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‘शहर चलो अभियान’ की तैयारी पूरी, 4 से 13 सितम्बर तक लगेंगे प्री-कैम्प

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का प्रमुख ध्येय अंत्योदय की संकल्पना को सिद्धि की ओर ले जाते हुए अंतिम छोर के व्यक्ति को अधिक से अधिक राहत पहुंचाना है। 15 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक संचालित होने वाला शहर चलो अभियान इस उद्देश्य की प्राप्ति में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान के सफल संचालन के लिए प्रभावी कार्ययोजना के अंतर्गत कार्य करने के लिए निर्देशित किया, ताकि शहरी निकायों में बुनियादी नागरिक सुविधाएं सुदृढ़ हों और सेवाओं को नई गति मिले। शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अभियान से पूर्व 4 से 13 सितम्बर तक प्री-कैम्प आयोजित किए जाएं। इस दौरान अधिकारी शहरी निकायों के वार्डों में पहुंचें और पार्षदों से चर्चा कर समस्याओं का चिन्हीकरण करें। इससे आमजन को मुख्य कैम्प के दौरान सुगम और त्वरित राहत मिल सकेगी। जन उपयोगी कार्यों के त्वरित निस्तारण से आमजन को मिलेगी राहत मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी निकायों में सफाई व्यवस्था सुधार, नई स्ट्रीट लाइट्स लगाने, आवारा पशुओं को पकड़ने, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, सार्वजनिक स्थानों का रखरखाव और सौंदर्यकरण, सड़क मरम्मत जैसे जनोपयोगी कार्य इस अभियान में किए जाएंगे। उन्होंने पीएम स्वनिधि ऋण वितरण, पीएम सूर्यघर 150 यूनिट निःषुल्क बिजली योजना के आवेदन प्राप्त करने के साथ ही सामुदायिक भवन, आंगनवाड़ी एवं विद्यालय आदि के मरम्मत के कार्य विशेष रूप से संपादित करने के लिए भी निर्देशित किया। ग्रामीण क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के लिए करें विशेष कार्य शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सुनियोजित विकास को गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे प्रदेश के सुदृढ़ बुनियादी ढांचे को गति मिल सके। उन्होंने भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों के सुनियोजित विकास पर विशेष जोर देते हुए स्वच्छता, पेयजल, सड़क, सीवरेज जैसी आधारभूत सुविधाओं पर विशेष रूप से कार्य करने के लिए निर्देशित किया। बैठक में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा एवं नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भारत सरकार के अधिकारियों ने की भेंट

प्रदेश के दौरे पर दिल्ली से आया अवर सचिवों का दल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मंगलवार को मंत्रालय में प्रधानमंत्री कार्यालय के अवर सचिव श्री विनोद बिहारी सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों के 38 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में कार्यरत अवर सचिव शामिल थे। यह सभी अवर सचिव इस मिड कैरियर कोर्स के उपरान्त उप सचिव के पद पर पदोन्नत होंगे और अलग-अलग मंत्रालयों में उनकी पदस्थापना की जाएगी। प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने तीन दिवसीय मध्यप्रदेश यात्रा में विश्व धरोहर स्मारक सांची (जिला रायसेन) और हिल स्टेशन पचमढ़ी (जिला नर्मदापुरम) का भ्रमण भी किया। भारत सरकार के अधिकारियों ने बताया कि वे मध्यप्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक विरासत से प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के हृदय प्रदेश में सभी का स्वागत है। मध्यप्रदेश अनेक नवाचारों को अपनाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में विकास के पैमानों पर कार्य कर रहा है। नागरिकों को स्वास्थ्य क्षेत्र में विभिन्न सुविधाएं दी जा रही हैं। आयुष्मान कार्डधारी और अन्य नागरिकों को आपातकाल में जीवन रक्षा के लिए एयर एम्बुलेंस सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। इसी तरह मेडिकल कॉलेजों की स्थापना का कार्य निरंतर हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत सरकार के अधिकारियों को जानकारी दी कि पीपीपी मॉडल के आधार पर जिला अस्पतालों का मेडिकल कॉलेज के रूप में उन्नयन कर आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इस मॉडल की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए बताया कि मेडिकल कॉलेज के लिए मात्र एक रुपए में 25 एकड़ भूमि के आवंटन, चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध करवाने और मेडिकल कॉलेज का प्रबंधन, प्राप्त शुल्क राशि से किए जाने की व्यवस्था की गई है। इस पहल का नागरिकों को व्यापक स्तर पर लाभ प्राप्त होगा। मध्यप्रदेश के स्मारकों और मंदिरों की संरचना पर केंद्रित हैं नई दिल्ली के महत्वपूर्ण भवन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि जहां राष्ट्रपति भवन का सेंट्रल डोम(मुख्य गुम्बद) सांची के स्तूप से प्रेरित है। वहीं पुरानी संसद भवन का आकल्पन मुरैना जिले के मितावली- पड़ावली स्थित 64 योगिनी मंदिर की तरह किया गया था। नए संसद भवन की डिजाइन भी प्रदेश के विदिशा स्थित विजयपुर मंदिर की संरचना से मिलती जुलती है। इस तरह राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में महत्वपूर्ण भवनों के निर्माण में मध्यप्रदेश के स्मारकों और मंदिरों के अनुरूप आकल्पन प्रदेश के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने कहा कि भारत सरकार के यह सभी अधिकारी जनकल्याण की दृष्टि से विभिन्न मंत्रालयों में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।  

धार का पीएम मित्रा पार्क बनेगा भारत का सबसे बड़ा टेक्सटाइल हब : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश का नया विज़न – फार्म टू फैशन 3 सितम्बर को दिल्ली में पीएम मित्रा पार्क में निवेश पर "इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीस्" भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अब देश का सबसे बड़ा पीएम मित्रा (मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल) पार्क स्थापित करने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 5F रणनीति – "फार्म टू फाइबर टू फैक्ट्री टू फैशन टू फॉरेन'' को मूर्त रूप देने वाला यह पार्क न केवल प्रदेश बल्कि पूरे भारत के टेक्सटाइल सेक्टर की औद्योगिक तस्वीर बदलने वाला साबित होगा। इसी सिलसिले में 3 सितम्बर 2025 को नई दिल्ली के होटल आईटीसी मौर्य में “इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन पीएम मित्रा पार्क” का आयोजन होगा। इसमें केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरीराज सिंह मुख्य वक्तव्य देंगे और भारत के वस्त्र उद्योग की वैश्विक भूमिका पर प्रकाश डालेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष संबोधन देंगे और उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग कर निवेश प्रस्तावों पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “पीएम मित्रा पार्क मध्यप्रदेश को ‘फार्म टू फैशन’ की पूरी वैल्यू चेन में अग्रणी बनाएगा। यह पार्क न केवल रोजगार और निवेश का केंद्र बनेगा, बल्कि ‘Made in MP – Wear Across the World’ के विज़न को भी साकार करेगा।” बड़ा निवेश अवसर धार जिले में प्रस्तावित यह पार्क 2,158 एकड़ विकसित औद्योगिक भूमि पर बसाया जा रहा है। राज्य और केंद्र सरकार की आकर्षक प्रोत्साहन नीतियों का लाभ निवेशकों को मिलेगा। भूमि प्रीमियम मात्र 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर, डेवलपमेंट चार्ज 120 रुपये प्रति वर्ग फुट, बिजली 4.5 रुपये प्रति यूनिट और पानी 25 रुपये प्रति किलोलीटर की दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। अधोसंरचना और कनेक्टिविटी पार्क को वर्ल्ड क्लास इंडस्ट्रियल हब के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसमें 2,063 करोड़ रुपये की लागत से कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, जिसमें 60 और 45 मीटर चौड़ी सड़कें, सीवरेज और ड्रेनेज नेटवर्क, अंडरग्राउंड केबल, लॉजिस्टिक्स बे, पार्किंग, CETP, सोलर प्लांट, प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स और सेंट्रलाइज्ड स्टीम बॉयलर शामिल हैं। पूरी यूटिलिटीज को CCTV, IoT और SCADA से मॉनिटर किया जाएगा। साथ ही 60 मीटर चौड़ा 6-लेन अप्रोच रोड, 220 केवी बिजली लाइन, और 20 एमएलडी जलापूर्ति का निर्माण तेजी से चल रहा है। पार्क राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 47) से केवल 40 किमी, इंदौर हवाई अड्डे से 110 किमी और निकटतम रेलवे स्टेशन से 16 किमी की दूरी पर स्थित है। यह डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (रतलाम – 55 किमी) और ड्राई पोर्ट (पिथमपुर/तिही – 90 किमी) से भी जुड़ा रहेगा। सामाजिक और अनुसंधान सुविधाएँ पार्क में केवल औद्योगिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक व सहयोगी अधोसंरचना भी विकसित की जा रही है। इसमें आवासीय टावर, कामकाजी महिलाओं के लिए आवास, अस्पताल, चाइल्ड केयर, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर और टेस्टिंग लैब्स शामिल होंगे। इससे यह पार्क इंडस्ट्री-फ्रेंडली ही नहीं बल्कि वर्कर-फ्रेंडली भी बनेगा। वैश्विक निवेशकों का भरोसा कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांड जैसे HanesBrands, PVH Corp, Puma और Mothercare पहले ही मध्यप्रदेश की संभावनाओं में रुचि जता चुके हैं। बायर सोर्सिंग लीडर्स (BSL) के साथ एमओयू से डिजाइन, लॉजिस्टिक्स और स्किल डेवेलपमेंट का एकीकृत नेटवर्क भी तैयार होगा। राष्ट्रीय दृष्टि से महत्व विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत में कई राज्य टेक्सटाइल पार्क विकसित कर रहे हैं, लेकिन मध्यप्रदेश का पीएम मित्रा पार्क अपने आकार, नीतिगत सहयोग और वैश्विक स्तर की अधोसंरचना के कारण सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली होगा। यह राज्य के औद्योगिकीकरण की नई पहचान बनेगा और भारत की निर्यात क्षमता को भी नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।  

मोदी के भावुक पलों में फूट पड़े आंसू, दिलीप जायसवाल और बिहार BJP अध्यक्ष भी रोए

पटना बिहार को जीविका बैंक की सौगात देने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काफी भावुक दिखे। पीएम अपनी दिवगंत मां पर की गई अभद्र टिप्पणी से आहत दिखे। जो बीते महीने इंडिया अलायंस की वोटर अधिकार यात्रा के मंच से की गई थी। पीएम मोदी आपत्तिजनक टिप्पणी का जवाब दे रहे थे। इस दौरान उन्होने कांग्रेस और आरजेडी पर निशाना साधा। वहीं इस कार्यक्रम को सुनने के दौरान बिहार बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल भी रो पड़े। वो भी काफी भावुक हो गए, और आंखों से आंसू पोछते नजर आए। इस दौरान जायसवाल के अलावा कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोग भी भावुक दिखे, महिलाएं भी अपने आंसू नहीं रोक पाई। आपको बता दें मंगलवार को वर्चुअली पीएम मोदी ने बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होने कहा कि मेरी मां को गाली दी गई, ये मेरी मां का अपमान नहीं है। ये देश की मां, बहन, बेटी का अपमान है। पीएम मोदी ने कहा- "मां हमारा संसार है। मां हमारा स्वाभिमान है। इस संस्कार संपन्न बिहार में कुछ दिन पहले जो हुआ, उसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी। बिहार में आरजेडी-कांग्रेस के मंच से मेरी मां को गालियां दी गईं। ये गालियां सिर्फ़ मेरी मां का अपमान नहीं हैं। ये देश की माताओं, बहनों और बेटियों का अपमान है। पीएम मोदी को मां की गाली देने के विरोध में 4 सितंबर को बिहार बंद बुलाया गया है। बीजेपी समेत एनडीए के सहयोगी दलों के नेता और महिलाएं सड़कों पर उतरेंगी। ये बंदी सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगी। इस दौरान बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि राजद और कांग्रेस के द्वारा पीएम की मां पर आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल कराया गया है, इससे पूरा बिहार शर्मसार है।  

नगर विकास विभाग के नेतृत्व में किया गया लोगों को जागरूक

स्थानीय समस्याओं का समाधान करने और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नई पहल लखनऊ सीएम योगी के निर्देश पर नगर विकास विभाग के नेतृत्व में प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों में स्वच्छता, नागरिक सुविधाओं और जन-जागरूकता के लिए 12 घंटे का विशेष अभियान चलाया गया। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों के अनुरूप स्थानीय समस्याओं का समाधान करने और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई। यह अभियान न केवल लोगों की मूलभूत समस्याओं का समाधान करने में सफल रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को भी मजबूत करता है। विभिन्न शहरों की मुख्य उपलब्धियां इस प्रकार हैं : लखनऊ : कर वसूली शिविर लखनऊ नगर निगम ने सभी आठ जोनों में 32 कर वसूली और शिकायत निवारण शिविर आयोजित किए। इन शिविरों में तत्काल कर संग्रह की व्यवस्था की गई और वॉर रूम से निगरानी की गई। अपर नगर आयुक्त और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के नेतृत्व में 1,365 शिकायतों का मौके पर समाधान किया गया और एक दिन में 2.30 करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ। गोरखपुर : प्लास्टिक मुक्त अभियान गोरखपुर नगर निगम ने वेंडिंग जोन और बाजार क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर दुकानदारों को कपड़े के थैले वितरित किए। इसके अलावा सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना भी लगाया गया। वाराणसी : कचरा पृथक्करण पहल वाराणसी में नगर निगम की टीम ने भरत मिलाप कॉलोनी और महेश नगर कॉलोनी के 86 घरों में कचरा पृथक्करण को बढ़ावा दिया। घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाने के परिणामस्वरूप अब अधिकांश घरों में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबिन में डाला जा रहा है, जिसे नगर निगम की गाड़ियों से ले जाया जाता है। मथुरा-वृंदावन : सौंदर्यीकरण और स्वच्छता मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने मछली फाटक के 15 साल पुराने कूड़ा ढलाव घर को पूरी तरह हटाकर उसका सौंदर्यीकरण किया गया, जिससे यह पूरी तरह स्वच्छ और आकर्षक बन गया। राधा अष्टमी के अवसर पर अहिल्या बाई पार्क और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें स्थानीय निवासियों को कचरा पृथक्करण और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया। गाजियाबाद: जलभराव समाधान गाजियाबाद नगर निगम ने भारी बारिश के दौरान मोहन नगर, शालीमार गार्डन और मोहन नगर बस स्टैंड में जलभराव की समस्या को हल करने के लिए जलकल, स्वास्थ्य और निर्माण विभागों की संयुक्त कार्रवाई की। 20 साल पुराने नालों और पाइपलाइनों की सफाई कर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया गया, जिससे स्थानीय निवासियों ने संतुष्टि जताई। अयोध्या : कचरा संग्रहण में तेजी अयोध्या को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड से 20 इलेक्ट्रॉनिक हॉपर टिपर प्राप्त हुए, जिससे स्वच्छ भारत मिशन के तहत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को गति मिलेगी। प्रत्येक वार्ड में एक टिपर उपलब्ध होगा, जिसे जीपीएस और रूट मैप के साथ संचालित किया जाएगा। शाहजहांपुर : गीले कचरे का निस्तारण शाहजहांपुर नगर निगम ने निगोही रोड पर वर्षों पुराने 150 टन गीले कचरे के ढेर को ट्रीटमेंट प्लांट भेजकर निस्तारित किया। इससे लंबे समय से चल रही एक पुरानी समस्या का समाधान हुआ। मुरादाबाद : कचरा निस्तारण मुरादाबाद नगर निगम ने विशेष अभियान के तहत 200 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया। यह क्षेत्र नगर निगम को हस्तांतरित नहीं होने के कारण लंबे समय से उपेक्षित था, जिससे यह एक बड़ा गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट बन गया था। 250 सफाई कर्मियों और आधुनिक उपकरणों की मदद से इसे साफ किया गया और निवासियों को कचरा नगर निगम की गाड़ियों में देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। बरेली : बेहतर जल आपूर्ति बरेली नगर निगम ने वार्ड-53, मोहल्ला रोहली टोला और आशीष रॉयल पार्क कॉलोनी में जल आपूर्ति की समस्याओं का समाधान किया। रोहली टोला में 1,100 मीटर नई पाइपलाइन बिछाकर 200 भवनों में शुद्ध पेयजल सुनिश्चित किया गया। आशीष रॉयल पार्क कॉलोनी में नलकूप की बोरिंग फेल होने के बाद 15 एचपी का नया नलकूप स्थापित किया गया, जिससे 260 परिवारों को शुद्ध पानी मिल रहा है। कानपुर : सिंगल यूज प्लास्टिक पर जागरूकता कानपुर नगर निगम ने सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए तीन नए फुटबॉल ग्राउंड का उद्घाटन किया और फ्रेंडली फुटबॉल मैच आयोजित किए। प्रयागराज : बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सफाई प्रयागराज नगर निगम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता और एंटी-लार्वा फॉगिंग अभियान चलाया। वार्ड समिति सदस्यों और नागरिक समाज के साथ मिलकर अपशिष्ट पृथक्करण पर जोर दिया गया। इससे मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिली। मेरठ : गौशाला निरीक्षण मेरठ नगर आयुक्त ने कान्हा गौशाला का निरीक्षण कर निराश्रित और अशक्त गौवंश की देखभाल, पोषण और स्वास्थ्य प्रबंधन की स्थिति का जायजा लिया। सामाजिक संस्थाओं और स्कूलों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। नगर आयुक्त ने कहा, गौ सेवा केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। फिरोजाबाद : जलभराव निवारण फिरोजाबाद नगर निगम ने दो दिन की बारिश के बाद जलभराव की 12 शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया। नगर आयुक्त ने स्वयं कंट्रोल रूम और फील्ड में निगरानी की और नागरिकों के फीडबैक के आधार पर समस्याओं का समाधान किया। अलीगढ़ : जलभराव और खेल सुविधा अलीगढ़ नगर निगम ने बारिश से उत्पन्न जलभराव को कम करने के लिए निरंतर कार्य किया। सीएनडीएस परियोजनाओं की समीक्षा की गई और नारंगी लाल स्मार्ट सिटी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को अगले 2-3 सप्ताह में हस्तांतरित करने की तैयारी पूरी की गई, जिससे शहर को नई खेल सुविधा मिलेगी।

लोगों को आवाजाही में हो रही दिक्कत के चलते कलेक्टर द्वारा एक ही दिन के भीतर मरम्मत करने के दिए गए थे निर्देश

दंतेवाड़ा जिले में विगत सप्ताह अति वर्षा के कारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पुल-पुलियों जैसी आवागमन से जुड़ी अधोसंरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा था। इनमें अधिकतर पुल-पुलियों के ध्वस्त होने की घटनाएं दन्तेवाड़ा एवं गीदम विकासखण्ड के अन्तर्गत हुई। बारसूर नगर पंचायत क्षेत्र में भी पुल-पुलिया भी इससे प्रभावित हुए इनमें गणेष बहार नाला एवं मांडर नाला प्रमुख है। यातायात व्यवस्था को पुनः सुचारू संचालन के लिए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत द्वारा इन क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों का निरीक्षण और इसके वैकल्पिक मरम्मत के लिए लगातार इन क्षेत्रों का मॉनिटरिंग किया जाता रहा। इस संबंध में उन्होंने पीडब्ल्यूडी एवं पीएमजीएसवाय के विभाग प्रमुखों को तात्कालिक मरम्मत कार्य करने के लिए स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए थे ताकि सड़क संपर्क मे किसी भी स्थिति में लंबे समय तक बाधित न हो। इस क्रम में उनके द्वारा दिनांक 30 अगस्त को अपने दौरे में गणेश बहार नाले पुल को पुनर्स्थापित करने हेतु पीडब्ल्यूडी विभाग को 24 घंटे के अंदर कार्य पूर्ण करने कहा था।    फलस्वरूप 31 अगस्त तक विभाग द्वारा आवाजाही हेतु वैकल्पिक मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिया गया। जिसका कलेक्टर द्वारा स्थल निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुल में पर्याप्त मात्रा में मिट्टी एवं बोल्डर डालकर मजबूती देने हेतु दिशा निर्देश दिए गए। ताकि भारी वाहन भी सुरक्षित रूप से गुजर सकें। इसके साथ ही कलेक्टर ने देर शाम तक बारसूर से नारायणपुर जोड़ने वाले मांडर नाले एवं ग्राम बालपेट के क्षतिग्रस्त पुल के निर्माण कार्य का जायजा लेते हुए इसके भी मरम्मती कार्य को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उदित पुष्कर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

पंजाब और जम्मू-कश्मीर को राहत: CM सैनी ने भेजे 5-5 करोड़ रुपये

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जम्मू-कश्मीर और पंजाब में बाढ़ से बिगड़े हालात को देखते हुए राहत कार्यों के लिए दोनों राज्यों को 5-5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। सरकार ने इसे मानवीय दायित्व बताते हुए कहा कि ये इंसान का धर्म है कि ऐसे हालत में उनके साथ खड़े रहें। सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए सीए सैनी ने लिखा कि इस संकट की घड़ी में हरियाणा सरकार और प्रदेश की जनता प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री राहत कोष से पंजाब और जम्मू-कश्मीर के लिए 5-5 करोड़ रुपये की सहायता राशि भेजी गई है। यह मदद राहत और बचाव कार्यों में सहायक होगी और प्रभावित परिवारों तक त्वरित सहायता पहुँचाने में मदद करेगी।  हरियाणा सरकार का यह प्रयास है कि ज़रूरत पड़ने पर आगे भी हर संभव सहयोग किया जाए। हम सभी प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाते हैं कि हरियाणा उनकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहेगा। इस कठिन समय में हम सब मिलकर इस आपदा का सामना करेंगे। हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर एकजुट होकर इस संकट को पार करेंगे। 

CM भगवंत मान की आंखों में आए आंसू, बाढ़ पीड़ितों को दिया हिम्मत का संदेश

फिरोजपुर पंजाब में बाढ़ ने तबाही मचा रखी है और लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। चारों तरफ हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज फिरोजपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ की मार झेल रहे सरहदी गांवों के लोगों से मुलाकात की और उनकी परेशानियां सुनीं। इतने गंभीर हालात देखकर और लोगों की बदहाली देखकर मुख्यमंत्री मान की आंखों में भी आंसू आ गए। बाढ़ पीड़ित एक महिला ने अपना दुख सुनाते हुए कहा कि सब कुछ बह जाएगा और हमारा कुछ भी नहीं बचेगा। इस पर मुख्यमंत्री भावुक होकर बोले कि सब कुछ ठीक हो जाएगा, यह प्राकृतिक आपदा है और सब कुछ मुझ पर छोड़ दो। बताने योग्य है कि मुख्यमंत्री मान न केवल बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं, बल्कि बाढ़ प्रबंधन पर भी व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद करने के सख्त निर्देश दिए हैं। आज मुख्यमंत्री की ओर से एक उच्च स्तरीय बैठक भी की जाएगी जिसमें पूरे राज्य में चल रहे राहत कार्यों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। बैठक में बाढ़ के खतरे से बचाव के लिए अन्य जरूरी कदम उठाने पर भी चर्चा होगी। 

संविदा कर्मियों व सचिवों को राहत, सैलरी में बढ़ोतरी; बिहार कैबिनेट ने 49 प्रस्तावों को दी मंजूरी

पटना  बिहार सरकार ने मंगलवार को प्रशासनिक, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों के 49 प्रस्तावों को मंज़ूरी दे दी, जिससे संविदा कर्मियों और पंचायती राज कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली। यह निर्णय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सचिवालय के केंद्रीय कक्ष में हुई राज्य कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया।  ग्राम कचहरी सचिवों का वेतन हुआ 9,000  नीतीश कुमार सरकार ने ग्राम कचहरी सचिवों का वेतन 6,000 रुपए से बढ़ाकर 9,000 रुपए कर दिया है, जिसे पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा है। तकनीकी सहायकों और लेखाकार-सह-आईटी सहायकों के अलावा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी के सदस्यों के ड्यूटी भत्ते में भी वृद्धि की गई है। तकनीकी सहायकों को पहले 27,000 रुपए मिलते थे और अब उन्हें 40,000 रुपए प्रति माह मिलेंगे। लेखाकार-सह-आईटी सहायकों को पहले 20,000 रुपए मानदेय मिलता था, और कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद अब उन्हें 30,000 रुपए प्रति माह मिलेंगे। हजारों संविदा कर्मचारियों को होगा सीधा लाभ नया मानदेय 1 जुलाई से लागू होगा, जिससे उन हजारों संविदा कर्मचारियों को सीधा लाभ होगा जो वर्षों से वेतन वृद्धि की मांग कर रहे थे। कैबिनेट ने युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित करते हुए कई विभागों में नई भर्तियों को भी मंजूरी दी। इनमें शिक्षा विभाग में शिक्षकों की नियुक्तियां और कला एवं संस्कृति विभाग में नई भर्तियां शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन दोनों प्रस्तावों का उद्देश्य बेरोज़गारी कम करना और राज्य भर में शिक्षा एवं सांस्कृतिक बुनियादी ढांचे को मज़बूत करना है। अन्य प्रस्तावों में विभिन्न विभागों के लिए योजनाओं को मंज़ूरी, बुनियादी ढांचे का विकास, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नई परियोजनाएं और सेवा शर्तों में संशोधन शामिल हैं।  राज्य सरकार द्वारा लिए गए इन फैसलों को जनहित की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। अगले कुछ दिनों में, संबंधित विभागों द्वारा इन प्रस्तावों को लागू करने की दिशा में अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी। चुनावी साल में, नीतीश सरकार ने युवाओं, जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और शिक्षा व अन्य क्षेत्रों से जुड़े कर्मचारियों के लिए कई फैसलों की घोषणा की है। कैबिनेट के ताजा फ़ैसलों को समाज के प्रमुख वर्गों, ख़ासकर ग्रामीण मज़दूरों, संविदा कर्मचारियों और नौकरी की तलाश में जुटे युवाओं को लुभाने की सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।  

उज्जैन में नवीन रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए 371 करोड़ 11 लाख स्वीकृत

जल जीवन मिशन की पुनरीक्षित योजनाओं में 2,813 करोड़ रूपये वृद्धि का अनुमोदन उज्जैन में नवीन रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए 371 करोड़ 11 लाख स्वीकृत इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग के लिए 2,935 करोड़ 15 लाख स्वीकृत नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग के लिए 972 करोड़ 16 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रदेश में 'जल जीवन मिशन" अंतर्गत पुनरीक्षित योजनाओं में प्रस्तावित लागत में वृद्धि राशि 2,813 करोड़ 21 लाख रूपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने का अनुमोदन किया, जो लगभग 13.55 प्रतिशत है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 20 हजार 765 करोड़ रूपये लागत की 27 हजार 990 एकल ग्राम नल जल योजनाओं और 60 हजार 786 करोड़ रूपये लागत की 148 समूह जल प्रदाय योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत 27 हजार 990 योजनाओं में से 15 हजार 947 ग्रामों की योजनाएं पूर्ण हो चुकी है और 12 हजार 43 योजनाओं के कार्य विभिन्न चरणों में प्रगतिरत हैं। अभी तक कुल 8 हजार 358 योजनाओं के पुनरीक्षण की आवश्यकता हुई है। पुनरीक्षण कार्यवाही के अंतर्गत 7 लाख ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए समस्त परिक्षेत्र के जिलों की प्रस्तुत 8,358 पुनरीक्षित परियोजनाओं के विस्तृत परीक्षण के उपरान्त कुल पुनरीक्षित लागत 9026 करोड़ 97 लाख रूपये की स्वीकृति दिये जाने की अनुशंसा की गई। इन योजनाओं की मूल स्वीकृत लागत 6,213 करोड़ 76 लाख रूपये है। इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग निर्माण की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग, लंबाई 48.10 कि.मी. का 4 लेन मय पेव्हड शोल्डर एवं दोनों ओर दो लेन सर्विस रोड सहित, हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) योजनांतर्गत निर्माण कार्य के लिए भू-अर्जन सहित कुल राशि 2 हजार 935 करोड़ 15 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। पूर्व में जारी लोक निर्माण विभाग को प्रदान की गई प्रशासकीय स्वीकृति को निरस्त करते हुए परियोजना को "हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल" पर किए जाने की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय की गयी परियोजना के अंतर्गत 34 अंडर पास, 02 फ्लाई ओवर, 01 आर.ओ.बी., 07 मध्यम पुल एवं 02 वृहद जंक्शन का निर्माण सहित सभी जंक्शन का सुधार, सड़क सुरक्षा उपाय, रोड मार्किंग आदि कार्य किये जायेंगे। मार्ग के निर्माण एवं संधारण के लिए कंसेशन अवधि 17 वर्ष रहेगी। उज्जैन मे नवीन रेलवे ओवर ब्रिज की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिहंस्थ-2028 के मद्देनजर उज्जैन शहर में हरिफाटक रेलवे क्रासिंग पर 4 लेन और हरिफाटक चौराहे से नीलकंठ द्वार तक 980 मीटर लंबाई के नवीन रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए 371 करोड़ 11 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति सिहंस्थ मद अंतर्गत प्रदान की गई। नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग कुल लंबाई 72.18 किलोमीटर के दो लेन मय पेव्हड शोल्डर निर्माण के लिये "हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM)" योजनांतर्गत भू-अर्जन सहित राशि 972 करोड़ 16 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना के अंतर्गत 2 अंडर पास, 4 बड़े पुल, 37 मध्यम पुल, 14 वृहद जंक्शन एवं 52 मध्यम निर्माण कार्य किये जायेंगे। इसके अतिरिक्त जंक्शन सुधार, सुरक्षा उपाय, रोड मार्किंग और रोड फर्नीचर का कार्य भी किया जायेगा। मार्ग निर्माण और संधारण की कंसेशन अवधि 17 वर्ष रहेगी।