। जिसमें राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री व राज्यपाल समेत मथुरा व काशी पीठ के महामंडलेश्वर शिरकत करेंगे। यह ऐलान शनिवार को राजधानी के गोमती होटल में आयोजित राष्ट्रीय सनातन संघ की विचार गोष्ठी में किया गया। गोष्ठी के मुख्य अतिथि लखनऊ उत्तरी के विधायक डा. नीरज बोरा और भाजपा प्रवक्ता नवीन श्रीवास्तव थे। नीरज बोरा ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि आज सनातन को क्षीण करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके लिए कोई और नहीं हम दोषी है। जब बच्चा छोटा होता है तो हम शिवाजी की वीर गाथा या राणा प्रताप की कहानियां नहीं सुनातें बल्कि उसे ट्विंकल-ट्विंकल लिटिल स्टार सुनकर खुश होते हैं। हमें जरूरत है कि हम हर बच्चे में सनातन के गुण पैदा करें। डा. बोरा ने कहा कि आज दुनिया के किसी भी देश में चले जाइये, या भारत के किसी भी प्रांत में जाइये हिंदुओं की संख्या घट रही है। नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि आज सनातन को मजबूत करने की जरूरत है। उसके लिए हमें सभी हिंदुओं को एकजुट होना पड़ेगा। जातियों में नहीं बंटना होगा, अगड़ों-पिछड़ों को बांटकर सनातन को कमजोर किया जा रहा है।

मौसम चेतावनी: जयपुर और आसपास अगले 3 दिन भारी बारिश की संभावना

जयपुर राजस्थान में मानसून एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। प्रदेश में शनिवार को कई जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की गई। राजधानी जयपुर में देर रात शुरू हुआ बारिश का दौर रविवार सुबह तक चला। सड़कें तालाब बन गईं। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले 3 दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आज रविवार को प्रदेश के 37 जिलों में अलर्ट जारी हुआ है। इनमें सिरोही, जालौर और पाली में अति भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। वहीं तात्कालिक चेतावनी के तौर पर अगले 3 घंटों के लिए अलवर और भरतपुर में भी अति भारी वर्षा का ओरेंज अलर्ट जारी हुआ है। जोधपुर में भारी बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बरसात 111MM जोधपुर के पास चामू में दर्ज हुई। जोधपुर के ही तिंवरी में 88MM, शेखला में 78MM, बालेसर में 75MM, ओसियां में 45MM, लोहावट में 53MM, देचू में 50MM, बाड़मेर के समदड़ी में 95MM, सिवाना में 50MM, भीलवाड़ा के कच्छौला में 51MM, हनुमानगढ़ के टिब्बी में 70MM, हनुमानगढ़ शहर में 52MM, तलवाड़ा झील में 40MM बरसात हुई। इसके अलावा जालौर के भीनमाल में 58MM, झालावाड़ के मनोहरथाना में 48MM, अकलेरा में 30MM, प्रतापगढ़ की छोटी सादड़ी में 102MM, प्रतापगढ़ शहर में 40MM, बारां में 63MM, सिरोही के माउंट आबू में 75MM, सिरोही शहर में 65MM, श्रीगंगानगर के हिंदूमलकोट में 64MM, श्रीगंगानगर शहर में 88MM और उदयपुर के वल्लभनगर में 45MM बरसात दर्ज हुई। इन जिलों के अलावा पाली, चूरू, जैसलमेर, कोटा, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, बीकानेर समेत अन्य कई जिलों में बरसात हुई। अगले कुछ दिन अधिकांश जिलों में बारिश की संभावना मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून ट्रफ वर्तमान में बीकानेर, कोटा, सिवनी (एमपी), दुर्ग (छत्तीसगढ़), भवानीपटना (ओडिशा), गोपालपुर (ओडिशा) होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। राज्य में अगले कुछ दिन अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जयपुर मौमस केंद्र ने आज बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, झालवाड़, करौली, कोटा, राजसमंद, सलूंबर, सवाई माधोपुर, उदयपुर, डीडवाना-कुचामन, जोधपुर, नागौर और फलौदी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

जज्बे को सलाम! पैर कटने के बाद भी ड्यूटी पर डटा रहा BSF का शेरदिल जवान

लुधियाना पंजाब के लुधियाना में बीएसएफ के एक जवान ने दोनों पैर कटने के बावजूद ऐसी बहादुरू दिखाई, जिसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। घायल जवान का वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो को देखकर सभी जवान की जमकर तारीफ कर रहे हैं। यह जवान फोन छीनने वाले गिरोह से लड़ते हुए ट्रेन से नीचे गिर गया था। इस हादसे में उसके दोनों पैर कट गए। इसके बावजूद वह हिम्मत नहीं हारा और दूसरे के फोन से अपने परिजनों को हादसे की सूचना देकर मदद मांगी। घटना लुधियाना की है। शुक्रवार के दिन शाने शान-ए-पंजाब ट्रेन में यात्रा कर रहा बीएसएफ का जवान फोन स्नैचिंग का शिकार हो गया। इस वजह से उसके साथ बहुत बड़ा हादसा हो गया। ट्रेन जब लुधियाना स्टेशन से जालंधर के लिए निकली तो स्टेशन के आउटर पर दमोरिया पुल के पास ट्रेन के पहुंचते ही पहले से ही ट्रेन में योजना बनाकर चढ़े फोन स्नैचर ने उसका फोन छीन लिया। इस समय जवान ट्रेन के डिब्बे में शौचालय के पास खड़ा था।  फोन बचाने के चक्कर में खोए पैर बीएसएफ जवान अमन जायसवाल ने मोबाइल छीनने वाले लुटेरे से अपना फोन वापस लेने की कोशिश की। इस दौरान अज्ञात लुटेरे ने उसे ट्रेन से नीचे गिरा दिया। पीड़ित जवान ट्रेन के नीचे आ गया और इस हादसे में उसने अपनी दोनों टांगें गंवा दीं। अमन ने अपना फोन और दोनों पैर खोने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसने परिजनों को दूसरे के फोन से सूचना दी। हादसे के बाद उसे तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे निजी अस्पताल रेफर कर दिया।  बरेली का रहने वाला है अमन अमन, उत्तर प्रदेश के बरेली का निवासी और 15 साल से बीएसएफ में कार्यरत है। ट्रांसफर होने की वजह से वह जालंधर कैंट में अपना सामान लेने जा रहा था। उसकी बहादुरी और हिम्मत थी कि दोनों टांगे कट जाने और हाथ गंभीर रूप से जख्मी हो जाने के बाद भी उसने हिम्मत नहीं हारी और किसी अन्य व्यक्ति के फोन से उसने अपने घरवालों को इस घटना की सूचना दी जो आप भी इस वीडियो में देख सकते हैं। जीआरपी पुलिस ने अज्ञात लुटेरे के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

किसानों को नैनो खाद के उपयोग के लिए किया जा रहा है जागरूक

  चालू खरीफ सीजन के लिए 7.12 लाख मीट्रिक टन यूरिया के विरूद्ध 6.39 लाख मीट्रिक टन यूरिया का वितरण 5.30 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का भंडारण कर किसानों को 4.18 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का किया गया वितरण रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं रासायनिक उर्वरक की लागत में कमी लाने तथा डीएपी खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा 14.62 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरूद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के विरूद्ध किसानों को 13.19 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया है। समितियों एवं निजी क्षेत्रों में भी यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भी उत्साह पूर्वक नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 25 अगस्त की स्थिति में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है, जबकि पिछले खरीफ सीजन वर्ष 2024 में 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था। इसी तरह नैनो यूरिया का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 बॉटल (500 मि.ली.) एवं निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल  भंडारण किया गया है। वहीं नैनो डीएपी का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 बॉटल तथा निजी क्षेत्र में 79 हजार 810 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध नैनो यूरिया किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल और नैनो डीएपी 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) वितरित किया जा चुका है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो यूरिया का वितरण किया गया है जिससे 2 हजार 617 मीट्रिक टन परंपरागत यूरिया की आपूर्ति के बराबर प्रभाव पड़ा। वहीं 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो डीएपी का वितरण किया गया जो 4 हजार 628 मीट्रिक टन परंपरागत डीएपी के बराबर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नैनो उर्वरको का उपयोग परंपरागत उर्वरक भार को कम करने और आपूर्ति में संतुलन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि नैनो यूरिया उपयोग से 80 से 90 प्रतिशत पोषक तत्व प्राप्त होता है इसके साथ ही लागत मंे भी कमी आती हैं वहीं साथ ही पर्यावरण के अनुकूल होते है तथा प्रदूषण स्तर को घटाता है। नैनो यूरिया के उपयोग से परिवहन और भंडारण पर बचत होती है तथा पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है।       कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर कृषि चौपालों एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो उर्वरक से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी द्वारा लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं।

GST दर तार्किकरण पर बोले चीमा – राज्यों को मिले ठोस मुआवजा

पंजाब पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) दर तार्किक बनाने के मौजूदा प्रस्ताव के तहत राज्यों की वित्तीय स्थिरता को प्रभावित होने से बचाने के लिए उपयुक्त मुआवजे की व्यवस्था करे और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इस कदम का लाभ महंगाई का सामना कर रहे देश के गरीब लोगों तक पहुंचे, न कि कॉर्पोरेट संस्थानों तक। उन्होंने जोर दिया कि यदि कीमतों के तार्किकरण का मौजूदा प्रस्ताव आय में हुई कमी की भरपाई की व्यवस्था किए बिना लागू होता है, तो यह राज्यों की वित्तीय अस्थिरता का कारण बनेगा और देश की संघीय संरचना को भी क्षति पहुंचाएगा, जो स्वीकार्य नहीं है। केरल की बैठक में हुए शामिल एडवोकेट चीमा, जो आज कर्नाटक भवन में जीएसटी दर तार्किकरण पर विचार संबंधी केरल, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना के वित्त मंत्रियों और प्रतिनिधियों की बैठक में शामिल हुए, ने कहा कि राज्य का इस पहलू पर मत है कि दर तार्किकरण के साथ-साथ राज्यों के वित्तीय हितों की सुरक्षा की मजबूत व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए। इसके तहत लग्जरी वस्तुओं पर सहायक कर (एडिशनल लेवी) लगाने और कम से कम पांच वर्षों तक मुआवजा सुनिश्चित करने की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पांच वर्षों के बाद भी राज्यों की आय में कमी पूरी नहीं होती है तो इस व्यवस्था को और आगे बढ़ाने की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि यही संतुलित दृष्टिकोण राज्यों की आर्थिक संप्रभुता को बचा सकता है और इसी के माध्यम से जीएसटी सुधारों को सही अर्थों में लागू किया जा सकेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि 2017 में जीएसटी को वित्तीय निष्पक्षता के सिद्धांत को प्रमुखता देते हुए लागू किया गया था, लेकिन इसके लागू होने के बाद राज्यों को भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के उपरांत पंजाब को लगभग 1.11 लाख करोड़ का वित्तीय नुकसान हुआ है। हालांकि, केंद्र ने निर्धारित वर्षों में 60 हजार करोड़ का मुआवजा दिया, लेकिन बाकी नुकसान की भरपाई के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाए गए। मीडिया से बातचीत करते हुए एडवोकेट चीमा ने कहा कि बैठक में राज्यों की ओर से माँग की गई कि लग्जरी और सिगरेट व शराब जैसी वस्तुओं पर अतिरिक्त कर लगाया जाए और उससे होने वाली आय राज्यों को दी जाए, ताकि दर तार्किकरण से होने वाली आय में कमी की भरपाई की जा सके। वित्त मंत्री जिम्मेदारियों को कैसे निभाए? पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि बिना आय स्थिरता के राज्य अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को कैसे निभा सकते हैं। केंद्र को इस सिद्धांत पर जोर नहीं देना चाहिए कि सारा बोझ राज्यों के कंधों पर डाल दिया जाए और आय के स्रोत केंद्रीय दायरे में खींचे जाएँ। यदि राज्य वित्तीय रूप से मजबूत होंगे तभी देश भी मजबूत होगा। इसलिए राज्यों के आय संबंधी हित अवश्य सुरक्षित रहने चाहिए और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पंजाब वास्तव में सभी राज्यों की आवाज़ की प्रतिनिधि करता है। बाढ़ की स्थिति पर क्या बोले? सूबे में बाढ़ की स्थिति पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस प्राकृतिक आपदा के समय राज्य की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए पंजाब सरकार पूरे दिल से प्रयास कर रही है और पूरी तरह अपने लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य में हुए नुकसान का आकलन होने के बाद केंद्र से विशेष पैकेज की मांग की जाएगी।

महिलाओं के लिए खुशखबरी! हरियाणा सरकार देने जा रही ₹2100, देखें योग्यता

नारनौल हरियाणा में भाजपा ने चुनाव में जनता से वादा किया था, अगर सत्ता में आते हैं तो महिलाओं को 2100 रुपये हर माह देंगे। सत्ता में आने के बाद पूरी रुपरेखा तैयार करने के बाद नायब सरकार ने एक ओर चुनावी वादे को पूरा कर दिखाया है। अब हरियाणा में 23 साल से अधिक उम्र की लड़की/महिलाओं को नायब सरकार हर माह यह राशि उनके अकाउंट में भेजने का काम करेगी। इसका नाम दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना रखा गया है। 25 सितंबर को लॉन्च होगी योजना यह बात भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष भारती सैनी ने शनिवार को कहीं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की लाखों महिलाओं के इस सवाल का जवाब 28 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऐलान करते हुए बता दिया। उन्होंने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर अगले माह 25 सितंबर 2025 को यह योजना लॉन्च होगी। ये है योग्यता भारती सैनी ने बताया कि 25 सितंबर 2025 से राज्य की सभी 23 साल से ज्यादा उम्र की लड़कियों व महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा महिलाएं चाहें शादीशुदा हों या फिर अविवाहित, सभी के खाते में 2100-2100 रुपये भेजे जाएंगे। पहले चरण में उन महिलाओं को शामिल किया जाएगा, जिनके परिवार की सालाना कमाई 1 लाख रुपये से कम है। आगे चलकर अन्य आय वर्ग वाले परिवारों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।

महिलाओं की सुरक्षित यात्रा के लिए बिहार सरकार का कदम, 80 नई पिंक बसें होंगी शुरू

पटना राज्य में महिलाओं के लिए पिंक बस सेवा का विस्तार होने जा रहा है। वर्तमान में 20 पिंक बसें प्रदेश में चल रही है, लेकिन सितंबर में 80 नई बसें सड़कों पर उतरेंगी। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) के अनुसार 30 नई बसें डिपो में पहुंच चुकी हैं। इस सप्ताह शेष बसें भी पहुंच जाएंगी। पटना में वर्तमान में आठ पिंक बसों का विभिन्न रूटों पर परिचालन होता है। 80 नई बसों में से 22 बसें पटना को मिलेगी। जो जल्द नई रूट पर चलेंगी। बीएसआरटीसी ने नई 80 बसें मंगाने का आदेश दिया था, जो चरणबद्ध तरीके से पटना और अन्य जिलों में चलाई जाएंगी। ये बसें महिलाओं की सुरक्षित और आरामदायक यात्रा के लिए हैं, जिसमें महिला कंडक्टर और स्टाफ तैनात होंगे। पिंक बस चलने से महिलाओं को आटो पर निर्भरता कम होगी और सस्ती, सुरक्षित यात्रा का विकल्प मिलेगा। पटना की सड़कों पर महिलाओं के लिए संचालित पिंक बस सेवा का दायरा अब और बढ़ जाएगा। अभी आठ पिंक बसें चल रही हैं, लेकिन सितंबर माह में कुल 30 पिंक बसें पटना की सड़कों पर उतर जाएंगी। 22 नई बसों को जल्द ही रूट पर उतारने की तैयारी 22 नई बसों को जल्द ही रूट पर उतारने की तैयारी चल रही है। अभी 10 बसों के विभिन्न रूट पर परिचालन के लिए आवेदन किया गया है। जल्द ही 12 और बसों की परमिट लिया जाएगा। पटना में 10 नई रूटों पर पिंक बसों को चलाया जाएगा। इसमें पटना से हाजीपुर, पालीगंज, बिहटा व बेली रोड प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अतिरिक्त आने वाले समय में कुर्जी, अशोक राजपथ सहित कुछ अन्य रूट पर भी बसों का परिचालन शुरू होगा। अभी पिंक बसें मुख्य रूप से भीड़भाड़ वाले मार्गों जैसे गांधी मैदान, पटना जंक्शन, दानापुर और फुलवारीशरीफ रूट पर चलाई जाती हैं। बीएसआरटीसी के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा ने बताया कि जैसे-जैसे नई बसें उपलब्ध होंगी, वैसे-वैसे इन्हें पटना समेत अन्य प्रमुख शहरों में उतारा जाएगा। नई बसों के आने से महिला यात्रियों को ऑटो और अन्य छोटे वाहनों पर निर्भरता कम करनी होगी और उन्हें सस्ती दर पर आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा।

महानदी जल विवाद सुलझाने को आगे आए छत्तीसगढ़-ओडिशा, शुरू हुई साझा पहल

इंजीनियरों की टीम हर हफ़्ते करेगी काम, महानदी पर बनेगा समन्वय का नया ढाँचा नई दिल्ली, भारत की एक प्रमुख नदी, महानदी, जो छत्तीसगढ़ से निकलकर ओडिशा होकर बंगाल की खाड़ी तक जाती है, लंबे समय से विवाद का कारण बनी हुई है। इस लंबे विवाद को बातचीत से हल करने के लिए 30 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में एक अहम बैठक हुई। इसमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्य सचिवों और जल संसाधन विभाग के सचिवों ने हिस्सा लिया। बैठक में दोनों राज्यों ने माना कि यह समस्या बहुत पुरानी और कठिन है, लेकिन लोगों और दोनों राज्यों के भले के लिए इसका समाधान मिल-बैठकर निकालना ही होगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि सितंबर 2025 से दोनों राज्यों की तकनीकी समितियाँ, जिनमें इंजीनियर और विशेषज्ञ होंगे, हर हफ़्ते बैठक करेंगी। ये समितियाँ मुख्य मुद्दों को पहचानेंगी और उनका हल निकालने की कोशिश करेंगी। साथ ही, वे यह भी देखेंगी कि कैसे दोनों राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सकता है। अक्टूबर 2025 में दोनों राज्यों के मुख्य सचिव एक और बैठक करेंगे। इसमें जल संसाधन सचिव भी शामिल होंगे। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो दिसंबर तक दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री भी मुलाक़ात कर सकते हैं और आगे की दिशा तय करेंगे। अंत में दोनों राज्यों ने यह वादा किया कि वे ईमानदारी और खुले मन से बातचीत करेंगे, ताकि महानदी जल विवाद का हल ऐसा निकले जो सबके लिए लाभकारी हो। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह पहल सफल रही, तो यह न सिर्फ ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल होगी कि बड़े और पुराने विवाद भी आपसी बातचीत और सहयोग से सुलझाए जा सकते हैं।

सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम : रेडियो पर गूंजेगी ‘दीदी के गोठ’

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सुशासन का वास्तविक अर्थ तभी पूर्ण होगा जब हमारी ग्रामीण महिलाएँ सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक रूप से सशक्त बनें. इसी दूरदर्शी सोच के साथ छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की दिशा में प्रेरित करने के लिए एक नई ऐतिहासिक पहल की है. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत तैयार विशेष रेडियो कार्यक्रम “दीदी के गोठ” का शुभारंभ 31 अगस्त 2025 को दोपहर 12:15 बजे किया जाएगा. यह कार्यक्रम आकाशवाणी रायपुर केंद्र सहित प्रदेश के सभी आकाशवाणी केंद्रों से एक साथ प्रसारित होगा. साथ ही इसकी लाइव स्ट्रीमिंग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (www.onlineradiofm.in/stations/all-india-air-raipur) पर भी उपलब्ध रहेगी. दीदी के गोठ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायकी सुशासन की सरकार की दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है. इसका उद्देश्य महिलाओं की आवाज़ को पूरे समाज तक पहुँचाना, उनके संघर्ष और उपलब्धियों को सामने लाना और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़कर सकारात्मक परिवर्तन की राह दिखाना है. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भारत सरकार के केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री और राज्य के उप मुख्यमंत्री और पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा द्वारा ग्रामीण महिलाओं के नाम विशेष संदेश और प्रेरणादायी शुभकामनाएँ प्रसारित की जाएंगी. यह अवसर न केवल एक कार्यक्रम का शुभारंभ होगा, बल्कि शासन की नीतियों और योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम भी बनेगा. दीदी के गोठ का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ना, उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना और आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की ओर अग्रसर करना है. इस कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की सफल महिलाओं की कहानियाँ सुनाई जाएंगी—कैसे उन्होंने संघर्ष और कठिनाइयों को पार कर अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से न सिर्फ़ आर्थिक रूप से मजबूती हासिल की, बल्कि समाज में भी एक नई पहचान बनाई. आज छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं. उनका जीवन बिहान योजना से सकारात्मक रूप से बदला है. इनकी प्रेरणादायी कहानियाँ रेडियो की आवाज़ के माध्यम से हर गाँव और हर घर तक पहुँचेंगी, ताकि अन्य महिलाएँ भी आत्मनिर्भरता की राह पकड़ सकें. इस कार्यक्रम के प्रभाव को और अधिक व्यापक बनाने के लिए पंचायत, ग्राम संगठन और संकुल संगठन स्तर पर सामूहिक श्रवण की व्यवस्था की जा रही है. इसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय समुदाय और स्व-सहायता समूह की दीदियाँ विशेष रूप से शामिल होंगी. सामूहिक श्रवण से ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी संवाद, चर्चा और प्रेरणा का वातावरण बनेगा.

यात्रियों के लिए खुशखबरी, त्योहार सीजन में दौड़ेगी कमलापति-दानापुर पूजा स्पेशल

भोपाल त्योहारों के अवसर पर यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे ने दुर्गा पूजा, दीपावली एवं छठ पर्व के दौरान अतिरिक्त ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इस क्रम में रानी कमलापति-दानापुर-रानी कमलापति के बीच द्वि-साप्ताहिक 11-11 ट्रिप पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह विशेष ट्रेन रानी कमलापति से प्रस्थान कर नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, गाडरवारा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर एवं सतना स्टेशनों से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचेगी। ट्रेन 01667 (रानी कमलापति-दानापुर) पूजा स्पेशल ट्रेन 01667 रानी कमलापति से दानापुर स्पेशल ट्रेन 27 सितंबर से 1 नवंबर तक द्वि-साप्ताहिक शनिवार एवं मंगलवार को एक्सप्रेस ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन से दोपहर 2:25 बजे प्रस्थान कर, नर्मदापुरम 3:25 बजे, इटारसी 3:55 बजे, पीपरिया 5:10 बजे, गाडरवारा 5:45 बजे, नरसिंहपुर 6:25 बजे, जबलपुर रात 7:25 बजे, सिहोरा रोड 8:10 बजे, कटनी 9:20 बजे, मैहर 10:10 बजे, सतना 10:45 बजे पहुंचकर और अगले दिन रविवार एवं बुधवार को सुबह 8:45 बजे दानापुर स्टेशन पहुंचेगी।   ट्रेन 01668 (दानापुर-रानी कमलापति) इसी प्रकार ट्रेन 01668 दानापुर से रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन 28 सितंबर से 2 नवंबर तक द्वि-साप्ताहिक रविवार एवं बुधवार को एक्सप्रेस ट्रेन दानापुर स्टेशन से सुबह 11 बजे प्रस्थान कर प्रयागराज छिवकी रात 8:30 बजे, पहुंचकर अगले दिन सतना रात 12:55 बजे, मैहर 1:28 बजे, कटनी 2:30 बजे, सिहोरा रोड 3:13 बजे, जबलपुर 3:50 बजे, नरसिंहपुर सुबह 5:00 बजे, गाडरवारा 5:30 बजे, पिपरिया 6 बजे, इटारसी 7:10 बजे, नर्मदापुरम 7:48 बजे पहुंचकर और सोमवार एवं गुरुवार को सुबह में 8:55 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुंचेगी।