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सरकारी बस सेवा का विस्तार, सीधे जुड़ेंगे करोड़ों लोग हर इलाके से

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार एक नई परिवहन कंपनी  बनाने जा रही है। यह राज्य भर में चलने वाली सभी प्राइवेट बसों के संचालन पर निगरानी रखेगी। यह कंपनी प्रदेश में पहले बंद हो चुके सड़क परिवहन निगम से पूरी तरह अलग होगी। साथ ही, पूरी तरह आधुनिक और व्यावसायिक दृष्टिकोण से काम करेगी। कंपनी न केवल शहरों में सिटी ट्रांसपोर्ट का संचालन करेगी, बल्कि उपनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी बस सेवाएं उपलब्ध कराएगी। प्रदेश के प्रमुख शहर जैसे भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा और सागर में पहले से ही अलग-अलग सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनियां कार्यरत हैं। भोपाल में बीसीएलएल (BCLL) और इंदौर में एआईसीटीएल (AICTSL) जैसे मॉडल को अब नई राज्य स्तरीय कंपनी के तहत लाया जाएगा। यह कंपनी इन सभी का संचालन करेगी।   गांवों तक पहुंचेंगी बसें इस कंपनी का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब बस सेवाएं केवल शहरों या उनके आसपास के उपनगरों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि ये सेवाएं दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंचेगी। अभी ग्रामीण बस सेवाओं के लिए कोई व्यवस्थित प्रणाली नहीं है, लेकिन नई कंपनी इन क्षेत्रों में भी बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुनिश्चित करेगी। हर बस पर होगा कंपनी का नियंत्रण इस नई परिवहन कंपनी के पास राज्य में संचालित सभी प्राइवेट बसों के रूट, किराया, परमिट और सेवा की गुणवत्ता तय करने का अधिकार होगा। वर्तमान में बसों के परमिट सीधे आरटीओ के माध्यम से जारी किए जाते हैं, लेकिन अब ये परमिट राज्य स्तरीय कंपनी के नाम पर होंगे। इसके बाद कंपनी अपने नियमों और शर्तों के अनुसार ऑपरेटर को परमिट ट्रांसफर करेगी। मध्य प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचेगी सरकारी बसें… नई परिवहन कंपनी की स्थापना: मध्य प्रदेश सरकार एक नई राज्य स्तरीय परिवहन कंपनी बनाएगी, जो राज्य में सभी प्राइवेट बसों के संचालन पर निगरानी रखेगी। ग्रामीण क्षेत्रों तक बस सेवाएं: यह कंपनी अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बस सेवाएं उपलब्ध कराएगी। कंपनी का नियंत्रण: राज्य स्तरीय कंपनी के पास रूट, किराया, परमिट और सेवा की गुणवत्ता तय करने का अधिकार होगा, और परमिट कंपनी के नाम पर जारी किए जाएंगे। यात्रियों की सुरक्षा: बसों की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक कंट्रोल विंग बनाया जाएगा, जिसमें अनुभवी इंजीनियर शामिल होंगे। बिजली कंपनी जैसे ढांचे में काम: यह परिवहन कंपनी मप्र पॉवर मैनेजमेंट कंपनी की तरह सभी ट्रांसपोर्ट एजेंसियों की निगरानी और संचालन करेगी। यात्रियों की सुरक्षा का रखेगी खयाल बसों की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक कंट्रोल विंग बनाया जाएगा। इसमें ऑटोमोबाइल क्षेत्र के अनुभवी इंजीनियर शामिल होंगे। यह टीम बसों की नियमित जांच, सेवा मानकों की निगरानी और शिकायतों के निवारण का कार्य करेगी। बिजली कंपनी की तरह होगा ढांचा नई परिवहन कंपनी का ढांचा भी मप्र पॉवर मैनेजमेंट कंपनी की तरह होगा, जो राज्य की सभी बिजली कंपनियों की होल्डिंग कंपनी है। इसी तरह यह परिवहन कंपनी सभी ट्रांसपोर्ट एजेंसियों की निगरानी और संचालन करेगी। गांव से शहर तक का सफर होगा आरामदायक मध्य प्रदेश सरकार का यह कदम राज्य के परिवहन ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना न केवल शहरी क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को बेहतर करेगी, बल्कि यह ग्रामीण इलाकों में भी एक मजबूत सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की स्थापना करेगी। नई परिवहन कंपनी के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि प्रदेश के हर नागरिक को सुरक्षित, आरामदायक और किफायती परिवहन सेवाएं मिल सकें।

प्रदीप मिश्रा की कथा से लौट रहे भक्तों की गाड़ी का एक्सीडेंट, खड़े ट्रक से भिड़ंत में एक की मौत

इंदौर गुरुवार अलसुबह इंदौर के कनाड़िया बायपास पर एक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई, जबकि लगभग 14 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  इंदौर शहर के बिचौली मर्दाना क्षेत्र में रात करीब साढ़े तीन बजे ओवरब्रिज पर एक तूफान गाड़ी खड़े हुए ट्रक से टकरा गई। हादसे में तूफान गाड़ी में सवार 13 में से एक व्यक्ति की मौत हो गई और 11 लोग घायल हो गए। इनमें से एक को कोई चोट नहीं लगी है। सभी घायलों को इलाज के लिए एमवायएच अस्पताल में भर्ती किया गया है। जानकारी के मुताबिक ये सभी खरगोन जिले के निवासी हैं, जो कुबरेश्वर धाम से लौट रहे थे। ऐसे हुआ हादसा एक ट्रक टायर फटने की वजह से ओवर ब्रिज पर खड़ा हुआ था। देर रात कुबरेश्वर धाम से लौट रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी का ड्राइवर ओवर ब्रिज पर ट्रक को देखकर रुक नहीं पाया। गाड़ी ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। मौके पर ही मंटू पिता मुन्नालाल वर्मा निवासी इंदिरा नगर, खरगोन की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने की मदद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां से गुजर रहे लोगों ने तत्काल पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से वाहन में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया। पुलिस के मुताबिक, दो घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार चल रहा है। वह बीकॉम पीजी कॉलेज का छात्र था और पार्ट टाइम सब्जी का ठेला भी लगाता था। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाकर रास्ते को चालू करवाया। पुलिस ने ट्रक चालक को भी पकड़ लिया है। हादसे में घायल हुए लोगों के नाम     कीर्ति पति संतोष उम्र 35 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     संदीप पिता अमर सिंह उम्र 34 साल निवासी जैत पुर खरगोन     गौरव पिता बद्रीलाल उम्र 45 साल निवास इंदिरा नगर खरगोन     संतोष पिता मोतीलाल उम्र 39 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     मोहन पिता सखाराम उम्र 58 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     वासुबाई पति आनंद राम उम्र 60 साल निवासी संजय नगर खरगोन     विमलाबाई पति शंभू सिंह उम्र 60 साल निवासी इंदिरा नगर खरगोन     मनु वर्मा पति कक्का उम्र 45 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     विमला बाई पति सुरेश उम्र 40 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     भगवती बाई पति बंसीलाल उम्र 40 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     कंचन पति कर्मा उम्र 42 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन  

समग्र विकास का मंत्र: मुख्यमंत्री ने आदि कर्मयोगी बैठक में आदिवासी ग्रामों में जनसहयोग बढ़ाने पर दिया जोर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्देशित किया कि आदि कर्मयोगी अभियान के माध्यम से आदिवासी बाहुल्य ग्रामों का समग्र विकास जनभागीदारी के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान के तहत पूरे देश में आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में 20 लाख स्वयंसेवकों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य में छत्तीसगढ़ राज्य की भागीदारी सक्रिय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1,32,400 वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे जनभागीदारी और जनजागरूकता के माध्यम से समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाना है। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए कि युवाओं को वॉलंटियर्स के रूप में रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य गांवों में बुनियादी अधोसंरचना और सुविधाओं में जो भी ‘क्रिटिकल गैप’ शेष हैं, उनकी पहचान की जाए और आगामी 2 अक्टूबर 2025 को ग्राम सभाओं में इस पर विशेष चर्चा की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इन कमियों को दूर करने के लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आवश्यक ठोस कदम उठाए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि हर ग्राम बुनियादी सुविधाओं से संतृप्त हो। बैठक में आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत ग्रामों में ‘आदि सेवा केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे, जो न केवल मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता में सहायक होंगे, बल्कि योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सतत क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में धरती आबा और पीएम-जनमन जैसे संतृप्तिमूलक अभियानों की भी शुरुआत की गई है, जिनके अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य ग्रामों एवं पीवीटीजी बस्तियों में आवास, पक्की सड़कें, जलापूर्ति, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 से 28 जुलाई 2025 के मध्य सम्पन्न किया जा चुका है तथा जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स की सूची भारत सरकार को प्रेषित की जा चुकी है। आगामी गतिविधियों में जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण सहित अन्य कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिन्हें शीघ्र क्रियान्वित किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, आदिम जाति कल्याण विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

देशभर से आए विशेषज्ञ निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री और कार्यों के नए मानकों की दे रहे जानकारी

रायपुर : गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्रियों के चयन के लिए मानकों की जानकारी जरूरी – अरुण साव पीडब्लूडी के अभियंताओं के लिए बीआईएस द्वारा आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री देशभर से आए विशेषज्ञ निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री और कार्यों के नए मानकों की दे रहे जानकारी रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव आज भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के लिए आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए। भारतीय मानक ब्यूरो के रायपुर कार्यालय द्वारा रायपुर के नवीन विश्राम भवन में 6 अगस्त और 7 अगस्त को दो दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। देशभर से आए विषय विशेषज्ञ कार्यक्रम में अभियंताओं को अलग-अलग तरह के निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्रियों और कार्यों के नए मानकों की जानकारी दे रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के विभिन्न जिलों के अभियंता इसमें हिस्सा ले रहे हैं जिनमें अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और सहायक अभियंता शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम में कहा कि लगातार बदल रही तकनीकों, जरूरतों और अनुसंधानों के बीच नए मानकों और नवाचारों से अपडेट रहना जरूरी है। एक इंजीनियर के रूप में सम-सामयिक तकनीकी पहलुओं और उनके नवीन मापदंडों की जानकारी आवश्यक है। अलग-अलग तरह के निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने में इनकी अच्छी जानकारी काफी मददगार होती है। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो को क्षमता निर्माण कार्यक्रम के आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे हमारे अभियंताओं की दक्षता और क्षमता बढ़ेगी। उप मुख्यमंत्री साव ने अभियंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि निर्माण उद्योग में अलग-अलग कंपनियों और आपूर्तिकर्ताओं की भिन्न-भिन्न गुणवत्ता और कीमत वाली सामग्री मौजूद हैं। गुणवत्ता और मानकों की अच्छी जानकारी रहने से आप सही सामग्रियों का चयन कर सकते हैं। आपके पर्यवेक्षण (Supervision) में हो रहे कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आपकी है। इसके लिए निर्माण कार्यों में मानकों के अनुरूप प्रमाणित सामग्रियों का उपयोग करें। साव ने दो दिनों तक चलने वाले इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम का पूरा लाभ लेते हुए अपनी जानकारियों को अपडेट करने को कहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को कार्यस्थल पर प्रभावी कार्य संपादन में सहायता मिलेगी।  लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी ने कहा कि देश-दुनिया में प्रचलित मानकों और मापदंडों से विभाग के अभियंताओं को अवगत कराने भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि हर अभियंता को मानकों की पूरी जानकारी रखने के साथ ही फील्ड में इनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना चाहिए। उन्होंने मानकों और मापदंडों का पालन कर राज्य में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने को कहा। भारतीय मानक ब्यूरो के क्षेत्रीय निदेशक सुमन कुमार गुप्ता और वैज्ञानिक श्रीमती मधुरिमा माधव ने भी प्रतिभागी अभियंताओं को संबोधित किया। भारतीय मानक ब्यूरो के रायपुर कार्यालय के संयुक्त निदेशक फालेन्द्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।  सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्यों तथा सामग्रियों के मानकों की दी जा रही जानकारी भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को अलग-अलग सत्रों में सिविल और इलेक्ट्किल कार्यों के मानकों की जानकारी दे रहे हैं। सिविल कार्यों में रिसोर्स पर्सन के रूप में भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ डी.एस. धपोला, डॉ. आदित्य प्रताप सान्याल, डॉ. आर.पी. देवांगन, डॉ. प्रवीण निगम और डॉ. ललित कुमार गुप्ता नए मानकों और मापदंडों की जानकारी दे रहे हैं। वहीं इलेक्ट्रिकल कार्यों में सर्वबाबुल चक्रवर्ती, उमा शंकर, सुहासकृष्णन के.वी. और सुभावना कस्तुरिया मानकों की जानकारी दे रहे हैं।

वन्यजीव संरक्षण के लिए सक्रिय पहल जरूरी: वनमंत्री कश्यप ने अधिकारियों को दिए निर्देश

रायपुर : वनमंत्री कश्यप ने वन्यप्राणी के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष बल देने निर्देशित किया वनमंत्री कश्यप ने वन्यप्राणी के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष बल देने निर्देशित किया वन विभाग के कार्ययोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की ईको टूरिज्म में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ें बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र को बढ़ाने के दिए निर्देश ई-ऑक्शन की सराहना की रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित अरण्य भवन में विभागीय काम-काज की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मोदी की गारंटी के तहत वनोपज खरीदी दर और बोनस की राशि का भुगतान के साथ ही देवगुड़ियों के संरक्षण, लेमरू हाथी रिजर्व से जुड़े मुद्दे, प्रोजेक्ट बघवा, किसान वृक्ष मित्र योजना और मानव पशु द्वंद से हुई जनहानि एवं कृषि उपज प्रभावित होने वाले किसानों को फसल क्षति कवर प्रदान करने प्राप्त आवेदनों का निराकरण कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का लगभग शत-प्रतिशत निराकरण कर दिया गया है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि ई-ऑक्शन के माध्यम से वनोपज एवं काष्ठों की नीलामी की जा रही है। अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा ने ई-ऑक्शन को राज्य में मिल रहे बेहतर प्रतिसाद की सराहना करते हुए अधिकरियों को बधाई दी। बैठक में मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि वर्षा ऋतु-2025 में ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ के तहत वन विभाग और वन विकास निगम द्वारा 2 करोड़ 17 लाख पौधे रोपित किए गए हैं। वन विकास निगम द्वारा 4 माइक्रो फारेस्ट (मियावाकी) स्थलों पर 26 हजार पौधों का रोपण किया गया है। अधिकारियों ने मंत्री कश्यप को बताया कि 10.34 हेक्टेयर भूमि में 5 माइक्रो फारेस्ट (मियावाकी वन) की स्थापना प्रस्तावित है।  मंत्री कश्यप ने वन विकास निगम के माध्यम से बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र को बढ़ाने के निर्देश अधिकरियों को दिए। उन्होंने माइक्रो फारेस्ट (मियावाकी) की स्थापना अर्बन क्षेत्रों में करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने वृक्षारोपण की प्रगति के संबंध में कहा कि वन विकास निगम के वर्किंग प्लान में वरिष्ठ अधिकारियों को रखे जाने से बेहतर परिणाम मिलेगा, जिससे मॉनिटरिंग अच्छे से होगी। उन्होंने कहा कि माइनिंग सहित सभी विभागों और शहरी क्षेत्रों में प्रमुखता से वृक्षारोपण किया जाए तथा टेक्निकल सपोर्ट के लिए नोडल अधिकारी बनाया जाए। वर्ष 2024-25 में 25 ईको टूरिज्म केन्द्रों से 2 करोड़ 62 लाख रूपए से अधिक की आय हुई है। मंत्री कश्यप ने कहा कि ईको टूरिज्म से प्राप्त होने वाली आय का उपयोग महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी ईको टूरिज्म केन्द्रों में बेहतर सुविधाओं का विस्तार करें। अधिकारियों ने बताया कि 7 नवीन ईको टूरिज्म केन्द्रों की स्थापना प्रस्तावित है, जिसका इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। बैठक में अधिकारियों ने मंत्री कश्यप को कैंपा मद से संचालित कार्यों की अद्यतन स्थिति और वन अधिकार पत्रधारी के नामांतरण और बटवारे की जानकारी से भी अवगत कराया।  मंत्री कश्यप ने वन्यप्राणी संरक्षण, बाघ संरक्षण, अचानकमार्ग टायगर रिजर्व के ग्रामों के विस्थापन के प्रगति की समीक्षा की। लेमरू हाथी रिजर्व का विकास, तमोर पिंगला, सेमरसोत और बादखोल अभ्यारण्य में वन्यप्राणी संरक्षण और वन्य प्राणी से होने वाले जनहानि, फसल क्षति की भी विस्तृत समीक्षा की। राज्य वन एवं अनुसंधान संस्थान द्वारा एक वर्ष में कराए गए अनुसंधान कार्यों और उनकी गुणवत्ता की समीक्षा की। खदान प्रभावित क्षेत्रों में वन्यप्राणी संरक्षण की योजना और वृक्षारोपण कार्य की जानकारी ली और आगामी वर्ष के लिए की जाने वाली कार्ययोजना बनाने निर्देशित किया। उन्होंने वर्ष 2025-26 में तेन्दूपत्ता संग्रहण, चरणपादुका क्रय और वितरण, प्रधानमंत्री जनमन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन वनधन विकास केन्द्र, राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना, छात्र वृत्ति योजना की बिन्दुवार विस्तृत समीक्षा की। वन मंत्री कश्यप ने राजस्व में वृद्धि लाने के लिए सीमावर्ती राज्यों जैसे – महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्यप्रदेश राज्यों की प्रक्रिया का अध्ययन व आंकलन कर कार्ययोजना बनाने हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए। मंत्री कश्यप ने कहा कि माइक्रो फारेस्ट के विस्तार के लिए ज्यादा से ज्यादा जनप्रतिनिधियों का सहयोग लें। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से वनवासियों द्वारा कार्यालय में प्राप्त आवेदन का तत्परता से निराकरण करें। इसी प्रकार विभागीय रिक्त पदों पर भर्ती जैसे सभी कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।  अधिकारियों ने बताया कि वन प्रबंधन समिति के खाते में मार्च 2025 की स्थिति में 133 करोड़ 27 लाख रूपए से अधिक की लाभांश राशि उपलब्ध है। चक्रीय निधि में उपलब्ध राशि 116 करोड़ 65 लाख रूपए से अधिक की राशि है, जिसका उपयोग चक्रीय निधि से कराए जाने वाले कार्य जैसे – मछलीपालन, कोसा पालन, मधुमक्खी पालन, बतख पालन, मशरूम उत्पादन, महुआ लड्डू, लेमन ग्रास, दोना-पत्तल निर्माण, इमली प्रसंस्करण, डेयरी विकास, किराना दुकान, केन्टीन संचालन, ईको टूरिज्म संचालन हेतु वाहन क्रय आदि कार्यों के लिए 4 प्रतिशत वाार्षिक ब्याज पर ऋण प्रदान किया जाता है। इसके लिए प्रदेश में मुहिम चलाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्व-रोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए। मंत्री कश्यप ने राजस्व प्राप्ति को बढ़ाने के लिए अन्य राज्यों का अध्ययन कर योजना बनाने के निर्देश दिए। निस्तारी वनोपज एवं पंजीकृत बंसोड़ों को बांस प्रदाय करना सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें जीविकोपार्जन का साधन मिल सके। उन्होंने संबंधितों को निर्देश दिए कि वनों की अवैध कटाई, परिवहन पर कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। कश्यप ने कहा कि वन विभाग के खाताधारी हितग्राहियों को सीधे उनके खाते में ई-कुबेर के माध्यम से भुगतान करना सुनिश्चित करें।  अधिकारियों ने बताया कि हितग्राहियों को वर्ष 2024-25 में ई-कुबेर के माध्यम से 1400 करोड़ रूपए का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में किया गया है और वर्ष 2025-26 में 300 करोड़ रूपए का भुगतान हितग्राहियों को ई-कुबेर के माध्यम से किया गया है। मंत्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एनटीपीएस के माध्यम से टीपी जारी करना सुनिश्चित करें। बिना टीपी के कोई भी वाहन वनोपज का परिवहन करते पाये जाने पर कठोर कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।  बैठक में वन क्षेत्रों में औषधीय पौधों के रोपण, नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत जनजातीय समूह के सामाजिक आर्थिक कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से औषधीय पौध रोपण एवं आजीविका के अवसर को बढ़ाने, परंपरागत वैद्यों के प्रशिक्षण और विकास, … Read more

बीजापुर में बड़ी कामयाबी: ₹24 लाख के इनामी माओवादी सहित 9 ने छोड़ा हिंसा का रास्ता

रायपुर : छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ी सफलता: बीजापुर में ₹24 लाख के इनामी सहित 9 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन को बढ़त, बीजापुर में ₹24 लाख के इनामी समेत 9 माओवादी सरेंडर बीजापुर में बड़ी कामयाबी: ₹24 लाख के इनामी माओवादी सहित 9 ने छोड़ा हिंसा का रास्ता छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर सफलता, बीजापुर में 9 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा – नक्सलवाद अब अंतिम साँसें गिन रहा है, 31 मार्च 2026 तक पूर्ण समाप्ति के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार रायपुर छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। बीजापुर जिले में ₹24 लाख के इनामी समेत कुल 9 माओवादियों ने आज आत्मसमर्पण किया है, वहीं एक अन्य घटनाक्रम में एक माओवादी मुठभेड़ के दौरान न्यूट्रलाइज़ किया गया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  कहा कि यह बदलते बस्तर की तस्वीर है जहाँ बंदूकें झुक रही हैं और विकास की आवाज़ बुलंद हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक केंद्रीय गृह मंत्री के पद पर सेवा देने वाले श्री अमित शाह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह  का कार्यकाल भारत की आंतरिक सुरक्षा का वह युग है जिसने असंभव को संभव बना दिया है। अनुच्छेद 370 की ऐतिहासिक समाप्ति हो या नक्सलवाद एवं आतंकवाद पर कठोर प्रहार का निर्णय – उन्होंने सदैव भारत को एक सुरक्षित, सशक्त और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाया है।  छत्तीसगढ़ में दिसंबर 2023 से अब तक लगभग 450 माओवादी न्यूट्रलाइज़ किए जा चुके हैं, 1579 माओवादी गिरफ्तार हुए हैं, और लगभग 1589 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह आँकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की मंशा के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक राज्य से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।  मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के पुनर्वास की प्रक्रिया को तेज़ी से लागू करने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस सफलता के लिए सुरक्षाबलों, खुफिया एजेंसियों और प्रशासनिक अमले को बधाई दी है और कहा है कि बस्तर अब अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ चुका है। विकास ही अब उसकी पहचान बनेगा।

मंत्री पटेल की अगुवाई में हुई श्रम विभागीय समीक्षा, नीतियों पर हुआ मंथन

भोपाल  पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में श्रम विभागीय परार्मशदात्री समिति की बैठक सम्पन्न हुई।  बैठक में श्रमिक हित में किये जाने वाले नवाचारों के संबंध में सदस्यों को अवगत कराया गया। श्रम विभाग की नई पहल, SHREE (श्रमिक हेल्थ रेजुवेशन एजुकेशन एण्ड इंटरप्राइज) पहल का उ‌द्देश्य विभिन्न सरकारी निकायों के संसाधनों का उपयोग करके मध्यप्रदेश में श्रमिकों की स्थिति को समग्र रूप से बेहतर बनाना है। स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्‌यम और कार्यस्थल के वातावरण में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर मानव संसाधन का कायाकल्प और सशक्तिकरण करना है, जिससे सतत् सामाजिक-आर्थिक विकास हो सके। स्वास्थ्य, शिक्षा, उ‌द्यम और कार्यस्थल सुधार को एकीकृत करके SHREE न केवल राज्य में बल्कि पूरे भारत में श्रमिक कल्याण और विकास के लिए एक आदर्श स्थापित करेगा। श्रम विभाग द्वारा श्रम स्टार रेटिंग सूचकांक भी प्रस्तावित किया गया है, जिसके संबंध में सचिव श्रम विभाग ‌द्वारा अवगत कराया गया कि यह रेटिंग सूचकांक वैश्विक स्तर पर श्रम कल्याण मानकों को उत्कृष्ट बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वैश्विक बाजार ‌द्वारा नैतिक स्त्रोतों, निष्पक्ष श्रम प्रथाओं और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने की प्रणाली को अत्यधिक महत्व दिया जा रहा है। विनिर्माण और सेवा उ‌द्योगों में श्रम कल्याण के महत्व को समझते हुए विभिन्न कार्यप्रणाली के आधार पर व्यवसायों को रेटिंग दिये जाने से उपभोक्ता तथा परिचालन उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकेगी। बैठक में विधायक श्रीमती अर्चना चिटनीस, देवेन्द्र रामनारायण सखवारे, बृजेन्द्र सिंह यादव, श्रीमती अनुभा मुंजारे, विष्णु खत्री और श्रम विभाग के सचिव रघुराज राजेन्द्रन, अपर सचिव श्रम बसंत कुर्रे और आयुक्त श्रीमती रजनी सिंह उपस्थित थी।  

अपर मुख्य सचिव राजन बोले – बागवानी उत्पादों की वैल्यू चेन समय की सबसे बड़ी जरूरत

बागवानी उत्पादों के मूल्य संवर्धन के लिए राज्यस्तरीय वेबिनार आयोजित भोपाल प्रदेश में बागवानी उत्पादों की मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा “म.प्र. में क्लस्टर आधारित फल एवं सब्जी मूल्य श्रृंखला विकास एवं नवाचार और तकनीकी के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का रूपांतरण” विषय वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण अनुपम राजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। अपर मुख्य सचिव राजन ने कहा कि बागवानी उत्पादों की वैल्यू चैन विकसित करना समय की मांग है। मध्यप्रदेश उद्यानिकी क्षेत्र में समृद्ध राज्य है। प्रदेश के किसानों को उनके उत्पाद का वाजिब दाम मिल सके। इसके लिए उत्पादन से उपभोक्ता तक की प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाया जाना है। इसके लिए विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने किसानों, किसान संगठनों, खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों तथा रिसोर्स पर्सन तथा उद्यानिकी अमले के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई। आयुक्त उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण श्रीमती प्रीति मैथिल ने कहा कि इस वेबिनार का मुख्य उद्देश्य, बागवानी उत्पादों की मूल्य श्रृंखला को सशक्त बनाना है, इससे किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि किसानों का कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) भी जागरूकता और सक्रियता के साथ अपनी भूमिका निर्वाहन करें। अपर संचालक उद्यानिकी के.एस. किराड़ ने कहा कि बागवानी किसानों को अधिक लाभ उपलब्ध कराने के लिए उत्पादों को नवीन तकनीक तथा नवाचार के माध्यम से प्रसंस्कृत कर मूल्य वर्धन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस काम में कृषक संगठन बेहतर भूमिका निभा सकते है। यह समूह विपणन भंडारण, प्रसंस्करण एवं निर्यात की दशा में सार्थक प्रयास कर सकते है। वेबिनार में कृषक संगठनों के प्रतिनिधि, खाद्य प्रसंस्करण उद्यमी, जिला रिसोर्स पर्सन, उद्यानिकी विभाग का मैदानी अमला सम्मिलित हुआ।  

डॉ. यादव आज देंगे लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन का खास शगुन, भरेगा दिलों में खुशियाँ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को आज देंगे रक्षाबंधन का शगुन रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को आज मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तोहफा डॉ. यादव आज देंगे लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन का खास शगुन, भरेगा दिलों में खुशियाँ रक्षाबंधन पर सीएम डॉ. यादव का उपहार, सभी लाड़ली बहनों को मिलेगा शगुन 1.26 करोड़ बहनों के खातों में करेंगे 1859 करोड़ का अंतरण 07 अगस्त को प्रत्येक लाड़ली बहना के खाते में आएंगे 1500 रूपये राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में होगा राज्यस्तरीय कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत् गुरूवार 07 अगस्त को राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ से प्रदेश की 1 करोड़ 26 लाख 89 हजार 823 लाड़ली बहनों के खातों में 1 हजार 859 करोड़ 1 लाख 32 हजार 350 रूपये की राशि का अंतरण करेंगे। इस बार लाड़ली बहनों को नियमित किश्त 1250 रूपये के अतिरिक्त रक्षाबंधन के शगुन के रूप में 250 रूपये भी दिये जाएंगे। इस प्रकार प्रत्येक लाड़ली बहना को रक्षाबंधन के पूर्व 1500 रूपये मिलेंगे। लाड़ली बहना योजना वर्ष 2023 से प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का मूल उद्देश्य महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण, उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार और पारिवारिक निर्णयों में उनकी भूमिका को मजबूत करना है। योजना की पात्र महिलाएं (21 से 59 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्याक्ता महिलाएं) को प्रतिमाह 1250 रूपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना में वित्त वर्ष 2025-26 में जुलाई 2025 तक 6198.88 करोड़ की राशि का व्यय किया गया है। 28 लाख से अधिक बहनों को 43.90 करोड़ रूपये की सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहगढ़ में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के एलपीजी कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं और गैर श्रेणी के अंतर्गत पंजीकृत लाड़ली बहनों और विशेष पिछड़ी जनजाति की आर्थिक सहायता योजना अंतर्गत पंजीकृत महिलाओं को गैस रिफिल की राशि भी प्रदाय करेंगे। योजना के तहत् मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28 लाख से अधिक बहनों को गैस सिलेण्डर रिफिलिंग के लिये 43.90 करोड़ रूपये की सहायता राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहगढ़ में होने वाले रोड-शो में भी शामिल होंगे।  

श्रीकृष्ण पर्व पर होंगे प्रदेश में गरिमामय आयोजन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में धूमधाम से मनाई जाएगी जन्माष्टमी ओर बलराम जयंती : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन्माष्टमी और बलराम जयंती को लेकर सरकार तैयार, डॉ. यादव बोले- उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा श्रीकृष्ण पर्व पर होंगे प्रदेश में गरिमामय आयोजन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव हलधर महोत्सव एवं लीला पुरुषोत्तम का प्रकटोत्सव आयोजन संबंधी समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 14 अगस्त को बलराम जयंती और 16 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जाएगी। इस अवसर पर पूरे प्रदेश में बलराम एवं श्रीकृष्ण के प्रसंगों, उनके अवदान और लोक कल्याणकारी जीवनगाथा से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। विभिन्न चिन्हित मंदिरों में भक्तिमय कार्यक्रम होंगे। इन कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, विद्यालयों में स्थानीय साहित्य, सामाजिक एवं सांस्कृति संस्थाओं का सहयोग भी लिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में हलधर महोत्सव एवं लीला पुरुषोत्तम का प्रकटोत्सव के संबंध में आवश्यक तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने श्रीकृष्ण पर्व के अंतर्गत प्रदेश में होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रमों के व्यवस्थित आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाये। बैठक में बताया गया कि 14 अगस्त को बलराम जयंती और 16 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश में अनेक स्थानों पर कार्यक्रम होंगे। इसके लिए गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया गया है। प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण के चरण जिन स्थानों पर पड़े और उनके जीवन के विशेष प्रसंग जहां घटित हुए, ऐसे सभी संबंधित स्थान पावन हैं। इस नाते इन स्थानों पर भी जन रुचि के अनुरूप प्रभावी कार्यक्रम होंगे। इन स्थानों में सांदीपनि आश्रम उज्जैन, नारायणा धाम, अमझेरा, जामगढ़, जानापाव आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री निवास में भी होगा विशेष कार्यक्रम भोपाल में आयोजित विशेष कार्यक्रम में अनेक जिलों के बालगोपाल भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में एक मंच पर आएंगे। जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री निवास में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के आयोजन से संस्कृति और पर्यटन विभाग के सौजन्य से विभिन्न कलाकार भी जुड़ेंगे। बैठक में आयुक्त एवं सचिव जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े, मुख्यमंत्री के सचिव एवं पर्यटन विकास निगम के निर्देशक इलैया राजा, मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी, संचालक संस्कृति एमपी नामदेव सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।