samacharsecretary.com

भगवान विश्वकर्मा की प्रेरणा से श्रम और सृजन के सम्मान के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए हम संकल्पित : मुख्यमंत्री

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर प्रदेशवासियों से आज शाम अपने-अपने घरों में प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना के साथ ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपना जीवन जनसेवा, राष्ट्र निर्माण और गरीब कल्याण के लिए समर्पित किया है। उनके जन्मदिन से प्रारंभ हुआ ‘सेवा संकल्प अभियान’ हम सभी को सेवा के इसी भाव को जन-जन तक पहुंचाने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी निभाने की प्रेरणा देता है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बीरगांव के बुधवारी बाजार मैदान में आयोजित भगवान विश्वकर्मा पूजा एवं किसान-मजदूर सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन अनेक दृष्टियों से विशेष है। एक ओर सृजन, निर्माण और शिल्प के आराध्य भगवान विश्वकर्मा की जयंती है, वहीं दूसरी ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। भगवान विश्वकर्मा हमें अपने कौशल, श्रम और सृजन से समाज के निर्माण की प्रेरणा देते हैं और प्रधानमंत्री मोदी का जीवन सेवा, समर्पण तथा राष्ट्र निर्माण के संकल्प का उदाहरण प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान के परिश्रम से हमारे अन्न के भंडार भरते हैं और श्रमिक के श्रम से विकास की आधारभूत संरचनाएं आकार लेती हैं। खेत से लेकर कारखाने तक, निर्माण स्थल से लेकर उद्योगों तक हमारे किसान, श्रमिक, कारीगर और शिल्पकार छत्तीसगढ़ की प्रगति के वास्तविक भागीदार हैं। विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प इन्हीं श्रमवीरों के सामर्थ्य, कौशल और परिश्रम से साकार होगा। राज्य सरकार उनके श्रम के सम्मान के साथ उनके परिवारों के जीवन में समृद्धि, सुरक्षा और खुशहाली लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कार्यक्रम से पहले उन्होंने माता परमेश्वरी, भगवान विश्वकर्मा और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन, कौशल और निर्माण के प्रतीक हैं। उनका संदेश हमें श्रम को सम्मान देने और अपने कौशल के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है। सेवा और जनकल्याण को प्रधानमंत्री मोदी ने बनाया शासन का आधार मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में गरीब, किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। गरीब परिवारों के लिए पक्का आवास, घर-घर शौचालय, बिजली, नल से जल और जन-धन खातों के माध्यम से बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने जैसी पहलों ने करोड़ों लोगों के जीवन को आसान बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। विकसित भारत का यह संकल्प केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य विकास और अवसरों का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तथा देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने भी वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का विजन तैयार किया है। हमारा लक्ष्य ऐसा समृद्ध, आत्मनिर्भर और आधुनिक छत्तीसगढ़ बनाना है, जिसमें गांव हो या शहर, किसान हो या श्रमिक, युवा हो या महिला – हर किसी को आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से देशभर में सेवा संकल्प अभियान प्रारंभ हुआ है। यह अभियान सेवा को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का व्यापक संकल्प बनाने का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि आज शाम हर परिवार अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाकर प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करे। श्रमिक के जीवन में सुरक्षा और परिवार में खुशहाली हमारा लक्ष्य मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रमिक केवल निर्माण कार्यों के सहभागी नहीं, बल्कि प्रदेश की प्रगति के महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए राज्य सरकार श्रमिक कल्याण को प्राथमिकता देते हुए ऐसी योजनाएं संचालित कर रही है, जो श्रमिक और उसके परिवार को जीवन के अलग-अलग चरणों में सहारा प्रदान करें। उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों के लिए जन्म से लेकर बच्चों की शिक्षा, आजीविका और अन्य आवश्यकताओं तक विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है। सरकार का प्रयास है कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को संसाधनों के अभाव में अपनी प्रतिभा और सपनों से समझौता न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रमिक परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत 200 बच्चों को निजी आवासीय विद्यालयों में पढ़ने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने श्रमिकों से शासन की योजनाओं का पूरा लाभ लेने के लिए अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से कराने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक परिवारों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सरकार लगातार कदम उठा रही है। महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान कर उनके लिए स्वरोजगार और नियमित आय का साधन तैयार किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि श्रमिक परिवार केवल सहायता प्राप्त करने वाले परिवार न रहें, बल्कि अवसरों और संसाधनों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनें। किसानों की समृद्धि से समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन में किसानों का महत्वपूर्ण स्थान है। किसान की समृद्धि से गांव समृद्ध होता है और गांव की समृद्धि से पूरा प्रदेश मजबूत होता है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। किसानों को दो वर्षों का बकाया धान बोनस भी प्रदान किया गया है। खेती के लिए सिंचाई सुविधा का विस्तार करने के उद्देश्य से प्रदेश में बड़े पैमाने पर सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। सरकार का प्रयास है कि खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचे, खेती की उत्पादकता बढ़े और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और श्रमिकों की मेहनत को सम्मान … Read more

छह महीने से राशन नहीं लेने वाले 1.77 लाख कार्ड चिह्नित, डुप्लीकेट लाभुक भी हटेंगे

रांची केंद्र सरकार के निर्देश के बाद खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राज्य में राशन कार्डों के सत्यापन और निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. एक अक्तूबर से राज्यभर में कुल 2,87,893 राशन कार्ड निष्क्रिय कर दिए जाएंगे. इनमें छह महीने से खाद्यान्न नहीं उठाने वाले साइलेंट कार्ड और केंद्रीय रिपॉजिटरी के साथ मिलान में सामने आये डुप्लीकेट लाभुक शामिल हैं. विभाग ने ऐसे सभी कार्डधारियों और लाभुकों के लिए ई-केवाइसी कराना अनिवार्य कर दिया है. ई-केवाइसी और जरूरी सत्यापन नहीं कराने पर संबंधित कार्ड या लाभुक का नाम रद्द किया जा सकता है. छह माह से राशन नहीं उठाने वाले 1,77,751 कार्ड चिह्नित राज्य में छह महीने से खाद्यान्न नहीं उठाने वाले 1,77,751 राशन कार्ड चिह्नित किए गए हैं. ऐसे कार्डों को हर माह की 21 तारीख को चिह्नित किया जाएगा और अगले महीने की पहली तारीख को स्वतः निष्क्रिय कर दिया जाएगा. वहीं, केंद्रीय रिपॉजिटरी के साथ मिलान के दौरान 1,10,142 डुप्लीकेट लाभुकों की पहचान की गई है. इन लाभुकों के कार्ड भी निष्क्रिय किये जा रहे हैं. निष्क्रिय कार्ड को दोबारा सक्रिय कराने के लिए तीन माह का मौका निष्क्रिय किए गए कार्डधारियों और लाभुकों को ई-केवाइसी और जरूरी सत्यापन कराने के लिए तीन महीने का समय दिया जाएगा. संबंधित लाभुक अपने जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) डीलर या प्रखंड कार्यालय के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी करा सकेंगे. सत्यापन में पात्र पाए जाने पर लाभुक का कार्ड या नाम दोबारा सक्रिय कर दिया जाएगा. वहीं, तय समय सीमा में ई-केवाइसी और सत्यापन नहीं कराने पर संबंधित नाम को स्थायी रूप से सूची से हटाया जा सकता है. विभाग ने इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं.

ग्रेटर नोएडा में 25-29 सितंबर तक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो, 45 हजार से ज्यादा खरीदार जुटेंगे

योगी सरकार के ग्लोबल ट्रेड विजन को नई उड़ान देगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का होगा आयोजन, अब तक 45 हजार से ज्यादा घरेलू खरीदारों का पंजीकरण आयोजन में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर और ऑस्ट्रिया जैसे देशों की होगी भागीदारी, पार्टनर कंट्री के रूप में होंगे सम्मिलित प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों, उत्पादों, सरकारी विभागों और विकास प्राधिकरणों को वैश्विक खरीदारों तथा निवेशकों के समक्ष किया जाएगा प्रस्तुत लखनऊ/ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश में निवेश, निर्यात और औद्योगिक विकास को वैश्विक बाजार से जोड़ने की योगी सरकार की पहल को चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 के माध्यम से नई गति मिलने जा रही है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में उत्तर प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों, उत्पादों, सरकारी विभागों और विकास प्राधिकरणों को वैश्विक खरीदारों तथा निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन में घरेलू खरीदारों के साथ अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर पंजीकरण, प्रचार और आमंत्रण प्रक्रिया चल रही है। 1.5 लाख से ज्यादा घरेलू खरीदारों के पंजीकरण का लक्ष्य यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में घरेलू बिजनेस-टू-बिजनेस खरीदारों के लिए अब तक 45 हजार से ज्यादा पंजीकरण किए जा चुके हैं और जैसे जैसे आयोजन की तिथि नजदीक आ रही है, पंजीकरण की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। घरेलू खरीदारों का लक्ष्य 1.5 लाख से अधिक रखा गया है। इसके अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी के लिए करीब  1500 पंजीकरण प्राप्त हुए हैं। इनमें साक्षात्कार भी आयोजित किए जा चुके हैं, जबकि 500 से ज्यादा खरीदारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है और 300 से अधिक खरीदारों के टिकट सुरक्षित होने की जानकारी दी गई है। इस प्रकार आयोजन में उत्तर प्रदेश के उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने के लिए खरीदारों और प्रदर्शकों के बीच व्यावसायिक संवाद का व्यापक मंच तैयार किया जा रहा है। योगी सरकार की निवेश एवं निर्यातोन्मुखी नीतियों के संदर्भ में यह आयोजन प्रदेश के उद्यमियों, एमएसएमई इकाइयों, निर्यातकों और औद्योगिक संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में सामने आ रहा है। 36,500 वर्गमीटर प्रदर्शनी क्षेत्र बुक ट्रेड शो के लिए 36,500 वर्गमीटर प्रदर्शनी क्षेत्र बुक किया जा चुका है, जबकि लगभग 1,000 वर्गमीटर क्षेत्र की बुकिंग और संभावित है। इस प्रदर्शनी में प्रदेश के औद्योगिक एवं वाणिज्यिक सामर्थ्य को विभिन्न सेक्टरों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन की थीम उत्तर प्रदेश के उत्पादों, निवेश संभावनाओं, औद्योगिक आधारभूत ढांचे और वैश्विक व्यापारिक अवसरों को एक मंच पर लाने पर केंद्रित है। जापान समेत पांच देशों की भागीदारी की पुष्टि अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के तहत जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर और ऑस्ट्रिया की पुष्टि की जा चुकी है। थाईलैंड की भागीदारी की स्थिति अभी प्रतीक्षित है। विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों, खरीदारों और कारोबारी संस्थानों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों, व्यापारिक साझेदारी और निर्यात संभावनाओं पर संवाद का अवसर मिलेगा। योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने और प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान दिलाने की दिशा में आयोजित यह ट्रेड शो राज्य की औद्योगिक क्षमता को अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समुदाय के सामने रखने का माध्यम बनेगा। 20 नॉलेज सेशन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी ट्रेड शो में उद्घाटन एवं समापन समारोह के अतिरिक्त 20 नॉलेज सेशन भी संभावित है। जानकारी के अनुसार 25 सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रस्तावित स्लॉट भी निर्धारित किए गए है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापार, उद्योग, निर्यात और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित करने की तैयारी है। उद्घाटन समारोह 25 सितंबर 2026 को पूर्वाह्न में प्रस्तावित है, जबकि समापन एवं पुरस्कार समारोह 29 सितंबर को दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक आयोजित किए जाने की योजना है। राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस बैंड का प्रस्ताव भी है।

पीएम मोदी के जन्मदिन पर स्वामित्व योजना एक अनमोल उपहार : नितिन नबीन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामित्व योजना शुरू होने से ग्रामीण आबादी को उनका अधिकार मिलेगा। हमारी सरकार द्वारा प्रदेश के 41 हजार से अधिक गांवों में एक माह तक अभिलेखों की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का अभियान चलाया जा रहा है। पैतृक और अपनी संपत्ति हर परिवार का सपना होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद  नितिन नबीन की उपस्थिति में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना में निजी सम्पत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री दस्तावेज प्रदान करने के अभियान के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ हो रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नबीन का पहली बार मध्यप्रदेश की धरती पर आगमन हुआ है। हम सभी उनका अभिनंदन करते हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने दुनिया को भारत की शक्ति से परिचित करवाया है। हाल ही में नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के दौरान दुनिया ने इसे महसूस किया है। प्रधानमंत्री  मोदी देशवासियों के कल्याण के लिए कई योजनाओं के माध्यम से लगातार काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रधानमंत्री  मोदी का जन्मदिवस है और भगवान विश्वकर्मा की भी जयंती है। भगवान विश्वकर्मा ने सृष्टि की रचना के साथ-साथ सभी प्रकार के छोटे काम करने वालों को स्वावलंबन की राह दिखलाई। राज्य सरकार छोटे कामगारों के साथ खड़ी है। हमारी सरकार ने लाड़ली बहनों के कल्याण के लिए 55 हजार करोड़ से अधिक राशि अब तक उनके खातों में अंतरित की है। माताओं-बहनों के आशीर्वाद से प्रदेश समृद्ध हो रहा है। बहनों को रोजगार आधारित उद्योग में काम करने पर हर माह 5000 रुपए की प्रोत्साहन राशि का लाभ अलग से मिलेगा। हमारी सरकार उन सभी स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही हैं, जहां भगवान कृष्ण और भगवान राम के चरण पड़े हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं राज्यसभा सांसद  नवीन ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को निःशुल्क पंजीयन विलेख (रजिस्ट्री) प्रदान किए। स्वामित्व योजना एक अनमोल उपहार :  नितिन नबीन राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नबीन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर स्वामित्व योजना के रूप में एक अनमोल उपहार दिया है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने सुशासन, धर्म संस्कृति और जनसेवा के लिए मजबूत नींव रखी थी। उन्होंने विधवा बहनों को संपत्ति का अधिकार और कानूनी सुरक्षा देने की पहल की थी। इसी से प्रेरणा लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामित्व योजना के माध्यम से गरीब के सपनों को जमीन पर उतारने का सराहनीय कार्य किया है। इस योजना की शुरुआत देवी अहिल्या की नगरी इंदौर से हो रही है। यह रजिस्ट्री केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि ग्रामीण आबादी को स्वाभिमान से जीने का अधिकार है। दशकों से गांवों के लोगों को अपनी जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला। प्रधानमंत्री  मोदी ने देश में स्वामित्व योजना लागू की, जिसका सुखद परिणाम अब मध्यप्रदेश में देखने को मिल रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेशभर में करीब 68 लाख भूखंडों का सर्वे किया है। आज से पचास लाख लोगों को नि:शुल्क रजिस्ट्री कर अधिकार दिलाने की शुरुआत हुई है। इसके लिए राज्य सरकार ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। आज भगवान विश्वकर्मा की जयंती है। देश के श्रमिक और मेहनतकश लोगों को भगवान विश्वकर्मा का आशीर्वाद मिलता रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष  नबीन ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस पर हमने सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री  मोदी के संकल्प के बलबूते आज देश के 80 करोड़ घरों तक नि:शुल्क अनाज पहुंचाया जा रहा है। कोविड के दौर में नि:शुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराई गई। देशभर में गरीबों के जनधन बैंक खाते खोले गए। गरीब-जरूरतमंदों को स्वाभिमान से जीने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री जी ने पिछले 25 सालों से सेवा और समर्पण भाव से देश की सेवा की है। मध्यप्रदेश की धरती से हम सभी मिलकर प्रधानमंत्री  मोदी की दीर्घायु के लिए आशीर्वाद का दीया जलाएंगे। प्रधानमंत्री  मोदी जब किसी वैश्विक आयोजन में जाते हैं तो दुनिया में भारत का डंका बजता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नबीन ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने 17 सितंबर 2025 को स्वस्थ नारी शक्ति परिवार योजना का शुभारंभ किया। वर्ष 2023 में इसी दिन देश के कारीगरों और शिल्पकारों के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत की। आज दिल्ली में सेमीकॉन इंडिया-2026 का उद्घाटन हो रहा है। मध्यप्रदेश में 50 लाख लोगों को स्वामित्व योजना का लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी ने हर योजना में अंत्योदय के भाव को सर्वोपरि रखा है। प्रधानमंत्री के संकल्प से अयोध्या में भव्य राम मंदिर और उज्जैन में महाकाल महालोक का निर्माण हो चुका है। देश की 3 करोड़ से अधिक लखपति बहनें स्वावलंबी बनी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ीं 93 लाख बहनें आजीविका मिशन के माध्यम से देश के विकास में योगदान दे रही हैं। युवाओं के लिए स्टार्टअप योजना और मुद्रा योजना संचालित हैं। देश में 2 लाख स्टार्टअप आगे बढ़ रहे हैं, जो दूसरों को रोजगार के अवसर दे रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने सीमावर्ती गांवों में विकास को प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री  मोदी ने गरीब-जरूरतमंदों को केंद्र में रखते हुए योजनाएं बनाई हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने विकसित भारत @2047 का सपना देखा है। देश का हर नागरिक अपना विकास करेगा तो देश भी निश्चित रूप से आगे बढ़ेगा। उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को सुशासन और जनकल्याण के कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। आज पूरे देश के साथ मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री  मोदी का जन्मदिवस उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नबीन भी पहली बार मध्यप्रदेश की धरती पर आए हैं। प्रधानमंत्री  मोदी का पूरा जीवन सेवा, समर्पण और अंत्योदय को समर्पित रहा है, उन्होंने राजनीति को कभी सत्ता का साधन नहीं माना। इसी पावन भावना को आधार बनाकर मध्यप्रदेश सरकार स्वामित्व योजना का शुभारंभ कर रही है। प्रधानमंत्री  मोदी का मानना है कि हर गरीब और जरूरतमंद के पास उसका पक्का मकान होना चाहिए। स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 अभियान के पुनीत कार्य में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विशेष सेवाभाव … Read more

किसान कल्याण वर्ष में अन्नदाताओं को मिल रहीं नई सौगातें

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। इसके तहत किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, आधुनिक कृषि यंत्र, ड्रोन तकनीक, सिंचाई सुविधाओं सहित कृषि विकास से जुड़ी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि खेती को लाभ का माध्यम बनाने के साथ किसान आय के अन्य स्रोतों को भी मजबूत किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव के अवसर पर सागर जिले के किसानों से वर्चुअली जुड़कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव किसान कल्याण वर्ष के तहत भगवान बलराम और अन्नदाताओं को समर्पित है। सागर में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की बेहतरी के लिए सरकार कई महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड के लिए केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बड़ी सौगात है। करीब एक लाख करोड़ रुपये की इस योजना से सागर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़ और छतरपुर सहित पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं बनेंगी। किसानों के हर खेत तक पानी पहुंचाने की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस पर उन्हें बधाई देते हुए बुंदेलखंडवासियों को भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सागर और बुंदेलखंड क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार काम कर रही है। क्षेत्र में धान, गेहूं और ज्वार के साथ नकदी फसलों का उत्पादन भी हो रहा है। कृषि उत्पादन के साथ फूड प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना से किसानों को अपनी उपज के बेहतर मूल्य के अवसर मिलेंगे। शून्य प्रतिशत ब्याज ऋण से लेकर दिन में 10 घंटे बिजली तक किसानों को मिलेंगी सुविधाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अब किसानों को वर्ष में एक बार ही ऋण चुकाना होगा। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक ऋण चुकाने से जुड़ी परेशानी को समाप्त किया गया है। सरकार किसानों के लिए करीब 800 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि आगामी फसल सीजन में किसानों को दिन के समय 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। किसानों की सिंचाई संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिजली व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाद को लेकर ई-टोकन की व्यवस्था की जा रही है, जिससे किसानों को खाद लेने के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए भी सरकार प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक को अपनाने से खेती में लगातार उन्नति हो रही है। किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों और ड्रोन तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से उद्यानिकी और फल उत्पादन को भी अपनाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मछली पालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। गांव-गांव में सहकारी समितियां बनाकर किसान अपना दूध सांची को उपलब्ध करा सकते हैं। इससे उन्हें दूध का उचित मूल्य मिलने के साथ वार्षिक बोनस का लाभ भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के माध्यम से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश वर्तमान में दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है और आने वाले समय में प्रदेश को पहले स्थान पर लाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी सीजन में किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा। किसान सोलर पंप लगाकर सिंचाई की सुविधा प्राप्त करने के साथ बिजली बिल से भी राहत पा सकते हैं। सागर के विकास को नई गति देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान की आय केवल फसल तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। मछली पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देकर किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ाने पर सरकार लगातार काम कर रही है। सरकार बनने के बाद सागर में आयुर्वेदिक कॉलेज और विश्वविद्यालय सहित विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी गई है। उन्होंने कहा कि सागर को विकास के नए आयामों तक ले जाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किसानों को दी जा रही किसान सम्मान निधि की राशि से किसानों की कृषि आवश्यकताओं की पूर्ति समय पर हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों की महत्वपूर्ण आवश्यकता बिजली और सिंचाई के लिए जल की व्यवस्था लगातार की जा रही है। सड़क, अधोसंरचना, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत की साख एवं भारतीयों का सम्मान बढ़ा है। मंत्री  राजपूत ने बताया कि मध्यप्रदेश में रबी उपार्जन के अंतर्गत इस वर्ष रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं सरकार द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है कि अब मध्यप्रदेश में किसानों को उनकी भूमि का अधिग्रहण होने पर चार गुना मुआवजा प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने समस्त जिलेवासियों से अपील की कि प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिन के साथ प्रारंभ हुए सेवा संकल्प अभियान में भागीदार बनें और आज शाम सभी अपने घर-आंगन में आशीर्वाद का दीया अवश्य जलाएं। बलराम कृषि महोत्सव के अवसर पर नरयावली विधायक  प्रदीप लारिया ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सोच है कि शासन की योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा गरीब, किसान, महिला और युवा सहित सभी वर्गों के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से संबल प्रदान किया जा रहा है। किसानों की खेती से जुड़ी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए … Read more

सिख समाज के हित में यूपी सरकार के कार्यों की जानकारी लेकर दिल्ली LG से मिले सरदार परविंदर सिंह

लखनऊ  दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू जी के लखनऊ आगमन पर उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग के वरिष्ठ सदस्य एवं उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा कोऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष सरदार परविंदर सिंह के नेतृत्व में कमेटी के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उनसे शिष्टाचार भेंट की। भेंट के दौरान सरदार परविंदर सिंह ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में सिख समाज के हित में किए जा रहे कार्यों एवं लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी उपराज्यपाल महोदय को दी। सरदार परविंदर सिंह ने बताया कि वीर बाल दिवस के आयोजन की पहल उन्होंने वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री जी के समक्ष रखी थी और वर्ष 2018 में पुनः आग्रह किया था कि चारों साहिबजादों की महान शहादत को देखते हुए वीर बाल दिवस (साहिबजादा दिवस) को सम्मानपूर्वक मनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार मुख्यमंत्री जी ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए लखनऊ से इसकी शासकीय स्तर पर शुरुआत की तथा मुख्यमंत्री आवास पर पहली बार गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश और कीर्तन-गुरबाणी का आयोजन कराया गया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के कक्षा 8, 9 एवं 10 के पाठ्यक्रम में श्री गुरु नानक देव जी, श्री गुरु तेग बहादुर जी, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी एवं चारों साहिबजादों के इतिहास को शामिल किया गया है। वीर बाल दिवस के अवसर पर प्रदेश के लगभग तीन करोड़ विद्यार्थी भाषण, निबंध, चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं, जिससे नई पीढ़ी तक सिख गुरुओं और साहिबजादों के इतिहास एवं बलिदान की जानकारी पहुंच रही है। सरदार परविंदर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा पिछले वर्षों में सिख धर्म के गुरुओं के प्रकाश उत्सव, शहीदी पर्व एवं अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर लगभग 100 कार्यक्रमों में सहभागिता की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके अनुरोध पर लखनऊ में खालसा चौक का निर्माण कराया गया तथा प्रदेश के विभिन्न गुरुद्वारों के जीर्णोद्धार एवं विकास के लिए भी सरकार द्वारा धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सिख समाज को राजनीतिक, सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन में प्रतिनिधित्व और भागीदारी देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। उन्होंने उपराज्यपाल महोदय को बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के साथ-साथ सिख समाज की धार्मिक भावनाओं और गौरवशाली इतिहास को भी सम्मान दिया जा रहा है। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल की ओर से श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष को समर्पित स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू जी को भेंट किया गया तथा शॉल और पुष्पगुच्छ देकर उनका सम्मान किया गया। इसके अतिरिक्त गुरुद्वारा यहियागंज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में भी सरदार परविंदर सिंह ने सहभागिता की और प्रतिनिधिमंडल की ओर से उपराज्यपाल महोदय का स्वागत एवं अभिनंदन किया। प्रतिनिधिमंडल में सरदार तरनजीत सिंह, सरदार हरप्रीत सिंह, सरदार चरणजीत सिंह होरा, सरदार कवलजीत सिंह एवं सरदार त्रिलोचन सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सरदार परविंदर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश का सिख समाज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा सिख समाज के हित में किए जा रहे कार्यों के लिए उनका आभार व्यक्त करता है और प्रदेश में सामाजिक समरसता, धार्मिक सद्भाव तथा राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर सहयोग करता रहेगा।

जनभवन में सीएम योगी की मौजूदगी में गंगासागर नमो नम: का हुआ लोकार्पण

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनभवन परिसर में आयोजित गंगासागर नमो नम: लोकार्पण कार्यक्रम में सम्मलित हुए। इससे पूर्व जनभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने छात्राओं को उपहार देकर शिक्षा से लगाव के लिए प्रेरित किया। गंगासागर नमो नम: लोकार्पण के अवसर पर पूजन भी किया गया। वहीं उपस्थित सभी गणमान्य आरती में भी शामिल हुए। जनभवन में छात्राओं ने भजन व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी प्रस्तुत किया।

प्रोजेक्ट चीता के चार वर्ष पूर्ण होने पर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में हुई ‘चीता चौपाल’

भोपाल मध्यप्रदेश में चीतों के पुनर्स्थापन के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गुरुवार को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में ‘चीता चौपाल’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को चीता संरक्षण, पुनर्स्थापन की यात्रा और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव वन  राघवेन्द्र कुमार सिंह ने वर्चुअली जुड़कर विगत 4 वर्षों में चीतों के संरक्षण, प्रजनन एवं उनके रहवास के संबंध में जानकारी प्रदान की। साथ ही चीतों के भविष्य के लिये किये जा रहे प्रबंधन एवं संरक्षण के प्रयासों से विद्यार्थियों एवं युवाओं से संवाद कर अवगत कराया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  शुभरंजन सेन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य-जीव अभिरक्षक डॉ. समिता राजोरा द्वारा विद्यार्थियों को चीता पुनर्वास, संरक्षण, प्राकृतिक आवास एवं वन्य-जीव संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। चीता चौपाल में क्षेत्र संचालक कूनो राष्ट्रीय उद्यान  उत्तम शर्मा द्वारा कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़कर प्रोजेक्ट चीता के विगत 4 वर्षों में किये गये प्रबंधन के संबंध में विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। चीता चौपाल में कूनो राष्ट्रीय उद्यान द्वारा चीता पर केन्द्रित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिये स्टोन पेंटिंग प्रतियोगिता एवं वुडन टाइल पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें भोपाल के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के लगभग 90 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों की सहभागिता से उनमें वन्य-जीवों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होने के साथ चीता पुनर्वास एवं संरक्षण के प्रति जागरूकता का भी प्रसार हुआ। प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख तथा मुख्य वन्य-जीव अभिरक्षक द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर वन विहार के अधिकारी-कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।  

पुलिस महानिदेशक से हाल ही में प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके सहायक पुलिस अधीक्षक (आईपीएस) अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

भोपाल  पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से हाल ही में प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके 10 सहायक पुलिस अधीक्षक (आईपीएस) अधिकारियों ने आज पुलिस मुख्यालय भोपाल में सौजन्य भेंट की। इस दौरान डीजीपी  मकवाणा ने अधिकारियों से पुलिस नेतृत्व, पर्यवेक्षण एवं मैदानी कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद किया तथा उन्हें पुलिस सेवा में प्रभावी नेतृत्व के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया। डीजीपी  मकवाणा ने अधिकारियों से कहा कि एसडीओपी पहला पर्यवेक्षण अधिकारी होता है, इसलिए पुलिस व्यवस्था को प्रभावी बनाने में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण है। जनता की शिकायत का समाधान पुलिसिंग की प्राथमिक जिम्मेदारियों में से एक है। पीड़ित की शिकायत को पहले चरण में ही समझकर उसके निराकरण का प्रयास किया जाए, ताकि उन्‍हें त्वरित राहत मिल सके। डीजीपी  मकवाणा ने कहा कि पुलिस नेतृत्व में ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ प्रभावी पर्यवेक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिकारी अपने अधीनस्थों के कार्यों की नियमित समीक्षा करें, उनकी समस्याओं को समझें और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि एक अच्छे अधिकारी की जिम्मेदारी केवल कार्यों की निगरानी तक सीमित नहीं होती, बल्कि अधीनस्थों का मार्गदर्शन करना और उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना भी नेतृत्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने थानों के निरीक्षण के संबंध में कहा कि निरीक्षण के दौरान पुलिस कार्यप्रणाली की बारीकियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से निरुद्ध न रखा जाए तथा थानों में लगे सीसीटीवी कैमरे चालू एवं कार्यशील स्थिति में रहें, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को थानों का नियमित एवं औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि मैदानी व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त हो सके। डीजीपी  मकवाणा ने  कहा कि अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले नियमित निरीक्षणों का हिस्सा बनें और निरीक्षण के दौरान पुलिसिंग की बारीकियों को समझें। मैदानी अनुभव और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन से पुलिसिंग की व्यावहारिक समझ विकसित होती है, जिसका लाभ आगे की सेवा में मिलता है। उन्होंने तकनीक आधारित पुलिसिंग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि अपराधों एवं प्रकरणों के निराकरण में उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने NAFIS (National Automated Fingerprint Identification System) के माध्यम से उपलब्ध फिंगरप्रिंट संबंधी तकनीकी सहायता का उपयोग कर अपराधों एवं प्रकरणों के निराकरण को और प्रभावी बनाने की बात कही। उन्होंने थाने की कार्यप्रणाली के संदर्भ में थाना परेड को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नियमित परेड के माध्यम से बल की उपस्थिति, अनुशासन, वर्दी, टर्नआउट एवं आवश्यक निर्देशों की जानकारी सुनिश्चित की जा सकती है। डीजीपी  मकवाणा ने कहा कि पुलिस सेवा में प्रतिदिन अलग-अलग प्रकार की समस्याएं सामने आती हैं। अधिकारी का दायित्व है कि वह समस्याओं को टालने के बजाय उनकी जड़ तक पहुंचे और उपलब्ध संसाधनों एवं नियमों के अनुरूप समाधान का प्रयास करे। उन्होंने कहा कि अधीनस्थों की समस्याओं का समाधान करने वाला नेतृत्व ही संगठन में विश्वास और बेहतर कार्यसंस्कृति विकसित करता है। इस अवसर पर अधिकारियों ने पुलिसिंग एवं नेतृत्व से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने विचार और जिज्ञासाएं साझा कीं। डीजीपी  मकवाणा ने अपने अनुभवों के आधार पर अधिकारियों के प्रश्नों का मार्गदर्शन किया तथा उन्हें सेवा के प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर पीएसओ टू डीजीपी डॉ. विनीत कपूर एवं एसओ टू डीजीपी  मलय जैन भी उपस्थित थे।  

कृषि शिक्षा और नशामुक्ति पर राज्यपाल बागडे का जोर, कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय में मनाया स्थापना दिवस

जयपुर ज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि नशा विवेक से अविवेक की ओर ले जाता है। यह व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता बल्कि जीवन को नाश की ओर ले जाता है, इसलिए इससे बचने और सभी को बचाने का हम सभी मिलकर प्रयास करें। उन्होंने विश्वविद्यालय स्थापना दिवस को युवा शक्ति के विकास  केंद्रित करते हुए  कृषि क्षेत्र में विश्वविद्यालय को अग्रणी बनाने का आह्वान किया है। राज्यपाल गुरुवार को जोबनेर स्थित कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस और नशामुक्त भारत अभियान में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिन की बधाई देते हुए नशामुक्त समाज के लिए सभी को मिलकर कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने पानी की बचत के लिए उसे सहेजने पर भी जोर दिया। उन्होंने लॉर्ड मैकाले द्वारा गुलामी से जुड़ी शिक्षा के प्रसार और और तत्कालीन विषम परिस्थितियों की भी चर्चा की। बागडे ने कहा कि उन्होंने लोकभवन में नशामुक्त भारत की विशेष रूप से बैठक ली थी। इसमें यह तय किया गया कि नशामुक्त अभियान सरकारी नहीं,  समाज का अपना सामूहिक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में जाना हुआ है। उद्देश्य यह है कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की समीक्षा के साथ प्राथमिक से उच्च शिक्षा से जुड़ी वास्तविक स्थिति को जान समझ कर प्रदेश को इसमें अग्रणी किया जाए। राज्यपाल ने कहा कि सभी मिलकर प्रयास करें कि प्राथमिक शिक्षा के आधार को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि एक बड़ा लक्ष्य हम सभी का यह होना चाहिए कि नशामुक्ति और टीबी मुक्त कार्यक्रम में जन जन की भागीदारी तय करना है। राज्यपाल ने कहा कि देश में सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी को विश्व के 37 देशों ने राष्ट्र का सर्वोत्तम पुरस्कार प्रदान किया है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने सभी लोगों को देश के बारे में, समाज के बारे में विचार करते हुए राष्ट्र का माहौल अच्छा रखने पर जोर दिया। उन्होंने भारत की प्राच्य विधा की चर्चा करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति में हमारे प्राचीन गौरव से जुड़ी शिक्षा से नई पीढ़ी को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया है। राज्यपाल ने इससे पहले विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित कृषि मौसम पोर्टल का शुभारम्भ किया। उन्होंने वहां नवनिर्मित विश्वविद्यालय सभागार का भी लोकार्पण किया और कृषि से सम्बद्ध पुस्तकों, स्मारिका का भी विमोचन किया। राज्यपाल ने इस दौरान विश्वविद्यालय में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के आलोक में प्रदर्शित उत्पादों का भी अवलोकन किया और विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. पी. एस. चौहान, पूर्व न्यायाधीश करणी सिंह राठौड़ और डॉ. एन. के. गुप्ता ने भी विचार रखे।                                                                                   —–