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सेवा संकल्प अभियान बने जनभागीदारी का उत्सव, सीएम साय ने 17 सितंबर को हर घर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का किया आह्वान

सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर की संध्या हर घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का किया आह्वान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता के कार्यों से जुड़ने की अपील की ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की शुभकामनाओं के साथ सेवा, जनकल्याण और विकसित भारत के संकल्प का बने प्रतीक : मुख्यमंत्री साय रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ से पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ जुड़ने की अपील की है।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों के नाम जारी अपनी अपील में कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर के परिप्रेक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे देश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेवा छत्तीसगढ़ की संस्कृति और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है। प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अपनी सहभागिता से इस अभियान को जनसेवा और जनभागीदारी का व्यापक उत्सव बनाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान सेवा के भाव को जन-जन तक पहुंचाने और समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को सहभागिता के साथ निभाने का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे अपने गांव, शहर और आसपास स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता और जनसेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाएं तथा अधिक से अधिक लोगों को भी इस अभियान से जोड़ें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण और विकास की योजनाओं ने लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। पक्का आवास, स्वच्छ पेयजल, बिजली, सड़क, बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। विकास की प्रत्येक उपलब्धि के केंद्र में आम नागरिकों के पूरे होते सपने, उनका बढ़ता आत्मविश्वास और जीवन में आती खुशहाली है। 17 सितंबर की संध्या जलाएं ‘आशीर्वाद का दीया’ मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर प्रदेशवासियों से एक विशेष और आत्मीय अपील भी की है। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को संध्या 7 बजे प्रत्येक परिवार अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ अवश्य जलाए और अपने आसपास के लाभार्थी परिवारों को भी इस पहल से जोड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दीया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ और सुदीर्घ जीवन के लिए छत्तीसगढ़वासियों की शुभकामनाओं का प्रतीक होने के साथ सेवा, जनकल्याण और विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प का भी प्रतीक बने। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने गरीब कल्याण और विकास को जनभागीदारी से जोड़ते हुए आगे बढ़ने की नई ऊर्जा प्राप्त की है। इसी भावना के अनुरूप सेवा संकल्प अभियान के दौरान समाज का प्रत्येक वर्ग अपनी क्षमता के अनुसार सेवा का कोई न कोई कार्य करे। जब सेवा का भाव जनभागीदारी से जुड़ता है, तभी वह समाज में व्यापक और स्थायी परिवर्तन का माध्यम बनता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अपनी सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित है। विकसित भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब हमारे गांव विकसित हों, शहर आगे बढ़ें और प्रत्येक परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े। सेवा संकल्प अभियान इस सामूहिक संकल्प को और मजबूत करने का अवसर है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि आइए, हम सभी मिलकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ को छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी का उत्सव बनाएं। सेवा और जनकल्याण के कार्यों से जुड़कर विकसित भारत के निर्माण में विकसित छत्तीसगढ़ की सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करें।

पंजाब में 1.17 लाख से अधिक अनुसूचित छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप, विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत

चंडीगढ़  पंजाब के अनुसूचित जाति (एससी) विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार की ओर से छात्रवृत्ति योजना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के उद्देश्य से चलाई जा रही प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 94,092 विद्यार्थियों को लाभ मिला है। इन विद्यार्थियों के लिए पंजाब सरकार ने 13.30 करोड़ रुपये जारी किए हैं। सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि सरकार आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना का दायरा और बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत 1,17,142 एससी विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक परेशानी के कारण किसी भी बच्चे को स्कूल स्तर पर अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़नी पड़े। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ किसे मिलेगा ? प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना मुख्य रूप से स्कूल स्तर पर पढ़ने वाले पात्र एससी विद्यार्थियों के लिए है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एससी परिवारों के बच्चों को शिक्षा जारी रखने में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। जानकारी अनुसार छात्रवृत्ति से बच्चों और उनके परिवारों पर पढ़ाई का अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलती है। मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि शिक्षा सामाजिक और आर्थिक बदलाव की सबसे मजबूत नींव है। सरकार का प्रयास है कि छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक समय पर पहुंचे और सहायता मिलने में किसी प्रकार की देरी न हो। 2026-27 में बढ़ेगा लाभ का दायरा, 40 करोड़ मंजूर सरकार की योजना के अनुसार अगले वित्तीय वर्ष में 1.17 लाख से अधिक विद्यार्थियों को योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 40 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। विभाग पात्र परिवारों तक योजना की जानकारी पहुंचाने और छात्रवृत्ति की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर देगा। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार बच्चों को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाने और युवाओं का भविष्य मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

राजस्थान निकाय चुनाव में चौंकाने वाले नतीजे, एक प्रत्याशी को नहीं मिला एक भी वोट

जयपुर  चुनावी मैदान में कई बार ऐसे हैरान कर देने वाले नतीजे सामने आ जाते हैं, जिन पर यकीन करना मुश्किल होता है। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में भी कुछ परिणामों ने प्रत्याशियों के साथ-साथ राजनीतिक दलों को चौंका दिया। कहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रत्याशी को एक भी वोट नहीं मिला, तो कहीं भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के खाते में महज एक वोट आया। बालोतरा जिले के सिणधरी नगरपालिका के वार्ड संख्या 3 का यह चुनावी परिणाम कुछ ऐसा ही अनूठा किस्सा लेकर आया है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। इस वार्ड में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के उम्मीदवार ओम प्रकाश को एक भी वोट नहीं मिला। ओमप्रकाश खुद इस वार्ड के मतदाता नहीं हैं, इसलिए खुद का वोट भी नहीं मिल सका। वहीं नोटा का बटन दबाने वाला एक मतदाता जरूर मिल गया। यानी यहां नोटा आरएलपी से आगे निकल गया। इस वार्ड में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच रहा, जहां बीजेपी के खेमाराम को 93 वोट मिले और कांग्रेस के भंवरा राम ने 133 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। कुल डाले गए मतों की संख्या 226 रही, जिसमें कांग्रेस उम्मीदवार ने बाजी मार ली। एक वोट वाले नतीजे ने खड़े किए कई सवाल परबतसर नगर पालिका चुनाव के इन दोनों नतीजों ने राजनीतिक दलों के सामने प्रत्याशी चयन और स्थानीय संगठन की स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।  BJP जैसी बड़ी राष्ट्रीय पार्टी के प्रत्याशी का एक वोट तक सीमित रहना इसलिए ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि उम्मीदवार खुद भी उस वार्ड का मतदाता नहीं था. वहीं, RLP प्रत्याशी के खाते में भी सिर्फ एक वोट आना पार्टी के स्थानीय जनाधार और उम्मीदवार चयन पर चर्चा का कारण बन रहा है।  फिलहाल परबतसर नगर पालिका चुनाव का यह 'एक वोट' वाला मामला स्थानीय राजनीति से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा में है. खासकर BJP प्रत्याशी कैलाश चंद्र का खुद को वोट नहीं दे पाना इस पूरे चुनावी नतीजे को और दिलचस्प बना रहा है।  परबतसर में BJP प्रत्याशी को सिर्फ एक वोट दूसरा हैरान करने वाला नतीजा डीडवाना-कुचामन जिले की परबतसर नगरपालिका के वार्ड नंबर 13 से सामने आया। यहां भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी कैलाशचंद को महज एक वोट मिला। वहीं कांग्रेस की प्रत्याशी हिना खानम ने 376 वोट हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। निर्दलीय प्रत्याशी रसीद खां को भी 195 वोट मिले। यानी निर्दलीय प्रत्याशी भी भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी से 194 वोट आगे रहा। इस वार्ड में कुल 573 वोट पड़े। खास बात यह रही कि भाजपा प्रत्याशी कैलाशचंद के खाते में एक वोट आया और नोटा को भी एक वोट मिला। पत्नी और माता-पिता भी नहीं दे पाए वोट! कैलाशचंद के लिए यह नतीजा इसलिए और चौंकाने वाला है क्योंकि उनके मुताबिक उनका परिवार जिस वार्ड में रहता है, वहां परिवार के 12 वोट थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें वार्ड नंबर 13 से टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा। ऐसे में उनके परिवार के सदस्य भी उन्हें वोट नहीं दे सके।

रिटायरमेंट से पहले मिली राहत, हाईकोर्ट ने आबकारी हेड कांस्टेबल को बिलासपुर ट्रांसफर का दिया आदेश

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आबकारी विभाग के हेड कांस्टेबल नेल्सन लवेट की याचिका पर सुनवाई करते हुए बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने उन्हें उनके गृह जिले बिलासपुर में पोस्टिंग देने को कहा है। साथ ही कहा है कि आदेश की कॉपी मिलने के 15 दिन के अंदर पोस्टिंग का आदेश जारी किया जाए। इस मामले की सुनवाई जस्टिस बिभू दत्ता गुरु की सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता इस समय रायगढ़ जिले में आबकारी हेड कांस्टेबल के पद पर हैं। उन्होंने रायगढ़ से बिलासपुर ट्रांसफर और 2025 की ट्रांसफर पॉलिसी के क्लॉज 3.12 का फायदा देने की मांग की थी। 1993 में सेल्समैन के पद पर हुई थी नियुक्ति कोर्ट को बताया गया कि नेल्सन लवेट की नियुक्ति 19 अप्रैल 1993 को आबकारी विभाग में सेल्समैन के तौर पर हुई थी। बाद में उन्हें नियमित किया गया और आबकारी आरक्षक बनाया गया। साल 2014 में उनका ट्रांसफर कोरबा से बिलासपुर हुआ था। फिर 24 जून 2022 को उन्हें बिलासपुर से रायगढ़ भेज दिया गया। साल 2023 में प्रमोशन के बाद वे आबकारी हेड कांस्टेबल बने और रायगढ़ में ही तैनात रहे। पत्नी बीमार, रिटायरमेंट भी नजदीक याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि वे जुलाई 2027 में रिटायर होने वाले हैं। उनकी पत्नी की तबीयत भी ठीक नहीं है और उनका लगातार इलाज चल रहा है। उन्होंने गृह जिले बिलासपुर में पोस्टिंग के लिए कई बार विभाग को आवेदन दिया, लेकिन कोई फैसला नहीं हुआ। सरकार ने कहा पॉलिसी लागू नहीं होती राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि 5 जून 2025 की ट्रांसफर पॉलिसी आबकारी विभाग पर लागू नहीं होती। क्योंकि इस पॉलिसी में पुलिस, आबकारी, परिवहन, वाणिज्यिक कर और शिक्षा विभाग को बाहर रखा गया है। सरकार ने ये भी कहा कि किसी कर्मचारी को उसकी पसंद की पोस्टिंग देने का कोई कानूनी हक नहीं बनता। कोर्ट ने कहा रिटायरमेंट से पहले लाभ मिलना चाहिए हाईकोर्ट ने सरकार की इस दलील को नहीं माना। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता जुलाई 2027 में रिटायर होने वाले हैं और उन्होंने होम जिले में पोस्टिंग के लिए कई बार आवेदन दिया है। कोर्ट ने कहा कि एक साल के अंदर रिटायर होने वाले कई विभागों के कर्मचारियों को उनकी पसंद या गृह जिले में पोस्टिंग का लाभ दिया गया है, तो याचिकाकर्ता को भी ये लाभ मिलना चाहिए।आकाश शर्मा वर्तमान में 'जागरण न्यू मीडिया' में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में विशेषज्ञता हासिल है और उनके पास पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन से अधिक  

रियल-टाइम इंटेलिजेंस से गैंगस्टरों का होगा सफाया, राज्यों के बीच बढ़ा तालमेल

चंडीगढ़  हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संगठित अपराध के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों और उनके नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार किया है. एसटीएफ हरियाणा द्वारा अब तक 27 गैंगस्टरों को विदेश से डिपोर्ट/एक्सट्रेडाइट कर भारत लाया जा चुका है. इनमें वर्ष 2025 में 7 तथा वर्ष 2026 में अब तक 14 अपराधियों को डिपोर्ट/एक्सट्रेडाइट कराया गया है. हाल ही में एक सक्रिय एवं वांछित अपराधी को 4 अगस्त 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से सफलतापूर्वक डिपोर्ट कर भारत लाया गया. वर्ष 2026 में यह एसटीएफ हरियाणा की 13वीं सफल डिपोर्टेशन रही. डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि अपराधी जहां भी छिपे हो, हरियाणा पुलिस की नजर से दूर नहीं. पुलिस महानिदेशक ने दी जानकारी पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. विदेश में बैठकर हरियाणा में आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने वाले अपराधियों पर डिपोर्टेशन और एक्सट्रेडिशन के माध्यम से कार्रवाई के साथ-साथ उनके स्थानीय सहयोगियों, हथियार सप्लायरों, फाइनेंसरों और डिजिटल नेटवर्क को भी लगातार निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों की पुलिस तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और टेक्निकल सर्विलांस के माध्यम से अपराधियों के पूरे नेटवर्क की पहचान की जा रही है. अपराधी कितना भी दूर क्यों न छिपा हो, हरियाणा पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है और उसे कानून के कटघरे तक पहुंचाने के लिए हरसंभव कार्रवाई की जाएगी. 12 गैंगस्टरों को कराया गया डिटेन पुलिस महानिरीक्षक सतीश बालन ने बताया कि एसटीएफ द्वारा विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों की लोकेशन, ट्रैवल हिस्ट्री और मूवमेंट्स का पता लगाने के लिए ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इंटेलिजेंस का प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है. फर्जी पासपोर्ट, फर्जी पहचान तथा बायोमेट्रिक/फिंगरप्रिंट ट्रेसेज का विश्लेषण कर अपराधियों की पहचान और लोकेशन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जा रही है. हरियाणा पुलिस द्वारा विदेशों में मौजूद 12 गैंगस्टरों को डिटेन कराया गया है तथा उनके एक्सट्रेडिशन/डिपोर्टेशन की प्रक्रिया जारी है. अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और संबंधित देशों के साथ समन्वय कर इन अपराधियों को भारत लाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं. हरियाणा पुलिस जारी कर चुकी है 144 लुक आउट नोटिस हरियाणा पुलिस द्वारा विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कानूनी एवं समन्वय तंत्रों का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है. इसके तहत अगस्त 2023 से लेकर अब तक 144 लुक आउट सर्कुलर (एलओसी), 54 रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) और 53 इंटरपोल रेफरेंस जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 93 पासपोर्ट रद्द, 9 प्रोविजनल अरेस्ट रिक्वेस्ट तथा 16 एक्सट्रेडिशन रिक्वेस्ट भेजी गई हैं। इन प्रयासों के माध्यम से विदेशों में फरार अपराधियों की पहचान, उनकी आवाजाही पर निगरानी तथा उन्हें भारत वापस लाने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा रहा है. इन चार अपराधियों की जानकारी देने पर मिल सकता है इनाम विदेशों में छिपे 4 वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में मददगार सूचना उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक पर 10 हजार अमेरिकी डॉलर के इनाम के प्रस्ताव पर भी विचार विमर्श किया जा रहा है. इससे विदेश में छिपे अपराधियों तक पहुंच बनाने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी. एसटीएफ द्वारा आपराधिक नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन, बैंक ट्रांजेक्शन एवं क्रिप्टोकरेंसी/यूएसडीटी चैनल्स को ट्रेस किया जा रहा है. इसका उद्देश्य अपराधियों की गतिविधियों और लोकेशन का पता लगाने के साथ-साथ अपराध से अर्जित अवैध धन के प्रवाह पर अंकुश लगाना भी है. लोकल शूटर, हेल्पर और हथियार सप्लायरों के खिलाफ भी एक्शन विदेश में बैठे अपराधियों के स्थानीय शूटरों, सहयोगियों, हथियार सप्लायरों एवं मददगारों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई की जा रही है. इससे विदेश से अपराध संचालित करने वाले नेटवर्क की जड़ों को कमजोर कर हरियाणा में उनकी आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिल रही है. अपराधियों एवं उनके सहयोगियों के डिजिटल फुटप्रिंट और सोशल मीडिया गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है. इससे उनकी कम्युनिकेशन, भर्ती गतिविधियों और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी हासिल की जा रही है. अंतरराज्यीय बैठकें भी चल रही हैं अंतरराज्यीय गैंगों और अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हरियाणा पुलिस ने पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मजबूत अंतरराज्यीय समन्वय तंत्र स्थापित किया है. इसके तहत गैंगस्टरों, शूटरों, हथियार सप्लायरों, फाइनेंसरों और सहयोगियों से संबंधित रियल-टाइम खुफिया जानकारी साझा की जा रही है. विभिन्न राज्यों की सीमाओं के पार सक्रिय वांछित एवं इनामी अपराधियों के खिलाफ संयुक्त छापेमारी और समन्वित गिरफ्तारी की जा रही है. संभावित खतरों के आकलन और संयुक्त रणनीति के लिए नियमित अंतरराज्यीय समन्वय बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं.

मेधावी छात्राओं के लिए योगी सरकार का बड़ा तोहफा, 40 हजार स्कूटी देने की तैयारी

लखनऊ यूपी सरकार मेधावी छात्राओं को स्कूटी देगी। दरअसल, महत्वाकांक्षी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत 40 हजार छात्राओं को जनवरी तक स्कूटी देने की तैयारी है। स्कूटी उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने जेम पोर्टल पर बिड जारी की है। चयनित कंपनी को सिर्फ 100 दिनों में स्कूटी आपूर्ति करनी होगी। उच्च शिक्षा विभाग ने सितंबर अंत तक खरीद प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की तैयारी की है। उसके बाद 100 दिन सप्लाई में लगेगा। इस लिहाज से जनवरी तक छात्राओं को स्कूटी मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि स्कूटियों की डिलीवरी प्रदेश के सभी 75 जिला/मंडल मुख्यालयों पर की जाएगी। प्रत्येक स्थान पर कितनी स्कूटी भेजी जाएंगी, इसकी जानकारी खरीद आदेश के समय देंगे। इस बीच छात्राओं की चयन सूची भी तैयार हो जाएगी। हालांकि अधिकारियों ने स्कूटी की संख्या 25 प्रतिशत तक बढ़ाने या घटाने का प्रावधान रखा है, ताकि यदि लाभार्थियों की संख्या बढ़ती है तो अतिरिक्त वाहनों की सप्लाई में किसी तरह की कोई परेशानी न होने पाए। यही नहीं यह संख्या आवश्यकता पड़ने पर और 25 फीसदी से भी अधिक बढ़ या घट सकती है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. मोनिका सिंह के अनुसार स्कूटी खरीद के लिए विक्रेताओं से 21 सितंबर को 12 बजे से ऑनलाइन बैठक होगी। स्कूटी के साथ मिलेगी ये एक्सेसरीज हर स्कूटी के साथ एक आईएस 4151:2015 मानक का हेलमेट और चार लीटर पेट्रोल भी दिया जाएगा। स्कूटी के साथ कई एक्सेसरीज जैसे गार्ड किट, ग्रिप कवर, किक रबर, सीट कवर समेत अन्य वस्तुंए भी अनिवार्य है। स्कूटी BS6, ऑटोमैटिक और ट्यूबलेस टायर वाला होगा। दिव्यांगजनों के लिए बेहतरीन काम करने वालों को मिलेगा प्राइज उधर, दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण और उनके लिए उत्कृष्ट काम करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से योगी सरकार ने राज्य स्तरीय पुरस्कार-2026 की घोषणा की है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से 3 दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। यह पहल दिव्यांगजनों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए है। राज्य सरकार ने पुरस्कारों के माध्यम से दिव्यांगजनों के लिए बेहतर काम करने वाले लोगों और संस्थाओं को पहचान देने की व्यवस्था की है। पुरस्कार के लिए इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थाएं जिलाधिकारी की संस्तुति के साथ 15 सितंबर तक दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के निदेशालय लखनऊ में आवेदन कर सकते हैं। विभाग ने पुरस्कार से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर 18001801995 उपलब्ध है।

CGPSC परीक्षा में चयन का झांसा देकर वसूले ₹3 करोड़ से ज्यादा, चेतन बोरघरिया के खाते में मिले लाखों के लेनदेन

रायपुर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में मौजूद बलरामपुर-रामानुजगंज के अपर कलेक्टर ओएसडी चेतन बोरघरिया के खाते में 170 अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 66.64 लाख रुपये नकद जमा हुए थे। ईडी की जांच में सामने आया है कि बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच भी कई वित्तीय लेनदेन हुए हैं। ईडी ने 11 सितंबर को पीएमएलए के तहत चेतन को गिरफ्तार किया है। उन्हें रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत ने छह दिन की ईडी हिरासत में भेजा है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की राज्य सेवा परीक्षा 2021 में अभ्यर्थियों को चयन का भरोसा दिलाकर तीन करोड़ रुपये से अधिक की अवैध रकम वसूले जाने की ईडी जांच कर रही है। ईडी की जांच में सामने आया है कि उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डाॅ. विकास चंद्राकर ने सीजीपीएससी राज्य सेवा परीक्षा 2021 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से कथित तौर पर तीन करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई।   बघेल के ओएसडी रहे चेतन के नाम और पद का इस्तेमाल अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और चयन सुनिश्चित कराने का भरोसा दिया गया था। इस भरोसे के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में ओएसडी रहे चेतन बोरघरिया के नाम और पद का कथित तौर पर इस्तेमाल किए जाने की बात जांच में सामने आई है। पहले पेपर, फिर चयन का भरोसा ईडी के मुताबिक यह पूरा मामला केवल पैसे के लेनदेन तक सीमित नहीं था, बल्कि अभ्यर्थियों को परीक्षा में फायदा पहुंचाने के लिए कथित तौर पर एक पूरा नेटवर्क तैयार किया गया था। जांच में सामने आया कि प्रारंभिक परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों को रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में एकत्र किया गया। यहां उन्हें कथित रूप से लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया। रिसोर्ट में ठहराए गए अभ्यर्थी इसके बाद अभ्यर्थियों को बारनवापारा अभयारण्य स्थित रिसार्ट में ठहराने और मुख्य परीक्षा की तैयारी कराने की बात सामने आई है। ईडी का दावा है कि वहां मुख्य परीक्षा से संबंधित लीक प्रश्नपत्र के आधार पर कथित तौर पर कोचिंग दी गई। खाते में 66.64 लाख की नकद जमा ईडी की वित्तीय जांच में चेतन बोर्घरिया के बैंक खाते से जुड़े लेनदेन को अहम कड़ी माना गया है। एजेंसी के मुताबिक संबंधित अवधि में उनके खाते में 170 अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 66.64 लाख रुपये नकद जमा हुए। जांच में बोर्घरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच भी कई वित्तीय लेनदेन सामने आने का दावा किया गया है। कड़ियां जोड़ रही ईडी अब ईडी इन रकम के स्रोत और उपयोग की कड़ियां जोड़ रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अभ्यर्थियों से कथित तौर पर जुटाई गई तीन करोड़ रुपये से अधिक की रकम किस-किस व्यक्ति तक पहुंची और उसे किन खातों या माध्यमों से आगे भेजा गया। मोबाइल ने खोली पैसों के लेनदेन की कड़ी बोरघरिया के खिलाफ कार्रवाई से पहले ईडी ने एक सितंबर को उनके परिसरों में तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान मोबाइल फोन समेत कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। इनकी फोरेंसिक जांच में चेतन बोर्घरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच हुई बातचीत सामने आई। वित्तीय लेनदेन का खुलासा हुआ ईडी के अनुसार इन संवादों में वित्तीय लेनदेन के साथ रकम वापस करने और भुगतान की मांग से संबंधित बातचीत भी मिली है। एजेंसी ने डिजिटल साक्ष्यों को बैंकिंग लेनदेन और पीएमएलए के तहत दर्ज बयानों के साथ जोड़कर जांच आगे बढ़ाई है। फिगरकेव कंपनी के लेनदेन भी जांच के घेरे में जांच के दौरान फिगरकेव ई-कॉम (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े वित्तीय लेनदेन भी सामने आए हैं। ईडी को संदेह है कि कंपनी का इस्तेमाल कथित तौर पर रकम की लेयरिंग और उसे अलग-अलग माध्यमों से आगे बढ़ाने के लिए किया गया हो सकता है। कंपनी से जुड़े लेनदेन और उसमें शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ईओडब्ल्यू-एसीबी की एफआइआर से शुरू हुई कार्रवाई सीजीपीएससी की राज्य सेवा परीक्षा 2020 और 2021 में कथित भ्रष्टाचार, हेरफेर और अनियमितताओं को लेकर रायपुर ईओडब्ल्यू-एसीबी में एफआइआर दर्ज की गई थी। बाद में मूल अपराध की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ली। सीबीआई ने तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले में आरोपपत्र भी पेश किया है। ईडी भी कर रही जांच प्रकरण से जुड़े अपराध से अर्जित रकम की जांच ईडी कर रही है। एजेंसी का कहना है कि अब तक जुटाए गए डिजिटल साक्ष्य, बैंकिंग रिकॉर्ड और बयानों से चेतन बोर्घरिया की कथित भूमिका सामने आई है। इसी आधार पर उन्हें पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।

जालंधर में कल बाजार रहेंगे बंद, होटल-ढाबों पर भी प्रशासन ने जारी किए निर्देश

जालंधर. जालंधर वासियों के लिए जरूरी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार संवत्सरी महापर्व को ध्यान में रखते हुए जालंधर में 15 सितंबर 2026, मंगलवार को मीट और मछली की बिक्री पर रोक रहेगी। इसे लेकर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अमनिंदर कौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार 15 सितंबर को जिले में मीट-मछली की दुकानों के साथ-साथ बूचड़खानों को भी बंद रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा होटल, ढाबे और अहातों में मांस या किसी भी तरह का नॉन-वेज भोजन परोसने पर भी पूरी तरह पाबंदी रहेगी। प्रशासन ने संबंधित दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन्हें दी पालन की जिम्मेदारी निगम ने आदेश के पालन की जिम्मेदारी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और जोन स्वच्छता निरीक्षकों को दी है। संबंधित अधिकारी अपने-अपने जोन क्षेत्रों में मांस-मटन दुकानों का सतत पर्यवेक्षण करेंगे और प्रतिबंध का व्यवहारिक रूप से पालन सुनिश्चित कराएंगे। होटलों पर भी रहेगी नजर महापौर के निर्देश पर निगम की टीम होटल और अन्य प्रतिष्ठानों पर भी निगरानी रखेगी। इन पावन पर्वों के निर्धारित दिनों में यदि किसी होटल या अन्य स्थान पर मांस-मटन का विक्रय करते पाया गया, तो मौके पर ही सामग्री की जप्ती की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ यथोचित कार्रवाई भी की जाएगी।

फर्जी IAS तृप्ति के खिलाफ तीसरी FIR दर्ज, नौकरी का झांसा देकर ऐंठे 3 लाख; ट्रेनिंग भी निकली फर्जी

भोपाल  फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने के मामले में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत के खिलाफ पुलिस ने तीसरी प्राथमिकी दर्ज की है। जहांगीराबाद निवासी और बैतूल मूल की 28 वर्षीय ख्याति धौलपुरे ने नौकरी लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपये लेने और फर्जी प्रशिक्षण कराने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने तृप्ति और उसके साथी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।   फर्जी पहचान और नौकरी का झांसा पीड़िता के अनुसार जून 2024 में उसकी मुलाकात तृप्ति से हुई थी। उस समय तृप्ति ने खुद को नरोन्हा अकादमी की विभागाध्यक्ष और एमपीटी में अतिरिक्त निदेशक बताया था। नौकरी लगवाने के नाम पर उसने तीन लाख रुपये ऐंठे। बाद में ठगी का अहसास होने पर जब पीड़िता ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने टालमटोल की, लेकिन बाद में तीन लाख रुपये लौटा दिए।   संग्रहालयों में कराया फर्जी प्रशिक्षण तृप्ति ने ख्याति और उसकी सहेली को भोपाल के ट्राइबल म्यूजियम तथा मानव संग्रहालय ले जाकर पौधरोपण और भाषण कराया। इस अवधि में उसने वीडियो भी बनाए। ख्याति का आरोप है कि तृप्ति ने उसे प्रशिक्षण में अधिकारी जैसा आत्मविश्वास दिखाने के उद्देश्य से पद का नाम बोलने को कहा था। यही वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित भी होने लगा था। आरटीआई से उजागर हुआ फर्जीवाड़ा तृप्ति ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर विवाह किया था। विवाह के बाद जब ससुर को आशंका हुई तो उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी से आरटीआई से सूचना मांगी। वहां से मिले उत्तर से उसका आईएएस होने का दावा फर्जी निकला। पुलिस ने आरोपी के ठिकानों से शासकीय लेटरहेड, फर्जी पहचान पत्र, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज, प्रशिक्षु आईएएस लिखे स्मृति चिह्न और भारत सरकार लिखी कार बरामद की है।   डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की जांच ससुराल से मिली प्रशिक्षण किट और मसूरी प्रशिक्षण से जुड़ी तस्वीरों को पुलिस ने जांच का हिस्सा बनाया है। तृप्ति ने कथित तौर पर आईएएस बनकर विधानसभा परिसर जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। थाना प्रभारी अमित सोनी ने बताया कि पुलिस जांच दल मोबाइल, डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों और दस्तावेज की जानकारी जुटा रहा है। मामले में डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी का पूरा हिसाब जोड़ा जा रहा है और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की कड़ियां मिलाकर पड़ताल जारी है।  

छत्तीसगढ़ में 5 दिन बंद रहेगी मांस-मटन की बिक्री, नियम तोड़ने पर होगी बड़ी कार्रवाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आगामी धार्मिक पर्वों को देखते हुए नगर पालिक निगम ने बड़ा फैसला लिया है। निगम के सम्पूर्ण क्षेत्र में निर्धारित पांच दिनों तक पशुवध गृह और सभी मांस-मटन विक्रय की दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। 5 दिन बंद रहेगी मांस-मटन की दुकानें रायपुर नगर पालिक निगम स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, श्री गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, पर्युषण पर्व का अंतिम दिवस 15 सितंबर, डोल ग्यारस 22 सितंबर, अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर और पर्युषण पर्व में संवत्सरी एवं उत्तम क्षमा 26 सितंबर 2026 को नगर निगम क्षेत्र में पशुवध गृह एवं सभी मांस-मटन विक्रय की दुकानें बंद रहेंगी। इन्हें दी गई आदेश के पालन की जिम्मेदारी निगम ने आदेश के पालन की जिम्मेदारी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और जोन स्वच्छता निरीक्षकों को दी है। संबंधित अधिकारी अपने-अपने जोन क्षेत्रों में मांस-मटन दुकानों का सतत पर्यवेक्षण करेंगे और प्रतिबंध का व्यवहारिक रूप से पालन सुनिश्चित कराएंगे। होटलों पर भी रहेगी नजर महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर निगम की टीम होटल और अन्य प्रतिष्ठानों पर भी निगरानी रखेगी। इन पावन पर्वों के निर्धारित दिनों में यदि किसी होटल या अन्य स्थान पर मांस-मटन का विक्रय करते पाया गया, तो मौके पर ही सामग्री की जप्ती की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ यथोचित कार्रवाई भी की जाएगी।