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शैक्षणिक उन्नयन के लिए अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन की वार्षिक कार्ययोजना पर हुई अहम चर्चा

 भोपाल  आज अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के जिला संस्थान के सभागार मे जिला सागर के सभी विकासखण्ड के शैक्षणिक उन्नयन हेतु वार्षिक कार्ययोजना एवं क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित हुई | इस कार्यक्रम मे पिछले वर्ष की प्रमुख गतिविधियों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमे शिक्षकों कि प्रभावी कक्षा शिक्षण की प्रक्रियाओं एवं बच्चों के सीखने मे पड़े प्रभाव से संबंधित विभिन्न कामों को सभी ने देखा और सराहा |  इस बैठक मे सागर जिले के सभी विकासखण्ड के बीआरसी समन्वयक एवं, जिला शिक्षा केंद्र से श्री अनिल जैन APC (अकादमिक), जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान से वरिष्ठ प्राध्यापक श्री नेमा, एवं असाटी जी तथा प्रियंक श्रीवास्तव, जिला प्रमुख अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन, सागर की उपस्थिति मे जिला सागर की पिछली वार्षिक कार्ययोजना के प्रभाव और चुनौतियों को समझा गया ।   एपीसी अनिल जैन एवं आर० के० असाटी (वरिष्ठ व्याख्याता) ने जिले के शिक्षकों की क्षमता संवर्धन हेतु अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से निपुण शिक्षक कार्यक्रम अंतर्गत संचालित डेमो कक्षाओं के प्रभाव से सहमति जताते हुए कहा की इस कार्यक्रम ने हमारे शिक्षकों को अपनी कक्षाओं को बेहतर बनाने के साथ साथ बच्चों के सीखने को भी बेहतर किया हैं | समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा केंद्र से शालू शर्मा एवं अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन से शिफ़ा खान, आशुतोष, राम नरेश, स्वेता एवं राकेश मौजूद रहे ।  प्रियंक श्रीवास्तव (जिला प्रमुख अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन, सागर) द्वारा अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति योजना कि विस्तृत जानकारी प्रदान की  गई । जिसका विवरण संलग्न इस प्रकार है- अठारह राज्यों की 2.5 लाख छात्राओं को अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति (वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश में 18,000 से अधिक छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई जिसमे से सागर जिले की 1,367 छात्राएं लाभान्वित हुई।) सागर, 11  जुलाई: अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति का उद्देश्य स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओ को सहायता प्रदान करना है।  अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति के बारे में मुख्य बातें: • पात्रता: o ऐसी छात्रायें जिन्होने सरकारी (पब्लिक) स्कूलों से कक्षा 10वी और 12वी की पढ़ाई की हो। o किसी प्रामाणिक उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) में डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम में प्रवेश लिया हो। ‘प्रामाणिक’ HEI की सूची में सभी सरकारी (पब्लिक) HEI और चुनिंदा निजी HEI भी शामिल होंगे। • छात्रवृत्ति: डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम की अवधि के लिए प्रति वर्ष 30,000 रुपये, जब तक छात्रा सफलतापूर्वक कार्यक्रम में जारी रहती है । उदाहरण के लिए, 4 वर्षीय बीएससी नर्सिंग प्रोग्राम करने वाली छात्राओं को उन 4 वर्षों में 1,20,000 रुपये की छात्रवृत्ति सहायता मिलेगी । यह धनराशि हर साल दो किश्तों में छात्राओ के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी । वह अपनी जरूरत के हिसाब से इस धनराशि का उपयोग कर सकती है ।  फाउंडेशन का अनुमान है कि वह शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में 2.5 लाख छात्राओ को अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही होगी । यह कार्यक्रम इस साल से देश के 18 राज्यों में शुरू किया जाएगा । अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति पायलट के तौर पर शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और झारखंड के कुछ चुनिन्दा जिलों में लॉन्च किया गया था । इस पायलट कार्यक्रम में 25,000 से अधिक छात्राओ को छात्रवृत्ति दी गई है । छात्रवृत्ति के पहले वर्ष का पैसा इन छात्राओ के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया है। वर्ष 2025-26 के लिए आवेदन प्रक्रिया सितंबर 2025 में शुरू होगी ।  अठारह राज्यों की सूची इस प्रकार है: अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड । कार्यक्रम का विवरण और कार्यक्रम के डिजाइन या कवरेज में कोई भी बदलाव आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत में अधिसूचित किया जाएगा । आने वाले वर्षों में ये संभावना है की छात्रवृत्ति कार्यक्रम में देश के सभी राज्यो को शामिल किया जाएगा ।  

महापंचायत में AAP की एंट्री, दिल्ली के गांवों के युवाओं को किया लामबंद करने का आह्वान

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) ने फरीदाबाद के अनंगपुर में ध्वस्तीकरण अभियान के विरोध में 13 जुलाई को होने वाली महापंचायत का अपना समर्थन करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही दिल्ली देहात के 360 गांवों के युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में अनंगपुर की महापंचायत में पहुंचने की अपील की है। ‘आप’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, “अपने गांव की रक्षा के लिए हम दिल्ली के सभी 360 गांवों के युवाओं, खासकर युवा पीढ़ी से 13 जुलाई को अनंगपुर में होने वाली महापंचायत में शामिल होने की अपील करते हैं। हम सब मिलकर सरकार की कार्रवाई का विरोध करने के लिए एक संयुक्त रणनीति तैयार करेंगे।” सौरभ भारद्वाज ने इस दौरान दिल्ली के कई इलाकों में कथित तौर एमसीडी और डीडीए द्वारा नोटिस भेजे जाने और डेमोलिशन करने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा और दिल्ली की कार्रवाई को आपस में जोड़ा। 'आप' नेता ने कहा कि सरकार हमारी जमीनों का पहले ही अधिग्रहण कर चुकी है। अब जो थोड़ी-बहुत जमीनें बची हैं सरकार उन्हें भी जबरन छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि हम इसका विरोध करते हैं और 13 जुलाई को अनंगपुर में होने वाली सर्व समाज की महापंचायत में आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भी हिस्सा लेगा। उन्होंने 'आप' के सभी कार्यकर्ताओं से भी अनंगपुर पहुंचने का आह्वान किया है। बता दें कि, वन विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के बाद अनंगपुर के ग्रामीण पिछले 10 दिन से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके जवाब में, अनंगपुर संघर्ष समिति ने 13 जुलाई को एक महापंचायत बुलाने का फैसला किया है। बता दें कि, बीते दिनों फरीदाबाद नगर निगम ने वन विभाग के साथ मिलकर, संरक्षित अरावली की पहाड़ियों में अवैध निर्माण के खिलाफ अपनी कार्रवाई के तहत कई फार्महाउस और अवैध ढांचों को ध्वस्त कर दिया था। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया था कि आनंद वन से अरावली तक सड़क पर बने करोड़ों रुपये के अवैध फार्म हाउसों को ध्वस्त कर दिया गया और करीब 10 एकड़ जमीन खाली करा ली गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चल रहा ध्वस्तीकरण अभियान : उपायुक्त भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, फरीदाबाद के उपायुक्त विक्रम यादव ने बीते दिनों बताया था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जा रहा है। शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया है कि अरावली से सभी अवैध निर्माण हटा दिए जाएं और इस पर जुलाई 2025 तक एक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। अधिकारियों के अनुसार, अरावली वन क्षेत्र से 6,793 से अधिक छोटे और बड़े अवैध निर्माण हटाए जाने हैं जिनकी पहचान ड्रोन सर्वे में की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इन अवैध निर्माण को हटाने के लिए तीन महीने का समय दिया है। वन विभाग ने पहले भी कुछ हिस्सों से अवैध निर्माण को हटाया था, लेकिन अब फिर से ध्वस्तीकरण अभियान शुरू हो गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अरावली क्षेत्र के चार गांवों अनंगपुर, लक्कड़पुर, अनखीर और मेवाला महाराजपुर के पास अवैध निर्माणों को गिराया जाएगा। उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण अभियान जारी रहेगा।  

कृषि विज्ञान केन्द्र में मासिक कार्यशाला आयोजित

 बिलासपुर, कृषि विज्ञान केन्द्र, बिलासपुर में आज बिलासपुर जिले के मैदानी स्तर के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों व ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के साथ केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. अरूण कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में मासिक कार्यशाला सम्पन्न हुई। इस अवसर पर कृषि विभाग के उप संचालक पी.डी. हथेस्वर, उप संचालक उद्यानिकी, बिलासपुर कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. शिल्पा कौशिक, श्रीमती हेमकांति बंजारे, डॉ. अमित शुक्ला, डॉ. एकता ताम्रकार, इंजी. पंकज मिंज, डॉ. निवेदिता पाठक, उक, डॉ. स्वाति शर्मा उपस्थित थे।        उप संचालक कृषि श्री हथेस्वर ने उपस्थित अधिकारियों से वर्तमान समय में ज्यादा बारिश के कारण उत्पन्न जल भराव की स्थिति की सतत् निरीक्षण कर धान एवं अन्य दलहन तिलहन फसलों पर होने वाले दुष्प्रभावों से बचाव के लिए किसानों को सलाह देने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष अब तक विगत वर्ष की तुलना में बिलासपुर जिले में 28 प्रतिशत ज्यादा वर्षा हुई है, जिससे दलहन एवं तिलहनी फसलों की बोनी का कार्य पिछड़ गया है, विगत 10 दिन से लगातार वर्षा होने के कारण धान के खेतों में भी ज्यादा जलभराव होने के कारण रोपा बहने तथा सब्जी वर्गीय फसलों के सड़ने तथा अनेक रोगों का प्रकोप होने की आशंका है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. त्रिपाठी ने उपस्थित अधिकारियों से आग्रह किया कि धान की सीधी बोनी (उन्नत खुर्रा बोनी) करने वाले किसान वर्षा कम होने तथा उपयुक्त दशा में खरपतवार तथा पोषक तत्वों का प्रबंधन करें। डी.ए.पी. उर्वरक उपलब्ध न हो पाने की स्थिति में सिंगल सुपर फास्फेट या एन.पी. के. 12:32:16 उर्वरकों का प्रयोग करें। मस्तूरी विकासखंड में कुल 51 हजार हेक्टेयर धान के क्षेत्रफल में से 37 हजार हे. में उन्नत खुर्रा बोनी (DSR) तकनीक से धान की बोनी की गई है, जिसमें जमीन में वर्षा जल का अन्तःस्पंदन  ज्यादा होगा, मृदा संरचना में सुधार होगा तथा भू-जल स्तर में भी बढ़ोतरी होगी। जिले के कृषि विकास अधिकारियों द्वारा कपास, अरहर एवं धान की खेती में किसानों को आने वाली समस्याओं की जानकारी दी गई। वैज्ञानिक डॉ. अमित शुक्ला ने सब्जी वर्गीय फसलों की खेती में समुचित जल निकास सुनिश्चित करने की सलाह दी तथा खेतों में उंची मेढ़ बनाकर उसमें मिर्च, टमाटर, बैगन फसलों के रोपण की सलाह दी। श्रीमती हेमकांति बंजारे ने धान में खरपतवार नियंत्रण के बारे में जानकारी दी। जैसे पोस्ट इमरजेन्स (बुआई के बाद) फिनाक्सीप्रॉप इथाइल (250 मिली) (मेटसल्फ्यूरान मिथालक्लोडिनोफॉप इथाइल) 8 मिली/एकड़ छिड़काव करने से सकरी व चैड़ी पत्तियों वाले खरपतवारों को नियंत्रित किया जा सकता है। कुछ क्षेत्रों जहां पर मोथा खरपतवार ज्यादा पाया जाता है वहां पर पिनॉक्सीसुलम साइहेलोब्यूटाइल के मिश्रण को 1 ली./ एकड़ के दर से छिड़काव करें। कृषकों को खरपतवार नाशकों के उपयोग के लिए नफ्लेटफेन नोजल का प्रयोग करने की सलाह दी गई। डॉ. स्वाति शर्मा द्वारा धान नर्सरी में लगने वाले तना छेदक के नियंत्रण हेतु क्लोरट्रीनीलीपॉल (0.5 ml) या कार्टाफ हाईड्रोक्लोराइड 4G की 1 किग्रा प्रति 100 वर्गमी की दर से भुरकाव करें। सब्जियों में लगने वाले चुसक कीटों के नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोरपीड 200 SL 0.5 मिली/लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। डॉ. निवेदिता पाठक द्वारा पोषण वाटिका में बेल वाली अन्य सब्जियों के बीज उपचारित करके लगाने की सलाह के साथ कद्दूवर्गीय सब्जियों के सहारा के लिए खूटा की व्यवस्था करने की सलाह दी। इंजी. पंकज मिंज द्वारा द्वारा खेती में मशीनीकरण हेतु छोटे-छोटे उपकरण जैसे खरपतवार नियंत्रण के लिए पावर वीडर, सब्जी बीज लगाने के लिए हस्त चलित डिबलर उपयोग करने की सलाह दी। अंत में डॉ. निवेदिता पाठक द्वारा धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यशाला को समाप्त किया गया।

कल के शहरों का निर्माण थीम पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में "मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025" अन्तर्गत कल के शहरों का निर्माण थीम पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में विकास के लिए संचालित विभिन्न प्रोजेक्ट्स के माध्यम से विकसित सुदृढ़ अधोसंरचना, नवाचारों, निवेश प्रोत्साहन नीतियों एवं योजनाओं से संबंधित प्रकल्प प्रदर्शित किए गए। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की। इंदौर विकास के मॉडल की झलक प्रदर्शनी में इंदौर विकास प्राधिकरण की अधोसंरचना विकास के लिए अपनाए गए मॉडल जिसमें पीपीपी मोड पर आधारित बहुउद्देशीय स्पोर्ट्स पार्क के निर्माण, एयरपोर्ट के पास कन्वेंशन सेंटर, इंदौर में स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने के लिए निर्माणाधीन स्टार्टअप पार्क को प्रकाशित किया गया। प्रदर्शनी में सारे प्रोजेक्ट्स की जानकारी को डिजिटली उपलब्ध कराने के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिजिटल व्यवस्था देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। कल के शहरों में मेट्रो रेल की भूमिका "कल के शहरों" के निर्माण में मेट्रो रेल की भूमिका को दर्शाने वाली प्रदर्शनी में इंदौर मेट्रो रेल परियोजना (येलो लाइन), भोपाल मेट्रो रेल परियोजना (ऑरेंज और ब्लू लाइन), रोलिंग स्टॉक (ट्रेन) देशी तकनीक से निर्मित आधुनिक मेट्रो ट्रेनें, सूचनात्मक पैनल को प्रदर्शित किया गया जिसके माध्यम से कल के शहरों में आवागमन के सशक्त साधन को दिखाया गया है। टेक्नोलॉजी आधारित प्रकल्प टेक्नोलॉजी आधारित विकास की पांच परिवर्तनकारी नीतियाँ आईटीईएस एवं ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति 2023, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति 2025, ड्रोन प्रोत्साहन एवं उपयोग नीति 2025, एवीजीसी-एक्सआर (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी) नीति 2025, सेमीकंडक्टर नीति 2025 का प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम इंदौर द्वारा एक विशेष प्रदर्शनी भी प्रस्तुत की गई जिसमें राज्य के प्रमुख अधोसंरचना परियोजना के गतिशील औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, तेजी से विकसित होती आईटी अवसंरचना, और समावेशी शहरी विकास को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में विशेष रूप से इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर, आईटी पार्क-3, इंदौर, आईटी पार्क-4, सुपर कॉरिडोर, इंदौर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास, रेडीमेड गारमेंट कॉम्प्लेक्स में प्लग एंड प्ले सुविधा को प्रदर्शित किया गया। हरित विकास नवाचार प्रदेश में हरित विकास को बढ़ावा देने वाली विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के नवाचारों को भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया। मध्य भारत में पॉलीकार्बोनेट शीट जो पूर्णतः हरित उत्पाद है के माध्यम से घरों में प्राकृतिक रोशनी आसानी से उपलब्ध होगी। शहरी क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या के निराकरण के लिए रोबोटिक पार्किंग सिस्टम बनाए जाने के संबंध में मॉडल, इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कचरा संग्रहण एवं कचरा निस्तारण के लिए ईवी का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन कार्यों में लगे प्रदेश के उद्योगपतियों की सराहना की। प्रदर्शनी में हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, भोपाल विकास प्राधिकरण, उज्जैन विकास प्राधिकरण, अमृत हरित अभियान आदि प्रदर्शनियों का प्रदर्शन किया गया जो प्रदेश के गतिशील औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र एवं नवाचारों का प्रोत्साहन, तेजी से विकसित होती आईटी अवसंरचना, शहरी सुदृढ़ अधोसंरचना एवं समावेशी शहरी विकास शामिल है। प्रदर्शनी में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट सहित अनेक जनप्रतिनिधि, निवेशक आदि उपस्थित थे।  

सीएम डैशबोर्ड रिपोर्ट में जालौन जिला फिर पहले स्थान पर आया

लखनऊ  सीएम डैशबोर्ड रिपोर्ट में जालौन जिला फिर पहले स्थान पर आया। टॉप फाइव जिलों में शाहजहांपुर, अंबेडकरनगर, महाराजगंज और श्रावस्ती ने जगह बनाई।    उत्तर प्रदेश में सीएम डैशबोर्ड की जून की रिपोर्ट में जालौन ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं शीर्ष पांच जिलों में शाहजहांपुर, अंबेडकरनगर, महाराजगंज और श्रावस्ती को स्थान मिला है। जालौन लगातार छह महीने से मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर पहले स्थान पर बना हुआ है।  सीएम डैशबोर्ड से जनसुनवाई, कानून व्यवस्था, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की निगरानी की जाती है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिलती है। हर महीने जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था पर रिपोर्ट जारी की जाती है। डैशबोर्ड द्वारा सभी जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों पर समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है।    पांच जिलों ने प्रशासनिक कसौटियों पर खुद को साबित किया सीएम डैशबोर्ड की जून की रिपोर्ट के अनुसार एक बार फिर जालौन ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। यह रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों, और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। शीर्ष पांच जिलों ने प्रशासनिक कसौटियों पर खुद को साबित किया है।  

कांवड़ियों पर फूलों की बारिश, बरेली में नमाज के बाद दिखा अनोखा मेल-जोल

बरेली  बरेली के जोगी नवादा में पिछले सप्ताह हिंदू पक्ष के लोगों ने ताजियेदारों का माला पहनाकर स्वागत किया था। अब मुस्लिम पक्ष ने सावन के पहले दिन कांवड़ियों पर फूल बरसाए हैं। दो समुदाय के लोगों ने गले मिलकर सौहार्द की मिसाल पेश की है।  बरेली में मिश्रित आबादी के जिस जोगी नवादा इलाके में दो साल से सांप्रदायिक विवाद और तनातनी का माहौल था, वहां शुक्रवार को अमन के माहौल में सौहार्द के फूलों की बारिश हुई। सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव और इंस्पेक्टर बारादरी धनंजय पांडेय की अगुवाई में जोगी नवादा की उसी शाहनूरी मस्जिद के पास कांवड़ियों के पहले जत्थे पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पुष्प वर्षा की, जहां दो साल पहले दोनों समुदाय के लोगों में पथराव के बाद पुलिस को लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी। शिवनंदन शर्मा के इस जत्थे में करीब डेढ़ सौ कांवड़िये नाचते गाते हरिद्वार के लिए रवाना हुए।   कांवड़ियों पर करीब पचास मुस्लिम भाइयों ने पुष्प वर्षा की। साथ ही फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया। सीओ समेत पुलिस टीम को भी फूलमाला पहनाई गईं। इससे पहले मुस्लिम भाइयों ने शाहनूरी मस्जिद में नमाज अदा की थी। इसके थोड़ी देर बाद ही भोले के जयकारे लगाते कांवड़िये पहुंचे तो उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।   कांवड़ जत्थे के साथ पुलिस अधिकारी व मुस्लिम समाज के कई लोग पैदल चलते हुए वनखंडी नाथ मंदिर तक आए और अच्छी यात्रा के लिए कांवड़ियों को शुभकामनाओं के साथ विदाई दी। बता दें कि पिछले सप्ताह हिंदू पक्ष के लोगों ने यहां ताजियेदारों पर फूल बरसाए थे।    दो साल पहले हुआ था बवाल दो साल पहले इसी जगह पर कांवड़ यात्रा के दौरान खासा बवाल हो गया था। तब तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने माहौल बिगड़ता देखकर लाठीचार्ज के आदेश दिए थे। हवाई फायरिंग भी हुई थी।     बवाल के बाद एसएसपी का तबादला कर थानेदार समेत कई को निलंबित कर दिया गया। अब माहौल बेहतर हुआ है। पिछले सप्ताह ताजिया निकलने के दौरान मौर्य गली में हिंदू पक्ष के लोगों ने स्वागत में फूलों की वर्षा की थी। 

भविष्य के लिए हरित शहरीकरण विषय पर हुआ सत्र

हरित बुनियादी ढांचे का विकास, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, कार्बन क्रेडिट, स्मार्ट सिटी और नागरिकों की भागीदारी जैसे विषय पर हुई चर्चा भोपाल प्रमुख सचिव पर्यावरण श्री नवनीत मोहन कोठारी ने कहा कि सरकार नीतियों एवं चुनौतियों को सुदृढ़ करते हुये हरित नगरों का विकास कर सतत विकास को बढ़ावा देने का प्रयास जारी है। शहरों का विकास इस तरह से करना चाहिए कि पर्यावरण को कम से कम नुकसान हो और लोगों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सके। श्री कोठारी इंदौर के ब्रिलियेंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को आयोजित मध्यप्रदेश ग्रोथ कान्क्लेव 2025 के अंतर्गत "भविष्य के लिए सतत हरित शहरीकरण" विषयक सत्र को संबोधित कर रहे थे। सत्र में कार्यकारी निर्देशक सीएसई सुश्री अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा कि समुदाय हरित विकास की योजना बनाने और उसे लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे पर्यावरण को बचाने और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने में सक्रिय सहभागिता करते है। अधोसंरचना तत्परता के लिये भवन निर्माण एवं वाहन क्षेत्र में उचित वेस्ट मैनेजमेंट किया जाना चाहिए। रीसाइक्लिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट पर भी विशेष ध्यान देना चाहिये। रीएनर्जी डायनेमिक्स प्राइवेट के सीईओ और सह-संस्थापक श्री वरुण कराड ने कहा कि भविष्योन्मुखी शहरों का निर्माण किया जाना चाहिए जो अगले कई सालों तक यथावत रहे। ग्रीन बॉन्ड ,कार्बन क्रेडिट और पीपीपी मॉडल इस ओर एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। वर्बियो इंडिया के प्रबंध निदेशक श्री आशीष कुमार ने बायो फ्यूल में पीपीपी मॉडल, नीति आधारित समावेशी प्रबंधन विषयों पर चर्चा कर निजी क्षेत्र में तकनीकी अनुभव, प्रमाणित तकनीक एवं प्रमाणीकरण के महत्व पर ज़ोर दिया गया है। एसएस गैस लैब एशिया सदस्य आईएफजीई अध्यक्ष नेट जीरो,लघु उद्योग भारती की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री जयंती गोएला ने तीव्र औद्योगिक विकास के दौर में ट्रांज़िशन तकनीकों की आवश्यकता पर जोर देते हुए ऐसी तकनीकों के विकास पर विशेष बल दिया जिनसे कार्बन फुटप्रिंट को नियंत्रित किया जा सके। ईकेआई एनर्जी उपाध्यक्ष और वैश्विक व्यापार विकास के प्रमुख श्री सिद्धांत गुप्ता ने नेट जीरो लक्ष्‍य, सस्टेनेबल प्लानिंग, कार्बन क्रेडिट मॉनिटरिंग आदि विषयों पर चर्चा की। सत्र में अन्य सदस्यों ने इंटीग्रेटेड टाउन प्लानिंग, वेस्ट मैनेजमेंट,हरित बुनियादी ढांचे का विकास, ऊर्जा दक्षता,जल संरक्षण स्मार्ट सिटी एवं नागरिकों की भागीदारी विषयों पर विचार मंथन किया। सत्र के अन्त में पूर्व लोकसभा स्पीकर श्रीमती सुमित्रा महाजन ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे शहरीकरण पर अपने विचार रखें।  

PHC सुधार को लेकर सरकार की पहल, हाईकोर्ट से मांगी 10 दिन की मोहलत

जबलपुर:  मप्र हाईकोर्ट ने अनूपपुर जिले के राजनगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति तथा उपकरण सहित अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू करने के निर्देश दिये थे. याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से स्टेटस रिपोर्ट पेश करते हुए व्यवस्थाओं के लिए दस दिन का समय मांगा गया. एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार के आग्रह को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 30 जुलाई को निर्धारित की है. अनूपपुर निवासी विकास सिंह ने दायर की है जनहित याचिका अनूपपुर निवासी विकास प्रताप सिंह ने राजनगर स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने को चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर की थी. जिसमें कहा था कि स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों के निर्धारित पदों की संख्या 15 है. इसके अलावा पैरामेडिकल व अन्य स्टाफ के पद भी निर्धारित हैं. निर्धारित पदों के हिसाब से डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टॉफ सहित अन्य पदों पर नियुक्ति नहीं की गई है. केंद्र पर केवल एक ही डॉक्टर पदस्थ है, वह भी सप्ताह में सिर्फ दो दिन एक घंटे के लिए आते हैं. केंद्र तक पहुंचने वाली सड़क ऐसी हालत में है कि लोगों के लिए उस पर चलना भी मुश्किल है. युगलपीठ ने शासन से सड़क की स्थिति व अन्य सुविधाओं के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेष जारी किये थे. सरकार की तरफ से पेश की गई स्टेट्स रिपोर्ट में कहा गया था कि केन्द्र में डॉक्टरों के निर्धारित 7 पद हैं. इसके अलावा बीपी तथा ईसीजी मशीन के अलावा लॉक बॉक्स व टेबल-कुर्सी सहित अन्य समान हैं. याचिकाकर्ता ने स्टेटस रिपोर्ट को बताया गलत स्वास्थ्य केन्द्र में व्यवस्था को सुधारने के लिए दस दिन का समय दिया जाए. याचिकाकर्ता की तरफ से विरोध करते हुए बताया गया कि उप केन्द्र के समय डॉक्टरों के निर्धारित पद सात होते हैं. प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदों की संख्या 15 निर्धारित है. युगलपीठ ने सुनवाई के बाद ये आदेश जारी किए. 

आम आदमी पार्टी का ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन

एमसीबी/मनेंद्रगढ़ आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष रमाशंकर मिश्रा ने बताया कि, युक्तियुक्तकरण के खिलाफ आम आदमी पार्टी द्वारा आज 11 जुलाई 2025 को मनेंद्रगढ़-चिरमिरि-भरतपुर जिले के भरतपुर ब्लॉक में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार शिक्षा नीति के मोर्चे पर विफल रही है। युक्तियुक्तकरण के नाम पर हज़ारों स्कूलों को बंद कर देने के बाद कई स्कूल शिक्षक विहीन हो गए हैं। 63 हजार शिक्षकों के पदों को भरने में नाकाम रही है सरकार,नाकामी छुपाने 10 हजार स्कूल बंद कर दिया गया ताकि छत्तीसगढ़ के युवाओं को नौकरी नहीं देना पड़े इसलिए युक्तियुक्तकरण किया गया है। युवाओं और छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आम आदमी पार्टी विरोध जताती है। रमाशंकर मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने युक्तियुक्तकरण के तहत स्कूलों को आपस में मिलाया गया, शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया और कई छोटे स्कूलों को बंद किया गया। लेकिन वास्तविकता में इसके नतीजे कई जगहों पर नकारात्मक साबित हुए।    युक्तियुक्तकरण के तहत जब दो स्कूलों को मिलाया गया, तो कई छात्रों को अब 3-5 किमी दूर स्कूल जाना पड़ रहा है। इससे खासकर बालिकाओं की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ा है। जहाँ एक ओर शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया, वहीं कई स्कूल ऐसे रह गए जहाँ विषय विशेषज्ञ शिक्षक ही नहीं हैं।      रमाशंकर मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा की बदहाल व्यवस्था देख लीजिये की बच्चों को पढ़ाई लिखाई छोड़कर प्रदर्शन करना पड़ रहा है? बस्तर, सरगुजा, कांकेर जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में छात्र संख्या में गिरावट और स्कूल से ड्रॉपआउट दर में इज़ाफ़ा देखा गया है।दंतेवाड़ा में एक स्कूल को 7 किमी दूर स्थानांतरित किया गया, जिससे बच्चे आना बंद कर दिए हैं! गांव के एक स्कूल में तो शिक्षक ना होने के कारण बच्चों ने खुद स्कूल में ताला लगा दिया। आम आदमी पार्टी राज्य सरकार से मांग करती है कि, इस युक्तियुक्तकरण को सरकार तुरंत रद्द करे और यदि निर्धारित समय सीमा में शिक्षा में सुधार नहीं होता है तो पूरे छत्तीसगढ़ में प्रभावित जनता के साथ मिलकर इससे भी बड़ा आंदोलन किया जायेगा।    इस दौरान कोरबा लोकसभा उपाध्यक्ष, कृषि स्थायी समिति सभापति व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुखमंती सिंह, मनमोहन सांधे, रज्जू सिंह, गुलाबिया सिंह, अन्नू ध्रुव, लीलावती सिंह, राजीव गुप्ता, राजेन्द्र सिंह, हरिशंकर सिंह, रामनारायण बैगा, बैजनाथ यादव, अजय कुशवाहा, रामप्रवेश साहू सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

विद्यार्थी सिर्फ पढ़ाई करें, उनके उज्जवल भविष्य की चिंता सरकार करेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2047 तक भारत विश्व का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनेगा और इसमें देश के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। प्रदेश सरकार बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत है। सभी जिलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। शासकीय स्कूलों में कक्षा 6 और 9 के विद्यार्थियों को लगभग 5 लाख साइकिलें वितरित की जा रही हैं। बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म तैयार करवाकर दी जाएंगी। सरकार ने शैक्षणिक-सत्र की शुरुआत से पहले ही बच्चों को किताबें बांटी हैं। अब पुण्योदय प्रकल्प के माध्यम से कॉपियां भी उपलब्ध करा रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर में हिंद रक्षक संगठन द्वारा पुण्योदय प्रकल्प के 21वें वर्ष के अवसर पर बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स परिसर में प्रियजनों की पुण्य स्मृति में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कॉपी वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया और जरूरतमंद विद्यार्थियों को नि: शुल्क कॉपी वितरित की। स्कूल में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को मिलेगी इलेक्ट्रिक स्कूटी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में बच्चों के सपने पूरे किए जा रहे हैं, जो विद्यार्थी स्कूल में टॉप करेगा, राज्य सरकार उसे इलेक्ट्रिक स्कूटी प्रदान करेगी। नीट पास करने वाले विद्यार्थियों के चिकित्सा शिक्षा की फीस में भी सरकार सहायता कर रही है। आगामी दो वर्ष में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 50 तक पहुंचेगी। सरकार द्वारा युवाओं के स्वावलंबन के लिए प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर पूर्व मंत्री स्व. श्री लक्ष्मण सिंह गौड़ का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवनकाल में समाज सेवा के क्षेत्र में बहुत से उल्लेखनीय कार्य किये। विद्यार्थियों को नि:शुल्क कॉपियां वितरण का कार्य भी उनकी पुण्य-स्मृति में ही है। इंदौर में प्रतिवर्ष रंगपंचमी मनाने का अपना अलग आनंद है, रंगपंचमी को यह भव्य स्वरूप प्रदान करने का श्रेय भी पूर्व मंत्री स्व. श्री लक्ष्मण सिंह गौड़ को ही जाता है। कार्यक्रम के आयोजक "हिंद रक्षक संगठन" के संयोजक श्री एकलव्य लक्ष्मण सिंह गौड़ ने "पुण्योदय प्रकल्प" के बारे में बताते हुए कहा कि वर्ष 2003 से इंदौर शहर के लगभग 300 समाजसेवी परिवार मिलकर प्रति वर्ष साढ़े तीन लाख से अधिक कॉपियां विद्यार्थियों को प्रति कॉपी मात्र एक रुपए के सांकेतिक शुल्क पर वितरित करते हैं। विद्यार्थियों को कॉपी वितरण का कार्य प्रतिवर्ष 11 जुलाई से 11 अगस्त तक जारी रहता है। उन्होंने इस कार्य में भागीदारी करने वाले सभी परिवारों के प्रति आभार प्रकट किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक सुश्री ऊषा ठाकुर, महापौर इंदौर डॉ. पुष्यमित्र भार्गव, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।