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हाइवे पर अवैध कट पर सुप्रीम कोर्ट की नजर, NHAI ने शुरू किया सुधार अभियान

भोपाल  भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (NHAI) पर रोजाना भीषण हादसे हो रहे हैं। भारत सरकार भी समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर रहा है। लेकिन, हाईवे के किनारे बने ढाबा और पेट्रोल पंप हादसों को न्योता दे रहे हैं।जिसके चलते ना सिर्फ हाईवे के बीच में वाहन खड़े हो रहे हैं बल्कि दुर्घटना भी तेजी से बढ़ी है। एनएच 30 के स्लीमनाबाद से जबलपुर होते हुए धूमा (सिवनी) तक अवैध तरीके से 60 से अधिक स्टापेज बनाए गए हैं। जिसके लिए ढाबा और पेट्रोल पंप संचालकों ने दोनों सड़कों के बीच में मिट्टी से भरकर बराबर कर दिया है। ऐसे में अब राइट से लेफ्ट और लेफ्ट से राइट जाने वाले वाहन कहीं से भी टर्न हो जाते हैं, नतीजन बड़ी दुर्घटना हो जाती है। सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी के चेयरमैन बीते एक माह से मध्यप्रदेश के दौरे पर हैं। उन्होंने देखा कि इंदौर, भोपाल, नरसिंहपुर में हाइवे पर अवैध डिवाइडर कट बनाए गए हैं। फायदे के लिए हाईवे पर कर लिया कब्जा कटनी जिले के स्लीमनाबाद से लेकर जबलपुर होते हुए नागपुर रोड में धूमा के बीच में एनएचएआई ने जांच की। इस दौरान 60 से अधिक स्थानों में हाईवे के बीच में अवैध रास्ता और स्टापेज बने मिले। एनएचएआई की तरफ से नोटिस भी दिए गए, लेकिन स्थिति जस की तस है। अब जबकि सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी कमेटी ने इस और ध्यान देते हुए राज्य सरकार और एनएचएआई को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बीते एक सप्ताह के दौरान 50 से अधिक ऐसे स्थानों को जेसीबी मशीन की मदद से ध्वस्त किया गया है। शिवहरे ढाबे की सबसे खराब स्थिति जबलपुर-धूमा के पास में शिवहरे ढाबा और पेट्रोल पंप है। दोनों के मालिक एक ही है। इन्होंने अपने फायदे और अधिक से अधिक ग्राहकों को रोकने के लिए हाईवे के बीच में मिट्टी डालकर प्लेन कर दिया। ऐसे में नागपुर से जबलपुर और जबलपुर से नागपुर जाने वाली अधिकतर गाड़ी इसी ढाबे या फिर पेट्रोल पंप पर रुकती है। एनएचएआई ने कई बार नोटिस जारी किया है। पुलिस से शिकायत भी की, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। बुधवार को एनएचएआई के अधिकारियों ने हाइवे के बीच में बिछाई गई मिट्टी को जेसीबी से अलग किया है। हिदायत दी है कि अगर फिर से ऐसा कृत्य किया जाता है, तो कानूनी कार्रवाई करते हुए FIR कराई जाएगी। एनएचएआई का शुरू हुआ अभियान सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी के चेयरमैन जस्टिस अभय मनोहर सप्रे सड़कों पर हो रहे हादसे को जानने के लिए लगातार अलग-अलग रोड में घूम-घूमकर देख रहे हैं। हाल ही में जस्टिस अभय मनोहर जब इंदौर, भोपाल और नरसिंहपुर दौरे पर थे, तब उन्होंने देखा कि हाईवे के बीच में अवैध तरीके से रोड को कट करते हुए डिवाइडर बनाए गए हैं, जिसके चलते वाहन चालक कहीं से भी गाड़ी को टर्न कर देता है। जिसके चलते गंभीर सड़क हादसे होते है। चेयरमैन जस्टिस अभय मनोहर के सख्त निर्देश के बाद राज्य सरकार और एनएचएआई ने अवैध डिवाइडर कट बनाने वालों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। जबलपुर में बीते एक सप्ताह के दौरान 50 से अधिक वह स्थान जहां पर कि डिवाइडर बनाए गए थे, उन्हें बंद किए गए हैं। लोकल लोग बनाते हैं दबाव एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू ने दैनिक भास्कर से कहा कि कई दिनों से हिदायत दी जा रही है कि पेट्रोल पंप और ढाबे के सामने अवैध तरीके से बनाए गए डिवाइडर कट को बंद कर दिया जाए, क्योंकि इससे दुर्घटनाएं हो रही है, लेकिन लोकल के लोगों के कारण हमारी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया। धीरे-धीरे ये लोग अपनी सुविधा अनुसार हाईवे पर डिवाइडर कट बनाते चले गए। जब हाईवे बनाया जा रहा था, तब यह प्लान किया था कि बीच में जो जगह छोड़ी गई है, उसमे पौधे लगेंगे। लेकिन, रोड किनारे के ढाबे और पेट्रोल पंप संचालकों ने अनअथोराइज एक्सेस बना रखे हैं। कई बार इन्हें समझाया भी, पर नहीं माने। एक सप्ताह में पूरे अवैध डिवाइडर खत्म किए जाएंगे एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू का कहना है कि एक सप्ताह के भीतर जितने भी अवैध डिवाइडर कट बने हैं, उन्हें खत्म किया जाएगा। इसके साथ ही भविष्य में अब दोबारा कोई इस तरह का काम ना करता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर भी थाने में दर्ज करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि एनएचआई की एक टीम अब लगातार ऐसे लोगों पर निगरानी भी रखेगी, जो कि हाईवे में अवैध काम करते है। एनएचएआई के मुताबिक हाईवे में अभी तक स्लीमनाबाद से धूमा के बीच 40 लोगों की जान गई हैं, जिसमें 6 लोगों ने अवैध डिवाइडर के चलते जान गंवाई है। 8 अगस्त को चेयरमैन लेंगे बैठक सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी के चेयरमैन इन दिनों मध्यप्रदेश के दौरे में है। अभी तक उन्होंने भोपाल,इंदौर सहित कई अन्य जिलों में जाकर हाईवे और सड़क की स्थिति देखी। 8 अगस्त को चेयरमैन जस्टिस अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार मे होगी। जिसमें कलेक्टर,एसपी सहित ट्रैफिक पुलिस, एनएचएआई, स्टेट हाईवे के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी की बैठक में भी अवैध डिवाइडर कट की समीक्षा की जाएगी। हाईवे पर अचानक नहीं लगा सकते ब्रेक…मानें जाएंगे दोषी, क्या बोली सुप्रीम कोर्ट रोड सेफ्टी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक अहम फैसला सुनाया है. इस फैसले में कोर्ट ने ये स्पष्ट किया कि हाईवे पर बिना चेतावनी अचानक वाहन रोकना लापरवाही माना जाएगा. कोर्ट ने ये टिप्पणी एक ऐसे मामले की सुनवाई के दौरान की जिसमें एक गंभीर सड़क हादसे में एक युवक का पैर काटना पड़ा. ये मामला साल 2017 में तमिलनाडु के कोयंबटूर से जुड़ा हुआ है. हाईवे पर अचानक ब्रेक बन सकता है बड़ा खतरा सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नेशनल हाईवे तेज स्पीड से सफर के लिए बनाए जाते हैं. ऐसे में अगर कोई ड्राइवर अचानक गाड़ी रोकता है और पीछे आने वाले वाहनों को संकेत नहीं देता है, तो ये न सिर्फ उसकी बल्कि दूसरों की जान को भी खतरे में डाल सकता है. कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के कई हाईवे पर शोल्डर या स्पीड … Read more

ट्रांसफार्मर चोरी की बड़ी साज़िश बेनकाब, दो आरोपी हिरासत में

अलवर जिले की राजगढ़ थाना पुलिस ने ट्रांसफार्मर चोरी के मामले में दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने राजगढ़ क्षेत्र के गांव बुचपुरी में लगे कृषि ट्रांसफार्मर को चोरी कर लिया था। इस संबंध में कनिष्ठ अभियंता द्वारा थाना राजगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने धारासिंह उर्फ पोला (निवासी ग्राम कलेशान) और प्रह्लाद उर्फ मोटा (निवासी ग्राम बबेली) को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी राजगढ़ थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पूछताछ में उन्होंने बुचपुरी, आंधवाड़ी, नांगल धरमु (थाना राजगढ़), निमला (थाना टहला), और बढियाल (थाना बेजूपाड़ा, जिला दौसा) सहित कई गांवों से ट्रांसफार्मर चोरी करने की बात कबूली है। पुलिस ने आरोपियों से बुचपुरी से चुराया गया ट्रांसफार्मर और एक संडासी बरामद कर ली है। फिलहाल दोनों से आगे की पूछताछ जारी है। पुलिस का प्रयास है कि अन्य गांवों से चोरी हुए ट्रांसफार्मर भी बरामद किए जा सकें। अब दोनों अपराधियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से उन्हें रिमांड पर लेकर अन्य वारदातों की भी जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस के अनुसार ये दोनों आरोपी अब तक करीब एक दर्जन गांवों से ट्रांसफार्मर चोरी कर चुके हैं।

खूंखार माफिया छोटू सिंह का अंत, STF एनकाउंटर में AK-47 समेत हुआ ढेर

प्रयागराज प्रयागराज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चार लाख रुपये शातिर अपराधी आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह निवासी जे सी मल्लिक रोड , धनबाद, झारखंड को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। अपराधी के कब्जे से पुलिस को एके 47 समेत भारी मात्रा में कारतूस और खोखे बरामद हुए हैं। घेराबंदी के दौरान अपराधी ने पुलिस पर एके 47 से हमला कर दिया। इसमें एसटीएफ टीम बाल-बाल बच गई। जवाबी कार्रवाई में शातिर बदमाश को मार गिराया गया।  एसटीएफ यूनिट प्रयागराज के तीन कर्मचारी व अधिकारी जेपी राय, प्रभंजन व रोहित सिंह एके 47 के हमले में बाल-बाल बच गए। जवाबी फायरिंग में एसटीएफ ने बदमाश को गोली मार दी। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मारा गया बदमाश कई मामलों में वांछित था और उसके ऊपर पुलिस ने चार लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। उसके कब्जे से पुलिस ने एके-47, नाइन एमएम पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस का खोखा के साथ ही एक बाइक बरामद किया है।  झारखंड का रहने वाला है बदमाश शंकरगढ़ क्षेत्र में गुरुवार को एसटीएफ प्रयागराज यूनिट और एक कुख्यात अपराधी के बीच हुई मुठभेड़ में 4 लाख रुपये का इनामी बदमाश आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह निवासी जे सी मल्लिक रोड , धनबाद, झारखंड मारा गया। बिहार और झारखंड से जुड़ा यह अपराधी कई संगीन मामलों में वांछित था। वह अंतरराज्यीय गैंग से जुड़ा था और पुलिस को लंबे समय से इसकी तलाश थी। एसटीएफ प्रयागराज को इनपुट मिला था कि यह वांछित अपराधी शंकरगढ़ क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम में शामिल अधिकारी जेपी राय, प्रभंजन और रोहित सिंह ने जब उसे पकड़ने की कोशिश की, तो अपराधी ने एके-47 राइफल से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले में एसटीएफ के सभी सदस्य बाल-बाल बच गए।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की। कुछ ही देर चली मुठभेड़ में अपराधी को गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने उसे तत्कालत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शंकरगढ़ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।  

भूकंप से हिली धरती: राजस्थान और मध्यप्रदेश में दहशत का माहौल

मंदसौर मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के पिपलियामंडी और मल्हारगढ़ क्षेत्र में गुरुवार सुबह 10:07 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। यह झटके बेहद हल्के थे, लेकिन स्थानीय लोगों को कुछ सेकंड तक जमीन कांपती महसूस हुई। इससे कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। भूकंप की तीव्रता 3.9 मैग्नीट्यूड बताई जा रही है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार इसका केंद्र राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था। आसपास के गांवों जैसे कनघट्टी, अमरपुरा और रेवास-देवड़ा में भी झटके महसूस किए गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अचानक दरवाजे और खिड़कियां हिलने लगीं। कुछ लोगों को लगा कि भारी वाहन निकला होगा, लेकिन कुछ ही पलों में महसूस हुआ कि यह भूकंप है। ग्रामीण इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए। राजस्थान के प्रतापगढ़ शहर के नई आबादी, सदर बाजार, एरियापति, वाटर वर्क्स, बड़ा बाग कॉलोनी और मानपुर जैसे क्षेत्रों में भी झटके महसूस किए गए। यह वही क्षेत्र है जहां भूकंप का केंद्र था। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की। स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन सतर्क रहने की सलाह दी गई है। गौरतलब है कि इससे पहले मंदसौर जिले में लगभग 2000 में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।

सरकारी बस सेवा का विस्तार, सीधे जुड़ेंगे करोड़ों लोग हर इलाके से

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार एक नई परिवहन कंपनी  बनाने जा रही है। यह राज्य भर में चलने वाली सभी प्राइवेट बसों के संचालन पर निगरानी रखेगी। यह कंपनी प्रदेश में पहले बंद हो चुके सड़क परिवहन निगम से पूरी तरह अलग होगी। साथ ही, पूरी तरह आधुनिक और व्यावसायिक दृष्टिकोण से काम करेगी। कंपनी न केवल शहरों में सिटी ट्रांसपोर्ट का संचालन करेगी, बल्कि उपनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी बस सेवाएं उपलब्ध कराएगी। प्रदेश के प्रमुख शहर जैसे भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा और सागर में पहले से ही अलग-अलग सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनियां कार्यरत हैं। भोपाल में बीसीएलएल (BCLL) और इंदौर में एआईसीटीएल (AICTSL) जैसे मॉडल को अब नई राज्य स्तरीय कंपनी के तहत लाया जाएगा। यह कंपनी इन सभी का संचालन करेगी।   गांवों तक पहुंचेंगी बसें इस कंपनी का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब बस सेवाएं केवल शहरों या उनके आसपास के उपनगरों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि ये सेवाएं दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंचेगी। अभी ग्रामीण बस सेवाओं के लिए कोई व्यवस्थित प्रणाली नहीं है, लेकिन नई कंपनी इन क्षेत्रों में भी बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुनिश्चित करेगी। हर बस पर होगा कंपनी का नियंत्रण इस नई परिवहन कंपनी के पास राज्य में संचालित सभी प्राइवेट बसों के रूट, किराया, परमिट और सेवा की गुणवत्ता तय करने का अधिकार होगा। वर्तमान में बसों के परमिट सीधे आरटीओ के माध्यम से जारी किए जाते हैं, लेकिन अब ये परमिट राज्य स्तरीय कंपनी के नाम पर होंगे। इसके बाद कंपनी अपने नियमों और शर्तों के अनुसार ऑपरेटर को परमिट ट्रांसफर करेगी। मध्य प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचेगी सरकारी बसें… नई परिवहन कंपनी की स्थापना: मध्य प्रदेश सरकार एक नई राज्य स्तरीय परिवहन कंपनी बनाएगी, जो राज्य में सभी प्राइवेट बसों के संचालन पर निगरानी रखेगी। ग्रामीण क्षेत्रों तक बस सेवाएं: यह कंपनी अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बस सेवाएं उपलब्ध कराएगी। कंपनी का नियंत्रण: राज्य स्तरीय कंपनी के पास रूट, किराया, परमिट और सेवा की गुणवत्ता तय करने का अधिकार होगा, और परमिट कंपनी के नाम पर जारी किए जाएंगे। यात्रियों की सुरक्षा: बसों की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक कंट्रोल विंग बनाया जाएगा, जिसमें अनुभवी इंजीनियर शामिल होंगे। बिजली कंपनी जैसे ढांचे में काम: यह परिवहन कंपनी मप्र पॉवर मैनेजमेंट कंपनी की तरह सभी ट्रांसपोर्ट एजेंसियों की निगरानी और संचालन करेगी। यात्रियों की सुरक्षा का रखेगी खयाल बसों की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक कंट्रोल विंग बनाया जाएगा। इसमें ऑटोमोबाइल क्षेत्र के अनुभवी इंजीनियर शामिल होंगे। यह टीम बसों की नियमित जांच, सेवा मानकों की निगरानी और शिकायतों के निवारण का कार्य करेगी। बिजली कंपनी की तरह होगा ढांचा नई परिवहन कंपनी का ढांचा भी मप्र पॉवर मैनेजमेंट कंपनी की तरह होगा, जो राज्य की सभी बिजली कंपनियों की होल्डिंग कंपनी है। इसी तरह यह परिवहन कंपनी सभी ट्रांसपोर्ट एजेंसियों की निगरानी और संचालन करेगी। गांव से शहर तक का सफर होगा आरामदायक मध्य प्रदेश सरकार का यह कदम राज्य के परिवहन ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना न केवल शहरी क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को बेहतर करेगी, बल्कि यह ग्रामीण इलाकों में भी एक मजबूत सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की स्थापना करेगी। नई परिवहन कंपनी के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि प्रदेश के हर नागरिक को सुरक्षित, आरामदायक और किफायती परिवहन सेवाएं मिल सकें।

प्रदीप मिश्रा की कथा से लौट रहे भक्तों की गाड़ी का एक्सीडेंट, खड़े ट्रक से भिड़ंत में एक की मौत

इंदौर गुरुवार अलसुबह इंदौर के कनाड़िया बायपास पर एक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई, जबकि लगभग 14 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  इंदौर शहर के बिचौली मर्दाना क्षेत्र में रात करीब साढ़े तीन बजे ओवरब्रिज पर एक तूफान गाड़ी खड़े हुए ट्रक से टकरा गई। हादसे में तूफान गाड़ी में सवार 13 में से एक व्यक्ति की मौत हो गई और 11 लोग घायल हो गए। इनमें से एक को कोई चोट नहीं लगी है। सभी घायलों को इलाज के लिए एमवायएच अस्पताल में भर्ती किया गया है। जानकारी के मुताबिक ये सभी खरगोन जिले के निवासी हैं, जो कुबरेश्वर धाम से लौट रहे थे। ऐसे हुआ हादसा एक ट्रक टायर फटने की वजह से ओवर ब्रिज पर खड़ा हुआ था। देर रात कुबरेश्वर धाम से लौट रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी का ड्राइवर ओवर ब्रिज पर ट्रक को देखकर रुक नहीं पाया। गाड़ी ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। मौके पर ही मंटू पिता मुन्नालाल वर्मा निवासी इंदिरा नगर, खरगोन की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने की मदद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां से गुजर रहे लोगों ने तत्काल पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से वाहन में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया। पुलिस के मुताबिक, दो घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार चल रहा है। वह बीकॉम पीजी कॉलेज का छात्र था और पार्ट टाइम सब्जी का ठेला भी लगाता था। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाकर रास्ते को चालू करवाया। पुलिस ने ट्रक चालक को भी पकड़ लिया है। हादसे में घायल हुए लोगों के नाम     कीर्ति पति संतोष उम्र 35 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     संदीप पिता अमर सिंह उम्र 34 साल निवासी जैत पुर खरगोन     गौरव पिता बद्रीलाल उम्र 45 साल निवास इंदिरा नगर खरगोन     संतोष पिता मोतीलाल उम्र 39 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     मोहन पिता सखाराम उम्र 58 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     वासुबाई पति आनंद राम उम्र 60 साल निवासी संजय नगर खरगोन     विमलाबाई पति शंभू सिंह उम्र 60 साल निवासी इंदिरा नगर खरगोन     मनु वर्मा पति कक्का उम्र 45 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     विमला बाई पति सुरेश उम्र 40 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     भगवती बाई पति बंसीलाल उम्र 40 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     कंचन पति कर्मा उम्र 42 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन  

समग्र विकास का मंत्र: मुख्यमंत्री ने आदि कर्मयोगी बैठक में आदिवासी ग्रामों में जनसहयोग बढ़ाने पर दिया जोर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्देशित किया कि आदि कर्मयोगी अभियान के माध्यम से आदिवासी बाहुल्य ग्रामों का समग्र विकास जनभागीदारी के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान के तहत पूरे देश में आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में 20 लाख स्वयंसेवकों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य में छत्तीसगढ़ राज्य की भागीदारी सक्रिय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1,32,400 वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे जनभागीदारी और जनजागरूकता के माध्यम से समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाना है। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए कि युवाओं को वॉलंटियर्स के रूप में रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य गांवों में बुनियादी अधोसंरचना और सुविधाओं में जो भी ‘क्रिटिकल गैप’ शेष हैं, उनकी पहचान की जाए और आगामी 2 अक्टूबर 2025 को ग्राम सभाओं में इस पर विशेष चर्चा की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इन कमियों को दूर करने के लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आवश्यक ठोस कदम उठाए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि हर ग्राम बुनियादी सुविधाओं से संतृप्त हो। बैठक में आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत ग्रामों में ‘आदि सेवा केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे, जो न केवल मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता में सहायक होंगे, बल्कि योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सतत क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में धरती आबा और पीएम-जनमन जैसे संतृप्तिमूलक अभियानों की भी शुरुआत की गई है, जिनके अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य ग्रामों एवं पीवीटीजी बस्तियों में आवास, पक्की सड़कें, जलापूर्ति, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 से 28 जुलाई 2025 के मध्य सम्पन्न किया जा चुका है तथा जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स की सूची भारत सरकार को प्रेषित की जा चुकी है। आगामी गतिविधियों में जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण सहित अन्य कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिन्हें शीघ्र क्रियान्वित किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, आदिम जाति कल्याण विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

देशभर से आए विशेषज्ञ निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री और कार्यों के नए मानकों की दे रहे जानकारी

रायपुर : गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्रियों के चयन के लिए मानकों की जानकारी जरूरी – अरुण साव पीडब्लूडी के अभियंताओं के लिए बीआईएस द्वारा आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री देशभर से आए विशेषज्ञ निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री और कार्यों के नए मानकों की दे रहे जानकारी रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव आज भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के लिए आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए। भारतीय मानक ब्यूरो के रायपुर कार्यालय द्वारा रायपुर के नवीन विश्राम भवन में 6 अगस्त और 7 अगस्त को दो दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। देशभर से आए विषय विशेषज्ञ कार्यक्रम में अभियंताओं को अलग-अलग तरह के निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्रियों और कार्यों के नए मानकों की जानकारी दे रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के विभिन्न जिलों के अभियंता इसमें हिस्सा ले रहे हैं जिनमें अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और सहायक अभियंता शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम में कहा कि लगातार बदल रही तकनीकों, जरूरतों और अनुसंधानों के बीच नए मानकों और नवाचारों से अपडेट रहना जरूरी है। एक इंजीनियर के रूप में सम-सामयिक तकनीकी पहलुओं और उनके नवीन मापदंडों की जानकारी आवश्यक है। अलग-अलग तरह के निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने में इनकी अच्छी जानकारी काफी मददगार होती है। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो को क्षमता निर्माण कार्यक्रम के आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे हमारे अभियंताओं की दक्षता और क्षमता बढ़ेगी। उप मुख्यमंत्री साव ने अभियंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि निर्माण उद्योग में अलग-अलग कंपनियों और आपूर्तिकर्ताओं की भिन्न-भिन्न गुणवत्ता और कीमत वाली सामग्री मौजूद हैं। गुणवत्ता और मानकों की अच्छी जानकारी रहने से आप सही सामग्रियों का चयन कर सकते हैं। आपके पर्यवेक्षण (Supervision) में हो रहे कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आपकी है। इसके लिए निर्माण कार्यों में मानकों के अनुरूप प्रमाणित सामग्रियों का उपयोग करें। साव ने दो दिनों तक चलने वाले इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम का पूरा लाभ लेते हुए अपनी जानकारियों को अपडेट करने को कहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को कार्यस्थल पर प्रभावी कार्य संपादन में सहायता मिलेगी।  लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी ने कहा कि देश-दुनिया में प्रचलित मानकों और मापदंडों से विभाग के अभियंताओं को अवगत कराने भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि हर अभियंता को मानकों की पूरी जानकारी रखने के साथ ही फील्ड में इनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना चाहिए। उन्होंने मानकों और मापदंडों का पालन कर राज्य में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने को कहा। भारतीय मानक ब्यूरो के क्षेत्रीय निदेशक सुमन कुमार गुप्ता और वैज्ञानिक श्रीमती मधुरिमा माधव ने भी प्रतिभागी अभियंताओं को संबोधित किया। भारतीय मानक ब्यूरो के रायपुर कार्यालय के संयुक्त निदेशक फालेन्द्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।  सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्यों तथा सामग्रियों के मानकों की दी जा रही जानकारी भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को अलग-अलग सत्रों में सिविल और इलेक्ट्किल कार्यों के मानकों की जानकारी दे रहे हैं। सिविल कार्यों में रिसोर्स पर्सन के रूप में भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ डी.एस. धपोला, डॉ. आदित्य प्रताप सान्याल, डॉ. आर.पी. देवांगन, डॉ. प्रवीण निगम और डॉ. ललित कुमार गुप्ता नए मानकों और मापदंडों की जानकारी दे रहे हैं। वहीं इलेक्ट्रिकल कार्यों में सर्वबाबुल चक्रवर्ती, उमा शंकर, सुहासकृष्णन के.वी. और सुभावना कस्तुरिया मानकों की जानकारी दे रहे हैं।

वन्यजीव संरक्षण के लिए सक्रिय पहल जरूरी: वनमंत्री कश्यप ने अधिकारियों को दिए निर्देश

रायपुर : वनमंत्री कश्यप ने वन्यप्राणी के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष बल देने निर्देशित किया वनमंत्री कश्यप ने वन्यप्राणी के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष बल देने निर्देशित किया वन विभाग के कार्ययोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की ईको टूरिज्म में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ें बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र को बढ़ाने के दिए निर्देश ई-ऑक्शन की सराहना की रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित अरण्य भवन में विभागीय काम-काज की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मोदी की गारंटी के तहत वनोपज खरीदी दर और बोनस की राशि का भुगतान के साथ ही देवगुड़ियों के संरक्षण, लेमरू हाथी रिजर्व से जुड़े मुद्दे, प्रोजेक्ट बघवा, किसान वृक्ष मित्र योजना और मानव पशु द्वंद से हुई जनहानि एवं कृषि उपज प्रभावित होने वाले किसानों को फसल क्षति कवर प्रदान करने प्राप्त आवेदनों का निराकरण कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का लगभग शत-प्रतिशत निराकरण कर दिया गया है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि ई-ऑक्शन के माध्यम से वनोपज एवं काष्ठों की नीलामी की जा रही है। अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा ने ई-ऑक्शन को राज्य में मिल रहे बेहतर प्रतिसाद की सराहना करते हुए अधिकरियों को बधाई दी। बैठक में मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि वर्षा ऋतु-2025 में ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ के तहत वन विभाग और वन विकास निगम द्वारा 2 करोड़ 17 लाख पौधे रोपित किए गए हैं। वन विकास निगम द्वारा 4 माइक्रो फारेस्ट (मियावाकी) स्थलों पर 26 हजार पौधों का रोपण किया गया है। अधिकारियों ने मंत्री कश्यप को बताया कि 10.34 हेक्टेयर भूमि में 5 माइक्रो फारेस्ट (मियावाकी वन) की स्थापना प्रस्तावित है।  मंत्री कश्यप ने वन विकास निगम के माध्यम से बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र को बढ़ाने के निर्देश अधिकरियों को दिए। उन्होंने माइक्रो फारेस्ट (मियावाकी) की स्थापना अर्बन क्षेत्रों में करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने वृक्षारोपण की प्रगति के संबंध में कहा कि वन विकास निगम के वर्किंग प्लान में वरिष्ठ अधिकारियों को रखे जाने से बेहतर परिणाम मिलेगा, जिससे मॉनिटरिंग अच्छे से होगी। उन्होंने कहा कि माइनिंग सहित सभी विभागों और शहरी क्षेत्रों में प्रमुखता से वृक्षारोपण किया जाए तथा टेक्निकल सपोर्ट के लिए नोडल अधिकारी बनाया जाए। वर्ष 2024-25 में 25 ईको टूरिज्म केन्द्रों से 2 करोड़ 62 लाख रूपए से अधिक की आय हुई है। मंत्री कश्यप ने कहा कि ईको टूरिज्म से प्राप्त होने वाली आय का उपयोग महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी ईको टूरिज्म केन्द्रों में बेहतर सुविधाओं का विस्तार करें। अधिकारियों ने बताया कि 7 नवीन ईको टूरिज्म केन्द्रों की स्थापना प्रस्तावित है, जिसका इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। बैठक में अधिकारियों ने मंत्री कश्यप को कैंपा मद से संचालित कार्यों की अद्यतन स्थिति और वन अधिकार पत्रधारी के नामांतरण और बटवारे की जानकारी से भी अवगत कराया।  मंत्री कश्यप ने वन्यप्राणी संरक्षण, बाघ संरक्षण, अचानकमार्ग टायगर रिजर्व के ग्रामों के विस्थापन के प्रगति की समीक्षा की। लेमरू हाथी रिजर्व का विकास, तमोर पिंगला, सेमरसोत और बादखोल अभ्यारण्य में वन्यप्राणी संरक्षण और वन्य प्राणी से होने वाले जनहानि, फसल क्षति की भी विस्तृत समीक्षा की। राज्य वन एवं अनुसंधान संस्थान द्वारा एक वर्ष में कराए गए अनुसंधान कार्यों और उनकी गुणवत्ता की समीक्षा की। खदान प्रभावित क्षेत्रों में वन्यप्राणी संरक्षण की योजना और वृक्षारोपण कार्य की जानकारी ली और आगामी वर्ष के लिए की जाने वाली कार्ययोजना बनाने निर्देशित किया। उन्होंने वर्ष 2025-26 में तेन्दूपत्ता संग्रहण, चरणपादुका क्रय और वितरण, प्रधानमंत्री जनमन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन वनधन विकास केन्द्र, राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना, छात्र वृत्ति योजना की बिन्दुवार विस्तृत समीक्षा की। वन मंत्री कश्यप ने राजस्व में वृद्धि लाने के लिए सीमावर्ती राज्यों जैसे – महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्यप्रदेश राज्यों की प्रक्रिया का अध्ययन व आंकलन कर कार्ययोजना बनाने हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए। मंत्री कश्यप ने कहा कि माइक्रो फारेस्ट के विस्तार के लिए ज्यादा से ज्यादा जनप्रतिनिधियों का सहयोग लें। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से वनवासियों द्वारा कार्यालय में प्राप्त आवेदन का तत्परता से निराकरण करें। इसी प्रकार विभागीय रिक्त पदों पर भर्ती जैसे सभी कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।  अधिकारियों ने बताया कि वन प्रबंधन समिति के खाते में मार्च 2025 की स्थिति में 133 करोड़ 27 लाख रूपए से अधिक की लाभांश राशि उपलब्ध है। चक्रीय निधि में उपलब्ध राशि 116 करोड़ 65 लाख रूपए से अधिक की राशि है, जिसका उपयोग चक्रीय निधि से कराए जाने वाले कार्य जैसे – मछलीपालन, कोसा पालन, मधुमक्खी पालन, बतख पालन, मशरूम उत्पादन, महुआ लड्डू, लेमन ग्रास, दोना-पत्तल निर्माण, इमली प्रसंस्करण, डेयरी विकास, किराना दुकान, केन्टीन संचालन, ईको टूरिज्म संचालन हेतु वाहन क्रय आदि कार्यों के लिए 4 प्रतिशत वाार्षिक ब्याज पर ऋण प्रदान किया जाता है। इसके लिए प्रदेश में मुहिम चलाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्व-रोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए। मंत्री कश्यप ने राजस्व प्राप्ति को बढ़ाने के लिए अन्य राज्यों का अध्ययन कर योजना बनाने के निर्देश दिए। निस्तारी वनोपज एवं पंजीकृत बंसोड़ों को बांस प्रदाय करना सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें जीविकोपार्जन का साधन मिल सके। उन्होंने संबंधितों को निर्देश दिए कि वनों की अवैध कटाई, परिवहन पर कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। कश्यप ने कहा कि वन विभाग के खाताधारी हितग्राहियों को सीधे उनके खाते में ई-कुबेर के माध्यम से भुगतान करना सुनिश्चित करें।  अधिकारियों ने बताया कि हितग्राहियों को वर्ष 2024-25 में ई-कुबेर के माध्यम से 1400 करोड़ रूपए का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में किया गया है और वर्ष 2025-26 में 300 करोड़ रूपए का भुगतान हितग्राहियों को ई-कुबेर के माध्यम से किया गया है। मंत्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एनटीपीएस के माध्यम से टीपी जारी करना सुनिश्चित करें। बिना टीपी के कोई भी वाहन वनोपज का परिवहन करते पाये जाने पर कठोर कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।  बैठक में वन क्षेत्रों में औषधीय पौधों के रोपण, नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत जनजातीय समूह के सामाजिक आर्थिक कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से औषधीय पौध रोपण एवं आजीविका के अवसर को बढ़ाने, परंपरागत वैद्यों के प्रशिक्षण और विकास, … Read more

बीजापुर में बड़ी कामयाबी: ₹24 लाख के इनामी माओवादी सहित 9 ने छोड़ा हिंसा का रास्ता

रायपुर : छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ी सफलता: बीजापुर में ₹24 लाख के इनामी सहित 9 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन को बढ़त, बीजापुर में ₹24 लाख के इनामी समेत 9 माओवादी सरेंडर बीजापुर में बड़ी कामयाबी: ₹24 लाख के इनामी माओवादी सहित 9 ने छोड़ा हिंसा का रास्ता छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर सफलता, बीजापुर में 9 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा – नक्सलवाद अब अंतिम साँसें गिन रहा है, 31 मार्च 2026 तक पूर्ण समाप्ति के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार रायपुर छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। बीजापुर जिले में ₹24 लाख के इनामी समेत कुल 9 माओवादियों ने आज आत्मसमर्पण किया है, वहीं एक अन्य घटनाक्रम में एक माओवादी मुठभेड़ के दौरान न्यूट्रलाइज़ किया गया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  कहा कि यह बदलते बस्तर की तस्वीर है जहाँ बंदूकें झुक रही हैं और विकास की आवाज़ बुलंद हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक केंद्रीय गृह मंत्री के पद पर सेवा देने वाले श्री अमित शाह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह  का कार्यकाल भारत की आंतरिक सुरक्षा का वह युग है जिसने असंभव को संभव बना दिया है। अनुच्छेद 370 की ऐतिहासिक समाप्ति हो या नक्सलवाद एवं आतंकवाद पर कठोर प्रहार का निर्णय – उन्होंने सदैव भारत को एक सुरक्षित, सशक्त और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाया है।  छत्तीसगढ़ में दिसंबर 2023 से अब तक लगभग 450 माओवादी न्यूट्रलाइज़ किए जा चुके हैं, 1579 माओवादी गिरफ्तार हुए हैं, और लगभग 1589 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह आँकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की मंशा के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक राज्य से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।  मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के पुनर्वास की प्रक्रिया को तेज़ी से लागू करने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस सफलता के लिए सुरक्षाबलों, खुफिया एजेंसियों और प्रशासनिक अमले को बधाई दी है और कहा है कि बस्तर अब अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ चुका है। विकास ही अब उसकी पहचान बनेगा।