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रफ्तार बनी काल: थार की टक्कर से महिला की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल

पटना रोहतास जिले के काराकाट थाना क्षेत्र अंतर्गत जमुआं पेट्रोल पंप के पास रविवार को एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहन ने सड़क किनारे खड़े चार लोगों को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक 3 वर्षीय बच्ची समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृत महिला की पहचान इंदू देवी पत्नी हृदयानंद पंडित के रूप में की गई है। घायलों में मोहम्मद सलीमुद्दीन, मोहम्मद सलीम और पवन शामिल हैं। यह भीषण हादसा पास के पेट्रोल पंप में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक महिला सड़क के काफी किनारे चल रही थी, जबकि तीन अन्य लोग पेट्रोल पंप के पास स्कूटी खड़ी कर आराम कर रहे थे। तभी तेज गति से आई थार ने सभी को कुचल दिया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने बिक्रमगंज-डेहरी मुख्य मार्ग को घंटों जाम कर दिया। इससे पहले उन्होंने थार के चालक और उसके साथ सवार दो अन्य लोगों को पकड़कर जमकर पिटाई की और फिर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि तीनों नशे की हालत में थे। सूचना मिलते ही काराकाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि जाम हटाने और प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत कराने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद लोग शांत हुए।

डिजिटल MP की ओर कदम: DL और रजिस्ट्रेशन कार्ड अब मिलेंगे नई टेक्नोलॉजी के साथ

भोपाल  मध्यप्रदेश परिवहन विभाग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दिसंबर महीने से विभाग के द्वारा वाहनों के लिए कॉन्टैक्ट-लेस डिजिटल रजिस्ट्रेशन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनेंगे। आरसी और लाइसेंस को आप सीधा अपने स्मार्टफोन से इसका पूरा डेटा देख सकेंगे। वर्तमान में आरसी कार्ड को रीड करने के लिए पीओएस या दूसरी मशीनों की जरूरत पड़ती है। दिसंबर से मिलेंगे डिजिटली डीएल और रजिस्ट्रेशन साल 2024 के सितंबर महीने में ही स्मार्ट कार्ड बनाकर देने वाली कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन कार्ड को पीडीएफ में भेजा जा रहा था। अब लोगों को दिसंबर से नई तकनीक वाले डिजिटल स्मार्ट कार्ड बनाकर दिए जाएंगे। 200 रुपए से कम होगी फीस कॉन्टैक्ट-लेस कार्ड बनवाने के लिए 200 रुपए से कम फीस ली जाएगी। अगर किसी व्यक्ति के पास पुराना कार्ड है और वह नया कार्ड बनवाना चाहते हैं तो उन्हें आरटीओ ऑफिस में जाकर आवेदन करना होगा। कॉन्टैक्ट-लेस कार्ड से क्या होगा फायदा कॉन्टैक्ट-लेस कार्ड होने के कारण इसे स्मार्टफोन से रीड किया जा सकेगा। जिसके जरिए फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा। कार्ड डिस्पैच होने के बाद इसकी ट्रैकिंग की जा सकेगी। जिसकी जानकारी मैसेज के जरिए प्राप्त होगी। लाइसेंस प्रिंट होने के बाद सीधा आवेदक के घर पहुंचेगा। 

‘आपके भूलने से क्या होगा?’ – गहलोत के बयान पर राठौड़ ने कसा तंज, पायलट का किया जिक्र

जयपुर राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी की लहरें लगातार उठती रहती हैं। अब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा मानेसर प्रकरण को भूलने की बात पकड़ी है। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि गहलोत भूलने की बात कर रहे हैं लेकिन उनके भूलने से क्या फर्क पड़ेगा, जब सचिन पायलट को वह सब कुछ आज भी याद है। राठौड़ ने कहा कि पायलट जब भी उस वक्त को याद करेंगे जब उन्हें नाकारा, निकम्मा कहा गया था, तो उनके मन में गुस्सा और निराशा ही आएगी। उन्होंने कहा कि गहलोत जैसे सीनियर और समझदार नेता को ऐसे हल्के शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए था। अगर गहलोत वाकई में भूलना चाहते हैं तो उन्हें चाहिए कि वे पायलट से कहें कि भूल जा भाई, मुझसे गलती हुई। भाजपा नेता ने कांग्रेस की आंतरिक कलह को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस गुटबाजी के कारण कांग्रेस एक मजबूत विपक्ष की भूमिका भी नहीं निभा पा रही है। लोकतंत्र में मजबूत सरकार के साथ-साथ एक मजबूत विपक्ष भी जरूरी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गहलोत भूल सकते हैं, पर फर्क तभी पड़ेगा जब पायलट भी भूलने को तैयार हों। उन्होंने कहा कि गहलोत कभी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे, उन्होंने जो जहर घोला है, वो अपना असर दिखाएगा।

दिल्ली में बढ़ा अपराध: कांग्रेस सांसद की सुबह-सुबह चेन लूटी, FIR दर्ज

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में अब नेता भी सुरक्षित नहीं दिख रहे। कांग्रेस सांसद सुधा रामकृष्णन की आज सुबह दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में चेन छीन ली गई। सांसद तमिलनाडु भवन में रहती हैं। दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। ये घटना तब हुई जब सुधा रामकृष्णन सोमवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर गई थीं। इस दौरान बदमाश आए और उनकी चेन छीन फरार हो गए। तमिलनाडु के मयिलादुथुराई से सांसद रामकृष्णन ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब वह अपनी साथी सांसद डीएमके की रजती के साथ चाणक्यपुरी के पोलिश दूतावास के पास टहल रही थीं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना के बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भी लिखा है। उन्होंने इसमें बताया कि स्कूटर पर सवार एक शख्स ने उनकी चेन छीन ली। उसने हेलमेत से अपना चेहरा छिपाया हुआ था। उन्होंने बताया कि घटना सुबह लगभग 6 बजकर 15 मिनट के आसपास की है। बदमाश विपरीत दिशा से उनके पास आया और सोने की चेन छीनकर फरार हो गया। गर्दन पर चोट, कपड़े भी फट गए उन्होंने बताया कि बदमाश काफी धीमे-धीमे उनकी तरफ आ रहा था, इसलिए वह अंदाजा भी नहीं लगा पाईं कि वो कुछ ऐसा करने वाला है। इस घटना में उनकी गर्दन पर चोट आई है और उनका चूड़ीदार भी फट गया।

भारी बारिश से तबाही: 46 जिलों में अलर्ट, अब तक 9 मौतें, कई शहरों में स्कूल बंद

 लखनऊ यूपी में मानूसन पूरी तरह से सक्रिय है। प्रदेश में नदियों से सटे हुए 17 जिलों में बारिश का कहर है। रविवार को अलग-अलग जिलों में बारिश की वजह से नौ मौतें हुईं। सोमवार की सुबह सीतापुर जिले में दीवार गिरने से दो किशोरियों की मौत हो गई। यह संख्या जोड़ लें तो 24 घंटे में प्रदेश में बारिश से 11 मौतें हो गई है। भारी बारिश को देखते हुए राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के कई स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वे लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों और राहत विभाग को जरूरी दिशा-निर्देश दे रहे हैं, ताकि राहत कार्यों में कोई कमी न रहे। टीम-11 में शामिल मंत्रियों ने भी बाढ़ प्रभावित जिलों का रविवार को निरीक्षण किया। वर्तमान में प्रदेश के 17 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों की 37 तहसीलें और 402 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, आगरा, औरैया, चित्रकूट, बलिया, बांदा, गाज़ीपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, जालौन, कानपुर देहात, हमीरपुर, इटावा और फतेहपुर शामिल हैं। इन सभी जिलों में राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। वहीं एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी के जवान चौबीसो घंटे पेट्रोलिंग कर रहे हैं। राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि 17 जिलों में कुल 84392 लोग प्रभावित हैं, जिनमें से 47906 लोगों को राहत सामग्री दी गई है। बाढ़ की वजह से 2759 मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। बाढ़ की चपेट में आने से अब तक 343 लोगों के मकानों को नुकसान पहुंचा है। इनमें से 327 लोगों को सहायता राशि मिल चुकी है। प्रदेश में 4015 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल बाढ़ की चपेट में आया है। इन प्रभावित क्षेत्रों में 493 नावों और मोटरबोट की सहायता से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। इन इलाकों में अब तक 6536 खाद्यान्न पैकेट और 76632 लंच पैकेट बांटे गए हैं। 29 लंगरों के जरिये पीड़ितों को भोजन की सुविधा दी जा रही है।    ये मंत्री बाढ़ प्रभावित इलाकों में करेंगे रात्रि विश्राम – नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’- प्रयागराज, मिर्जापुर व बांदा – स्वतंत्र देव सिंह और संजय गंगवार- जालौन – स्वतंत्र देव सिंह और प्रतिभा शुक्ला- औरैया – रामकेश निषाद- हमीरपुर – जयवीर सिंह- आगरा – सुरेश खन्ना- वाराणसी – संजय निषाद- कानपुर देहात – धर्मवीर प्रजापति- इटावा – अजीत पाल-फतेहपुर – दयाशंकर ''दयालु''- बलिया आज 46 जिलों में बारिश का अलर्ट यूपी में मानसून पूरी तरह से प्रभावी है। आज के लिए प्रदेश के तराई और आगरा मंडल के 15 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 31 अन्य जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है और 64 जिलों में गरज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसूनी ट्रफ लाइन अभी भी प्रदेश के तराई इलाकों की ओर है। आज तराई व आगरा क्षेत्र में भारी बारिश के आसार हैं। कल रविवार को तराई, पूर्वांचल समेत विभिन्न इलाकों में अच्छी बारिश देखने को मिली। तराई के कई जिलों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। लखीमपुर खीरी और भदोही में सर्वाधिक 120 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं चित्रकूट और प्रतापगढ़ में 110 मिमी, अलीगढ़ में 100 मिमी, वाराणसी, बलिया, प्रयागराज, मिर्जापुर में 90 मिमी बारिश हुई। रविवार की देर शाम गोंडा, बहराइच, सीतापुर, बाराबंकी में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हुई। यहां है भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, मथुरा, हाथरस, आगरा, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में।   यहां है भारी बारिश का यलो अलर्ट संतकबीरनगर, बस्ती, महाराजगंज, हरदोई, फरुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, जालौन व आसपास के इलाकों में।   लखनऊ सहित कई जिलों में अवकाश लखनऊ में रविवार से हो रही भारी बारिश के चलते एक से लेकर 12वीं तक के सभी बोर्ड के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश पांडेय के द्वारा यह अवकाश घोषित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जो बच्चे स्कूल के लिए रवाना कर दिए गए हैं उन्हें वापस बुला लिया जाए। आदेश के देर से आने से कई स्कूलों के बच्चे रवाना हो गए थे। मालूम हो कि लखनऊ में बारिश रविवार से लगातार हो रही थी। अन्य जिलों में भी अवकाश घोषित लखनऊ के अलावा रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, बहराइच और अंबेडकर नगर में भी अवकाश घोषित किया गया है। डीएम के द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। 

मॉनसूनी त्रासदी से बेहाल MP: जनहानि बढ़ी, राहत शिविरों में गुज़र रहा है लोगों का जीवन

भोपाल मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर फिलहाल थमा हुआ है लेकिन बीते करीब 40 दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुई तेज़ बारिश के डराने वाले आंकड़े सामने आए हैं. प्रदेश सरकार ने बताया है कि मॉनसून के इस सीज़न में अबतक 252 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 432 पशु भी बारिश के मौसम में मारे जा चुके हैं जबकि 3600 से ज्यादा लोगों को अब तक रेस्क्यू किया जा चुका है. दरअसल, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बीते दिनों प्रदेश में हुई अतिवृष्टि और बाढ़ की वजह से बने हालातों और राहत एवं बचाव के संबंध में जिला कलेक्टरों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक की थी, जिसमें मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश के अतिवृष्टि वाले जिलों में अब तक 3628 नागरिकों को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया गया है. फिलहाल 53 राहत शिविरों में 3065 प्रभावित लोगों को रखकर उन्हें सभी प्रकार की जरूरी मदद जैसे खाना-पीना, दवाइयां, कपड़े आदि मुहैया कराए जा रहे हैं. अब तक 28.49 करोड़ रुपए राहत राशि वितरित बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अफसरों को निर्देश दिए कि अतिवृष्टि या बाढ़ प्रभावितों को कोई भी कठिनाई न आने पाये और जल्द ही सर्वे पूरा कर पीड़ितों को उनके नुकसान की समुचित भरपाई की जाए. बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अतिवृष्टि वाले जिलों के कलेक्टर द्वारा अब तक 28.49 करोड़ रुपए राहत राशि वितरित की जा चुकी है. शासन द्वारा लगभग 3600 करोड़ रुपए की व्यवस्था राहत मदद में की गई है. सीएम मोहन यादव ने बताया कि भारी बारिश को देखते हुए NDRF की टीमों को भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और धार में तैनात किया गया है जबकि SDRF को प्रदेश भर में संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया. 252 लोगों की हुई मौत प्रदेश सरकार के मुताबिक, मॉनसून के सीजन में अबतक 252 लोगों की मौत हुई है. इनमें से भारी बारिश से 47, नदी-नाले में दुर्घटनावश डूबने से 132, आकाशीय बिजली से 60 और दीवार/मकान/पेड़ गिरने से 13 लोगों की मृत्यु दर्ज हुई है. इसके अलावा साथ ही 432 पशु हानि और 1200 मुर्गियां की मृत्यु हुई है. प्रदेश में तैनात बचाव और राहत दलों द्वारा 432 रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए गए हैं, जिसमें 3628 नागरिकों और 94 मवेशियों को जीवित बचाया गया है. इसके अलावा बारिश से 128 मकानों को पूर्ण और 2333 मकानों को आंशिक क्षति हुई है. सामान्य से 59 फीसदी ज्यादा बारिश एमपी सरकार के मुताबिक, अब तक प्रदेश में 711.3 MM वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक है. प्रदेश के कुल 40 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है. इस अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के प्रभावित लगभग 254 ग्रामीण सड़कों क्षतिग्रस्त हुई हैं. 

आस्था पर हमला: चोरों ने जैन मंदिर से नकदी उड़ाई, CCTV बना गवाह

बांसवाड़ा जिले के घाटोल थाना क्षेत्र के घाटोल कस्बे में अज्ञात बदमाशों ने धार्मिक स्थल को निशाना बनाते हुए एक जैन मंदिर से दानपेटी चुरा ली। दानपेटी में रखी नकदी निकालने के बाद आरोपी उसे मंदिर परिसर के बाहर फेंककर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद जैन समाज में आक्रोश व्याप्त है। चोरी की यह वारदात भगवान श्री वासुपूज्य दिगंबर जैन बावनडेरी मंदिर में आज तड़के करीब 3:20 बजे हुई। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में चार संदिग्ध बदमाश कैद हुए हैं। वीडियो में दिख रहा है कि सभी युवक पेंट-शर्ट पहने हुए थे और उन्होंने अपने चेहरे कपड़े से ढंक रखे थे। पहले वे एक मकान के बाहर बैठे नजर आए और फिर वारदात के बाद मंदिर परिसर से बाहर जाते दिखाई दिए। घाटोल जैन समाज के वरिष्ठ सदस्य अजीत मुंगाणिया के अनुसार चारों बदमाश मंदिर में घुसे और वहां तैनात चौकीदार को लोहे के सरिए दिखाकर धमकाया। इसके बाद वे दानपेटी उठाकर ले गए, उसमें रखी नकदी निकालने के बाद उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद डरे-सहमे चौकीदार ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर घाटोल पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। जैन समाज के पदाधिकारियों द्वारा थाने में प्रकरण दर्ज करवाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।  

सड़क किनारे ट्रक ठीक कर रहे थे, NH-130 पर तेज रफ्तार कार ने रौंदा, दो की जान गई

कोरबा बांगो थाना अंतर्गत मोरगा चौकी के मदनपुर घाट एनएच 130 पर एक तेज रफ्तार कार ने दो लोगों अपनी चपेट में लिया। जहां दोनों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद एनएच रोड पर राहगीरों की भीड़ लग गई और वाहन की कतार लगना शुरू हो गई। इसकी सूचना तत्काल मोरगा चौकी पुलिस को दी गई। वहीं मौके पर 112 और एनएच रोड पर तैनात एंबुलेंस मौके पर पहुंची। जहां एक की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं दूसरे ने अस्पताल ले जाते समय दमतोड़ दिया। मोरगा चौकी पुलिस ने घटनास्थल पहुच जानकारी ली और आगे की कार्यवाही शुरू की बताया जा रहा है कि ट्रक मदनपुर घाट पर ब्रेकडाउन हालत में खड़ी हुई थी। जिसे वाहन का चालक और परिचालक दोनों सड़क किनारे खड़ा होकर बना रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कर क्रमांक सीजी 12 एलजी 7728 ने सामने से ठोकर मारते हुए दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। मोरगा चौकी प्रभारी मंगतूराम ने बताया कि मृतक की पहचान 42 वर्षीय मोहम्मद उस्मान उत्तर प्रदेश प्रतापगढ़ और दूसरा कृष्ण मुरारी पांडे 32 वर्षीय गढ़वा झारखंड गढ़वा निवासी है। जहां इस घटना के बाद उनके परिजनों को सूचना दे दी गई। वहीं इस हादसे के बाद कार को जब्त कर चालक के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

श्रावण समापन पर महाकाल के दरबार में आस्था का सागर, भस्म आरती में जुटे हजारों भक्त

उज्जैन श्रावण मास का अंतिम सोमवार… और श्री महाकालेश्वर की अलौकिक भस्म आरती। आज उज्जैन की प्राचीन नगरी फिर से हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठी । सुबह ब्रह्म मुहूर्त में जब महाकाल की भस्म आरती प्रारंभ हुई, तो मंदिर प्रांगण में एक अद्भुत, दिव्य वातावरण बन गया। हजारों श्रद्धालु, दूर-दराज से आए भक्त, होठों पर भोले का नाम, आँखों में भक्ति का नूर और दिल में एक ही कामना आज महाकाल की भस्म आरती का साक्षात् दर्शन हो जाए।आज श्रावण माह का चौथा और अंतिम सोमवार है। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में अब तक (अंतिम सोमवार) करीब 1 लाख श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। सोमवार तड़के ढाई बजे भस्म आरती के दौरान कपाट खोले गए। भगवान महाकाल को जल अर्पित कर भस्म रमाई गई। भस्म आरती के दौरान चलायमान दर्शन व्यवस्था में बिना परमिशन वाले भक्तों ने भी भस्म आरती में चलित दर्शन दर्शन किए। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर महाकाल के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। पंडित महेश पुजारी ने बताया कि श्रावण माह तपस्या का माह रहता है। महाकाल मंदिर में भगवान की दिनचर्या रोजाना की तरह रही। सुबह भगवान को भांग चंदन अर्पित किया गया। श्रावण माह में महाकाल मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्त जल अर्पित कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेकर उन्हें प्रसन्न करते हैं। शाम 4 बजे महाकाल भक्तों का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे। पालकी में श्री महाकालेश्वर श्री चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में, गजराज पर श्री मनमहेश रूप, गरुड रथ पर श्री शिव तांडव प्रतिमा, नंदी रथ पर श्री उमा-महेश जी स्वरूप में दर्शन देंगे। मंदिर के सभा मंडप में भगवान की पालकी का पूजन होगा। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी जाएगी। सवारी के साथ घुड़सवार पुलिस दल, सशस्त्र पुलिस बल, होमगार्ड के जवान, भजन मंडली, झांझ मंडली के सदस्य व पुलिस बैंड भी शामिल रहेंगे। इससे पहले श्रावण माह के पहले सोमवार पर 2.5 लाख, दूसरे पर 3 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। तीसरे सोमवार को 4 लाख लोग पहुंचे थे। महाकाल की आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा की जागृति है। जब भस्म से श्री महाकाल का श्रृंगार होता है, तो ऐसा प्रतीत होता है जैसे प्रकृति स्वयं शिव में लीन हो रही हो। भक्तों की भीड़ इतनी अधिक रही कि मंदिर प्रबंधन को अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी। ऑनलाइन दर्शन की सुविधा के साथ, मंदिर के विभिन्न हिस्सों में LED स्क्रीन पर भी आरती का सीधा प्रसारण किया गया। श्रद्धालुओं की भावनाएं बिहार से आए एक बुजुर्ग श्रद्धालु ने कहा — “20 सालों से ये आरती लाइव देख रहा था, लेकिन आज जीवन सफल हो गया जब साक्षात महाकाल को भस्म में लिपटे देखा।”  

अब हेलमेट पहनिए और इंदौर के दफ्तरों में पाइए सम्मान, नियम तोड़ने वालों को एंट्री नहीं

इंदौर हेलमेट नहीं पहनने वाले दोपहिया वाहन चालकों की सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने नो हेलमेट-नो पेट्रोल का आदेश एक अगस्त से लागू किया है। अब इसकी अगली कड़ी में शासकीय कार्यालयों में भी दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य किया जा रहा है। कलेक्टर आशीष सिंह ने शुक्रवार को सभी विभाग प्रमुखों को पत्र जारी कर अपने कार्यालयों में आने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों और अन्य दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य करने के लिए निर्देशित किया था। इसके बाद जिले के शासकीय कार्यालयों में भी हेलमेट अनिवार्य किया गया है। आज से शासकीय कार्यालयों में इसको प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। दोपहिया वाहनों से आने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। वहीं कार्यालय आने वाले आवेदकों को भी हेलमेट पहनने के लिए समझाइश दी जाएगी। दिखने लगा असर… जिले में शुक्रवार से लागू हुए नो हेलमेट-नो पेट्रोल के आदेश का प्रभावी रूप से पालन किया जा रहा है। रविवार को भी पंपों से दोपहिया वाहन चालकों को बगैर हेलमेट के पेट्रोल नहीं दिया गया। वाहन चालकों के लिए कुछ पंपों पर हेलमेट भी बिक्री के लिए रख दिए गए हैं। साथ ही शहर के फुटपाथों पर भी अब हेलमेट की दुकानें खुल गई हैं। सख्ती का असर अब दिखने लगा है और पंपों पर लोग हेलमेट पहनकर ही पेट्रोल भरवाने आने लगे हैं। प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम पंपों की मानिटरिंग भी कर रही है। प्रशासनिक कार्यालय और सभी तहसील कार्यालयों में हेलमेट अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा आइडीए, नगर निगम, डीएवीवी और स्कूल शिक्षा विभाग ने भी हेलमेट पहनना अनिवार्य किया है। विभाग प्रमुखों को किया निर्देशित     सड़क दुर्घटनाओं के दौरान दोपहिया वाहन चालक सुरक्षित रहें, इसके लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। पंपों पर पेट्रोल भरवाने के दौरान हेलमेट अनिवार्य किया गया है। वहीं शासकीय कार्यालयों में भी हेलमेट पहनने का नियम लागू करने के लिए सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया गया है। – आशीष सिंह, कलेक्टर कर्मचारियों को दिए निर्देश, जनता से अपील     हमने निगम के सभी कर्मचारियों के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं कि यदि वह दोपहिया वाहन से मुख्यालय, जोन कार्यालय पर आ रहे हैं, तो हेलमेट पहनकर आएं। इसके अलावा हमने निगम कार्यालयों में आने वाले कर्मचारियों से भी अपील की है कि वह अपने दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनकर ही कार्यालय आएं। – शिवम वर्मा, निगमायुक्त आवेदकों को भी जागरूक करेंगे     दुर्घटनाओं के दौरान सुरक्षा के लिए हेलमेट बहुत जरूरी है, इसलिए दोपहिया वाहन चलाने के दौरान सभी को हेलमेट पहनना चाहिए। बगैर हेलमेट के लोगों को वाहन नहीं चलाना चाहिए। कार्यालय में इसके लिए निर्देशित किया है और आवेदकों को भी इसके लिए जागरूक किया जाएगा।– आरपी अहिरवार, सीईओ आईडीए परिसर में हेलमेट लगाकर ही आएं     एमजीएम मेडिकल सहित सभी अस्पतालों में दोपहिया वाहन से आने वाले डाक्टर, विद्यार्थी और अन्य स्टाफ को निर्देशित कर दिया है कि वह हेलमेट लगाकर ही परिसर में आएं। साथ ही यह अपील भी की गई है कि शराब पीकर वाहन नहीं चलाना है। – डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज