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भोपाल : होम्योपैथी कॉलेज में शुरू हुई थायराइड व मोटापा विशेषज्ञ इकाई, मरीजों को मिलेगा लाभ

भोपाल  भोपाल स्थित शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय परिसर में आयुष मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में हाइपोथायरायडिज्म एवं ओबेसिटी के लिए विशेषज्ञ इकाई की स्थापना की गई है। इस इकाई की स्थापना का उद्देश्य, थायराइड ग्रंथि की अनियमितताएं और उससे होने वाले मोटापे में होम्योपैथी की कारगर दवाओं के माध्यम से अनुसंधान एवं उपचार किया जाना है। इस इकाई के लिए भारत सरकार के केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों के अतिरिक्त सहायक चिकित्सकों एवं लैब विशेषज्ञों की एक टीम, स्थानीय होम्योपैथिक चिकित्सालय में उक्त कार्यों के लिए उपलब्ध है। यह इकाई थायराइड ग्रंथि की अनियमिताओं से उत्पन्न होने वाले रोगों के त्वरित उपचार एवं इन रोगों के कारण आने वाले दीर्घकालिक प्रभाव पर केंद्रित कार्य करेगी। यह इकाई प्रतिदिन प्रातः 10 से दोपहर एक बजे तक उक्त रोगियों के पंजीयन एवं उपचार की सेवाएं प्रदान करेगी। इसके लिए दूरभाष क्रमांक 0755 299 2972 पर समस्त जानकारी प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इच्छुक लाभार्थियों द्वारा अपना दूरभाष दिए जाने पर विशेषज्ञों द्वारा संपर्क किया जाएगा। समस्त उपचार शासकीय स्तर पर किया जाएगा। उपचार में होम्योपैथिक दवाओं के अतिरिक्त व्यायाम एवं आहार विशेषज्ञों द्वारा भी संपूर्ण स्वास्थ्य के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाएगा। प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में इस प्रकार की हाइपोथायरायडिज्म से जनित मोटापे की यह प्रथम विशेषज्ञ इकाई है, जो भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के माध्यम से स्थापित मापदंडों पर कार्य करेगी। होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति प्रकृति के सिद्धांतों के अनुरूप शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमताओं को विकसित करके मनुष्य को दीर्घकालीन स्वास्थ्य एवं उच्च गुणवत्ता का जीवन प्रदान करती है। प्रायः रासायनिक दवाओं के उपयोग के पश्चात भी हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों का वजन बढ़ता चला जाता है, जो भविष्य में हड्डियों एवं जोड़ों की गंभीर समस्याओं को जन्म देता है। होम्योपैथी चिकित्सा के माध्यम से हाइपोथाइरॉएडिज्म के मरीजों को उपचारित करके, इस प्रकार की जटिलताओं से बचाया जा सकता है और उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है। नोडल अधिकारी डॉ. जूही गुप्ता ने बताया कि यह समस्या विशेषकर महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है और समय रहते उपचार प्राप्त न करने के कारण 50 वर्ष के उपरांत महिलाएं हड्डियों और जोड़ों की समस्याओं से बहुत बड़ी संख्या में प्रभावित होती हैं। यदि समय रहते प्राकृतिक एवं होम्योपैथी उपचारों से इसका नियंत्रण किया जाए तो व्यक्ति दीर्घायु होने के साथ-साथ रासायनिक पदार्थ से दूर रहकर भी स्वस्थ रह सकता है। वास्तविकता यह है कि वर्तमान परिवेश में जीवन के सामान्य परिवर्तन जैसे गर्भावस्था में होने वाले सूक्ष्म हार्मोनल परिवर्तन को भी रोग मानकर उनके लिए रासायनिक उपचार प्रदान किए जाते हैं, जिसके कारण वह महिला पूरे जीवन रसायनों पर आश्रित हो जाती है और एक कुचक्र में फंस जाती है जिससे निकलना असंभव हो जाता है। इस कार्य का उद्देश्य है कि जिन लोगों में सामान्य परिवर्तन एवं होम्योपैथी दवा के साथ उपचार किया जा सकता है, उनके लिए एक विशेषज्ञ इकाई के माध्यम से, उन्हें जीवन यापन के लिए संपूर्ण ज्ञान प्रदान किया जाए। शासकीय होम्योपैथी चिकित्सालय के अतिरिक्त आयुष मंत्रालय भारत सरकार की संस्था द्वारा देश के पांच अन्य शहरों में इस प्रकार की विशेषज्ञ इकाई की स्थापना की गई है और इन संयुक्त प्रयासों से हाइपोथायरायडिज्म एवं उससे संबंधित मोटापे का कारगर उपाय एवं उपचार प्रदान करने की अद्वितीय पहल की गई है।  

छह साल बाद बदल रही MPCA की कार्यकारिणी, अध्यक्ष पद पर महाआर्यमन की ताजपोशी तय

इंदौर  मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी छह साल बाद बदलने जा रही है। इस बार सभी नए चेहर अलग-अगल पद संभालेंगे। पहली बार एमपीसीए अध्यक्ष पद पर सबसे कम उम्र के महाआर्यमन सिंधिया पद संभालेंगे। उनकी उम्र 29 साल है। उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन फार्म दाखिल किया। उन्हे इस पद पर अन्य किसी सदस्य ने चुनौती नहीं दी। वे सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी के रुप में इस पद की कमान संभालेंगे। वे वर्ष 2022 से ग्वालियर संभागीय क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भी है। 2 सितंबर को एसोसिएशन की वार्षिक साधारण सभा में कार्यकारिणी के नामों की घोषणा हो जाएगी। महाआर्यमन के अलावा कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष पद पर विनीत सेठिया,सचिव सुधीर असनानी, कोषाध्यक्ष संजय दुआ भी लगभग तय है। कार्यकारिणी सदस्य में राजीव रिसोडकर, प्रसुन कनमड़ीकरण, विजेस राणा व संध्या अग्रवाल के नाम भी तय हैं। कोषाध्यक्ष बनने वाले संजय दुआ के पिता नरेंद्र दुआ और भाई एमपीसीए के सदस्य हैं। उपाध्यक्ष के पद पर काबिज होने वाले विनित सेठिया के पिता महेंद्र सेठिया भी एमपीसीए के सदस्य रहे हैं। नई कार्याकारिणी के बाद स्टेडियम में होंगे महिला वर्ल्ड कप मैच एमपीसीए की नई कार्यकारिणी घोषित होने के बाद इंदौर के होलकर स्टेडियम में महिला वर्ल्ड कप के छह से ज्यादा मैच होंगे। पिछली कार्यकारिणी के दौरान भी इंदौर स्टेडियम को आईपीएल मैच मिले, लेकिन टिकट और प्राॅपर्टी टैक्स को लेकर एसोसिएशन के नगर निगम अफसरों से विवाद भी हुए। अब कार्यकारिणी के सामने भी अंतरर्राष्ट्रीय स्तर के मैच कराना चुनौती भरा होगा।  

मध्य प्रदेश की दीर्घकालिक विकास रणनीति के लिए रोलिंग बजट पर काम

 भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार पहली बार तीन साल का रोलिंग बजट तैयार करेगी। प्रदेश की दीर्घकालिक विकास रणनीति- विकसित मध्य प्रदेश 2047 पर केंद्रित वर्ष 2026-27, वर्ष 2027-28 एवं वर्ष 2028-29 के लिए त्रिवर्षीय रोलिंग बजट तैयार किया जाएगा। इसके लिए 15 सितंबर से 30 सितंबर तक विभागवार बैठकें होंगी। 31 अक्टूबर को नई योजनाओं के प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएंगे और एक अक्टूबर से 15 नवंबर तक द्वितीय चरण की चर्चा की जाएगी। बता दें कि इससे पहले बजट निर्माण में 28 से 31 जुलाई तक विभागीय प्रशिक्षण और प्रारंभिक चर्चा की जा चुकी है। इसके अलावा इस बार भी राज्य सरकार द्वारा शून्य आधार बजटिंग की प्रक्रिया को जारी रखते हुए वित्तीय अनुशासन और परिणाम आधारित बजट निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। शून्य आधार बजटिंग प्रणाली से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि हर योजना के पीछे ठोस उद्देश्य हो, उसका समाज पर प्रभाव दिखे और प्रत्येक व्यय राज्य की विकास प्राथमिकताओं से मेल खाता हो। बजट स्वीकृति के पहले हर योजना का होगा मूल्यांकन प्रत्येक योजना के लिए यह स्पष्ट करना आवश्यक होगा कि उस पर खर्च क्यों किया जा रहा है, उसका लाभ किसे होगा और उसका सामाजिक व आर्थिक असर क्या होगा। इस प्रक्रिया में गैर-प्रभावी योजनाओं को समाप्त करने और समान प्रकृति की योजनाओं को एकीकृत करने पर भी विचार किया जाएगा। दिसंबर और जनवरी में मंत्री स्तरीय बैठकें होंगी आयोजित बजट निर्माण के लिए दिसंबर और जनवरी में मंत्री स्तरीय बैठकें आयोजित की जाएंगी। 31 मार्च 2026 को समायोजन प्रस्तावों की अंतिम तिथि रखी गई है। वेतन, भत्ते और स्थायी व्यय की भी गणना अलग होगी। विभागों को अपने स्थायी खर्चों जैसे वेतन, पेंशन, भत्तों की गणना करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रत्येक वित्तीय वर्ष के वेतन में तीन प्रतिशत वार्षिक वृद्धि जोड़ी जाएगी। महंगाई भत्ते की गणना क्रमश: 74 प्रतिशत, 84 प्रतिशत और 94 प्रतिशत के हिसाब से होगी। संविदा कर्मचारियों के वेतन में चार प्रतिशत वार्षिक वृद्धि का भी प्रविधान रहेगा। अजा-अजजा उपयोजना के लिए न्यूनतम बजट सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए न्यूनतम 16 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए न्यूनतम 23 प्रतिशत बजट सुनिश्चित करना अनिवार्य रहेगा। इसके लिए सेगमेंट कोडिंग व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे योजनाओं में पारदर्शिता आएगी। आफ-बजट व्यय और केंद्रीय योजनाओं पर भी रहेगी निगरानी जिन विभागों को भारत सरकार से सीधे फंड प्राप्त होता है, उन्हें वह राशि भी बजट प्रस्ताव में दर्शानी होगी। इसके अलावा, आफ-बजट ऋण, प्रोत्साहन योजनाओं का वित्तीय असर, और नवीन योजनाओं की स्वीकृति की प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बजट की तैयारी के लिए जो आइएफएमआइएस प्रणाली अपनाई गई है, उसमें तय समय के बाद प्रविष्टि की अनुमति नहीं दी जाएगी। विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे सभी प्रस्ताव निर्धारित समय-सीमा में दर्ज करें और विभागीय बैठक के पूर्व पूरी जानकारी तैयार रखें।

मोहन सरकार की सौगात: खुद का स्टार्टअप शुरू करने वालों को 10 लाख रुपए की सहायता

भोपाल   अगर आप मध्यप्रदेश में रहते है और खुद का बिजनेस शुरु करना चाहते हैं तो ये खबर आपके काम की है। बिजनेस या खुद का काम शुरु करने में परेशानी आ रही है तो आपको बता दें कि आप मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही खास योजना से मदद ले सकते हैं। जी हां… मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत मध्य प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को अपना काम शुरू करने के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध करा रही है। इस योजना के तहत आप 10 लाख रुपये तक का लोन लेकर एक सफल बिजनेसमैन बन सकते हैं। क्या है मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एमपी में रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य और युवाओं को खुद का बिजनेस शुरू करने को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की शुरुआत 1 अगस्त, 2014 को की गई थी। हालांकि 2017 में इसमें संशोधन भी किए गए। ये एक सरकारी योजना है, जो 50,000 से 10,00,000 तक का ऋण प्रदान करती है। योजना के तहत लाभार्थियों को धन मार्जिन, ब्याज अनुदान और प्रशिक्षण का लाभ मिलता है, और उन्हें बैंक द्वारा दिए गए ऋण को चुकाने के लिए थोड़े समय की अवधि प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। साथ ही प्रदेश में लघु, मध्यम और सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं को आत्मनिर्भर व रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। इस योजना के जरिए उद्योग, कृषि, सेवा क्षेत्र और अन्य व्यवसायों को प्रोत्साहित करना है। होनी चाहिए ये पात्रता -इस योजना का लाई लेने के लिए व्यक्ति को मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए। -उम्र 18 साल से 45 साल के बीच होनी चाहिए। -किसी भी अन्य सरकारी स्वरोजगार योजना का लाभ न लिया गया हो। -आवेदक के पास अपना एक बिजनेस प्लान होना चाहिए। -आवेदक कम से कम 5वीं कक्षा पास हो। मिलेंगे ये लाभ -योजना के तहत 50 हजार से 10 लाख रुपये तक का कर्ज उपलब्ध कराया जाता है। -सामान्य वर्ग के आवेदकों को परियोजना लागत का 15% तक (अधिकतम 1 लाख रुपये) दिए जाते हैं। -भोपाल गैस पीड़ितों को अतिरिक्त 20 फीसदी या अधिकतम 1 लाख की मदद। -5% तक ब्याज दर में सब्सिडी, महिलाओं को 7% तक ब्याज में सब्सिडी मिलती है।

MP में नक्शा बदल सकता है: रीवा और मैहर जिले में सीमाओं का होगा संशोधन

भोपाल  मध्यप्रदेश में प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन की कवायद जारी है। राज्य सरकार ने इसके लिए परिसीमन आयोग का गठन किया है, जो नए जिले और तहसील बनाने के साथ ही गांवों और कस्बों को इधर-उधर जोड़ने पर काम कर रहा है। इसी क्रम में अब रीवा और नवगठित मैहर जिले के बीच सीमांकन बदलने की तैयारी हो रही है। मुकुंदपुर सहित छह गांव रीवा में शामिल करने का प्रस्ताव मैहर के छह गांव—आनंदगढ़, आमिन, धोबहट, मुकुंदपुर, परसिया और पपरा—को रीवा जिले में मिलाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव मुख्य रूप से मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी को ध्यान में रखकर बनाया गया है, क्योंकि यह क्षेत्र रीवा से अधिक नजदीक है। मैहर जिला प्रशासन ने इस संबंध में अमरपाटन के राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे हितधारकों की राय लेकर रिपोर्ट तैयार करें। मैहर के अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी ने इस प्रस्ताव पर पंचायतों के सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की राय मांगी है। नेताओं ने जताया विरोध हालांकि इस प्रस्ताव का विरोध भी शुरू हो गया है। सतना सांसद गणेश सिंह ने इन गांवों को रीवा में शामिल करने का विरोध जताया है। मैहर विधायक ने भी इस फैसले पर आपत्ति दर्ज की है। कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह ने इसके खिलाफ जेल भरो आंदोलन चलाने और 1000 सत्याग्रहियों के साथ जेल जाने का ऐलान किया है। ग्रामीणों की राय बंटी गांवों के ग्रामीण भी इस प्रस्ताव को लेकर दो हिस्सों में बंटे हुए हैं। मुकुंदपुर और आसपास के कुछ गांवों के लोग बिजली, स्वास्थ्य और रीवा की नजदीकी का हवाला देकर रीवा में शामिल होने के पक्ष में हैं। वहीं, धोबहट और अन्य गांवों के कुछ लोग इस बदलाव का विरोध कर रहे हैं। आयोग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट परिसीमन आयोग ने इस पूरे मामले पर मैहर जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसमें गांवों की भौगोलिक, सामाजिक, प्रशासनिक और आर्थिक परिस्थितियों का ब्योरा शामिल किया जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि ये छह गांव रीवा जिले में जोड़े जाएंगे या नहीं।

युवक गिरा ट्रेन से, प्लेटफॉर्म पर घंटों इंतजार, मेडिकल टीम की देरी से बढ़ी मुश्किलें

भोपाल भोपाल रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह हुई घटना ने रेलवे प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया। सुबह 7:52 बजे नर्मदा एक्सप्रेस से एक युवक प्लेटफॉर्म नंबर चार पर गिर गया। गंभीर रूप से घायल युवक प्लेटफॉर्म पर घंटों पड़ा रहा, लेकिन समय पर न तो डॉक्टर पहुंचे और न ही रेलवे स्टाफ ने उचित मदद की। ट्रेन से प्लेटफॉर्म चार पर गिरा युवक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन नर्मदा एक्सप्रेस भोपाल से इंदौर की ओर जा रही थी। इसी दौरान एक युवक किसी तरह ट्रेन से फिसलकर प्लेटफॉर्म नंबर चार पर गिर पड़ा। हादसे में युवक के पैर में गहरी चोट आई, जिसके बाद वह उठने तक की स्थिति में नहीं था। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत रेलवे स्टाफ को सूचना दी, लेकिन मदद मिलने में बेहद देर हो गई। चौंकाने वाली बात यह रही कि प्लेटफॉर्म नंबर एक पर डॉक्टरों की टीम हमेशा मौजूद रही है, मगर उन्हें प्लेटफॉर्म नंबर चार तक पहुंचने में एक घंटे से अधिक का समय लग गया। इस दौरान घायल युवक असहाय होकर वहीं तड़पता रहा। घायल को नहीं मिली समय पर मदद जानकारी के मुताबिक, घायल युवक झारखंड का रहने वाला है। स्टेशन पर मौजूद सफाई कर्मी का कहना है कि अगर प्राथमिक उपचार समय पर मिल जाता तो युवक को राहत मिल सकती थी। राजधानी जैसे बड़े स्टेशन पर भी अगर हादसे के घायल यात्री को तुरंत मदद न मिले, तो छोटे स्टेशनों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। वहीं, स्टेशन प्रशासन का कहना है कि घायल युवक को इलाज के लिए भेजा गया है।

वंदे भारत ट्रेन पर फिर हमला: जमालपुर-हावड़ा मार्ग में पथराव, डर के माहौल

भागलपुर 22310 जमालपुर-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर असामाजिक तत्वों के निशाने पर आ गई। सोमवार की शाम करीब 5:15 बजे पंजवार रोड हॉल्ट के समीप रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रेन पर पथराव कर दिया गया। उस समय ट्रेन लगभग 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बारहट से मंदारहिल की ओर बढ़ रही थी। अचानक हुए इस हमले से ट्रेन में बैठे यात्री सहम गए और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पथराव का असर कोच संख्या सी-4 पर पड़ा। सीट संख्या 61 से 63, 65 से 67 और 70 से 72 के पास खिड़कियों पर पथराव किया गया। इनमें से आपातकालीन खिड़की पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि दूसरी खिड़की को हल्का नुकसान पहुंचा। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री को चोट नहीं लगी। यात्रियों ने बताया कि अचानक तीन पत्थर जोरदार आवाज के साथ खिड़की पर आ लगे। वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल के जवान सक्रिय हो गए। सुरक्षाकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त कोच का बारीकी से निरीक्षण किया और पथराव की जगह को चिह्नित करते हुए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी। मंदारहिल स्टेशन पहुंचने पर ट्रेन निर्धारित समय पर थोड़ी देर के लिए रुकी, जहां यात्रियों को आश्वस्त किया गया कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना यह पहली बार नहीं है जब वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव हुआ हो। बीते 8 जून को भी भागलपुर-हावड़ा वंदे भारत पर पत्थरबाजी की गई थी। उस समय दोपहर करीब 3:20 बजे टिकानी रेलखंड के पास हाट पुरैनी और टिकानी के बीच सी-7 कोच की 42 और 43 नंबर सीट की खिड़की पर पत्थर आकर लगा था, जिससे शीशा चकनाचूर हो गया था। इससे पहले 14 अप्रैल को भी हावड़ा से भागलपुर आ रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर पिनरगढ़िया (रामपुरहाट-दुमका रेलखंड) के पास पथराव हुआ था, जिसमें खिड़की का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया था।

महाराजाम लगा हाईवे पर, बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें गुरुग्राम और नोएडा में

गुरुग्राम सोमवार को तीन घंटे से हो रही निरंतर बारिश ने गुरुग्राम की सड़कें जाम में बदल दी हैं। दिल्ली-जैपुर हाईवे पर मानेसर रामपुर, नोरंगपुर और गांव नरसिंहपुर के जलमग्न होने से हाईवे पर रजोकरी बॉर्डर तक करीब 20 किलोमीटर लंबा महाजाम लग गया है। खासतौर से इफको चौक के फ्लाईओवर पर भीषण जाम की परिस्थितियां बनी हैं, जो सिरहोल बॉर्डर से मानेसर तक फैली हुई हैं। गुरुग्राम शहर में दोपहर में हुई तेज बारिश ने पूरे इलाके की रफ्तार थमाई रखी। ज़िले की विभिन्न तहसीलों और उपतहसीलों में जहां अलग-अलग मात्रा में बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं सबसे अधिक 85 मिलीमीटर बारिश वजीराबाद इलाके में दर्ज की गई। इसके कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया है। नरसिंहपुर के पास सर्विस लेन पूरी तरह पानी में डूब गई है, जिससे हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थम गई और सड़क पर वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं। शहर की प्रमुख सड़कों जैसे शीतला माता रोड, सुभाष चौक और पुराने शहर के बाजारों में भी जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को भारी असुविधा हो रही है। सड़क किनारे कई जगह जलभराव के कारण आवाजाही में परेशानी बढ़ गई है। ट्रैफिक जाम के चलते लोग लंबा समय सड़क पर फंसे हुए हैं और ट्रैफिक विभाग भी जाम को कम करने में जुटा है। लोग जहां संभव हो वैकल्पिक रास्ते अपनाने की सलाह दी जा रही है। उधर, नोएडा में भी जाम के हालात बद से बदतर हो गए। शाम को ऑफिस से घर जाने के दौरान नोएडा सेक्टर 16ए के पास ग्रेटर नोएडा जाने वाले मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

जीतु पटवारी पर फिर हमला, 24 घंटे में दूसरी बार हुई हिंसा

नीमच सोमवार की दोपहर में नीमच दौरे पर पहुंचे मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी पर आज एक बार फिर भीड़ में शामिल अज्ञात शख्स द्वारा हमला किया गया है। एक दिन पहले रतलाम दौरे के दौरान रास्ते में प्रदर्शन कर रहे धाकड़ समाज के लोगों के बीच से किसी अज्ञात हमलावर द्वारा पत्थर से हमला किया गया था, जिससे पटवारी के वाहन का कांच फूट गया। अभी इस मामले में गरमाई प्रदेश की सियासत शांत भी नहीं हुई है कि, आज नीमच दौरे के दौरान एक बार फिर जीतू पटवारी पर भीड़ में मौजूद अज्ञात शख्स ने हमला कर दिया। इस बार हमलावर ने पटवारी की ओर बोतल, कंकड़ और स्याही फेंकी है। शहर में आयोजित 'वोट चोर गद्दी छोड़' यात्रा के दौरान अचानक से तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। यात्रा जब शहर के 40 सर्किल पर पहुंची तो वहां पहले से मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने जीतू पटवारी के काफिले पर काली स्याही फेंकने की कोशिश की है। साथ ही, पीसीसी चीफ को काले झंडे दिखाते हुए उनके पोस्टर भी फाड़े गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने तो यहां तक दावा किया कि, रैली पर भीड़ से कंकर तक फैंके गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम के कुछ वीडियोज भी सामने आए हैं, जिसमें यात्रा गुजरने के बाद मौके से बोतल, स्याही और कंकड़ पड़े दिख रहे हैं। घटना के बाद कुछ देर के लिए हालात तनावपूर्ण हो गए थे। जीतू पटवारी पर हुए हमले के बाद भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पध एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के काफिले को सुरक्षित आगे बढ़ाया।

यतीमखाना प्रकरण: गवाह से हुई जिरह, आजम खां की अगली सुनवाई 3 सितंबर

रामपुर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां के खिलाफ यतीमखाना प्रकरण में सोमवार को सुनवाई हुई। बचाव पक्ष की ओर से आए गवाह से अभियोजन ने जिरह की। अब इस मामले में तीन सितंबर को सुनवाई होगी। आजम खां के विरुद्ध यह मामला शहर कोतवाली क्षेत्र की यतीमखाना बस्ती से जुड़ा है। इस बस्ती को वर्ष 2016 में जबरन खाली कराया गया था। तब प्रदेश में सपा की सरकार थी। आजम खां के इशारे पर सपाइयों ने पुलिस फोर्स के साथ बस्ती को जबरन खाली करा दिया था। मुकदमे में घरों में घुसकर मारपीट करने, छेड़छाड़ करने, रुपये, जेवर और भैंस-बकरी लूटकर ले जाने के आरोप हैं। इन मुकदमों में आजम खां समेत सेवानिवृत्त सीओ आले हसन खां, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल, इस्लाम ठेकेदार आदि भी नामजद हैं। मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में चल रही है। यतीमखाना प्रकरण में शहर कोतवाली में 12 लोगों द्वारा अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए थे। पहले सभी की अलग-अलग सुनवाई चल रही थी, लेकिन बाद में न्यायालय ने इन सभी को एक मान लिया। इस मामले में अभियोजन की गवाही पूरी हो चुकी है। अब बचाव पक्ष की गवाही चल रही है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा के अनुसार पिछली तारीख पर बचाव पक्ष ने गुलाम जाफर की गवाही कराई थी। गवाह की मुख्य परीक्षा पूरी हो गई थी। सोमवार को गवाह से अभियोजन ने जिरह की। जिरह पूरी हो गई है। अब तीन सितंबर को बचाव पक्ष द्वारा अगला गवाह पेश किया जाएगा।