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उफान पर नदियां और हाई अलर्ट: हरियाणा में अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टियां रद

चंडीगढ़ हरियाणा में लगातार बारिश से यमुना, घग्गर, मारकंडा और टांगरी सहित अधिकतर नदियां उफान पर हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी बारिश की चेतावनी दी है, जिसके चलते प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश सरकार ने पुलिस और प्रशासन के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद कर दी हैं, ताकि आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। माैसम विभाग ने 18 जिलों में आरेंज अलर्ट किया है, जिनमें यमुनानगर, अंबाला, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम, नूंह, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, झज्जर, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल, जींद, भिवानी और चरखी दादरी शामिल हैं। हिसार, फतेहाबाद, कैथल और सिरसा में येलो अलर्ट है। जगह-जगह जलभराव से प्रदेश में 40 हजार किसानों की ढाई लाख एकड़ से अधिक फसलें प्रभावित हो चुकी हैं। स्थिति को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सभी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्यालय पर बने रहने और पांच सितंबर तक कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सोमवार को सभी सभी मंडल आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों, उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों तथा एसडीएम को लिखित आदेशों में मौसम विभाग की चेतावनी का उल्लेख करते हुए विभिन्न स्थानों पर बाढ़ की आशंका जताई है। ऐसे में मुख्य सचिव या गृह सचिव की स्वीकृति के बिना किसी भी अधिकारी को अवकाश की अनुमति न दी जाए।वहीं, जलभराव वाले क्षेत्रों में पंचायत सचिवों और पटवारियों को 24 घंटे सतर्क रहने को कहा गया है। उन्हें लगातार जिला मुख्यालय को अपनी रिपोर्ट भेजनी होगी। साथ ही सभी निजी और सरकारी स्कूलों के मुखियाओं को भवन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छतों, कमरों की सफाई सहित बिजली फिटिंग की नियमित जांच का निर्देश देते हुए चेतावनी दी गई हैं कि अगर कोई हादसा हुआ तो उनकी जिम्मेदारी होगी। अगर कहीं स्कूलों में छुट्टी करनी पड़ती है तो भी टीचिंग व नान टीचिंग स्टाफ ड्यूटी पर रहेगा। मुख्यमंत्री लगातार ले रहे अपडेट मुख्यमंत्री नायब सैनी के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे ने कहा कि प्रदेश में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। किसी भी जिले में अभी तक बाढ़ की स्थिति पैदा नहीं हुई है। सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित करके लोगों की मदद की जा रही है। सोमवार को बाढ़ संभावित जिलों अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, सिरसा, फतेहाबाद व हिसार के उपायुक्त, एसडीएम के साथ सिंचाई और स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारी पूरा दिन फील्ड में रहे। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी लगातार जिलों में अधिकारियों के संपर्क में हैं और रिपोर्ट लेकर मुख्यमंत्री को अवगत करवा रहे हैं। पंजाब के बाढ़ पीड़ितों की सहायता करेगा इनेलो इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता पिछले कई दिन से पंजाब के बाढ़ आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में राशन, पानी और अन्य सामान पहुंचा रहे हैं। पार्टी पंजाब के किसानों, कामगारों, काश्तकारों समेत सभी पीड़ितों की हर तरह से मदद करेगी। पंजाब में पशुओं के लिए ट्रक और ट्रैक्टर में चारा भरकर भेजेंगे। बाढ़ के बाद कई तरह की बीमारियां फैलती हैं। इसको ध्यान में रखते हुए पार्टी वालंटियर, डाक्टर और दवाइयों का भी प्रबंध किया जाएगा।

मंत्री सिंह ने कहा- बच्चों में एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को मजबूत करें

भोपाल   स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि देश में राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिये बच्चों में "एक भारत-श्रेष्ठ भारत'' की भावना को मजबूत किया जाना जरूरी है। हमारी विविधता भरी सांस्कृतिक विरासत पूरी दुनिया में भारत को अलग पहचान दिलाती है। मंत्री श्री सिंह सोमवार को भोपाल में सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गोविंदपुरा, भेल की वार्षिक पत्रिका "वीथिका'' का विमोचन करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में संचालित हो रहे सांदीपनि विद्यालयों में बच्चों की बहुमुखी प्रतिभा को तराशने का कार्य बेहतर तरीके से किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इन विद्यालयों में सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास किया है। सांदीपनि विद्यालय में बच्चों की सुविधा के लिये नि:शुल्क बस सेवा भी उपलब्ध करायी जा रही है। वार्षिक पत्रिका वीथिका विद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती पूनम अवस्थी ने बताया कि वार्षिक पत्रिका वीथिका में संविधान के 75वें वर्ष के मौके पर संविधान से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियों का समावेश किया गया है। उन्होंने बताया कि भेल सांदीपनि विद्यालय का स्वयं का भवन लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से जल्द बनकर तैयार हो जायेगा। विद्यालय में के.जी. से 12वीं तक करीब 1080 बच्चे अध्ययनरत हैं। इन बच्चों को हिन्दी और इंगलिश मीडियम में अध्ययन की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। विद्यालय में पिछले वर्ष विभिन्न राज्यों की संस्कृति के आदान-प्रदान के लिये नागालैण्ड राज्य के बच्चों ने दौरा किया था। भेल विद्यालय के बच्चों ने मंत्री श्री सिंह को ट्रायबल पेंटिंग भी भेंट की।  

रेलवे ने बढ़ाई सुविधा: त्योहारों के लिए 150 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा

झुमरीतिलैया त्योहारों के मौसम में झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। दशहरा, दीपावली और छठ जैसे प्रमुख पर्वों को देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए 150 पूजा स्पेशल ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। ये ट्रेनें 21 सितंबर से 30 नवंबर तक कुल 2024 अतिरिक्त फेरों में चलाई जाएंगी। पूर्व मध्य रेलवे की ओर से 14 ट्रेनों की अधिसूचना जारी की गई है, जो पटना, गया, कोडरमा और धनबाद जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेंगी। इन ट्रेनों के जरिए कुल 588 फेरे संचालित होंगे। पूर्व रेलवे से भी कोलकाता, सियालदह और हावड़ा जैसे भीड़भाड़ वाले स्टेशनों से 24 पूजा स्पेशल ट्रेनों के संचालन की अधिसूचना जारी की गई है, जिनके जरिए 198 फेरे तय किए जाएंगे। इसके अलावा पूर्व तट रेलवे, दक्षिण पूर्व रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और पश्चिम मध्य रेलवे के तहत भी विशेष ट्रेनों का संचालन होगा। इनसे प्रयागराज, कानपुर, रांची, टाटानगर, भोपाल, कोटा, रायपुर, बिलासपुर जैसे स्टेशनों को जोड़ा जाएगा। स्पेशल ट्रेनों की सूची, समय सारणी, रूट और ठहराव की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, आईआरसीटीस पोर्टल और नजदीकी स्टेशनों पर उपलब्ध है। यात्री अग्रिम आरक्षण करा यात्रा की योजना बना सकते हैं।

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जलभराव, NCR में बारिश की चेतावनी जारी

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से बारिश का दौर थम नहीं रहा है। सोमवार को गुरुग्राम समेत एनसीआर के कई इलाकों में झमाझम बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने सोमवार को बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। बता दें कि सोमवार दोपहर से जारी भारी बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। कई जगहों पर जलभराव हो गया है, जिससे आम आदमी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर खांडसा के पास सर्विस लेन पर पानी भर गया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि मुख्य हाईवे पर भी जलभराव शुरू हो गया है। वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे हैं और कहीं-कहीं तो काफी देर तक रुके हुए नजर आ रहे हैं। शहर की मुख्य सड़कों का भी बुरा हाल है। शीतला माता रोड, सुभाष चौक, सेक्टर-9, 9ए और सेक्टर-10ए समेत पुराने और नए गुरुग्राम की कई कॉलोनियां जलमग्न हो गई हैं। कई इलाकों में घरों और दुकानों के सामने जलभराव से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर फिलहाल वाहन धीमी गति से चल रहे हैं। अगर शाम तक इसी तरह बारिश जारी रही तो हाईवे पर भारी जाम लगने की आशंका है। वहीं, आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश जारी रहेगी।

बाढ़ राहत में आगे आई इनेलो, अभय चौटाला ने किया बड़ा ऐलान

चंडीगढ़ इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि पंजाब हमारा बड़ा भाई है और आज पंजाब बाढ़ जैसी आपदा से जूझ रहा है। इनेलो पार्टी इस दुख की घड़ी में पंजाब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। इनेलो के कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से पंजाब के बाढ़ आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में राशन, पानी और अन्य सामान पहुंचा रहे हैं। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि इनेलो ताऊ देवीलाल का लगाया हुआ पौधा है और उनकी नीतियों का अनुसरण करती है। सबसे पहले ताऊ देवीलाल ने पड़ोसी राज्यों या अन्य जगहों पर किसी भी तरह की प्राकृतिक आपदा आई तो उनकी मदद करने की शुरुआत की थी। जब राजस्थान में सूखा और अकाल पड़ा तो ताऊ देवीलाल ने उनके पशुओं के लिए चारा एवं लोगों के लिए राशन भिजवाया था। उसी तरह चौ. ओमप्रकाश चौटाला ने गुजरात के भुज में भूकंप से मची तबाही को देखते हुए वहां के कई गांव गोद लिए थे। चौटाला साहब ने हरियाणा से दवाइयां, राशन सामग्री, पानी और अन्य जरूरत की चीजें तुरंत भेजी थी। उन्होंने हरियाणा के कई आईएएस अधिकारी और डॉक्टर्स भेज कर कैंप लगवाए और पीड़ित लोगों की हर संभव मदद की थी। पार्टी फंड से एक कॉलेज भी बनवाया था। पंजाब में बाढ़ से तीन लाख एकड़ से ज्यादा जमीन बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूब गई है। लोगों के घर बुरी तरह से तबाह हो गए हैं। पशुओं की भी बड़े पैमाने पर हानि हुई है। इनेलो पार्टी पंजाब के किसानों, कामगारों, काश्तकारों  समेत सभी पीड़ितों की हर तरह से मदद करेगी। पंजाब में पशुओं के चारे की सख्त जरूरत है, हम पशुओं के लिए ट्रक और ट्रैक्टर में चारा भर के भेजेंगे। बाढ़ के बाद कई तरह की बीमारियां फैलती हैं उसको ध्यान में रखते हुए इनेलो पार्टी वालंटियर डॉक्टर्स और दवाइयों का भी प्रबंध करके भेजेगी। 

होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय में थायराइड विकार एवं मोटापे की विशेषज्ञ इकाई शुरू

भोपाल  भोपाल स्थित शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय परिसर में आयुष मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में हाइपोथायरायडिज्म एवं ओबेसिटी के लिए विशेषज्ञ इकाई की स्थापना की गई है। इस इकाई की स्थापना का उद्देश्य, थायराइड ग्रंथि की अनियमितताएं और उससे होने वाले मोटापे में होम्योपैथी की कारगर दवाओं के माध्यम से अनुसंधान एवं उपचार किया जाना है। इस इकाई के लिए भारत सरकार के केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों के अतिरिक्त सहायक चिकित्सकों एवं लैब विशेषज्ञों की एक टीम, स्थानीय होम्योपैथिक चिकित्सालय में उक्त कार्यों के लिए उपलब्ध है। यह इकाई थायराइड ग्रंथि की अनियमिताओं से उत्पन्न होने वाले रोगों के त्वरित उपचार एवं इन रोगों के कारण आने वाले दीर्घकालिक प्रभाव पर केंद्रित कार्य करेगी। यह इकाई प्रतिदिन प्रातः 10 से दोपहर एक बजे तक उक्त रोगियों के पंजीयन एवं उपचार की सेवाएं प्रदान करेगी। इसके लिए दूरभाष क्रमांक 0755 299 2972 पर समस्त जानकारी प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इच्छुक लाभार्थियों द्वारा अपना दूरभाष दिए जाने पर विशेषज्ञों द्वारा संपर्क किया जाएगा। समस्त उपचार शासकीय स्तर पर किया जाएगा। उपचार में होम्योपैथिक दवाओं के अतिरिक्त व्यायाम एवं आहार विशेषज्ञों द्वारा भी संपूर्ण स्वास्थ्य के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाएगा। प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में इस प्रकार की हाइपोथायरायडिज्म से जनित मोटापे की यह प्रथम विशेषज्ञ इकाई है, जो भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के माध्यम से स्थापित मापदंडों पर कार्य करेगी। होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति प्रकृति के सिद्धांतों के अनुरूप शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमताओं को विकसित करके मनुष्य को दीर्घकालीन स्वास्थ्य एवं उच्च गुणवत्ता का जीवन प्रदान करती है। प्रायः रासायनिक दवाओं के उपयोग के पश्चात भी हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों का वजन बढ़ता चला जाता है, जो भविष्य में हड्डियों एवं जोड़ों की गंभीर समस्याओं को जन्म देता है। होम्योपैथी चिकित्सा के माध्यम से हाइपोथाइरॉएडिज्म के मरीजों को उपचारित करके, इस प्रकार की जटिलताओं से बचाया जा सकता है और उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है। नोडल अधिकारी डॉ. जूही गुप्ता ने बताया कि यह समस्या विशेषकर महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है और समय रहते उपचार प्राप्त न करने के कारण 50 वर्ष के उपरांत महिलाएं हड्डियों और जोड़ों की समस्याओं से बहुत बड़ी संख्या में प्रभावित होती हैं। यदि समय रहते प्राकृतिक एवं होम्योपैथी उपचारों से इसका नियंत्रण किया जाए तो व्यक्ति दीर्घायु होने के साथ-साथ रासायनिक पदार्थ से दूर रहकर भी स्वस्थ रह सकता है। वास्तविकता यह है कि वर्तमान परिवेश में जीवन के सामान्य परिवर्तन जैसे गर्भावस्था में होने वाले सूक्ष्म हार्मोनल परिवर्तन को भी रोग मानकर उनके लिए रासायनिक उपचार प्रदान किए जाते हैं, जिसके कारण वह महिला पूरे जीवन रसायनों पर आश्रित हो जाती है और एक कुचक्र में फंस जाती है जिससे निकलना असंभव हो जाता है। इस कार्य का उद्देश्य है कि जिन लोगों में सामान्य परिवर्तन एवं होम्योपैथी दवा के साथ उपचार किया जा सकता है, उनके लिए एक विशेषज्ञ इकाई के माध्यम से, उन्हें जीवन यापन के लिए संपूर्ण ज्ञान प्रदान किया जाए। शासकीय होम्योपैथी चिकित्सालय के अतिरिक्त आयुष मंत्रालय भारत सरकार की संस्था द्वारा देश के पांच अन्य शहरों में इस प्रकार की विशेषज्ञ इकाई की स्थापना की गई है और इन संयुक्त प्रयासों से हाइपोथायरायडिज्म एवं उससे संबंधित मोटापे का कारगर उपाय एवं उपचार प्रदान करने की अद्वितीय पहल की गई है।

जनजातीय विकास की योजनाओं का लाभ उठाए राज्य, केंद्र देगा पूरा सहयोग

दो अक्टूबर की ग्राम सभा जनजाति विकास पर केंद्रित होगी केंद्रीय सचिव श्री नायर ने की समीक्षा भोपाल केन्द्रीय सचिव जनजाति कार्य मंत्रालय श्री विभु नायर ने कहा कि राज्य जनजातीय विकास की केंद्रीय योजनाओं का राज्य को भरपूर लाभ ले। भारत सरकार हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, प्रधानमंत्री जनमन योजना और आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत चल रही गतिविधियों की जानकारी ली। सचिव श्री नायर सोमवार को मंत्रालय में जनजातीय कार्य विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। सचिव भारत सरकार श्री नायर ने कहा कि निचले स्तर पर जनजाति विकास का जो विजन तैयार होगा उसी के आधार पर भारत सरकार से धनराशि उपलब्ध होगी। उन्होंने सेवाओं के प्रदाय में सुधार के लिए ठोस प्लानिंग की बात कही। श्री नायर ने कहा कि गांव में मानव संसाधनों का उपयोग करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि जिन अशासकीय संगठनों की सेवाएं ली जाए उनकी ग्राम और विकासखंड स्तर पर अच्छी उपस्थिति हो। बहुउद्देशीय केन्द्रों में सूचना और शिक्षा सामग्री उपलब्ध रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय विकास का कार्य केवल एक मंत्रालय या विभाग का कार्य नहीं है। यह सभी संबंधित विभागों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने विभागीय समन्वय के साथ कार्य करते हुए फीडबैक सिस्टम बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक जनजाति बहुल गांवों में नई जिम्मेदारी के साथ विशेष विकास गतिविधियां लागू करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट के फेरे बढ़ाए जा सकते हैं। वन धन विकास केंद्र द्वारा तैयार बिजनेस प्लान पर चर्चा करते हुए श्री नायर ने कहा इसके लिए राशि बढ़ाने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा जाये। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत पर्यटन की गतिविधि की समीक्षा करते हुए श्री नायर ने कहा कि "स्वदेश दर्शन" की अवधारणा को देश में मध्य प्रदेश की पहल के आधार पर लागू किया गया। ट्राइबल स्किल सेंटर ब्लॉक और स्तर पर भी बन सकते हैं। पीएम जनमन योजना की कई उप योजनाओं में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन अच्छा है। सभी लक्ष्यों को दिसंबर तक पूरा कर लें। भारत सरकार हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार है। प्रमुख सचिव जनजाति कार्य श्री गुलशन बामरा ने जनजातीय विकास के कार्यों और भविष्य की कार्य योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आगामी दो अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभा की अनिवार्य बैठक जनजातीय विकास कार्यों पर केंद्रित होगी। बैठक में सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। आयुक्त जनजाति कार्य श्री श्रीमन शुक्ला ने आभार व्यक्त किया।  

मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने की मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक की समीक्षा

भोपाल  सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को अपेक्स बैंक, भोपाल में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक की गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नियुक्तियों, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों की वित्तीय स्थिति, खरीफ 2025-26 में अल्पावधि फसल ऋण वितरण, शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण योजना सहित कई विषयों पर विस्तृत चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को मजबूत आर्थिक आधार देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ 2025-26 के लिए समय पर अल्पावधि फसल ऋण वितरण सुनिश्चित हो तथा किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण की सुविधा समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पैक्स समितियों में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और पैक्स कंप्यूटरीकरण की प्रक्रिया को गति देने पर विशेष बल दिया। बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड संचालन को और सरल एवं सुलभ बनाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि किसान हितैषी नीतियों का वास्तविक लाभ तभी संभव है जब जिला सहकारी बैंक मजबूत स्थिति में कार्य करें। इसलिए कमजोर जिला बैंकों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए और उसे जल्द लागू किया जाए। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता श्री डी.पी. आहूजा, नाबार्ड की सीजीएम श्रीमती सी. सरस्वती, आयुक्त सहकारिता श्री मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक (अपेक्स बैंक) श्री मनोज गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। 

प्रदेश में रीवाइल्डिंग से संतुलित होगी वाइल्डलाइफ इकोलॉजी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल बनेगी अन्य राज्यों के लिये वन संरक्षण का मॉडल भोपाल मध्यप्रदेश में स्वैम्प डियर (बारहसिंगा) सहित कई प्रजातियों के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए पुनर्वास एवं पुनर्प्रवेश कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वैज्ञानिक पद्धति से इन प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास में पुनः स्थापित करने का प्रयास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इन प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिये 'रीवाइल्डिंग'की अभिनव पहल की गई है। रीवाइल्डिंग का उद्देश्य वाइल्डलाइफ इकोलॉजी को संतुलित कर लुप्त होती प्रजातियों को पुनर्जीवित करना, संकटग्रस्त प्रजातियों का संरक्षण करना और जैव विविधता को बढ़ावा देना है। प्रदेश में की गई यह पहल अन्य राज्यों के लिए वन संरक्षण का मॉडल बनेगी। रीवाइल्डिंग का अर्थ है प्रकृति को उसकी मूल अवस्था में लौटाना। इसके लिये जंगलों में उन प्रजातियों को पुनः बसाया जाता है, जिनके बिना पारिस्थितिकी तंत्र अधूरा है। इसमें शिकारी प्रजातियों और शिकार प्रजातियों को शामिल किया जाता है। माना जाता है कि इन प्रजातियों के बिना जंगल का आहार-संतुलन बिगड़ता है और नेचुरल लाइफ साइकिल टूट जाती है। ‘टाइगर स्टेट’ कहलाने वाला मध्यप्रदेश जैव विविधता से समृद्ध है। इसके बावजूद कई प्रजातियाँ विलुप्ति की कगार पर हैं। प्रदेश के वनों में स्वैम्प डियर (बारहसिंगा) की संख्या लगातार घट रही है। साथ ही बाघ और तेंदुए का संतुलन भी प्रभावित हुआ है। विलुप्त होती प्रजातियों को समय रहते पुनर्स्थापित कर जंगलों के साथ प्राकृतिक संतुलन को बनाये रखा जा सकता है। वन विभाग ने रीवाइल्डिंग को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बनाई है। स्वैम्प डियर और अन्य प्रजातियों को पुनः प्राकृतिक आवास में बसाया जाएगा। केवल किसी एक जानवर पर नहीं, बल्कि पूरे जंगल में घास-भूमि और नदी के परिदृश्य पर ध्यान देकर जानवरों को बसाया जाएगा। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA), वन अनुसंधान संस्थान और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ भी रीवाइल्डिंग के इस मिशन में सहयोग कर रहे हैं। जनजातीय और ग्रामीण समुदायों को भी इस कार्यक्रम से जोड़ा जा रहा है, जिससे उन्हें वन्यजीव पर्यटन के साथ ही आजीविका के नए अवसर मिल सकें। वन्यजीव वैज्ञानिकों का कहना है कि रीवाइल्डिंग केवल जानवरों को बचाने का कार्यक्रम नहीं है। यह जलवायु परिवर्तन से निपटने का सशक्त उपाय भीहै, क्योंकि जंगल कार्बन भंडारण बढ़ाने और कार्बन फुटप्रिंट कम करने में मदद करते हैं। इससे जंगलों के साथ ही जल एवं मृदा संरक्षणभी होता है, क्योंकि इकोलॉजी के संतुलन से प्राकृतिक संसाधन भी सुरक्षित रहते हैं। रीवाइल्डिंग वन्य पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्थाको सशक्त बनाने का भी माध्यम है। इससे जंगल में बिना मानवीय हस्तक्षेप के प्राकृतिक चक्र सक्रिय बना रहेगा। राज्य सरकार की यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब तक वन संरक्षण की नीतियाँ एक प्रजाति तक सीमित रहती थीं, किंतु रीवाइल्डिंग का फोकस पूरी तरह वाइल्डलाइफ इकोलॉजी पर है। यह प्रक्रिया देश के अन्य राज्यों में भी इकोलॉजी संतुलन के लिए मॉडल बन सकती है। प्रदेश में रीवाइल्डिंग का प्रयास इस बात का संकेत है कि सरकार और समाज के प्रयास अब वन और वन्यजीव संरक्षण से आगे जा कर प्रकृति को उसकी मूल अवस्था में लौटाने की ओर अग्रसर हैं। इस पहल से मध्यप्रदेश वन्य जीवन संरक्षण में अग्रणी राज्य बनेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी प्रभुपाद की जयंती पर किया नमन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन भक्तों के वैश्विक संघ इस्कॉन के संस्थापकाचार्य, अभयचरणारविंद भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद की जयंती पर पुण्य स्मरण कर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धा, भक्ति एवं ज्ञान के पवित्र ध्येय से स्थापित इस संघ को लोक कल्याण के लक्ष्य को प्राप्त करने की शुभकामनाएं दी।