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नशामुक्ति को लेकर बड़ा अभियान, 2-8 अक्टूबर तक स्कूलों से ग्राम सभाओं तक चलेगा जागरूकता सप्ताह

गांधी जयंती से प्रदेशभर में मनाया जाएगा ‘मद्य निषेध सप्ताह’ 2 से 8 अक्टूबर तक होंगी जन-जागरूकता गतिविधियां, नशामुक्ति के लिए दिलाई जाएगी ऑनलाइन शपथ विद्यालयों, महाविद्यालयों और ग्राम सभाओं से लेकर महिला स्व-सहायता समूहों तक होगी सहभागिता भोपाल  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश में 2 से 8 अक्टूबर 2026 तक “मद्य निषेध सप्ताह” मनाया जाएगा। सप्ताह के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में नशामुक्ति रैली, नुक्कड़ नाटक, प्रदर्शनी, प्रतियोगिताएं, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, ग्राम सभाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ऑनलाइन शपथ सहित विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग आयुक्त के.जी. तिवारी ने सभी कलेक्टरों, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा विभागीय संयुक्त एवं उप संचालकों को सप्ताह के आयोजन के संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। कार्यक्रमों में विभाग से मान्यता प्राप्त अशासकीय संस्थाओं, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, आध्यात्मिक संस्थाओं तथा नशामुक्ति के क्षेत्र में कार्य कर रहे संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। मद्य निषेध सप्ताह का प्रमुख उद्देश्य समाज में बढ़ती मद्यपान की प्रवृत्ति तथा नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों एवं दुष्परिणामों के प्रति युवाओं, विद्यार्थियों और नागरिकों को जागरूक करना है। सप्ताह के दौरान स्कूलों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों सहित विभिन्न वर्गों को “नशा न करेंगे, न करने देंगे” की शपथ भी दिलाई जाएगी। 2 अक्टूबर : नशामुक्ति रैली और प्रदर्शनी सप्ताह के पहले दिन महात्मा गांधी जयंती पर नशामुक्ति के लिए जन-जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी और नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा। नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देने के लिए नशामुक्ति पर आधारित पोस्टर, फोटो और चित्र प्रदर्शनी लगाई जाएगी। कार्यक्रमों में शामिल नागरिकों को नशा नहीं करने की ऑनलाइन शपथ दिलाई जाएगी। 3 अक्टूबर : शैक्षणिक प्रतियोगिताएं और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर दूसरे दिन स्थानीय विद्यालयों और महाविद्यालयों में नशामुक्ति विषय पर विभिन्न प्रतियोगिताएं, संवाद तथा संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और आवासीय नशामुक्ति केंद्रों में नशा पीड़ित व्यक्तियों के लिए विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श शिविर लगाए जाएंगे। शिविरों में नशा पीड़ितों की एचआईवी-एड्स, टीबी और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। जांच में पॉजिटिव पाए गए व्यक्तियों के समुचित उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। 4 अक्टूबर : ग्राम सभाओं में नशामुक्त गांव का संकल्प तीसरे दिन ग्राम सभाओं में गांवों को नशामुक्त बनाने के संबंध में प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। पारित प्रस्तावों का पालन सुनिश्चित करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में नशामुक्ति संबंधी साहित्य, पोस्टर, पेम्फलेट और अन्य प्रचार सामग्री का वितरण किया जाएगा। ग्राम सभाओं में उपस्थित ग्रामीणों को नशामुक्ति की ऑनलाइन शपथ भी दिलाई जाएगी। 5 अक्टूबर : सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता चौथे दिन ग्राम और नगरीय स्तर पर स्थानीय व्हाट्सऐप समूह बनाए जाएंगे। इन समूहों के माध्यम से नशामुक्ति के संदेश, जागरूकता सामग्री और लघु फिल्में नागरिकों तक पहुंचाई जाएंगी। सोशल मीडिया के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। 6 अक्टूबर : महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी पांचवें दिन महिला स्व-सहायता समूहों और शौर्या दलों द्वारा स्थानीय स्तर पर नशामुक्ति संदेश के प्रचार-प्रसार के लिए अभियान चलाया जाएगा। महिलाओं को परिवार और समाज में नशे के कारण होने वाले आर्थिक, सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी। महिला समूह समुदाय को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे। 7 अक्टूबर : स्कूल-कॉलेजों में ऑनलाइन शपथ छठवें दिन ग्राम एवं नगरीय क्षेत्रों में नशामुक्ति अभियान के लिए तैयार किए गए स्थानीय मास्टर वॉलंटियर और “नशामुक्ति मित्र” स्कूलों एवं महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन नशामुक्ति शपथ दिलाएंगे। युवाओं को नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और परिचितों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प दिलाया जाएगा। 8 अक्टूबर : जिला मुख्यालयों पर समापन समारोह मद्य निषेध सप्ताह के अंतिम दिन सभी जिला मुख्यालयों पर जिलास्तरीय समापन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें नशामुक्ति पर आधारित नाटक, नृत्य, संगीत और अन्य कलात्मक प्रस्तुतियां होंगी। सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। ऑनलाइन पोर्टल पर दिलाई जाएगी शपथ सप्ताह के प्रत्येक दिन आयोजित कार्यक्रमों में शामिल विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और नागरिकों को भारत सरकार के नशामुक्त भारत अभियान के ऑनलाइन पोर्टल पर ई-प्लेज के माध्यम से नशा नहीं करने की शपथ दिलाई जाएगी। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रमों में स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, महिला एवं बाल विकास, पुलिस तथा जनसम्पर्क विभाग सहित संबंधित संस्थाओं का सहयोग लिया जाए। जिलों को आयोजित गतिविधियों का प्रतिवेदन फोटोग्राफ सहित सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण संचालनालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।  

फॉरेस्ट क्लीयरेंस में अटकी 5 खदानें, हेमंत सरकार ने लीज रद्द कर दोबारा नीलामी के दिए निर्देश

रांची आठ से 10 वर्ष पूर्व नीलाम हुई सोना खदान समेत पांच खदानों का लीज आवंटन राज्य सरकार ने रद्द कर दिया है. इनमें दो सोना खदान, एक लौह अयस्क खदान व दो ग्रेफाइट की खदान शामिल हैं. इन खदानों में फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं होने से उत्पादन ही शुरू नहीं हो पाया. अब सीएम हेमंत सोरेन ने इन खदानों की दोबारा नीलामी करने का निर्देश दिया है. इनकी नीलामी इस्पात मंत्रालय के अधीन संचालित एमएसटीसी के प्लेटफॉर्म से हुई थी. अब एमएसटीसी प्लेटफॉर्म पर ही खदानों का लीज आवंटन रद्द करने संबंधी अधिसूचना भी जारी की गयी है. यह अधिसूचना खान विभाग के संयुक्त सचिव जियाउल अंसारी ने जारी की है. कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि सरकार के इस फैसले को वह माइनिंग ट्रिब्यूनल में चुनौती देंगे. क्योंकि उनकी वजह से देर नहीं हुई, बल्कि सरकारी प्रक्रिया, एनओसी व फॉरेस्ट क्लीयरेंस बड़ी वजह बनी है. फॉरेस्ट क्लीयरेंस के कारण अटका मामला बताया गया कि 69.240 हेक्टेयर की परासी सोना खदान की नीलामी 1.11.2017 को करायी गयी थी. जिसे रुंगटा माइंस लिमिटेड ने हासिल किया था. कंपनी को 2.1.2021 तक खदान से उत्पादन आरंभ करना था. लेकिन अवधि समाप्त होने पर भी इससे उत्पादन शुरू नहीं हो सका. इसकी वजह फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलना बतायी गयी. लंबी अवधि बीतने पर राज्य सरकार ने आवंटन रद्द कर दिया. इसी तरह 272.651 हेक्टेयर के पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्थित एक बड़ा पहाड़डीहा गोल्ड ब्लॉक की नीलामी 26.10.2016 को हुई थी. जिसे मैथन इस्पात लिमिटेड ने हासिल किया था. लेकिन तय अवधि में खदान का संचालन नहीं हो सका. यहां भी फॉरेस्ट क्लीयरेंस की वजह बनी. सारंडा संरक्षित जोन में आता है भनगांव आयरन ओर ब्लॉक  भनगांव आयरन ओर ब्लॉक झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी ब्लॉक (सारंडा वन प्रभाग) में स्थित लौह अयस्क खदान क्षेत्र है. 2018 में झारखंड सरकार द्वारा आयोजित ई-नीलामी के माध्यम से यह ब्लॉक साउथ-वेस्ट माइनिंग लिमिटेड को आवंटित हुआ था. साउथ-वेस्ट माइनिंग लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू ग्रुप के स्वामित्व वाली खनन कंपनी है. इसे फॉरेस्ट क्लीयरेंस व अन्य एनओसी नहीं मिल सकी है. इन खदानों का रद्द हुआ एलओआइ कोल ब्लॉक                                                कंपनी                                                                      नीलामी का वर्ष पहाड़ीडीह गोल्ड ब्लॉक,                             पश्चिम सिंहभूम    मैथन इस्पात लिमिटेड                    26.10.2016 परासी गोल्ड एंड एसोसिएटेड मिनरल्स,      तमाड़  रांची-रुंगटा माइंस लिमिटेड                               01.11.2017 भननगांव आयरन ओर ब्लॉक                    पश्चिम सिंहभूम-साउथ वेस्ट माइंडिंग लिमिटेड               28.06.2018 डुलसुलमा ग्रेफाइट ब्लॉक                           पलामू टीम जियो रिसोर्सेज प्रा. लि.                               1. 03.2019 लेसलीगंज ग्रेफाइट ब्लॉक                         पलामू टीम जियो रिसोर्सेज प्रा. लि.                                  01.08.2018

एसएसपी के सख्त निर्देश पर जिलेभर के थानों में तलब किए गए निगरानीशुदा और असामाजिक तत्व।

बिलासपुर  आगामी त्योहारों के दौरान जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने असामाजिक तत्वों और निगरानीशुदा बदमाशों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसएसपी के निर्देश पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में गुंडा एवं निगरानी बदमाशों को तलब कर उनकी परेड कराई गई। उन्हें त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की अशांति या उपद्रव से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई। एएसपी पंकज पटेल ने बताया कि एसएसपी रजनेश सिंह ने आगामी गणेश पूजा, नवरात्र, दशहरा और दीपावली को देखते हुए सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। इसके तहत थाना क्षेत्रों में दर्ज गुंडा एवं निगरानी बदमाशों की जानकारी जुटाकर उन्हें तलब किया गया। जुटाकर उन्हें तलब किया गया। अधिकारियों ने बदमाशों से उनके वर्तमान कार्य और गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली। परेड के दौरान पुलिस ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के समय किसी भी व्यक्ति द्वारा कानून व्यवस्था बिगाड़ने, विवाद करने या शांति भंग करने का प्रयास किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बदमाशों से अपने परिवार के साथ शांतिपूर्वक त्योहार मनाने और किसी विवाद में शामिल नहीं होने की अपील भी की। अधिकारियों को सक्रिय बदमाशों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर इस्तगासा तैयार करने और बाउंड ओवर की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन भेजने को कहा गया है। पुलिस का उद्देश्य त्योहारों के दौरान संवेदनशील इलाकों में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति बनने से पहले ही प्रभावी नियंत्रण कायम करना है। किन त्योहारों पर रहेगी खास नजर आने वाले दिनों में गणेश पूजा, नवरात्रि, दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाएंगे। इन आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। ऐसे में पुलिस ने कानून व्यवस्था को लेकर पहले से तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहने को कहा है। त्योहारों के दौरान विवाद की आशंका वाले स्थानों और लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ आवश्यकतानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का फोकस किसी घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से रोकथाम पर है। सक्रिय बदमाशों पर होगी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई पुलिस ने केवल समझाइश तक कार्रवाई सीमित नहीं रखने के संकेत दिए हैं। सक्रिय पाए जाने वाले बदमाशों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए संबंधित थाना स्तर पर इस्तगासा तैयार कर बाउंड ओवर की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन भेजा जाएगा। बाउंड ओवर की प्रक्रिया का उद्देश्य संबंधित व्यक्ति को भविष्य में शांति भंग करने वाली गतिविधियों से दूर रखना है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान उपद्रव या शांति भंग करने की कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे मामलों में परिस्थितियों के अनुसार संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। 

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में 20 और किसानों को मिला मौका, अब 26 लाभार्थी

गोरखपुर  पशुपालन विभाग के नंद बाबा दुग्ध विकास मिशन योजना (Nand Baba Mission) के अंतर्गत संचालित मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना (Mini Nandini Scheme) में पिछले सत्र के 20 और लोगों को शामिल कर लिया गया है। ऐसे में अब लाभार्थियों की संख्या 26 हो गई है। इसमें से छह लोगों ने अपने खर्च पर योजना संचालित करने की सहमति प्रदान की है। सत्र 2025-26 में मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में शामिल होने के लिए 42 लोगों ने आवेदन किया था। ई लाटरी के माध्यम से छह लोगों का चयन किया गया। शेष लोगों को प्रतिक्षा सूची में रखा गया था। इसी जुलाई में शासन की ओर से प्रतीक्षारत लोगों को योजना में शामिल करते हुए लाभ देने के आदेश दिए गए। अंतिम तिथि 12 सितंबर तक 20 लोगों ने बैंक के सहमति पत्र व निजी व्यवस्था से योजना में शामिल होने की औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। छह लोग अपनी निजी व्यवस्था से डेयरी के संचालन की सहमति दिए हैं। इस सत्र में अब योजना के कुल 26 लाभार्थी हो गए हैं। यह है योजना मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में देसी नस्ल की 10 गाय का पालन करना है। इसे प्रदेश के बाहर से लाना होता है। 23.60 लाख रुपये की योजना में सरकार की ओर से 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। शेष रकम लाभार्थी को स्वयं खर्च करना है। इतने रुपये की उसे बैंक गारंटी देनी होती है या अपने खाते में बैलेंस रखना पड़ता है। अनुदान की राशि दो किस्तों में दी जाती है। प्रदेश सरकार दुग्ध विकास को बढ़ावा देने में जुटी है। कृषि के साथ पशुपालन को जोड़ा जा रहा है। पिछले सत्र के प्रतीक्षा सूची के अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ देने का आदेश दिया गया था। निर्धारित तिथि तक 20 लोगों ने औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। उन्हें योजना में शामिल कर लिया गया है। – डा. धर्मेंद्र पांडेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा राज्यव्यापी अभियान, 4.19 करोड़ परिवार और 15.74 करोड़ लाभार्थी जुड़ेंगे

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सेवा, सुशासन, जनकल्याण और विकास की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलेगा। एक माह के अभियान के जरिए योगी सरकार की योजनाओं से लाभान्वित नागरिकों की सफलता की कहानियां सामने लाने के साथ प्रदेशवासियों को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ा जाएगा। अभियान के प्रभारी एवं उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के मार्गदर्शन में शासन से जनपद स्तर तक त्रिस्तरीय समन्वय व्यवस्था बनाई गई है। अभियान में केंद्र सरकार के 12 वर्षों और राज्य सरकार के 10 वर्षों के विकास कार्यों से आए बदलावों को प्रस्तुत करने पर जोर रहेगा। केंद्र एवं राज्य की योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों का त्रिस्तरीय डेटा बैंक तैयार होगा। कुल 4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य है। इसमें ग्रामीण क्षेत्र के 3.51 करोड़ परिवार व 13.01 करोड़ लाभार्थी तथा शहरी क्षेत्र के 0.68 करोड़ परिवार व 2.73 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं। 12 कार्यक्रमों से पहुंचेगा सेवा का संदेश अभियान में ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘मेरे सपनों का भारत: चित्र सेवा’, ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’, ‘आंगन मिलन सेवा’, ‘सेवा की कहानी’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ आयोजित होंगे। 17 सितंबर को ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद का दीया’ से शुरुआत होगी। शाम सात बजे घरों और प्रतिष्ठानों पर दीप प्रज्वलन कर सेवा एवं विकसित भारत के संकल्प से जुड़ने का आह्वान किया जाएगा। अस्पतालों में फल वितरण, रक्तदान शिविर, विश्वकर्मा जयंती पर टूल किट वितरण तथा चयनित विकास एवं अवस्थापना परियोजना स्थलों पर दीप प्रज्वलन होगा। ‘मेरे सपनों का भारत: चित्र सेवा’ के तहत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक विद्यालयों में कक्षा 5 से 8 के लिए चित्रकला तथा कक्षा 9 से 12 के लिए चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। उच्च शिक्षण संस्थानों में चित्रकला, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जिला स्तरीय प्रदर्शनी के बाद 7 अक्टूबर को राज्य स्तरीय प्रदर्शनी होगी। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री के डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार दिए जाएंगे। नुक्कड़ नाटक और डिजिटल कहानियों से जनजागरण ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के तहत प्रत्येक जनपद में 18 से 20 कलाकारों की सांस्कृतिक टोलियां गठित होंगी। प्रत्येक विधानसभा में सात कार्यक्रम होंगे। ग्राम पंचायतों, सामुदायिक केंद्रों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर 25 से 30 मिनट की प्रस्तुति के जरिए जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास की कहानी पहुंचाई जाएगी। ‘सेवा की कहानी’ डिजिटल एवं रील अभियान में 25 लाख लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव पर 60 सेकंड की रील्स तैयार होंगी। आवास, विद्यालय, पंचायत भवन, पुस्तकालय, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इनलैंड पोर्ट, मेट्रो, आरआरटीएस और विश्वविद्यालयों से जुड़ी विकास कहानियां प्रदर्शित की जाएंगी। 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ में प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर तीन दिवसीय उत्सव एवं संवाद होगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा दीदियों और उत्कृष्ट लाभार्थी माताओं का सम्मान किया जाएगा। पोषण, स्वास्थ्य एवं महिला योजनाओं की जानकारी के साथ हेल्दी बेबी शो, बच्चों को कॉमिक बुक्स, खिलौने, फल-मिठाई, अतिरिक्त पोषाहार एवं सामग्री वितरण होगा। सेवा ज्योति कलश यात्रा से विकसित भारत का संकल्प 7 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा-विकसित भारत का संकल्प’ आयोजित होगी। प्रमुख चौराहों पर सेवा कलश स्थापित किए जाएंगे। पैदल, साइकिल और बाइक रैलियों से नागरिक मुख्य आयोजन स्थल पहुंचेंगे। ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’ में 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश की 10 नदियों का जल लेकर 10 टोलियां काशी से वडनगर, गुजरात जाएंगी। मार्ग के जनपदों में चौपाल, जनसंवाद और विकास यात्रा पर आधारित फिल्म प्रदर्शन होंगे। ‘सेवा मेरा योगदान’ में नागरिक 25 सेवा गतिविधियों में से किसी एक से जुड़ेंगे। रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, गांव गोद लेना, योग-ध्यान, महिला स्वास्थ्य, शिक्षा सहयोग, करियर काउंसलिंग, वरिष्ठ नागरिकों की डिजिटल साक्षरता, अंगदान, पोषण, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, फिट इंडिया, दिव्यांगजन सहयोग, मतदाता जागरूकता, वोकल फॉर लोकल और सरकारी योजनाओं की जागरूकता इसमें शामिल हैं। प्रत्येक विधानसभा में न्यूनतम दो स्थलों के कायाकल्प का लक्ष्य है। सेवा सेतु शिविरों में मौके पर मिलेंगी योजनाओं की सुविधाएं ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत विकासखंड एवं नगरीय निकाय स्तर पर पांच से सात दिवसीय बहुउद्देशीय शिविर होंगे। एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी, पात्र नागरिकों के आवेदन, पात्रता सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य मेले, प्रत्येक विधानसभा में दिव्यांग कल्याण शिविर और मतदाता पंजीकरण पर भी जोर रहेगा। ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ में युवाओं की राष्ट्रीय स्तर के इनोवेशन चैलेंज में भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक में ओरिएंटेशन एवं मोटिवेशन कार्यक्रम होंगे। 1.25 लाख जनप्रतिनिधि लेंगे विकसित भारत का संकल्प 17 अक्टूबर को ‘सुशासन सेवा संवाद’ के साथ अभियान का समापन होगा। ग्राम प्रधान, सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधि सेवा एवं सुशासन के 25 वर्षों के अवसर पर प्रधानमंत्री का सम्मान करेंगे तथा विकसित भारत-2047 का संकल्प लेंगे। लगभग 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों द्वारा संकल्प एवं वंदे मातरम् गायन की योजना है। ऐतिहासिक स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर विकास यात्रा दर्शाने वाले लेजर शो होंगे। प्रमुख तीर्थस्थलों एवं शक्तिपीठों में महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान प्रस्तावित हैं। 17 अक्टूबर को ‘सुशासन सेवा संवाद’ के साथ अभियान का समापन होगा। ग्राम प्रधान, सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधि सेवा एवं सुशासन के 25 वर्षों के अवसर पर प्रधानमंत्री का सम्मान करेंगे तथा विकसित भारत-2047 का संकल्प लेंगे। लगभग 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों द्वारा संकल्प एवं वंदे मातरम् गायन की योजना है। ऐतिहासिक स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर विकास यात्रा दर्शाने वाले लेजर शो होंगे। प्रमुख तीर्थस्थलों एवं शक्तिपीठों में महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान प्रस्तावित हैं।

राजस्थान की 305 निकायों में मेयर-अध्यक्ष पद के लिए नामांकन का आखिरी दिन, 21 सितंबर मतदान

जयपुर राजस्थान के शहरों की सरकार का चेहरा तय करने की कवायद तेज हो गई है। प्रदेश की 305 निकायों में मेयर, सभापति और अध्यक्ष पद के लिए नामांकन का आज दूसरा और आखिरी दिन है। ऐसे में सुबह से ही बीजेपी और कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशीयों की ओर से नामांकन दाखिल करने का सिलसिला जारी है। बुधवार दोपहर 3 बजे तक प्रत्याशी अपना पर्चा दाखिल कर सकेंगे। बता दें कि पहले दिन 19 निकायों में 29 नामांकन भरे गए। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 17 सितंबर को सुबह 11 बजे होगी। वहीं, 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवारी वापस ली जा सकेगी। इसके बाद मेयर चुनाव की तस्वीर और स्पष्ट होगी। अध्यक्ष के लिए मतदान 21 सितंबर और उपाध्यक्ष के चुनाव 22 सितंबर को होगा। बीकानेर में मेयर पद को लेकर कांग्रेस में बगावत बीकानेर नगर निगम में मेयर पद को लेकर कांग्रेस के भीतर सियासी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस की ओर से अनिल कल्ला को मेयर पद का प्रत्याशी बनाए जाने के बाद अब पार्टी के ही विजयी पार्षद नवरतन डागा ने नामांकन दाखिल कर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। अनिल कल्ला के नामांकन से पहले नवरतन डागा नामांकन दाखिल करने पहुंचे। इस दौरान डागा ने साफ कहा कि वह कांग्रेस की तरफ से ही मेयर पद का चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने इसे परिवारवाद के खिलाफ जंग बताते हुए पार्टी नेतृत्व पर सवाल भी उठाए। डागा ने कहा कि “यह जंग परिवारवाद के खिलाफ है। आखिर कब तक कांग्रेस का कार्यकर्ता इसे सहन करेगा?” उनके इस बयान के बाद बीकानेर कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस ने मेयर पद के लिए अनिल कल्ला को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। वहीं, अब नवरतन डागा के नामांकन दाखिल करने से चुनाव में कांग्रेस के दो चेहरे आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। चूरू नगर परिषद: भाजपा के विनय कुमार गोयनका ने भरा पर्चा चूरू नगर परिषद सभापति पद के लिए भाजपा के विनय कुमार गोयनका ने नामांकन दाखिल किया है। इस दौरान विधायक हरलाल सहारण, वार्ड 19 के पार्षद नरेंद्र सैनी सहित कई पार्षद मौजूद रहे। फतेहपुर नगरपालिका: घनश्याम तिवाड़ी की बहन अंजू भिंडा ने भरा पर्चा सीकर जिले की फतेहपुर नगरपालिका से राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी की बहन अंजू भिंडा ने अध्यक्ष पद के लिए नामां​कन दाखिल किया। बता दें कि अंजू भिंडा निर्दलीय चुनाव जीता था। अब उन्होंने भाजपा की ओर से नामांकन दाखिल किया है। पोकरण नगरपालिका: कांग्रेस की कल्पना रंगा व भाजपा की शोभा व्यास ने भरा नामांकन पोकरण नगरपालिका अध्यक्ष के लिए नामांकन का आज अंतिम दिन, कांग्रेस से कल्पना रंगा व भाजपा से शोभा व्यास ने नामांकन करवाया जमा जैसलमेर: भाजपा के विजय डांगरा ने भरा नामांकन जैसलमेर में सभापति की कुर्सी पर भाजपा का दावा मजबूत माना जा रहा है, पार्षदों के साथ विजय डांगरा ने भरा नामांकन, नवनिर्वाचित पार्षदों के साथ पहुंचे डांगरा, वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में दाखिल किया नामांकन भीलवाड़ा: महापौर और पालिकाध्यक्षों के नामों पर लगी मुहर, अब जीत का इंतजार भीलवाड़ा नगर निगम के साथ ही दस नगर पालिकाओं में महापौर व अध्यक्षों के नाम के पत्ते खुल गए है। भाजपा व कांग्रेस ने जयपुर में आलाकमान से मिली हरी झंडी के बाद प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। सभी प्रत्याशी दोपहर एक बजे तक नामांकन पत्र पेश कर देंगे। भीलवाड़ा नगर निगम में भाजपा ने महिला वर्ग में बड़ी जीत के साथ आई जसवंत कंवर को प्रत्याशी बनाया है। भरतपुर से निर्दलीय विचित्रा सिंह ने मेयर पद के लिए किया नामांकन भरतपुर नगर निगम में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मेयर पद के लिए विचित्रा सिंह ने नामांकन भरा। इस दौरान उनके साथ पति पूर्व सभापति एवं मेयर शिव सिंह भोट, शहर कांग्रेस शहर अध्यक्ष दयाचंद पचौरी, योगेंद्र सिंह ठाकुर, संजय शुक्ला सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं, भारतीय जनता पार्टी की ओर से अनुराधा सिंह एवं प्रेमपाल ने नामांकन भरा। भाजपा की ओर से अनुराधा सिंह मेयर की रेस में सबसे आगे बताई जा रही है। अजमेर: भाजपा से अनामिका शर्मा मेयर प्रत्याशी अजमेर मेयर पद को लेकर भाजपा तैयारी में जुट गई है। वार्ड 3 की प्रत्याशी अनामिका शर्मा प्रत्याशी घोषित किया हैं। इसको लेकर लगभग सहमति बन चुकी है। जिलाध्यक्ष रमेश सोनी के साथ नामांकन के लिए पहुंची। पाली: कांग्रेस की दो पार्षदों ने महापौर के लिए भरा पर्चा पाली निगम में कांग्रेस से विजेता राजबाला हिंगड़ महापौर पद का नामांकन भरने के लिए पहुंची। वहीं, कांग्रेस की ही प्रत्याशी सुमित्रा जैन भी कांग्रेस से जीते पार्षद भंवर राव और निर्दलीय जीते नजमा शहजाद शेख के साथ नामांकन भरने के लिए पहुंची। खास बात ये रही कि कांग्रेस की दोनों ही पार्षदों ने महापौर के लिए पर्चा दाखिल किया है।

दिल्ली में ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण को बड़ा कदम, NGO और संस्थानों को मिलेगा अनुदान

नई दिल्ली दिल्ली के स्मारकों के संरक्षण के लिए दिल्ली सरकार ने वित्तीय सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुरातत्व विभाग ने गैर सरकारी संगठनों, न्यास, फाउंडेशन और शैक्षणिक संस्थानों से आवेदन मांगे हैं। दिल्ली मुख्यमंत्री विरासत नवोत्थान योजना के तहत परियोजनाओं के लिए अधिकतम दो करोड़ रुपये तक सहायता दी जाएगी। स्मारकों के संरक्षण के लिए अनुदान देने संबंधी आदेश दिल्ली सरकार ने जारी कर दिया है। पुरातत्व विभाग ने पात्र संस्थाओं से वित्तीय सहायता के लिए आवेदन मांगे हैं। यह सहायता दिल्ली मुख्यमंत्री विरासत नवोत्थान योजना के तहत दी जाएगी। सामान्य प्रोजेक्ट में 75% खर्च सरकार का अनुदान योजना के तहत किसी परियोजना के लिए अधिकतम दो करोड़ रुपये प्रति वित्तीय वर्ष तक सहायता दी जा सकेगी। सामान्य परियोजनाओं में विभाग और संबंधित संस्था के बीच खर्च का अनुपात 75:25 रहेगा। महत्वपूर्ण स्मारकों से जुड़े संरक्षण कार्यों में सरकार 90 प्रतिशत और संबंधित संस्था 10 प्रतिशत खर्च वहन करेगी। वहीं सरकारी संस्थानों की परियोजनाओं का 100 प्रतिशत खर्च सरकार उठाएगी। जरूरत पर दो करोड़ की सीमा बढ़ेगी योजना में संरक्षण कार्य की आवश्यकता को देखते हुए दो करोड़ रुपये की अधिकतम सीमा बढ़ाने का भी प्रविधान है। इसके लिए सिफारिश समिति की अनुशंसा जरूरी होगी। सरकार ने कुछ दिन पहले ही स्मारकों के संरक्षण के लिए सहायता अनुदान योजना की अधिसूचना जारी की थी। दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी किया वित्तीय सहायता के लिए पात्र संस्थाओं को दिल्ली सरकार के पुरातत्व विभाग के निदेशक के नाम से जारी पोर्टल के माध्यम से आनलाइन आवेदन करना होगा। विश्वविद्यालय और सरकारी अथवा स्वायत्त संस्थाएं रजिस्ट्रार या विभागाध्यक्ष के माध्यम से आवेदन कर सकेंगी। गैर सरकारी संगठनों, न्यास और फाउंडेशन आदि के लिए भारत सरकार के दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।

गोरखपुर को मिल रही हेल्थ हब की पहचान, IMA चैरिटेबल ब्लड सेंटर का लोकार्पण

हेल्थ हब के रूप में विकसित हो रहा गोरखपुर: डॉ. आरपी शुक्ला   आईएमए चैरिटेबल ब्लड सेंटर के लोकार्पण समारोह में वक्ताओं ने गिनाए स्वास्थ्य सेवाओं में आए बदलाव   एम्स आने के बाद पूर्वांचल के साथ बिहार और नेपाल से भी इलाज के लिए पहुंच रहे लोग   गोरखपुर  आईएमए गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. आरपी शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सेवाओं को जिस ऊंचाई पर पहुंचाया है, वह अभूतपूर्व है। गोरखपुर में जापानी इंसेफेलाइटिस सहित विभिन्न बीमारियों का इलाज अब आसानी से मिल रहा है। एम्स आने के बाद गोरखपुर हेल्थ हब के रूप में विकसित हो रहा है।   आईएमए चैरिटेबल ब्लड सेंटर के लोकार्पण समारोह में डॉ. शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने ब्लड बैंक के निदेशक डॉ. अवधेश अग्रवाल और अन्य चिकित्सकों का भी स्वागत करते हुए कहा कि आईएमए के माध्यम से रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।   डॉ. शुक्ला ने कहा कि मेडिकल छात्रों को दोगुना स्टाइपेंड मिल रहा है। मानसिक दिव्यांगों के लिए संस्थान संचालित हो रहा है। प्रदेश टीबी और कैंसर के इलाज में लगातार प्रगति कर रहा है। सरकारी चिकित्सालयों में रोबोटिक सर्जरी, आधुनिक जांच और अंग प्रत्यारोपण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।   पहले डॉक्टरों का होता था अपहरण: विपिन सिंह विधायक विपिन सिंह ने कहा कि पहले गोरखपुर में आए दिन डॉक्टरों के अपहरण की घटनाएं होती थीं। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुरक्षा के लिए खड़े हैं। पूर्वांचल के साथ नेपाल और बिहार से भी लोग इलाज के लिए गोरखपुर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर को सजाया और संवारा है। उनके नेतृत्व में हुए विकास के कारण शहर में जमीन की कीमत भी बढ़ी है।   बहुत दिनों की प्रतीक्षा को लगा विराम: महापौर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अभिनंदन करते हुए कहा कि आईएमए के ब्लड सेंटर के शुरू होने से बहुत दिनों की प्रतीक्षा को विराम लगा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को सभी का अभिभावक बताते हुए आभार जताया। कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की स्थिति से निकलकर आगे बढ़ा है।

बिहार के BJP विधायक सुजीत पासवान को रूस से खास बुलावा, स्टेट डूमा चुनाव पर रखेंगे नज

पटना  बिहार के एक विधायक की चर्चा अब पटना से लेकर मॉस्को तक हो रही है. मधुबनी के राजनगर से बीजेपी विधायक सुजीत पासवान को रूस से खास बुलावा आया है. वह रूस के संसदीय चुनाव में सिर्फ मेहमान बनकर नहीं जाएंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक की भूमिका में नजर आएंगे. 18 से 20 सितंबर तक मॉस्को में रहकर वह रूस की संसद यानी स्टेट डूमा के चुनाव की प्रक्रिया को करीब से देखेंगे. सुजीत पासवान को रूस की Civic Chamber of the Russian Federation की ओर से आमंत्रित किया गया है. उनके साथ दूसरे देशों से पहुंचे पर्यवेक्षक और सिविल सोसाइटी से जुड़े प्रतिनिधि भी चुनावी प्रक्रिया का अवलोकन करेंगे. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सुजीत पासवान कौन हैं? उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा है और रूस में उन्हें क्या जिम्मेदारी दी गई है? राजनगर से विधानसभा तक पहुंचने का सफर सुजीत पासवान मधुबनी जिले की राजनगर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं. 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें इस सीट से उम्मीदवार बनाया था. चुनाव में जीत के बाद वह पहली बार विधानसभा पहुंचे. राजनगर मिथिलांचल की महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में शामिल है. विधायक बनने के बाद सुजीत पासवान की राजनीतिक पहचान सिर्फ क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रही. वह बिहार बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश  अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं. यानी एक तरफ वह विधानसभा में राजनगर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. दूसरी तरफ पार्टी संगठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. छात्र राजनीति से शुरू हुआ राजनीतिक सफर सुजीत पासवान का राजनीतिक सफर सीधे विधानसभा से शुरू नहीं हुआ. उनकी सक्रियता छात्र राजनीति से जुड़ी रही है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह 2010 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े थे. संगठन में रहते हुए उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं. छात्र राजनीति के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रियता बढ़ती गई. इसके बाद उनका जुड़ाव बीजेपी से मजबूत हुआ. 2020 में बीजेपी के सक्रिय सदस्य बनने के बाद उन्होंने पार्टी के युवा संगठन में भी जिम्मेदारी संभाली. आगे चलकर उन्हें बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली. इस तरह छात्र संगठन से शुरू हुआ सफर धीरे-धीरे पार्टी संगठन तक पहुंचा और फिर 2025 में वह विधानसभा के सदस्य बने. बीजेपी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी सुजीत पासवान की मौजूदा राजनीतिक भूमिका दो स्तरों पर है. वह राजनगर से बीजेपी विधायक हैं. साथ ही बिहार बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं. इस जिम्मेदारी के तहत पार्टी के अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े संगठनात्मक कामों में भी उनकी भूमिका रहती है. इसके अलावा वह ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के सिंडिकेट सदस्य भी हैं. यानी उनकी सक्रियता राजनीति, संगठन और विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े दायित्वों तक फैली हुई है. रूस में क्या करेंगे सुजीत पासवान? अब सबसे अहम सवाल यही है कि रूस में सुजीत पासवान की भूमिका क्या होगी? दरअसल, वह रूस में किसी चुनाव में उम्मीदवार बनकर नहीं जा रहे हैं. न ही वह किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि के तौर पर वहां पहुंचेंगे. उन्हें अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक चुनाव पर्यवेक्षक के तौर पर आमंत्रित किया गया है. रूस में स्टेट डूमा के चुनाव 18 से 20 सितंबर 2026 के बीच होने हैं. इस दौरान सुजीत पासवान मॉस्को स्थित सिचुएशनल सेंटर में विदेशी सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों और दूसरे अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के साथ चुनावी प्रक्रिया को देखेंगे. उनकी भूमिका चुनावी प्रक्रिया का अवलोकन और मॉनिटरिंग करने की होगी. यानी मतदान किस तरह हो रहा है, चुनावी प्रक्रिया किस तरह संचालित की जा रही है और उससे जुड़े इंतजाम कैसे हैं, इन चीजों को वह दूसरे पर्यवेक्षकों के साथ करीब से देखेंगे. रूस से क्यों आया खास निमंत्रण? रूसी संघ की Civic Chamber अलग-अलग देशों के निर्वाचित प्रतिनिधियों, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और सिविल सोसाइटी से जुड़े प्रतिनिधियों को चुनावी प्रक्रिया के सार्वजनिक पर्यवेक्षण के लिए आमंत्रित कर रही है. इसी क्रम में बिहार के राजनगर विधायक सुजीत पासवान को भी मॉस्को आने का निमंत्रण मिला है. इस भूमिका का मतलब किसी उम्मीदवार या पार्टी के पक्ष में प्रचार करना नहीं है. पर्यवेक्षक के तौर पर उनकी जिम्मेदारी चुनावी प्रक्रिया को करीब से देखने की है. यही वजह है कि राजनगर के एक मौजूदा विधायक का नाम अब रूस के संसदीय चुनाव से भी जुड़ गया है. 

बिहार में बाढ़ से 50 लाख लोग प्रभावित, शिवराज ने हाजीपुर में नाव से लिया हालात का जायजा

पटना बिहार में बाढ़ से लगभग 50 लाख की आबादी प्रभावित है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को बाढ़ पीड़ितों को सात-सात हजार रुपये की राहत राशि उनके खाते में भेजी थी। आज बिहार में बाढ़ से हुई क्षति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक टीम बिहार पहुंची। पटना पहुंचने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह हाजीपुर पहुंचे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित हाजीपुर के तेरसिया और सरायपुर गांव में बाढ़ का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। शिवराज सिंह चौहान औऱ मुख्यमंत्री सम्राट चौधऱी ने हाजीपुर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। शिवराज सिंह ने बाढ़ प्रभावित हाजीपुर के तेरसिया और सरायपुर गांव का बोट से भी जायजा लिया। दोनों नेताओं ने राघोपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और बाढ़ और फसल क्षति का आकलन किया। इस दौरान किसानों और बाढ़ पीड़ितों से भी बातचीत करेंगे। बाढ़ से नुकसान का जायजा लेने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सराकर सहायता के काम में जुटी हुई। भोजन वितरण की भी व्यवस्था है। राज्य सरकार जो संभव हो सकता है वो कर रही है। केंद्र सरकार भी राज्य के लोगों को संकट से बाहर निकालने के लिए काम करेगी। सड़कों और मकानों का जो भी नुकसान हुआ है उसका आकलन कर लोगों की मदद की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार सरकार के साथ मिलकर बिहार के लोगों को हर संभव मदद देगी। सम्राट चौधरी ने कहा कि लोगों के साथ मिलकर जो सहायता हो सकती है उसपर लगातार हम चर्चा कर रहे हैं। जो स्थिति इन्होंने यहां देखा हम मुंगेर औऱ भागलपुर जाएंगे। समीक्षआ बैठक भी केरंगे। मैं पीएम को धन्यवाद देता हूं कि केंद्रीय टीम यहां आई। बाढ़ से नुकसान का जायजा लेकर लोगों को राहत प्रदान की जाएगी।