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सूरजपुर जिले को पुल और सड़क निर्माण कार्यों के लिए 26.03 करोड़ की मिली स्वीकृति

रायपुर, छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में आधारभूत संरचना के विकास को नया आयाम मिलने जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के सतत् प्रयासों से लोक निर्माण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए कुल 26 करोड़ 03 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से जिले में महत्वपूर्ण सड़कों और पुलों का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। प्रमुख स्वीकृत कार्यों में सूरजपुर जिले के सिलफिली एन.एच. 43 से महेशपुर-लटोरी रोड तक 5.80 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण निर्माण कार्य शामिल है, जिसकी लागत 1269.90 लाख रूपये है। इसी प्रकार भवरखोह से गंगापुर-कुम्पी तक 5.10 किलोमीटर लंबाई के पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य को स्वीकृति दी गई है जिसकी लागत 729.51 लाख रूपए और विकासखंड ओडगी के मुख्य मार्ग चोंगा से भोडवानीपारा-मौहारीपारा तक कुल 4.20 किलोमीटर लंबाई के पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य के लिए 604.03 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।   इन कार्यों के स्वीकृत होने पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से सूरजपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में आवागमन सुगम होगा और स्थानीय लोगों को यातायात की बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही, व्यापार और कृषि से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास के हर वादे को धरातल पर उतारने का कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। इन परियोजनाओं से जुड़े निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।

अस्पतालों और मरीजों को नहीं बांटी गई खराब कैल्शियम गोलियां: अधिकारिक बयान

अस्पतालों और मरीजों को नहीं बांटी गई खराब कैल्शियम गोलियां: अधिकारिक बयान प्रारंभिक जांच में ही पकड़ी गई खराबी, तुरंत बैच पर लगाई रोक रायपुर गुणवत्ताहीन कैल्शियम की गोलियों का वितरण किसी भी मरीज या अस्पताल को नहीं किया गया है। कैल्शियम विटामिन डी 3 टैबलेट्स की खराबी वेयरहाऊस के कर्मियों ने प्रारंभिक जांच में ही पकड़ ली थी। कर्मियों ने इन टैबलेट्स के स्ट्रिप्स से बाहर निकालने पर ही टूटने की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों, सीजीएमएससी के क्वालिटी कंट्रोल विभाग और मुख्यालय को दी थी। इसी सूचना पर इन टैबलेट्स के बैच को तत्काल ब्लॉक कर दिया गया था और सप्लाईकर्ता संस्था के प्रतिनिधि को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया गया था। स्ट्रिप्स से निकालते ही टूटने वाली कैल्शियम विटामिन डी 3 टैबलेट्स को किसी भी मरीज को नहीं दिया गया है नही इन टैबलेट्स को किसी अस्पताल में भेजा गया है।  सीजीएमएससी से मिली जानकारी के अनुसार कैल्शियम विटामिन डी 3 की 500 मिली ग्राम की टैबलेट हेल्थ लाईफ फार्म लिमिटेड द्वारा सप्लाई की गई थी। कुल 65 बॉक्सों में 65 सौ यूनिट की यह खेफ कोरबा वेयरहाऊस को प्राप्त हुई थी। टेबलेट्स के प्राप्त होते ही वेयरहाऊस में ही कर्मियों द्वारा इसका प्रारंभिक परीक्षण किया गया था। परीक्षण में पाया गया था कि टेबलेटस स्ट्रिप्स से बाहर निकालते ही टूट रही हैं। कर्मियों ने इसकी सूचना तत्काल सीजीएमएससी के क्वालिटी कंट्रोल विभाग को दी और इन गुणवत्ताहीन टैबलेट्स के पूरे बैच को ब्लॉक किया गया। सीजीएमएससी ने बताया कि इस खेप का अभी तक कोई मटेरियल प्राप्ति प्रमाण पत्र तैयार नहीं किया गया है। सीजीएमएससी की नीति के अनुसार कोई भी दवा बिना मटेरियल प्राप्ति सर्टिफिकेट के न तो इनवेंटरी में शामिल की जाती है नही किसी संस्था को वितरित की जाती है। ऐसे में गुणवत्ताहीन कैल्शियम विटामिन डी 3 टेबलेट्स को न किसी मरीज को दिया गया है न ही किसी सरकारी अस्पताल में पहुंचाया गया है। प्रदायकर्ता संस्था हेल्दी लाईफ फार्म प्राईवेट लिमिटेड को उपस्थित होकर सैंपल प्रस्तुत करने और स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदायकर्ता संस्था को खराब बैच वाली दवाओं को बदलकर नई दवाएं देने के भी निर्देश दिए गए हैं। सप्लायर द्वारा टेंडर शर्तों के अनुसार उचित कार्यवाही नहीं करने पर दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी भी सीजीएमएससी ने दी हैं। सीजीएमएससी ने छत्तीसगढ़ वासियों को आश्वस्त किया है कि राज्य में दवा आपूर्ति प्रणाली न केवल सतर्क है बल्कि गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था भी पूरी तरह से मजबूत है। दवा की सप्लाई होती ही सबसे पहले वेयर हाऊस में ही हर एक बैच का निरीक्षण-परीक्षण होता है। सभी दवाओं का परीक्षण एन.ए.बी.एल. मान्यता प्राप्त लैबों में कराया जाता है। सीजीएमएससी ने यह भी बताया कि जनता को केवल गुणवत्तायुक्त प्रमाणित दवाई ही उपलब्ध कराई जाती हैं। गुणवत्ताहीन पाए जाने पर दोषपूर्ण बैच को तुरंत रोककर इसका वितरण प्रतिबंधित किया जाता है। दोषी सप्लायर के विरूद्ध तेजी से कार्रवाई की जाती है।

3-4 अगस्त को एमपी में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में हल्की बारिश का पूर्वानुमान

भोपाल  मध्यप्रदेश में बीते एक सप्ताह से हो रही झमाझम बारिश के बाद शुक्रवार को लोगों ने राहत की सांस ली। राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में दोपहर के समय सूरज धूप खिली। लोगों को लंबे समय से जारी वर्षा से कुछ राहत मिली है। शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहेगा, लेकिन मौसम विभाग की माने तो 3 और 4 अगस्त को मध्यप्रदेश में एक बार फिर से भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विज्ञान के मुताबिक, मानसून द्रोणिका फिलहाल एमपी के सीधी जिले से होकर गुजर रही है। 24 घंटे बाद सिस्टम का असर प्रदेश के उत्तरी हिस्से में देखने को मिल सकता है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में तेज बारिश(Heavy Rain Alert) हो सकती है। लोकल वेदर सिस्टम की वजह से कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश गिर सकती हैं। इस दौरान अधिकांश जिलों में धूप और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा। पिछले 24 घंटों में सीधी, नरसिंहपुर और मलाजखंड में एक से दो सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, अभी साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ प्रदेश के ऊपर है। 24 घंटे बाद सिस्टम का असर प्रदेश के उत्तरी हिस्से में देखने को मिल सकता है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में तेज बारिश हो सकती है। इससे पहले शुक्रवार को भी भारी बारिश का दौर थमा रहा। ग्वालियर, गुना, श्योपुर, दमोह, मंडला और उमरिया में हल्की बारिश हुई। भिंड के बाढ़ग्रस्त गांव से बीमार बुजुर्ग का रेस्क्यू बारिश के कारण भिंड जिले में शुक्रवार को भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही। सिंध और चंबल नदियां खतरे के निशान से 6 से 7 मीटर ऊपर बही। जिससे कई गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क टूट गया। शुक्रवार को बाढ़ग्रस्त मुसावली गांव से एक बीमार बुजुर्ग की सूचना मिलते ही NDRF की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। टीम ने बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकालकर चिकित्सालय पहुंचाया। बचाव कार्य के दौरान भारौली थाना प्रभारी गिरीश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में NDRF की टीमें तैनात कर दी हैं। टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी रख रही हैं और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल बचाव कार्य कर रही हैं। 3 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, 3 अगस्त को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, निवाड़ी और टीकमगड़ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं बाकी जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। 4 अगस्त को अति भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 4 अगस्त को ग्वालियर, दतिया और मुरैना में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट(Heavy Rain Alert) है जारी किया गया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। श्योपुर, निवाड़ी, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर और छतरपुर में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बाकी बचे जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इंदौर: मानसून के 2 माह में बारिश 32% कम मानसून के दो माह (जून-जुलाई) में इंदौर में 32 फीसदी कम बारिश हुई है। जुलाई में शुरू के दो सप्ताह में लोकल सिस्टम सरि य नहीं होने से बादल कम बरसे। जिले में दो माह में 11 इंच बारिश हुई है, जबकि पिछले वर्ष इस अवधि तक यह आंकड़ा 16 इंच था। 1 जून से 30 सितंबर तक जिले में बारिश का औसत 38 इंच है, लेकिन दो माह में औसत की 29% बारिश ही हुई। अब दो माह में 62% पानी बरसने पर ही औसत पूरा होगा। मौसम विभाग भोपाल की वैज्ञानिक डॉ. दिव्या सुरेंद्रन ने बताया, अगस्त में बारिश के साथ दिन-रात के तापमान में जुलाई की अपेक्षा कमी रहेगी। ग्वालियरः बारिश में 18 लोगों की मौत, 800 कच्चे व पुराने घर गिरे ग्वालियर मानसून की बारिश से इस बार शहर सहित जिले में जनजीवन प्रभावित हो गया। मानसून जनजीवन पर भारी पड़ा है। आसमानी बिजली व कच्चे पक्के घर, पानी में डूबने से इस बार 18 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, वहीं 30 पशुओं की भी मौत हुई और 800 कच्चे व पक्के घर ढह गए। प्रशासन ने बारिश से हुई जनहानि व नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है। शंकरपुर में तेज आंधी की वजह से टीन शेड उड़ गया। इसकी चपेट में आकर चार लोगों की मौत हो गई। तीन लोगों की मौत मकान ढह जाने से हुई है। पिछले सप्ताह कुछ जिलों में बाढ़ के हालात बने पिछले सप्ताह प्रदेश में बाढ़ के हालात बने। खासकर पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया। खेत-मंदिर और पुल डूब गए। दो दिन से बारिश थमी रही, लेकिन नर्मदा नदी उफान पर है। वहीं, डैम ओवरफ्लो है। इनके गेट खोले गए।

ग्रामीणों में जल सुरक्षा के प्रति जागरूकता की मिसाल बना बामनपुर,गुंजेपरती और नंबी गांव

रायपुर धुर नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में अब विकास के साथ सामाजिक-स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में भी जागरूकता बढ़ रही है। प्रशासन इसके लिए तरह-तरह से प्रयास कर लोगों को समझाईश दे रहा है। बीजापुर जिले के भोपालपटनम एवं उसूर विकासखंडों के अंतर्गत आने वाले ग्राम बामनपुर, गुंजेपरती और नंबी में जल जीवन मिशन के तहत जल सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर ऐसे ही एक अनोखी और प्रेरणादायक जनजागरूकता पहल की गई। इन गांवों में “हर घर नल से जल” योजना के अंतर्गत पेयजल सुविधा तो उपलब्ध थी, फिर भी कुछ ग्रामीण परंपरागत आदतों या जानकारी के अभाव में नदी और नालों के पानी का उपयोग पीने के लिए कर रहे थे। इससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं की संभावना बनी हुई थी। जल-जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में प्रशासन ने तय किया कि ग्रामीणों को जल की गुणवता और उससे जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के बारे में व्यावहारिक तरीके से समझाने का अभियान चलाया जाएगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की देखरेख में यह अभियान प्रारंभ किया गया। जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला की केमिस्ट के नेतृत्व में दल बनाकर गांवों में भेजा गया। वहाँ पहुँचकर उन्होंने सरपंच, सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और ग्रामवासियों की उपस्थिति में नदी नाले के जल और नल से प्राप्त जल का परीक्षण करके अंतर को सबके सामने प्रस्तुत किया। जब ग्रामीणों ने स्वयं देखा कि नदी नाला के जल में हानिकारक तत्व उपस्थित हैं जबकि घर में लगे नल का जल साफ और सुरक्षित है, तो उन्होंने भविष्य में पीने के लिए केवल सुरक्षित नल के जल का उपयोग करने का वादा किया। इस पहल को स्थानीय लोगों ने सराहा और इसे आँखें खोलने वाला अनुभव बताया। यह पहल इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि यदि जानकारी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जनसामान्य को समझाया जाए, तो वे सकारात्मक बदलाव के लिए तत्पर रहते हैं। यह अभियान जल जीवन मिशन के उद्देश्यों की प्राप्ति की दिशा में एक प्रभावशाली कदम साबित हुआ है। बामनपुर, गुंजेपरती और नंबी जैसे गांव अब केवल जल उपलब्धता में आत्मनिर्भर नहीं हैं, बल्कि जल की गुणवत्ता को लेकर भी सजग हुए हैं।

महासमुंद के किसानों को बड़ी सौगात, PM मोदी ने ट्रांसफर की किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त

महासमुंद : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त का किया हस्तांतरण पीएम किसान सम्मान निधि अंतर्गत जिले के 1 लाख 30 हजार से अधिक किसानों के खाते में लगभग 30 करोड़ 31 लाख रूपए जारी महासमुंद के किसानों को बड़ी सौगात, PM मोदी ने ट्रांसफर की किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जिला स्तरीय कार्यक्रम कृषि विज्ञान केन्द्र भलेसर में हुआ आयोजन महासमुंद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वाराणसी से किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी की। जिसके तहत देशभर किसानों को योजना का लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबसे पहले किसानों के हित में 20वीं किस्त जारी किया। आज महासमुंद जिले के किसानों को भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि राशि का लाभ मिला। जिले के एक लाख 30 हजार से अधिक किसानों के खाते में लगभग 30 करोड़ 31 लाख रूपए डीबीटी के माध्यम से पहुंचा। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र भलेसर महासमुंद में आयोजित कार्यक्रम में महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा एवं छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर विशेष रूप से उपस्थित थे।  इस अवसर पर कलेक्टर विनय लंगेह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर, संदीप घोष, हितेश चंद्राकर, विक्रम ठाकुर, देवेंद्र चंद्राकर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, कृषि उपसंचालक एफ आर कश्यप, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं बड़ी संख्या में अंचल के किसान उपस्थित थे। इस अवसर पर महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने सभी किसानों को किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त जारी होने पर बधाई दिए। उन्होंने कहा कि पहले के समय में किसान का वजूद सबसे ऊपर रहा है, पहले नौकरी को उतना महत्व नहीं दिया जाता था। आज किसानों का सम्मान फिर से वापस लौट रहा है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो वादा किया था उसे तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के पश्चात तत्काल पूर्ण किया है। आज देश के किसान खुशहाल है और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इस कारण से पढ़े लिखे लोग भी वापस अपने खेतों की ओर लौट रहे हैं और कृषि में उन्नत तकनीक के साथ नए नए प्रयोग कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने सभी किसानों से प्रधानमंत्री जन-धन खाते के अंतर्गत केवाईसी करवाने का आग्रह किया। इसके अलावा आवारा मवेशियों पर नियंत्रण हेतु किसानों से अनुरोध किया ताकि सार्वजनिक सड़कों, बाजारों और अन्य प्रमुख स्थानों पर घूमते व बैठते आवारा मवेशी जो यातायात में बाधा बनते हैं और दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं उससे उनकी रक्षा हो सके।  कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि किसानों के हित में लगातार हमारी सरकार अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही है और विकसित भारत की ओर हम बढ़ रहे हैं। और विकसित भारत का यह सपना देश के अर्थव्यवस्था की रीढ़ जो की किसान हैं, उनके विकास के बिना संभव नहीं है।  बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण का सार यह रहा कि हमें स्वदेशी की ओर बढ़ना है, हमें चाहिए कि हमारा पैसा हमारे देश में रहना चाहिए है। साथ ही उन्होंने कहा कि इसी तरीके से हमें स्वावलंबन की ओर बढ़ना है, आत्मनिर्भर बनना है। इस अवसर पर किसानों को कृषि आधारित विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।

सोनाली मिश्रा बनीं RPF की नई महानिदेशक, छत्तीसगढ़ से गहरा है जुड़ाव

रायपुर  रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की कमान पहली बार किसी महिला अधिकारी को सौंपी गई है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मध्यप्रदेश कैडर की आईपीएस अधिकारी सोनाली मिश्रा की डीजी/आरपीएफ के पद पर 31 अक्टूबर, 2026 तक नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोनाली मिश्रा का छत्तीसगढ़ के बहुत पुराना नाता है. अपनी व्यावसायिकता, समर्पण और नेतृत्व क्षमता के लिए जानी जाने वाली मध्य प्रदेश कैडर की 1993 बैच की आईपीएस सोनाली मिश्रा तीन दशकों से अधिक की विशिष्ट सेवा का अनुभव रखती हैं. इस कार्यभार से पहले, उन्होंने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (चयन/भर्ती) के रूप में कार्य किया, साथ ही पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल में एडीजी और मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला. उन्होंने सीबीआई और बीएसएफ में भी सेवा की है और कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में सेवा देने का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी प्राप्त है. उत्कृष्टता और व्यावसायिकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए उन्हें विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है. लेकिन आपको यह जानकार सुखद आश्चर्य होगा कि अपने करियर के शुरुआती दिनों में जब मध्यप्रदेश का बंटवारा नहीं हुआ था, तब वे बिलासपुर में CSP और ASP रह चुकी हैं. राज्य बंटवारे के बाद वे मध्यप्रदेश (कैडर) चली गईं. दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक, रेलवे संपत्ति की सुरक्षा, यात्री सुरक्षा और अपराध रोकथाम के लिए ज़िम्मेदार रेलवे सुरक्षा बल को उनके दूरदर्शी और समावेशी नेतृत्व का लाभ मिलेगा. राज्य और केन्द्रीय पुलिस संगठनों में उनके व्यापक अनुभव से बल के आधुनिकीकरण, क्षमता निर्माण और सामुदायिक सहभागिता को नई गति मिलने की उम्मीद है. 

मानव तस्करी-मतांतरण केस में नया मोड़, कोर्ट ने ननों को दी जमानत

 बिलासपुर  केरल की दो नन की जमानत याचिका पर एनआइए कोर्ट शनिवार को फैसला सुनाते हुए दोनों नन को जमानत दे दी है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान पुलिस ने दोनों नन पर मानव तस्करी और मतांतरण की साजिश का आरोप लगाया, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। दरअसल, 25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन के पास बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने दोनों नन को तीन आदिवासी युवतियों और एक युवक के साथ रोका। पूछताछ में युवतियों ने बताया कि वे आगरा स्थित अस्पताल में काम करने जा रही हैं। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने हंगामा करते हुए मानव तस्करी और मतांतरण का आरोप लगाया गया। इसके बाद दुर्ग जीआरपी ने दोनों नन को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया। मामला एनआइए को सौंपा गया, जिसकी जांच अब जारी है। शुक्रवार को एनआईए कोर्ट में नन की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अभियोजन ने जमानत का विरोध किया, वहीं बचाव पक्ष ने कहा कि नन ने जांच में सहयोग किया है और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। शनिवार कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए दोनों नन को जमानत दे दी है। बता दें कि ननों की गिरफ्तारी के मामले को लेकर प्रदेश में सियासत गर्म हो चुकी है। जिसकी आंच दिल्ली और केरल तक महसूस की जा रही है। अपने दिल्ली दौरे पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि-काननू अपना काम कर रही है। अदालत जो फैसला सुनाएगी मान्य होगा। डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा- मतांतरण समाज के लिए खतरा वहीं, जगदलपुर पहुंचे उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर में बढ़ते मतांतरण पर चिंता जताई और इसे सामाजिक ताने-बाने के लिए खतरा बताया। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि मतांतरण के खिलाफ मिलकर प्रयास करें। इधर, कांग्रेस और वाम दलों ने गिरफ्तारी को पूर्वनियोजित और सांप्रदायिक सौहार्द के विरुद्ध बताया है। वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसे गंभीर अन्याय बताया और कहा कि नन केवल आदिवासी लड़कियों को नौकरी के लिए शहर ले जा रही थीं। वहीं सांसद जेबी माथर ने गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए संसद में आवाज उठाने की बात कही। कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया अध्यक्ष से मिले केरल भाजपा अध्यक्ष मामले में डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए केरल भाजपा अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कैथोलिक बिशप्स कान्फ्रेंस आफ इंडिया के अध्यक्ष आर्चबिशप एंड्रयूज थाझथ से भेंट की। आर्चबिशप ने कहा कि चर्च इस गिरफ्तारी से व्यथित है, क्योंकि इनमें से एक नन तीन दशक से कुष्ठ रोगियों की सेवा कर रही थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह तक मुद्दे को पहुंचाया गया है और मदद का आश्वासन मिला है।, इधर केरल के चार सांसदों कोडिकुन्निल सुरेश, एंटो एंटनी, डीन कुरियाकोसे और हिबी ईडन ने शुक्रवार को डीजीपी अरुणदेव गौतम से मुलाकात की।

दुनिया की सबसे ऊंची सड़क पर रायपुर के साइकिलिस्टों का साहसिक सफर, Umling La तक पहुंची साइकिल यात्रा

रायपुर यूथ हॉस्टल एसोसिएशन इंडिया द्वारा 17 जुलाई से 28 जुलाई 2025 लेह से उमलिंग ला की साइकिल यात्रा आयोजित किया गया था. इसमें शुरुआत के 3 दिन जलवायु अनुकूल के लिए रखा गया था, क्योंकि ये पूरी साइकिल यात्रा अधिक ऊंचाई पर मैं थी इसलिए अक्लेमेटाइजेशन बेहद जरुरी रहता है. लेह से 20 जुलाई को यात्रा की शुरुआत हुई पहले दिन 62 किलोमीटर की यात्रा पूरी करके शारा गांव पहुंचे. दूसरे दिन 80 किलोमीटर की यात्रा पूरी करके चुमाथांग पहुंचे. तीसरे दिन 45 किलोमीटर की यात्रा करके न्योमा पहुंचे. चौथे दिन 80 किलोमीटर की यात्रा करके हनले पहुंचे. पांचवे दिन 50 किलोमीटर की यात्रा करके चिसुमले पहुंचे. छठवें दिन 48 किलोमीटर की यात्रा करके अपने अंतिम पड़ाव उमलिंग ला पास पहुंचे. जो समुद्री तल से 19024 फीट ऊपर है. इस पूरी यात्रा में हमने लेह के पहाड़ों के बीच में साइकिलिंग का भरपूर आंनद लिया. मानो ऐसा लग रहा था कि हम लोग जन्नत में साइकिलिंग कर रहे हों. climb में साईकल चलाना अपने आप मैं बेहद कठिन है साथ मैं मौसम का अपना अलग मिजाज करीब 7-8 डिग्री तापमान जिसमें सायकिल चलाने का अपना अलग ही आंनद था. पूरी यात्रा में सिंधु नदी (इंडस रिवर) का साथ में चलने का एक अलग सा एहसास जगा रहा था. उल्लेखनीय हैं कि सुरेश दुआ जो कि एनआईटी रायपुर में कार्यरत हैं, जिन्होंने अब तक 75 हजार किलोमीटर से ज्यादा और मानव खुराना, जो कि स्टूडेंट हैं, उन्होंने 22 हजार किलोमीटर साइक्लिंग कर चुके हैं. आप दोनों यूथ हॉस्टल, टूर द रायपुर के सक्रिय सदस्य हैं.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त जारी, मुख्यमंत्री साय का संदेश – खुशहाल किसान, मजबूत छत्तीसगढ़

  प्रदेश के 25.47 लाख से अधिक किसानों के खातों में 553 करोड़ 34 लाख रुपये का हुआ अंतरण राज्य के अन्नदाताओं को अब तक पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत मिली 9 हजार 700 करोड़ रुपये की राशि छत्तीसगढ़ के 2.34 लाख वन पट्टाधारी और 32,500 विशेष पिछड़ी जनजाति के किसानों को भी मिल रहा है योजना का लाभ   रायपुर सावन के पवित्र महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी (उत्तर प्रदेश) से देशभर के 9.7 करोड़ से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त के रूप में 20500 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के सभागार से प्रदेश के किसानों के साथ वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वृहद किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 2019 से अब तक देशभर के किसानों को 3.75 लाख करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर काम कर रही है और पीएम किसान निधि इसका सशक्त उदाहरण है। श्री मोदी ने कहा कि कृषि विकास में पिछड़े जिलों के लिए ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना’ की शुरुआत की गई है और इसके लिए 24 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि सिंचाई योजनाओं पर भी सरकार बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है ताकि खेतों तक पानी पहुंच सके और उत्पादन में वृद्धि हो। प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को राहत देने के उद्देश्य से ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ संचालित है, जो उन्हें संकट से उबारने का कार्य करती है। प्रधानमंत्री ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि 1.5 करोड़ से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और 3 करोड़ के लक्ष्य में से आधा काम हमने पूरा कर लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को पवित्र श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए भगवान महादेव से छत्तीसगढ़ के सतत् कल्याण, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से छत्तीसगढ़ के लगभग 25 लाख से अधिक किसानों को 553 करोड़ 34 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अन्नदाताओं को आर्थिक संबल देकर उनके परिश्रम का सम्मान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप किसानों की उन्नति के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रही है। हमने किसानों से जो वादा किया था, उसे पूरा किया है। आज छत्तीसगढ़ में किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की कीमत दी जा रही है, जो उनकी आय को और सुदृढ़ कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गठन के दस दिनों के भीतर ही 3716 करोड़ रुपये की 2 वर्ष की बकाया बोनस राशि का भुगतान कर हमने किसानों के भरोसे को और मजबूत किया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में ‘किसान क्रेडिट कार्ड योजना’ की शुरुआत हुई, जिसने खेती-किसानी को लाभकारी व्यवसाय में परिवर्तित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले किसान भारी ब्याज दरों पर उधार लेकर खेती करते थे, लेकिन आज केसीसी (KCC) के माध्यम से शून्य ब्याज दर पर ऋण मिल रहा है, जिससे खेती-किसानी और आसान हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए तेज़ी से कार्य किया जा रहा है। बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और हम बोधघाट परियोजना, महानदी और इंद्रावती नदी को जोड़ने जैसी योजनाओं के माध्यम से बस्तर को सिंचित और समृद्ध क्षेत्र बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। श्री साय ने कहा कि दलहन-तिलहन फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए 10 हजार रुपये की सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। साथ ही, भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेती ही नहीं, बल्कि मत्स्यपालन, दुग्ध उत्पादन और पशुपालन जैसे सहायक कृषि कार्यों को भी सशक्त करने में जुटी है। ‘दुधारू पशु वितरण योजना’ को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के 6 जिलों से प्रारंभ किया गया है, जिसे नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इससे दूध का उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को उसकी उचित कीमत मिलेगी। साय ने कहा कि मिलेट्स (श्री अन्न) जैसे पौष्टिक अनाजों का उत्पादन, कोदो, कुटकी और रागी जैसी पारंपरिक फसलों की खेती को बढ़ावा देकर किसानों को बाजार में बेहतर दाम दिलाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार निरंतर किसानों को इस योजना के तहत राशि सीधे उनके खाते में हस्तांतरित कर रही है। उन्होंने इस मौके पर कहा कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में गांव-गांव में पक्की सड़कें बन गई हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अब किसानों को बिना ब्याज के अल्पकालिक ऋण उपलब्ध हो रहा है। हमारी सरकार ने अनेक योजनाएं धरातल पर लाकर किसानों की बेहतरी के लिए कार्य किया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 25.47 लाख से अधिक किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 20वीं किश्त की राशि 553 करोड़ 34 लाख रुपये अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार जय-जवान, जय-किसान, जय-विज्ञान और जय-अनुसंधान की परिकल्पना के साथ आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों का उपयोग कर खेती-किसानी को नई दिशा दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वृहद रूप से ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ चलाया गया। इस अभियान में कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक लाख से अधिक किसानों से मुलाकात कर खेती-किसानी के तरीकों और उनके फायदों की जानकारी दी। कार्यक्रम में हितग्राहियों को कृषि उपकरणों एवं योजनाओं के तहत अनुदान राशि के चेक प्रदान … Read more

चित्रकूट में नौकरानी की मौत का मामला गहराया, पूर्व कांग्रेस नेता की पत्नी पर संगीन आरोप

 सतना चित्रकूट में कांग्रेस के पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी के निवास पर काम करने वाली 24 साल की नौकरानी सुमन की आत्महत्या मामले में पुलिस ने पूर्व विधायक की पत्नी अर्चना चतुर्वेदी पर केस दर्ज किया है। पुलिस ने इस केस में अहम खुलासे किए हैं। मृतका के प्रेमी अरविंद उर्फ रज्जू यादव को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वहीं पूर्व विधायक की पत्नी अर्चना चतुर्वेदी पर शस्त्र अधिनियम के तहत लापरवाही का केस दर्ज किया गया है। 29 जुलाई को नौकरानी सुमन ने पूर्व कांग्रेस विधायक नीलांशु चतुर्वेदी के घर में मौजूद लाइसेंसी रिवॉल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। जांच में पता चला कि यह हथियार अर्चना चतुर्वेदी के नाम पर है और उसे घर में असुरक्षित तरीके से रखा गया था। इस लापरवाही के आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सुमन का प्रेम संबंध अरविंद उर्फ रज्जू यादव से था। अरविंद उर्फ रज्जू यादव दास हनुमान गोशाला में काम करता था। वह उत्तर प्रदेश के बांदा जिले का रहने वाला है। दोनों की नजदीकियां सब्जी दुकान के पास बैठने के दौरान बढ़ीं, जहां सुमन का परिवार दुकान लगाता था। जब सुमन की मां को इस रिश्ते की भनक लगी, तो उन्होंने उसकी शादी कटनी निवासी एक युवक से तय कर दी। इसके बाद सुमन और अरविंद के बीच तनाव गहराता गया। अरविंद लगातार सुमन से संपर्क करने की कोशिश करता रहा और उसे दो बार मोबाइल फोन देकर बातचीत के लिए दबाव बनाया। 28 जुलाई को सुमन की मां ने अरविंद का दिया दूसरा मोबाइल भी जब्त कर लिया। इसके बाद घर में विवाद हुआ और सुमन पर सामाजिक और भावनात्मक दबाव काफी बढ़ गया। मां की सख्ती, प्रेमी का दबाव और तय विवाह की उलझनों के बीच मानसिक तनाव में सुमन ने अगले दिन खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर चित्रकूट पुलिस ने अरविंद की भूमिका की पुष्टि की है। उसके खिलाफ बीएनएस की धारा-108 और 107 के तहत केस दर्ज किया गया है। उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने एक ओर प्रेमी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है, तो दूसरी ओर पूर्व विधायक की पत्नी पर लापरवाही से शस्त्र रखने को लेकर मामला दर्ज कर अलग से जांच कर रही है। पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान युवती सुमन और पूर्व विधायक के घर के कई सदस्यों के फिंगर प्रिंट की जांच कराई थी। गौर करने वाली बात यह कि मृतका की मां ने पुलिस से कहा था कि सुमन को दो माह पूर्व दिमागी बुखार आया था जिससे वह परेशान थी।