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श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम कोसमनारा में पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, की प्रार्थना

रायपुर गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ जिले के ग्राम कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाल जीवन के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का दिन श्रद्धा, आस्था और मार्गदर्शन के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। कोसमनारा स्थित यह धाम लोगों की आस्था का केंद्र है और यहाँ की आध्यात्मिक ऊर्जा आत्मबल प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनकल्याण के मार्ग पर गुरुजनों के आशीर्वाद और जनआशीर्वाद के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा और महापौर श्री जीवर्धन चौहान भी उपस्थित थे।

धमतरी : अग्निवीर, एसएससी, सीजी व्यापम, रेल्वे आदि परीक्षाओं के लिए कार्यशाला 17 जुलाई को

धमतरी  जिला प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आगामी अग्निवीर, एसएससी, सीजी व्यापक, रेल्वे आदि परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए 17 जुलाई को कार्यशाला आयोजित की जाएगी। यह कार्यशाला स्थानीय समुदायिक भवन धमतरी में सुबह 10 बजे से आयोजित होगी। प्रभारी जिला खेल अधिकारी ने बताया कि इस कार्यशाला में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, वनमण्डलाधिकारी, सीईओ जिला पंचायत सहित अधिकारियों द्वारा मार्गदर्शन प्रदाय किया जाएगा। कार्यशला में आने वाले अभ्यर्थियों को उक्त परीक्षाओं से संबंधित शंकाओं का समाधान मिल पायेगा। इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा परीक्षा संबंधी तनाव भी कम होगा। इसके अलावा जिले के तीनों अनुभाग धमतरी, कुरूद और नगरी में जुलाई से अक्टूबर तक जिला प्रशासन के सहयोग से अग्निवीर, एसएससी, सीजी व्यापम, रेल्वे आदि परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग शुरू हो रहा है, जिसका लाभ जिले के युवा उठा सकते हैं।

सातवें आसमान से जमीं पर आया दर्द, लोकेंद्र की खुशियां क्रैश में हो गईं राख

चुरू राजस्थान के चुरू में बुधवार को क्रैश हुए जगुआर लड़ाकू विमान में सवार देश के दो बहादुर पायलट की दर्दनाक मौत हो गई। इनमें से एक स्क्वाड्रन लीडर लोकेंद्र सिंह सिद्धू की खुशियां इन दिनों सातवें आसमान पर थी। क्योंकि पिछले महीने ही वह पिता बने थे। नवजात बच्चे के साथ खुशियों के पल बिताकर वह 30 जून को ही वह दोबारा ड्यूटी पर लौटे थे। 32 साल के एयरफोर्स के पायलट हरियाणा के रोहत जिले में खेरी साध गांव के रहने वाले थे। पेशे से डॉक्टर उनकी पत्नी सुरभि सिंधु ने हिसार स्थित अपने मायके में 10 जून को बेटे को जन्म दिया। बुधवार को जब दुघद हादसे की खबर आई सुरभि मायके में ही थीं। रोहतक के देव कॉलोनी में रहने वाले परिवार के मुताबिक पायलट लोकेंद्र ने 30 जून को ही ड्यूटी जॉइन की थी। लोकेंद्र के पिता जोगिंदर सिंह महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से 2023 में सुपरिंटेंडेंट के पद से रिटायर हुए थे, जबकि मां स्कूल टीचर हैं। बड़े भाई एक एमएनसी में जॉब करते हैं। लोकेंद्र की बहन अंशी ने भी एयरफोर्स हाल ही में शॉर्ट सर्विस कमिशन के रूप में कार्यकाल पूरा किया है, उनके पति भी विंग कमांडर हैं। आखिरी मिशन से पहले पिता से की थी बात भाई ज्ञानेंद्र ने बताया कि लोकेंद्र ने जगुआर विमान से अपनी आखिरी उड़ान से पहले पिता से बात की थी। उन्होंने परिवार के वॉट्सऐप ग्रुप में बेटे की तस्वीर भी शेयर की थी। जोगिंद्र सिंधू कहते हैं कि उनका बेटा बचपन से ही बहुत अच्छा स्टूडेंट था। वह हमेशा से एयरफोर्स का पायलट बनकर आसमान छूना चाहता था। परिवार को उस पर गर्व है। उन्होंने कहा, 'लोकेंद्र ने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और 2011 में एयरफोर्स में शामिल हुए थे। राजस्थान के सूरतगढ़ में उनकी मौजूदा पोस्टिंग थी।' राजस्थान केऋषि की भी गई जान बुधवार दोपहर चुरू में क्रैश हुए जगुआर विमान में लोकेंद्र के अलावा फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषि राज सिंह भी थे, जो राजस्थान के पाली के रहने वाले थे। उनकी भी इस हादसे में जान चली गई। इस साल मार्च से अब तक यह तीसरा जगुआर विमान हादसा है। एयर फोर्स ने हादसे का कारण पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया है।  

उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी आईटीआई सीतापुर में उपस्थित होकर प्राप्त कर सकते हैं अपना प्रमाणपत्र

अम्बिकापुर  औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था सीतापुर के प्राचार्य ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2014-2015 से 2023-2024 तक व्यवसाय कोपा विद्युतकार, फिटर, वेल्डर, डीजल मैकेनिक के एससीव्हीटी उत्तीर्ण (पास आउट) प्रशिक्षणार्थी अपना  एसटीसी  प्रमाण पत्र कार्यालयीन समय में उपस्थित होकर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था सीतापुर से प्राप्त कर सकते हैं।

अंबिकापुर पुलिस लाइन में 12 जुलाई को विशेष शिविर का आयोजन, नागरिकों को मिलेंगी सुविधाएं

अम्बिकापुर : 12 जुलाई को अंबिकापुर पुलिस लाइन में विशेष शिविर का आयोजन 01 अप्रैल 2019 के पूर्व पंजीकृत वाहनों हेतु HSRP अनिवार्य अम्बिकापुर   हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) 01 अप्रैल 2019 के पूर्व पंजीकृत सभी वाहनों के लिए अनिवार्य कर दी गई है। केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम, 1988 एवं नियम 1989 तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में यह व्यवस्था लागू की जा रही है। इसी क्रम में परिवहन आयुक्त, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सरगुजा जिले में वाहन स्वामियों की सुविधा हेतु विशेष शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर का आयोजन 12 जुलाई 2025 शनिवार को सुबह 10ः00 बजे से शाम 5ः00 बजे तक पुलिस लाइन परिसर, अंबिकापुर में किया जा रहा है। अधिक जानकारी के अग्रवाल परिवहन सुविधा केंद्र मोबाइल नंबर पर संपर्क कर 7974799952 सकते हैं। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, अंबिकापुर ने जानकारी देते हुए बताया कि वाहन स्वामी अपने वाहन की पंजीयन पुस्तिका (RC) के साथ उपस्थित होकर HSRP प्लेट लगवाने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इस शिविर का उद्देश्य आम नागरिकों को सुविधा प्रदान करना है ताकि वे नियमानुसार समय पर अपने वाहन में हाई सिक्योरिटी प्लेट लगवा सकें। जिला परिवहन अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि, वे निर्धारित तिथि व समय पर शिविर में उपस्थित होकर अनिवार्य प्रक्रिया को पूर्ण करें और बिना विलंब नियमों का पालन सुनिश्चित करें।

मिंटो ब्रिज नहीं बना दरिया, सीएम रेखा ने कहा- अब हालात पहले से बेहतर

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मॉनसून के दौरान जलभराव की समस्या पर बड़ा बयान दिया है। उनका दावा है कि इस बार भारी बारिश के बावजूद दिल्ली ने बेहतर प्रदर्शन किया। मिंटो ब्रिज, जो हर बारिश में तालाब बन जाता था, इस बार अपेक्षाकृत सूखा रहा। सीएम ने कहा, 'हमारी टीम ने मिंटो ब्रिज सहित कई इलाकों में बार-बार दौरा किया और जरूरी कदम उठाए। नतीजा, दिल्ली ने इस बार जलभराव को काफी हद तक काबू किया।' ITO और बारापुला में भी सुधार मुख्यमंत्री ने बताया कि ITO और बारापुला जैसे व्यस्त इलाकों में भी इस बार बारिश का असर कम देखा गया। रेखा गुप्ता ने कहा कि इन इलाकों में ट्रैफिक सुचारु रहा, जो पहले बारिश में जाम का शिकार हो जाता था। हमने नालों की सफाई और ड्रेनेज सिस्टम पर पहले से काम शुरू कर दिया था, जिसका फायदा दिखा। बाकी बचे जलभराव पर नजर CM ने स्वीकार किया कि कुछ इलाकों में अभी भी जलभराव की समस्या बनी हुई है, लेकिन सरकार इस पर काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हम उन सभी जगहों को चिह्नित कर रहे हैं जहां पानी रुक रहा है। अगली बारिश तक इनका समाधान कर लिया जाएगा।  

महासमुंद : ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में मछली पालन एवं मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण के लिए सुनहरा अवसर

महासमुंद : ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में मछली पालन एवं मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण के लिए सुनहरा अवसर  27 जुलाई तक करा सकते है पंजीयन महासमुंद  बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, महासमुंद द्वारा जिले के युवक एवं युवतियों के लिए मछली पालन एवं मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण के लिए पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। निदेशक बड़ौदा आरसेटी ने बताया कि यह दस दिवसीय प्रशिक्षण 28 जुलाई 2025 से प्रारम्भ किया जाएगा। निःशुल्क प्रशिक्षण के लिए इच्छुक हितग्राही 27 जुलाई तक अपना पंजीयन करा सकते हैं। प्रशिक्षण के लिए आवश्यक दस्तावेज में आधार कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड की दो-दो छायाप्रति, अंकसूची (न्यूनजत 8वीं उत्तीर्ण) की एक छायाप्रति एवं पासपोर्ट साइज 5 फोटो शामिल है। पंजीयन के लिए बड़ौदा आरसेटी पॉलीटेक्निक कॉलेज के पास बरोण्डाबाजार में स्वयं उपस्थित होकर या कमलेश पटेल के मोबाइल नम्बर +91-79997-00673 पर कार्यालयीन समय पर सम्पर्क कर सकते हैं।   

केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह से प्रदेश की विभिन्न पैक्स के कार्यकर्ताओं को मिली सराहना

केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह ने मध्यप्रदेश के सहकारी कार्यकर्ताओं के साथ किया संवाद महिला प्रतिनिधियों ने साझा किये केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह से संवाद के अनुभव केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह से प्रदेश की विभिन्न पैक्स के कार्यकर्ताओं को मिली सराहना भोपाल  केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारिता मंत्रालय के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गुजरात के आणंद में अमूल एवं नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के विविध विकास कार्यों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर देशभर से आये सहकारी समितियों के सदस्यों, विशेषकर महिला प्रतिनिधियों से संवाद कर सहकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को सराहा। इसमें मध्यप्रदेश की विभिन्न पैक्स (प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों) के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए, जिस पर उन्हें सराहना मिली। धार जिले की श्रीमती रुचिका परमार – नवाचार की ओर बढ़ती पैक्स केंद्रीय मंत्री शाह को धार जिले की नौगांव पैक्स की प्रबंधक श्रीमती रुचिका परमार ने बताया कि उनकी संस्था से 2508 सदस्य जुड़े हैं और प्रतिवर्ष लगभग ₹15 करोड़ मूल्य का नकद एवं खाद वितरण किया जाता है। संस्था समर्थन मूल्य योजना और पीडीएस संचालन के साथ अनुपयोगी भूमि पर मैरिज गार्डन की योजना पर कार्य कर रही है। मंत्री शाह ने इस प्रस्ताव की सराहना करते हुए उन्हें जिला सहकारी बैंक से ऋण के लिए आवेदन करने की सलाह दी एवं पैक्स को आयवर्धक गतिविधियाँ जैसे हर घर नल योजना का रखरखाव, सीएससी सेंटर, डेयरी इकाई, माइक्रो एटीएम और बैंक मित्र जैसी सेवाएँ शुरू करने के लिये प्रेरित किया। किसान श्रीमती सुदामा अछालिया – आधुनिक तकनीकों से बढ़ी आय केंद्रीय मंत्री शाह को धार जिले की कृषक श्रीमती सुदामा अछालिया ने बताया कि वे ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक का उपयोग कर टमाटर, मक्का और सोयाबीन जैसी फसलों की वैज्ञानिक खेती कर रही हैं। संस्था से उन्हें बिना ब्याज पर ऋण भी प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के उपयोग से उनकी उत्पादकता में 75 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। मंत्री शाह ने उन्हें एनएएफईडी और एनसीसीएफ के माध्यम से पंजीकरण कर फसलें एमएसपी पर बेचने की सलाह दी, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसान मंडी में बेहतर दाम पाएँ तो स्वतंत्र हैं, लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दर होने पर भारत सरकार उनकी फसल खरीदेगी। श्रीमती सुदामा ने मक्का की बुवाई के लिए हाथ से चलने वाली मशीन सब्सिडी पर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया, जिस पर केंद्रीय मंत्री शाह ने बताया कि एक नई योजना के तहत पैक्स के माध्यम से कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। रायसेन के कुंवर सिंह दांगी – नेपियर घास से बढ़ी आमदनी केंद्रीय मंत्री शाह को रायसेन जिले की सलामतपुर पैक्स के प्रतिनिधि कुंवर सिंह दांगी ने बताया कि उनकी समिति ने 50 एकड़ क्षेत्र में नेपियर घास की खेती प्रारंभ की है, जिससे किसानों को प्रति एकड़ ₹1 लाख तक का लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि संस्था का मशरूम वर्ल्ड कंपनी से टाईअप भी हुआ है। मंत्री शाह ने पैक्स के बायलॉज में किए गए संशोधन का उल्लेख करते हुए उन्हें जिला सहकारी बैंक के निरीक्षक से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर नई गतिविधियों को जोड़ने की सलाह दी। दांगी ने बताया कि उनकी समिति प्रधानमंत्री अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत 2 एकड़ भूमि पर 3000 टन क्षमता का वेयरहाउस स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। खरगोन के वीरेंद्र सिंह चौहान – जनऔषधि केंद्र से ग्रामीणों को राहत केंद्रीय मंत्री शाह को खरगोन पैक्स के सदस्य वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि उनकी संस्था जन औषधि केंद्र का संचालन कर रही है, जहाँ बाजार मूल्य से 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती दवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। छह माह में ₹8 लाख की औषधियाँ बेची गई हैं। केंद्र स्थानीय अस्पताल से मात्र 300 मीटर दूर है, जिससे लोगों को सुविधा हो रही है। उन्होंने बताया कि एक बी-फार्मा केमिस्ट को नियुक्त किया गया है और प्रचार के लिए घरों में पेम्फलेट वितरण एवं हाट में उद्घोषणा की जा रही है। मंत्री शाह ने सुझाव दिया कि गाँव में प्रचार कर लोगों को जागरूक करें कि यहाँ डायबिटीज की दवाएँ मात्र 20 प्रतिशत, बीपी की दवाएँ 10 प्रतिशत, और मौसमी बीमारियों की दवाएँ 35 प्रतिशत लागत में मिलती हैं, जिससे केंद्र की लोकप्रियता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी सराहा कि डॉक्टर अब जन औषधि की दवाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। सहकारिता आंदोलन को गति देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि देश में दो लाख नई पैक्स का गठन किया जाएगा, जो उत्पादन, अनाज विक्रय और ग्रामीण सेवा वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी। साथ ही, एक राष्ट्रीय सहकारी विश्वविद्यालय तथा तीन नई डेयरी आधारित सहकारी समितियाँ स्थापित की जाएंगी, जिससे सहकारिता क्षेत्र को शिक्षित, संगठित और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाया जा सकेगा। पैक्स को बहुआयामी संस्था में रूपांतरित करने का आह्वान कार्यक्रम के समापन पर केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि पैक्स को केवल खाद या बीज वितरण तक सीमित न रखें। उन्हें खाली जमीन का उपयोग, मशीन किराये पर देना, जनऔषधि केंद्र का संचालन, और नई कृषि तकनीकों का प्रयोग करते हुए गांवों को आत्मनिर्भर बनाना चाहिए। उन्होंने सभी सहकारी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे मॉडल बायलॉज, कृषि एप्स, और नवीन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर अपनी समिति को आर्थिक रूप से सक्षम एवं सेवा-प्रधान इकाई के रूप में विकसित करें।  

छत्तीसगढ़ PWD की बड़ी कार्रवाई, 16 सड़क और पुल परियोजनाओं के लिए मांगी ऑनलाइन टेंडर

छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रदेश के 16 सड़क और पुल निर्माण कार्यों की ऑनलाइन निविदा जारी छत्तीसगढ़ में 16 सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग ने जारी की ऑनलाइन निविदा प्रदेश में अधोसंरचना विकास को लेकर पहल, लोक निर्माण विभाग ने 16 कार्यों की निविदा की जारी छत्तीसगढ़ PWD की बड़ी कार्रवाई, 16 सड़क और पुल परियोजनाओं के लिए मांगी ऑनलाइन टेंडर रायपुर  बरसात आते ही प्रदेश के कई गांव शहरों से कट जाते थे। मरीजों का अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल, स्कूल जाने वाले बच्चों की पढ़ाई ठप और बाजार में सब्जी-धान पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता था। मगर अब लोक निर्माण विभाग, नवा रायपुर-अटल नगर ने इन समस्याओं को जड़ से खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने अत्याधुनिक ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली से 601.89 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 16 सड़क और पुल निर्माण कार्यों की ऑनलाइन निविदा जारी कर दी है। वहीं, निर्माण कार्य सितंबर से प्रारंभ होने की संभावना है। इन जगहों पर बिछेगा सड़कों का जाल धमतरी, बालोद, गरियाबंद, महासमुंद, दुर्ग, बलौदाबाजार और रायपुर जिले के दूरदराज गांव, जो अब तक हर बरसात में मुख्य शहरों से कट जाते थे, वहां अब मजबूत पुलों और चौड़ी सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। मरीजों को होती थी दिक्कत कई क्षेत्रों में बरसात के दौरान पुलिया बह जाने या कच्ची सड़कें धंस जाने से एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती थी। अब रोड का निर्माण होने पर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को लाभ मिलेगा। अब तकनीक से होगी राहत की शुरुआत पीडब्ल्यूडी द्वारा जारी इन टेंडरों में सड़कों का मजबूतीकरण, चौड़ीकरण, सीमेंट-कांक्रीट निर्माण और उच्च क्षमता वाली पुल-पुलियों का निर्माण प्रस्तावित है। सबसे बड़ा काम छुरा से नवागांव होकर भटगांव तक 24 किमी मार्ग का है, जिसकी लागत 270.30 करोड़ रुपये तय की गई है। वहीं रायपुर-बलौदाबाजार-भाटापारा, पत्थलगांव जैसे इलाकों में भी करोड़ों की लागत से सड़कों का निर्माण होगा। चितरपुर–रेवई मार्ग पर सेमरमुड़ा नदी पर उच्चस्तरीय पुल व पहुंच मार्ग बेमेतरा–नवागढ़–मुंगेली मार्ग (एसएच-07) चौड़ीकरण व मजबूतीकरण राजनांदगांव–कवर्धा–पोंडी मार्ग (एसएच-05) चौड़ीकरण व मजबूतीकरण डोंगरगढ़–चौकी–मोहला–मानपुर मार्ग (एसएच-24) चौड़ीकरण व मजबूतीकरण पैगा से सरईकेरचा पहुंच मार्ग (5.00 किमी) पालीटेक्निक कालेज भवन निर्माण बहतराई हाकी स्टेडियम में फ्लड लाइट सप्लाई व इंस्टालेशन धनुहारपारा–नवागांव मार्ग पर बोराई नदी पर पुल सिलादेही–मौहाडीह मार्ग निर्माण (2.325 किमी) सिरगिट्टी–सरवानी–बरतोरी मार्ग उन्नयन (28.45 किमी) धारानगर हायर सेकेण्डरी स्कूल में 100 सीटर छात्रावास भवन भदरापारा–बरभांठा मार्ग निर्माण (2.70 किमी) केरापाठ–गायबुड़ा मार्ग (4.86 किमी, पुल-पुलिया सहित) भैरमगढ़ टाउन मार्ग निर्माण (5.00 किमी, शेष कार्य) चैनपुर–खम्हरिया मार्ग पर रेहण्ड नदी पर पुल व सड़क सुबरा (कटंगपारा)–सलिहापारा मार्ग पर खारून नदी पर उच्चस्तरीय पुल व सड़क गौरतलब है कि प्रदेश के दूरदराज के इलाकों में भारी बारिश के कारण कई बार वहां के लोगों का संपर्क पास के शहरों के कट जाता था। अब इस समस्या के समाधान के लिए सरकार की ओर से कदम उठाया गया है। ऐसे 16 सड़कों और पुलों के निर्माण कार्य के लिए सरकार की ओर से 601.89 करोड़ रुपये से अधिक का टेंडर जारी किया गया है।  

मुख्यमंत्री साय ने पद्म सम्मानित डॉ. सुरेंद्र दुबे को अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के जोरा स्थित सालासर बालाजी धाम के सभागार में आयोजित सुप्रसिद्ध कवि पद्मडॉ. सुरेंद्र दुबे की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय डॉ. दुबे के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें  श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस दुःख की घड़ी में धैर्य और शक्ति प्रदान करें। मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हास्य-व्यंग्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे सपूत थे। सभी को हँसाने वाला यह महान कवि आज हमें रुलाकर चला गया। उन्होंने अपनी विलक्षण काव्य प्रतिभा के माध्यम से न केवल देशभर में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। उनका आकस्मिक निधन पूरे राज्य और साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई असंभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने अनेक कवि सम्मेलनों में भाग लिया है, और शायद ही कोई प्रमुख आयोजन ऐसा रहा हो जहाँ डॉ. दुबे की उपस्थिति न रही हो। हर मंच पर उन्हें देश के प्रतिष्ठित कवियों द्वारा विशेष सम्मान प्राप्त होता था। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी श्रद्धांजलि सभा में स्व. डॉ. सुरेंद्र दुबे को नमन करते हुए कहा कि वे केवल एक कवि नहीं, बल्कि एक जिंदादिल और ऊर्जावान व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति को सम्मान दिलाया। उन्होंने प्रदेश के कोने-कोने में घूम-घूमकर लोगों को न केवल हँसाया, बल्कि सामाजिक चेतना भी जगाई। इस अवसर पर डॉ. सुरेंद्र दुबे के परिजन एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।