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अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति 2025 हेतु आवेदन प्रांरभ इस वर्ष 2.5 लाख छात्राओं को मिलेगी यह छात्रवृत्ति

(वर्ष 2024-25 कुल 25000 छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई थी जिसमे मध्यप्रदेश की 18,000 से अधिक छात्राएं लाभान्वित हुई । छात्रवृत्ति के पहले वर्ष की धनराशी को इन छात्राओ के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया है) भोपाल अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति पायलट के तौर पर शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और झारखंड के कुछ चुनिन्दा जिलों में लॉन्च किया गया था । इस पायलट कार्यक्रम में 25,000 से अधिक छात्राओ को यह  छात्रवृत्ति दी गई है  मध्य प्रदेश में 18,000 से अधिक छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई जिसमे से भोपाल जिले की लगभग 295 छात्राएं लाभान्वित हुई | अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति का उद्देश्य स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओ को वित्तीय सहायता प्रदान करना है एवं यह सुनिश्चित करना है की धन की कमी से कोई  भी छात्रा अपनी पढ़ाई न छोड़े | अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन का अनुमान है कि वह शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में 2.5 लाख छात्राओ को अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही होगी । यह कार्यक्रम इस साल से देश के 18 राज्यों में शुरू किया जा रहा है   इस वर्ष छात्रवृत्ति हेतु आवेदन 10 सितंबर से प्रारंभ हो रहे है | प्रथम चरण में आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 सितम्बर है ।  अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा संचालित अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति के बारे में मुख्य बातें: पात्रता: ऐसी छात्रायें जिन्होने सरकारी (पब्लिक) स्कूलों से कक्षा 10वी और 12वी की पढ़ाई की हो। किसी प्रामाणिक उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) में डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम में प्रवेश लिया हो। ‘प्रामाणिक’ HEI की सूची में सभी सरकारी (पब्लिक) HEI और चुनिंदा निजी HEI भी शामिल होंगे। उपरोक्त पात्रता  रखने वाली कोई भी छात्रा  इस छात्रवृति  हेतु  ऑनलाइन आवेदन कर सकती है  आवेदन पूर्णतः निःशुल्क है   छात्रवृत्ति: डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम की अवधि के लिए प्रति वर्ष 30,000 रुपये, जब तक छात्रा सफलतापूर्वक कार्यक्रम में जारी रहती है । उदाहरण के लिए, 4 वर्षीय बीएससी नर्सिंग प्रोग्राम करने वाली छात्राओं को उन 4 वर्षों में 1,20,000( एक लाख बीस हजार) रुपये की छात्रवृत्ति सहायता मिलेगी । यह धनराशि हर साल दो किश्तों में छात्राओ के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी । वह अपनी जरूरत के हिसाब से इस धनराशि का उपयोग कर सकती है । । अठारह राज्यों की सूची इस प्रकार है: अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड । कार्यक्रम का विवरण और कार्यक्रम के डिजाइन या कवरेज में कोई भी बदलाव आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत में अधिसूचित किया जाएगा । आने वाले वर्षों में ये संभावना है की छात्रवृत्ति कार्यक्रम में देश के सभी राज्यो को शामिल किया जाएगा  

मुजफ्फरपुर में राजनीतिक माहौल गरम, चिराग ने एलजेपी-राजद के MY के अंतर को बताया

मुजफ्फरपुर बिहार में विधानसभा चुनाव जल्द होने वाला है। चुनाव ही हमलोगों का भविष्य निर्धारित करेगा। ऐसे में हमसब की जिम्मेदारी है कि इसे गंभीरता से समझें और विस चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। अगर चूक हुई तो फिर से हमलोग पिछड़ों में धकेले जाएंगे। मुजफ्फरपुर के एमआइटी इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में आयोजित लोजपा (रा) के नव-संकल्प महासभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने आरजेडी के एम वाई समीकरण के काट में अपने MY समीकरण का मतलब समझाया चिराग ने कहा कि मेरा समीकरण एम फॉर महिला और वाई फॉर युवा है। लेकिन, उनका समीकरण सांप्रदायिक व जाति पर आधारित है। एम से मुसलमान और वाई से यादव। लेकिन, मैं सबको साथ लेकर चलता हूं। बिहार फस्ट बिहारी फर्स्ट के विजन से चलता हूं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव युवा, नई पीढ़ी, महिला, बेरोजगार, किसान, मजदूर सभी वर्ग के लिए महत्वपूर्ण है। अपने संबोधन में चिराग ने राजद और कांग्रेस पर जोरदार प्रहार किया। विकास के मुद्दों पर भी घेरा। कहा कि कांग्रेस ने कई दशक राज किया। राजद भी 90 के दशक में बिहार में शासन किया। दोनों ने बिहार को पिछड़ेपन में धकेलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ‘आप’ (जनता) साथ दें, मैं विकसित बिहार बनाकर दूंगा। इसका मैं वादा करता हूं। संकल्प लेता हूं। मेरी मां व बहन पर भी की थी टिप्पणी पीएम मोदी की मां के अपमान पर चिराग पासवान ने कहा कि मेरा संस्कार महिलाओं का सम्मान करना है। राजद और कांग्रेस की संस्कृति गाली देने की रही है। अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता को अपशब्द कहा है। लोकसभा में राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने मेरी मां और बहन को गाली दी थी। यह उनका संस्कार है। लोजपा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने संदेश को हर गांव तक पहुचाने का आह्वान किया। चिराग ने कांग्रेस और राजद से कई तीखे सवाल भी किये। उन्होंने पूछा के दशकों शासन करने के बाद बिहार में बेरोजगारी, शिक्षा और चिकित्सा का स्तर निम्न क्यों है? वह अपने पिताजी के अधूरे सपनों को पूरा करने आए हैं। चिराग मुख्यमंत्री का चेहरा पार्टी के तमाम सांसदों ने चिराग पासवान को मुख्यमंत्री का चेहरा बताया। वैशाली की सांसद वीणा देवी ने कहा कि हमलोग बिहार के 243 सीटों की तैयारी कर रहे हैं। चिराग के नेतृत्व में बिहार में शिक्षा व रोजगार के बेहरत अवसर मिलेंगे। खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा ने कहा कि चिराग पासवान को बिहार की कमान देनी चाहिए। वे सक्षम हैं। समस्तीपुर सांसद शांभवी ने कहा कि प्रदेश युवा नेतृत्व चाहती है। चूके तो फिर जंगलराज पार्टी के जिलाध्यक्ष विश्व क्रमेन्दो देव उर्फ चुलबुल शाही ने कहा कि चिराग के नेतृत्व में बिहार प्रगति के पथ पर चलेगा। वहीं गायघाट की पूर्व प्रत्याशी कोमल सिंह ने कहा कि चुनाव जनता लड़ती है। इस बार चूके तो जंगलराज फिर से आएगा। चिराग पासवान को बिहार का नेतृत्व करना चाहिए। वहीं वैशाली के पूर्व सांसद रामा किशोर सिंह उर्फ रामा सिंह ने कहा कि आने वाला समय चिराग पासवान का है।  

CM मोहन यादव ने शिक्षक दिवस पर दिया गुरुओं को स्पेशल सरप्राइज, जानें क्या था गिफ्ट

भोपाल  ‘भारतीय परंपरा में अनंत काल से ध्यान का आधार गुरु का स्वरूप, पूजा का आधार गुरु के चरण, मंत्र का आधार गुरु के वचन और मोक्ष का आधार गुरु की कृपा है. प्रचीन काल में गुरु ही भविष्य के लिए शासक तैयार करते थे. जिस प्रकार महर्षि विश्वामित्र जी भगवान श्री राम और लक्षमण को अपने साथ ले गए और उन्हें शस्त्र और शास्त्रों का ज्ञान देकर राक्षसों का नाश कराया. इसी प्रकार कंस का वध करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण उज्जैन में महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचे और अनेक लीलाएं कीं.’ यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर भोपाल में कही. सीएम डॉ. यादव आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 2025 को संबोधित कर रहे थे. इस मौके पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी मौजूद थे. कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने सरकारी स्कूलों के कक्षा 1 से 8 तक के 55 लाख विद्यार्थियों के खातों में स्कूल यूनिफॉर्म के लिए 330 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए. इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात भी दी. कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षकों का सम्मान भी किया गया. शिक्षकों के सम्मान का महान दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एआई के युग में आप मशीनें तो अच्छी से अच्छी बना सकते हैं, लेकिन संस्कार केवल गुरु ही दे सकते हैं. हजारों सालों से भारतीय संस्कृति ने संस्कारों के माध्यम से समाज को दिशा प्रदान की है, शिक्षा के क्षेत्र में तक्षशिला और नालंदा की भूमिका को कौन भूल सकता है. भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने अपने जन्मदिवस को शिक्षक दिवस और उनके सम्मान के रूप में मनाने की बात कही थी, तब से देश में 5 सितंबर को शिक्षकों का सम्मान किया जाता है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आदि शंकराचार्य का जीवन भी मध्यप्रदेश आकर ही बदला था. ओंकारेश्वर की धरती ने उन्हें शंकराचार्य बनाया. बच्चों को बड़ी भूमिका के लिए करें तैयार कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में पारिवारिक माहौल भी बदल रहा है. ऐसे में बच्चों को अनुशासित रखना आवश्यक है. शिक्षक स्कूल में और अभिभावक घर में अनुशासन का ध्यान रखें. इससे बच्चों के मन में बड़ों के प्रति आदर का भाव आएगा. समाज में शिक्षकों का सम्मान होना चाहिए. पिछले दिनों राजधानी में शिक्षकों की एक गोष्ठी हुई. इसमें बच्चों में आत्महत्या की घटनाएं बढ़ने जैसे गंभीर विषय पर विचार-विमर्श हुआ. पति-पत्नी बच्चों के सामने झगड़ा न करें. हमारे शिक्षक और अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को ऐसा माहौल दें, जिससे वे भावनात्मक रूप से मजबूत हों. जीवन में छोटी-मोटी कठिनाइयां आने पर हार न मानें और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें. स्कूली बच्चों-शिक्षकों के खिले चेहरे गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार ने आज 55 लाख बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म के लिए 330 करोड़ रुपये दिए. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं. हमारे सरकारी स्कूलों का परिणाम निजी स्कूलों से बेहतर रहा है. यह परिणाम 15 साल में सबसे अच्छा रहा है. शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात देते हुए कहा कि सरकार शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च शिक्षक, नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षकों को चतुर्थ कार्यमान वेतनमान दिया जाएगा. इससे प्रदेश के 1 लाख 50 हजार शिक्षक लाभान्वित होंगे. इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा और 2025-26 से शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात मिलेगी. इससे सरकार पर 117 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा.  

कॉलेजों को चेतावनी: हरियाणा में वेबसाइट अपडेट नहीं रखने पर मिला नोटिस

हिसार  हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से अपनी वेबसाइट अपडेट नहीं रखने वाले कॉलेजों के खिलाफ सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। ऐसा नहीं करने वाले कॉलेजों के खिलाफ अब विभाग की ओर से एक्शन लिया जाएगा। सभी कॉलेजों को अपनी वेबसाइट 8 सितंबर तक अपडेट करनी होगी। शिक्षा विभाग हर कॉलेज की अपनी वेबसाइट बनवा चुका है। प्रदेश के कॉलेजों में शिक्षा ग्रहण करने वाले स्टूडेंट को हर प्रकार की जानकारी के लिए कोई दिक्कत न आए, इसके चलते ऐसा किया गया है। लेकिन 9 कॉलेज ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक अपना डोमेन भी नहीं खरीदा है। इन्हें विभाग की ओर से नोटिस भेजा गया है। 7 दिन में खरीदना होगा डोमेन वेबसाइट डोमेन नहीं खरीदने वालों में भिवानी के 3, सोनीपत के 2, यमुनानगर, पलवल, कैथल और चरखी दादरी के 1-1 सरकारी कॉलेज शामिल हैं। विभाग की ओर से भेजे गए नोटिस में इन्हें कहा गया है कि ये सभी 7 दिन में ERNET से अपना डोमेन खरीद कर निदेशालय को सूचित करें। अगर ऐसा नहीं किया तो फिर कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित कालेज की होगी। किसी भी समय हो सकता है निरीक्षण हरियाणा के जो कॉलेज अपनी वेबसाइट को अपडेट नहीं रखते हैं, उन्हें चेतावनी जारी करते हुए कहा गया है कि वेबसाइट को रैंडमली किसी भी समय चेक किया जा सकता है। अगर उस समय वेबसाइट अपडेट नहीं मिली तो कार्रवाई के लिए कॉलेज प्रबंधन की जिम्मेदारी रहेगी। वेबसाइट पर क्या होना चाहिए अपडेट वेबसाइट पर कॉलेज में संचालित किए जा रहे कोर्स से लेकर एडमिशन प्रोसेस, फीस स्ट्रेक्चर, नैक स्टेटस, लाइब्रेरी डिटेल, स्पोर्टस फैसिलिटी, कॉलेज स्टाफ की पूरी सूचना, टाइम टेबल, अकेडमिक कैलेंडर और परीक्षा की स्थिति को अपडेट रखना है। वहीं छात्रों के लिए निकलने वाले दैनिक नोटिस भी वेबसाइट पर होने चाहिए।  

ओबीसी पक्ष तैयार करेगा पैनल, दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं के नाम जाएंगे कोर्ट में

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने के बाद नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में राज्य शासन के अधिवक्ताओं और ओबीसी महासभा के अधिवक्ताओं की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में तय किया गया कि मप्र शासन द्वारा नियुक्त वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं को भी मामले में शामिल किया जाएगा। इस उद्देश्य से ओबीसी महासभा के अधिवक्ताओं ने दो दिनों के भीतर अतिरिक्त वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए दो नामों का पैनल देने की सहमति दी है। बैठक में आगामी सुनवाई के दौरान ओबीसी वर्ग के हितों की सुरक्षा के लिए साझा पैरवी पर सकारात्मक चर्चा हुई। इसमें मप्र शासन के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, पूर्व महाधिवक्ता अनूप जॉर्ज चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ता  जून चौधरी, रामेश्वर ठाकुर, वरुण ठाकुर, विनायक शाह,  शशांक रतनू, रामकरण, हनुमत लोधी सहित कई अधिवक्ता उपस्थित रहे। सरकार और ओबीसी महासभा के प्रतिनिधियों का मानना है कि इस समन्वय और साझा पैरवी से आगामी सुनवाई में प्रदेश का पक्ष और अधिक मजबूत होगा। सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है मामला  बता दें मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग को फिलहाल 14 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है। 2019 से 27 प्रतिशत आरक्षण देने का कानून बनने के बाद से सरकारी भर्तियों के 87 प्रतिशत पदों पर ही नियुक्ति दी जा रही है, जबकि 13 प्रतिशत पद कोर्ट का फाइनल निर्णय आने तक होल्ड कर दिए गए हैं। इसके खिलाफ ओबीसी वर्ग के छात्रों और ओबीसी महासभा ने कोर्ट में याचिका दायर की है। यह मामला हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।  

बाढ़ प्रभावित बच्चों के लिए आर्थिक मदद: तुरंत आवेदन करें और पाएं छात्रवृत्ति

पंजाब पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के कारण हज़ारों परिवार विस्थापित हो गए हैं और अपनी जिंदगी फिर से शुरू करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इन आपदाग्रस्त क्षेत्रों में छात्रों और अभिभावकों की भारी मुश्किलों को समझते हुए, देश भगत यूनिवर्सिटी ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के उन छात्रों के लिए ट्यूशन फीस में 50% छात्रवृत्ति की घोषणा की है।   है कि प्रतिकूल समय में भी शिक्षा जारी रहनी चाहिए। इस मौके पर प्रभावित लोगों के प्रति अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए देश भगत यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. ज़ोरा सिंह ने कहा कि हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन ने अनगिनत परिवारों के जीवन को प्रभावित किया है, जिससे न केवल घरों और आजीविका को नुकसान पहुंचा है, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए अनिश्चितता भी पैदा हुई है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि शिक्षा आशा की नींव है और भविष्य के पुनर्निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम है।

मकान ढहने से भिवानी में तीन मासूमों की जान गई, प्रशासन ने दिए मुआवज़े के 12 लाख

भिवानी भिवानी के गांव कलिंगा में 2 सितंबर की रात को मकान की छत ढहने से तीन नाबालिग बहनों की मौत के मामले में प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सहायता प्रदान की है। शुक्रवार को डीसी साहिल गुप्ता के निर्देश पर एसडीएम महेश कुमार मृतकों के परिजनों के घर पहुंचे। इस दौरान बवानीखेड़ा के विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि के प्रतिनिधि के रूप में उनके भाई राजेश कुमार भी मौजूद रहे। एसडीएम ने परिवार को हरियाणा सरकार की ओर से 12 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा। हादसे में परिवार के मुखिया ओमपाल, उनकी पत्नी अनिता और पांच साल के बेटे ध्रुव गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जबकि उनकी तीन बेटियों की मौके पर ही मौत हो गई थी। ओमपाल ने चार साल पहले अपने जर्जर मकान को छोड़कर परिवार की सुरक्षा के लिए किराए का मकान लिया था, जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन भी किया था। हालांकि, बारिश के कारण किराए के मकान की छत भी ढह गई, जिससे परिवार पर भारी विपत्ति आ पड़ी। प्रशासन ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।

कमल तोड़ने गए उप रजिस्ट्रार दलदल में फंसे, CSVTU अधिकारी की मौत से शोक की लहर, अंतिम संस्कार आज

दुर्ग भिलाई स्थित स्वामी विवेकानन्द तकनीकी विश्विद्यालय के उप-कुलसचिव की तालाब में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब उप रजिस्ट्रार भास्कर चन्द्राकर तालाब में कमल का फूल तोड़ने उतरे थे। यह घटना ग्राम पतोरा की है। प्रोफेसर चंद्राकर के पार्थिव शरीर को दुर्ग से पीएम के बाद उनके निवास पचपेड़ी नाका नवजीवन कॉलोनी रायपुर ले जाया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार आज ही दोपहर 2 बजे किया जाएगा। दरअसल 4 सितंबर को शाम 5 बजे कार्यालयीन समय के बाद प्रोफेसर भास्कर चंद्राकर मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) के साथ अपने उतई स्थित प्लाट देखकर वापस रायपुर जा रहे थे। तभी ग्राम पतोरा (उतई) से गुजरते समय कमल फूल तोड़ने के लिए वहां के तालाब में उतरे थे, लेकिन कमल के जड़ो और दलदल की वजह से वे बाहर नहीं आ सके, फिर सहकर्मी ने गांव वालों की सहायता से उन्हें तुरंत तालाब से निकालकर सीपीआर दिया और उन्हें तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया। उन्हें बीएसपी के सेक्टर 9 होस्पिटल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जगदलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में थी मूल पदस्थापना सीएसवीटीयू के कुलपति डॉ. अरुण अरोरा ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि उप रजिस्ट्रार चंद्राकर का असमय जाना तकनीकी शिक्षा जगत के साथ हम सभी लिए व्यक्तिगत अपूरणीय क्षति है। सरल, सहज व विनम्र स्वभाव के साथ प्रो. चंद्राकर अकादमिक व प्रशासनिक क्षमता के दक्ष व्यक्तित्व थे। मूल रूप से रायपुर निवासी डॉ. चंद्राकर ने शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय जगदलपुर से लेकर सीएसवीटीयू भिलाई सहित अन्य संस्थाओं में 15 वर्षों तक अपनी सेवाएं दी। वे 4 साल से सीएसवीटीयू में प्रतिनियुक्ति पर थे। मूल पदस्थापना जगदलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में थी।

तेजस्वी यादव बोले– बिहार बंद के दौरान भाजपा नेताओं ने करवाई हिंसा, भीड़ को बुलाया गया

  पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मां की गाली देने के विरोध में एनडीए के बिहार बंद को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने विफल बताया। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने बिहार बंद के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपाई पंचायत छोड़ एक वार्ड तक बंद नहीं करा पाए। भाजपा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, पीएम मोदी की रैली तरह बिहार बंद में भी भाड़े के लोग बुला लेने चाहिए थे। पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी ने कल बिहार में दुनिया भर की गुंडागर्दी की। भाजपाई गुंडों ने सरेआम महिलाओं को पीटा, शिक्षिकाओं को पीटा, गर्भवती महिलाओं को रोका, बुजुर्गों को धक्का दिया, छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया, बच्चों को स्कूल जाने से रोका, एम्बुलेंस को रोका, शहीद के परिजनों को पीटा लेकिन फिर भी ये लोग एक वार्ड तक बंद नहीं करा पाए।” उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि जैसे उनकी रैली में पुलिस और प्रशासन पर दबाव दिया जाता है, उसी तरह बिहार बंद के लिए भी पुलिस को बोल देना चाहिए था। वे ही ट्रैफिक रुकवा देते। तेजस्वी ने कहा, "गुजरात के रहने वाले मोदी ने वोट की खेती के लिए बिहार बंद में आम बिहारियों को परेशान करने का मस्ती भरा निर्णय ले लिया।"  

मध्यप्रदेश में मॉनसून की मार, मौसम विभाग ने आज के लिए दिया अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश के कई जिलों में आज भी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक और बारिश होने की संभावना जताई है। भोपाल जिले में अब तक 38 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो इस सीजन के कोटे से केवल 2 इंच कम है। बड़ा तालाब छलकने की कगार पर पहुंच गया है। ऐसे में भदभदा डैम के गेट किसी भी समय खोले जा सकते हैं। बात दें कि मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मध्य प्रदेश में इस मॉनसूनी सीजन में औसत से अधिक करीब 40 इंच बारिश हो चुकी है, जो कोटे का 108 प्रतिशत है। हालांकि अब तक 32.1 इंच बारिश होनी थी, प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मॉनसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी। यह लगातार दूसरे साल प्रदेश में सामान्य से ज्यादा है। फिलहाल मॉनसून के 25 दिन ओर बाकी हैं, ऐसे में यह आंकड़ा और भी बढ़ने के संभावना जताई जा रही है। उज्जैन इंदौर रतलाम में हालात बिगड़े लगातार हो रही बारिश से इंदौर, उज्जैन और रतलाम जिले के हालात बिगड़ रहे हैं, मौसम विभाग ने अगले 2 दिन तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। अगले 24 घंटे में रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। यहां साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। उज्जैन संभाग के नीमच, मंदसौर, देवास और आसपास के जिले इंदौर, बड़वानी, खंडवा, राजगढ़, गुना, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 24 घंटे में यहां ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में गुरुवार को चार सिस्टम एक्टिव रहे। इनमें एक मॉनसून समेत दो टर्फ, एक लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम शामिल हैं। शुक्रवार को भी सिस्टम की एक्टिविटी देखने को मिल सकती है, इसलिए कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। एमपी में जब से मॉनसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। इसके अलावा ग्वालियर-चंबल में भी मॉनसून जमकर बरसा है। प्रदेश के 20 जिलों में बारिश का कोटा फुल हो गया है। उज्जैन घाट पर बने मंदिरों में पानी भरा बुधवार ओर गुरुवार उज्जैन और आसपास के जिले देवास ओर इंदौर में रुक-रुक कर तेज बारिश होती रही। बुधवार देर रात और गुरुवार रुक-रुक कर हुई बारिश से शहर के कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिप्रा नदी उफान पर आ गई है। नदी के बढ़ते जलस्तर से रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर पानी आने से मंदिर डूब गए। वहीं अंगारेश्वर महादेव मंदिर में क्षिप्रा का जल घुस गया। घाट पर स्थित सभी मंदिर जलमग्न हो गए हैं। साथ ही चिंतामण जवासिया, खरेट सहित गांव के घरों तक पानी पहुंचा। दाउदखेड़ी में बन रही कॉलोनियों के चलते गांव के रास्ते पानी में डूब गए। नालों के ऊपर हो रहे निर्माण से पानी निकल नहीं पा रहा। यहां से आरटीओ जाने वाला रास्ता पानी भरने के चलते तालाब जितना भरा मिला, जहां एक बस भी काफी समय तक फंसी रही। इस दौरान शहर में हुई बारिश के कारण बहादुरगंज, एटलस चौराहा, केडी गेट, नीलगंगा, इंदौर गेट, दशहरा मैदान सहित कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया है। इन क्षेत्रों के रहवासी जलभराव के कारण खासे परेशान नजर आ रहे हैं। उज्जैन जिले में प्रशासन ने लोगों से नदियों-घाटों के पास नहीं जाने की अपील की है, क्षिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण उज्जैन बड़नगर मार्ग स्थित छोटा ब्रिज पूरी तरह से डूब गया है। उज्जैन कलेक्टर ने पुलिस बल के साथ एसडीई आरएफ टीम को मौके पर तैनात किया है। क्षिप्रा किनारे रामघाट पर नगर निगम, होमगार्ड और एसडीईआरएफ की टीमें तैनात हैं। घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को दूर रखा जा रहा है बात दे कि उज्जैन में क्षिप्रा नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि घाट किनारे स्थित मंदिर गुंबद तक जलमग्न हो गए है। ग्रामीण क्षेत्र के चिंतामन थाना के दाउद खेडी गांव में एक स्कूल बस और सरकारी स्कूल में कुछ छात्र और टीचर जलभराव के दौरान फंस गए। आसपास इतना पानी भर गया कि मोटर बोट से टीचर्स को रेस्क्यू करना पड़ा। 7 सदस्यीय एसडीईआरएफ टीम ने सभी टीचर्स को निकालकर सकुशल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। गुना में सबसे ज्यादा, 5 जिलों में कम एमपी के गुना जिले में अब तक सबसे ज्यादा बारिश हुई है तो वहीं उज्जैन संभाग सहित एमपी के 5 जिलों में बारिश फिलहाल औसत से कम है, यह जिले इंदौर और उज्जैन संभाग के हैं। इसमें खरगोन में सबसे कम 24.7 इंच, खंडवा में 24.9 इंच, बड़वानी में 25.2 इंच, बुरहानपुर में 25.5 इंच और शाजापुर में 25.6 इंच बारिश हुई है। इस मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां 62.9 इंच बारिश हो चुकी है। गुना में 30.5 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। मंडला में 55.5 इंच बारिश हो चुकी है। शिवपुरी में 52.9 इंच, अशोकनगर में 52.6 इंच और श्योपुर में 55.3 इंच पानी गिर चुका है। ब्लॉक की वजह से ट्रेनें निरस्‍त रतलाम नागदा खंड में ब्‍लॉक के कारण कुछ ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के रतलाम-नागदा खंड में ऑटोमेटिक ब्‍लॉक सिगनलिंग प्रणाली को लागू करने के लिए शीघ्रता से काम जारी है। रतलाम-नागदा खंड में ऑटोमेटिक ब्‍लॉक सिगनलिंग सिस्‍टम को कार्यान्वित करने के लिए 6 सितंबर को प्रस्‍तावित ब्‍लॉक के कारण मंडल की कुछ ट्रेनें प्रभावित होगी। 6 सितंबर 25 को निम्‍न ट्रेनें निरस्‍त रहेंगी : 59318 उज्‍जैन – नागदा पैसेंजर 59346 नागदा-उज्‍जैन पैसेंजर,59345 रतलाम-नागदा पैसेंजर 6 सितम्‍बर, 25 को नागदा से चलने वाली गाड़ी संख्‍या 19341 नागदा बीना एक्‍सप्रेस, उज्‍जैन से चलेगी तथा नागदा से उज्‍जैन के मध्‍य निरस्‍त रहेगी। ट्रेनों की आगमन/प्रस्‍थान समय सहित अन्‍य अद्यतन जानकारियों के लिए यात्री कृपया www.enquiry. indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।