samacharsecretary.com

शिक्षित व्यक्ति समाज और देश को करते हैं सशक्त : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

वाल्मीकि समाज के प्रतिभावान बच्चों का किया सम्मान भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि शिक्षित व्यक्ति समाज और देश का नेतृत्व करता है। उसे सशक्त करता है। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज के बच्चों के सम्मान से उनके माता-पिता गौरवान्वित हुए हैं। बच्चों के सम्मान से उनके परिजनों का भी सम्मान हुआ है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने भारतीय वाल्मीकि जन विकास संघ द्वारा रीवा में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि वाल्मीकि समाज शिक्षा के प्रति जागरूक है। उन्होंने अपने बच्चों को कड़ी मेहनत कर पढ़ाया है। शिक्षा से ही विकास होता है और सुनहरे सपने शिक्षा के ही माध्यम से साकार होते हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सम्मान प्राप्त करने से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ता है और उनसे प्रेरणा लेकर अन्य विद्यार्थी व परिजन शिक्षा के प्रति अपनी रूचि को सशक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज के विद्यार्थी प्रतिभावान हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने अपेक्षा की कि समाज के बच्चे लगन से शिक्षा लेकर आगे भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। उप मुख्यमंत्री ने बाल्मीकि समाज द्वारा प्रस्तुत मांगों से सहमत होते हुए उनकी पूर्ति कराए जाने के लिए आश्वस्त किया। उप मुख्यमंत्री का वाल्मीकि समाज द्वारा शॉल एवं प्रतीक चिन्ह सौंपकर सम्मान किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग, प्रतिभाशील विद्यार्थी तथा उनके परिजन उपस्थित रहे।  

मातृ मृत्यु दर व नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने में समन्वित प्रयास आवश्यक : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

रीवा में नवजात बच्चों की देखभाल एवं किशोर स्वास्थ्य प्रशिक्षण कार्यशाला का किया शुभारंभ भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मातृ मृत्यु दर व नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने में समन्वित प्रयास आवश्यक है। रीवा जिले में इस चुनौती को अवसर के तौर पर लेना होगा। जनप्रतिनिधि एवं स्वास्थ्य व महिला बाल विकास के मैदानी अमले के अधिकारी-कर्मचारी लोगों को जागरूक करें तथा मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर को न्यून करने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने रीवा में ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस पर जिला प्रशासन एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित नवजात बच्चों की देखभाल एवं किशोर मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में पंचायतीराज संस्थाओं के सदस्यों की प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीयन कराकर उनकी नियमित जाँच की जाए। स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रत्येक माह की 9 व 25 तारीख को स्वास्थ्य केन्द्र में अनिवार्यत: उपस्थित रहें और इनकी जाँच करें। टेलीमेडिसिन सुविधा का लाभ प्राप्त कर वरिष्ठ चिकित्सकों से भी परामर्श लेकर गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जाँच व इलाज कराएं। उन्होंने यूनिसेफ के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की कि गांवों में शत-प्रतिशत महिलाओं व नवजात शिशुओं के इलाज व जाँच में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम के सहयोग व निष्ठापूर्वक किए गए कार्य से ही रीवा जिले में आगामी 6 माह में सार्थक परिणाम सामने आएंगे और इस कार्यशाला का औचित्य सफल होगा। उन्होंने कहा कि स्कूल जाने वाली बालिकाओं के स्वास्थ्य की भी नियमित जाँच हो। पशुपतिनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं एवं डेयरी विभाग के परिसर में स्थापित पशुपतिनाथ मंदिर में आयोजित मानस पाठ के समापन अवसर पर पशुपतिनाथ भगवान एवं हनुमान जी की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने परिसर में वृक्षारोपण भी किया। मनकामेश्वर मंदिर में निर्माणाधीन कार्यों का लिया जायजा उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने रीवा शहर के कोठी कंपाउण्ड में स्थित मनकामेश्वर मंदिर में चल रहे सौंदर्यीकरण के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना भी की।  

इंडस्ट्री रेडी दक्ष मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी रिश्ता योजना

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि "रिश्ता" योजना न केवल युवाओं के कौशल को निखारने का माध्यम है, बल्कि प्रदेश एवं देश की अवसंरचना विकास यात्रा में उनके योगदान को सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है। यह योजना, इंडस्ट्री रेडी दक्ष एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करेगी। मंत्री श्री परमार ने रविवार को शुजालपुर स्थित मां शारदा सांदीपनि विद्यालय में, युवाओं को रोज़गारोन्मुखी कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से आरंभ किए गए "रिश्ता (RISHTA : Recruiting Industries Supporting Holistic Training with Alignment)" योजना के पोस्टर का विमोचन किया। योजना का उद्देश्य : युवाओं को रोजगारपरक और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना “रिश्ता” योजना का पूरा नाम, "रिक्रूटिंग इंडस्ट्रीज सपोर्टिंग हॉलिस्टिक ट्रेनिंग विथ एलाइनमेंट" (RISHTA : Recruiting Industries Supporting Holistic Training with Alignment) है। यह योजना, युवाओं को रोज़गारोन्मुखी कौशल (Skill Development) देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। रिश्ता योजना, एक उद्योग-आधारित कौशल विकास योजना है, जिसका उद्देश्य युवाओं को रोजगारपरक और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। इसका मुख्य लक्ष्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित कर, उन्हें "हाईवे कंस्ट्रक्शन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर" में अवसर दिलाना है। यह योजना "एसजीएसआईटीएस, इंदौर" और "PATH India Ltd" के संयुक्त सहयोग से संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत "सिविल इंजीनियरिंग" छात्रों के लिए सर्वेइंग (Surveying) एवं , क्वॉलिटी एश्योरेंस/क्वॉलिटी कंट्रोल (Quality Assurance/Quality Control) (QA/QC) जैसे पाठ्यक्रम और "मैकेनिकल इंजीनियरिंग" छात्रों के लिए कंस्ट्रक्शन मैकेनिकल स्किल्स (Construction Mechanical Skills) पर केंद्रित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक पाठ्यक्रम की अवधि 225 घंटे (75 दिन) होगी और कक्षाएँ शाम के समय आयोजित की जाएँगी, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इसमें सम्मिलित हो सकें। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन्हें उद्योग में इंटर्नशिप, प्रायोगिक अनुभव और 50% से अधिक प्लेसमेंट सहायता भी उपलब्ध होगी। "रिश्ता योजना की मुख्य बातें, लाभ एवं प्रभाव" रिश्ता योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को तकनीकी, व्यावसायिक और उद्यमिता (Technical, Vocational & Entrepreneurship Training) प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को उद्योगों, स्टार्टअप्स और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की व्यवस्था रहती है। विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट वर्क और प्रैक्टिकल लैब्स के अवसर मिलते हैं ताकि वे केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त कर सकें। योजना में विशेष ध्यान ग्रामीण एवं वंचित वर्गों पर भी दिया गया है ताकि उन्हें भी समान अवसर मिल सकें।। इस योजना में विद्यार्थियों एवं युवाओं को, निःशुल्क या कम शुल्क पर प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र और रोजगार के अवसर मिलते हैं। शैक्षणिक संस्थानों का, उद्योगों से जुड़ाव बढ़ता है और विद्यार्थियों की प्लेसमेंट दर सुधरती है। उद्योग जगत को, प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन मिलता है। बेरोज़गारी घटती है और आर्थिक प्रगति होती है, इससे समाज एवं देश को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलता है। “रिश्ता योजना” का लाभ मुख्य रूप से युवाओं को है, लेकिन इसका सकारात्मक प्रभाव उद्योग, शिक्षा संस्थान और पूरे समाज पर पड़ता है। इस अवसर पर एसजीएसआईटीएस इंदौर के निदेशक डॉ. नितेश पुरोहित, आईआईटी इंदौर के प्रोफेसर डॉ. संतोष विश्वकर्मा, होलकर साइंस कॉलेज इंदौर के एचओडी डॉ प्रदीप शर्मा, जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय शुजालपुर के प्राचार्य डॉ. राजेश शर्मा, माँ शारदा सांदीपनि विद्यालय शुजालपुर के प्राचार्य डॉ. रजनीश त्रिवेदी एवं डॉ. शिवपाल मेवाड़ा सहित विभिन्न प्रशिक्षक, शिक्षकगण, विद्यार्थी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।  

ट्रेन बनी खुशियों की सवारी, सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में महिला ने दिया बच्चे को जन्म

सतना कभी मुसाफिरों को मंज़िल तक पहुँचाने वाली ट्रेन, आज किसी की ज़िंदगी की शुरुआत की गवाह बन गई। सूरत से भागलपुर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन रविवार सुबह एक अनोखी और भावुक घटना की साक्षी बनी, जब ट्रेन के स्लीपर कोच में सफर कर रही 21 वर्षीय गर्भवती महिला ने चलती ट्रेन में एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। यह क्षण न केवल मानवीय संवेदना से भरपूर था, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि संकट की घड़ी में अनजान मुसाफिर कैसे अपनों से बढक़र बन जाते हैं। मैहर और सतना के बीच हुई प्रसव पीड़ा ट्रेन संख्या 22947 में सवार राज कुमारी अपने पति राजेश कुमार के साथ उधना से भागलपुर की यात्रा पर थीं। जैसे ही ट्रेन मैहर और सतना के बीच पहुंची, राज कुमारी को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति गंभीर होते देख स्लीपर कोच की महिला यात्रियों ने तुरंत सक्रियता दिखाई। उन्होंने चादरों से पर्दा बनाकर अस्थायी प्रसव कक्ष तैयार किया और मिल-जुलकर महिला की डिलीवरी करवाई। महिला यात्रियों ने न सिर्फ प्रसव में मदद की, बल्कि तुरंत जीआरपी को भी सूचित किया। सतना स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने से पहले ही एम्बुलेंस और मेडिकल स्टाफ को तैयार कर दिया गया था। सुबह करीब 4 बजे जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर पहुंची, मां और नवजात को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ, मुसाफिरों ने मनाई खुशी डॉक्टरों की टीम ने मां और नवजात की जांच की और दोनों को पूर्णत: स्वस्थ घोषित किया। अस्पताल से खबर मिलते ही ट्रेन में सवार यात्रियों के चेहरों पर मुस्कान आ गई। यात्रियों ने इसे ‘जीवन का सबसे सुंदर सफर’ बताया और कहा कि ‘सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस अब सिर्फ एक ट्रेन नहीं, जननी एक्सप्रेस बन गई है।’

मुक्ति धाम की कमी बनी दर्दनाक मजबूरी, खरगोन गांव में पंचायत गेट पर हुआ अंतिम संस्कार

भीकनगांव नगर से 8 किलो मीटर तक ग्राम लाल खेड़ा में मुक्ति धाम नहीं होने से परिजनों एवं ग्रामीणों ने की ग्राम पंचायत लालखेड़ा के गेट पर अंतिम संस्कार की तैयारी गेट पर ही लकड़ियों से चिता सजा दी। गांव में नहीं है कोई मुक्तिधाम दरअसल, ग्रामीण मयंक कुशवाह ने बताया कि आज सुबह ग्राम की उर्मिला बाई पति बाबूलाल का निधन हो गया है ग्राम में मुक्ति धाम नहीं है और जो है वह जीर्ण शीर्ण की हालत में है ऊपर तीन शेड भी लगा हुआ है वर्षा काल का समय से बारिश आ रही है।   कई बार बताने के बाद भी नहीं बना मुक्तिधाम ऐसे में मृतक उर्मिला बाई पति बाबूलाल 70 वर्षीय का अंतिम संस्कार करे तो कहा ग्राम पंचायत में पदस्थ जिम्मेदारों को कई बार ग्रामीणों के द्वारा अवगत करवाया गया है लेकिन अभी तक मुक्ति धाम को सही नहीं करवाया गया है अब से ग्रामीण ग्राम का किसी भी निधन होने के बाद ग्राम पंचायत के गेट पर अंतिम संस्कार करेंगे। जानकारी मिलने के बाद प्रशानिक अधिकारी मौके के लिए रवाना हुए।

महिला से 59 लाख की ठगी, मुनाफे का झांसा देकर किया फ्रॉड, मध्य प्रदेश से पकड़े गए आरोपी

बिलासपुर महिला के साथ ऑनलाइन ठगी के एक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने महिला से 59 लाख रुपये की ठगी को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को मध्य प्रदेश की महू पुलिस ने गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपी देशभर में लोगों से साइबर ठगी कर रहे थे। जानकारी के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने फ्राड करते हुए रुपये जमा कराने के लिए 10 खातों का उपयोग किया। इसके अलावा 15 अन्य खातों की भी जानकारी मिली है। अब तक इस प्रकरण में प्रारंभिक स्तर पर 10 आरोपित मिले हैं।   पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने 59 लाख रुपये के फ्राड की शिकायत की थी। इसमें बताया था कि कुछ लोगों ने उन्हें वाट्सएप-इंस्टाग्राम ग्रुप में जोड़ा और शेयर मार्केट में लाभ का लालच दिया। आरोपितों ने महिला से अलग-अलग खातों में रुपये जमा करवाए। इसके बाद लाखों रुपये का मुनाफा दिखाया। महिला से जनवरी से मई माह तक 10 खातों में 59 लाख रुपये जमा करवाए। जिससे फर्जी तरीके से ट्रेडिंग एप पर शेयर खरीदना दिखाते थे। मई माह तक महिला को डेढ़ करोड़ रुपये का लाभ बताया। जब महिला ने रुपये निकालने की बात कही तो वह टालने लगे। महू निवासी अर्पित साल्वे ने अकाउंटेट बनकर महिला से बात की। उसने एक दो दिन में रुपये जमा करने की बात कही और एक सप्ताह बाद फोन उठाना बंद कर दिया। इस पर महिला को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस को सेंसेटिव कर दिया है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें बिलासपुर पुलिस की टीम ने मध्य प्रदेश के टीम की भी मदद ली। पुलिस टीम ने ललित पुत्र सुरेंद्र सिंह (32) वर्तमान निवासी धारनाका मूल निवासी बुलंदशहर उत्तर प्रदेश, बबलू उर्फ कमलजीत पुत्र दिलावर चौहान (38) निवासी अयोध्यापुरी कालोनी कोदरिया, अर्पित पुत्र संतोष साल्वे (30) निवासी गिरनार सिटी गुजरखेड़ा और रोहित पुत्र बहादुर निषाद (25) निवासी धारनाका को गिरफ्तार किया।

ओसाका (जापान) में वर्ल्ड एक्सपो 2025 के पहले ही दिन छत्तीसगढ़ पैवेलियन में उमड़ी रौनक

रायपुर  ओसाका (जापान) में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 के पहले दिन ही छत्तीसगढ़ पैवेलियन आकर्षण का केंद्र बन गया। उद्घाटन दिवस पर 22 हजार से अधिक दर्शकों ने यहाँ पहुँचकर छत्तीसगढ़ की विरासत, उद्योग और पर्यटन की अनूठी झलक का अनुभव किया। भारत सरकार के इंडियन ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) के आमंत्रण पर 24 से 30 अगस्त 2025 तक भारत पैवेलियन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। आज इस भव्य पैवेलियन का विधिवत शुभारंभ किया गया। छत्तीसगढ़ : संस्कृति, उद्योग और अवसरों का संगम पैवेलियन को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि यह आगंतुकों को एक जीवंत अनुभव प्रदान करता है। पवेलियन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि, औद्योगिक शक्ति और पर्यटन की संभावनाओं को सुंदर रूप से पिरोया गया है। यह वैश्विक दर्शकों को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराता है। पर्यटन और विरासत की छटा पैवेलियन में छत्तीसगढ़ की धरती की सुंदरता और धरोहर को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। नवा रायपुर, देश का पहला ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी, जिसे निवेश और औद्योगिक प्रगति के लिए तैयार किया गया है, यहाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक पहचान चित्रकोट जलप्रपात ने भी सबका ध्यान खींचा। भारत का सबसे चौड़ा जलप्रपात होने के कारण इसे “भारत का नियाग्रा” कहा जाता है। इतिहास और आस्था की झलक देने वाला सीतापुर (Sirpur) पैवेलियन में प्रमुख रूप से प्रदर्शित है। यह 8वीं शताब्दी ईस्वी से जुड़ा भारत का एक विशाल बौद्ध स्थल है, जो छत्तीसगढ़ की गहरी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का परिचायक है। भारत और जापान की सांस्कृतिक विरासत के इस जुड़ाव में, छत्तीसगढ़ बुद्ध के विचारों और शिक्षाओं से प्रेरित होकर शांति, समावेश और सतत विकास के साझा मूल्यों को आगे बढ़ाता है। औद्योगिक शक्ति और लॉजिस्टिक हब के रूप में छत्तीसगढ़ पैवेलियन में छत्तीसगढ़ की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति पर विशेष बल दिया गया। राज्य की केंद्रीय स्थिति और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क उसे देश के भीतर सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब बनाते हैं। विनिर्माण, वस्त्र, आईटी/आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रामोद्योग जैसे क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ की तेजी से हो रही प्रगति को भी यहाँ प्रदर्शित किया गया है। यह वैश्विक निवेशकों के लिए राज्य को निवेश-तैयार गंतव्य के रूप में स्थापित करता है। कला और शिल्प की पहचान छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी लोककला और हस्तशिल्प में भी झलकती है। पैवेलियन में बस्तर की ढोकरा कला—4,000 वर्ष पुरानी जीआई टैग प्राप्त धातु शिल्प—अपने अनगढ़ सौंदर्य और मौलिकता से सबको आकर्षित कर रही है। इसी तरह, कोसा सिल्क, जिसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा कहा जाता है, पैवेलियन का मुख्य आकर्षण बना। यह अपनी प्राकृतिक चमक, मजबूती और आकर्षण के लिए विख्यात है और राज्य के वनों में पाए जाने वाले एंथरेया मायलिट्टा रेशमकीट से तैयार किया जाता है। कोसा से बनी कलात्मक इंस्टॉलेशन छत्तीसगढ़ की आत्मा को व्यक्त करती है—जहाँ आध्यात्मिकता, प्रकृति और विकास का संतुलन साफ़ दिखाई देता है। वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ की दमदार उपस्थिति वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पैवेलियन की शानदार शुरुआत और रिकॉर्डतोड़ दर्शक संख्या ने आने वाले सप्ताह की दिशा तय कर दी है। यह पैवेलियन न केवल सांस्कृतिक विविधता का उत्सव है, बल्कि छत्तीसगढ़ को सतत औद्योगिक प्रगति और वैश्विक निवेश अवसरों के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करता है।

कानपुर में कांग्रेस नेता के होटल से सेक्स रैकेट पकड़ा गया, पुलिस बनी ग्राहक, 7 लड़कियां-4 युवक हिरासत में

कानपुर उत्तर प्रदेश के कानपुर में कांग्रेस नेता राजेश सिंह के होटल में सेक्स रैकेट पकड़ने से हड़कंप मच गया है। पुलिस यहां खुद ग्राहक बनकर पहुंची है। उसे इसके बारे में जानकारी मिली थी, जिसके बाद पुलिस की टीम ने होटल में छापा मारकर कमरों से सात युवतियों, चार युवकों और मैनेजर को पकड़ा है। इस मामले पर कांग्रेस नेता राजेश सिंह ने बताया कि होटल उनका है, लेकिन उन्होंने उसे दो लोगों को किराये पर दे रखा है। पुलिस को लगातार मिल रही थीं शिकायतें सैक्स रैकेट को लेकर पुलिस को लगातार शिकायत मिल रही थी, जिसके बाद उसने यह एक्शन लिया। एसीपी आकांक्षा पांडेय ने आरोपियों को पकड़ने के लिए एक पुलिसकर्मी को भेजा था। होटल पहुंचने पर पुलिसकर्मी को कई लड़कियां व लड़के दिखे। इस दौरान रिसेप्शन पर एक युवक उनसे मिला और उसने होटल में रुकने और लड़कियों के बारे में इशारे किए। उसने लड़कियों के एक हजार से 20 हजार रुपये तक के रेट बताए।   पुलिस ने होटल का मैनेजर भी पकड़ा इसके बाद ही पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी और छापेमारी की। एसीपी ने छापेमारी के बाद बताया कि होटल का मैनेजर हर्ष गुप्ता भी पकड़ा गया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि इसी होटल में वर्ष 2023 में भी क्राइम ब्रांच ने छापेमारी कर युवक-युवतियों को पकड़ा था। कांग्रेस नेता की बात करें तो वह रतनलाल नगर में रहते हैं और रेल बाजार में राजेन्द्रा पैलेस के नाम से उनका होटल है। 

किसी परियोजना में खामी मिली तो संबंधित लोगों के खिलाफ होगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री

सीएम योगी ने गोरखपुर में की विकास परियोजनाओं की समीक्षा गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी है कि हर विकास परियोजना को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें। हर परियोजना के लिए एक नोडल अधिकारी बनाया जाए जो कार्य की नियमित निगरानी करें। यदि किसी परियोजना में ठेकेदार की लापरवाही मिले तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। किसी विकास परियोजना में कोई खामी मिली, गुणवत्ता से समझौता किया तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई तय है। हर परियोजना के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।  मुख्यमंत्री, रविवार को दोपहर बाद गोरखपुर के एनेक्सी भवन में जिले में जारी विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक कर रहे थे। गोरखपुर में चल रही विकास परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी लेते हुए सीएम योगी ने कहा कि विकास कार्यों से गोरखपुर के प्रति पूरे देश में मजबूत सकारात्मक धारणा बनी है। विकास कार्यों में किसी भी तरह का व्यवधान नहीं आना चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि वह हर विकास परियोजना की प्रगति की जानकारी उस प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी से खुद लेते रहें। सीएम ने पीएसी महिला बटालियन, खजांची बाजार, पादरी बाजार, बरगदवा, गोरखनाथ, पैडलेगंज-नौसढ़ फ्लाईओवर, भोपा बाजार ओवरब्रिज सहित सभी बड़ी विकास परियोजनाओं में तेजी लाते हुए निर्माण कार्यों को तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।  बीमारियों से बचाव को चलाएं जागरूकता अभियान समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी पूर्वांचल के लिए अभिशाप रहे इंसेफेलाइटिस (जेई और एईएस)को नियंत्रित कर लिया गया है। पर, सतत सावधानी की जरूरत है। इसी तरह डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए जनता को जागरूक करते रहना होगा। इसके लिए लोगों के बीच जागरूकता और स्वच्छता से जुड़े अभियान चलाए जाएं। जागरूकता को लेकर प्रचार-प्रसार को बढ़ाया जाए। यह कार्य सभी नगर निकायों में हो। पनपने न दें मेडिकल माफिया मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर सहित पूरे प्रदेश में माफियाराज को ध्वस्त कर दिया गया है। मेडिकल पेशे में कभी-कभी एम्बुलेंस माफिया या मरीजों को भर्ती कराने में बिचौलियों के खेल की शिकायतें आती हैं। इस पर सतत सख्ती जरूरी है। ऐसी कार्रवाई की जाए जिससे मेडिकल फील्ड में कोई माफिया पनपने न पाए।  न लगने पाए जाम, स्ट्रीट वेंडर्स का करें व्यवस्थित पुनर्वास सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर की प्रतिस्पर्धा बड़े स्मार्ट शहरों से हो रही है। ऐसे में सुगम यातायात अपरिहार्य है। यातायात पुलिस और नगर निगम मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाए जिससे शहर में कहीं जाम न लगने पाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित हो कि सड़क पर ठेले-खोमचे न लगें। इसके लिए स्ट्रीट वेंडर्स का व्यवस्थित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।  यूनिफॉर्म में ही आएं सरकारी स्कूलों के बच्चे मुख्यमंत्री ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के यूनिफॉर्म, बैग, जूता-मोजा आदि के लिए सरकार उनके अभिभावकों के बैंक खातों में धनराशि भेजती है। ऐसे में इस बात का ध्यान रखा जाए कि यह धनराशि इसी के लिए खर्च हो। विद्यालयों की जांच कर यह व्यवस्था बनाई जाए कि बच्चे यूनिफॉर्म में ही स्कूल आएं। इससे बच्चों के बीच समन्वय और सकारात्मक, अनुशासित माहौल बनेगा।  जनप्रतिनिधियों को कराएं बाल वाटिका का भ्रमण मुख्यमंत्री ने जिले में बच्चों के लिए प्री स्कूलिंग से पहले खोले गए बाल वाटिका की जानकारी ली। बताया कि यह एक शानदार पहल है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जनप्रतिनिधियों को भी बाल वाटिका का भ्रमण कराएं और जरूरत पड़ने पर बाल वाटिका के लिए उनका सहयोग प्राप्त करें। उन्होंने माध्यमिक विद्यालयों के लिए संचालित प्रोजेक्ट अलंकार की भी समीक्षा की और कहा कि इसके तहत हो रहे निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए।  गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट में तेजी से हो काम सीएम योगी ने शहर में जलजमाव दूर करने के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गोड़धोइया नाला की भी समीक्षा की। कहा कि इसके निर्माण में और तेजी लाने की आवश्यकता है। बरसात से अगर काम प्रभावित हो रहा हो तो वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर काम को सुचारू तरीके से आगे बढ़ाया जाए।  एसटीपी बनाने वाली फर्म ही करे दस साल अनुरक्षण मुख्यमंत्री ने शहर में अमृत योजना के तहत एसटीपी निर्माण की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्माण के बाद मेंटीनेंस भी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि निर्माण कराने वाली फर्म से अगले दस साल के अनुरक्षण के लिए भी एग्रीमेंट होना चाहिए।  कहीं पेड़ काटना पड़े तो नया पौधा लगाना भी सुनिश्चित करें मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी विकास परियोजना को आगे बढ़ाने में यदि कहीं पेड़ काटना पड़े तो उसके एवज में नया पौधा लगाना भी सुनिश्चित किया जाए। पौधे की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी जरूर लगाया जाए।  समीक्षा बैठक में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री एवं बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान, गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, राजेश त्रिपाठी, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, सीपी चंद और प्रशासन व विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा – लोन चुकता होते ही बंधक संपत्ति मॉर्टगेज या डबल मॉर्टगेज से हो जाएगी मुक्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योगों के हित में ही राष्ट्र का हित निहित है। लघु और कुटीर उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सीमित संसाधनों का समुचित उपयोग कर हम इन उद्योगों के विकास की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत काल में लघु उद्योग भारती के प्रदेश कार्यालय का लोकार्पण हमारे उत्कर्ष को दर्शाता है। उद्योगों के विकास के लिए हमें पूरे देश के परिदृश्य में सोचना होगा। सभी जगह समान रूप से उद्योग लगाने होंगे, तभी संतुलित विकास हो सकेगा। देश हित में हम सब मिलजुलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हम उद्योगों को विस्तार देने के लिए उद्योगपतियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। हमने समाज के सभी वर्गों का बराबर ध्यान रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को लघु उद्योग भारती के गोविंदपुरा औद्योगिक प्रक्षेत्र में नवनिर्मित प्रदेश कार्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लघु उद्योग भारती के करीब 4 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित प्रदेश कार्यालय भवन 'उद्यम सेतु'का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर लोकार्पण किया।लोकार्पण अवसर पर लघु उद्योग भारती का द्वि-वार्षिक प्रादेशिक सम्मेलन और स्टार्टअप एवं लघु उद्यमी महाकुंभ-2025 भी आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य अतिथियों के साथ लघु उद्योग भारती के नए ब्रोशर का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि किसी भी प्रकार का संस्थागत या बैंक लोन चुकता होते ही संबंधित बंधक संपत्ति मॉर्टगेज या डबल मॉर्टगेज से मुक्त हो जाएगी। इस प्रावधान का लाभ हम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम उद्योगों (एमएसएमई इंडस्ट्री) को भी देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लघु उद्योगों की स्थापना और इससे जुड़ी सभी कठिनाइयों का समुचित हल भी निकाला जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम एमएसएमई उद्योगों की स्थापना से जुड़ी सभी प्रकार की अनुमतियां को समयबद्ध कार्य योजना की अनुरूप समय-सीमा में देने का प्रावधान करने जा रहे हैं। प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योग लगाने वाले उद्योगपतियों को प्रोत्साहन दे रहे हैं। प्रदेश में नया आईटीआई पॉलिटेक्निक कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के लिए भी नीति से प्रावधान अनुसार सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश में रिसर्च वर्क को बढ़ावा देने के लिए आगे आ रहे हैं। आईआईटी इंदौर में शोध कार्यों के लिए देशी और विदेशी शिक्षण संस्थानों के स्टडी सेंटर के लिए हमारी चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लघु उद्योगों के साथ हमेशा साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें लघु उद्योगों को पुनर्जीवित करना होगा। इसी से हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि विरासत से विकास का सबसे सटीक उदाहरण भारतीय लघु उद्योग ही हैं। यह कारोबार नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की आशा, आत्म-सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन का आधार हैं। जैसे शरीर की मजबूती रीढ़ पर टिकी होती है, वैसे ही भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती लघु उद्योगों पर टिकी है। लघु उद्योग सिर्फ कारखाने नहीं हैं, ये रोज़गार के सबसे बड़े निर्माता हैं। एमएसएमई वह पुल है, जो मेहनतकश हाथों को बड़े बाज़ारों से जोड़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भारत में 6 करोड़ से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) हैं, जो देश की जीडीपी में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं और कुल निर्यात में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। आज हम विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन पाए हैं, तो इसमें एक बड़ा योगदान लघु उद्योगों का ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का "मेक इन इंडिया" और "वोकल फॉर लोकल" का आव्हान हमें बताता है कि आत्मनिर्भर भारत का मार्ग बड़े -बड़े उद्योगों से नहीं, बल्कि घर-घर की चौखट से चलने वाले छोटे उद्योगों से ही निकलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने माइक्रो, स्माल और मीडियम इंटरप्राइजेज को मैक्सिमम स्पोर्ट देने की बात कहीं है, जिससे ये सभी उद्योग मैक्सिमम ग्रोथ हासिल कर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लघु उद्योग भारती से जुड़े लघु उद्योगपति केवल मुनाफे के लिए काम नहीं करते, गौरव, परंपरा और नवाचार को बढ़ावा देते हैं। आप हर छोटे उद्यमी की आवाज़ बन रहे हैं। आप संगठन में शक्ति को चरितार्थ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योगपति "दाम कम, दम ज्यादा" मंत्र के साथ अपनी विश्वसनीयता बनाएं, एक बार जो आपका प्रोडक्ट खरीदे, वो बार-बार खरीदें। तकनीकी से जुड़ें, मार्केटिंग सीखें, ऑनलाइन बाजार से जुड़ें। अपने उत्पादों को ई-कॉमर्स बेवसाइट से जोड़कर लोकल से ग्लोबल बनाएं। कौशल भारत अभियान और नई शिक्षा नीति इस दिशा में बड़ा कदम है। छोटे उद्योगों के केंद्र में हमारी मातृशक्ति है। लाड़ली बहनों की भागीदारी से न सिर्फ परिवार की आमदनी बढ़ती है, साथ ही समाज में आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण का मार्ग भी खुलता है। लघु उद्योग ही स्वदेशी का आधार हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत विकसित और आत्मनिर्भर होगा, उसमें लघु उद्योगों की भूमिका सबसे बड़ी होगी।