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सड़क दुर्घटनाओ और भ्रस्टाचार के विरोध में 23 जुलाई को कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगी कांग्रेस

सड़क दुर्घटनाओ और भ्रस्टाचार के विरोध में 23 जुलाई को कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगी कांग्रेस  राज्यपाल के नाम कलेक्टर को सौपेगे ज्ञापन    सिंगरौली  सड़क दुर्घटनाओ, शासकीय दफ़्तरों में व्याप्त भ्रस्टाचार, खाद -बीज की कमी और बार-बार बिजली कटौती को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण और शहर के संयुक्त तत्वाधान में 23 जुलाई को कलेक्ट्रेट  का घेराव किया जायेगाl  जिसमें विभिन्न समस्याओ के निराकरण हेतु राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौपेगेl  जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष  जीतू पटवारी के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश भर में खाद की उपलब्धता में कमी, बिगड़ती कानून व्यवस्था, नशे का बढ़ता कारोबार, जर्जर सड़क, महंगी एवं बार बार गुल होती बिजली, गंदा पानी, दिन-प्रतिदिन लगातार बढ़ता टैक्स, सिंगरौली जिले की स्थानीय जन समस्याओं जैसे- प्रतिदिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं के कारण असमय हो रही मौत से बचाव के लिए वैकल्पिक सुविधाओं की मांग, कोल ट्रांसपोर्ट के लिए बाईपास की मांग, प्रशासनिक स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर जिला स्तर पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। इसके संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली शहर  अध्यक्ष अरविन्द सिंह चंदेल एवं ग्रामीण  अध्यक्ष ज्ञानेंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में 23 जुलाई को  दोपहर 3 बजे राजीव चौक माजन मोड़ से चलकर पदयात्रा के माध्यम से विरोध प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय सिंगरौली पहुंचकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। कलेक्ट्रेट कार्यालय में ज्ञापन देने के लिए सिंगरौली जिले से कांग्रेस पार्टी के सभी वरिष्ठ नेतागण, जिले में निवासरत प्रदेश कांग्रेस के समस्त पदाधिकारी गण, नगरीय निकाय के नेता प्रतिपक्ष, उपनेता प्रतिपक्ष एवं समस्त पार्षदगण, जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष गण, पदाधिकारी एवं पूर्व पदाधिकारीगण, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल, एनएसयूआई के वर्तमान एवं पूर्व अध्यक्ष, समस्त पदाधिकारी सभी सहयोगी संगठनों एवं प्रकोष्ठों के वर्तमान एवं पूर्व अध्यक्ष पदाधिकारी ब्लॉक मंडलम सेक्टर के अध्यक्ष गण एवं पदाधिकारी गण, सभी बीएलए एवं बूथों के अध्यक्षों से आवश्यक रूप से शामिल होने की अपील की गई हैl

उप मुख्यमंत्री साव ने 30 करोड़ रुपए के कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

शहर को भी अपना घर समझें और स्वच्छ रखे :  अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने अटल परिसर का किया लोकार्पण, पूर्व प्रधानमंत्री  अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया उप मुख्यमंत्री साव ने 30 करोड़ रुपए के कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन बिलासपुर  उप मुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज कोरबा नगर निगम कोरबा में लगभग 30 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें भूमिपूजन के 74 कार्य, राशि 24 करोड़ 76 लाख रुपए और लोकार्पण के 19 कार्य राशि चार करोड़ 60 लाख रुपए शामिल हैं। श्री साव ने विवेकानंद उद्यान के सामने अटल परिसर का लोकार्पण किया। उन्होंने अटल परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, कोरबा नगर निगम की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर भी शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह गौरव की बात है कि अब प्रदेश के नगरीय निकायों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त होने लगा है। कोरबा नगर निगम को भी स्वच्छता के लिए पुरस्कार मिलना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि कोरबा में तेज गति से स्वच्छता के काम हो रहे हैं। आने वाले समय में कोरबा नम्बर वन पर रहे, इसके लिए आमजनों का सहयोग जरूरी है। श्री साव ने कहा कि जिस तरह हर व्यक्ति अपने घर को स्वच्छ रखता है, उसी तरह शहर को भी अपना घर समझें और स्वच्छ रखें। कोरबा शहर साफ-सुथरा हो, इसके लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।  श्री साव ने कोरबा के विकास के लिए नगर निगम में 72 कार्यों हेतु 18 करोड़ रुपए और देने की घोषणा करते हुए कहा कि कोरबा ऊर्जाधानी है और यहाँ के लोगों में ऊर्जा बनी रहे, इस दिशा में कार्य करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में विकास के लिए राशि उपलब्ध कराई जा रही है। अकेले कोरबा नगर निगम को 280 करोड़ की राशि विकास कार्यों के लिए दी गई है। उन्होंने कहा कि कोरबा जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की राशि से भी विकास के कार्य कराए जा रहे हैं।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्योग व वाणिज्य तथा श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कोरबा के विकास के लिए पर्याप्त राशि प्रदान की है। इसके अलावा डीएमएफ और अन्य मद से भी कोरबा को विभिन्न कार्यों के लिए राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जिले से प्राप्त राशि को जिले में ही खर्च करने की व्यवस्था प्रदान की है। इससे कोरबा में लगातार विकास के कार्य कराए जा रहे हैं।  श्री देवांगन ने शहर के सभी 67 वार्डों में समग्र विकास कार्य कराने के लिए संकल्पित होने की बात कही और स्वच्छता के मामले में देश की रैंकिंग में नम्बर वन बनाने की दिशा में कार्य करने और आम नागरिकों से भी इसके लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने अटल परिसर के निर्माण और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण होने पर इसे कोरबा के लिए गौरव बताया। कार्यक्रम को महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर श्री अजीत वसंत, एसपी श्री सिद्दार्थ तिवारी और निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय सहित पार्षदगण और अन्य जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

लीला साहू की जिद हुई कामयाब, आखिरकार शुरू हुआ सड़क का काम

सीधी  सीधी जिले की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लीला साहू की मुखर आवाज रंग लाई. गर्भवती महिला की मांग पर अब सड़क निर्माण कार्य शुरू हो गया है. इसकी जानकारी खुद लीला ने ही एक वीडियो के जरिए दी.  रामपुर नैकिन विकासखंड इलाके के खड्डी खुर्द के बगैया टोला से गजरी को जोड़ने वाली सड़क की बेहद खराब स्थिति में थी. इसी को लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लीला साहू पिछले एक साल से संघर्ष कर रही थीं.  उन्होंने जिले के कलेक्टर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री  मोहन यादव, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और सांसद राजेश मिश्रा से सड़क निर्माण की मांग की थी. सड़क निर्माण के लिए ग्रामीणों संग आवाज उठाती गर्भवती लीला. लीला ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर सड़क की दुर्दशा दिखाई, जिससे भाजपा सरकार की काफी किरकिरी हुई.  लीला साहू का कहना था कि खराब सड़क होने से गांव की छह गर्भवती महिलाओं को अस्पताल जाने के लिए एंबुलेंस उनके घर तक नहीं पहुंच पाएगी. इस मामले में प्रदेश के लोक निर्माण  (PWD) मंत्री राकेश सिंह और सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के बेतुके बयानों से भी विवाद हुआ. अब जिला प्रशासन ने बारिश के समय लीला साहू और गांव की समस्या को संज्ञान में लेते हुए सड़क निर्माण का प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिया है. लीला साहू ने खुद सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर जेसीबी मशीन और रोलर के साथ सड़क निर्माण कार्य दिखाया और खुशी जाहिर की.  सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लीला ने कहा कि खराब सड़क के कारण एक बार उनके घर तक एंबुलेंस नहीं आ पाई थी, अब इसीलिए सड़क पर अस्थायी काम शुरू हो गया है ताकि एंबुलेंस पहुंच सके.  

श्रद्धालुओं की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त: हल्देश्वर महादेव से लौटते समय हुआ हादसा, कई घायल

जैसलमेर सावन माह के पावन अवसर पर हल्देश्वर महादेव मंदिर के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं का वाहन हादसे का शिकार हो गया। छप्पन की पहाड़ियों के पास एक बोलेरो कैंपर अनियंत्रित होकर अचानक पलट गई, जिससे उसमें सवार दस श्रद्धालु घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनकर अन्य श्रद्धालु सहायता के लिए दौड़े। जानकारी के अनुसार, यह बोलेरो कैंपर पीपलून की पहाड़ियों से ढलान उतर रही थी। तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से गाड़ी पलट गई। वाहन पलटते ही उसमें बैठे श्रद्धालु इधर-उधर गिर पड़े। कई श्रद्धालु गाड़ी के भीतर फंस गए, जिन्हें बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर मौजूद बालोतरा निवासी संजय निंबार्क ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए अन्य श्रद्धालुओं के साथ मिलकर घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला और अपने निजी वाहन से उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हादसे में घायल हुए लोगों में बालोतरा के गांधीपुरा निवासी साधना पत्नी महेंद्र कुमार माली, बसंती पत्नी रामस्वरूप माली, धीरज कुमार पुत्र लूणसिंह राजपूत, हर्षिता पुत्री श्रवण कुमार माली, संगीता पत्नी गौतम कुमार माली शामिल हैं। वहीं, भीलवाड़ा निवासी अमृता पत्नी अमित माहेश्वरी, मर्णाक पुत्र अमित माहेश्वरी एवं अमित पुत्र ओमप्रकाश माहेश्वरी भी चोटिल हुए। इन सभी को सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद बालोतरा रेफर किया गया। दुर्घटना में घायल दो श्रद्धालु दीपक पुत्र मेवाराम माली और सरोज पत्नी मेवाराम माली की हालत गंभीर बताई गई है। उन्हें जोधपुर रेफर किया गया है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही सिवाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाने में सहयोग किया। साथ ही दुर्घटनास्थल का मुआयना कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई। हादसे की खबर सुनते ही नाहटा अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। पूर्व विधायक मदन प्रजापत और माली समाज के अनेक गणमान्य लोग भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हल्देश्वर महादेव मंदिर के लिए पहाड़ियों से होकर गुजरने वाला मार्ग बारिश के चलते काफी फिसलन भरा हो गया है। इसी कारण इस तरह की दुर्घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है। तहसीलदार रायचंद देवासी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि बरसात के मौसम में विशेष सतर्कता बरतें और अनावश्यक जोखिम न लें। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पीपलून से हल्देश्वर महादेव मंदिर तक जाने वाले मार्ग को अस्थायी रूप से सभी वाहनों के लिए बंद कर दिया है। अब श्रद्धालुओं को मंदिर तक जाने के लिए अपने वाहन पहाड़ की तलहटी में ही छोड़ने होंगे और पैदल यात्रा करनी होगी। प्रशासन की ओर से मार्गदर्शन और सुरक्षा के लिए मौके पर विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी दोबारा न हो। साथ ही, श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे वर्षा के मौसम में पहाड़ी मार्गों पर सावधानीपूर्वक यात्रा करें।  

राजस्थान टेबल टेनिस विवाद: संघ पर साजिश के आरोप, खिलाड़ियों का भविष्य अधर में

जयपुर राजस्थान टेबल टेनिस संघ (RTTA) के वैध प्रबंधन को अस्थिर करने के प्रयासों को लेकर संघ के अध्यक्ष मुकुल गुप्ता और उपाध्यक्ष ललित सिंह ने जयपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ के खिलाफ एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा है, जिससे न केवल संस्था की वैधानिकता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं, बल्कि राज्य के खिलाड़ियों का भविष्य भी संकट में डाल दिया गया है। गुप्ता ने बताया कि 11 फरवरी 2023 को हुए संघ के चुनाव राजस्थान ओलंपिक संघ, राज्य खेल परिषद और अधिकृत निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में पूरी तरह पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हुए थे। चुनाव प्रक्रिया में राजस्थान खेल अधिनियम 2005 का पूरी तरह पालन किया गया और इसे संबंधित सभी प्राधिकरणों से मान्यता प्राप्त है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमाण पत्रों की प्रतियां भी साझा कीं। हालांकि, हाल ही में चल रहे षड्यंत्रों के कारण खिलाड़ियों को "राजस्थान" के नाम से प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहे हैं। इसका सीधा असर खिलाड़ियों की राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी पर पड़ा है, जिससे उनकी प्रतियोगिताओं में मान्यता प्रभावित हो रही है। इससे न केवल खिलाड़ियों का मनोबल गिरा है, बल्कि उनके खेल करियर पर भी गंभीर संकट मंडरा रहा है। उपाध्यक्ष ललित सिंह ने कहा कि यदि यह स्थिति शीघ्र नहीं सुलझी, तो राज्य के कई होनहार टेबल टेनिस खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने राज्य सरकार और खेल विभाग से अपील की कि वे इस मुद्दे पर गंभीरता से संज्ञान लें और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करें। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि वे कानूनी और वैधानिक स्तर पर इस षड्यंत्र का मुकाबला करेंगे और खिलाड़ियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे।

खेलों से युवा बनते हैं मजबूत और आत्मविश्वासी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : खेल युवाओं में साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प का विकास करते हैं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खेल युवाओं में साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प का विकास करते हैं मुख्यमंत्री साय वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री साय वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में हुए शामिल मुख्यमंत्री साय वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में हुए शामिल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज देर शाम राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर देश के 28 राज्यों से आए लगभग 1200 प्रतिभागियों और 300 कोचों का भगवान श्रीराम की ननिहाल और माता कौशल्या की पावन धरती छत्तीसगढ़ में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि यह राज्य का सौभाग्य है कि वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग फेडरेशन ने इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ को चुना। मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ राज्य की विशेषताओं से अवगत कराते हुए बताया कि यह देश के हृदयस्थल पर स्थित एक छोटा, परंतु अत्यंत समृद्ध प्रदेश है, जिसका 44 प्रतिशत भूभाग सुरम्य वनों से आच्छादित है। यहाँ 5,000 वर्ग किलोमीटर में फैला सघन अबूझमाड़ क्षेत्र है, जहाँ सूर्य की किरणें तक नहीं पहुँचतीं। राज्य में मनोरम जलप्रपात, सुंदर गुफाएँ, समृद्ध खनिज संपदा और सांस्कृतिक विविधता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने देशभर से आए खिलाड़ियों को आग्रहपूर्वक छत्तीसगढ़ घूमने का निमंत्रण भी दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किक बॉक्सिंग जैसे खेल युवाओं में साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि “यह आयोजन निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और अधिक सशक्त स्थान प्रदान करेगा।” मुख्यमंत्री ने किक बॉक्सिंग एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ को इस भव्य आयोजन के लिए साधुवाद देते हुए कहा कि खेल जीवन का अभिन्न अंग हैं, जो केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और समर्पण का भी पाठ सिखाते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे मेहनत, लगन और जुनून के साथ अपने लक्ष्यों की दिशा में निरंतर अग्रसर रहें। मुख्यमंत्री ने कहा, “जीत और हार जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन असली लक्ष्य अपनी क्षमता को पहचानना और उसे निखारना होना चाहिए।” मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित खेलो इंडिया कार्यक्रम की सराहना करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों को इस योजना से जोड़ा गया है, ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के खिलाड़ियों को समान अवसर प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन योजनाओं पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 1 से 3 करोड़ रुपये तक की पुरस्कार राशि देने की योजना सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के तहत खेल मैदानों का उन्नयन, उच्च स्तरीय उपकरणों की व्यवस्था, खेल क्लबों को आर्थिक सहायता तथा पारंपरिक खेलों के आयोजन सुनिश्चित किए गए हैं। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को प्रतिस्पर्धा में भागीदारी के लिए शुभकामनाएँ दीं और आशा जताई कि आगामी वर्षों में छत्तीसगढ़ देश में खेलों के क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि किक बॉक्सिंग जैसे खेल विशेष रूप से बालिकाओं की आत्मरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने सभी स्कूली छात्र-छात्राओं से पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में खेलों को हर स्तर पर प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में खेल अकादमियों और आधारभूत संरचनाओं का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग फेडरेशन के अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, छत्तीसगढ़ किक बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष छगन मुंदड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, ऑब्जर्वर श्रीमती रेणु पारीख, मुरली शर्मा, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं खेलप्रेमीजन उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में 22 स्वर्ण, 18 रजत एवं 26 कांस्य पदकों के साथ पंजाब ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 21 स्वर्ण, 16 रजत एवं 29 कांस्य पदकों के साथ महाराष्ट्र द्वितीय और 12 स्वर्ण, 14 रजत एवं 15 कांस्य पदकों के साथ तमिलनाडु तृतीय स्थान पर रहा। इस चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ ने 8 स्वर्ण, 13 रजत और 37 कांस्य पदक प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर छठवाँ स्थान अर्जित किया, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है। इसके साथ ही असम रायफल्स को सर्वश्रेष्ठ अनुशासित टीम के रूप में सम्मानित किया गया।

महाकाल के दरबार में श्रावण की श्रद्धा, महाकाल मंदिर में आस्था का जनसागर

उज्जैन  श्रावण के दूसरे सोमवार पर भगवान महाकाल की विशेष भस्मारती हुई, इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने चलित भस्मारती के दर्शन किए। सुबह से ही बड़ी संख्या में भोलेनाथ के भक्त मंदिर में उनके दर्शन पाने को उमड़ रहे हैं। शहर के हरसिद्धि मंदिर, गढ़ कालिका मंदिर, काल भैरव मंदिर और मंगलनाथ मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आज श्रावण के दूसरे सोमवार पर बाबा महाकाल की सवारी के दर्शन के लिए भी भक्त उज्जैन पहुंच रहे हैं। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास का उल्लास छाया है। श्रावण मास के दूसरे रविवार को मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देशभर से आए ढाई लाख से अधिक भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। भस्म आरती में भी 6616 दर्शनार्थियों ने चलायमान दर्शन व्यवस्था का लाभ लिया। कम समय में सुविधा से भगवान महाकाल के दर्शन कर भक्त खुश नजर आए। श्रावण के दूसरे सोमवार पर सुबह से ही मध्यप्रदेश के शिवालयों में भक्त पहुंच रहे हैं। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में स्वस्तिवाचन कर पट खोले गए। कर्पूर आरती के बाद नंदी का स्नान, ध्यान, पूजन किया गया। भगवान महाकाल का जल अभिषेक करने के बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट, आभूषण, भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट से श्रृंगार कर भस्म अर्पित की गई। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाला और रुद्राक्ष के साथ-साथ सुगंधित फूलों की माला भगवान महाकाल ने धारण की। फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया। शाम चार बजे जगतपिता महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव भी महाकाल की सवारी में शामिल होंगे। सुबह साढ़े 10 बजे तक यहां 85 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। खंडवा के ओंकारेश्वर में सुबह 5 बजे मंगला आरती हुई। ओंकार महाराज का फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। नैवेद्य में 56 भोग अर्पित किए गए। ग्वालियर में अचलेश्वर महादेव मंदिर को फूलों से सजाया गया है। सुबह 4 बजे से ही भक्त यहां भोले को अभिषेक करने पहुंच रहे हैं। सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में विशेष अनुष्ठान किए जा रहे हैं। रात से ही कांवड़ यात्रियों की भी कतारें लगी हैं। भोपाल के बड़वाले महादेव, गुफा मंदिर, रायसेन के भोजपुर में भोजेश्वर महादेव में भी श्रद्धालु शिवशंकर के दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। छतरपुर के जटाशंकर धाम को फूलों से सजाया गया है। सुबह 4:30 बजे से रात 11 बजे तक दर्शन महाकाल मंदिर समिति द्वारा भगवान महाकाल के दर्शन करने आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या का निर्धारण हेडकाउंटिंग मशीन द्वारा किया जाता है। मंदिर से प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 जुलाई रविवार को तड़के 3 बजे भस्म आरती में 6 हजार 616 भक्तों ने चलायमान व्यवस्था से भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शनकिए। तड़के 4.30 बजे आरती संपन्न होने बाद आम दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ, जो रात 11 बजे मंदिर के पट बंद होने तक निरंतर चलता रहा। मंदिर प्रशासन की जानकारी के अनुसार तड़के 4.30 से शाम 6 बजे तक 2 लाख 21 हजार 737 भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन कर लिए थे। इसके बाद रात 11 बजे पट बंद होने तक भक्तों की संख्या ढाई लाख को पार कर गई थी। 21 जुलाई को श्रावण का दूसरा सोमवार व भगवान महाकाल की सवारी होने से दर्शनार्थियों की संख्या औरअधिक रहने का अनुमान है।

महारानी गायत्री देवी पब्लिक स्कूल को धमकी भरे मेल से हड़कंप, जयपुर पुलिस ने स्कूल को घेरा

जयपुर राजधानी जयपुर के विद्याधर नगर इलाके स्थित महारानी गायत्री देवी पब्लिक स्कूल (MGPS) को सोमवार सुबह एक ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई। धमकी की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत पुलिस को सूचित किया और 3500 से अधिक छात्रों को स्कूल परिसर से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। विद्याधर नगर थाने के एसएचओ राकेश ख्यालिया ने बताया कि स्कूल की आधिकारिक मेल आईडी पर देर रात एक धमकी भरा मेल भेजा गया था। इस मेल में स्कूल भवन में विस्फोटक सामग्री होने का दावा करते हुए उसे बम से उड़ाने की बात लिखी गई थी। सुबह करीब 9:15 बजे जब स्कूल प्रशासन ने ईमेल चेक किया, तो धमकी की जानकारी सामने आई। तुरंत खाली कराया स्कूल परिसर धमकी को गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। विद्याधर नगर थाना पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्कूल की पूरी बिल्डिंग को खाली कराया गया और लगभग 3500 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद बम स्क्वायड ने स्कूल की इमारत की गहन तलाशी शुरू की। पुलिस की प्रारंभिक प्रतिक्रिया एसएचओ के अनुसार फिलहाल बम जैसी कोई वस्तु स्कूल परिसर में नहीं मिली है, लेकिन पूरी सतर्कता बरती जा रही है। स्कूल की जांच अभी जारी है और हर कमरे, लैब और बेसमेंट की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। साथ ही ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए साइबर सेल को भी अलर्ट कर दिया गया है। बच्चों और अभिभावकों में दहशत धमकी की खबर फैलते ही अभिभावकों में हड़कंप मच गया। कई अभिभावक घबराहट में स्कूल पहुंचे। स्कूल के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए सभी से शांति बनाए रखने की अपील की। स्कूल प्रशासन की ओर से भी कहा गया कि बच्चों को सुरक्षित उनके अभिभावकों तक पहुंचाया गया है। जांच जारी, साइबर टीम कर रही विश्लेषण पुलिस ने बताया कि भेजे गए ईमेल की ट्रैकिंग की जा रही है। मेल किस आईडी से, किस स्थान से और किस नेटवर्क के जरिए भेजा गया, इसकी गहन जांच साइबर क्राइम ब्रांच कर रही है। प्रथम दृष्टया मामला शरारतपूर्ण प्रतीत हो रहा है, लेकिन किसी भी संभावना को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा रहा।

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने 2025 में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया था, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा

 भोपाल  मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने 2025 में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया था, लेकिन इस कैलेंडर का पालन नहीं किया जा रहा है। कृषि स्नातक में प्रवेश के लिए आयोजित किए जाने वाले प्री-एग्रीकल्चर टेस्ट (पीएटी)-2025 मई में प्रस्तावित था, लेकिन अब 26 जुलाई को आयोजित किया जाएगा है। इस साल 15 भर्ती और पांच प्रवेश परीक्षाएं आयोजित किए जाने का कैलेंडर जारी किया गया था। इनमें से अब तक छह भर्ती परीक्षाएं ही आयोजित की जा सकी हैं, जो करीब एक या दो माह की देरी से हुईं। वहीं जुलाई से दिसंबर तक आठ प्रवेश परीक्षाओं के लिए अभी तक आवेदन ही नहीं लिए गए हैं। अब अगले साल 2026 में जनवरी से मई तक सात परीक्षाएं होंगी। अभ्यर्थियों का कहना है कि कई भर्ती परीक्षाएं समय से आयोजित नहीं की जा रही हैं, जिससे उम्र की समय-सीमा भी निकल रही है। सिलेबस अपलोड हो जाएं तो तैयारी में आसानी हो जाएगी इस साल के कैलेंडर के हिसाब से आठ परीक्षाएं होने वाली हैं। इसके अलावा मंडल नियमावली और सिलेबस भी आवेदन के साथ जारी करता है, जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी का समय नहीं मिल पाता है। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर पहले से सिलेबस अपलोड कर दिए जाएं तो परीक्षा की तैयारी करने में आसानी हो जाएगी। बता दें कि इस साल विभिन्न विभागों में करीब 25,472 पदों पर भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा का सिलेबस बदल दिया सरकारी स्कूलों के कुल 13089 पदों पर भर्ती के लिए प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। एक अगस्त तक आवेदन होंगे। 31 अगस्त से परीक्षाएं होने वाली हैं। परीक्षा में करीब डेढ़ माह का समय शेष है, लेकिन सिलेबस बदलने से परेशानी बढ़ गई है। इसमें बाल मनोविज्ञान, पर्यावरण और संस्कृत को हटाया गया है। साथ ही अंग्रेजी को वैकल्पिक के बदले अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा विज्ञान व सामाजिक विज्ञान के विषय को जोड़ा गया है। ऐसे में अभ्यर्थियों का कहना है कि नए सिलेबस के साथ परीक्षा की तैयारी करना संभव नहीं है। इसके लिए कम से कम दो से तीन माह का समय चाहिए। विभाग की ओर से पद तय करने में देरी होती है     कैलेंडर का पालन किया जाता है। कई बार विभाग की ओर से पद तय करने में देरी होती है। हालांकि पूरा प्रयास किया जाता है कि समय से परीक्षाएं हों और परिणाम भी समय से जारी किया जाए। – साकेत मालवीय, संचालक, ईएसबी  

बीजापुर में नक्सली आतंक: ग्रामीणों की हत्या से दहशत का माहौल

बीजापुर जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र में नक्सलियों की एक बार फिर कायराना करतूत सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम छुटवाई निवासी कवासी जोगा उम्र करीब 55 वर्ष और बड़ा तर्रेम निवासी मंगलू कुरसम उम्र करीब  50 वर्ष की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई है। यह दर्दनाक घटना 20 और 21 जुलाई की दरम्यानी रात की बताई जा रही है। 4-5 अज्ञात नक्सलियों ने धारदार हथियारों से लैस होकर दोनों ग्रामीणों की बेरहमी से हत्या कर दी। थाना तर्रेम द्वारा घटना की जांच कर रही है। विस्तृत जानकारी मिलने पर आगे की जानकारी दिए जाने की बात कही गई है। बीते दिन बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लाक के ग्राम कोण्डापडगु में आईईडी ब्लास्ट में 16 साल का एक नाबालिग गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद घायल हालत में नाबालिग को अस्पताल में भर्ती कराया। घटना उस वक्त हुई जब कृष्णा गोटा पिता फकीर निवासी कोण्डापडगु के जंगल में मवेशी चराने गया था। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के मकसद से यहां आईईडी लगाया था। आइये जानतें हैं छत्तीसगढ़ में कब-कब हुए नक्सली हमले-     अप्रैल 2021 को बीजापुर और सुकमा जिले के तेर्रम जंगलों में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में 22 सुरक्षाकर्मी बलिदान को प्राप्त हुए थे।     मार्च 2018 को नक्सलियों के आईईडी विस्फोट में सुकमा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के नौ जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     18 फरवरी 2018 को सुकमा के भेज्जी में नक्सलियों के साथ एनकाउंटर में पुलिस के दो जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     24 अप्रैल 2017 को नक्सलियों के साथ सुकमा में मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 24 जवान बलिदान हुए थे।     12 मार्च 2017 को सुकमा में माओवादी हमले में सीआरपीएफ के 12 जवानों ने शहादत दी थी।     11 मार्च 2014 में नक्सलियों के हमले में सुकमा सुरक्षा बलों के 15 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     28 फरवरी 2014 को नक्सली हमले में दंतेवाड़ा में छह पुलिस ऑफिसर्स ने  शहादत दी थी।     25 मई 2013 को सबसे बड़े नक्सली हमले में पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व राज्य मंत्री महेंद्र कर्मा, नेता उदयमुदलियार, योगेंद्र शर्मा सहित कांग्रेस के 25 नेता मारे गये थे।     29 जून 2010 को नारायणपुर जिले में नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 26 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     8 मई 2010 को नक्सलियों ने बीजापुर जिले में वाहन विस्फोट सीआरपीएफ के आठ जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।     6 अप्रैल 2010 को नक्सलियों ने घात लगतार दंतेवाड़ा जिले में हमला किया। सीआरपीएफ के 75 जवान शहीद शहादत को प्राप्त हुए थे।     27 जुलाई 2009 को नक्सलियों ने दंतेवाड़ा जिले में बारूदी सुरंग विस्फोट किया, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी।     9 जून 2025 को सुकमा में आईईडी ब्लास्ट में एएसपी आकाशराव गिरपूंजे वीरगति को प्राप्त, एसडीओपी और टीआई बुरी तरह से घायल