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अनुकंपा के आधार पर नौकरी: नीतीश कुमार ने 5353 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

पटना  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' में अनुकंपा के आधार पर माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 4835 विद्यालय लिपिक एवं 518 विद्यालय परिचारी के पदों पर चयनित कुल 5353 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सांकेतिक रूप से मणि कुमारी,अमित गौरव, दिव्या राज, किरण कुमारी गुप्ता एवं तूबा अशरफ को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नवनियुक्त कर्मियों को मेरी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं है। मुझे विश्वास है कि सभी नवनियुक्त कर्मी पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। ज्ञातव्य है कि वर्ष 2006 से शिक्षा विभाग के अन्तर्गत मृत शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर नियोजन ईकाई के माध्यम से शिक्षक के पद पर नियोजन हेतु प्रावधान किया गया। मृत शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के आश्रितों की योग्यता शिक्षक के पद हेतु नहीं रहने के कारण वर्ष 2020 में नियोजन ईकाई के माध्यम से विद्यालय लिपिक एवं विद्यालय परिचारी के नियत वेतन पर अनुकम्पा के आधार पर नियोजन इकाई के माध्यम से वर्ष 2024 तक नियोजन किया गया। वर्तमान में राज्य सरकार ने शिक्षकों की तरह अनुकम्पा पर नियुक्ति हेतु विद्यालय लिपिक एवं विद्यालय परिचारी का पद जो राज्य कर्मी के श्रेणी में आते हैं, नियुक्ति हेतु प्रावधान किया गया है। अनुकम्पा पर नियुक्त होने वाले विद्यालय लिपिक एवं विद्यालय परिचारी का वेतन एवं सेवाशर्त बेहतर हुआ है। आज पूरे राज्य में 4835 विद्यालय लिपिक एवं 518 विद्यालय परिचारी अर्थात् कुल 5353 आश्रितों की नियुक्ति की गई है। पटना जिले में 212 विद्यालय लिपिक एवं 28 विद्यालय परिचारी की नियुक्ति की गई है। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ ने मुख्यमंत्री को पुस्तक भेंटकर स्वागत किया।

कर्मचारियों को मिली राहत, हरियाणा CM सैनी ने किया वेतन से जुड़ा बड़ा ऐलान

चंडीगढ़ जुलाई 2023 में 42 दिन की हड़ताल पर रहे लिपिकों को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब इस हड़ताल अवधि को उपार्जित अवकाश (लीव आफ दी काइंड ड्यू) माना जाएगा। हड़ताल अवधि का न तो वेतन काटा जाएगा और न ही इस अवधि को सेवा में बाधा (ब्रेक इन सर्विस) माना जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का कार्यभार भी है, ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। हड़ताल पर जाने से पूर्व अर्जित अथवा संचित ‘अर्जित अवकाश’ को सर्वप्रथम समायोजित किया जाएगा।इसके पश्चात ‘हाफ पे लीव’ जाएगा। अर्जित अवकाश और ‘हाफ पे लीव’ की कटौती के बाद भी यदि हड़ताल अवधि शेष रहती है तो अग्रिम अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाएगा, जिसे संबंधित लिपिकों के भविष्य में अर्जित होने वाले अवकाश खाते से समायोजित किया जाएगा। क्लर्क एसोसिएशन ने मूल वेतन 35 हजार 400 रुपये करने की मांग को लेकर यह हड़ताल की थी। इसमें 15 हजार से अधिक लिपिक शामिल हुए थे। तब प्रदेश सरकार ने नो वर्क-नो पे का फार्मूला लागू करते हुए हड़ताली कर्मचारियों का वेतन काटने के निर्देश जारी कर दिए थे। मुख्य सचिव द्वारा जारी नए आदेश में कहा गया है कि यह छूट केवल एक बार की विशेष व्यवस्था के तौर दी जा रही है और इसे भविष्य में मिसाल के तौर पर नहीं लिया जाएगा। यह निर्देश केवल कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों, खास तौर पर लिपिकों पर लागू होंगे, जिन्होंने उस विशेष हड़ताल में भाग लिया था। यह निर्देश अन्य किसी भी मामले में लागू नहीं होंगे। तदनुसार, विभागों में कार्यरत एसएएस काडर से सत्यापन के उपरांत वेतन जारी किया जा सकता है। इस संबंध में सभी प्रशासकीय सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, एसडीएम और खजाना अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।

ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने को MGNREGA-जीविका दीदी हाट बैठक आयोजित

MGNREGA एवं जीविका दीदी हाट कन्वर्जेन्स विषय पर बैठक आयोजित  ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने को MGNREGA-जीविका दीदी हाट बैठक आयोजित MGNREGA व जीविका दीदी हाट कन्वर्जेन्स पर बैठक, ग्रामीण आजीविका बढ़ाने पर जोर पटना बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में  “MGNREGA एवं जीविका दीदी हाट कन्वर्जेन्स” विषय पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता MGNREGA कमिश्नर सह अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका, आई.ए.एस. श्रीमती अभिलाषा कुमारी शर्मा ने की। बैठक में INFUSION (Microsave Consulting, ISB) के प्रतिनिधियों, जीविका  तथा MGNREGA विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तीकरण, आजीविका संवर्धन एवं पोषण-सुरक्षित बाजार तंत्र के विकास हेतु ‘जीविका दिदी हाट’ मॉडल को बढ़ावा देना था। इसमें यह विचार किया गया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के अंतर्गत विभिन्न जिलों में निर्मित ग्रामीण हाटों को किस प्रकार ‘जीविका दीदी हाट’ के अनुरूप विकसित किया जा सकता है। साथ ही इन हाटों को SHG (स्वयं सहायता समूह) आधारित महिला उद्यमिता केंद्र के रूप में पुनःस्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका), ग्रामीण विकास विभाग की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाकर उन्हें आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। जीविका के अंतर्गत अब तक लाखों महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से जोड़ा जा चुका है। ये महिलाएं विभिन्न उद्यमों जैसे कि कृषि, पशुपालन, बुनाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, और सेवा क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। ‘जीविका दीदी हाट’ इसी श्रृंखला में एक अभिनव पहल है, जिसमें SHG की महिलाओं द्वारा संचालित ग्रामीण बाजारों को एक मंच प्रदान किया जाता है। इस पहल का उद्देश्य न केवल महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना है, बल्कि ग्रामीण समुदाय को पौष्टिक, सुरक्षित और स्थानीय रूप से उत्पादित खाद्य सामग्री सुलभ कराना भी है। यह मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने, स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने तथा पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बैठक के दौरान यह तय किया गया कि राज्य के विभिन्न जिलों में MGNREGA के तहत निर्मित हाट स्थलों की पहचान कर उन्हें आवश्यक ढांचागत सुविधाओं जैसे शेड, जल एवं स्वच्छता व्यवस्था, स्टॉल्स, बैठने की व्यवस्था आदि से सुसज्जित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जीविका की महिलाएं इन हाटों का संचालन करेंगी, जिनके लिए उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण, कौशल विकास, उद्यम प्रबंधन और ब्रांडिंग से संबंधित सहयोग भी प्रदान किया जाएगा। INFUSION की विशेषज्ञ टीम तकनीकी मार्गदर्शन के रूप में सहयोग करेगी। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि 'दीदी हाट कन्वर्जेन्स’ के तहत न केवल हाटों का स्वरूप बदलेगा बल्कि यह एक सतत जीविकोपार्जन मॉडल के रूप में भी कार्य करेगा। यह पहल महिलाओं को अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुँचाने का अवसर प्रदान करेगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। साथ ही, यह ग्रामीण उपभोक्ताओं को ताजे, जैविक और स्थानीय उत्पाद खरीदने का एक सुरक्षित और सुलभ प्लेटफार्म उपलब्ध कराएगा। श्रीमती अभिलाषा कुमारी शर्मा ने कहा कि, “इस पहल के माध्यम से हम दो प्रमुख सरकारी कार्यक्रमों – MGNREGA और जीविका – के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर रहे हैं। इससे न केवल हाटों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में भी यह एक मील का पत्थर साबित होगा।” बैठक में संभावित स्थलों की प्राथमिक सूची तैयार करने, पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कुछ जिलों में कार्य आरंभ करने, और एक व्यापक कार्ययोजना निर्माण के लिए एक समन्वय समिति के गठन का निर्णय लिया गया। यह समिति संबंधित विभागों के साथ मिलकर समयबद्ध ढंग से पहल को धरातल पर उतारने के लिए जिम्मेदार होगी। यह पहल ‘सशक्त महिला, समृद्ध गांव’ की भावना को साकार करती है और बिहार को आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में अग्रसर करने के लिए एक सशक्त माध्यम बनेगी। ग्रामीण विकास के इस नवाचार में महिला सहभागिता, स्थानीय संसाधनों का उपयोग और सामुदायिक स्वामित्व जैसे मूल्यों का समावेश है, जो सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति की दिशा में भी सहायक सिद्ध होंगे।

मनीषा केस में तनाव: 2 दिन इंटरनेट सेवा ठप, ग्रामीण बोले- संस्कार नहीं होने देंगे

 भिवानी-चरखी दादरी मनीषा मौत मामले में भले ही हत्या की बजाए आत्महत्या का एंगल सामने आया है, मगर अब भी लोगों में आक्रोश कम होने की बजाए बढ़ गया है। सोमवार देर रात को कमेटी ने फैसला लेकर शव लेकर अंतिम संस्कार का फैसला लिया था। वहीं, अब पिता संजय का सोशल मीडिया पर नया वीडियो सामने आया है। जिसमें उसने कहा है कि मैंने दबाव में आकर बयान दिया था। उसने कहा कि मेरी बेटी कभी आत्महत्या नहीं कर सकती। मुझे इस बात का विश्वास न हीं है। मेरी बेटी को प्रशासन से गुहार है कि न्याय दिलाया जाए। ये वीडिया सोशल मीडिया पर भी भेजी जा रही है।  हरियाणा में भिवानी की लेडी टीचर मनीषा के आज होने वाले अंतिम संस्कार में पेंच फंस गया है। सोमवार देर रात प्रशासन से हुई मीटिंग के बाद परिवार के राजी होने की बात सामने आई थी। मंगलवार सुबह इसका खुलासा होने पर भिवानी में ग्रामीणों की पंचायत हुई। उन्होंने इंसाफ मिलने तक मनीषा का अंतिम संस्कार न करने के लिए कहा। इसके लिए पिता संजय को भी समझाया कि पूरा गांव उनके साथ है। किसी के दबाव में न आएं। अब भारी संख्या में ग्रामीणों ने गांव ढाणी लक्ष्मण को जाता रास्ता रोक दिया है। युवाओं के साथ महिलाएं भी गांव के एंट्री पॉइंट पर इकट्‌ठा हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वह बिना इंसाफ मिले मनीषा का अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे। माहौल को देखते हुए सरकार ने भिवानी और चरखी दादरी में इंटरनेट बंद कर दिया है। दोनों जिलों में 19 अगस्त यानी आज सुबह 11 बजे से 21 अगस्त की सुबह 11 बजे तक इंटरनेट बंद रहेगा। प्रदेश गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने लॉ एंड ऑर्डर का हवाला देते हुए कहा कि सभी तरह के इंटरनेट और बल्क SMS बंद रहेंगे। भिवानी और चरखी दादरी में इंटरनेट सेवा बंद मनीषा की मौत के मामले को लेकर बढ़ते तनाव और विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर भिवानी और चरखी दादरी जिलों में प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। यह निर्णय कानून व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए लिया गया है।  दूसरी ओर ढाणी लक्ष्मण के ग्रामीण इस बात पर अड़े हैं कि मनीषा का न्याय नहीं मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं होने दिया जाएगा। इसी को लेकर मंगलवार सुबह गांव ढाणी लक्ष्मण के सभी रास्तों को भी अवरुद्ध कर दिया गया। गांव में जाने वाले सभी कच्चे और पक्के रास्तों पर पेड़ और पत्थर डालकर उन्हें बंद कर दिया है। जिसकी वजह से किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में नहीं घुसने दिया जा रहा है। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।  वहीं सोमवार देर रात हुई मीटिंग के बाद पिता संजय ने कहा था कि वह पुलिस जांच से संतुष्ट हैं और आज यानी मंगलवार को अंतिम संस्कार कर देंगे। अब उनका एक नया वीडियो सामने आया है। जिसमें वह कह रहे हैं कि मेरी बेटी कभी आत्महत्या नहीं कर सकती, मुझे उस पर इतना विश्वास है। प्रशासन कह रहा है कि उसने आत्महत्या की है। मैं इसको नहीं मानता कि मेरी बेटी आत्महत्या कर लेगी। सारी मेडिकल टीम ने ये दिखाया कि उसने आत्महत्या की है। मैं कहता हूं कि उसने आत्महत्या नहीं की है। मुझे मेरी बेटी के लिए न्याय चाहिए। मनीषा हत्याकांड: कैसे हुई मनीषा की मौत? हरियाणा के भिवानी में हुए शिक्षिका मनीषा हत्याकांड में सोमवार देर शाम को सुनारिया लैब से मेडिकल जांच रिपोर्ट भिवानी पुलिस को मिल गई है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि रिपोर्ट में चिकित्सकों के अनुसार मनीषा की मौत कीटनाशक की वजह से हुई। मनीषा की बिसरा रिपोर्ट में कीटनाशक मिला है।  एसपी ने बताया कि चिकित्सकों से हुई बातचीत में अब तक चार बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट हो पाई हैं, जिसमें पहला मनीषा की बिसरा रिपोर्ट में कीटनाशक के अंश मिले हैं, दूसरा मनीषा के शरीर पर कोई सीमन नहीं मिला है, जिससे दुष्कर्म की कोई बात सामने नहीं आई है। तीसरा यह है कि मनीषा के चेहरे पर कोई भी एसिड या कैमिकल नहीं मिला है। जबकि चौथी बात मनीषा की मौत के बाद ही उसके शरीद के अंग गायब हुई हैं, जिससे की जंगली जानवरों द्वारा नोंच कर खाए गए हैं। मनीषा के सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग भी मैच हो गई है।  पुलिस कर रही है मामले की अभी विस्तृत जांच भिवानी पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार का कहना है कि मनीषा की मौत मामले में पुलिस विस्तृत जांच कर रही है। अभी इस मामले में पुलिस किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंची हैं। पुलिस ने लैब से बिसरा जांच रिपोर्ट परिजनों को भी दी है। परिजनों के पुलिस को लेकर कुछ सवाल हैं, लेकिन इस मामले में परिजनों की पुरी संतुष्टि की जाएगी। पुलिस की जांच अभी बंद नहीं हुई है, पुलिस इस मामले की हर पहलु से जांच तक तह तक जाने में लगी है। सुसाइड थ्योरी पर परिजनों ने उठाए सवाल वहीं दूसरी तरफ मनीषा हत्याकांड मामले में पुलिस की थ्योरी से परिजन भी अनभिज्ञ हैं। मनीष की मौत के पांच दिन बाद परिजनों को सोशल मीडिया से सोमवार को पता चला कि सुसाइड नोट मिला है। जबकि परिजनों ने सुसाइड थ्योरी पर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं। वहीं मीडिया के सामने मनीषा के दादा रामकिशन भी फफक पड़े। रामकिशन ने बताया कि पौती सारी बातें साझा करती थी। पौती मनीषा तीन साल का नर्सिंग कोर्स करना चाहती थी। दादा ने मनीषा को कोर्स के लिए खर्चा देने की बात कही थी। वहीं मनीषा के परिजनों ने बताया कि सुसाइड करने वाला कैसे अपना गला काट लेगा और चेहरे पर तेजाब कैसे छिड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने पहले सुसाइड नोट की कोई भी बात उन्हें नहीं बताई थी। इस हाल में मिला था मनीषा का शव 19 वर्षीय महिला शिक्षिका मनीषा 11 अगस्त की सुबह ढाणी लक्ष्मण अपने घर से सिंघानी प्ले स्कूल जाने के लिए रोजाना की तरह तैयार होकर निकली थी। लेकिन दोपहर बाद वह घर नहीं लौटी तो देर शाम तक परिजन उसकी तलाश में जुटे रहे। परिजनों ने उसी दिन … Read more

रायपुर : प्रदेश में अब तक 750.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 750.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1142.0 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 371.1 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।   रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 647.0 मि.मी., बलौदाबाजार में 582.4 मि.मी., गरियाबंद में 642.7 मि.मी., महासमुंद में 589.4 मि.मी. और धमतरी में 647.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 736.1 मि.मी., मुंगेली में 751.7 मि.मी., रायगढ़ में 860.8 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 634.0 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 924.6 मि.मी., सक्ती में 786.0 मि.मी., कोरबा में 753.5 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 698.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 607.8 मि.मी., कबीरधाम में 538.8 मि.मी., राजनांदगांव में 689.9 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 949.4 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 538.0 मि.मी. और बालोद में 786.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 531.4 मि.मी., सूरजपुर में 870.8 मि.मी., जशपुर में 771.1 मि.मी., कोरिया में 840.0 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 754.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1003.4 मि.मी., कोंडागांव में 694.4 मि.मी., कांकेर में 867.9 मि.मी., नारायणपुर में 914.5 मि.मी., दंतेवाड़ा में 916.1 मि.मी., सुकमा में 732.9 मि.मी. और बीजापुर में 990.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

चुनावी संग्राम में वोट चोरी के आरोप-प्रत्यारोप, EC ने की एंट्री

चंडीगढ  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नोटिस भेजकर वोट चोरी के आरोपों पर हलफनामा मांग चुके हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव के लिए मतदाता सूचियों का संशोधन सामान्य और रुटीन की प्रक्रिया है। राज्यों की मतदाता सूची तैयार करने के प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों की भागीदारी और उनकों त्रुटियों को सुधारने के लिए चुनाव आयोग की ओर से पर्याप्त समय और अवसर प्रदान किया जाता है, ताकि शुद्ध मतदाता सूचियां लोकतंत्र को मबबूत बना सकें। उन्होंने इस बात से इन्कार किया कि चुनाव में किसी तरह की वोट चोरी हुई है। साथ ही आशंका जताई कि मतदाता सूचियों के प्रकाशन के बाद कुछ राजनीतिक दलों ने इन पर अपनी कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई, जिसका मतलब स्पष्ट है कि मतदाता सूचियों में कोई खामी नहीं थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रेस कान्फ्रेंस कर बाकी राज्यों की तरह हरियाणा को लेकर भी कहा था कि 22 हजार 779 वोटों से कांग्रेस राज्य में आठ सीटें हारी है। इसके जवाब में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और मुख्यमंत्री नायब सिंह ने दावा किया था कि राज्य में सात विधानसभा सीटें भाजपा सिर्फ 3500 से कम वोटों के अंतर हारी है। भाजपा को यदि 22 हजार वोट और मिल जाते तो राज्य में पार्टी 22 सीटें और जीत जाती। इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राहुल गांधी से हलफनामा देकर जवाब मांगा था, जिसका अभी कोई जवाब नहीं आया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद उसकी डिजिटल और प्रकाशित भौतिक प्रतियां सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध करवाई जाती हैं और साथ ही उन्हें भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी डाला जाता है, ताकि कोई भी इसका अवलोकन कर सके। ए श्रीनिवास ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने से पहले मतदाताओं और राजनीतिक दलों को दावे और आपत्तियां दर्ज करने के लिए पूरे एक महीने का समय दिया जाता है। अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद अपील की एक द्वि-स्तरीय प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसमें पहली अपील जिला मजिस्ट्रेट के पास और दूसरी अपील प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास की जा सकती है। ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ राजनीतिक दलों और उनके बूथ स्तरीय एजेंटों (बीएलएएस) द्वारा सही समय पर मतदाता सूचियों की जांच नहीं की गई और यदि कोई त्रुटि थी तो उसे एसडीएम/ईआरओ, डीइओ या सीइओ के संज्ञान में नहीं लाया गया। मतदाता सूचियों में त्रुटियों पर अब मुद्दे उठा रहे  मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार कुछ राजनीतिक दल और व्यक्ति मतदाता सूचियों में त्रुटियों के बारे में अब मुद्दे उठा रहे हैं, जिनमें पूर्व में तैयार की गई मतदाता सूचियां भी शामिल हैं। यदि यह मुद्दे सही समय पर सही माध्यमों से उठाए गए होते तो संबंधित एसडीएम/ईआरओ को चुनावों से पहले गलतियां सुधारने में मदद मिलती। चुनाव आयोग राजनीतिक दलों और किसी भी मतदाता द्वारा मतदाता सूची की जांच का स्वागत करता है। इससे एसडीएम/ईआरओ को त्रुटियों को दूर करने और मतदाता सूची को शुद्ध करने में मदद मिलेगी, जो हमेशा से चुनाव आयोग का उद्देश्य रहा है।  

राज्यपाल रमेन डेका ने किए महाप्रभु जगन्नाथ भगवान के दर्शन

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ का दर्शन एवं पूजन किया और देश एवं प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना कीं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।

शिक्षकों के ऑनलाइन ट्रांसफर जल्द शुरू होंगे, शिक्षा मंत्री ढांडा ने दी अपडेट

जींद   शिक्षा मंत्री जींद की चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार बहु-विषयक शिक्षा पर एक दिवसीय कार्यशाला में पहुंचे थे। इस कार्यशाला म विभिन्न यूनिवर्सिटियों के वी.सी. एवं कई शिक्षाविदों ने शिरकत कर अहम विषय पर चर्चा की। जींद पहुंचे शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही टीचरों के ऑनलाइन ट्रांसफर शुरू होंगे। उन्होंने कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की लिस्ट पर तंज कसते हुए कहा कि यह लिस्ट हुड्डा-सैलजा-रणदीप ग्रुप की लिस्ट बनकर रह गई है। केंद्र में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा वोट चोरी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि चोर एक तो चोरी करे और ऊपर से सीनाजोरी करने वाली बात करे। उलटा वोट चोरी तो उन्होंने ही की थी, तभी तो 50 से 90 सीट जीत गए। हमारी सरकार तो वोट चोरी पर अंकुश लगाने का कार्य कर रही है। हम तो वोटर लिस्ट को रिवाइज करवा रहे हैं, इसमें उनको परेशानी क्यों हो रही है।

चुनाव आयोग सख्त, हरियाणा के 15 राजनीतिक दलों को भेजा नोटिस; सितंबर में होगी सुनवाई

चंडीगढ़  भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने ऐसे राजनीतिक दलों पर सख्ती शुरू कर दी है, जिन्होंने पिछले 10 सालों में कोई चुनाव नहीं लड़ा है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1961 के तहत इन दलों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और जरूरी कागजात जमा करने के लिए कहा गया है। हरियाणा में ऐसे 15 राजनीतिक दलों की सूची जारी की गई है। आयोग ने सभी को सुनवाई का मौका देते हुए अलग-अलग तारीख और समय तय किए हैं। अगर ये दल समय पर अपना पक्ष नहीं रखते, तो माना जाएगा कि उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है। इसके बाद निर्वाचन आयोग बिना पूर्व सूचना दिए इन दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर सकता है। हिसार सहित इन जिलों के हैं राजनीतिक दल ​जिन दलों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें फरीदाबाद, सिरसा, हिसार, करनाल, रेवाड़ी, अंबाला, गुड़गांव, यमुनानगर, मेवात, महेंद्रगढ़, और भिवानी जैसे विभिन्न जिलों के दल शामिल हैं। सभी दलों को 28 अगस्त, 2025 तक आवश्यक कागजात और लिखित आवेदन जमा करने के लिए कहा गया है। ​ मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा ए श्रीनिवास द्वारा जारी इस नोटिस में कहा गया है कि सुनवाई 2 सितंबर से 3 सितंबर, 2025 के बीच चंडीगढ़ स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में होगी। प्रत्येक दल के लिए अलग-अलग तिथि और समय निर्धारित किया गया है। इसलिए शुरू हुई ये कार्रवाई ​हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने बताया कि यह कदम ऐसे दलों को हटाने के लिए उठाया गया है, जो केवल कागजों पर मौजूद हैं और चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग नहीं लेते हैं। यह चुनाव आयोग द्वारा राजनीतिक दलों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सिर्फ छह ने ही दिए डॉक्यूमेंट आयोग के द्वारा इससे पहले हरियाणा के 21 गैरमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के बाद करीब छह ने आवश्यक कागजात जमा करवा दिए हैं, जिसके बाद अब 15 को सुनवाई के लिए आखिरी मौका दिया गया है। जिन गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल, जिन्हें कारण बताओं नोटिस जारी किया गया, उनमें अपना राज फ्रंट झज्जर, हरियाणा स्वतन्त्र पार्टी झज्जर, राष्ट्रीय बुजुर्ग शक्ति पार्टी झज्जर, भारत (इंटीग्रेटेड) रक्षक दल गुडगांव, भारतीय जन हित विकास पार्टी गुडगांव , गुड़गांव रेजिडेंट पार्टी गुड़गांव, हिन्द समदर्शी पार्टी गुड़गांव, कर्मा पार्टी गुड़गांव, मेरा गांव मेरा देश पार्टी गुड़गांव शामिल हैं। जिन्हें नोटिस जारी हुआ उनमें नेशनल लेवल की भी पार्टियां नेशनल जनहित कांग्रेस (AB) गुड़गांव, समरस समाज पार्टी गुड़गांव, टोटल विकास पार्टी गुड़गांव, जनता उदय पार्टी फरीदाबाद, बेरोजगार आदमी अधिकार पार्टी फरीदाबाद, राष्ट्रीय आर्य राज सभा रोहतक, सेवा दल रोहतक, लोक परिवर्तन पार्टी (डीसी) पानीपत, हरियाणा जनरक्षक दल सोनीपत, हरियाणा कान्ति दल कुरूक्षेत्र,राष्ट्रीय कर्मयोग पार्टी, करनाल और सुशासन पार्टी, भिवानी शामिल हैं।

ED की रेड से हड़कंप, झारखंड में कबाड़ी के घर हुई लंबी जांच

साहिबगंज झारखंड के साहिबगंज शहर के बंगाली टोला स्थित संतोष कुमार गुप्ता उर्फ बबलू के यहां मंगलवार की सुबह ईडी का छापा पड़ा। ईडी की चार सदस्यीय टीम करीब आठ घंटे तक उसके घर में रूककर जांच की। ईडी की जांच के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सीआरपीएफ के कई जवान घर के बाहर मुस्तैद थे। जानकारी के मुताबिक संतोष कुमार गुप्ता उर्फ बबल दो भाई है। दोनों भाई यहां एक ही मकान में रहते हैं। मुहल्ले के लोगों ने बताया कि संतोष कबाड़ के सामान खरीदने व बेचने का काम करता है। उसके घर के बाहर कबाड़ में खरीदे गए सामानों के बोरियों रखीं हैं। उधर, सफदे इनोवा गाड़ी से सुबह करीब 7.10 बजे ईडी के अधिकारी छापेमारी के लिए इनके घर पहुंचे। ईडी के छापे की खबर थोड़ी ही देर में शहर में तेजी से फैल गई। धीरे-धीरे लोगों की भीड़ उनके घर के बाहर जमा होने लगी। ईडी के अधिकारी यहां पहुंचने के बाद सीधे मकान के अंदर जाकर जांच शुरू कर दी। जांच के क्रम में घर के एक लड़के को लेकर ईडी के अधिकारी गाड़ी से कहीं गए और फिर थोड़ी देर में लौट आए। सुबह करीब 9.50 और 10.20 बजे ईडी के दो अलग-अलग अधिकारी किसी काम से मकान से बाहर निकले। एक अधिकारी बाहर खड़ी इनोवा कार के ड्राइवर से बातचीत कर तुरंत वापस अंदर चले गए। दूसरे अधिकारी ने ड्राइवर से गाड़ी में रखे अपना लैपटॉप मंगवाए। सूत्रों से पता चल रहा है कि झारखंड में हुए 750 करोड़ के जीएसटी घोटाले की जांच के क्रम में ईडी की टीम यहां पहुंची है। हालांकि आधिकारिक तौर पर ईडी के कोई भी अधिकारी मीडिया को छापेमारी की वजह के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी है।