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24 घंटे में 4.5 इंच बारिश का अनुमान, जबलपुर सहित 20 जिलों में रेड अलर्ट, मड़ीखेड़ा डैम से छोड़ा जा रहा पानी

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक बार फिर स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की वजह से तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। आज जबलपुर समेत 20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को विदिशा, सीहोर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छतरपुर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, पन्ना, कटनी, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और उमरिया में भारी बारिश का दौर बना रहेगा। अगले 24 घंटे में इन जिलों में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। इससे पहले बुधवार को नर्मदापुरम के इटारसी में बाढ़ जैसे हालात रहे। भोपाल, इंदौर समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। अगले चार दिन तक भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग कि सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मध्यप्रदेश में फिलहाल मानसून ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हुआ है। अगले चार दिन तक कहीं भारी तो कहीं अति भारी बारिश का अलर्ट है। छिंदवाड़ा में 9 घंटे में 2.1 इंच बारिश बुधवार को छिंदवाड़ा में 9 घंटे में 2.1 इंच पानी गिर गया। वहीं, गुना में 1.8 इंच, नर्मदापुरम-ग्वालियर में 1.5 इंच, शाजापुर में 1.2 इंच और शिवपुरी में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। भोपाल, दतिया, इंदौर, शिवपुरी, उज्जैन, जबलपुर, छतरपुर के नौगांव, टीकमगढ़, बालाघाट के मलाजखंड, श्योपुर, भिंड, राजगढ़, आगर-मालवा समेत कई जिलों में बारिश का दौर चला। सीजन में अब तक औसतन 21.1 इंच बारिश हुई मध्यप्रदेश में इस सीजन में औसत 21.1 इंच बारिश हो चुकी है जबकि अब तक 14.1 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 53% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 25% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिले भी बेहतर स्थिति में हैं। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है।  मौसम विभाग ने आज जबलपुर समेत 20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, विदिशा, सीहोर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छतरपुर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, पन्ना, कटनी, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और उमरिया में भारी बारिश का दौर बना रहेगा। अगले 24 घंटे में इन जिलों में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में अभी मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। अगले चार दिन तक कहीं अति भारी तो कहीं भारी बारिश हो सकती है। पचमढ़ी में 3.4 इंच बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान पचमढ़ी में 3.4 इंच पानी गिर गया। छिंदवाड़ा में 2.6 इंच, गुना में 2.3 इंच, बालाघाट के मलाजखंड में 2.1 इंच, नर्मदापुरम में 1.8 इंच, ग्वालियर में 1.5 इंच, श्योपुर में 1.1 इंच, मंडला में 1 इंच बारिश हुई। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, उमरिया, सिवनी, खजुराहो, जबलपुर, नौगांव, सागर, बैतूल, सीधी, रायसेन, दमोह, शिवपुरी में भी बारिश का दौर रहा। इस बार 7 इंच बारिश ज्यादा मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 21.1 इंच बारिश हो चुकी है जबकि अब तक 14.1 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 53% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 25% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिले भी बेहतर स्थिति में हैं। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। 10 साल में बारिश का ट्रेंड, पहले भोपाल के बारे में जानिए भोपाल में जुलाई में खूब बारिश होती है। यहां एक ही महीने में 1031.4 मिमी यानी 41 इंच के करीब बारिश होने का रिकॉर्ड है। यह साल 1986 में हुई थी। 22 जुलाई 1973 को एक ही दिन में 11 इंच बारिश हुई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। साल 2024 में पूरे जुलाई महीने में 15.70 इंच बारिश हुई थी। भोपाल में जुलाई महीने में एवरेज 15 दिन बारिश होती है यानी हर दूसरे दिन पानी बरसता है। महीने की एवरेज बारिश 367.7 मिमी यानी 14.4 इंच है। बारिश के चलते दिन का तापमान 30 और रात में पारा 25 डिग्री सेल्सियस से कम रहता है। अगले चार दिन ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, मध्यप्रदेश में मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। इसलिए बारिश हो रही है। अगले चार दिन तक मौसम ऐसा ही रहेगा। कहीं अति भारी तो कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार को भी 20 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में गिरा पानी रायसेन, उज्जैन, डिंडौरी , नर्मदापुरम, सिवनी मालवा सहित कई जिलों में बुधवार को अच्छी बारिश हुई। उज्जैन में तेज पानी गिर। भोपाल में बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। इटारसी में बाजार और सरकारी रेस्ट हाउस में पानी भर गया। जमानी गांव का बिजली सब स्टेशन डूब गया। सिवनी मालवा तहसील के ग्रामीण इलाकों में खेत और रास्ते डूबे रहे। छिंदवाड़ा में 9 घंटे में 2.1 इंच पानी गिर गया। गुना में 1.8 इंच, नर्मदापुरम-ग्वालियर में 1.5 इंच, शाजापुर में 1.2 इंच और शिवपुरी में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। इन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश भारत में मानसून (Monsoon) की एंट्री 24 मई को हुई। मानसून ने सबसे पहले केरल पहुंचा। फिर कर्नाटक में दस्तक दी। तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र, मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड, आंध्र प्रदेश होते हुए 16 जून को मानसून एमपी आया। 20 जून तक मानसून ने सभी जिलों को करव कर लिया। तब से सूबे में झमाझम बारिश हो रही है। अब तक 537 मिमी पानी बरस चुका है। यह सामान्य वर्षा 359 मिमी से 49 फीसदी ज्यादा है। निवाड़ी में सबसे ज्यादा 225 फीसदी पानी बरसा। छतरपुर में 177, मंडला 102, टीकमगढ़ 165, अशोकनगर 116, ग्वालियर 142, मुरैना 131, श्योपुर 191 और शिवपुरी में 141 फीसदी ज्यादा बारिश हुई। 

उज्जैन में युवक को आया हार्टअटैक, डॉक्टरों ने 12 शॉक और CPR से किया जीवनदान

उज्जैन अगर समय रहते कोशिश की जाए, तो किसी की जान बचाई जा सकती है. सवाल केवल अपनी सतर्कता का है. उज्जैन जिले के नागदा स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में ऐसा ही उदाहरण देखने को मिला, जहां हार्ट अटैक के बाद अस्पताल के स्टाफ की तत्परता ने युवक की जान बचा ली.  उज्जैन में नागदा के एक प्राइवेट अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक को अस्पताल की ओपीडी में चेकअप के दौरान अचानक हार्ट अटैक आ गया. युवक अस्पताल की कुर्सी पर बैठे-बैठे ही नीचे गिर पड़ा और उसकी धड़कनें बंद हो गईं. लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ की तत्परता से उसकी जान बचाई जा सकी. यह पूरा घटनाक्रम अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय सनी गेहलोत निवासी ग्राम रूपेटा सीने में दर्द की शिकायत के बाद नागदा के चौधरी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर में चेकअप कराने आया था. डॉक्टर उसकी ब्लड प्रेशर जांच कर ही रहे थे कि तभी वह अचानक बेहोश होकर गिर गया. डॉक्टरों ने तुरंत जांच की तो उसकी पल्स और बीपी नहीं मिल रहा था. स्थिति को भांपते हुए डॉक्टरों ने तत्काल CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) और इलेक्ट्रिक शॉक थेरेपी देना शुरू किया. सीने में दर्द होने की शिकायत लिए 30 साल का एक युवक सनी गेहलोत नागदा के चौधरी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर पहुंचा था. डॉक्टर उनका ब्लड प्रेशर जांच रहे थे, तभी वह कुर्सी पर बैठे-बैठे अचेत होकर गिर पड़ा. जांच में न तो उसकी पल्स मिली और न ही ब्लड प्रेशर. तुरंत डॉक्टरों ने सीपीआर और इलेक्ट्रिक शॉक थेरेपी देने का निर्णय लिया और उपचार शुरू किया.  मरीज को तत्काल आईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां उसे लगातार सीपीआर दी गई. डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई और युवक की जान बच गई. यह पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई, जो अब वायरल हो रही है.  डॉ. सुनील चौधरी ने बताया कि करीब 40 मिनट तक सीपीआर और इलेक्ट्रिक शॉक दिए गए, जिसके बाद युवक की धड़कन शुरू हुई. प्राथमिक उपचार के बाद उसे इंदौर रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है.यह घटना मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे की है.  जानकारी के अनुसार, ग्राम रूपेटा निवासी सनी गेहलोत सीने में दर्द की शिकायत लेकर चौधरी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर पहुंचा था. ओपीडी में डॉक्टर उसे देख रहे थे, तभी अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और वह कुर्सी पर बैठे-बैठे गिर गया. इस दौरान उसे लगभग 12 बार शॉक और 40 मिनट तक सीपीआर दिया गया, जिससे उसकी जान बच सकी. 40 मिनट तक चला CPR, 12 बार दिए गए इलेक्ट्रिक शॉक डॉ. सुनील चौधरी ने बताया कि सनी को ICU में शिफ्ट कर 40 मिनट तक CPR दिया गया और 12 बार इलेक्ट्रिक शॉक थेरेपी दी गई. आखिरकार डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई और युवक की धड़कनें फिर से चलने लगीं. प्रारंभिक इलाज के बाद युवक को इंदौर रेफर कर दिया गया है, जहां उसका इलाज जारी है. अस्पताल के OPD में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है. फुटेज में साफ दिखता है कि कैसे युवक कुर्सी से गिरा और कैसे डॉक्टरों ने बिना देरी किए CPR शुरू किया.

नदी में नहाना बना जानलेवा: खारून में डूबे दो किशोर, एक की लाश बरामद

दुर्ग अमलेश्वर थाना क्षेत्र में खारून नदी में 2 नाबालिग डूब गए. घटना बुधवार की है जब 6 दोस्त नदी में नहाने उतरे थे. इस दौरान अचानक तेज बहाव और भंवर में फंसने के बाद 2 युवक डूब गए. SDRF के टीम ने गुरुवार को एक 16 वर्षीय नाबालिग के शव को गुरुवार सुबह बरामद किया. जबकि दूसरे 15 वर्षीय युवक की तलाश अब भी जारी है. जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान आशीष सरोज (16 वर्ष), पिता पंकज सरोज, बजरंग नगर वार्ड 37 निवासी के रूप में हुई है. वह बीते दिन ग्राम जमराव के 5 नाबालिग दोस्तों के साथ अमलेश्वर थाना क्षेत्र में खारून नदी में नहाने गया था. नहाते समय पानी के तेज बहाव और भंवर में फंस जाने से आशीष और उसका दोस्त यशवंत हरपाल (15 वर्ष) बह गए. उन्हें डूबता देखकर बाकी 4 दोस्तों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया. लोगों ने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी और डूबते नाबालिगों को ढूंढने और बचाने का प्रयास किया लेकिन वे असफल रहे. डीप डाइविंग से निकाला गया शव SDRF की टीम ने पूरी रात आठ घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. लेकिन दोनों को नहीं ढूंढा जा सका था. वहीं आज गुरुवार सुबह डीप डाइविंग के अनुभवी जवान इंद्रपाल यादव और राजकुमार यादव ने दो घंटे की मेहनत के बाद आशीष का शव नदी से बाहर निकाला और पुलिस के सुपुर्द किया. लेकिन यशवंत अब तक नहीं मिल सका है. यशवंत की तलाश अब भी जारी है. पुलिस ने आशीष के शव को पोस्टमार्टम के लिए सुपेला स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भिजवाया है. घटना से गांव और परिजनों में शोक की लहर है.

मेरठ में मंदिर में पूजा करता मिला कासिम उर्फ कृष्ण, पिता हैं बिहार में मौलवी

मेरठ  उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां बिहार के एक मौलवी का बेटा मोहम्मद कासिम खुद को कृष्ण बताकर मंदिर में रह रहा था और पूजा-पाठ कर रहा था. एक साल तक पहचान छिपाकर मंदिर में रह रहे इस युवक का खुलासा उस वक्त हुआ जब मंदिर परिसर में आए कुछ लोगों को उस पर शक हुआ. पूछताछ में उसने सच स्वीकार कर लिया. जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है. जब कुछ ग्रामीणों को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ तो उससे पहचान के लिए आधार कार्ड मांगा गया, तो वह पहले तो बहानेबाजी करता रहा. फिर कुछ समय के लिए गांव से गायब हो गया. बाद में अचानक मंदिर में दोबारा आकर रहने लगा. इसी दौरान एक बार फिर उसके व्यवहार पर लोगों को शक हुआ और अंततः उसकी असलियत सामने आ गई. मंदिर में ऐसे घुसा  दरअसल, मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के दादरी गांव में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर लंबे समय से पुजारी नहीं थे. एक साल पहले एक युवक गांव में पहुंचा और खुद को कृष्ण पुत्र संतोष, निवासी दिल्ली बताकर मंदिर में रहने की अनुमति मांगी. ग्रामीणों को कोई आपत्ति नहीं हुई, क्योंकि मंदिर की देखरेख करने वाला कोई नहीं था. उन्होंने युवक को  अनुमति दे दी. कृष्ण के रूप में पहचाने गए इस युवक ने मंदिर में रहकर न केवल पूजा-पाठ शुरू किया, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों का विश्वास भी धीरे-धीरे हासिल कर लिया. सुबह-शाम पूजा, प्रसाद वितरण, हवन जैसे धार्मिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता था. इसके अलावा वह हस्तरेखा और ज्योतिष से जुड़ी बातें भी करने लगा, जिससे ग्रामीण उसे धर्मगुरु की तरह मानने लगे. पहचान पर उठे सवाल और फिर… कुछ समय बाद गांव के कुछ लोगों को उसकी भाषा, व्यवहार और व्यक्तित्व में कुछ अलग नजर आया. जब उससे उसके पहचान पत्र की मांग की गई, तो वह टालमटोल करने लगा और आधार कार्ड लाने के बहाने 15 दिन के लिए गायब हो गया. इससे ग्रामीणों का शक गहरा गया. कई दिनों बाद वह पुनः मंदिर में आकर रहने लगा. इसके कुछ दिन बाद, जब मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया, वह वहां भी पहुंचा और मंदिर के एक कमरे से कुछ सामान निकालने लगा. इसी दौरान वहां मौजूद कुछ ग्रामीणों ने उसे रोक लिया और पूछताछ शुरू की. बात बढ़ते-बढ़ते इतनी गंभीर हो गई कि कुछ लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस को बुला लिया. पुलिस जांच में खुली असलियत पुलिस मौके पर पहुंची और युवक से सख्ती से पूछताछ की. शुरुआती पूछताछ में उसने अपना नाम मोहम्मद कासिम बताया और स्वीकार किया कि वह मूलतः बिहार का रहने वाला है. यही नहीं, उसने यह भी स्वीकारा कि उसके पिता का नाम अब्बास है जो कि बिहार में मौलवी हैं. पुलिस के मुताबिक, कासिम कई महीनों से मंदिर में रह रहा था और दान-पुण्य की राशि को भी अपने व्यक्तिगत उपयोग में ला रहा था. एसपी सिटी मेरठ आयुष विक्रम सिंह ने  बताया कि थाना दौराला क्षेत्र स्थित एक मंदिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति स्वयं को हिंदू बताकर पुजारी के रूप में रह रहा है. मौके पर पहुंचकर पूछताछ की गई तो व्यक्ति की पहचान मोहम्मद कासिम, निवासी बिहार के रूप में हुई. उसने अपना नाम बदलकर कृष्ण रख लिया था और मंदिर में रहकर पूजा-पाठ के नाम पर दान-दक्षिणा भी एकत्र कर रहा था. पुलिस ने बताया कि मंदिर से दान की गई राशि के गलत इस्तेमाल और धार्मिक पहचान छिपाकर आस्था से खिलवाड़ करने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. बिहार से सत्यापन जारी पुलिस ने आरोपी के दावों की पुष्टि के लिए बिहार पुलिस से संपर्क साधा है और उसके निवास की जांच कराई जा रही है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह कोई सुनियोजित साजिश थी या किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए की गई धोखाधड़ी. एसपी सिटी ने स्पष्ट किया है कि यदि इस मामले में कोई और व्यक्ति भी संलिप्त पाया गया या अगर कोई संगठित प्रयास नजर आता है, तो उस दिशा में भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

चंद्रास्वामी के चेले हर्षवर्धन जैन की दोबारा गिरफ्तारी, फर्जी दूतावास चला रहा था गाजियाबाद में

गाजियाबाद  दिल्ली से महज 35 किमी दूर अपने किराए के मकान सें West Artica, Saborga, Poulvia, Londonia जैसे काल्पनिक देशों के फर्जी दूतावास चलाने वाले स्वयंभू राजनयिक हर्षवर्धन जैन को लेकर कई खुलासे हो रहे हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने आरोपी को गाजियाबाद के कविनगर इलाके से अरेस्ट किया था. आरोपी खुद को इन काल्पनिक देशों का कॉन्सुल या एम्बेसडर बताता था और विदेशों में नौकरी तथा बिजनेस डील कराने का वादा करके लोगों से पैसे ऐंठता था. उसका यह ठगी का नेटवर्क सात साल तक एक्टिव रहा. एसटीएफ ने हर्षवर्धन को उसके किराए के मकान से गिरफ्तार कर 44.7 लाख रुपये नकद, 34 रबर स्टैंप, विदेशी मुद्रा, 12 फर्जी राजनयिक पासपोर्ट, 18 नकली डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट और चार लग्जरी गाड़ियां जब्त कीं. चंद्रास्वामी और हथियार डीलर से भी जुड़े थे तार पुलिस के अनुसार, हर्षवर्धन जैन का विवादास्पद धर्मगुरु और तांत्रिक चंद्रास्वामी और अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर अदनान खशोगी से भी पुराना संबंध रहा है. साल 2011 में भी काविनगर थाने में उस पर अवैध सैटेलाइट फोन रखने का मामला दर्ज हुआ था. पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के करीबी माने जाने वाले तांत्रिक चंद्रास्वामी का विवादों से गहरा नाता रहा है. नरसिम्हा राव सरकार के दौरान सामने आए कई घोटालों की परछाई चंद्रास्वामी तक भी पहुंची थी. हालात ऐसे बने कि उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भी जाना पड़ा. हर्षवर्धन ने पीएम, राष्ट्रपति और अन्य नामी हस्तियों के साथ एडिट की गई तस्वीरें भी इस्तेमाल कीं ताकि लोगों पर प्रभाव डाल सके और ठगी कर सके. उसके पास से फर्जी विदेश मंत्रालय की मुहर, प्रेस कार्ड, और विभिन्न देशों की सील भी बरामद की गई है. नौकरी और हवालाबाजी के नाम पर चलाता था ठगी रैकेट एसटीएफ एसएसपी सुशील घुले ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि जैन कई देशों के राजदूतों का रूप धारण कर रहा था और लोगों को विदेश में नौकरी और संपर्क का झूठा वादा करके उन्हें फंसा रहा था. उन्होंने आगे बताया, "उसका मुख्य उद्देश्य इन फर्जी पहचानों का इस्तेमाल दलाली करने, विदेशों में नौकरी दिलाने का दावा करने और फर्जी कंपनियों के जरिए हवाला रैकेट चलाने के लिए करना था." वह फर्जी दूतावास की आड़ में हवाला कारोबार और दलाली का रैकेट भी चला रहा था. 2011 में कविनगर थाने में दर्ज मामले के अलावा अब एक बार फिर उसके खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की गई है. एसटीएफ इंस्पेक्टर सचिन कुमार ने पीटीआई को बताया कि जैन के फर्जी दूतावास में "इन देशों के झंडे" भी लगे थे, जिन्हें असली वाणिज्य दूतावास का आभास देने के लिए परिसर में नियमित रूप से फहराया जाता था.

एग्रीकल्चर के छात्र की आत्महत्या से सनसनी, जांच जारी

भिलाई  सुपेला थाना क्षेत्र अंतर्गत साईं नगर में एक 26 वर्षीय एग्रीकल्चर के छात्र ने आत्महत्या कर ली. घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है. बुधवार शाम (23 जुलाई) को युवक घर पर अकेला था, इसी दौरान उसने खुदखुशी कर ली. घटना के बाद लोगों ने परिजनों और पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम किया और पीएम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया है. जानकारी के अनुसार, मृतक का नाम इंद्रप्रीत सिंह सैनी है और वह भिलाई में रहकर एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहा था. इंद्रप्रीत के पिता जनरल सिंह सैनी जगदलपुर में लोक निर्माण विभाग (PWD) में SDO हैं और मां एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं. बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिजन जगदलपुर से तुरंत भिलाई के लिए रवाना हुए और शाम तक साईं नगर स्थित घर पहुंचे. परिजनों का कहना है कि इंद्रप्रीत दो भाइयों में बड़ा और स्वभाव से बेहद शांत था. उसने किसी तरह की परेशानी में होने की बात नहीं बताई थी और न ही ऐसे कोई संकेत पहले कभी मिले थे. उसने ये कदम क्यों उठाया यह उन्हें समझ नहीं आ रहा है. आत्महत्या का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है. पुलिस परिजनों और दोस्तों समेत आस-पास के लोगों से पूछताछ कर घटना का कारण जानने का प्रयास कर रही है.

ड्रग्स तस्करी के साथ यौन शोषण की पुष्टि, MP में गिरी कार्रवाई की गाज, 6 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल  भोपाल क्राइम ब्रांच ने तीन दिन पहले एमडी ड्रग्स के साथ दो तस्करों को पकड़ा था, लेकिन अब इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इस गिरफ्तारी के बाद मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. यह लोग सिर्फ लड़कियों को नशे ही नहीं बेच रहे थे, बल्कि उन्हें नशे की लत लगाकर उनके साथ रेप भी कर रहे थे. मामले में गिरफ्तार एक आरोपी यासिन के मोबाइल में पुलिस को कई लड़कियों के साथ रेप करते, अश्लील वीडियो मिले हैं. पुलिस ने इनके पास से एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त की है.  क्लब, जिम और पार्टियों में बनाते थे निशाना दरअसल, इसकी शुरुआत हुई थी पिछले हफ्ते जब भोपाल क्राइम ब्रांच ने क्लबों, जिम और पार्टियों में युवाओं को निशाना बनाने वाले एक हाई-प्रोफाइल ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया था. तब क्राइम ब्रांच ने सैफुद्दीन और आशु उर्फ शाहरुख को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने उससे पूछताछ के आधार पर अब 2 और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके नाम यासीन और शावर हैं. पुलिस ने इनके पास से ड्रग्स, पिस्टल और 2 महंगी कारें बरामद की हैं. मोबाइल में मिले लड़कियों के साथ दुष्कर्म के वीडियो क्राइम ब्रांच ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें से एक यासीन क्लब में डीजे का काम करता है. जिसके पास से पुलिस ने 1.05 ग्राम एमडी ड्रग्स, एक पिस्टल और एक महिंद्रा स्कॉर्पियो कार जब्त की है. पुलिस ने जब मोबाइल की गैलरी खंगाली तो उसमें कई लड़कियों के साथ अश्लील और धमकी भरी चैट के साथ लड़कियों के शारिरिक शोषण के कई वीडियो भी मिले हैं, जिसके बाद पुलिस के कान खड़े हो गए हैं, क्योंकि भोपाल के एक निजी कॉलेज की लड़कियों के साथ भी गिरोह बनाकर रेप और ब्लैकमेलिंग मामले की जांच अभी चल ही रही है और पुलिस अब वीडियो में दिख रही लड़कियों की पहचान कर और उनसे संपर्क कर मामले की जानकारी लेने में जुट गई है. वहीं एक अन्य आरोपी शावर जो प्रॉपर्टी का काम करता है, उसके पास से 2.052 ग्राम एमडी ड्रग्स समेत एक महिंद्रा बीई-6 कार बरामद की गई है.  नशे की आड़ में युवतियों का शोषण, ब्लैकमेलिंग के वीडियो मिले भोपाल के क्लबों और पबों में एमडी ड्रग्स की तस्करी करने वाले ड्रग माफिया चाचा-भतीजे शाहवर अहमद और यासीन अहमद की गिरफ्तारी के बाद शहर में ड्रग पार्टी कल्चर और उसकी आड़ में हो रहे युवाओं के शोषण का सनसनीखेज राजफाश हुआ है। आरोपित ड्रग माफिया चाचा-भतीजे शहर के पबों और क्लबों में ड्रग पार्टी का आयोजन करते थे। इसके साथ ही इनमें पार्टियों में शामिल होने वाले युवाओं को कभी जाने तो कभी अनजाने में एमडी जैसे ड्रग का नशा करवाते और फिर उन्हें अपने ठिकानों पर ले जाकर ब्लैकमेल करते। दोनों आरोपित पार्टी के बाद नशे में चूर युवतियों का शारीरिक शोषण करते हुए उनका वीडियो बनाते थे। इसके साथ ही मदहोश युवकों से बंदूक की नोंक पर अड़ीबाजी करते थे। इन ड्रग माफियाओं के मोबाइल से करीब 35 युवतियों से शोषण के वीडियो भी मिले हैं। बंदूक पर अड़ीबाजी भी कैमरे में कैद हुई है। 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया भोपाल क्राइम ब्रांच ने इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इस कार्य में लिप्त छह आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया है। इनमें अलग-अलग कालेजों व पार्टियों में ड्रग खपाने वाले सैफुद्दीन, आशू उर्फ शाहरुख, समीरउद्दीन और सोहेल खान शामिल हैं। पुलिस को शंका है कि इस गिरोह से बड़ी संख्या में और भी तस्कर जुड़े हैं, जिनकी तलाश के लिए क्राइम ब्रांच की 10 टीमें जुटी हैं। क्राइम ब्रांच पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया है कि आरोपित शाहवर अहमद दूसरे राज्यों से ड्रग मंगवाता था। उसका भतीजा यासीन शहर के क्लबों व पबों में आयोजित पार्टियों में एमडी ड्रग सप्लाई करता था। इसके साथ ही कालेज छात्रों व अन्य ग्राहकों तक भी पहुंचाता था। उसके साथ कई अन्य तस्कर भी जुड़े थे। फरवरी 2025 में क्राइम ब्रांच ने रुस्तम खां अहाता के पास से 20 वर्षीय समीरउद्दीन और 23 वर्षीय सोहेल खान को एमडी ड्रग के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपित तलैया क्षेत्र के रहने वाले थे। एमडी पाउडर की तस्करी करते हुए पकड़ा था उन्होंने पूछताछ में सैफुउद्दीन नामक तस्कर से एमडी ड्रग्स खरीदने की जानकारी दी थी। इस मामले में सैफुद्दीन पर पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। सैफुद्दीन 18 जुलाई को गोविंदपुरा क्षेत्र में अपने साथी शाहरुख हसन के साथ एमडी पाउडर की तस्करी करते हुए पकड़ा गया था। दोनों के पास से एमडी ड्रग मिला था। पूछताछ में दोनों आरोपितों ने शाहवर अहमद और यासीन अहमद का नाम बताया था। इसके साथ ही उन्होंने पार्टियों और जिम में लोगों को नशे का आदी बनवाने की बात कबूली थी। शाहवर और यासीन के पास से एमडी ड्रग्स, कार और बंदूक जब्त की गई है। प्रापर्टी डीलिंग का काम भी करता है मास्टर माइंड आरोपित शाहवर अहमद मास्टर माइंड है। वह गांधीनगर क्षेत्र की एक पाश कालोनी में रहता है। वह प्रापर्टी डीलिंग का काम करता है, वहीं उसका भतीजा यासीन अहमद बुधवारा क्षेत्र में परिवार के साथ रहता है। वह डीजे ऑपरेटर है और शहर की महंगी पार्टियों में डीजे प्ले करता है। यासीन शहर के कई क्लब और पबों के संचालकों के संपर्क में था। वह क्लबों में आयोजित पार्टियों में नशा परोसता था। पुलिस को आशंका है कि दोनों मुख्य आरोपित करीब आठ से दस साल से नशे के काले कारोबार से जुड़े हैं। मछली कारोबारी शरीफ और शारिक के परिवार से हैं आरोपित गिरोह के दोनों मुख्य आरोपित शहर के बड़े मछली कारोबारी शरीफ अहमद के बेटे और भतीजे हैं। शाहवर अहमद शरीफ का बेटा था, जबकि यासीन शरीफ के बेटे शफीक का बेटा है। शरीफ के एक अन्य पुत्र शारिक अहमद उर्फ शारिक मछली का नाम भोपाल के दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड के आरोपितों से जुड़ा था। ऐसे में, माना जा रहा है कि नशे के इन तस्करों का निशाना दूसरे धर्म से जुड़े युवक-युवतियां होती थीं। राजनेताओं से गहरा कनेक्शन, विधायक का दिवंगत पुत्र था दोस्त मछली कारोबार से जुड़े होने के कारण शरीफ मछली का लंबे समय से राजनेताओं से … Read more

तहसील मझौली में पौधरोपण एवं पर्यावरण जागरूकता शिविर

सीधी   म.प्र.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी के अध्यक्ष श्री प्रयाग लाल दिनकर के मार्गदर्शन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी श्री मुकेश कुमार शिवहरे, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मझौली सुश्री शिवांगी सिंह परिहार, सुश्री रूचि परते द्वारा बुधवार दिनांक 23.07.2025 को तहसील मझौली में पर्यावरण जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के पौधे रोपित किए गए तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला गया।   कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना एवं अधिकाधिक पौधरोपण को प्रोत्साहित करना था। सचिव श्री मुकेश कुमार शिवहरे ने अपने संबोधन में नागरिकों से अपील की है कि वे पर्यावरण की रक्षा हेतु सक्रिय भूमिका निभाएं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मझौली सुश्री शिवांगी सिंह परिहार ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पौधरोपण आवश्यक है। प्रत्येक नागरिक को कम से कम एक पौधा लगाना चाहिए एवं उनकी देखभाल करनी चाहिए।   यह कार्यक्रम जन-जागरूकता और सामाजिक सहभागिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं अधिवक्तागण ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने मिलकर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

रीवा शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव

रीवा  रीवा जिले में शिक्षा विभाग लंबे समय से अनुकंपा नियुक्तियों में हुए विवादों और प्रशासनिक अस्थिरता से जूझ रहा था। इस असमंजस और अव्यवस्था के दौर में अब एक नई शुरुआत की उम्मीद के साथ, रामराज प्रसाद मिश्रा ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) का पदभार संभाल लिया है। पूर्व अधिकारी के निलंबन के बाद आई बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई यह नियुक्ति उस समय हुई है जब पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी सुदामा लाल गुप्ता को अनुकंपा नियुक्तियों में अनियमितताओं और फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर नियुक्ति स्वीकृति देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। रीवा संभाग के आयुक्त बी. एस. जामोद द्वारा गठित विशेष जांच समिति ने 37 मामलों की समीक्षा के बाद 5 मामलों में गंभीर गड़बड़ियाँ उजागर की थीं। नतीजतन, तत्कालीन डीईओ सुदामा गुप्ता और योजना अधिकारी अखिलेश मिश्रा को सेवा से निलंबित किया गया। तब से, डीपीसी (जिला परियोजना समन्वयक) श्री विनय कुमार मिश्रा को अस्थायी रूप से प्रभारी डीईओ का कार्यभार सौंपा गया था। रामराज प्रसाद मिश्रा: अनुभव और ईमानदारी का प्रतीक श्री मिश्रा, जिन्होंने अब नए डीईओ का कार्यभार ग्रहण किया है, एक वरिष्ठ शिक्षक और प्रशासक हैं। वह पहले शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बैकुंठपुर में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थे, और साथ ही सिरमौर विकासखंड के BEO (ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर) का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। श्री मिश्रा को शिक्षा क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का जमीनी अनुभव है। उनकी प्रशासनिक पकड़, शिक्षकों और छात्रों के साथ मजबूत संवाद, और नीतिगत अनुशासन उन्हें एक भरोसेमंद नेतृत्वकर्ता बनाता है। स्थानीय शिक्षक संघों और अधिकारियों ने उनकी नियुक्ति का स्वागत करते हुए इसे “स्थिरता और पारदर्शिता की दिशा में एक सकारात्मक कदम” बताया। नव-नियुक्त डीईओ की प्राथमिकताएं पदभार संभालते ही मीडिया से बातचीत में श्री मिश्रा ने कहा: "मेरी पहली प्राथमिकता शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारना है। शासन की नीतियों का पूर्ण पालन, शिक्षकों की समय पर उपस्थिति, पाठ्यक्रम की समयबद्ध समाप्ति, बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार — ये सब प्राथमिक लक्ष्य होंगे।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग में किसी भी प्रकार की अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्र-केंद्रित शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा दिया जाएगा। स्कूलों में प्रशासनिक अनुशासन, शिक्षकों की जवाबदेही और अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। बड़ी चुनौतियाँ 1. अनुकंपा नियुक्तियों की बदनाम पृष्ठभूमि में भरोसे की पुनर्स्थापना 2. ग्रामीण एवं शहरी स्कूलों के बीच गुणवत्ता अंतर को पाटना 3. शिक्षकों की कमी और विद्यालयों की बुनियादी ज़रूरतों की पूर्ति 4. बोर्ड परिणामों और शैक्षणिक अनुशासन में सुधार लाना समाप्ति — एक नई शुरुआत की उम्मीद रीवा शिक्षा विभाग लंबे समय से एक योग्य, निष्पक्ष और अनुशासित नेतृत्व की प्रतीक्षा कर रहा था। श्री रामराज प्रसाद मिश्रा की नियुक्ति उसी दिशा में एक निर्णायक कदम है। शिक्षक समुदाय, अभिभावक और छात्र सभी आशावान हैं कि अब रीवा की शिक्षा व्यवस्था को एक नया, स्थिर और पारदर्शी नेतृत्व प्राप्त हुआ है — जो न केवल व्यवस्था को ठीक करेगा, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को भी नई ऊँचाई देगा।

सीएम विष्णु देव साय ने हरेली पर दी प्रदेश को बधाई, कहा– प्रकृति से जुड़ने का पर्व है हरेली

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के परंपरागत लोकपर्व हरेली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की मिट्टी से जुड़ा ऐसा पर्व है, जो हमारी कृषि संस्कृति, लोक परंपरा और प्रकृति प्रेम का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेली पर्व खेती-किसानी से जुड़ा पहला त्योहार है, जिसमें किसान अपने कृषि उपकरणों की पूजा कर धरती माता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं। यह पर्व न केवल अच्छी फसल की कामना का अवसर है, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य की भावना को भी प्रकट करता है। साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि इस वर्ष हरेली पर्व को हम और भी सार्थक बनाएं — धरती माता की पूजा के साथ वृक्षारोपण करें, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित हो सके। यह पर्व केवल परंपरा नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रतीक बने। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि हरेली पर्व प्रदेशवासियों के जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और हरियाली लेकर आए। उन्होंने सभी नागरिकों से इस लोकपर्व को आपसी सौहार्द, प्रकृति प्रेम और परंपरा के सम्मान के साथ मनाने का आह्वान किया।