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उत्तर प्रदेश हादसा: श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो नहर में गिरी, 11 की मौत, परिवार में कोहराम, सीएम योगी ने किया आर्थिक सहायता का ऐलान

गोंडा उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में भीषण हादसा हो गया। यहां एक बोलेरो अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, एक लापता है। जबकि, तीन लोगों को बचा लिया गया है। मरने वालों में नौ लोग एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। हादसा इटियाथोक के बेलवा बहुता नहर पुल पर हुआ। बोलेरो सवार सभी लोग पृथ्वीनाथ मंदिर जलाभिषेक के लिए जा रहे थे। ये लोग मोतीगंज थाना क्षेत्र के सीहागांव के रहने वाले थे। गाड़ी में 15 लोग सवार थे। पानी में डूबने से 11 की मौत हो गई। जबकि, एक लापता है। सीएम योगी ने लिया घटना का संज्ञान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना का संज्ञान लेकर शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। घायलों के समुचित उपचार के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं. प्रशासनिक टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. एक्स पर शेयर एक पोस्ट में सीएम योगी ने लिखा, 'जनपद गोंडा में दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद और हृदय विदारक है. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. इस दुर्घटना में दिवंगत हुए लोगों के परिजनों को 5-5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें.' बारिश बनी काल बताया जा रहा है कि हादसे के समय हल्की बारिश हो रही थी। नहर के किनारे की सड़क फिसलन भरी थी और बेहद संकरी भी। बोलेरो को साइड से गुजारने की कोशिश के दौरान अचानक वाहन फिसलकर नहर में पलट गया। वाहन पानी में पूरी तरह डूब गया। इससे सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। चश्मदीदों ने बताया भयावह मंजर स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह करीब 6.00 बजे एक जोर की आवाज सुनाई दी। कुछ ही देर में लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि बोलेरो नहर में समा चुकी थी। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और खुद भी बचाव कार्य में जुट गए। बाद में प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला।   मौके पर पहुंचे डीएम और एसपी हादसे की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एनडीआरएफ की टीम, पुलिस बल और स्थानीय गोताखोरों ने शवों की तलाश शुरू की। अब तक 11 शव बरामद किए जा चुके हैं। एक व्यक्ति की तलाश अब भी जारी है, जबकि तीन लोग किसी तरह बाहर निकलकर बच गए। मृतकों की पहचान के प्रयास जारी घटना में मृत श्रद्धालुओं की शिनाख्त की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। गांव में पसरा मातम सीहागांव में जैसे ही यह खबर पहुंची, वहां कोहराम मच गया। एक ही गांव के 11 लोगों की मौत से हर आंख नम है। परिवारों में चीख-पुकार मची है। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। मृतकों के घरों में रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों की भीड़ अस्पताल और घटनास्थल दोनों जगह उमड़ रही है। डीएम प्रियंका निरंजन ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। राहत व बचाव कार्य जारी है। मृतकों के परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी। लापता व्यक्ति की खोज के लिए एनडीआरएफ और स्थानीय टीम लगातार प्रयास कर रही है। एसपी विनीत जायसवाल ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। हादसे की जांच कराई जा रही है। स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि हादसे के कारणों की सही जानकारी मिल सके।  

तेज़ बारिश का कहर: 260 बांधों में जलस्तर चरम पर, चार जिलों में चेतावनी

जयपुर राजस्थान में भारी बारिश ने कई जिलों में आफत खड़ी कर दी। लेकिन मानसून की टर्फ लाइन उत्तर की ओर शिफ्ट होने से बीते 24 घंटों के दौरान बारिश का दौर हल्का पड़ा है। हालांकि इससे उमय में तेजी आई है। शनिवार को जयपुर,कोटा, उदयपुर, जोधपुर और अजमेर संभाग में दिन भर आसमान साफ रहा। कई दिनों बाद खुलकर धूप निकली। हालांकि शनिवार को उत्तर पूर्वी क्षेत्रों के कुछ जिलों गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू व कोटा में हल्की बारिश दर्ज की गई। बीकानेर, हनुमानगढ़ और भरतपुर में बारिश के चलते मकान गिर गए। हादसों में तीन लोगों की मौत भी हो गई। वहीं नागौर में उफनती लूणी नदी में एक स्कॉर्पियो गाड़ी ढूब गई। प्रदेश में अब तक सामान्य से 80 प्रतिशत से अधिक वर्षा हो चुकी है। मानसून सीजन में  औतस 424 एमएम बारिश होती है वहीं एक जून से अब तक प्रदेश में 407 एमएम से ज्यादा बारिश हो चुकी है और अभी मानसून सीजन खत्म होने में करीब 2 महीने का वक्त है। प्रदेश के बांधों की स्थिति की बात करें तो छोटे और मध्यम श्रेणी के 264 बांधों पर चादर चल चुकी है। वहीं 23 बड़े बांधों में से 8 बांध पूरी तरह भर चुके हैं। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में बारिश के आंकड़े इस प्रकार रहे। बारां के छीपाबड़ौद में सबसे ज्यादा 24MM बरसात पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बरसात बारां जिले के छीपाबड़ौद में 24MM दर्ज हुई। भीलवाड़ा के कोटड़ी में 10MM, गंगानगर के लालगढ़ में 14MM, झुंझुनूं के मलसीसर, पिलानी में 6-6MM, सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर में 6MM, कोटा में 9.6MM और हनुमानगढ़ के फेफाना में 10MM बरसात दर्ज हुई। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून ट्रफ अभी अपने नॉर्मल पॉजिशन से उत्तर की तरफ फिरोजपुर, अंबाला, शाहजहांपुर, बाराबंकी, गोरखपुर होकर गुजर रही है। ट्रफ के खिसकने से राजस्थान में अगले कुछ दिन बारिश का दौर हल्का रहेगा।

फायरिंग कांड में बाड़मेर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ASI पर विभागीय जांच तय

बाड़मेर महाबार में हाल ही में हुई फायरिंग की घटना का बाड़मेर पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य को नामजद किया गया है। जिले की डीएसटी और सदर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए यह सफलता हासिल की। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि इस मामले में ड्यूटी ऑफिसर की गंभीर लापरवाही भी सामने आई है। संबंधित एएसआई ने न केवल सूचना को नजरअंदाज किया बल्कि कंट्रोल रूम को सूचित भी नहीं किया। इस कारण उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यह घटना 24 जुलाई की रात करीब 1:20 बजे की है। दूधवा निवासी शंभूसिंह ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने साथियों के साथ बोलेरो गाड़ी में राणीगांव से महाबार की ओर आ रहे थे। रास्ते में महाबार गाँव के पास सड़क के बीचों-बीच एक फॉरच्यूनर कार खड़ी मिली, जिसमें 4-5 युवक सवार थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब वे नीचे उतरकर कार के पास पहुंचे तो ड्राइवर के पास बैठे व्यक्ति ने दरवाजा खोलकर पिस्तौल निकाल ली। इसके बाद जान बचाकर वे मौके से भाग निकले। इसी दौरान आरोपियों ने उनकी चलती कैंपर गाड़ी पर गोलियां चलाईं। इस पर पुलिस ने 25 जुलाई को बीएसएन और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया। दोनों पक्ष आपराधिक प्रवृत्ति के एसपी मीना के अनुसार, शिकायतकर्ता और आरोपी दोनों ही हार्डकोर आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। घटना की रात दोनों पक्ष अलग-अलग स्थानों पर पार्टी कर रहे थे और एक-दूसरे को पुलिस का मुखबिर समझ बैठे। पुलिस ने घटनास्थल से गोली के दो खाली खोल भी बरामद किए हैं। डीएसपी के नेतृत्व में बनाई गई अलग-अलग पुलिस टीमों ने तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पूछताछ में सामने आया कि डुगेरों का तला निवासी ओमप्रकाश पुत्र शेराराम फायरिंग की रात घटनास्थल पर मौजूद था। उसे डिटेन कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। मुख्य आरोपी अब भी फरार पूछताछ में सामने आया कि इस घटना में मुख्य आरोपी स्वरूप उर्फ स्वरूपाराम, नरपत कुमार और एक अन्य युवक भी शामिल थे। फॉरच्यूनर गाड़ी स्वरूप की है और उसी ने पिस्तौल से फायरिंग की थी। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। एएसआई ने छुपाई सूचना, विभागीय जांच होगी घटना की रात ड्यूटी पर तैनात एएसआई तगाराम मौके पर तो पहुंचे लेकिन न तो कंट्रोल रूम को घटना की जानकारी दी और न ही फायरिंग की पुष्टि की। इसके चलते घटना को गंभीरता से नहीं लिया गया। एसपी मीना ने बताया कि जब अगले दिन सुबह डीएसटी टीम ने मौके की जांच की, तब जाकर स्पष्ट हुआ कि मौके पर वास्तव में फायरिंग हुई थी। इस लापरवाही को देखते हुए संबंधित एएसआई पर विभागीय जांच व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बहू ने ससुर पर लगाया शोषण का आरोप, थाने में दी तहरीर

 कोटा राजस्थान के कोटा जिले में रिश्तो को कलंकित करने का मामला सामने आया है। जहां पर ससुर द्वारा अपनी ही बहू के साथ छेड़छाड़ की गई है। पीड़िता ने जिले के रामगंजमंडी थाने में अपने ससुर के खिलाफ छेड़छाड़ सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया है। आरोप है कि ससुर ने बहू के कमरे में घुसकर उसके साथ छेड़छाड़ की और जबरदस्ती करने की कोशिश की। सामने आया है कि पीड़िता का ससुर भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय नेता है। वहीं पुलिस ने प्रकरण दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। दूसरी तरफ आरोपी भाजपा नेता ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोप गलत बताए हैं। पीड़िता ने बताया कि कुछ महीने पहले ही उसकी शादी हुई है। पीड़िता का पति जयपुर में रहकर पढ़ाई कर रहा है। घर पर बहू के अलावा परिवार के अन्य सदस्य भी रहते हैं। रिपोर्ट में पीड़िता ने बताया कि करीब 20 दिन पहले वह घर का सारा काम खत्म कर कमरे में सो रही थी। इसी दौरान रात करीब 12 बजे ससुर कमरे में घुस गया और उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। बहू ने इसका विरोध किया और अपनी जान बचाकर कमरे से बाहर चली गई। इसके बाद बहू अपने पीहर चली गई थी और कुछ दिन बाद जब वह वापस लौटी। उसके बाद भी ससुर ने अपनी हरकत नहीं छोड़ी और फिर से उसके साथ छेड़छाड़ की। ससुर की इन्हीं हरकतों से परेशान होकर बहू ने अपने पीहर पक्ष को सारी आपबीती बताई। इसके बाद रामगंजमंडी थाने में अपने ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया। वहीं थाना अधिकारी मनोज सिकरवार ने बताया कि पीड़िता ने अपने ससुर के खिलाफ छेड़छाड़ और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया है। मामले में जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर आगे कार्रवाई भी की जाएगी। जिस घर में औरत का सम्मान नहीं उसे पद में रहने का अधिकार नहीं पीड़िता ने बताया कि जब उसने अपनी सास को पूरा मामला बताया और थाने जाने लगी। तो सास ने हाथ जोड़कर उसे समझाया और कहा कि इस घटना का पता अगर बाहर लोगों को चलेगा तो घर की बदनामी होगी। इसके बाद बहू सास की बात मानकर चुप हो गई, लेकिन उसके बाद भी ससुर ने उससे छेड़छाड़ बंद नहीं की। पीड़िता ने यह भी कहा कि जिस घर में बहू का सम्मान नहीं होता, ऐसे लोगों को पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। पीड़िता ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।

जबलपुर-रायपुर और रीवा-पुणे ट्रेन शुरु होने से मध्यप्रदेश के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भारतीय रेलवे गढ़ रही है नए-नए कीर्तिमान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग के लिए माना आभार जबलपुर-रायपुर और रीवा-पुणे ट्रेन शुरु होने से मध्यप्रदेश के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में नया भारत विश्व में अपनी अलग पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में रेलवे नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। भावनगर से अयोध्या नई एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत अत्यंत सुखद है। इससे भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के साथ संबंध का स्मरण भी हो रहा है। प्रभु श्रीराम और श्रीकृष्ण से ही दुनियाभर में भारत की पहचान बनी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को जबलपुर-रायपुर एक्सप्रेस और रीवा-पुणे (हडपसर) एक्सप्रेस के शुभारंभ कार्यक्रम में उज्जैन से वर्चुअली शामिल हुए और संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज रेल कनेक्टिविटी के मामले में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र से सीधे जुड़ रहा है। जबलपुर-रायपुर एक्सप्रेस और रीवा-पुणे (हडपसर) एक्सप्रेस के शुभारंभ से यात्रियों के साथ व्यापार-व्यवसाय और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। बघेलखंड अंचल के रीवा में टाइगर सफारी और मैहर शक्तिपीठ की मां शारदा देवी के दर्शन सुलभ हो पाएंगे। इसी प्रकार संस्कारधानी जबलपुर और भेड़ाघाट आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। भारतीय रेलवे ने गत 11 वर्ष में उल्लेखनीय प्रगति की है। इलेक्ट्रिफिकेशन का शतप्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2025-26 में 2 लाख 65 हजार करोड़ के बजट का प्रावधान रखा गया है। जबलपुर-रायपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से पड़ोसी राज्य के साथ कनेक्टिविटी और बढ़ जाएगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रेलवे के साथ भावनात्मक जुड़ाव है। यह देश के गरीब और मध्यम वर्ग के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। प्रधानमंत्री मोदी के विजन से केंद्र सरकार ने 10-11 वर्ष में रेलवे को आधुनिक बनाने के लिए संकल्प के साथ कार्य किए हैं। नई ट्रेनों की शुरुआत, आधुनिक कोच निर्माण और रेलवे स्टेशनों का जीर्णोद्धार रेलवे के अभूतपूर्व कार्य हैं। रीवा से पुणे की कनेक्टिविटी बढ़ रही है। जबलपुर और रायपुर के बीच नई ट्रेन से जनजातीय अंचल को लाभ मिलेगा। गत 11 साल में 34 हजार किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक बनाए हैं। प्रतिदिन 12 किलोमीटर ट्रैक बिछाया जा रहा है और 1300 स्टेशनों का नव निर्माण किया जा रहा है, यह दुनियाभर के विकसित देशों में अपने आप में अलग स्थान रखता है। वंदेभारत जैसी नई ट्रेन चलाई जा रही हैं। देश में 8 अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू की जा चुकी हैं, इसमें वंदेभारत जैसी सुविधाएं कम किराये पर दी जा रही है। नमो भारत, आसपास के दो शहरों की कनेक्टिंग ट्रेन हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने रेलवे की सूरत बदलने का संकल्प लिया है। वैष्णव ने कहा कि पोरबंदर से राजकोट नई ट्रेन जल्द शुरू करेंगे। राणावाद स्टेशन पर नई कोच मेंटेनेंस फैसिलिटी विकसित करेंगे।सारडिया से बांसजालिया नई रेल लाइन बिछाएंगे। मुंबई से अहमदाबाद के बीच जल्द ही बुलेट ट्रेन की भी शुरुआत होगी। यह ट्रेन मात्र 2 घंटे 13 मिनट में गंतव्य तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का माना आभार केंद्रीय रेल मंत्री वैष्णव ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार मानते हुए कहा कि उनका सहयोग रेल नेटवर्क के विस्तार में निरंतर प्राप्त हो रहा है। डबल इंजन की सरकार होने से कोई भी प्रकल्प अधिक समय लंबित नहीं रह पाता है। नए रेल संचालन के शुभारंभ कार्यक्रम में अनेक मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और नागरिक प्रत्यक्ष और वर्चुअल रूप से शामिल हुए। प्रारंभ हुई नई रेल सेवाओं से 4 राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात के मध्य बेहतर रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी, जिसका इन चारों राज्यों के नागरिकों को परिवहन और व्यापार-वाणिज्य की दृष्टि से प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। जबलपुर से रायपुर, रीवा से पुणे और भावनगर से अयोध्या के लिए नई एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन प्रारंभ होने से रेल नेटवर्क के विस्तार में नया आयाम जुड़ा है।  

पूर्व सीएम भूपेश बघेल की सुप्रीम कोर्ट में अर्जी: गिरफ्तारी से बचने की कोशिश

रायपुर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुद को गिरफ्तारी से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने शराब, कोयला और महादेव सट्टा एप घोटालों में नाम सामने आने के बाद अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है, जिस पर सोमवार पाँच अगस्त को सुनवाई होगी। इसी दिन शराब घोटाले में जेल में बंद उनके बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर भी सर्वोच्च न्यायालय सुनवाई करेगा। उल्लेखनीय है कि चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर भी विपक्ष और उनके समर्थकों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप अपनी याचिका में भूपेश बघेल ने दलील दी है कि उन्हें राजनीतिक द्वेष के चलते निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे उनके बेटे की गिरफ्तारी राजनीतिक दुर्भावना के तहत की गई, वैसे ही उन्हें भी गिरफ्तारी का डर सता रहा है। भूपेश बघेल ने कोर्ट से यह अनुरोध किया है कि उन्हें गिरफ्तार न किया जाए और उन्हें जांच में सहयोग करने का पूरा अवसर दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे जांच से भाग नहीं रहे, बल्कि निष्पक्ष प्रक्रिया की उम्मीद कर रहे हैं। जांच एजेंसियों की बढ़ी सक्रियता यह याचिका ऐसे समय दाखिल की गई है, जब ईडी और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों ने इन घोटालों की जांच तेज कर दी है। बीते कुछ हफ्तों में छत्तीसगढ़ के कई बड़े अफसरों और नेताओं से पूछताछ की जा चुकी है।

जंगल में अधमरी हालत में मिला ट्रक चालक, पीटकर निर्वस्त्र करने का आरोप

जगदलपुर जगदलपुर में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक कबाड़ी व्यवसायी ने ट्रक चालक को अपने साथियों के साथ फार्म हाउस में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा। उसे न केवल निर्वस्त्र किया गया बल्कि अधमरी हालत में जंगल में छोड़ दिया गया।   घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जिसमें पीड़ित को युवकों द्वारा कभी स्विमिंग पूल में तो कभी डांस करवाकर पीटा जा रहा है। बताया जा रहा है पीड़ित ट्रक चालक उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी का निवासी है, जो जगदलपुर के एक नामचीन कबाड़ी व्यवसायी के यहां कार्यरत था। ऐसा माना जा रहा है कि पैसे की लेनदेन को लेकर इनके बीच विवाद चल रहा था इस दौरान मालिक और उसके साथियों ने चालक को बहला-फुसलाकर एक फार्म हाउस में ले जाकर मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने उसे निर्वस्त्र कर अमानवीय तरीके से पीटा और चालक के रिश्तेदार को घटना का लाइव वीडियो फोन पर दिखाया। इसके बाद पीड़ित के रिश्तेदार ने सारी घटना का वीडियो रिकार्ड कर लिया और मदद की गुहार लगाते हुए सोसल मीडिया में शेयर कर दिया इसके बाद जब घटना का वीडियो वायरल होने लगा तो युवक पीड़ित को जंगल में फेंककर भाग गए। फिर किसी तरह वह जंगल से निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा और अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश लौटकर स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज करवाई। बस्तर पुलिस को जब शिकायत प्राप्त हुई तो बोदघाट थाना प्रभारी ने मामले की जांच शुरू कर दी। टीआई ने बताया कि प्रारंभिक जांच की जा रही है पीड़ित के बयान और उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सड़क किनारे खड़ी बस से टकराई चार्टर्ड बस, पलटने से मचा हड़कंप; 25 लोग घायल

सीहोर  रविवार सुबह करीब 10:15 बजे भोपाल-इंदौर हाईवे पर सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में अरनिया गाजी जोड़ के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। इंदौर से भोपाल जा रही चौहान ट्रेवल्स की बस पैसेंजर्स को उतार रही थी, तभी पीछे से तेज रफ्तार चार्टर्ड बस (MP09 AM 6115) ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि चार्टर्ड बस पलट गई और उसमें सवार यात्री घायल हो गए। पुलिस जांच में शुरुआती कारण ब्रेक फेल होना सामने आया है। चार्टर्ड बस नाथद्वारा से भोपाल की ओर आ रही थी। इसी दौरान अरनिया गाजी जोड़ पर ब्रेक फेल होने से आगे खड़ी बस से जा टकराई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चार्टर्ड बस के ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और रफ्तार में आकर बस सीधी दूसरी बस से टकरा गई। दो दर्जन घायल, एक की हालत गंभीर इस हादसे में दो दर्जन यात्री घायल हुए हैं। आष्टा एसडीओपी आकाश अमलकर व एएसपी सुनीता रावत सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घायलों को एंबुलेंस की मदद से सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। एक व्यक्ति को पैर में गंभीर चोटें आई हैं, बाकी को हल्की चोटें हैं। हाईवे पर लंबा जाम, यातायात प्रभावित हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण व राहगीर मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने में पुलिस की मदद की। मानवता का नजारा दिखा जब कई लोग खुद अपने वाहन से घायलों को अस्पताल ले जाने लगे। सड़क पर चीख-पुकार के बीच मानवीय संवेदनाएं जाग उठीं। बस पलटने और टक्कर के बाद भोपाल-इंदौर हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को हटवाया और यातायात सामान्य करने का प्रयास किया। लगभग एक घंटे तक हाईवे पर आवाजाही ठप रही। एसडीओपी आष्टा आकाश अमलकर के अनुसार, टक्कर के बाद चार्टर्ड बस पलट गई। स्थानीय नागरिकों की मदद से पुलिस ने घायलों को एम्बुलेंस से आष्टा के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया। एक व्यक्ति के पैर में गंभीर चोट आई है, जबकि 6-7 अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। हाईवे पर लगा जमा घटना की सूचना मिलते ही आष्टा और जावर पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे के बाद हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बसों को हटाने में जुटी है। एडिशनल एसपी सुनीता रावत के निर्देशन में मामले की जांच की जा रही है। पुलिस जांच में जुटी, हादसे के कारणों की पुष्टि जारी फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बसों के ड्राइवरों से पूछताछ की जा रही है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि दोषी पर कड़ी कार्रवाई होगी। हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है।

टैंकर से हादसा, मजदूर की मौत पर भड़का आक्रोश; अस्पताल में हंगामा

जैसलमेर शहर के औद्योगिक क्षेत्र द्वितीय चरण में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जिससे उसका पूरा परिवार शोक में डूब गया। घटना उस समय हुई जब तेज रफ्तार टैंकर ने पीछे से एक साइकिल सवार मजदूर को टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल युवक को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल राजकीय नाहटा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकीय उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पहचान 35 वर्षीय नरपतसिंह पुत्र राजूसिंह राजपुरोहित, निवासी जसोल के रूप में हुई है। मृतक मेहनतकश मजदूर था और अपने पीछे पत्नी, एक बेटा व दो बेटियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गया है। इस दुर्घटना ने न केवल परिवार को, बल्कि पूरे राजपुरोहित समाज को भी गहरा आहत किया है। समय पर इलाज न मिलने का आरोप मृतक के परिजनों और समाज के लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि नरपतसिंह को समय रहते समुचित उपचार मिलता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में प्राथमिक उपचार में देरी हुई, जिससे उसकी हालत और बिगड़ती गई और अंततः उसने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में राजपुरोहित समाज के लोग अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्र हो गए। मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे RLP नेता, सख्त कार्रवाई की मांग स्थिति उस समय और गरमा गई जब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के युवा नेता थान सिंह डोली देर रात मोर्चरी के बाहर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि घायल मजदूर को समय पर न तो उचित प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई और न ही आवश्यक संसाधन। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिम्मेदार डॉक्टरों और अधिकारियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो समाज और राजनीतिक संगठन मिलकर व्यापक आंदोलन करेंगे। डोली ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है जब बालोतरा अस्पताल की लापरवाही ने किसी गरीब परिवार की खुशियां छीन ली हों। अब यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटना की सूचना मिलते ही भाजपा नेता गोविंद सिंह राजपुरोहित, उमेश कुमार सोनी और कांतिलाल राजपुरोहित भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और आश्वासन दिया कि परिवार को न्याय दिलाने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे। बताया जा रहा है कि नरपतसिंह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसकी आकस्मिक मृत्यु से पूरा परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में डूब गया है।  

सभी छह संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले दो जिलों और छह विकासखंडों को मिला स्वर्ण पदक

रायपुर : दूरस्थ क्षेत्रों और विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की सबसे ज्यादा जरूरत – विष्णु देव साय दूरस्थ क्षेत्रों और विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की सबसे ज्यादा जरूरत संपूर्णता अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आकांक्षी जिलों और विकासखंडों को मुख्यमंत्री ने किया पुरस्कृत सभी छह संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले दो जिलों और छह विकासखंडों को मिला स्वर्ण पदक रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संपूर्णता अभियान में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आकांक्षी जिलों और विकासखंडों को पुरस्कृत किया। उन्होंने आज राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित कार्यक्रम में जुलाई-2024 से सितम्बर-2024 तक राज्य के आकांक्षी जिलों और आकांक्षी विकासखंडों में तीन महीनों तक संचालित संपूर्णता अभियान में निर्धारित संकेतकों को संतृप्त करने और लक्ष्यों को हासिल करने वाले जिलों और विकासखंडों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने इन जिलों और विकासखंडों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को भी पुरस्कृत किया। संपूर्णता अभियान के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले आकांक्षी जिलों बस्तर और कोंडागांव तथा आकांक्षी विकासखंडों शंकरगढ़, मैनपुर, माकड़ी, कोयलीबेड़ा, ओरछा और प्रतापपुर को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल तथा विधायक सर्वसुनील सोनी, मोतीलाल साहू और गुरू खुशवंत साहेब भी सम्मान समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत की संकल्पना में सभी वर्गों का विकास समाहित है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वालों और विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) को विकास की सबसे ज्यादा जरूरत है। भारत सरकार ने इसे गहराई से समझकर प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ की है। इस योजना से सुदूर वनांचलों में आवास, पेयजल, बिजली, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसे कार्यक्रमों से जिसमें छत्तीसगढ़ के भी 6661 गांव शामिल हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच के अनुरूप विकास की रोशनी सुदूर गांवों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में केंद्र सरकार की आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में शामिल गांव तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि देश में वर्ष 2018 से आकांक्षी जिलों में काम शुरू हुआ है। विकास की दौड़ में पिछड़े जिलों और विकासखंडों को आगे लाने का काम इसमें हो रहा है। इसके अंतर्गत शामिल गांवों में अलग-अलग सेक्टर में काम कर मानव सूचकांकों को सुधारा जा रहा है। उन्हें संतृप्ति के स्तर पर लाया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक-एक व्यक्ति के विकास और कल्याण से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त होगा।  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने समारोह में कहा कि आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में भौतिक प्रगति से अलग मानव सूचकांकों को बेहतर करने के लिए काम किए जा रहे हैं। लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें संतृप्त करने अहम इंडीकेटर्स पर काम हो रहे हैं जिनकी तरफ सामान्यतः ज्यादा ध्यान नहीं जाता है। राज्य के आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में और भी बेहतर काम हो, इसके लिए मैं सभी जिलों व विकासखंडों को शुभकामनाएं देता हूं। मुख्य सचिव अमिताभ जैन और योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद ने समारोह में संपूर्णता अभियान के दौरान किए गए कार्यों तथा उपलब्धियों की जानकारी दी। नीति आयोग के सदस्य-सचिव आशीष भट्ट, सदस्य के. सुब्रमण्यम और योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव भी कार्यक्रम में मौजूद थीं।  छह सूचकांकों पर अच्छा काम करने वाले जिलों और विकासखंडों को किया गया पुरस्कृत आकांक्षी जिला कार्यक्रम के 49 संकेतकों में से छह और आकांक्षी विकासखंडों के 40 संकेतकों में से छह संकेतकों को चिन्हित कर इन्हें संतृप्त करने संपूर्णता अभियान संचालित किया गया था। इनमें एएनसी पंजीकरण, पूरक पोषण ले रही गर्भवती महिलाओं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, पूर्ण टीकाकरण वाले बच्चे, बिजली वाले स्कूल, शैक्षणिक सत्र शुरू होने के एक महीने के भीतर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने वाले स्कूल, मधुमेह जांच, उच्च रक्तचाप जांच, परिक्रामी निधि प्राप्त करने वाले स्वसहायता समूहों की संख्या जैसे संकेतक शामिल थे।  संपूर्णता अभियान के दौरान सभी छह संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले आकांक्षी जिलों व विकासखंडों को आज स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। पांच संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले जिलों व विकासखंडों को रजत पदक, चार संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वालों को कांस्य पदक तथा तीन संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले जिलों और विकासखंडों को ताम्र पदक से सम्मानित किया गया।   बस्तर और कोंडागांव जिले को स्वर्ण पदक संपूर्णता अभियान के दौरान सभी छह संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले आकांक्षी जिलों बस्तर और कोंडागांव तथा आकांक्षी विकासखंडों शंकरगढ़, मैनपुर, माकड़ी, कोयलीबेड़ा, ओरछा और प्रतापपुर को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। आकांक्षी जिलों दंतेवाड़ा, कोरबा, कांकेर, नारायणपुर तथा आकांक्षी विकासखंडों लखनपुर, बैकुंठपुर, दुर्गकोंदूल, गौरेला-2, कोरबा और पिथौरा को रजत पदक प्रदान किया गया। आकांक्षी जिला बीजापुर और आकांक्षी विकासखंडों गरियाबंद, उसूर, पोड़ी उपरोड़ा, बोड़ला, तोकापाल एवं कुआंकोंडा को कांस्य पदक तथा आकांक्षी जिलों मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी, महासमुंद, सुकमा एवं आंकांक्षी विकासखंड अंबागढ़ चौकी को ताम्र पदक से सम्मानित किया गया। संबंधित जिलों के वर्तमान और तत्कालीन कलेक्टरों ने ये पुरस्कार ग्रहण किए।