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JOB ALART :12,543 पद पर जल्‍द आने है बहाली! बिहार एसएससी की परीक्षाओं से सरकारी नौकरी का मौका

JOB ALART : बिहार एसएससी से बड़ी खुशखबरी! इस साल 12,543 पदों पर होगी बहाली, युवाओं को मिलेगा रोजगार  JOB ALART :12,543 पद पर जल्‍द आने है बहाली! बिहार एसएससी की परीक्षाओं से सरकारी नौकरी का मौका  JOB Vacancy :1 करोड़ रोजगार के मिशन की ओर सरकार ने बढ़ाया कदम, एसएससी से इस साल होगी 12,543 पदों पर बहाली  JOB Vacancy : अब इंतजार खत्म! बिहार एसएससी की तेज रफ्तार भर्ती प्रक्रिया, 12,543 पदों पर बहाली शुरू पटना  बिहार सरकार बहाली का जल्‍द मौका आने वाला है। युवाओं के लिए अब सरकारी नौकरी का दरवाज़ा पहले से कहीं ज्यादा तेज़ी से खुल रहा है। राज्य सरकार ने 50 लाख युवाओं को रोजगार और नौकरी देने का लक्ष्य पूरा करने के बाद अब 1 करोड़ का नया लक्ष्य तय किया है। इस अभियान में सबसे अहम भूमिका निभा रहा है बिहार कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी)। इस साल आयोग की ओर से 12,543 पदों पर बहाली की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अगस्त में क्षेत्र सहायक के 201 पदों के लिए लिखित परीक्षा हो चुकी है। इसके साथ ही द्वितीय इंटर स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के तहत 12,199 पदों पर और प्रयोगशाला सहायक के 143 पदों पर नियुक्ति की तैयारी है। कई जिलों का रिजल्ट जारी, बाकी जल्द कार्यालय परिचारी (विशिष्ट) पदों के लिए गया और सीवान को छोड़कर 25 जिलों का रिजल्ट प्रकाशित कर दिया गया है। इन दोनों जिलों का परिणाम भी जल्द आने वाला है। वहीं, कार्यालय परिचारी के 238 पदों के लिए इस साल 11 मई को और कल्याण व्यवस्थापक या निम्नवर्गीय लिपिक के 56 पदों के लिए 29 जून को परीक्षा आयोजित की गई थी। आने वाले महीनों में बड़ी भर्ती इसके अलावा चतुर्थ स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की 1481 पदों की बहाली जल्‍द आने वाली है। कार्यालय परिचारी या परिचारी (विशिष्ट) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर 3727 पदों के लिए भी बहाली प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इन परीक्षाओं की तैयारी आयोग की ओर से लगभग पूरी कर ली गई है। पहले की तुलना में बड़ा बदलाव कुछ साल पहले तक एसएससी सिर्फ 1-2 परीक्षाएं ही आयोजित करता था। उनका भी रिजल्ट आने में महीनों और कभी कभी तो सालों लग जाते थे। लेकिन अब बिहार में बहाली के हालात बदल चुके हैं। एसएससी हर साल 3 से 5 प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित कर रहा है और तय समय पर रिजल्ट भी दे रहा है। बहाली का इंतजार करने वालों का इंतजार खत्‍म ऐसे में राज्‍य सरकार में बहाली का इंतजार करने वालों का सपना जल्‍द साकार होने वाला है। राज्य एसएससी के अध्यक्ष आलोक राज का कहना है कि अब निर्धारित समय में परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं और रिजल्ट भी समय पर घोषित किए जा रहे हैं। इससे विभागों में खाली पड़े पदों को जल्दी भरा जा रहा है। सरकार के 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने के संकल्प को पूरा करने में आयोग अहम भूमिका निभा रहा है।

सड़क हादसे में दर्दनाक मौत: टक्कर के बाद धधके वाहन, चालक और क्लीनर नहीं बच सके

उन्नाव उन्नाव-हरदोई मार्ग पर बुधवार सुबह तीन बजे मौरंग लदे डंपर और केमिकल ड्रम लड़े डीसीएम में आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे के तुरंत बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। संभल जिला निवासी डीसीएम चालक और कानपुर देहात निवासी डंपर चालक व क्लीनर जिंदा जल गए। डीसीएम के क्लीनर ने कूदकर जान बचाई। पुलिस दमकल की मदद से आग बुझाई। हादसे के कारण मार्ग तीन घंटे जाम रहा। पुलिस के मुताबिक हादसा चालक को झपकी आने से हुआ है। संभल जिला के थाना असमौली के गांव गहरे की माड़िया निवासी डीसीएम चालक महिपाल (30) अपने भांजे/क्लीनर, संभल जिले के ही फतेहपुर उनमा निवासी सोनू के साथ कानपुर जा रहा था। उन्नाव-हरदोई मार्ग पर बुधवार सुबह बांगरमऊ कोतवाली के कस्बा गंजमुरादाबाद पहुचा था तभी मुरे कंपनी मोड़ पर मौरंग लदे डंपर से आमने-सामने टक्कर हो गई। तेज टक्कर होने से दोनों वाहनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और आग लग गई। डीसीएम क्लीनर सोनू ने कूदकर खुद की जान बचाई, वहीं डीसीएम चालक महिपाल और कानपुर देहात जिले के थाना भोगनीपुर के गांव चोरा निवासी चालक पवन (30) और जालौन जिला निवासी क्लीनर सुमित वाहनों में ही फंस गए और तीनों की जिंदा जल गए। पीआरवी की सूचना पर अग्निशमन विभाग की टीम पहुंची और दमकल की मदद से  आग पर बुझाई। बांगरमऊ कोतवाल चंद्रकांत सिंह ने बताया कि दोनों में किसी चालक को झपकी आने यह हादसा होने का अनुमान है। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सामान्य कर दिया गया है।

लड़की की तलाश में ढिलाई से नाराज़ ग्रामीणों का प्रदर्शन, पुलिस के खिलाफ नारेबाजी

झुंझनू जिले के जसरापुर गांव में अचानक एक लड़की के लापता होने से पूरे इलाके में चिंता और गुस्से का माहौल बन गया। वार्ड नंबर 13 की यह लड़की सुबह अचानक घर से गायब हो गई। परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। अंततः उन्होंने खेतड़ी नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम न उठाने से ग्रामीण और परिजन नाराज हो गए। मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और जसरापुर-खेतड़ी मार्ग पर जाम लगाकर धरना दे दिया। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आमजन और स्कूल जाने वाले बच्चे घंटों फंसे रहे। ग्रामीणों का आरोप था कि जसरापुर के पास एक अज्ञात युवती का शव देखा गया था लेकिन मौके पर पहुंचने पर वह गायब था। इससे संदेह और बढ़ गया कि कहीं प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश तो नहीं कर रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस तरह की घटनाओं से बेटियां असुरक्षित हो गई हैं और पुलिस का रवैया बेहद गैर जिम्मेदाराना है। धरने की अगुवाई राजकुमार सिंह निर्वाण कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए चेतावनी दी है कि यदि पुलिस 72 घंटे में लड़की को सुरक्षित बरामद नहीं करती है तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। धरना और जाम की सूचना पर खेतड़ी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक तनावपूर्ण माहौल रहा। आखिरकार पुलिस और प्रशासन के आश्वासन पर जाम खोला गया। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि अब केवल नतीजे चाहिए, महज आश्वासन से वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही अपराधियों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कब तक बेटियां घर से सुरक्षित लौटने की गारंटी से वंचित रहेंगी। ग्रामीणों का यह भी कहना था कि पुलिस हर घटना के बाद खानापूर्ति करके आश्वासन देकर शांत कराने की कोशिश करती है लेकिन हकीकत में न तो अपराध कम हो रहे हैं और न ही बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है। करीब तीन घंटे तक चला यह विरोध झुंझुनू जिले में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर गया। अब देखना होगा कि पुलिस 72 घंटे की इस समय सीमा में लड़की को खोज पाती है या फिर और बड़ा आंदोलन उभरकर सामने आता है।  

बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट पर भड़के रामभद्राचार्य, उठाया धार्मिक समानता का सवाल

वृंदावन  प्रख्यात रामकथा वाचक और पद्म विभूषण से सम्मानित जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर को अपने नियंत्रण में लेने के कदम पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा है कि अगर मस्जिदों और चर्चों के खिलाफ ऐसा कदम नहीं उठाया जा सकता, तो मंदिरों को इससे बचना चाहिए.  मंदिर के लिए एक ट्रस्ट बनाने और बांके बिहारी कॉरिडोर विकसित करने की राज्य सरकार की योजना पर पूछे गए सवालों के जवाब में, उन्होंने कड़ी असहमति जताई. रामभद्राचार्य ने कहा- "मैं मंदिर के लिए ट्रस्ट बनाने के सरकार के फैसले से सहमत नहीं हूं." आपको बता दें कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य  वृंदावन स्थित तुलसी पीठ छत्तीसगढ़ कुंज में एक सप्ताह तक श्रीमद्भागवत कथा का पाठ करने पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने संवाददाताओं से बात करते हुए बांके बिहारी मंदिर को लेकर यूपी सरकार के कदम से अपनी असहमति जाहिर की.  उन्होंने आगे कहा, "मुझे समझ नहीं आ रहा कि सरकार मंदिरों को अपने नियंत्रण में क्यों लेना चाहती है और उनका धन क्यों जब्त करना चाहती है, जबकि वह किसी मस्जिद या चर्च का अधिग्रहण नहीं कर सकती." मालूम हो कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं की आवश्यकता को अध्यादेश के माध्यम से ट्रस्ट की स्थापना और गलियारे के निर्माण का कारण बताया है.  रामभद्राचार्य का बयान मथुरा पहुंचे तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा- जो लोग सनातन धर्म का विरोध करेंगे, उनको लेकर हमने वचन दिया है कि उन्हें उचित और कठोरतम प्रसाद देंगे.  वहीं, धर्मांतरण के मसले पर उन्होंने कहा कि ये मामला बहुत संवेदनशील है और हमें संयम से काम लेना पड़ेगा. आज आवश्यकता है कि अपनी  कन्याओं को समझाया जाए. वह वीरांगना लक्ष्मीबाई बने. जबकि, मंदिरों के अधिग्रहण के बारे में रामभद्राचार्य ने कहा- जब मस्जिद और चर्च का अधिग्रहण नहीं हो सकता है तो मंदिर का भी अधिग्रहण नहीं होना चाहिए. हम इसका विरोध करते हैं. भगवान श्री कृष्ण जन्म स्थान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह श्री कृष्ण जन्मस्थान के मामले में भी गवाही देने आएंगे और सबको अपने उत्तर से चुप करेंगे. रामभद्राचार्य ने राम जन्म भूमि मंदिर के लिए गवाही दी थी. 

हाईकोर्ट के आदेश पर भोपाल विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ केस, फर्जी दस्तावेज से कॉलेज मान्यता का मामला

भोपाल राजधानी भोपाल से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। शहर की मध्य विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कोहेफिजा थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर ये कार्रवाई की गई है। आरोप है कि, विधायक आरिफ मसूद ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपने कॉलेज को मान्यता दिलाई है। इसी को मद्देनजर रखते हुए पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने उनके कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। हालांकि, छात्रों के शेक्षणिक हित को मद्दनेजर रखते हुए हाईकोर्ट ने कॉलेज में पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी है। लेकिन, अगले सत्र के लिए नए एडमिशन पूरी तरह से प्रतिबंधित किए गए हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि, बिना राजनीतिक संरक्षण के इतने सालों तक ऐसा कॉलेज नहीं चल सकता। मामले की गंभीरता देखते हुए अब सभी की नजरें इसपर टिकी हैं कि, आगामी दिनों में इस केस को लेकर क्या दिशा बनती है। यह कार्रवाई जबलपुर हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई है। एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित ने एफआईआर की पुष्टि करते हुए बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। हालांकि, छात्रों के हित को देखते हुए कोर्ट ने कॉलेज को जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन नए एडमिशन पर पूरी तरह रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने इस मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि बिना राजनीतिक संरक्षण के इतने सालों तक ऐसा कॉलेज नहीं चल सकता। कोर्ट ने कहा था- 3 दिन के अंदर एफआईआर दर्ज करें हाईकोर्ट ने सोमवार को फर्जी दस्तावेजों के जरिए कॉलेज की मान्यता प्राप्त करने के मामले में सुनवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने भोपाल कमिश्नर को आदेश दिया कि वे तीन दिन के भीतर एफआईआर दर्ज कर इसकी जानकारी कोर्ट को दें। जस्टिस अतुल श्रीधरन की कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से कॉलेज की मान्यता ली थी। कोर्ट ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज में नए दाखिलों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। एसआईटी करेगी मामले की जांच हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि इस पूरे मामले की अब एसआईटी जांच करेगी। ADG संजीव शमी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जांच करेगी। हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि 90 दिन में एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट पेश करें। बता दें कि पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज की मान्यता को रद्द कर दिया था, लेकिन छात्र हित को देखते हुए कॉलेज में छात्रों की पढ़ाई को कंटिन्यू रखा गया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना राजनीतिक संरक्षण इतने सालों तक कॉलेज नहीं चल सकता था। कॉलेज की संचालन समिति में सचिव हैं आरिफ मसूद इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज का संचालन अमन एजुकेशन सोसाइटी करती है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद इस सोसाइटी के सचिव हैं। इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज भोपाल के खानूगांव में स्थित है। पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने की थी शिकायत पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने इस पूरे मामले की शिकायत की थी। जांच के बाद आयुक्त उच्च शिक्षा ने माना कि अमन एजुकेशन सोसाइटी ने इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज के संचालन के लिए फर्जी दस्तावेजों पर एनओसी और मान्यता ली। इसके बाद कॉलेज की मान्यता रद्द की गई। जांच में पता चला कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिए सेल डीड तैयार करवाई और इसे पंजीयन कार्यालय में फर्जी तरीके से दर्ज भी बताया गया। ये है मामला भोपाल से विधायक आरिफ मसूद की अमन एजुकेशन द्वारा संचालित कॉलेज की पिछले दिनों मान्यता रद्द कर दी गई थी। उच्च शिक्षा विभाग ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। इसके पहले कॉलेज को अंतरिम मान्यता मिली थी, लेकिन कॉलेज की ओर से जरूरी कागजात और शर्तें पूरी नहीं करने पर विभाग ने मान्यता रद्द करने की बात कही थी। विधायक पर आरोप है कि, उन्होंने संस्था के फर्जी दस्तावेज लगाकर कॉलेज की मान्यता ली थी, जिसमें संबंधित अधिकारियों पर भी मिलीभगत का आरोप है।

कक्षा से 20 मीटर दूर हुई हत्या: क्यों मारा आदित्य को, नाबालिगों ने बताई वजह

गाजीपुर गाजीपुर के सनबीम स्कूल महराजगंज में 10वीं के छात्र आदित्य वर्मा (15) की हत्या में नामजद दोनों छात्रों को मंगलवार को पुलिस ने पूछताछ के बाद बाल सुधार गृह भेज दिया। एएसपी सिटी ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने बताया कि पूछताछ में दोनों आरोपी छात्रों ने क्लास रूम से 20 मीटर दूर बाथरूम में वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है। जांच में सामने आया है कि यह वारदात जूनियर-सीनियर छात्रों के बीच गुटबंदी के कारण हुई है। एएसपी सिटी ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने बताया कि आदित्य के पिता शिवजी वर्मा ने सनबीम स्कूल के कक्षा नौ के दो छात्रों पर हत्या और स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। एएसपी सिटी ने बताया कि दोनों छात्रों से चाकू को छिपाकर स्कूल लाने के बारे में पूछा गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बाथरूम जाने वाले छात्र-छात्राओं, उसके आसपास दिखे छात्रों से भी पूछताछ की। सनबीम स्कूल में छात्रों के बीच गुटबंदी अब तक की जांच में सामने आया है कि सनबीम स्कूल में छात्रों के बीच गुटबंदी है। हत्या में नामजद नाबालिग छात्र मनबढ़ हैं। बीते दिनों स्कूल में आते-जाते सीनियर छात्र आदित्य के एक साथी से जूनियर छात्र को धक्का लग गया था। पहले से खार खाए था मुख्य आरोपी और उसका नाबालिग दोस्त इसके बाद दोनों गुटों में 15 अगस्त और घटना वाले दिन भी विवाद हुआ था, जिसमें आदित्य वर्मा ने भी हस्तक्षेप किया था। पहले से खार खाए मुख्य आरोपी और उसके दूसरे नाबालिग दोस्त आदित्य को मारने के लिए चाकू स्कूल लेकर आए थे। शरीर पर चार जगह घाव एएसपी सिटी ने बताया कि पोस्टमार्टम में आदित्य के शरीर पर चार जगह घाव मिले। घाव से इस बात की पुष्टि हो रही है कि दोनों आरोपियों ने बेरहमी से आदित्य पर चाकू से वार किए थे। तीन किमी तक निकाला कैंडल मार्च सनबीम स्कूल महराजगंज के छात्र आदित्य की हत्या के बाद लोग शोक जता रहे हैं। नगर में मंगलवार को लोगों ने करीब तीन किमी तक कैंडल मार्च निकाला। देर शाम शहीद पार्क से कैंडल मार्च निकाला, जो यूसुफपुर बाजार, फाटक, फलमंडी, बैंक रोड, मशीनरी रोड, हाटा रोड़ होते हुए वापस शहीद पार्क पहुंचा। यहां शहीद स्तंभ पर कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दी। बिना पंजीकरण चल रहा मुख्य आरोपी के पिता का अस्पताल छात्र आदित्य की हत्या में मुख्य आरोपी का पिता बिना पंजीकरण के अस्पताल चलाता है। सीएमओ कार्यालय से महज दो किमी दूर आदर्श बाजार में उसका अस्पताल है। बड़ी बात तो यह है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को इसकी भनक तक नहीं है। जिले में बिना पंजीयन संचालित हो रहे अस्पताल और क्लीनिक के खिलाफ कार्रवाई का सिर्फ स्वास्थ्य विभाग आश्वासन ही देता है। सीएमओ कार्यालय के जिम्मेदार उस क्षेत्र के सरकारी अस्पताल के अधीक्षक की जिम्मेदारी की बात कहकर पल्ला झाड़ ले रहे हैं। कुछ वर्षों से हत्यारोपी का पिता आदर्श बाजार में निजी अस्पताल का संचालन कर रहा है। सीएमओ कार्यालय से दो किमी दूर पर है अस्पताल बोर्ड और मकान की दीवार पर क्लीनिक एंड हॉस्पिटल लिखा गया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग में अस्पताल का पंजीकरण नहीं है। इसकी जानकारी के लिए विभाग के जिम्मेदारों को रजिस्टर पलटने पड़े। सीएमओ डा. एसके पांडेय ने बताया कि अस्पताल का पंजीकरण नहीं है। जांच कर कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को जल्द ही निर्देश दिया जाएगा। स्कूल में कक्षा 9 के छात्र ने किया साथी का कत्ल गाजीपुर की शहर कोतवाली इलाके के महराजगंज स्थित सनबीम स्कूल में सोमवार को कक्षा नौ के छात्र ने फल काटने वाले चाकू से हमला कर दसवीं के छात्र आदित्य वर्मा (15) को मार डाला। चाकूबाजी में आरोपी सहित तीन छात्र घायल हो गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने वारदात स्थल से चाकू बरामद किया है। जो आरोपी छात्र पानी की बोतल में छिपाकर लाया था। पुलिस के साथ ही फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं। कोतवाली पुलिस के मुताबिक, 15 अगस्त को छात्रों के दो गुटों में विवाद हुआ था।

प्रशासन की मुहिम से पर्यावरण बचा, गणेश प्रतिमाओं में 50% कमी

खंडवा पर्यावरण संरक्षण और जल प्रदूषण रोकने के उद्देश्य से इस साल जिला प्रशासन ने प्लॉस्टर ऑफ पेरिस की प्रतिमाओं को प्रतिबंधित करते हुए मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं को बढ़ावा दिया है। प्रशासन की इस पहल से करीब 50 प्रतिशत पीओपी की प्रतिमाएं इस साल कम हो गई है। स्व सहायता समूह के माध्यम से मिट्टी की प्रतिमाएं भी प्रशासन ने तैयार कराई है। वहीं, कुछ मूर्तिकार परिवारों ने भी मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता की पहल पर नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर में करीब 38 हजार पीओपी की प्रतिमाओं का निर्माण रुकवाया गया है। हालांकि जो मूर्तिकार पहले से प्रतिमा बना चुके थे, उन्हें इस साल बिक्री के लिए छूट देने पर विचार चल रहा है। वहीं, ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व सहायता समूहों के माध्यम से प्रशासन ने करीब 20 हजार मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं तैयार कराई है। ये प्रतिमाएं मिट्टी, गाय के गोबर से बनी और प्राकृतिक रंगों से सजाई गई है। इसमें गांधवा, छौगांवदेवी, जावर की महिला स्व सहायता समूह ने करीब 11 हजार मिट्टी की प्रमिताएं तैयार कर ली है। इन प्रतिमाओं की बिक्री कलेक्ट्रेट परिसर आउटलेट सहित नगर निगम चौराहा पर स्टॉल लगाकर की जाएगी। साथ ही शासकीय राशन दुकानों पर भी इसे बिक्री के लिए रखा जाएगा। होम डिलेवरी की भी दे रहे सुविधा कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित ग्रामीण आजीविका मिशन के आउटलेट से जिलेभर में ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से होम डिलेवरी की सुविधा भी दी जा रही है। आजीविका मिशन के जिला समन्वयक आनंद शर्मा ने बताया कि इसके लिए मोबाइल नंबर जारी किए गए है। इन नंबर पर कॉल कर वॉटसएप पर प्रतिमाओं की तस्वीर बुलाकर देख सकते है। पसंद आने पर उसे ऑर्डर करने के बाद जिलेभर में कहीं भी उसकी डिलेवरी ले सकते है। प्रतिमा को अनब्रेकेबल पैकिंग में पैक कर दिया जाएगा, जिससे टूट-फूट की दिक्कत नहीं होगी। आस्था, पर्यावरण सुरक्षा के साथ रोजगार मिट्टी की प्रतिमाओं के निर्माण से जहां आस्था को बल मिल रहा है, वहीं पर्यावरण सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं को रोजगार भी प्राप्त हो रहा है। जिला प्रशासन की अपील है कि सभी लोग मिट्टी की प्रतिमाओं को खरीदकर स्थापना करें।- ऋषव गुप्ता, कलेक्टर  

केंद्र की मंजूरी के बाद दिल्ली–बीकानेर वंदे भारत सेवा शुरू होने को तैयार

जयपुर बीकानेरवासियों के लिए दिल्ली से बड़ी खुशखबरी आई है। लंबे समय से प्रतीक्षित दिल्ली–बीकानेर वंदे भारत रेल सेवा को आखिरकार केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। बीकानेर के सांसद एवं केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के लगातार प्रयासों और मांग के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ट्रेन के परिचालन की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में रेल मंत्री वैष्णव ने केंद्रीय मंत्री मेघवाल को पत्र लिखकर जानकारी दी। पत्र में कहा गया है कि यात्रियों की सुविधा, तेज गति और आधुनिक सुविधाओं से युक्त ट्रेन सेवा के रूप में दिल्ली से बीकानेर वंदे भारत एक्सप्रेस को स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्नदृष्टा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास यात्रा में गति लाने के साथ-साथ आमजन की सुविधा को भी प्राथमिकता देती हैं। मेघवाल ने कहा कि बीकानेरवासियों के लिए यह सौगात अभूतपूर्व है। अब आम नागरिक से लेकर व्यापारी वर्ग तक सभी को दिल्ली तक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर बीकानेर वासियों को हार्दिक बधाई दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। नई वंदे भारत ट्रेन की स्वीकृति पर बीकानेर भाजपा नेताओं ने भी केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। आभार व्यक्त करने वालों में भाजपा नेता सत्यप्रकाश आचार्य, जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया, सुमन छाजेड़, विजय आचार्य, मोहन सुराणा, अशोक प्रजापत, मनीष सोनी, पंकज अग्रवाल और दौलत सारण शामिल रहे। बीकानेरवासियों का कहना है कि यह ट्रेन सेवा क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल बीकानेर और दिल्ली के बीच यात्रा का समय घटेगा बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आने-जाने वाले लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।

रायपुर में राष्ट्रीय खेल दिवस: खेलो भारत मिशन के तहत रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन

रायपुर : खेलो भारत मिशन के तहत राष्ट्रीय खेल दिवस पर होगा विविध कार्यक्रम का आयोजन रायपुर में राष्ट्रीय खेल दिवस: खेलो भारत मिशन के तहत रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन खेलो भारत मिशन: 29 अगस्त को होगा शुभारंभ, 31 अगस्त को होगा संडे ऑन साईकल रायपुर राष्ट्रीय खेल दिवस 29 से 31अगस्त तक पूरे देश में खेल और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। खेलो भारत मिशन के अंतर्गत यह आयोजन खेल संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाने और ओलंपिक 2036 की तैयारियों को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस संबंध में आज केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों के खेल मंत्रियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।       राष्ट्रीय स्तर पर सभी स्कूल, कॉलेज और बड़े स्टेडियम में खेल गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। खेल मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि इस खेल महोत्सव के जरिए खेल भावना का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सिर्फ खेल भावना को जगाने का प्रयास नहीं, बल्कि भारत को खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में ठोस कदम है।      राज्य के सभी जिलों में 29 से 31 अगस्त तक विभिन्न खेलों का आयोजन किया जाएगा। संडे ऑन साईकल अभियान चलाया जाएगा, जिसमें आम नागरिक और खिलाड़ी एक घंटे खेल मैदान या साइकिल गतिविधि में शामिल होंगे। खेल आयोजन के लिए प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। जिला मुख्यालय स्तर पर बड़े आयोजन होंगे, जिनमें जनप्रतिनिधियों और स्थानीय खिलाड़ियों की उपस्थिति रहेगी। समन्वय एवं मॉनिटरिंग के लिए फिट इंडिया पोर्टल  पर रिपोर्टिंग की व्यवस्था होगी। खेल कार्यक्रम 29 अगस्त की सुबह 7: 30 बजे हॉकी जादूगर ध्यानचंद जी को श्रद्धांजलि से प्रारंभ होगी। इसके साथ ही शपथ दिलाई जाएगी और खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ होगा।    इसी तरह 30 अगस्त को स्पिरिट ऑफ सप्पोर्टस थीम पर सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। भारत ने 2036 ओलंपिक के आयोजन को लेकर भी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए स्पोर्ट्स फेडरेशन और ओलंपिक एसोसिएशन को सशक्त किया जाएगा। खेलो इंडिया सेंटर को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। वन कॉर्पाेरेट वन स्पोर्ट्स मॉडल लागू किया जाएगा। खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

रायपुर: छीरपानी जलाशय योजना से बैगा बाहुल्य गांवों में पेयजल संकट होगा खत्म

रायपुर : बैगा बाहुल्य ग्रामों के पेयजल संकट को दूर करेगी छीरपानी जलाशय आधारित योजना रायपुर: छीरपानी जलाशय योजना से बैगा बाहुल्य गांवों में पेयजल संकट होगा खत्म मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल तेज, कलेक्टर ने विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश रायपुर, प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा को मूर्त रूप देने और विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बाहुल्य ग्रामों में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या को सुलझाने के लिए कबीरधाम जिला प्रशासन ने ठोस कदम उठाए हैं। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने छीरपानी मध्यम जलाशय पर आधारित नई जल प्रदाय योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना से दलदली ग्राम सहित 20 से 30 गांवों और बैगा बसाहटों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर वर्मा ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) को निर्देशित किया कि वे तत्काल स्थल निरीक्षण करें और विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि यह देखा जाए कि कौन-कौन से गांव योजना से जुड़ेंगे और उनकी पेयजल आपूर्ति कैसे सुनिश्चित होगी। बैठक में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छीरपानी मध्यम जलाशय में हर साल पर्याप्त जल भराव होता है और इसकी जल आवक भी पर्याप्त है, सिंचाई कार्य के बाद भी पेयजल के लिए आपूति की जा सकती है। यही कारण है कि यहां से दीर्घकालीन पेयजल आपूर्ति संभव है। कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग को भी तकनीकी परीक्षण और व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। दलदली प्रवास से शुरू हुई पहल, मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीन से चार माह पहले सुशासन तिहार के अंतर्गत कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के अंतिम ग्राम दलदली का दौरा किया था। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें प्रमुखता से पेयजल संकट की समस्या से अवगत कराया। मुख्यमंत्री साय ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्थानीय कनाई नाला से जल प्रदाय योजना की घोषणा की थी। हालाँकि, जिला प्रशासन और विभागीय टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में पाया गया कि कनाई नाला में केवल बरसात के मौसम में ही पानी रहता है। ग्रीष्मकाल में जल प्रवाह लगभग समाप्त हो जाता है, जिससे नियमित और टिकाऊ पेयजल आपूर्ति संभव नहीं है। यही कारण रहा कि कलेक्टर वर्मा ने मुख्यमंत्री की घोषणा को व्यवहारिक रूप देने और स्थायी समाधान के लिए छीरपानी जलाशय पर आधारित नई योजना बनाने का निर्णय लिया। 65 ग्रामों के लिए 118.06 करोड़ की योजना प्रस्तावित बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि उपमुख्यंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासो से राज्य शासन को कुसुमघटा, बैजलपुर और राजा नवागांव सहित बोड़ला विकासखंड के 65 ग्रामों में पेयजल आपूर्ति के लिए 118.06 करोड़ रुपए की जल प्रदाय योजना प्रस्तावित की गई है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह प्रस्ताव वर्तमान में स्वीकृति की अंतिम चरणों में है। इस योजना के लागू होने पर पूरे क्षेत्र के दर्जनों गांवों को राहत मिलेगी। कलेक्टर ने अन्य विकास योजनाओं की भी समीक्षा बैठक में कलेक्टर वर्मा ने पेयजल योजनाओं के साथ-साथ जिले की अन्य प्रमुख योजनाओं की भी समीक्षा की। इनमें प्रमुख रूप से महतारी सदन योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और नगर पंचायतों के अधोसंरचना मद से स्वीकृत निर्माण कार्य शामिल थे। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर प्रारंभ और अप्रारंभ कार्यों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरे करें। इसके साथ ही कलेक्टर ने राज्य शासन के निर्देश पर 15 अगस्त 2025 से 31 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाले रजत जयंती वर्ष कार्यक्रमों की रूपरेखा का गहन मूल्यांकन किया और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी, अपर कलेक्टर नरेन्द्र पैकरा, डिप्टी कलेक्टर सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे।