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MP Assembly : कांग्रेस ने उठाया पुरानी पेंशन का मुद्दा, शिवाजी पटेल का इनकार, विपक्ष ने किया वॉकआउट

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र का आज सातवां दिन है। झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देकर सदन की कार्यवाही शुरू की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी श्रद्धांजलि दी। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल ने पुरानी पेंशन योजना का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2005 के बाद पेंशन को एनपीएस के अंतर्गत लाया। इसमें लाभ की कोई गारंटी नहीं है। सरकार ने जवाब दिया है कि हमारे पास इस पुरानी पेंशन योजना को लेकर कोई जानकारी नहीं है, कोई प्लानिंग नहीं है। क्या हमारे कर्मचारी देश की और प्रदेश की सेवा में कोई कसर छोड़ते हैं? यह सरकार की जिम्मेदारी है कि लोगों को सुरक्षा मिले। अन्य प्रदेशों में पुरानी पेंशन योजना लागू है तो मध्य प्रदेश में क्यों नहीं? जवाब में राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा, उत्तर पटल पर रखा है। पुरानी पेंशन योजना को लागू करने का न कोई प्लान है और न ही विचार। कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने वॉकआउट किया। जबलपुर में शासकीय विक्टोरिया अस्पताल में फर्जी नियुक्ति का आरोप लगाया था। उप मुख्यमंत्री राकेश शुक्ला के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने वॉकआउट किया है। सदन की कार्यवाही जारी है।

पं. प्रदीप मिश्रा के आयोजन से पहले कुबेरेश्वर धाम में अफरा-तफरी, भगदड़ में 2 की मौत

सीहोर   मध्य प्रदेश के सीहोर मे स्थित कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ मचने से 2 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वहीं 10 से ज्यादा श्रद्धालु घायल हो गए। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की संभावना है। बताया जा रहा है कि घायलों में कईयों की हालात गंभीर बनी हुई है। घायलों में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं। कुबरेश्वेर धाम में मची भगदड़ दरअसल, 6 अगस्त को कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की अगुवाई में कांवड़ यात्रा निकाली जानी है. यात्रा से पहले सीवन नदी घाट से कुबेश्वर धाम तक भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा. हालात यह हैं कि इंदौर भोपाल हाइवे पर जाम की स्थिति बन गई है. इसी बीच कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ मच गई. घटना में घबराहट और अत्यधिक भीड़ के चलते दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई है. जबकि दो महिला गंभीर हैं. वहीं 8 से 10 लोगों का स्वास्थ्य खराब होने से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया है. गर्मी और उमस बनी कारण, अस्पताल में हुई मौत की पुष्टि शुरूआती जानकारी में बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर के समय कुबेरेश्वर धाम परिसर में बढ़ती भीड़ और गर्मी-उमस के कारण कुछ श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई. यहां अफरा-तफरी और भगदड़ के हालात निर्मित हो गए. इनमें से दो महिलाओं की हालत गंभीर है, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल सीहोर ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया. मृत महिलाओं की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. हालांकि प्रशासनिक स्तर पर अभी तक इस घटना की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. वहीं, कई अन्य श्रद्धालु भी बेचैनी, घबराहट और चक्कर जैसी समस्याओं से पीड़ित बताए जा रहे हैं. जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल आने की सूचना भी है. कौन हैं प्रदीप मिश्रा, कुबेरेश्वर धाम से नाता बता दें पंडित प्रदीप मिश्रा एक मशहूर कथावाचक हैं. वे सीहोर के रहने वाले हैं. उनकी कथा मध्य प्रदेश के साथ-साथ देशभर में आयोजित की जाती है. वहीं सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में पंडित प्रदीप मिश्री की कथा में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. यहां मौजूद शिव मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं. वहीं सावन के मौके पर यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती है. 17 अगस्त को कांवड़ यात्रा में शामिल होने देश और प्रदेश से श्रद्धालु सीहोर के कुबेरेश्वर धाम पहुंचे थे. हालात यह थे कि सारे होटल, लॉज सब फुल चल रहे हैं. साल 2023 में भी मची थी भगदड़ गौरतलब है कि कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले 16 फरवरी साल 2023 में रुद्राक्ष वितरण के दौरान भी भगदड़ मची थी. तब एक महाराष्ट्र के नाशिक की 53 वर्षीय मंगल बाई नाम की महिला की मौत हो गई थी. जबकि 4 लोग लापता हुए थे. इसके बाद दूसरे दिन 17 फरवरी को एक 3 साल के बच्चे अमोघ भत्त की मौत हो गई थी. बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन को रुद्राक्ष महोत्सव रोकना पड़ा था. जानकारी के मुताबिक, कल पंडित प्रदीप मिश्रा की कावड़ यात्रा निकलने वाली है। उसके चलते 1 लाख श्रद्धालु अभी तक सीहोर आ चुके हैं।  

कुबेरेश्वर धाम जाने का प्लान है? पहले जान लें कांवड़ यात्रा के ट्रैफिक डायवर्जन

सीहोर  सावन माह में आयोजित हो रही ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। पंडित प्रदीप मिश्रा के सान्निध्य में 6 अगस्त को निकलने वाली इस भव्य यात्रा में करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है। यह व्यवस्था 5 अगस्त रात 12 बजे से 6 अगस्त रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे धैर्य और सहयोग बनाए रखें तथा निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। ट्रैफिक डायवर्जन के तहत प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल, यातायात कर्मी और मेडिकल टीम तैनात रहेंगे ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। भारी वाहनों के लिए विशेष मार्ग तय भोपाल से इंदौर या देवास की ओर जाने वाले भारी वाहन अब सीधे नहीं जा सकेंगे। इन्हें परवलिया क्षेत्र के मुबारकपुर जोड़ और खजूरी क्षेत्र के तुमड़ा जोड़ से होते हुए श्यामपुर–कुरावर–ब्यावरा–शाजापुर–मक्सी मार्ग से भेजा जाएगा। वहीं, इंदौर/देवास से भोपाल आने वाले भारी वाहनों को भी यही मार्ग अपनाना होगा। छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट भोपाल से आष्टा, देवास, उज्जैन या इंदौर की ओर जाने वाले छोटे वाहन अब सीहोर के न्यू क्रिसेंट चौराहे से भाऊखेड़ी जोड़ होते हुए अमलाहा मार्ग से जाएंगे। वापसी में वाहन आष्टा–अमलाहा–भाऊखेड़ी जोड़ होते हुए भोपाल पहुंचेंगे। प्रशासन ने यात्रियों, स्थानीय निवासियों और व्यापारियों से ट्रैफिक प्लान में सहयोग की अपील की है। प्रशासन ने हड़बड़ी या रूट तोड़ने से बचने की सलाह दी है, जिससे आपात स्थिति से बचा जा सके। भव्य आयोजन की तैयारियां पूरी कांवड़ यात्रा सीवन नदी घाट से जल लेकर कुबेरेश्वर धाम तक करीब 11 किलोमीटर पैदल यात्रा के रूप में निकलेगी। इसे लेकर शहर में साफ-सफाई, पार्किंग, चिकित्सा और आपातकालीन सेवाओं की विशेष व्यवस्था की गई है। यह यात्रा धार्मिक इतिहास में एक गौरवशाली अध्याय मानी जा रही है। सीवन घाट और कुबेरेश्वर धाम पर 5 अगस्त सुबह 6 बजे से यात्रा समापन तक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधीर डेहरिया को प्रभारी बनाया गया है। मौके पर एम्बुलेंस, दवाएं और मेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा। होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीम भी अलर्ट रहेगी।   400 से अधिक जवान रहेंगे तैनात जिला पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान 400 से अधिक पुलिस जवान, 4 डीएसपी, 7 थाना प्रभारी और 30 सब-इंस्पेक्टरों की तैनाती की गई है। इनमें से कई जवान बाहरी जिलों से बुलाए गए हैं ताकि स्थानीय पुलिस को अन्य कार्यों में लगाया जा सके। कई सामाजिक संगठनों द्वारा यात्रा मार्ग में सेवा शिविर लगाए जा रहे हैं, जिनमें जल वितरण, फलाहारी प्रसाद और रात्रि विश्राम की व्यवस्था रहेगी। विठलेश सेवा समिति, रामसेवा समिति और अन्य स्थानीय मंडल इस कार्य में सहयोग कर रहे हैं। "सेवा, श्रद्धा और अनुशासन का पर्व" प्रशासन और आयोजकों का संदेश है कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला पर्व है। श्रद्धा और अनुशासन के साथ हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह इस आयोजन को सफल बनाने में प्रशासन का सहयोग करे। 

एओर्टिक वाल्व रिपेयर — दुर्लभ एवं तकनीकी रूप से जटिल प्रक्रिया

रायपुर : अम्बेडकर अस्पताल में एक ही साथ कोरोनरी बाईपास सर्जरी एवं हृदय के तीनों वॉल्व का सफल ऑपरेशन संपन्न मरीज के तीनों हृदय वाल्वों में खराबी के साथ कोरोनरी आर्टरी में था 95% ब्लॉकेज एओर्टिक वाल्व रिपेयर — दुर्लभ एवं तकनीकी रूप से जटिल प्रक्रिया पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के अंतर्गत डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग में 58 वर्षीय महिला की जटिल हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। इस सर्जरी में एक साथ ऑफ पंप बीटिंग हार्ट कोरोनरी बाईपास सर्जरी के साथ-साथ हृदय के दोनों वॉल्व का रिपेयर एवं माइट्रल वॉल्व का प्रतिस्थापन किया गया। यह मरीज दुर्ग जिले के जेवरा सिरसा गांव की निवासी हैं, जिन्हें पिछले तीन वर्षों से सांस फूलने और छाती में दर्द की शिकायत थी। जांच में पता चला  था ब्लॉकेज मरीज की जांच में यह सामने आया कि मरीज की कोरोनरी आर्टरी में 95% ब्लॉकेज है तथा हृदय के तीन प्रमुख वाल्व :- माइट्रल, एओर्टिक और ट्राइकस्पिड क्षतिग्रस्त हैं। ईकोकार्डियोग्राफी और कोरोनरी एंजियोग्राफी के बाद डॉक्टरों ने सर्जरी का निर्णय लिया। इसमें पहले ऑफ पंप बीटिंग हार्ट बाईपास सर्जरी की गई, जिसमें हृदय के धड़कन को बंद किये बिना हार्ट के कोरोनरी आर्टरी की बायपास सर्जरी की गई। इसके बाद हार्ट-लंग मशीन की सहायता से हृदय और फेफड़ों को अस्थायी रूप से रोका गया। आपरेशन के दौरान हृदय के चैम्बर्स को खोलकर माइट्रल वाल्व को मेटालिक कृत्रिम वाल्व से बदला गया, एओर्टिक वाल्व को विशेष तकनीक से रिपेयर किया गया और ट्राइकस्पिड वाल्व को रिंग लगाकर सुधारा गया।  सर्जरी की ख़ास बातें   यह एक उच्च जोखिम वाली सर्जरी थी, क्योंकि मरीज की ई.एफ. (ejection fraction) कम तो थी ही एवं एक ही साथ बहुत सारी अन्य सर्जरी भी शामिल थी। इस बाईपास में आर्टेरियल ग्राफ्ट का प्रयोग किया गया, जो अधिक टिकाऊ होता है। एओर्टिक वाल्व रिपेयर केवल चुनिंदा चिकित्सा संस्थानों में संभव होता है। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और वे शीघ्र ही अस्पताल से डिस्चार्ज लेकर घर लौटने वाली हैं। मेडिकल कालेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी एवं अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने डॉ. डॉ. कृष्णकांत साहू और उनकी टीम को इस सफल सर्जरी की उपलब्धि के लिए बधाई दी है। गौरतलब है कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग को सतत् उत्कृष्ट कार्य, नवाचार एवं मरीजों की सेवा के लिए जाना जाता है।  

कब्जा हटाने के आदेश में आपत्तिजनक भाषा, यूपी अफसर पर कार्रवाई, सीएम योगी का त्वरित एक्शन

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ ने पंचायती राज विभाग के एक हालिया आदेश को लेकर कड़ा रुख अपनाया है, जिसमें ग्राम पंचायत की भूमि से अवैध कब्जा हटाने की प्रक्रिया को जाति व धर्म विशेष से जोड़कर निर्देशित किया गया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आदेश को पूर्वाग्रह से प्रेरित और अस्वीकार्य मानते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का निर्देश दिया है. साथ ही इस आदेश के लिए जिम्मेदार संयुक्त निदेशक (पंचायती राज) सुरेंद्र नाथ सिंह को निलंबित कर दिया गया है. पंचायती राज विभाग की ओर से जारी यह पत्र प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, मंडलीय उपनिदेशकों और जिला पंचायत राज अधिकारियों को भेजा गया था. इसमें प्रदेश की 57,000 से अधिक ग्राम पंचायतों की सार्वजनिक भूमि, जैसे कि ग्राम सभा की भूमि, पोखरे, खलिहान, खाद गड्ढे, श्मशान भूमि आदि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने का निर्देश दिया गया था. हालांकि, पत्र की भाषा में विशेष रूप से यादव जाति और मुस्लिम धर्म के लोगों द्वारा किए गए कथित कब्जे का उल्लेख किया गया, जिसे लेकर कई स्तरों पर आपत्ति दर्ज की गई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित आदेश को न केवल संविधान की भावना के विरुद्ध बताया, बल्कि यह भी कहा कि सरकारी नीतियां किसी भी समुदाय या वर्ग के प्रति पूर्वाग्रह से प्रेरित नहीं हो सकतीं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून का शासन सभी के लिए समान रूप से लागू होता है और किसी भी प्रकार की कार्रवाई पूरी तरह से तथ्यों, साक्ष्यों और नियमों के अनुसार होनी चाहिए न कि जातिगत या धार्मिक पहचान के आधार पर. सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि भविष्य में इस प्रकार की भाषा, जो सामाजिक समरसता को प्रभावित कर सकती है, का प्रयोग किसी भी सरकारी पत्राचार में न किया जाए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह चेतावनी भी दी है कि शासन की ओर से कोई भी निर्णय लेते समय संवैधानिक मूल्यों, निष्पक्षता और प्रशासनिक मर्यादा का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए.

‘साड़ी गुरु’ बनी यूपी पुलिसवाली, विदेशी महिलाओं को सिखाई भारतीय परंपरा

आगरा  ताजमहल का पश्चिमी गेट. पर्यटकों की भीड़, संगमरमर की चमक, और उसके बीच नीली-गुलाबी साड़ी में इटली से आईं दो महिलाएं एलिसिया और ब्रूना. हवा तेज़ थी, साड़ी उड़ रही थी. पल्लू बार-बार नीचे गिर रहा था. उन्होंने कई बार कोशिश की, प्लेट्स बनाईं, लेकिन साड़ी सही नहीं हो रही थी. आसपास मौजूद लोग वीडियो बनाने , लोग लेकिन किसी ने पास आकर मदद नहीं की. तभी सामने आई यूपी पुलिस की महिला सिपाही लक्ष्मी देवी. लक्ष्मी न तो घबराईं, न झिझक दिखी. एक प्यारी-सी मुस्कान के साथ उन्होंने कहा May I help you? इसके बाद शुरू हुआ वो लम्हा, जो उन दोनों विदेशी मेहमानों की पूरी इंडिया ट्रिप का सबसे यादगार हिस्सा बन गया. लक्ष्मी देवी ने बड़े ही आत्मीय ढंग से दोनों की साड़ी संभाली. प्लेट्स बनाईं, पल्लू को सलीके से कंधे पर टिकाया और उन्हें सिखाया कि चलना कैसे है, बैठना कैसे है ताकि साड़ी पैर में न आए, और पूरे वक्त आरामदायक भी रहे. दोनों ने खूब सवाल भी किए  एलिसिया ने पूछा, आप रोज साड़ी पहनती हैं इस पर लक्ष्मी मुस्कराईं और कहा कि त्योहारों पर, घर में, और कभी-कभी ड्यूटी पर भी. हमारी वर्दी में भी साड़ी होती है. लक्ष्मी ने जब बताया कि पल्लू का मतलब गरिमा से है, और प्लेट्स अनुशासन की तरह होती हैं तो एलिसिया और ब्रूना की आंखों में जिज्ञासा और सम्मान साथ दिखा. ब्रूना ने कहा कि अब समझ में आया, भारतीय महिलाएं साड़ी में इतनी सहज और सुंदर कैसे लगती हैं. यह कपड़ा नहीं, एक संस्कृति है. लोग देखते रहे, पर लक्ष्मी ने जो किया, वो दिल छू गया इस पूरी प्रक्रिया को कोई रिकॉर्ड कर रहा हो या नहीं, फर्क नहीं पड़ता. जो दृश्य था, वो सीधे विदेशी मेहमानों के दिल में दर्ज हो चुका था. ताजमहल की छाया में, दो विदेशी सैलानी और एक भारतीय महिला पुलिसकर्मी तीनों के बीच भाषा अलग थी, लेकिन भाव और सम्मान एकदम एक से. सिर्फ स्मारक नहीं, अनुभव था ये एलिसिया और ब्रूना भारत भ्रमण पर थीं. दिल्ली देख चुकी थीं, अब आगरा आईं और आगे उनका रुख जयपुर की ओर था. लेकिन उनके मुताबिक, “ताजमहल सुंदर है, लेकिन हमें जो सबसे प्यारा अनुभव मिला, वो लक्ष्मी के साथ था. लक्ष्मी देवी ने इस पूरी घटना पर कहा, मैंने वही किया जो मेरी मां करतीं, मेरी बहन करतीं, या कोई भारतीय महिला करती. साड़ी भारतीय संस्कृति का हिस्सा है और वो हमारी मेहमान हैं. आखिर में एलिसिया ने कहा Thank you, Lakshmi.

मंत्री रामविचार नेताम ने कोसागांव आश्रम शाला को 100 सीट करने की घोषणा

 रायपुर आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत बालक आश्रम कोसागांव का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान विशेष रूप से आश्रम में स्थापित ‘कल्पना कक्ष’ में बच्चों से मिले। कल्पना कक्ष में कंप्यूटर सामग्री के साथ विविध विषयों के पुस्तकों का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से कम्प्यूटर अनुभव और प्रतिलिपि लेखन के विषय में चर्चा किए तथा बच्चों को चॉकलेट का वितरण किया।  मंत्री नेताम ने विश्राम कक्ष की स्वच्छता, खिड़कियों में मच्छरदानी, गद्दे, तकिये की स्वच्छता, शौचालय और उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग के संबंध में निर्देश आश्रम अधीक्षकों को निर्देश दिए। निरीक्षण पश्चात स्थानीय ग्रामीण और आश्रम शाला के बच्चों के साथ सामूहिक चर्चा किया। बच्चों से सामान्य ज्ञान की बातें पूछकर शिक्षकों के द्वारा कराये जा रहे शिक्षकीय कार्य का आंकलन किया गया। शिक्षकों को निर्देश दिया गया कि बच्चे राष्ट्र गीत, राष्ट्र गान, महानायक, महापुरुषों जैसे राष्ट्रीय महत्व के सामान्य ज्ञान से परिचित रहे। उन्होंने बच्चों को संगीत की सामग्री उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। मंत्री नेताम ने अपने कोण्डागांव प्रवास के दौरान कोसागांव के ग्रामीणों से भी चर्चा की। इस दौरान आश्रम के सीट वृद्धि के संबंध में ग्रामीणों के द्वारा माँग किए जाने पर मंत्री नेताम ने आश्रम शाला के 50 सीट को बढ़ाकर 100 सीट करने की घोषणा की।

प्रशासनिक हलकों में हलचल, देर रात राज्य शासन ने किए तबादले

भोपाल   राज्य शासन ने सोमवार देर रात प्रशासनिक अमले में बड़ा फेरबदल करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारियों का तबादला किया है। इस आदेश के तहत उमरिया जिले में दो अहम प्रशासनिक नियुक्तियां की गई हैं। जिले में लंबे समय से खाली चल रहे अपर कलेक्टर के पद पर अब 2014 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी प्रमोद कुमार सेन गुप्ता को नियुक्त किया गया है। प्रमोद सेन गुप्ता की नियुक्ति को जिले के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बीते दो महीनों से अपर कलेक्टर का पद रिक्त होने के कारण कई अहम फैसलों में विलंब हो रहा था। अब उनके कार्यभार ग्रहण करने से जिले में नीति निर्धारण और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। इधर, मानपुर के एसडीएम टीआर नाग का तबादला अनूपपुर जिले में कर दिया गया है। टीआर नाग का कार्यकाल मानपुर में काफी सक्रिय और उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने स्थानीय विवादों के समाधान, राजस्व मामलों की सुनवाई और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों में प्रभावी कार्य किया। उनके स्थानांतरण के बाद मानपुर में एसडीएम का पद रिक्त हो गया है, जिस पर शीघ्र नई नियुक्ति की संभावना जताई जा रही है। प्रदेशभर में इस तबादला सूची को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। माना जा रहा है कि यह बदलाव आगामी प्रशासनिक चुनौतियों और सुशासन की रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। शासन द्वारा संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और प्रभारी डिप्टी कलेक्टरों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे प्रशासनिक तंत्र को अधिक प्रभावशाली और जनहितैषी बनाया जा सके। उमरिया जिले के प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखा जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को उम्मीद है कि नए अधिकारियों के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी होगा तथा विकास कार्यों में तेजी आएगी।  

अधिकारियों को दिए निर्देश – समय-सीमा में पूर्ण करें सड़क का निर्माण, राहगीरों को न हो कोई परेशानी

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज गौरेला जाते समय निर्माणाधीन रतनपुर से पेंड्रा राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़क के निर्माण में गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क का काम हर हाल में समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा, ताकि राहगीरों को कोई परेशानी न हो।  उप मुख्यमंत्री साव ने औचक निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्यों में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी प्रकार की परेशानी है, तो समय पर वरिष्ठ अधिकारियों और शासन को अवगत कराएं। सड़क निर्माण की प्रगति में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए। साव ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता को भी परखा और गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही न हो, इसका अधिकारियों को विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रत्येक चरण में कार्यों की गंभीरता से मॉनिटरिंग करें, ताकि लोगों को आवागमन के लिए टिकाऊ और सुरक्षित सड़क मिले। साव ने निर्माणाधीन सड़क में जरूरत के मुताबिक संकेतक बोर्ड लगाने के साथ ही पुल निर्माण का भी काम निर्धारित समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। 

रायपुर में विकास कार्यों की समीक्षा, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने योजनाओं की प्रगति पर जताई चिंता-संतोष

रायपुर : उपमुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने समीक्षा बैठक लेकर जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा रायपुर में विकास कार्यों की समीक्षा, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने योजनाओं की प्रगति पर जताई चिंता-संतोष सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए बालोद जिले को उत्कृष्ट, अग्रणी एवं आदर्श जिला बनाने में सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा गन्ना के पैदावार को तीन हजार हेक्टेयर तक जरूरी उपाय करने तथा जनसहभागिता से कुपोषण की रोकथाम हेतु पुख्ता करने के साथ-साथ मादक पदार्थों के रोकथाम हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के दिए निर्देश रायपुर   उपमुख्यमंत्री एवं बालोद जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने आज सयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समयावधि में शासकीय योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शर्मा ने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए बालोद जिले को प्रत्येक दृष्टि से उत्कृष्ट, अग्रणी एवं आदर्श जिला बनाने में अपनी अमूल्य सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। शर्मा ने कहा कि प्रत्येक शासकीय सेवक को शासकीय सेवा में चयनित होने के पश्चात् जनसेवा करने का भी पुनीत अवसर प्राप्त होता है। इसलिए हम सभी शासन-प्रशासन से जुड़े लोगों को कड़ी मेहनत एवं लगन से आम जनता के हित में निरंतर कार्य करने का प्रयास करना चाहिए। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने गन्ना की खेती एवं उसके उपयोग को किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार तथा उनके जीवन स्तर में बदलाव का प्रमुख माध्यम बताते हुए इस बार गन्ने फसल की बुवाई को वृद्धि कर तीन हजार हेक्टेयर तक अनिवार्य रूप से इसके लिए शक्कर कारखाना करकाभाट के प्रबंध निदेशक एवं कृषि विभाग के उपसंचालक को जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। शर्मा ने इसके लिए क्षेत्र के किसानों से बातचीत कर गन्ना उत्पादन के लिए पे्ररित करने के भी निर्देश दिए। बैठकमें शर्मा ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए जिले में कुपोषण दूर करने हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में जानकारी ली। शर्मा ने कुपोषित बच्चों को गोद लेकर कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए इन बच्चो के लिए पौष्टिक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु गोद लेने वाले व्यक्तियों से सहयोग राशि एकत्र करने का भी सुझाव दिया। इस कार्य में उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा जनप्रतिनिधियों, समाज सेवियों एवं अन्य लोगों से मदद लेने के भी निर्देश दिए। बैठक में शर्मा ने जिले में जुआ, सट्टा पर रोक लगाने तथा शराब, गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों के अवैध बिक्री की रोकथाम हेतु की जा रही उपायों की भी समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल को इसके लिए पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने तथा मादक पदार्थों के अवैध बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु दवा विक्रताओं एवं कुरियर संचालकों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। इनके द्वारा मादक पदार्थों की बिक्री करते पाए जाने पर उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने नशापान के अलावा मादक पदार्थों के अवैध बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु नियमित रूप से जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा। बैठक में शर्मा ने कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल नेतृत्व में जिले में शासकीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु किए जा रहे बेहतर कार्यों की भी भूरी-भूरी सराहना की।     बैठक में सभी विभाग प्रमुखों के द्वारा पावर प्वाईंट प्र्रेंजेेटेशन के माध्यम से अपने-अपने विभागों के कार्यों की प्रगति एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति के संबंध में बारी-बारी से जानकारी दी गई। शर्मा ने जिले में राजस्व प्रकरणों की निराकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए समय-सीमा में राजस्व प्रकरणों की निराकरण हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी लंबित राजस्व प्रकरणों को समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने हेतु कार्ययोजना बनाकर इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए। शर्मा ने जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र के कार्यों की समीक्षा करते हुए सेना भर्ती एवं अग्निवीर भर्ती परीक्षा में शामिल होेने वाले युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु की गई व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए इस योजना के अंतर्गत अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूरा कराने तथा जल जीवन मिशन के कार्य को करते वक्त क्षतिग्रस्त हुए सीसी रोड आदि का शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। बैठक में शर्मा ने शिक्षा, क्रेडा, जल संसाधन, परिवहन, आदिवासी विकास, खाद्य, वन आदि अन्य सभी विभागों के कार्यों की बारी-बारी से समीक्षा की। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तायुक्त ढंग से शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। जिससे कि आम जनता को इसका समुचित लाभ मिल सके। बैठक में अधिकारियों के द्वारा पिछले बैठक में प्रभारी मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों पर की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी गई।